बल एवं गति: चाल, वेग, त्वरण, ग्राफ और न्यूटन के नियम — REET नोट्स
इस पेज पर दूरी-विस्थापन, चाल-वेग, त्वरण, गति के ग्राफ और समीकरण, एकसमान वृत्तीय गति, बल के प्रकार, परिणामी बल और न्यूटन के नियम कक्षा 8–9 NCERT स्तर पर हैं। REET 2024 Level 2 में इन्हीं से परिभाषा, गणना और ग्राफ वाले प्रश्न आए, जो थोड़े अभ्यास से पूरे अंक दिलाते हैं।
- REET 2024 में 4 प्रश्न
- कक्षा 8–9 NCERT स्तर
- 9 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 Level 2 (गणित-विज्ञान) में बल एवं गति से 4 प्रश्न आए: एकसमान वृत्तीय गति की परिभाषा, विपरीत दिशा में लगे दो बलों का परिणामी बल, दो भागों में चली कार की कुल दूरी (km/h और मिनट की इकाई बदलकर), और नियत चाल वाली गति के दूरी-समय ग्राफ पहचानना। यानी कक्षा 8–9 NCERT स्तर की परिभाषाएँ, इकाई-परिवर्तन, छोटी गणनाएँ और ग्राफ की समझ। न्यूटन के नियम, जड़त्व और संवेग भी इसी दायरे में आते हैं।
गति, दूरी-विस्थापन और चाल-वेग
कोई वस्तु समय के साथ किसी संदर्भ बिंदु के सापेक्ष अपनी स्थिति बदले तो वह गति में है; गति और विराम सापेक्ष होते हैं — चलती बस में बैठा यात्री बस के सापेक्ष विराम में पर सड़क के सापेक्ष गति में है।
दूरी (distance) वस्तु द्वारा तय पथ की कुल लंबाई है — केवल परिमाण, इसलिए अदिश (scalar)। विस्थापन (displacement) प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की सबसे छोटी दूरी है, दिशा सहित — सदिश (vector)। विस्थापन शून्य हो सकता है, दूरी नहीं: 400 m के ट्रैक का एक पूरा चक्कर लगाने पर दूरी 400 m पर विस्थापन शून्य।
चाल (speed) = दूरी / समय (अदिश); वेग (velocity) = विस्थापन / समय, निश्चित दिशा में (सदिश)। दोनों का SI मात्रक m/s है। औसत चाल = कुल दूरी / कुल समय। इकाई-परिवर्तन: 1 km/h = 5/18 m/s, इसलिए 36 km/h = 10 m/s और 18 km/h = 5 m/s। REET 2024 का प्रश्न: 18 km/h × (10/60) h = 3 km और 36 km/h × (15/60) h = 9 km, कुल 12 km।
गति के प्रकार और त्वरण
| अवधारणा | अर्थ | उदाहरण / सूत्र |
|---|---|---|
| एकसमान गति | समान समय-अंतराल में समान दूरी | सीधी सड़क पर नियत चाल से कार |
| असमान गति | समान समय-अंतराल में असमान दूरी | भीड़ भरी सड़क पर चलती बस |
| त्वरण (acceleration) | प्रति इकाई समय में वेग में परिवर्तन | a = (v − u)/t; मात्रक m/s² |
| मंदन (retardation) | वेग घटने पर ऋणात्मक त्वरण | ब्रेक लगाने पर रुकती कार |
| एकसमान वृत्तीय गति | वृत्तीय पथ पर एकसमान चाल; दिशा हर क्षण बदलती है, इसलिए वेग बदलता है और गति त्वरित है | v = 2πr/t; पृथ्वी के चारों ओर उपग्रह, डोरी से घुमाया पत्थर |
एकसमान वृत्तीय गति में चाल स्थिर पर वेग स्थिर नहीं — REET 2024 में इसी अंतर पर प्रश्न था।[स्रोत 1]
ग्राफ और गति के समीकरण
| ग्राफ / समीकरण | क्या बताता है |
|---|---|
| दूरी-समय ग्राफ: झुकी सीधी रेखा | नियत (एकसमान) चाल; ढाल = चाल। रेखा मूल बिंदु से शुरू हो या किसी प्रारंभिक दूरी से, दोनों में चाल नियत |
| दूरी-समय ग्राफ: समय-अक्ष के समानांतर रेखा | वस्तु विराम में है |
| दूरी-समय ग्राफ: वक्र | असमान चाल |
| वेग-समय ग्राफ | ढाल = त्वरण; ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल = विस्थापन |
| प्रथम समीकरण | v = u + at |
| द्वितीय समीकरण | s = ut + ½at² |
| तृतीय समीकरण | v² − u² = 2as |
u = प्रारंभिक वेग, v = अंतिम वेग, a = एकसमान त्वरण, t = समय, s = विस्थापन। ये समीकरण केवल एकसमान त्वरण पर लागू होते हैं।[स्रोत 1]
बल: प्रकार और प्रभाव
बल (force) किसी वस्तु पर लगाया गया धक्का या खिंचाव है, जो दो वस्तुओं की पारस्परिक क्रिया से उत्पन्न होता है। बल वस्तु की गति की अवस्था (विराम से गति या गति से विराम), चाल, गति की दिशा और आकार बदल सकता है। बल का SI मात्रक न्यूटन (N) है।
संपर्क बल वस्तु को छूकर लगते हैं — पेशीय बल (बैलों द्वारा हल खींचना) और घर्षण बल (लुढ़कती गेंद का रुकना)। असंपर्क बल बिना छुए लगते हैं — चुंबकीय बल, स्थिरवैद्युत बल (रगड़ी हुई कंघी का कागज़ के टुकड़े खींचना) और गुरुत्वाकर्षण बल।
एक ही वस्तु पर एक ही दिशा में लगे बल जुड़ते हैं और विपरीत दिशा में लगे बलों का परिणामी बल उनके अंतर के बराबर होता है तथा बड़े बल की दिशा में लगता है — 5 N और 3 N विपरीत दिशा में हों तो परिणामी 2 N। परिणामी बल शून्य हो तो बल संतुलित (balanced) कहलाते हैं; ये वस्तु की गति की अवस्था नहीं बदलते। असंतुलित बल ही वस्तु में त्वरण उत्पन्न करता है।
न्यूटन के गति के नियम, जड़त्व और संवेग
| नियम / राशि | कथन | दैनिक उदाहरण |
|---|---|---|
| प्रथम नियम (जड़त्व का नियम) | वस्तु अपनी विराम या एकसमान सरल रेखीय गति की अवस्था में तब तक रहती है जब तक उस पर असंतुलित बाह्य बल न लगे | बस के अचानक चलने पर यात्री पीछे झुकते हैं; दरी झाड़ने से धूल निकलना |
| जड़त्व (inertia) | अवस्था-परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति; द्रव्यमान जड़त्व की माप है | भरी गाड़ी को धकेलना खाली से कठिन |
| संवेग (momentum) | p = m × v; सदिश; मात्रक kg·m/s | धीमा चलता भारी ट्रक भी तेज़ गेंद से अधिक संवेग रख सकता है |
| द्वितीय नियम | संवेग-परिवर्तन की दर लगाए गए असंतुलित बल के समानुपाती और बल की दिशा में: F = m × a | 1 N = 1 kg·m/s²; क्रिकेट खिलाड़ी हाथ पीछे खींचकर कैच लेता है ताकि बल कम लगे |
| तृतीय नियम | प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है; दोनों बल अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं | गोली चलाने पर बंदूक का पीछे हटना, रॉकेट, नाव से कूदने पर नाव का पीछे जाना |
| संवेग संरक्षण | बाह्य असंतुलित बल न हो तो निकाय का कुल संवेग स्थिर रहता है | बंदूक और गोली का कुल संवेग छोड़ने से पहले और बाद में शून्य |
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा-गतिविधि (कक्षा 6–8)
स्कूल के मैदान में 50 m नापें; बच्चे टोलियों में चलकर, तेज़ चलकर और दौड़कर समय नोट करें और चाल = दूरी/समय निकालें। फिर समय के साथ दूरी की तालिका बनाकर ग्राफ-पेपर पर दूरी-समय ग्राफ बनवाएँ।
शिक्षण सामग्री
जड़त्व के लिए गिलास पर पोस्टकार्ड और उस पर सिक्का रखकर कार्ड को तेज़ी से झटकें — सिक्का गिलास में गिरता है। तृतीय नियम के लिए गुब्बारा फुलाकर स्ट्रॉ और धागे पर छोड़ें — ‘गुब्बारा रॉकेट’।
आम भ्रांतियाँ
‘चलती वस्तु को चलते रहने के लिए लगातार बल चाहिए’, ‘भारी वस्तु हमेशा तेज़ गिरती है’, ‘दूरी और विस्थापन एक ही हैं’ और ‘क्रिया-प्रतिक्रिया एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं’। घर्षण की भूमिका, एक पूरा चक्कर वाला उदाहरण और ‘दोनों बल अलग वस्तुओं पर’ — इन्हें स्पष्ट करते हैं।
आकलन का विचार
बच्चों को तीन अलग ग्राफ (झुकी रेखा, क्षैतिज रेखा, वक्र) देकर पूछें कि किसमें वस्तु विराम में है, किसमें नियत चाल और किसमें चाल बदल रही है; साथ में km/h को m/s में बदलने के दो प्रश्न।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
km/h से m/s: × 5/18; m/s से km/h: × 18/5। मिनट में दिया समय हो तो पहले घंटे में बदलें (10 मिनट = 1/6 h, 15 मिनट = 1/4 h)। ग्राफ प्रश्न में याद रखें — ‘सीधी झुकी रेखा = नियत चाल, सपाट रेखा = विराम, मुड़ी रेखा = चाल बदल रही’।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 133
किसी वस्तु की गति को एक समान वृत्तीय गति कहा जाता है, यदि वस्तु
- Aवृत्तीय पथ पर परिवर्ती चाल से चलती है
- Bवृत्तीय पथ पर एक समान त्वरण से चलती है
- Cवृत्तीय पथ पर एक समान चाल से चलती है
- Dवृत्तीय पथ पर एक समान वेग से चलती है
व्याख्या
जब कोई वस्तु वृत्तीय पथ पर एक समान चाल (constant speed) से चलती है, तो उसकी गति एक समान वृत्तीय गति कहलाती है। इसमें चाल स्थिर रहती है पर हर बिन्दु पर गति की दिशा बदलती है, इसलिए वेग स्थिर नहीं रहता। त्वरण का परिमाण स्थिर पर दिशा (केंद्र की ओर) बदलती रहती है, अतः 'एक समान वेग' वाला विकल्प गलत है।
प्रश्न 141
5 N एवं 3 N के दो बल एक ही वस्तु पर विपरीत दिशा में कार्यरत हैं, तो वस्तु पर परिणामी बल होगा
- A15 N
- B8 N
- C0.6 N
- D2 N
व्याख्या
विपरीत दिशाओं में लगे बलों का परिणामी बल उनके अन्तर के बराबर होता है और बड़े बल की दिशा में कार्य करता है। अतः परिणामी बल = 5 N − 3 N = 2 N। 8 N तब होता जब दोनों बल एक ही दिशा में लगते।
प्रश्न 128
एक कार 18 km/h की चाल से 10 मिनट चलती है, इसके पश्चात् वह 36 km/h की चाल से 15 मिनट चलती है, तो इस कार द्वारा तय की गई कुल दूरी होगी
- A3 km
- B9 km
- C12 km
- D27 km
व्याख्या
दूरी = चाल × समय। पहले भाग में 18 km/h × (10/60) h = 3 km। दूसरे भाग में 36 km/h × (15/60) h = 9 km। कुल दूरी = 3 + 9 = 12 km।
प्रश्न 132
रेखीय गति में नियत चाल से गतिशील किसी वस्तु की गति को दर्शाने वाले सही दूरी-समय ग्राफ हैं
चित्र: Four distance-time graphs: (i) a curve bending upward from the origin, (ii) a straight line through the origin, (iii) a horizontal line, (iv) a straight line offset from the origin. Diagram added with the exact shapes from the official figure note. Graphs (ii) and (iv) both show constant speed, matching the stored answer.
- A(i) व (iii) दोनों
- B(ii) व (iv) दोनों
- C(i) व (ii) दोनों
- D(iii) व (iv) दोनों
व्याख्या
नियत चाल से रेखीय गति में दूरी समय के साथ समान दर से बढ़ती है, इसलिए दूरी-समय ग्राफ एक सीधी झुकी हुई रेखा होता है। ग्राफ (ii) मूल बिंदु से और ग्राफ (iv) कुछ प्रारम्भिक दूरी से शुरू होने वाली सीधी रेखा है — दोनों नियत चाल दर्शाते हैं। ग्राफ (i) वक्र है (चाल बढ़ रही है) और (iii) क्षैतिज रेखा है (वस्तु विराम में है)।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
बल का SI मात्रक न्यूटन किसके बराबर है?
- Akg·m/s
- Bkg·m/s²
- Ckg·m²/s
- Dkg/m·s²
व्याख्या
F = m × a से 1 N = 1 kg × 1 m/s² = 1 kg·m/s²। kg·m/s संवेग का मात्रक है।
प्रश्न 2
विराम से चलना शुरू करके एक कार 5 s में 20 m/s का वेग प्राप्त करती है। उसका त्वरण है
- A100 m/s²
- B25 m/s²
- C4 m/s²
- D0.25 m/s²
व्याख्या
a = (v − u)/t = (20 − 0)/5 = 4 m/s²। 100 गुणा करने से और 0.25 उल्टा भाग देने से आता है।
प्रश्न 3
वेग-समय ग्राफ की ढाल से प्राप्त होता है
- Aदूरी
- Bविस्थापन
- Cचाल
- Dत्वरण
व्याख्या
वेग-समय ग्राफ की ढाल = वेग में परिवर्तन/समय = त्वरण। ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल विस्थापन देता है।
प्रश्न 4
किसी वस्तु का जड़त्व निर्भर करता है उसके
- Aआयतन पर
- Bद्रव्यमान पर
- Cवेग पर
- Dआकार पर
व्याख्या
द्रव्यमान जड़त्व की माप है — अधिक द्रव्यमान वाली वस्तु की अवस्था बदलना अधिक कठिन होता है।
प्रश्न 5
2 kg द्रव्यमान की एक गेंद 3 m/s के वेग से चल रही है। उसका संवेग है
- A1.5 kg·m/s
- B5 kg·m/s
- C6 kg·m/s
- D9 kg·m/s
व्याख्या
p = m × v = 2 × 3 = 6 kg·m/s। 5 जोड़ने से और 1.5 भाग देने से आता है।
प्रश्न 6
एक व्यक्ति 400 m के वृत्ताकार ट्रैक का ठीक एक पूरा चक्कर लगाकर प्रारंभिक बिंदु पर लौटता है। उसकी दूरी और विस्थापन क्रमशः हैं
- A400 m और 400 m
- B0 और 400 m
- C400 m और 0
- D0 और 0
व्याख्या
तय पथ की लंबाई (दूरी) 400 m है, पर प्रारंभिक और अंतिम स्थिति एक ही होने से विस्थापन शून्य है।
प्रश्न 7
गोली चलाने पर बंदूक का पीछे की ओर झटका देना किस नियम का उदाहरण है?
- Aन्यूटन का प्रथम नियम
- Bन्यूटन का द्वितीय नियम
- Cन्यूटन का तृतीय नियम
- Dगुरुत्वाकर्षण का नियम
व्याख्या
गोली पर आगे की ओर लगा बल (क्रिया) बंदूक पर बराबर और विपरीत बल (प्रतिक्रिया) उत्पन्न करता है, इसलिए यह तृतीय नियम है।
प्रश्न 8
निम्न में से कौन-सा असंपर्क बल है?
- Aपेशीय बल
- Bघर्षण बल
- Cचुंबकीय बल
- Dहाथ से धकेलने का बल
व्याख्या
चुंबक लोहे को बिना छुए खींचता है, इसलिए चुंबकीय बल असंपर्क बल है। पेशीय, घर्षण और हाथ से धकेलना संपर्क बल हैं।
प्रश्न 9
कक्षा 8 में जड़त्व की अवधारणा का प्रत्यक्ष अनुभव कराने के लिए सबसे उपयुक्त गतिविधि है
- Aगिलास पर रखे कार्ड को झटकने पर उस पर रखे सिक्के का गिलास में गिरना दिखाना
- Bन्यूटन की जीवनी पढ़वाना
- CF = ma सूत्र दस बार लिखवाना
- Dजड़त्व की परिभाषा श्यामपट्ट पर लिखना
व्याख्या
कार्ड तेज़ी से हटता है पर सिक्का जड़त्व के कारण अपनी विराम अवस्था में रहकर गिलास में गिरता है — बच्चे स्वयं देखकर अवधारणा समझते हैं। बाकी विकल्प केवल सूचना या रटन हैं।
प्रश्न 10
एक विद्यार्थी कहता है, ‘लुढ़कती गेंद इसलिए रुक गई क्योंकि उसे आगे चलाने वाला बल खत्म हो गया।’ इस भ्रांति को दूर करने के लिए शिक्षक को कौन-सी बात स्पष्ट करनी चाहिए?
- Aगति बनाए रखने के लिए लगातार बल आवश्यक है
- Bघर्षण जैसा असंतुलित बल गेंद को रोकता है; बल न हो तो गेंद एकसमान गति में चलती रहती
- Cभारी गेंद कभी नहीं रुकती
- Dगुरुत्वाकर्षण गेंद को आगे धकेलता है
व्याख्या
न्यूटन के प्रथम नियम के अनुसार गति बनाए रखने के लिए बल नहीं चाहिए; गेंद घर्षण के विरोधी बल के कारण रुकती है। विकल्प A वही भ्रांति है जिसे सुधारना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET Level 2 में बल एवं गति से कितने प्रश्न आते हैं?+
संख्या तय नहीं है, पर REET 2024 Level 2 की गणित-विज्ञान की दो पालियों में इस टॉपिक से कुल 4 प्रश्न आए — परिभाषा, परिणामी बल, दूरी की गणना और दूरी-समय ग्राफ पर।
एकसमान वृत्तीय गति त्वरित गति क्यों है?+
क्योंकि इसमें चाल स्थिर रहती है पर दिशा हर क्षण बदलती है; दिशा बदलने से वेग बदलता है और वेग बदलना ही त्वरण है।
बल का SI मात्रक क्या है?+
न्यूटन (N)। 1 N वह बल है जो 1 kg द्रव्यमान में 1 m/s² का त्वरण उत्पन्न करे।
जड़त्व किस पर निर्भर करता है?+
वस्तु के द्रव्यमान पर। द्रव्यमान जितना अधिक, जड़त्व उतना अधिक।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए