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REET Level 1 व 2 · हिंदी (भाषा I/II)

लिंग (Ling): पुल्लिंग-स्त्रीलिंग की पहचान, नियम और लिंग परिवर्तन — REET हिंदी व्याकरण

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इस पेज पर हिंदी में लिंग की पहचान के व्यावहारिक नियम, नित्य पुल्लिंग व नित्य स्त्रीलिंग शब्द, स्त्रीलिंग बनाने के प्रत्यय और भ्रमित करने वाले शब्दों की सूची दी गई है। REET 2024 में लिंग के 5 प्रश्न आए, जिनमें से दो गद्यांश के शब्दों पर आधारित थे।

  • REET 2024 में 5 प्रश्न
  • कक्षा 1–8 स्तर
  • 7 मिनट पढ़ें

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में लिंग के 5 प्रश्न आए: गद्यांश में पुल्लिंग रूप में प्रयुक्त शब्द पहचानना (आग स्त्रीलिंग; पूँजीपतियों पुल्लिंग), 'पुल्लिंग शब्द कौन-सा है' (धन — जबकि वस्तु, अग्नि, शक्ति स्त्रीलिंग), 'सदैव पुल्लिंग शब्द' (मनुष्य) और 'बहिन का पुल्लिंग' (आधिकारिक उत्तर: बहनोई)। यानी REET रटे हुए जोड़ों से ज़्यादा तत्सम शब्दों के लिंग और वाक्य में प्रयोग से लिंग पहचानने की क्षमता जाँचता है।

लिंग क्या है और पहचान कैसे करें?

संज्ञा के जिस रूप से पुरुष या स्त्री जाति का बोध हो, उसे लिंग कहते हैं। संस्कृत में तीन लिंग हैं (पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग), पर हिंदी में केवल दो — पुल्लिंग और स्त्रीलिंग। इसलिए निर्जीव वस्तुओं और भावों को भी हिंदी में इन्हीं दो में से किसी एक लिंग में रखा जाता है: 'दही खट्टा है' (पुल्लिंग), 'चाय ठंडी हो गई' (स्त्रीलिंग)।

निर्जीव शब्दों के लिंग की सबसे विश्वसनीय जाँच है — वाक्य में प्रयोग। शब्द के साथ 'अच्छा/अच्छी' विशेषण या 'गया/गई' क्रिया लगाकर देखें: 'आग लगी' (स्त्रीलिंग), 'अनाज उगा' (पुल्लिंग), 'धन मिला' (पुल्लिंग), 'शक्ति बढ़ी' (स्त्रीलिंग)। गद्यांश वाले प्रश्नों में गद्यांश की क्रिया और विशेषण ही उत्तर बता देते हैं — 'बड़े-बड़े पूँजीपतियों' में 'बड़े' पुल्लिंग विशेषण है।

संस्कृत से आए कई तत्सम शब्दों का लिंग हिंदी में बदल गया है। संस्कृत में 'अग्नि', 'आत्मा' पुल्लिंग हैं, पर हिंदी में ये स्त्रीलिंग रूप में प्रयुक्त होते हैं ('अग्नि जली', 'आत्मा अमर है')। REET 2024 की आधिकारिक कुंजी ने भी हिंदी प्रयोग के आधार पर 'अग्नि' को पुल्लिंग नहीं माना। इसलिए उत्तर देते समय हिंदी वाक्य-प्रयोग को आधार बनाएँ, संस्कृत रूप को नहीं।

पुल्लिंग और स्त्रीलिंग पहचानने के नियम

प्रायः पुल्लिंगप्रायः स्त्रीलिंग
पर्वत, सागर, देशों के नाम — हिमालय, अरावली, हिंद महासागर, भारतनदियों के नाम — गंगा, चंबल, लूणी, बनास (अपवाद: ब्रह्मपुत्र, सिंधु, सोन पुल्लिंग)
दिनों और महीनों के नाम — सोमवार, चैत, वैशाख, जनवरीतिथियों के नाम — प्रतिपदा, एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या
ग्रहों के नाम — सूर्य, चंद्रमा, मंगल, शनि (अपवाद: पृथ्वी स्त्रीलिंग)भाषाओं, बोलियों और लिपियों के नाम — हिंदी, राजस्थानी, मेवाड़ी, देवनागरी
धातुओं और रत्नों के नाम — सोना, लोहा, ताँबा, हीरा, मोती (अपवाद: चाँदी स्त्रीलिंग)'ई' से अंत होने वाले बहुत-से शब्द — रोटी, नदी, टोपी, चिट्ठी (अपवाद: पानी, घी, दही, मोती, हाथी, जी पुल्लिंग)
अधिकतर अनाजों के नाम — गेहूँ, चावल, बाजरा, चना (अपवाद: मक्का, ज्वार, अरहर स्त्रीलिंग)'ता, इमा, आई, आवट, आहट, आस, नी' प्रत्यय वाले शब्द — सुंदरता, लालिमा, पढ़ाई, सजावट, घबराहट, मिठास, कहानी
'त्व, पन, पा, आव, आवा' प्रत्यय वाले शब्द — महत्त्व, बचपन, बुढ़ापा, बहाव, बुलावा'इ' और 'ति' से अंत होने वाले तत्सम शब्द — रीति, शक्ति, भक्ति, संस्कृति, समृद्धि, बुद्धि

ये नियम 'प्रायः' लागू होते हैं; अपवाद शब्द अलग से याद करें, क्योंकि परीक्षा में अधिकतर प्रश्न अपवादों पर ही बनते हैं।

नित्य पुल्लिंग और नित्य स्त्रीलिंग (कुछ प्राणिवाचक शब्द)

नित्य पुल्लिंग
मनुष्य, कौआ, उल्लू, खटमल, भेड़िया, गीदड़, पक्षी — मादा का बोध कराने के लिए पहले 'मादा' जोड़ते हैं: मादा उल्लू, मादा खटमल
नित्य स्त्रीलिंग
मक्खी, मछली, कोयल, मैना, चील, छिपकली, गिलहरी, तितली — नर का बोध कराने के लिए 'नर' जोड़ते हैं: नर मक्खी, नर कोयल
दोनों लिंगों में समान रूप
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, डॉक्टर, मंत्री, सचिव — लिंग का पता क्रिया से चलता है: 'राष्ट्रपति आईं', 'मंत्री आए'
भ्रमित करने वाले शब्द (हिंदी प्रयोग)
पुल्लिंग: धन, अनाज, दुःख, प्राणी, दही, पानी, हाथी, मोती, सामान, दर्शन; स्त्रीलिंग: आग, अग्नि, वस्तु, आत्मा, पुस्तक, सड़क, दाल, चाय, यात्रा, सुविधा

स्त्रीलिंग बनाने के प्रत्यय और स्वतंत्र जोड़े

प्रत्यय / प्रकारउदाहरण (पुल्लिंग → स्त्रीलिंग)
ईलड़का → लड़की, देव → देवी, नाना → नानी, पुत्र → पुत्री
इयाबूढ़ा → बुढ़िया, चूहा → चुहिया, बेटा → बिटिया, कुत्ता → कुतिया
इनधोबी → धोबिन, माली → मालिन, सुनार → सुनारिन
नीमोर → मोरनी, शेर → शेरनी, ऊँट → ऊँटनी
आनीसेठ → सेठानी, देवर → देवरानी, नौकर → नौकरानी, इंद्र → इंद्राणी
आइनठाकुर → ठकुराइन, पंडित → पंडिताइन, चौधरी → चौधराइन
आछात्र → छात्रा, सुत → सुता, प्रिय → प्रिया, बाल → बाला
इकाबालक → बालिका, लेखक → लेखिका, अध्यापक → अध्यापिका
वती / मतीगुणवान → गुणवती, बुद्धिमान → बुद्धिमती, श्रीमान → श्रीमती
त्रीकवि → कवयित्री, नेता → नेत्री, दाता → दात्री
स्वतंत्र शब्दपिता → माता, राजा → रानी, भाई → बहन, बैल → गाय, वर → वधू, ससुर → सास, विद्वान → विदुषी, सम्राट → सम्राज्ञी, साधु → साध्वी

'बहिन का पुल्लिंग' प्रश्न में विकल्पों में 'भाई' नहीं था; भानजा, बहिनों, भाइयों के मुकाबले आधिकारिक कुंजी ने संबंध-आधारित पुल्लिंग शब्द 'बहनोई' (बहन का पति) को सही माना। मानक जोड़ा 'भाई–बहन' ही है।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

गतिविधि: 'क्रिया बताएगी लिंग' (कक्षा 3–5)

बच्चों को वस्तु-चित्र कार्ड दें (किताब, पेन, चाय, दूध)। हर बच्चा 'मेरी किताब अच्छी है' या 'मेरा पेन अच्छा है' जैसा वाक्य बोले। क्रिया व विशेषण के 'आ/ई' से बच्चे स्वयं लिंग पहचानना सीखते हैं।

गतिविधि: जोड़ी मिलाओ (कक्षा 1–3)

परिवार और पशु-पक्षियों के चित्र-जोड़े — मोर-मोरनी, शेर-शेरनी, दादा-दादी, राजा-रानी। पहले मौखिक खेल, फिर लिखित।

क्षेत्रीय बोली का ध्यान

राजस्थान की कई बोलियों में कुछ शब्दों का लिंग मानक हिंदी से भिन्न सुनाई देता है। बच्चे की बोली को गलत न ठहराएँ; 'घर में ऐसे बोलते हैं, पुस्तक की हिंदी में ऐसे लिखते हैं' कहकर मानक रूप तक ले जाएँ।

आम भ्रांति

'हर ई-अंत वाला शब्द स्त्रीलिंग है' — पर पानी, घी, दही, हाथी, मोती पुल्लिंग हैं। उपाय: बच्चों से ही अपवाद खोजने की प्रतियोगिता कराएँ और कक्षा में 'अपवाद दीवार' बनाएँ।

आकलन विचार

रिक्त स्थान वाले वाक्य दें — 'दही ___ है (खट्टा/खट्टी)', 'आग ___ (लगा/लगी)' — और 10 पुल्लिंग शब्दों के स्त्रीलिंग रूप लिखवाएँ।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

'अच्छा या अच्छी' परीक्षण: किसी भी शब्द के आगे 'अच्छा/अच्छी' या पीछे 'गया/गई' लगाकर मन में बोलें — जो स्वाभाविक लगे, वही लिंग। 'अच्छा धन', 'अच्छी वस्तु', 'आग लगी' — तीन सेकंड में उत्तर। तत्सम शब्द के संस्कृत लिंग से भ्रमित न हों; REET हिंदी प्रयोग पूछता है।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न-संख्या 31 से 34 तक के उत्तर दीजिए : बहुत समय पहले, एक मनुष्य ने अकस्मात् दो पत्थरों को इकट्ठा कर रगड़ा और आग पैदा की । इस प्रकार उसने एक लाभदायक खोज की; परन्तु हम लोग इस मनुष्य का नाम नहीं जानते हैं । मनुष्य एक बेघर, विचरने वाला प्राणी था जो कि अपने खाने की खोज में एक स्थान से दूसरे स्थान जाता रहता था । किसी ने खेती-बाड़ी की खोज की । अब उसे कोई दु:ख नहीं रहा । इससे मनुष्य के रहने के ढंग में एक महान परिवर्तन आया । वह एक किसान बन गया और अपने खाने के लिए अनाज उगाने लगा । अब उसे भोजन की खोज में इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं थी । काफी समय के पश्चात् किसी ने पहिये का आविष्कार किया ।

प्रश्न 32

गद्यांश में ‘पुल्लिंग’ रूप में प्रयुक्त शब्द नहीं है

  1. Aदु:ख
  2. Bअनाज
  3. Cआग
  4. Dप्राणी

व्याख्या

‘आग’ स्त्रीलिंग शब्द है (जैसे — आग लगी)। ‘दु:ख’, ‘अनाज’ और ‘प्राणी’ पुल्लिंग रूप में प्रयुक्त होते हैं (जैसे — दु:ख नहीं रहा, अनाज उगाने लगा, विचरने वाला प्राणी था)। इसलिए पुल्लिंग न होने वाला शब्द ‘आग’ है।

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न संख्या 41 से 46 तक के उत्तर लिखिए : उपभोक्तावादी संस्कृति सामंती संस्कृति का रूप नहीं है, बल्कि यह उपभोग के साधनों की प्रचुरता का प्रमाण है । पहले यह साधन बड़े-बड़े पूँजीपतियों को उपलब्ध होते थे क्योंकि लोगों का मानना था कि ‘करम री सगळै बाजै’ । वे श्रम में विश्वास नहीं रखते थे । आज आम आदमी को भी सभी सुविधाएँ मिलने लगी हैं । पहले सामंती लोग ही मोटरकार और हवाई-जहाज की यात्रा का आनन्द ले पाते थे, पर अब मध्यमवर्गीय व्यक्ति भी इन सबका सुख ले रहा है । अत: यह सामंती संस्कृति का विकसित रूप नहीं है, बल्कि जन-जन की समृद्धि का प्रतीक है ।

प्रश्न 41

निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द गद्यांश में पुल्लिंग रूप में प्रयुक्त हुआ है –

  1. Aसमृद्धि
  2. Bसुविधाएँ
  3. Cयात्रा
  4. Dपूँजीपतियों

व्याख्या

गद्यांश में ‘बड़े-बड़े पूँजीपतियों को’ में ‘पूँजीपति’ पुल्लिंग रूप में प्रयुक्त है (‘बड़े-बड़े’ विशेषण पुल्लिंग है)। ‘समृद्धि’, ‘सुविधाएँ’ (‘मिलने लगी हैं’) और ‘यात्रा’ स्त्रीलिंग शब्द हैं।

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न संख्या 45 से 50 तक के उत्तर दीजिए : आज हमारा सामाजिक ढाँचा चरमराने लगा है । भाई-बहिन के संबंधों में भी प्रेम तिरोहित होता जा रहा है । निकम्मे रहकर मनुष्यों की चिन्तन-शक्ति थक गई है । बिस्तरों और आसनों पर सोते-सोते मन के घोड़े हार गये हैं । सारा जीवन निचुड़ चुका है । स्वप्न पुराने हो चुके हैं । आज मनुष्य पैसा कमाने की मशीन बन चुका है । सारा समाज अर्थ प्रधान होता जा रहा है । सिर्फ धन और धन कमाने की लालसा के चलते व्यक्ति यह भूल बैठा है कि- ‘अणूतो धन सुख सान्ति ने खोस लेवे ।’ भौतिक वस्तुओं को पाने की चाहना अग्नि सदृश सदैव प्रज्वलित रहती है ।

प्रश्न 47

बहिन का ‘पुल्लिंग’ शब्द होगा

  1. Aभानजा
  2. Bबहिनों
  3. Cबहनोई
  4. Dभाइयों

व्याख्या

‘बहिन’ के पति को ‘बहनोई’ कहते हैं, इसलिए पुल्लिंग रूप के रूप में ‘बहनोई’ स्वीकार किया गया है। ‘भानजा’ बहन का पुत्र है, जबकि ‘बहिनों’ और ‘भाइयों’ बहुवचन रूप हैं, लिंग-परिवर्तन नहीं।

प्रश्न 50

निम्नलिखित में से ‘पुल्लिंग’ शब्द है

  1. Aवस्तु
  2. Bधन
  3. Cअग्नि
  4. Dशक्ति

व्याख्या

‘धन’ पुल्लिंग शब्द है (धन कमाया जाता है, धन खर्च हो गया)। ‘वस्तु’, ‘अग्नि’ और ‘शक्ति’ हिन्दी में स्त्रीलिंग रूप में प्रयुक्त होते हैं (अग्नि जलती है, शक्ति बढ़ी)।

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न संख्या 81 से 90 तक उत्तर दीजिए । ‘संस्कृति’ शब्द का संबंध संस्कार से है जिसका अर्थ है संशोधन करना, उत्तम बनाना, परिष्कार करना । अंग्रेजी शब्द ‘कल्चर’ में वही धातु है जो ‘एग्रीकल्चर’ में है । इसका भी अर्थ ‘पैदा करना, सुधारना’ है । संस्कारों से किसी व्यक्ति अथवा जाति का विकास गतिपूर्वक होता है । जातीय संस्कारों को ही संस्कृति कहते हैं । संस्कृति एक समूहवाचक शब्द है । जलवायु के अनुकूल रहन-सहन की विधियाँ और विचार-परंपराएँ जाति के लोगों में दृढ़मूल हो जाने से जाति के संस्कार बन जाते हैं । इनको प्रत्येक व्यक्ति अपनी निजी प्रकृति के अनुकूल न्यूनाधिक मात्रा में पैतृक संपत्ति के रूप में प्राप्त करता है । ये संस्कार व्यक्ति के घरेलू जीवन तथा सामाजिक जीवन में परिलक्षित होते हैं । मनुष्य अकेला रहकर भी इनसे छुटकारा नहीं पा सकता । संस्कृति का बाह्य पक्ष भी होता है और आंतरिक भी । उसका बाह्य पक्ष आंतरिक का प्रतिबिम्ब नहीं तो उससे संबंधित अवश्य रहता है । हमारे बाह्य आचार, हमारे विचारों और मनोवृत्तियों के परिचायक होते हैं । संस्कृति एक देश-विशेष की उपज होती है, उसका संबंध देश के भौतिक वातावरण और उसके पालित, पोषित एवं परिवर्द्धित विचारों से होता है । भाषा संस्कृति का अंग है, फिर भी वह हमारी जातीय मनोवृत्ति की परिचायिका होती है ।

प्रश्न 84

सदैव पुल्लिंग के रूप में प्रयुक्त होने वाला शब्द है

  1. Aमनुष्य
  2. Bभाषा
  3. Cउपज
  4. Dमनोवृत्ति

व्याख्या

‘मनुष्य’ शब्द सदैव पुल्लिंग के रूप में प्रयुक्त होता है (मनुष्य अकेला रहता है)। ‘भाषा’, ‘उपज’ और ‘मनोवृत्ति’ स्त्रीलिंग शब्द हैं (भाषा अच्छी है, उपज बढ़ी)।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

निम्नलिखित में से स्त्रीलिंग शब्द है —

  1. Aदही
  2. Bमोती
  3. Cपुस्तक
  4. Dपानी

व्याख्या

'पुस्तक' स्त्रीलिंग है (अच्छी पुस्तक)। दही, मोती और पानी 'ई' से अंत होने पर भी पुल्लिंग हैं।

प्रश्न 2

'विद्वान' का स्त्रीलिंग रूप है —

  1. Aविद्वानी
  2. Bविदुषी
  3. Cविद्वती
  4. Dविद्वाना

व्याख्या

'विद्वान' का स्त्रीलिंग स्वतंत्र रूप 'विदुषी' है।

प्रश्न 3

कौन-सा शब्द नित्य स्त्रीलिंग है?

  1. Aकौआ
  2. Bखटमल
  3. Cकोयल
  4. Dउल्लू

व्याख्या

'कोयल' सदा स्त्रीलिंग में प्रयुक्त होता है; नर के लिए 'नर कोयल' कहते हैं। कौआ, खटमल, उल्लू नित्य पुल्लिंग हैं।

प्रश्न 4

'नेता' का स्त्रीलिंग है —

  1. Aनेतानी
  2. Bनेत्री
  3. Cनेताइन
  4. Dनेतिका

व्याख्या

'नेता' में 'त्री' प्रत्यय से स्त्रीलिंग 'नेत्री' बनता है, जैसे दाता → दात्री।

प्रश्न 5

किस विकल्प में सभी शब्द पुल्लिंग हैं?

  1. Aहिमालय, सोमवार, सोना
  2. Bगंगा, सोमवार, सोना
  3. Cहिमालय, हिंदी, सोना
  4. Dहिमालय, सोमवार, चाँदी

व्याख्या

पर्वत, दिन और धातु के नाम प्रायः पुल्लिंग होते हैं। गंगा (नदी), हिंदी (भाषा) और चाँदी (अपवाद धातु) स्त्रीलिंग हैं।

प्रश्न 6

'ठाकुर' शब्द का स्त्रीलिंग रूप है —

  1. Aठाकुरानी
  2. Bठकुराइन
  3. Cठाकुरिन
  4. Dठकुरिया

व्याख्या

'आइन' प्रत्यय से ठाकुर → ठकुराइन बनता है, जैसे पंडित → पंडिताइन।

प्रश्न 7

कौन-सा वाक्य लिंग की दृष्टि से शुद्ध है?

  1. Aआग लग गया।
  2. Bउसकी आत्मा बहुत दुखी हुआ।
  3. Cअनाज की फ़सल अच्छी हुई।
  4. Dमेरा पुस्तक खो गया।

व्याख्या

'फ़सल' स्त्रीलिंग है, इसलिए 'अच्छी हुई' शुद्ध है। आग, आत्मा और पुस्तक स्त्रीलिंग हैं, अतः अन्य वाक्यों में 'लग गई', 'दुखी हुई', 'मेरी पुस्तक खो गई' होना चाहिए।

प्रश्न 8

'भक्ति, शक्ति, संस्कृति' — ये सभी किस लिंग के शब्द हैं और क्यों?

  1. Aपुल्लिंग, क्योंकि तत्सम हैं
  2. Bस्त्रीलिंग, क्योंकि 'ति' से अंत होने वाले तत्सम शब्द प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं
  3. Cपुल्लिंग, क्योंकि भाववाचक हैं
  4. Dस्त्रीलिंग, क्योंकि ये प्राणिवाचक हैं

व्याख्या

'इ/ति' अंत वाले तत्सम शब्द हिंदी में प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं — भक्ति, शक्ति, संस्कृति, रीति। ये प्राणिवाचक नहीं हैं।

प्रश्न 9

'राष्ट्रपति ने भाषण दिया।' वाक्य से राष्ट्रपति के लिंग का निर्धारण किस प्रकार होगा?

  1. Aयह शब्द सदा पुल्लिंग है
  2. Bयह शब्द सदा स्त्रीलिंग है
  3. Cइस वाक्य से लिंग निश्चित नहीं होता; 'आए/आईं' जैसी क्रिया से होगा
  4. D'ने' विभक्ति से लिंग तय होता है

व्याख्या

'राष्ट्रपति' दोनों लिंगों के लिए प्रयुक्त होता है। 'ने' के साथ क्रिया कर्म ('भाषण') के अनुसार चलती है, इसलिए यहाँ लिंग का पता नहीं चलता; 'राष्ट्रपति आईं' जैसे वाक्य से चलता है।

प्रश्न 10

कक्षा 4 का बच्चा राजस्थानी बोली के प्रभाव से एक शब्द का लिंग मानक हिंदी से अलग बोलता है। शिक्षक को चाहिए कि —

  1. Aकक्षा के सामने उसे टोककर शर्मिंदा करे
  2. Bबोली का सम्मान करते हुए मानक हिंदी रूप का प्रयोग सार्थक वाक्यों में बार-बार कराए
  3. Cबोली बोलने पर दंड दे
  4. Dमानक रूप सिखाना छोड़ दे

व्याख्या

बच्चे की घर की भाषा का सम्मान और मानक रूप का संदर्भ-आधारित अभ्यास — दोनों साथ चलने चाहिए। टोकने या दंड से झिझक बढ़ती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

REET में लिंग से कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में हिंदी भाषा I व II से लिंग के 5 प्रश्न आए — पुल्लिंग शब्द पहचानना, गद्यांश-आधारित प्रयोग और लिंग परिवर्तन।

हिंदी में कितने लिंग होते हैं?+

हिंदी में दो लिंग हैं — पुल्लिंग और स्त्रीलिंग। संस्कृत में तीसरा नपुंसकलिंग भी होता है।

'आग' और 'धन' का लिंग क्या है?+

'आग' स्त्रीलिंग है (आग लगी), जबकि 'धन' पुल्लिंग है (धन मिला)।

नित्य पुल्लिंग शब्द किसे कहते हैं?+

जो प्राणिवाचक शब्द सदा पुल्लिंग में ही प्रयुक्त हों और स्त्री-रूप के लिए 'मादा' जोड़ना पड़े — जैसे मनुष्य, कौआ, उल्लू, खटमल।

'कवि' का स्त्रीलिंग क्या है?+

'कवि' का स्त्रीलिंग 'कवयित्री' है।

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आधिकारिक स्रोत

  1. NCERT पाठ्यपुस्तकें — हिंदी (वसंत, दूर्वा आदि) एवं व्याकरण अभ्यास
  2. केंद्रीय हिंदी निदेशालय — देवनागरी लिपि तथा हिंदी वर्तनी का मानकीकरण
  3. BSER — REET 2024 आधिकारिक प्रश्न-पत्र व अंतिम उत्तर-कुंजी (मूल PDF; बोर्ड पोर्टल पर अब उपलब्ध नहीं)

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए