बैंकिंग एवं RBI
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) देश की केंद्रीय बैंकिंग संस्था है, जो मुद्रा जारी करने से लेकर मौद्रिक नीति तय करने तक के कार्य करती है। REET में RBI की स्थापना, कार्यों व सरकार की वित्तीय-कौशल योजनाओं से तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं।
- REET 2024 में 1 प्रश्न
- कक्षा 6–8 स्तर
- 12 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में इस टॉपिक के अंतर्गत पूछा गया कि 'प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना' कब शुरू हुई — सही उत्तर 2015 था। इससे पता चलता है कि 'बैंकिंग एवं RBI' खंड में केवल RBI की संस्थागत जानकारी ही नहीं, बल्कि वित्तीय समावेशन व कौशल-रोज़गार से जुड़ी सरकारी योजनाओं के वर्ष व उद्देश्य भी पूछे जाते हैं।
RBI — बुनियादी तथ्य
- स्थापना
- 1 अप्रैल 1935, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के अंतर्गत
- राष्ट्रीयकरण
- 1949 में भारत सरकार के स्वामित्व में लिया गया
- मुख्यालय
- मुंबई
- प्रमुख भूमिका
- भारत की केंद्रीय बैंक (Central Bank) — 'बैंकों का बैंक'
RBI के प्रमुख कार्य
| कार्य | विवरण |
|---|---|
| नोट जारी करना (Currency Issuer) | 1 रुपये के नोट/सिक्कों को छोड़कर सभी करेंसी नोट जारी करने का एकाधिकार |
| सरकार का बैंकर | केंद्र व राज्य सरकारों के बैंकिंग व वित्तीय लेन-देन का प्रबंधन |
| बैंकों का बैंक (Banker's Bank) | व्यावसायिक बैंकों के लिए आरक्षित निधि रखना व उन्हें ऋण देना |
| मौद्रिक नीति प्राधिकरण | मुद्रा-आपूर्ति व मुद्रास्फीति (महंगाई) को नियंत्रित करना |
| बैंकिंग नियामक | बैंकों को लाइसेंस देना व उनकी निगरानी करना |
| विदेशी मुद्रा प्रबंधन | विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन कर रुपये की स्थिरता बनाए रखना |
मौद्रिक नीति के प्रमुख उपकरण
| उपकरण | अर्थ |
|---|---|
| रेपो रेट (Repo Rate) | वह दर जिस पर RBI व्यावसायिक बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है |
| रिवर्स रेपो रेट (Reverse Repo Rate) | वह दर जिस पर बैंक अपनी अतिरिक्त राशि RBI के पास जमा कर ब्याज कमाते हैं |
| नकद आरक्षित अनुपात (CRR) | बैंकों को अपनी कुल जमाओं का एक निश्चित प्रतिशत RBI के पास नकद रूप में रखना अनिवार्य |
| सांविधिक तरलता अनुपात (SLR) | बैंकों को अपनी जमाओं का एक निश्चित प्रतिशत नकद/स्वर्ण/स्वीकृत प्रतिभूतियों में रखना अनिवार्य |
| बैंक दर (Bank Rate) | RBI द्वारा बैंकों को दीर्घकालिक ऋण देने की दर |
| खुला बाज़ार परिचालन (OMO) | RBI द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री से बाज़ार में मुद्रा-आपूर्ति नियंत्रित करना |
रेपो रेट बढ़ने पर ऋण महँगा होता है, जिससे मुद्रा-आपूर्ति घटती है व मुद्रास्फीति नियंत्रित होती है।
वित्तीय समावेशन व कौशल विकास से जुड़ी योजनाएँ
बैंकिंग व वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने कई योजनाएँ शुरू की हैं। 'प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना' (PMKVY) 15 जुलाई 2015 (विश्व युवा कौशल दिवस) को शुरू की गई थी — इसका उद्देश्य युवाओं को अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण देकर रोज़गार योग्य बनाना है, और यह कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत संचालित होती है।
इसी तरह प्रधानमंत्री जन-धन योजना बैंकिंग सेवाओं से वंचित लोगों को बैंक खाते से जोड़ने के लिए शुरू की गई, जिससे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व अन्य वित्तीय सेवाएँ आम नागरिक तक पहुँच सकें। REET में ऐसी योजनाओं का शुभारंभ-वर्ष व उद्देश्य याद रखना ज़रूरी है।
बैंकों के राष्ट्रीयकरण व वित्तीय समावेशन का इतिहास
भारत में बैंकिंग क्षेत्र को जन-हित में लाने के लिए दो बड़े कदम उठाए गए — 19 जुलाई 1969 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने 14 प्रमुख निजी वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया, और 1980 में 6 और बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ। इससे पहले, भारतीय स्टेट बैंक (तत्कालीन इंपीरियल बैंक) का राष्ट्रीयकरण 1955 में ही हो चुका था। इसका उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को गाँव-गाँव व आम नागरिक तक पहुँचाना था।
हाल के वर्षों में वित्तीय समावेशन को और गति देने के लिए 2014 में प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) शुरू की गई, जिसका उद्देश्य हर परिवार तक बुनियादी बैंक खाता, बीमा व पेंशन जैसी सेवाएँ पहुँचाना है — इसका नारा है 'मेरा खाता, भाग्य विधाता'।
भारत में बैंकों व वित्तीय संस्थाओं के प्रकार
- वाणिज्यिक बैंक (Commercial Banks)
- आम जनता से जमा लेने व ऋण देने वाले सार्वजनिक/निजी बैंक, जैसे भारतीय स्टेट बैंक
- सहकारी बैंक (Cooperative Banks)
- किसानों व छोटे व्यवसायियों को स्थानीय स्तर पर ऋण देने वाली सहकारी संस्थाएँ
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB)
- ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधा पहुँचाने के लिए स्थापित बैंक
- नाबार्ड (NABARD)
- कृषि व ग्रामीण विकास हेतु ऋण देने वाली शीर्ष (apex) संस्था, स्थापना 1982
बैंकिंग से आगे — बीमा व सहकारिता
बैंकिंग के अलावा वित्तीय सुरक्षा के दो अन्य महत्वपूर्ण स्तंभ हैं — बीमा (जीवन व सामान्य बीमा, जिसे IRDA नियंत्रित करता है) और सहकारिता (Cooperative movement, जो किसानों व छोटे व्यवसायियों को संगठित रूप से ऋण व सेवाएँ देती है)। ये दोनों विषय RBI की सीधी निगरानी में नहीं आते, फिर भी भारत की समग्र वित्तीय प्रणाली में बैंकिंग जितने ही ज़रूरी हैं — REET के अगले टॉपिक 'बीमा एवं सहकारिता' में इन्हें विस्तार से पढ़ेंगे।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि (बचत बैंक)
कक्षा में 'बचत बैंक' गतिविधि करवाएँ जिसमें बच्चे टोकन/पर्ची से जमा व निकासी करें — इससे बैंक में जमा व निकासी की बुनियादी प्रक्रिया अनुभव द्वारा समझ आती है।
शिक्षण सामग्री
बच्चों को बैंक की पासबुक या करेंसी नोट दिखाकर RBI गवर्नर के हस्ताक्षर व 'मैं धारक को ... रुपये अदा करने का वचन देता हूँ' वाली पंक्ति पहचनवाएँ — इससे नोट जारी करने के RBI के कार्य का व्यावहारिक परिचय मिलता है।
सामान्य भ्रांति
बच्चे अक्सर सोचते हैं कि सारे बैंकों के नोट अलग-अलग छपते हैं — स्पष्ट करें कि भारत में केवल RBI को ही करेंसी नोट छापने का (1 रुपये के नोट को छोड़कर) एकाधिकार है, चाहे खाता किसी भी बैंक में हो।
आकलन विचार
गाँव/शहर में बैंक शाखा जाकर बचत खाता खोलने की प्रक्रिया पर चर्चा करवाकर बच्चों से चरणबद्ध तरीके से लिखवाएँ — इससे वित्तीय समावेशन का व्यावहारिक पक्ष जाँचा जा सकता है।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
RBI के तथ्य याद रखने की चेन: 'स्थापना 1935, राष्ट्रीयकरण 1949' — दोनों संख्याओं का अंतर 14 वर्ष है, यह जोड़ी याद रखें। मौद्रिक नीति उपकरणों के लिए याद रखें: 'रेपो बढ़े तो ऋण महँगा, मुद्रा-आपूर्ति घटे' — यही मुद्रास्फीति नियंत्रण का सीधा तर्क है।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 133
“प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना” कब प्रारम्भ की गई ?
- A2013
- B2015
- C2017
- D2023
व्याख्या
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) 15 जुलाई 2015 (विश्व युवा कौशल दिवस) को शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योग से जुड़ा अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाना है और यह कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत संचालित है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- A1926
- B1935
- C1947
- D1949
व्याख्या
भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के अंतर्गत हुई थी।
प्रश्न 2
RBI का राष्ट्रीयकरण किस वर्ष हुआ था?
- A1935
- B1947
- C1949
- D1955
व्याख्या
RBI का राष्ट्रीयकरण 1949 में किया गया, जिसके बाद यह पूर्णतः भारत सरकार के स्वामित्व में आ गया।
प्रश्न 3
RBI द्वारा व्यावसायिक बैंकों को दिए जाने वाले अल्पकालिक ऋण की दर को क्या कहते हैं?
- Aबैंक दर
- Bरेपो रेट
- Cरिवर्स रेपो रेट
- DCRR
व्याख्या
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI व्यावसायिक बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है; यह मौद्रिक नीति का सबसे प्रमुख उपकरण है।
प्रश्न 4
नकद आरक्षित अनुपात (CRR) का अर्थ क्या है?
- Aबैंकों द्वारा RBI से लिया गया ऋण
- Bबैंकों को अपनी जमाओं का एक हिस्सा RBI के पास नकद रूप में रखना अनिवार्य
- CRBI द्वारा जारी नोटों की मात्रा
- Dसरकार द्वारा RBI को दिया गया अनुदान
व्याख्या
नकद आरक्षित अनुपात (CRR) वह प्रतिशत है जो बैंकों को अपनी कुल जमाओं में से RBI के पास नकद रूप में अनिवार्य रूप से रखना होता है।
प्रश्न 5
'प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना' कब शुरू की गई थी?
- A2013
- B2015
- C2017
- D2019
व्याख्या
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) 15 जुलाई 2015 को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर शुरू की गई थी।
प्रश्न 6
RBI का कौन-सा कार्य 'बैंकों का बैंक' कहलाने का कारण है?
- Aआम जनता से जमा स्वीकार करना
- Bव्यावसायिक बैंकों के लिए आरक्षित निधि रखना व उन्हें ऋण देना
- Cविदेशी निवेश आकर्षित करना
- Dशेयर बाज़ार की निगरानी करना
व्याख्या
RBI व्यावसायिक बैंकों के लिए आरक्षित निधि रखता है और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें ऋण देता है — इसी कारण इसे 'बैंकों का बैंक' कहा जाता है।
प्रश्न 7
निम्न में से कौन RBI का कार्य नहीं है?
- Aकरेंसी नोट जारी करना
- Bमौद्रिक नीति तय करना
- Cआयकर वसूलना
- Dबैंकों का नियमन करना
व्याख्या
आयकर वसूलना आयकर विभाग (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) का कार्य है, RBI का नहीं; RBI नोट जारी करने, मौद्रिक नीति व बैंक-नियमन जैसे कार्य करता है।
प्रश्न 8
जब RBI रेपो रेट बढ़ाता है, तो सामान्यतः बाज़ार में क्या प्रभाव पड़ता है?
- Aऋण सस्ता हो जाता है
- Bऋण महँगा होता है व मुद्रा-आपूर्ति घटती है
- Cबैंकों की जमा दर घट जाती है
- Dकोई प्रभाव नहीं पड़ता
व्याख्या
रेपो रेट बढ़ने पर बैंकों को RBI से ऋण महँगा मिलता है, जिससे वे ग्राहकों को भी महँगी दर पर ऋण देते हैं — इससे बाज़ार में मुद्रा-आपूर्ति घटती है और मुद्रास्फीति नियंत्रित होती है।
प्रश्न 9
एक शिक्षक कक्षा 8 में बच्चों से 'बचत बैंक' गतिविधि करवाता है, जिसमें बच्चे टोकन जमा व निकासी करते हैं। यह गतिविधि सबसे अधिक किस अवधारणा को समझाने में मदद करती है?
- Aभूगोल का मानचित्र-कौशल
- Bबैंक में जमा व निकासी की बुनियादी प्रक्रिया
- Cविज्ञान के सूत्र
- Dव्याकरण के नियम
व्याख्या
'बचत बैंक' जैसी व्यावहारिक गतिविधियाँ बच्चों को बैंकिंग की बुनियादी प्रक्रिया (जमा, निकासी, बचत) अनुभव द्वारा समझाती हैं, जो अमूर्त आर्थिक अवधारणाओं को सरल बनाने का प्रभावी तरीका है।
प्रश्न 10
भारतीय रिज़र्व बैंक का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
- Aनई दिल्ली
- Bमुंबई
- Cकोलकाता
- Dचेन्नई
व्याख्या
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का मुख्यालय मुंबई में स्थित है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बैंकिंग एवं RBI से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से 1 प्रश्न पूछा गया था (प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना पर); RBI व वित्तीय योजनाएँ अर्थशास्त्र खंड का नियमित हिस्सा हैं।
RBI की स्थापना कब हुई थी?+
भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के अंतर्गत हुई थी; इसका राष्ट्रीयकरण 1949 में किया गया।
रेपो रेट क्या है?+
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI व्यावसायिक बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है; रेपो रेट बढ़ने से बाज़ार में ऋण महँगा होता है और मुद्रा-आपूर्ति घटती है।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना कब शुरू हुई?+
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) 15 जुलाई 2015 को शुरू की गई थी, ताकि युवाओं को अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण देकर रोज़गार योग्य बनाया जा सके।
RBI का मुख्यालय कहाँ है?+
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का मुख्यालय मुंबई में है।
भारत में बैंकों का राष्ट्रीयकरण कब हुआ था?+
14 प्रमुख निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण 19 जुलाई 1969 में हुआ; इसके बाद 1980 में 6 और बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया।
प्रधानमंत्री जन-धन योजना कब शुरू हुई?+
प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) अगस्त 2014 में शुरू की गई, जिसका उद्देश्य हर परिवार तक बुनियादी बैंकिंग सेवाएँ पहुँचाना है।
क्या बीमा क्षेत्र भी RBI के अंतर्गत आता है?+
नहीं, बीमा क्षेत्र का नियमन भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDA) करता है, RBI केवल बैंकिंग व मौद्रिक नीति का नियमन करता है।
SLR (सांविधिक तरलता अनुपात) व CRR में क्या अंतर है?+
CRR के अंतर्गत बैंकों को अपनी जमाओं का एक हिस्सा नकद रूप में केवल RBI के पास रखना होता है, जबकि SLR के अंतर्गत बैंकों को अपनी जमाओं का एक हिस्सा नकद, स्वर्ण या स्वीकृत सरकारी प्रतिभूतियों के रूप में स्वयं अपने पास रखना होता है।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए