संविधान निर्माण — REET नोट्स (सामाजिक अध्ययन)
भारत का संविधान संविधान सभा द्वारा लगभग तीन वर्षों की गहन चर्चा के बाद बनाया गया, जिसका प्रारूप तैयार करने की मुख्य ज़िम्मेदारी डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता वाली प्रारूप समिति पर थी। REET में इस टॉपिक से संविधान सभा की सदस्य संख्या, महत्वपूर्ण तिथियों और समितियों से जुड़े सटीक आँकड़ों पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
- REET 2024 में 2 प्रश्न
- कक्षा 8 स्तर
- 11 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के दोनों प्रश्न संविधान सभा की सदस्य-संख्या से जुड़े थे — मूल स्वीकृत संख्या (389), विभाजन के बाद घटी संख्या (299) और 26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत होने पर हस्ताक्षर करने वाले वास्तविक सदस्यों की संख्या (284) — तीनों आँकड़ों को जान-बूझकर एक साथ विकल्पों में रखा गया ताकि इनके बीच भ्रम की जाँच हो सके। यानी यहाँ केवल घटनाएँ याद रखना काफी नहीं, हर चरण पर सदस्य-संख्या में हुए बदलाव को भी सटीक क्रम में याद रखना ज़रूरी है।
संविधान सभा का गठन
- आधार
- मई 1946 की कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार संविधान सभा का गठन हुआ, जिसके सदस्य प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित किए गए थे।
- मूल सदस्य संख्या
- 389 (296 ब्रिटिश भारत के प्रांतों से + 93 देशी रियासतों से)।
- प्रथम बैठक
- 9 दिसंबर 1946; अस्थायी अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा बने।
- स्थायी अध्यक्ष
- 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
- विभाजन के बाद सदस्य संख्या
- अगस्त 1947 में भारत विभाजन के बाद पाकिस्तान क्षेत्र के सदस्य अलग हो गए और वास्तविक सदस्य संख्या घटकर 299 रह गई।
- संवैधानिक सलाहकार
- बी.एन. राव संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार थे, जिन्होंने प्रारूप समिति से पहले संविधान का आरंभिक मसौदा तैयार किया।
उद्देश्य प्रस्ताव
13 दिसंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में 'उद्देश्य प्रस्ताव' (Objectives Resolution) पेश किया, जिसमें भारत को एक स्वतंत्र, संप्रभु गणराज्य घोषित करने और नागरिकों को न्याय, स्वतंत्रता व समानता की गारंटी देने का संकल्प लिया गया था। इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा के बाद इसे 22 जनवरी 1947 को संविधान सभा द्वारा पारित किया गया।
उद्देश्य प्रस्ताव ही आगे चलकर संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) का आधार बना — इसीलिए इसे संविधान की आत्मा और दार्शनिक नींव भी कहा जाता है। इसी प्रस्ताव में पहली बार स्पष्ट रूप से यह घोषित किया गया कि भारत की संप्रभुता जनता में निहित होगी और अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति-जनजाति व पिछड़े वर्गों के लिए पर्याप्त सुरक्षा-उपाय किए जाएँगे — ये विचार बाद में मौलिक अधिकारों व नीति-निदेशक तत्वों के रूप में संविधान के विभिन्न भागों में विस्तृत रूप से शामिल किए गए।
संविधान निर्माण की प्रमुख तिथियाँ
| तिथि | घटना |
|---|---|
| 9 दिसंबर 1946 | संविधान सभा की प्रथम बैठक |
| 13 दिसंबर 1946 | नेहरू द्वारा 'उद्देश्य प्रस्ताव' प्रस्तुत |
| 22 जनवरी 1947 | उद्देश्य प्रस्ताव पारित |
| 29 अगस्त 1947 | प्रारूप समिति का गठन, अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर |
| 26 नवंबर 1949 | संविधान संविधान सभा द्वारा अंगीकृत (Samvidhan Diwas) |
| 24 जनवरी 1950 | संविधान पर 284 सदस्यों के हस्ताक्षर |
| 26 जनवरी 1950 | संविधान पूर्ण रूप से लागू (गणतंत्र दिवस) |
संविधान सभा की कुल 11 सत्रों में 165 दिन की बैठकें हुईं और इसे बनाने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन का समय लगा।
प्रारूप समिति (Drafting Committee)
- गठन तिथि
- 29 अगस्त 1947
- अध्यक्ष
- डॉ. भीमराव अंबेडकर
- कुल सदस्य
- 7 सदस्य — अंबेडकर सहित अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर, एन. गोपालस्वामी आयंगर, के.एम. मुंशी, सैयद मोहम्मद सादुल्ला व अन्य।
- 26 जनवरी 1930 से संबंध
- 26 जनवरी की तिथि इसलिए चुनी गई क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 26 जनवरी 1930 को 'पूर्ण स्वराज' दिवस घोषित किया था।
मूल संविधान की संरचना
जब संविधान लागू हुआ, तब इसमें 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ थीं — समय के साथ संशोधनों द्वारा इसमें वृद्धि हुई है। संविधान सभा ने संविधान के मसौदे पर कुल 7,635 संशोधन-प्रस्तावों पर विचार किया, जिनमें से लगभग 2,473 पर वास्तविक चर्चा हुई — यही दर्शाता है कि यह कितनी सूक्ष्मता से तैयार किया गया दस्तावेज़ है।
संविधान सभा की महत्वपूर्ण समितियाँ
- संघ शक्ति समिति
- अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू — केंद्र सरकार की शक्तियों व संरचना पर सिफारिशें दीं।
- प्रांतीय संविधान समिति
- अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल — प्रांतों के संविधान व शक्तियों पर कार्य किया।
- मौलिक अधिकार उप-समिति
- अध्यक्ष जे.बी. कृपलानी — नागरिकों के मौलिक अधिकारों का प्रारंभिक प्रारूप तैयार किया।
- झंडा समिति
- अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद — वर्तमान तिरंगे को 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि (कक्षा 8)
बच्चों के छोटे समूह बनाकर हर समूह को 'अपनी कक्षा के नियम' पर बहस व मतदान करवाना — इससे संविधान सभा में हुई बहस व सहमति की प्रक्रिया व्यावहारिक रूप से समझ में आती है।
शिक्षण सहायक सामग्री
संविधान निर्माण की समयरेखा (9 दिसंबर 1946 से 26 जनवरी 1950) दीवार पर बनवाना, जिसमें हर महत्वपूर्ण तिथि व घटना चिह्नित हो।
सामान्य ग़लतफ़हमी
बच्चे प्रायः सोचते हैं कि संविधान एक ही व्यक्ति (जैसे केवल डॉ. अंबेडकर) ने अकेले लिखा — जबकि यह संविधान सभा के सैकड़ों सदस्यों की सामूहिक व लंबी चर्चा का परिणाम था, अंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे।
आकलन विचार
महत्वपूर्ण तिथियों (9 दिसंबर, 13 दिसंबर, 29 अगस्त, 26 नवंबर, 26 जनवरी) व घटनाओं की जोड़ी मिलाने वाली त्वरित प्रश्नोत्तरी करवाना।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
तीन संख्याओं 389 → 299 → 284 को क्रम से याद रखें: '389 शुरुआत में तय हुई, विभाजन के बाद 299 रह गई, और अंत में 284 सदस्यों ने ही हस्ताक्षर किए' — शब्द-सूत्र 'शुरू-बँटवारा-हस्ताक्षर' से यह क्रम भ्रम में नहीं पड़ता।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 135
26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत भारत के संविधान पर संविधान सभा के कितने सदस्यों के हस्ताक्षर हुए थे ?
- A389
- B299
- C284
- D278
व्याख्या
26 नवम्बर 1949 को संविधान अंगीकृत हुआ और 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के 284 सदस्यों ने उस पर हस्ताक्षर किए। 389 संविधान सभा की मूल प्रस्तावित सदस्य संख्या थी और विभाजन के बाद सदस्य संख्या 299 रह गई थी, इसलिए ये विकल्प भ्रम पैदा करते हैं।
प्रश्न 119
भारत विभाजन के बाद भारत की संविधान सभा में वास्तविक सदस्यों की संख्या कितनी रह गई ?
- A389
- B299
- C294
- D278
व्याख्या
कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 389 निर्धारित थी। 1947 में भारत विभाजन के बाद पाकिस्तान क्षेत्र के सदस्य अलग हो गए और संविधान सभा की वास्तविक सदस्य संख्या घटकर 299 रह गई। 26 नवम्बर 1949 को संविधान पर इन्हीं में से 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार संविधान सभा की मूल स्वीकृत सदस्य संख्या क्या थी?
- A299
- B389
- C284
- D395
व्याख्या
मई 1946 की कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 389 (296 ब्रिटिश भारत के प्रांतों से + 93 देशी रियासतों से) निर्धारित की गई थी।
प्रश्न 2
संविधान सभा के प्रथम (अस्थायी) अध्यक्ष कौन थे?
- Aडॉ. राजेन्द्र प्रसाद
- Bडॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
- Cडॉ. भीमराव अंबेडकर
- Dजवाहरलाल नेहरू
व्याख्या
9 दिसंबर 1946 को हुई संविधान सभा की प्रथम बैठक में डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा अस्थायी (temporary) अध्यक्ष बने। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद 11 दिसंबर 1946 को स्थायी अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
प्रश्न 3
'उद्देश्य प्रस्ताव' संविधान सभा में किसने प्रस्तुत किया था?
- Aडॉ. भीमराव अंबेडकर
- Bसरदार वल्लभभाई पटेल
- Cजवाहरलाल नेहरू
- Dडॉ. राजेन्द्र प्रसाद
व्याख्या
जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा में 'उद्देश्य प्रस्ताव' पेश किया, जिसे 22 जनवरी 1947 को पारित किया गया। यही प्रस्ताव आगे चलकर संविधान की प्रस्तावना का आधार बना।
प्रश्न 4
प्रारूप समिति (Drafting Committee) का गठन कब हुआ था?
- A9 दिसंबर 1946
- B22 जनवरी 1947
- C29 अगस्त 1947
- D26 नवंबर 1949
व्याख्या
प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को हुआ था, जिसके अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे। इसी समिति ने संविधान का अंतिम प्रारूप तैयार किया।
प्रश्न 5
संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार (Constitutional Advisor) कौन थे?
- Aबी.एन. राव
- Bके.एम. मुंशी
- Cअल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर
- Dजी.वी. मावलंकर
व्याख्या
बी.एन. राव संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार थे, जिन्होंने प्रारूप समिति के गठन से पहले संविधान का आरंभिक मसौदा तैयार किया था।
प्रश्न 6
26 जनवरी की तिथि को संविधान लागू करने के लिए चुनने का मुख्य कारण क्या था?
- Aयह डॉ. अंबेडकर का जन्मदिन था
- B26 जनवरी 1930 को कांग्रेस ने 'पूर्ण स्वराज' घोषित किया था
- Cयह गांधीजी की पुण्यतिथि थी
- Dइस दिन नेहरू का जन्मदिन था
व्याख्या
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 26 जनवरी 1930 को 'पूर्ण स्वराज' दिवस के रूप में मनाया था, इसी ऐतिहासिक महत्व के सम्मान में संविधान को 26 जनवरी 1950 से लागू किया गया।
प्रश्न 7
मूल संविधान (लागू होने के समय) में कितने अनुच्छेद थे?
- A395
- B448
- C395 भाग व 22 अनुच्छेद
- D300
व्याख्या
जब संविधान लागू हुआ था तब इसमें 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ थीं। समय के साथ संशोधनों के ज़रिए अनुच्छेदों व अनुसूचियों की संख्या बढ़ी है।
प्रश्न 8
संविधान सभा को अपना कार्य पूरा करने में कुल कितना समय लगा?
- Aलगभग 1 वर्ष
- Bलगभग 2 वर्ष 11 माह 18 दिन
- Cलगभग 5 वर्ष
- Dलगभग 6 माह
व्याख्या
संविधान सभा ने 9 दिसंबर 1946 से 26 नवंबर 1949 तक कुल 11 सत्रों में 165 दिन बैठकें कीं, जिससे संविधान बनाने में लगभग 2 वर्ष 11 माह 18 दिन का समय लगा।
प्रश्न 9
संविधान सभा में देशी रियासतों से कितने सदस्य शामिल किए गए थे?
- A296
- B93
- C299
- D284
व्याख्या
कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार संविधान सभा की 389 सीटों में से 296 सीटें ब्रिटिश भारत के प्रांतों को और 93 सीटें देशी रियासतों को आवंटित की गई थीं।
प्रश्न 10
कक्षा में संविधान निर्माण की प्रक्रिया समझाने के लिए सबसे उपयुक्त गतिविधि कौन-सी है?
- Aकेवल तिथियाँ रटवाना
- Bबच्चों के समूह बनाकर 'कक्षा के नियम' पर बहस व मतदान करवाना
- Cकेवल पाठ्यपुस्तक पढ़वाना
- Dपरीक्षा में सीधे प्रश्न पूछना
व्याख्या
बच्चों के छोटे समूह बनाकर 'कक्षा के नियम' पर बहस व मतदान करवाना उन्हें संविधान सभा में हुई बहस, सहमति व सामूहिक निर्णय की प्रक्रिया व्यावहारिक रूप से समझने में मदद करता है, जो केवल रटने से संभव नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संविधान निर्माण से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से 2 प्रश्न पूछे गए थे, दोनों संविधान सभा की सदस्य-संख्या से जुड़े। नागरिक शास्त्र खंड में यह हर साल पूछा जाने वाला नियमित टॉपिक है।
संविधान सभा की प्रथम बैठक कब हुई थी?+
संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी, जिसमें डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा अस्थायी अध्यक्ष बने। स्थायी अध्यक्ष के रूप में 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद निर्वाचित हुए।
प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?+
29 अगस्त 1947 को गठित प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे, जिन्हें संविधान का शिल्पकार भी कहा जाता है।
संविधान कब अंगीकृत हुआ और कब लागू हुआ?+
संविधान 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा अंगीकृत हुआ (इसे अब 'संविधान दिवस' मनाया जाता है) और यह पूर्ण रूप से 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, जिसे गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
26 जनवरी की तिथि ही क्यों चुनी गई?+
26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 'पूर्ण स्वराज' दिवस के रूप में घोषित किया था, इसी ऐतिहासिक महत्व को सम्मान देने के लिए संविधान को 26 जनवरी 1950 से लागू किया गया।
संविधान सभा की सदस्यता के लिए चुनाव किस आधार पर हुआ था?+
संविधान सभा के सदस्य प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप (indirect election) से निर्वाचित हुए थे, न कि सीधे जनता द्वारा। देशी रियासतों के प्रतिनिधि वहाँ के शासकों द्वारा मनोनीत किए गए थे, जिसके कारण संविधान सभा को 'पूर्णतः निर्वाचित निकाय नहीं' कहा जाता है, फिर भी यह उस समय की सबसे व्यापक प्रतिनिधि संस्था थी।
संविधान सभा में महिला सदस्य भी शामिल थीं?+
हाँ, संविधान सभा में सरोजिनी नायडू, हंसा मेहता, राजकुमारी अमृत कौर, विजयलक्ष्मी पंडित सहित कुल 15 महिला सदस्य शामिल थीं, जिन्होंने मौलिक अधिकारों व सामाजिक न्याय से जुड़े प्रावधानों पर सक्रिय योगदान दिया।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए