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REET Level 1 व 2 · हिंदी (भाषा I/II)

काल (Kaal): वर्तमान, भूत और भविष्यत् काल के भेद, पहचान — REET हिंदी व्याकरण

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इस पेज पर काल के तीनों मुख्य भेद और उनके उपभेद, क्रिया के अंतिम रूप से काल पहचानने की तालिका तथा आसन्न भूत, संदिग्ध और संभाव्य जैसे भ्रमित करने वाले भेदों का अंतर दिया गया है। REET 2024 में काल के 5 प्रश्न आए, सभी गद्यांश या दिए गए वाक्य की क्रिया पर आधारित।

  • REET 2024 में 5 प्रश्न
  • कक्षा 1–8 स्तर
  • 7 मिनट पढ़ें

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में काल के 5 प्रश्न आए और सबमें एक वाक्य देकर काल पूछा गया: 'आविष्कार किया' (सामान्य भूत), 'बहती चली आ रही है' (वर्तमान), 'रूप नहीं है' (सामान्य वर्तमान), 'शायद … हो सकेगा' (संभाव्य भविष्यत्) और 'निचुड़ चुका है' (भूतकाल)। यानी REET का ज़ोर परिभाषा पर नहीं, क्रिया के अंतिम हिस्से (है, था, गा, होगा, हो) और 'शायद', 'संभवतः' जैसे संकेत-शब्दों से काल पहचानने पर है।

काल क्या है?

क्रिया के जिस रूप से कार्य के होने के समय का बोध हो, उसे काल कहते हैं। काल के तीन मुख्य भेद हैं — वर्तमान काल (जो समय चल रहा है: वह पढ़ता है), भूतकाल (जो समय बीत गया: वह पढ़ चुका) और भविष्यत् काल (जो समय आने वाला है: वह पढ़ेगा)।

काल की पहचान क्रिया के अंतिम सहायक रूप से होती है: 'है/हैं/हूँ' प्रायः वर्तमान, 'था/थी/थे' भूत, और 'गा/गी/गे' भविष्यत्। पर एक महत्त्वपूर्ण अपवाद है — 'खा चुका है', 'गया है', 'पढ़ लिया है' में 'है' होते हुए भी कार्य पूरा हो चुका है, इसलिए यह आसन्न भूतकाल है। REET 2024 में 'सारा जीवन निचुड़ चुका है' को आधिकारिक कुंजी ने इसी आधार पर भूतकाल माना।

भूतकाल के छह भेद

भेदपहचान (क्रिया रूप)उदाहरण
सामान्य भूतकेवल बीते समय में कार्य होना; आ, ए, ई, याउसने पहिये का आविष्कार किया। राम गया।
आसन्न भूतकार्य अभी-अभी पूरा हुआ; …आ है / चुका हैमैंने खाना खा लिया है। जीवन निचुड़ चुका है।
पूर्ण भूतकार्य बहुत पहले पूरा हो चुका था; …आ था / चुका थावह पिछले वर्ष दिल्ली गया था।
अपूर्ण भूतबीते समय में कार्य चल रहा था; रहा था / ता थाबच्चे खेल रहे थे।
संदिग्ध भूतबीते कार्य के होने में संदेह; …आ होगाउसने पत्र लिख दिया होगा।
हेतुहेतुमद् भूतएक कार्य दूसरे पर निर्भर था, पर हुआ नहीं; …ता, तो …तायदि तुम बुलाते तो मैं आता।

संभाव्य भूत भी कुछ पुस्तकों में दिया जाता है — 'शायद उसने पत्र लिखा हो' (…आ हो)। संदिग्ध में 'होगा', संभाव्य में 'हो'।

वर्तमान काल के भेद

भेदपहचानउदाहरण
सामान्य वर्तमानसामान्य रूप से वर्तमान में होना; ता है / हैवह रोज़ पढ़ता है। उपभोक्तावादी संस्कृति सामंती संस्कृति का रूप नहीं है।
अपूर्ण (तात्कालिक) वर्तमानकार्य अभी चल रहा है; रहा हैसंस्कृति की धारा बहती चली आ रही है। माँ खाना बना रही है।
संदिग्ध वर्तमानवर्तमान कार्य में संदेह; ता होगा / रहा होगापिताजी दफ़्तर जाते होंगे। वह पढ़ रहा होगा।
संभाव्य वर्तमानवर्तमान में संभावना; ता हो / रहा होशायद वह आता हो। कहीं बच्चा सो रहा हो।

'होगा' देखकर भविष्यत् न मान लें — 'जाता होगा', 'लिखा होगा' में अनुमान/संदेह है, इसलिए ये क्रमशः संदिग्ध वर्तमान और संदिग्ध भूत हैं।

भविष्यत् काल के भेद

भेदपहचानउदाहरण
सामान्य भविष्यत्आने वाले समय में कार्य होगा; गा/गी/गेवह कल जयपुर जाएगा।
संभाव्य भविष्यत्भविष्य में कार्य होने की संभावना; शायद, संभवतः, संभव है + ए/ऊँ या सकेगाशायद हमारा सुसंगत विकास हो सकेगा। संभव है वह कल आए।
हेतुहेतुमद् भविष्यत्एक भावी कार्य दूसरे पर निर्भर; यदि…तोयदि वह पढ़ेगा तो सफल होगा।

कुछ पुस्तकें विनम्र आज्ञा वाले रूप ('आप कल अवश्य आइएगा') को आज्ञार्थ भविष्यत् कहती हैं। REET 2024 में 'शायद … हो सकेगा' को आधिकारिक कुंजी ने संभाव्य भविष्यत् माना — 'शायद' संभावना का संकेत है।

भ्रम वाले जोड़े: जल्दी पहचान

सामान्य भूत बनाम आसन्न भूत: 'उसने खाना खाया' — बस बीता हुआ कार्य (सामान्य); 'उसने खाना खाया है' — कार्य अभी-अभी पूरा, असर वर्तमान तक (आसन्न)। आसन्न बनाम पूर्ण भूत: 'है' हो तो आसन्न, 'था' हो तो पूर्ण। 'चुका है' आसन्न भूत, 'चुका था' पूर्ण भूत।

संदिग्ध बनाम संभाव्य: संदिग्ध में कार्य होने का अनुमान है पर पक्का नहीं — अंत में 'होगा/होगी' (वह आया होगा); संभाव्य में केवल संभावना या इच्छा — अंत में 'हो/ए', साथ में प्रायः 'शायद', 'कहीं', 'संभव है' (शायद वह आया हो)। अपूर्ण वर्तमान बनाम अपूर्ण भूत: 'रहा है' और 'रहा था' — केवल अंतिम सहायक क्रिया देखें।

निषेधात्मक वाक्य में भी काल वही रहता है: 'वह नहीं आता' सामान्य वर्तमान है, 'वह नहीं आया' सामान्य भूत। 'है' मुख्य क्रिया के रूप में आए — 'भाषा संस्कृति का अंग है', 'यह रूप नहीं है' — तो वाक्य सामान्य वर्तमान काल का होता है।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

गतिविधि: कल-आज-कल (कक्षा 3–5)

बोर्ड पर तीन खाने बनाएँ — बीता कल, आज, आने वाला कल। बच्चे अपनी दिनचर्या के वाक्य बोलें — 'कल मैंने खीर खाई', 'आज मैं पढ़ रहा हूँ', 'कल मैं मेले जाऊँगा' — और सही खाने में लिखें।

गतिविधि: क्रिया-पट्टी (कक्षा 6–8)

एक वाक्य 'वह खेल' लें और क्रिया-अंत की पट्टियाँ बदलें — ता है, रहा है, रहा था, चुका है, चुका था, होगा, हो। हर बदलाव पर बच्चे काल का नाम बताएँ। इससे भेद रटने के बजाय क्रिया-अंत से पहचान बनती है।

शिक्षण सामग्री

समय-रेखा (timeline) चार्ट जिस पर भूत-वर्तमान-भविष्यत् के उपभेद अलग रंगों में; कहानी की किताब से वाक्य छाँटकर समय-रेखा पर चिपकाना।

आम भ्रांति

'है' आते ही वर्तमान काल मान लेना ('वह जा चुका है') और 'होगा' आते ही भविष्यत् ('वह गया होगा')। उपाय: 'कार्य पूरा हुआ या नहीं?' और 'पक्का है या अनुमान?' — ये दो प्रश्न हर वाक्य पर पूछवाएँ।

आकलन विचार

एक छोटा अनुच्छेद देकर उसे तीनों कालों में बदलकर लिखवाएँ, और 8 वाक्यों में काल व उसका उपभेद पहचानने का कार्य दें।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

'अंत देखो, संकेत देखो': पहले क्रिया का अंतिम शब्द देखें (है/था/गा/होगा/हो), फिर संकेत-शब्द (शायद, यदि…तो)। दो नियम हमेशा याद रखें — 'चुका है / लिया है' = आसन्न भूत, और 'शायद + हो/ए/सकेगा' = संभाव्य।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न-संख्या 31 से 34 तक के उत्तर दीजिए : बहुत समय पहले, एक मनुष्य ने अकस्मात् दो पत्थरों को इकट्ठा कर रगड़ा और आग पैदा की । इस प्रकार उसने एक लाभदायक खोज की; परन्तु हम लोग इस मनुष्य का नाम नहीं जानते हैं । मनुष्य एक बेघर, विचरने वाला प्राणी था जो कि अपने खाने की खोज में एक स्थान से दूसरे स्थान जाता रहता था । किसी ने खेती-बाड़ी की खोज की । अब उसे कोई दु:ख नहीं रहा । इससे मनुष्य के रहने के ढंग में एक महान परिवर्तन आया । वह एक किसान बन गया और अपने खाने के लिए अनाज उगाने लगा । अब उसे भोजन की खोज में इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं थी । काफी समय के पश्चात् किसी ने पहिये का आविष्कार किया ।

प्रश्न 31

‘काफी समय पश्चात् किसी ने पहिये का आविष्कार किया ।’ दिए गए वाक्य में ‘काल’ है

  1. Aसंदिग्ध भूतकाल
  2. Bआसन्न भूतकाल
  3. Cसामान्य भूतकाल
  4. Dसंभाव्य भूतकाल

व्याख्या

वाक्य की क्रिया ‘आविष्कार किया’ भूतकाल की है और इससे बीते समय में कार्य के सामान्य रूप से पूरा होने का बोध होता है, इसलिए यह सामान्य भूतकाल है। आसन्न भूतकाल में ‘किया है’ जैसा रूप होता है, संदिग्ध भूतकाल में ‘किया होगा’ और संभाव्य भूतकाल में ‘किया हो’ जैसा रूप होता है।

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न संख्या 74 से 83 तक के उत्तर दीजिए । प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति का प्रकाश विश्व भर में फैल रहा है । इस महान भारतीय संस्कृति के वैशिष्ट्य बिंदु निम्नानुसार है - प्राचीनता-भारतीय संस्कृति का इतिहास अत्यंत प्राचीन है । सरस्वती-सैंधव सभ्यता की खोज एवं उत्खनन से प्राप्त सामग्री का मूल्य आँकना संभव नहीं है । यह प्राप्त सामग्री आज भी हमारा गौरव है । इनका संरक्षण एवं अध्ययन हमारा ध्येय होना चाहिए । निरंतरता-भारतीय संस्कृति की धारा निर्बाध रूप से हजारों वर्षों से बहती चली आ रही है । सैंधव सभ्यता से प्राप्त देवी-देवताओं की मूर्तियाँ भारतीयों के लिए पूजनीय हैं । अनेक विदेशी आक्रमणों के बावजूद भारतीय संस्कृति ने अपना मूल स्वरूप स्थायी बनाए रखा है । आध्यात्मिकता-अध्यात्म भारतीय संस्कृति का प्राण तत्त्व है । हमारी संस्कृति का विकास तपोवनों और आश्रमों में हुआ है । ग्रहणशीलता-बाहरी तत्त्वों को आत्मसात् करने की क्षमता और समन्वित जीवनशैली भारतीय संस्कृति का प्रमुख गुण है । भारतीय संस्कृति की प्रेरक व्यवस्था व्यक्ति को नैतिक रूप से दृढ़ कर मानव बनाती है । भारतीय संस्कृति का सौंदर्य सार्वभौमिक है ।

प्रश्न 76

“भारतीय संस्कृति की धारा निर्बाध रूप से हजारों वर्षों से बहती चली आ रही है ।” वाक्य में प्रयुक्त काल है -

  1. Aभूतकाल
  2. Bभविष्यत्काल
  3. Cवर्तमानकाल
  4. Dआज्ञार्थ भविष्यत्काल

व्याख्या

‘बहती चली आ रही है’ क्रिया रूप में ‘रही है’ से पता चलता है कि कार्य वर्तमान में भी जारी है। अतः यह वर्तमानकाल (अपूर्ण/तात्कालिक वर्तमान) है। ‘रही थी’ होता तो भूतकाल और ‘रहेगी’ होता तो भविष्यत्काल होता।

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न संख्या 41 से 46 तक के उत्तर लिखिए : उपभोक्तावादी संस्कृति सामंती संस्कृति का रूप नहीं है, बल्कि यह उपभोग के साधनों की प्रचुरता का प्रमाण है । पहले यह साधन बड़े-बड़े पूँजीपतियों को उपलब्ध होते थे क्योंकि लोगों का मानना था कि ‘करम री सगळै बाजै’ । वे श्रम में विश्वास नहीं रखते थे । आज आम आदमी को भी सभी सुविधाएँ मिलने लगी हैं । पहले सामंती लोग ही मोटरकार और हवाई-जहाज की यात्रा का आनन्द ले पाते थे, पर अब मध्यमवर्गीय व्यक्ति भी इन सबका सुख ले रहा है । अत: यह सामंती संस्कृति का विकसित रूप नहीं है, बल्कि जन-जन की समृद्धि का प्रतीक है ।

प्रश्न 43

“उपभोक्तावादी संस्कृति सामंती संस्कृति का रूप नहीं है ।” उपर्युक्त वाक्य में कौन-सा काल है ?

  1. Aसामान्य वर्तमान काल
  2. Bसामान्य भूतकाल
  3. Cसंदिग्ध भूतकाल
  4. Dभविष्यत् काल

व्याख्या

वाक्य की क्रिया ‘है’ (नहीं है) वर्तमान समय में सामान्य रूप से होने का बोध कराती है, इसलिए यह सामान्य वर्तमान काल है। वाक्य में न ‘था/थी’ (भूतकाल) है, न ‘होगा’ (भविष्यत् काल)।

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्न संख्या 77 से 86 तक के उत्तर दीजिए । भारतीय मन संपूर्ण प्रकृति और नदियों का भी मातृ स्वरूप में दर्शन करता है । गंगा को हम माता कहते हैं, तुलसी को हमने माता माना, अश्वत्थ वृक्ष की हमने पूजा की और इन सबके माध्यम से समाज के मन में प्रकृति के प्रति एक पूज्य भाव उत्पन्न किया । हम तो कबूतरों, चिड़ियों को दाना चुगाते हैं, हम तो चींटियों तक को आटा डालते हैं क्योंकि इन सबके अस्तित्व का कोई प्रयोजन है । इस विश्व के प्रत्येक पेड़-पौधे, जीव-जंतु का अपना प्रयोजन है । इस प्रयोजन को जानकर सारे विश्व की रचना में उसका क्या स्थान है, इसको पहचानकर उसको बनाए रखें, तभी समन्वय ठीक से बैठेगा । इसी को हमारे यहाँ धर्म कहा है । उसको पहचानकर, उसके नियमों को जानकर तदनुसार यदि हम अपनी सारी रचना और विकास-पथ का उपयोग करेंगे तो प्रकृति के साथ शायद हमारा सुसंगत विकास हो सकेगा । हमारी प्राचीन काल से ही यह अवधारणा रही है कि प्रकृति के साथ मिलकर चलो और इसलिए प्रकृति के प्रति पूज्यभाव हमने उत्पन्न किया । पृथ्वी को हमने माता कहा है । धरती धारण करती है इसीलिए उसे माता कहा । वास्तव में जिस धरा और प्रकृति के सहारे संपूर्ण मानव जाति का अस्तित्व निर्भर है, वही आज संकटग्रस्त हो गई है । पश्चिम की उपभोगवादी दृष्टि से प्रकृति के अमर्यादित उपभोग का विचार विकसित हुआ है । हमारी प्रथा संयमित उपभोग की है । हमारे वर्तमान के लिए भी यही विकास-पथ श्रेष्ठ है और यही शेष संसार को नष्ट होने के मार्ग से बचाने वाला मार्गदर्शक विकास-पथ हो सकता है ।

प्रश्न 78

“प्रकृति के साथ शायद हमारा सुसंगत विकास हो सकेगा ।” वाक्य में प्रयुक्त काल है-

  1. Aसामान्य भविष्यत् काल
  2. Bसंभाव्य भविष्यत् काल
  3. Cआज्ञार्थ भविष्यत् काल
  4. Dसंदिग्ध भविष्यत् काल

व्याख्या

‘शायद … हो सकेगा’ में भविष्य में कार्य होने की संभावना प्रकट हो रही है, निश्चितता नहीं। जिस क्रिया से भविष्य में किसी कार्य के होने की संभावना का बोध हो, उसे संभाव्य भविष्यत् काल कहते हैं। सामान्य भविष्यत् में कार्य का निश्चित रूप से होना व्यक्त होता है।

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न संख्या 45 से 50 तक के उत्तर दीजिए : आज हमारा सामाजिक ढाँचा चरमराने लगा है । भाई-बहिन के संबंधों में भी प्रेम तिरोहित होता जा रहा है । निकम्मे रहकर मनुष्यों की चिन्तन-शक्ति थक गई है । बिस्तरों और आसनों पर सोते-सोते मन के घोड़े हार गये हैं । सारा जीवन निचुड़ चुका है । स्वप्न पुराने हो चुके हैं । आज मनुष्य पैसा कमाने की मशीन बन चुका है । सारा समाज अर्थ प्रधान होता जा रहा है । सिर्फ धन और धन कमाने की लालसा के चलते व्यक्ति यह भूल बैठा है कि- ‘अणूतो धन सुख सान्ति ने खोस लेवे ।’ भौतिक वस्तुओं को पाने की चाहना अग्नि सदृश सदैव प्रज्वलित रहती है ।

प्रश्न 48

‘सारा जीवन निचुड़ चुका है ।’ इस वाक्य में काल है

  1. Aवर्तमान काल
  2. Bभविष्य काल
  3. Cभूतकाल
  4. Dसंदिग्ध वर्तमान काल

व्याख्या

‘निचुड़ चुका है’ में ‘चुका है’ से पता चलता है कि कार्य अभी-अभी पूरा हो चुका है। यह आसन्न भूतकाल है, जो भूतकाल का ही एक भेद है। अतः वाक्य में भूतकाल है।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

'बच्चे मैदान में खेल रहे थे।' वाक्य में काल है —

  1. Aअपूर्ण वर्तमान
  2. Bअपूर्ण भूत
  3. Cपूर्ण भूत
  4. Dसामान्य भूत

व्याख्या

'रहे थे' से पता चलता है कि बीते समय में कार्य चल रहा था, इसलिए अपूर्ण भूतकाल है।

प्रश्न 2

'मैंने अपना गृहकार्य पूरा कर लिया है।' वाक्य में काल है —

  1. Aसामान्य वर्तमान
  2. Bआसन्न भूत
  3. Cपूर्ण भूत
  4. Dसंदिग्ध भूत

व्याख्या

कार्य अभी-अभी पूरा हुआ है ('कर लिया है'), इसलिए आसन्न भूतकाल है।

प्रश्न 3

'माँ इस समय मंदिर जाती होंगी।' वाक्य में काल है —

  1. Aसामान्य भविष्यत्
  2. Bसंदिग्ध भूत
  3. Cसंदिग्ध वर्तमान
  4. Dसंभाव्य भविष्यत्

व्याख्या

'जाती होंगी' में वर्तमान कार्य के होने में संदेह है; 'इस समय' भी वर्तमान का संकेत है। इसलिए संदिग्ध वर्तमान काल है।

प्रश्न 4

'यदि वर्षा होती तो फ़सल अच्छी होती।' वाक्य में काल है —

  1. Aहेतुहेतुमद् भूत
  2. Bहेतुहेतुमद् भविष्यत्
  3. Cसामान्य भूत
  4. Dसंभाव्य वर्तमान

व्याख्या

एक कार्य दूसरे पर निर्भर था और दोनों नहीं हुए ('होती…होती'), इसलिए हेतुहेतुमद् भूतकाल है।

प्रश्न 5

'शायद आज शाम तक मेहमान आ जाएँ।' वाक्य में काल है —

  1. Aसामान्य भविष्यत्
  2. Bसंभाव्य भविष्यत्
  3. Cसंदिग्ध वर्तमान
  4. Dआसन्न भूत

व्याख्या

'शायद' और 'आ जाएँ' से भविष्य में कार्य होने की संभावना प्रकट होती है, इसलिए संभाव्य भविष्यत् काल है।

प्रश्न 6

'वह पिछले महीने जोधपुर गया था।' वाक्य में काल है —

  1. Aआसन्न भूत
  2. Bपूर्ण भूत
  3. Cअपूर्ण भूत
  4. Dसामान्य वर्तमान

व्याख्या

'गया था' — कार्य बहुत पहले पूरा हो चुका था, इसलिए पूर्ण भूतकाल है।

प्रश्न 7

किस वाक्य में संदिग्ध भूतकाल है?

  1. Aउसने पत्र लिखा होगा।
  2. Bवह पत्र लिखेगा।
  3. Cशायद वह पत्र लिखे।
  4. Dवह पत्र लिख रहा है।

व्याख्या

'लिखा होगा' में बीते कार्य के होने पर संदेह है, इसलिए संदिग्ध भूत है। B सामान्य भविष्यत्, C संभाव्य भविष्यत् और D अपूर्ण वर्तमान है।

प्रश्न 8

'पेड़ से पत्ते गिर चुके हैं।' को पूर्ण भूतकाल में बदलने पर वाक्य होगा —

  1. Aपेड़ से पत्ते गिर रहे थे।
  2. Bपेड़ से पत्ते गिर चुके थे।
  3. Cपेड़ से पत्ते गिरे होंगे।
  4. Dपेड़ से पत्ते गिरेंगे।

व्याख्या

आसन्न भूत 'चुके हैं' को पूर्ण भूत में बदलने के लिए 'है/हैं' के स्थान पर 'था/थे' आता है — 'गिर चुके थे'।

प्रश्न 9

'सूर्य पूर्व दिशा में उगता है।' — इस वाक्य के काल के बारे में सही कथन है —

  1. Aयह अपूर्ण वर्तमान है क्योंकि सूर्य अभी उग रहा है
  2. Bयह सामान्य वर्तमान है; सार्वकालिक सत्य भी सामान्य वर्तमान में व्यक्त होता है
  3. Cयह भूतकाल है क्योंकि सूर्य पहले भी उगता था
  4. Dयह भविष्यत् काल है

व्याख्या

'उगता है' सामान्य वर्तमान का रूप है। सदा सत्य रहने वाले तथ्य और आदतें भी सामान्य वर्तमान में लिखे जाते हैं।

प्रश्न 10

कक्षा 6 के बच्चे 'वह जा चुका है' को वर्तमान काल बता रहे हैं। शिक्षक के लिए सबसे उपयुक्त प्रश्न है —

  1. A'इस वाक्य में है लिखा है या नहीं?'
  2. B'क्या जाने का कार्य पूरा हो चुका है या अभी चल रहा है?'
  3. C'परिभाषा दोबारा लिखो।'
  4. D'भूतकाल के छह भेदों के नाम बताओ।'

व्याख्या

यह प्रश्न बच्चे का ध्यान केवल 'है' शब्द से हटाकर कार्य की पूर्णता पर ले जाता है, जिससे वह स्वयं समझता है कि कार्य बीत चुका है — आसन्न भूत।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

REET में काल से कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में हिंदी भाषा I व II से काल के 5 प्रश्न आए — सभी में दिए गए वाक्य का काल या उसका उपभेद पहचानना था।

भूतकाल के कितने भेद होते हैं?+

प्रचलित रूप से छह — सामान्य, आसन्न, पूर्ण, अपूर्ण, संदिग्ध और हेतुहेतुमद् भूत। कुछ पुस्तकें संभाव्य भूत को जोड़कर सात भेद बताती हैं।

'वह जा चुका है' कौन-सा काल है?+

कार्य पूरा हो चुका है और अभी-अभी पूरा हुआ है, इसलिए यह आसन्न भूतकाल है — 'है' होने के बावजूद।

संदिग्ध और संभाव्य काल में क्या अंतर है?+

संदिग्ध में अनुमान/संदेह होता है और क्रिया 'होगा' पर समाप्त होती है (वह आया होगा); संभाव्य में संभावना होती है और क्रिया 'हो/ए' पर समाप्त होती है (शायद वह आया हो)।

आगे पढ़ें

आधिकारिक स्रोत

  1. NCERT पाठ्यपुस्तकें — हिंदी (वसंत, दूर्वा आदि) एवं व्याकरण अभ्यास
  2. केंद्रीय हिंदी निदेशालय — देवनागरी लिपि तथा हिंदी वर्तनी का मानकीकरण
  3. BSER — REET 2024 आधिकारिक प्रश्न-पत्र व अंतिम उत्तर-कुंजी (मूल PDF; बोर्ड पोर्टल पर अब उपलब्ध नहीं)

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए