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REET L1+L2 · बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

भाषा विकास (चॉम्स्की सहित)

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भाषा विकास की प्रक्रिया, इसके चरण और चॉम्स्की के भाषा-अर्जन उपकरण (LAD) सिद्धांत को समझना REET के लिए ज़रूरी है, क्योंकि यह बताता है कि बच्चे मातृभाषा कैसे और किस क्रम में सीखते हैं। REET 2024 में इससे भाषा-विकास को प्रभावित करने वाले कारकों पर प्रश्न पूछे गए थे।

  • REET 2024 में 2 प्रश्न
  • शिक्षक-प्रशिक्षण स्तर
  • 6 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: Language Acquisition Theory – SimplyPsychology

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में भाषा-विकास से 2 प्रश्न आए, दोनों ही भाषा-विकास को प्रभावित करने वाले कारकों और आरंभिक अभिव्यक्ति के तरीकों पर आधारित थे, सीधे सिद्धांत की परिभाषा पर नहीं। इसलिए भाषा-विकास के चरण और उसे प्रभावित करने वाले कारक (सकारात्मक व नकारात्मक दोनों) ठीक से समझें।

भाषा विकास के सिद्धांत

व्यवहारवादी दृष्टिकोण (स्किनर) — भाषा पूर्णतः अनुकरण, पुनर्बलन (reinforcement) व वातावरण से सीखी जाती है, कोई जन्मजात क्षमता नहीं।

नैतिवादी/जन्मजातवादी दृष्टिकोण (चॉम्स्की) — नोम चॉम्स्की के अनुसार हर बच्चा जन्म से एक 'भाषा-अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device, LAD) लेकर पैदा होता है, जो उसे किसी भी भाषा का व्याकरण (सार्वभौमिक व्याकरण/Universal Grammar) तेज़ी से सीखने में सक्षम बनाता है। चॉम्स्की का तर्क है कि बच्चे ऐसे वाक्य-नियम भी सही प्रयोग कर लेते हैं जो उन्हें कभी सिखाए ही नहीं गए (poverty of stimulus तर्क), इसलिए भाषा सीखना केवल अनुकरण से संभव नहीं।

सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टिकोण (वाइगोत्स्की) — भाषा सामाजिक अंतःक्रिया से विकसित होती है और विचार-प्रक्रिया को आकार देती है।

इन तीनों दृष्टिकोणों को परस्पर विरोधी मानने के बजाय REET में प्रायः यह समझा जाता है कि भाषा-विकास में जन्मजात क्षमता, वातावरण से मिलने वाला उद्दीपन और सामाजिक अंतःक्रिया — तीनों की भूमिका होती है; कोई एक कारक अकेले पूरी व्याख्या नहीं दे सकता।

भाषा विकास के प्रमुख चरण

कूइंग (Cooing)
लगभग 2-4 महीने — स्वर ध्वनियाँ (जैसे 'आ', 'ऊ')
बब्लिंग (Babbling)
लगभग 6 महीने से — व्यंजन-स्वर की पुनरावृत्ति ('बा-बा', 'मा-मा')
एकल-शब्द/होलोफ्रेस्टिक चरण
लगभग 12-18 महीने — एक शब्द से पूरी बात कहना (जैसे 'दूध' कहकर दूध माँगना)
द्वि-शब्द/टेलीग्राफिक चरण
लगभग 18-24 महीने — दो-तीन शब्दों के छोटे, व्याकरण-रहित वाक्य ('मम्मी खाना')
आगे का विकास
2 वर्ष के बाद शब्द-भंडार तेज़ी से बढ़ता है और वाक्य क्रमशः व्याकरणिक रूप से पूर्ण होने लगते हैं

मातृभाषा और द्वितीय भाषा सीखना

बच्चा जिस भाषा में सबसे अधिक घिरा रहता है उसे मातृभाषा (mother tongue) के रूप में स्वाभाविक ढंग से, बिना औपचारिक शिक्षण के भी सीख लेता है — यही कारण है कि RTE अधिनियम व NCF 2005 दोनों शुरुआती कक्षाओं में मातृभाषा को शिक्षा के माध्यम के रूप में प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।

जब बच्चा मातृभाषा में मज़बूत नींव बना लेता है, तो दूसरी या तीसरी भाषा सीखना उसके लिए अपेक्षाकृत आसान हो जाता है, क्योंकि भाषा-अर्जन से जुड़े मूल कौशल (ध्वनि-पहचान, शब्द-क्रम, अर्थ-निर्माण) एक भाषा से दूसरी भाषा में स्थानांतरित (transfer) हो जाते हैं।

बहुभाषिकता (multilingualism) को अब बाधा नहीं बल्कि संसाधन (resource) माना जाता है — जो बच्चे घर में एक भाषा और विद्यालय में दूसरी भाषा सुनते हैं, वे उचित सहयोग मिलने पर संज्ञानात्मक रूप से लचीले (cognitively flexible) बन सकते हैं, बशर्ते किसी भी भाषा को हतोत्साहित न किया जाए।

भाषा विकास को प्रभावित करने वाले कारक

सकारात्मक कारक — माता-पिता व परिवार द्वारा भाषायी उद्दीपन (बात करना, किताबें पढ़कर सुनाना), साथियों से स्वतंत्र संपर्क का अवसर, समृद्ध भाषायी वातावरण।

नकारात्मक/बाधक कारक — बहुजन्म (जुड़वाँ बच्चे); शोध बताते हैं ऐसे बच्चों में भाषा-विकास प्रायः देर से होता है क्योंकि उन्हें व्यक्तिगत ध्यान कम मिलता है और वे आपस में ही अपनी 'निजी भाषा' में संवाद कर लेते हैं। लंबी बीमारी, सुनने में कठिनाई व उपेक्षा भी भाषा-विकास को धीमा करती है।

भावनाओं की प्रारंभिक अभिव्यक्ति

आयु/चरणअभिव्यक्ति का तरीका
जन्म से कुछ माहरोने और विभिन्न ध्वनियों के माध्यम से आवश्यकता/भावना व्यक्त करना
बाद मेंइशारों व चेहरे के भावों से जोड़ना
भाषा विकसित होने परशब्दों व वाक्यों से स्पष्ट अभिव्यक्ति

REET 2024 में पूछा गया था कि बच्चा शुरुआत में भावनाएँ कैसे व्यक्त करता है — उत्तर था रोने व ध्वनियों के माध्यम से।

शब्द-भंडार व वाक्य-रचना का विकास

दो वर्ष की आयु के बाद बच्चे का शब्द-भंडार (vocabulary) तेज़ी से बढ़ता है — इसे कभी-कभी 'शब्द-विस्फोट' (vocabulary spurt) भी कहा जाता है, जिसमें बच्चा हर दिन कई नए शब्द सीखने लगता है। साथ ही वाक्य-रचना भी क्रमशः जटिल होती जाती है — पहले दो शब्दों के वाक्य, फिर तीन-चार शब्दों के वाक्य, और धीरे-धीरे व्याकरणिक रूप से पूर्ण वाक्य।

इस दौरान बच्चे कई बार अतिसामान्यीकरण (overgeneralization) की गलतियाँ भी करते हैं, जैसे नियमित क्रिया-रूपों के नियम को अनियमित शब्दों पर भी लागू कर देना। यह वास्तव में एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि यह दिखाता है कि बच्चा भाषा के नियमों को समझकर स्वयं लागू करने की कोशिश कर रहा है, केवल रटकर नहीं दोहरा रहा।

कक्षा में इसका उपयोग

स्थितिशिक्षक की भूमिका
छोटी कक्षा में शब्द-भंडार कम हैरोज़मर्रा की वस्तुओं के नाम दोहराना, चित्र-पुस्तकें दिखाना
बच्चा वाक्य बनाने में कठिनाई महसूस करेपूरा सही वाक्य बोलकर मॉडल देना, बच्चे को सुधारने की बजाय दोहराने का अवसर देना
जुड़वाँ/बहुजन्मे बच्चे कक्षा में कम बोलते होंव्यक्तिगत रूप से बात करने व सुनने का अतिरिक्त अवसर देना
बच्चा मातृभाषा में सहज पर दूसरी भाषा में कमज़ोर हैपहले मातृभाषा में अवधारणा स्पष्ट कर फिर धीरे-धीरे नई भाषा के शब्द जोड़ना

याद रखने की ट्रिक

भाषा-विकास के 4 चरण क्रम में याद रखें: कूइंग → बब्लिंग → एक-शब्द (होलोफ्रेस्टिक) → दो-शब्द (टेलीग्राफिक)। और चॉम्स्की = जन्मजात (LAD), स्किनर = सीखा हुआ (reinforcement) — दोनों विपरीत सिद्धांतों को नाम से जोड़कर याद रखें।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 13

निम्नलिखित में से कौन-सा बच्चों के भाषायी विकास को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है ?

  1. Aपरिवार की प्रकृति - एकल
  2. Bस्वायत्त रूप से साथियों से संपर्क बनाने की स्वतंत्रता
  3. Cमाता-पिता द्वारा प्रदत्त प्रेरणा की उपलब्धता
  4. Dबहुजन्म (जुड़वाँ)

व्याख्या

शोध बताते हैं कि जुड़वाँ या बहुजन्म वाले बच्चों में भाषा विकास प्रायः देर से होता है, क्योंकि उन्हें माता-पिता का व्यक्तिगत ध्यान कम मिलता है और वे आपस में अपनी ही भाषा में संवाद कर लेते हैं। साथियों से संपर्क की स्वतंत्रता (B) और माता-पिता द्वारा उद्दीपन/प्रेरणा (C) भाषा विकास को बढ़ाते हैं। अतः नकारात्मक प्रभाव डालने वाला कारक बहुजन्म (D) है।

प्रश्न 20

बच्चा शुरुआत में अपनी भावनाओं को भाषा के माध्यम से कैसे व्यक्त करता है ?

  1. Aस्वर और व्यंजन के माध्यम से
  2. Bपूर्ण वाक्यों के माध्यम से
  3. Cरोने और ध्वनियों के माध्यम से
  4. Dवस्तुओं की ओर इशारा करके

व्याख्या

भाषा विकास के आरंभिक चरण में शिशु शब्द बोलने से पहले रोने (crying), कूकने और विभिन्न ध्वनियों के माध्यम से अपनी भावनाएँ व आवश्यकताएँ व्यक्त करता है। पूर्ण वाक्य और इशारे बाद में विकसित होते हैं।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

चॉम्स्की के अनुसार बच्चा भाषा किसके सहारे सीखता है?

  1. Aकेवल अनुकरण से
  2. Bजन्मजात भाषा-अर्जन उपकरण (LAD) से
  3. Cकेवल पुरस्कार-दंड से
  4. Dकेवल औपचारिक शिक्षण से

व्याख्या

नोम चॉम्स्की के अनुसार हर बच्चा जन्मजात 'भाषा-अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device, LAD) लेकर पैदा होता है जो भाषा सीखने में सहायक होता है।

प्रश्न 2

भाषा विकास के व्यवहारवादी दृष्टिकोण का प्रमुख प्रवर्तक कौन है?

  1. Aचॉम्स्की
  2. Bस्किनर
  3. Cवाइगोत्स्की
  4. Dपियाजे

व्याख्या

बी.एफ. स्किनर व्यवहारवादी दृष्टिकोण के प्रमुख प्रवर्तक हैं, जिनके अनुसार भाषा अनुकरण व पुनर्बलन (reinforcement) से सीखी जाती है।

प्रश्न 3

शिशु में सबसे पहले किस प्रकार की ध्वनि उत्पन्न होती है?

  1. Aटेलीग्राफिक वाक्य
  2. Bकूइंग (स्वर ध्वनियाँ)
  3. Cपूर्ण वाक्य
  4. Dदो-शब्दीय वाक्य

व्याख्या

भाषा विकास का सबसे पहला चरण कूइंग (लगभग 2-4 माह) है, जिसमें शिशु स्वर ध्वनियाँ निकालता है, उसके बाद बब्लिंग आती है।

प्रश्न 4

'दूध' कहकर पूरी बात (जैसे 'मुझे दूध चाहिए') व्यक्त करना किस चरण का उदाहरण है?

  1. Aबब्लिंग
  2. Bहोलोफ्रेस्टिक/एकल-शब्द चरण
  3. Cटेलीग्राफिक चरण
  4. Dकूइंग

व्याख्या

एक शब्द से पूरी बात व्यक्त करना होलोफ्रेस्टिक/एकल-शब्द चरण (लगभग 12-18 माह) की विशेषता है।

प्रश्न 5

निम्न में से कौन-सा कारक बच्चों के भाषा-विकास को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है?

  1. Aमाता-पिता द्वारा नियमित बातचीत
  2. Bबहुजन्म/जुड़वाँ होना
  3. Cसाथियों से स्वतंत्र संपर्क
  4. Dसमृद्ध भाषायी वातावरण

व्याख्या

शोध बताते हैं कि जुड़वाँ/बहुजन्मे बच्चों में भाषा-विकास प्रायः देर से होता है क्योंकि उन्हें व्यक्तिगत ध्यान कम मिलता है।

प्रश्न 6

चॉम्स्की के 'poverty of stimulus' तर्क का मुख्य आशय क्या है?

  1. Aबच्चों को बहुत कम भाषा-इनपुट मिलता है फिर भी वे जटिल व्याकरण-नियम सही प्रयोग कर लेते हैं
  2. Bगरीब परिवारों के बच्चे भाषा नहीं सीख पाते
  3. Cभाषा सीखने के लिए बहुत अधिक अभ्यास चाहिए
  4. Dबच्चे केवल टीवी से भाषा सीखते हैं

व्याख्या

यह तर्क बताता है कि बच्चों को मिलने वाला भाषायी इनपुट अपर्याप्त व अपूर्ण होता है फिर भी वे नियम सही प्रयोग करते हैं, जिससे चॉम्स्की जन्मजात क्षमता (LAD) का तर्क देते हैं।

प्रश्न 7

दो-तीन शब्दों के छोटे, व्याकरण-रहित वाक्य (जैसे 'मम्मी खाना') किस चरण की विशेषता है?

  1. Aकूइंग
  2. Bबब्लिंग
  3. Cटेलीग्राफिक चरण
  4. Dहोलोफ्रेस्टिक चरण

व्याख्या

दो-तीन शब्दों वाले छोटे, व्याकरणिक रूप से अपूर्ण वाक्य टेलीग्राफिक चरण (लगभग 18-24 माह) की पहचान हैं।

प्रश्न 8

एक शिक्षक कक्षा में बच्चों को नियमित रूप से नई वस्तुओं के नाम बताता है और चित्र-पुस्तकें दिखाता है। यह किस उद्देश्य से किया जाता है?

  1. Aगणितीय कौशल बढ़ाने के लिए
  2. Bशब्द-भंडार व भाषा-विकास को बढ़ावा देने के लिए
  3. Cशारीरिक विकास के लिए
  4. Dसंवेगात्मक नियंत्रण के लिए

व्याख्या

नई वस्तुओं के नाम बताना व चित्र-पुस्तकें दिखाना भाषायी उद्दीपन (linguistic stimulation) प्रदान कर शब्द-भंडार व भाषा-विकास बढ़ाने की रणनीति है।

प्रश्न 9

यदि कोई बच्चा वाक्य बनाने में गलती करता है, तो शिक्षक के लिए सबसे उपयुक्त तरीका क्या है?

  1. Aबच्चे को तुरंत डाँटना
  2. Bसही वाक्य बोलकर मॉडल देना और दोहराने का अवसर देना
  3. Cबच्चे को बोलने से रोकना
  4. Dगलती को अनदेखा कर आगे बढ़ जाना

व्याख्या

सही वाक्य का मॉडल देकर बच्चे को स्वाभाविक रूप से दोहराने व सुधारने का अवसर देना भाषा-विकास के लिए सबसे उपयुक्त शिक्षण-रणनीति है।

प्रश्न 10

चॉम्स्की और स्किनर के दृष्टिकोणों में मुख्य अंतर क्या है?

  1. Aदोनों भाषा को पूर्णतः जन्मजात मानते हैं
  2. Bचॉम्स्की जन्मजात क्षमता (LAD) पर बल देते हैं, स्किनर पूर्णतः वातावरण/अनुकरण पर
  3. Cदोनों भाषा-विकास में वातावरण की भूमिका नकारते हैं
  4. Dदोनों सिद्धांत बिल्कुल समान हैं

व्याख्या

चॉम्स्की मानते हैं भाषा-अर्जन की क्षमता जन्मजात (LAD) है, जबकि स्किनर मानते हैं भाषा पूर्णतः अनुकरण व पुनर्बलन से, यानी वातावरण से सीखी जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चॉम्स्की का LAD सिद्धांत क्या है?+

चॉम्स्की के अनुसार हर बच्चा जन्मजात 'भाषा-अर्जन उपकरण' (LAD) लेकर पैदा होता है, जो उसे किसी भी भाषा का व्याकरण तेज़ी से सीखने में सक्षम बनाता है।

भाषा विकास के मुख्य चरण कौन-से हैं?+

सामान्यतः क्रम है — कूइंग, बब्लिंग, एकल-शब्द/होलोफ्रेस्टिक चरण, और दो-शब्द/टेलीग्राफिक चरण।

कौन-से कारक बच्चों के भाषा-विकास को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं?+

बहुजन्म (जुड़वाँ बच्चे), उपेक्षा, सुनने में कठिनाई और अपर्याप्त भाषायी उद्दीपन भाषा-विकास को धीमा कर सकते हैं।

चॉम्स्की और स्किनर के दृष्टिकोण में क्या अंतर है?+

चॉम्स्की भाषा को जन्मजात क्षमता (LAD) मानते हैं, जबकि स्किनर भाषा को पूर्णतः वातावरण, अनुकरण व पुनर्बलन से सीखा हुआ मानते हैं।

प्रारंभिक कक्षाओं में मातृभाषा में शिक्षा क्यों ज़रूरी है?+

बच्चा मातृभाषा में सबसे सहज होता है, इसलिए इसमें अवधारणाएँ जल्दी व गहराई से समझ आती हैं; यही आधार बाद में दूसरी भाषाएँ सीखना भी आसान बनाता है।

क्या एक साथ कई भाषाएँ सीखना बच्चे के लिए नुकसानदायक है?+

नहीं, उचित सहयोग मिलने पर बहुभाषिकता बच्चे के लिए एक संसाधन है, बाधा नहीं — इससे संज्ञानात्मक लचीलापन बढ़ सकता है, बशर्ते किसी भाषा को हतोत्साहित न किया जाए।

अतिसामान्यीकरण (overgeneralization) की गलतियाँ क्यों होती हैं और क्या यह चिंता का विषय है?+

बच्चे व्याकरण के नियमों को समझकर स्वयं लागू करने की कोशिश करते हैं, इसलिए कभी-कभी अनियमित शब्दों पर भी नियमित नियम लगा देते हैं — यह भाषा-विकास का एक स्वस्थ व सामान्य चरण है, चिंता का विषय नहीं।

शब्द-भंडार में तेज़ वृद्धि (vocabulary spurt) आमतौर पर कब होती है?+

यह सामान्यतः 2 वर्ष की आयु के आसपास शुरू होती है, जब बच्चा हर दिन तेज़ी से कई नए शब्द सीखने व प्रयोग करने लगता है।

REET में भाषा-विकास के प्रश्न किस रूप में पूछे जाते हैं?+

अक्सर किसी चरण या कारक को पहचानने, या किसी विशेष उदाहरण को सही सिद्धांत (चॉम्स्की/स्किनर/वाइगोत्स्की) से जोड़ने के रूप में पूछे जाते हैं, केवल सीधी परिभाषा के रूप में नहीं।

आगे पढ़ें

आधिकारिक स्रोत

  1. Language Acquisition Theory – SimplyPsychology
  2. Stages of Language Acquisition – Social Sci LibreTexts

बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए