मौलिक अधिकार — REET नोट्स (सामाजिक अध्ययन)
मौलिक अधिकार संविधान के भाग III (अनुच्छेद 12–35) में दिए गए हैं और हर नागरिक की स्वतंत्रता व गरिमा की गारंटी देते हैं। REET में इस टॉपिक से छह अधिकारों के वर्गीकरण के साथ-साथ इनसे जुड़े हालिया कानूनों (जैसे घरेलू हिंसा अधिनियम) पर भी प्रश्न पूछे जाते हैं।
- REET 2024 में 2 प्रश्न
- कक्षा 8 स्तर
- 11 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के दोनों प्रश्न मौलिक अधिकारों से जुड़े एक व्यावहारिक कानून — 'घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम' — पर केंद्रित थे, जिसमें अधिनियम के पारित होने (2005) और लागू होने (2006) की तिथियों के बीच का अंतर जान-बूझकर भ्रम पैदा करने के लिए पूछा गया। यानी REET में मौलिक अधिकारों के केवल अनुच्छेद-वर्गीकरण तक सीमित न रहकर, उनसे जुड़े व्यावहारिक कानूनों (महिला व बाल सुरक्षा) की तिथियाँ भी सटीक याद रखनी होंगी।
छह मौलिक अधिकार और उनके अनुच्छेद
| मौलिक अधिकार | अनुच्छेद | मुख्य प्रावधान |
|---|---|---|
| समानता का अधिकार | 14–18 | विधि के समक्ष समानता, भेदभाव का निषेध, लोक नियोजन में अवसर की समानता, छुआछूत व उपाधियों का अंत |
| स्वतंत्रता का अधिकार | 19–22 | भाषण-अभिव्यक्ति, संगठन, आवागमन आदि छह स्वतंत्रताएँ; जीवन व दैहिक स्वतंत्रता; गिरफ्तारी में संरक्षण |
| शोषण के विरुद्ध अधिकार | 23–24 | मानव तस्करी व बेगार का निषेध; 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को खतरनाक कार्यों में लगाने का निषेध |
| धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार | 25–28 | अंतःकरण की स्वतंत्रता, धर्म मानने-पालने-प्रचार करने का अधिकार; धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन का अधिकार |
| सांस्कृतिक व शैक्षिक अधिकार | 29–30 | अल्पसंख्यकों के हितों का संरक्षण; शिक्षण संस्थाएँ स्थापित व प्रबंधित करने का अधिकार |
| संवैधानिक उपचारों का अधिकार | 32 | मौलिक अधिकारों के हनन पर सीधे उच्चतम न्यायालय जाने व रिट जारी करवाने का अधिकार |
डॉ. अंबेडकर ने अनुच्छेद 32 (संवैधानिक उपचारों का अधिकार) को संविधान की 'आत्मा और हृदय' कहा था।
सातवाँ अधिकार जो हटाया गया — संपत्ति का अधिकार
मूल संविधान में संपत्ति का अधिकार भी एक मौलिक अधिकार था, परंतु 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा इसे मौलिक अधिकारों की सूची से हटा दिया गया। अब यह अनुच्छेद 300A के अंतर्गत केवल एक विधिक (कानूनी) अधिकार है, यानी अब इसे मौलिक अधिकार के उल्लंघन के आधार पर सीधे उच्चतम न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।
शिक्षा का अधिकार — अनुच्छेद 21A
86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा अनुच्छेद 21A जोड़ा गया, जो 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार देता है। इसी अधिकार को लागू करने के लिए 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act) बनाया गया, जो 1 अप्रैल 2010 से प्रभावी हुआ। यह अनुच्छेद 21 (जीवन व दैहिक स्वतंत्रता के अधिकार) के ठीक बाद जोड़ा गया, इसलिए यह 'स्वतंत्रता के अधिकार' की श्रेणी में आता है।
मौलिक अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- पाँच रिट
- बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण व अधिकार-पृच्छा — अनुच्छेद 32 व 226 के तहत उच्चतम व उच्च न्यायालय जारी कर सकते हैं।
- किसे उपलब्ध
- कुछ मौलिक अधिकार (जैसे अनुच्छेद 15, 16, 19, 29, 30) केवल भारतीय नागरिकों को उपलब्ध हैं, जबकि कुछ (जैसे अनुच्छेद 14, 20, 21, 21A, 23) नागरिक-अनागरिक सभी 'व्यक्तियों' को उपलब्ध हैं।
- घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम
- संसद द्वारा 2005 में पारित, 26 अक्टूबर 2006 से लागू — शारीरिक, भावनात्मक, यौन व आर्थिक दुर्व्यवहार को घरेलू हिंसा में शामिल करता है।[स्रोत 2]
- आपातकाल में निलंबन
- अनुच्छेद 359 के अंतर्गत राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 20 व 21 को छोड़कर शेष मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन को निलंबित किया जा सकता है।
मौलिक अधिकारों में संशोधन की शक्ति: कुछ ऐतिहासिक पड़ाव
- गोलकनाथ मामला (1967)
- सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि संसद मौलिक अधिकारों में संशोधन नहीं कर सकती।
- 24वाँ संविधान संशोधन (1971)
- इसने स्पष्ट किया कि संसद अनुच्छेद 368 के तहत मौलिक अधिकारों सहित संविधान के किसी भी भाग में संशोधन कर सकती है।
- केशवानंद भारती मामला (1973)
- सर्वोच्च न्यायालय ने 'आधारभूत ढाँचा सिद्धांत' (Basic Structure Doctrine) दिया — संसद संविधान में संशोधन कर सकती है, परंतु उसके मूल ढाँचे को नहीं बदल सकती।
मौलिक अधिकारों की सीमाएँ व न्यायिक समीक्षा
मौलिक अधिकार असीमित (absolute) नहीं हैं — राज्य 'युक्तियुक्त निर्बंधन' (reasonable restrictions) लगा सकता है, जैसे अनुच्छेद 19 की स्वतंत्रताओं पर सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता व राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। अनुच्छेद 13 के अनुसार कोई भी कानून जो मौलिक अधिकारों के विरुद्ध हो, उस सीमा तक शून्य (void) माना जाता है — यही प्रावधान न्यायपालिका को 'न्यायिक पुनरावलोकन' (judicial review) की शक्ति देता है।
समय-समय पर सर्वोच्च न्यायालय ने मौलिक अधिकारों की व्याख्या का दायरा बढ़ाया है — जैसे अनुच्छेद 21 (जीवन व दैहिक स्वतंत्रता) की व्याख्या में गरिमा से जीवन जीने, स्वच्छ पर्यावरण व निजता के अधिकार जैसे कई नए आयाम जोड़े गए हैं, जो मूल पाठ में सीधे शब्दों में नहीं लिखे थे।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि (कक्षा 8)
बच्चों से रोज़मर्रा की छह घटनाएँ (जैसे 'स्कूल में सबको समान रूप से प्रवेश मिलना', 'किसी को अपने धर्म का पालन करने देना') लिखवाकर उन्हें सही मौलिक अधिकार से जोड़वाना।
शिक्षण सहायक सामग्री
छह अधिकारों का रंग-कोडेड चार्ट — हर अधिकार को एक अलग रंग व सरल प्रतीक (जैसे तराजू = समानता) से दिखाना, जिससे याद रखना आसान हो।
सामान्य ग़लतफ़हमी
बच्चे अक्सर सोचते हैं कि संपत्ति का अधिकार आज भी मौलिक अधिकार है — जबकि 1978 के बाद से यह केवल विधिक अधिकार (अनुच्छेद 300A) है, इसे स्पष्ट करना ज़रूरी है।
आकलन विचार
छह अधिकारों व उनके अनुच्छेदों की जोड़ी मिलाने वाला त्वरित प्रश्नोत्तर करवाना, फिर हर अधिकार का एक वास्तविक जीवन उदाहरण मौखिक रूप से पूछना।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
छह अधिकारों के अनुच्छेद याद रखने का सूत्र: 'समता-14 से 18, स्वतंत्रता-19 से 22, शोषण-23-24, धर्म-25 से 28, संस्कृति-29-30, उपचार-32' — हर अगला अधिकार पिछले के ठीक बाद के अनुच्छेद से शुरू होता है (18 के बाद 19, 22 के बाद 23, आदि), सिर्फ 28 के बाद 29 और 30 के बाद सीधे 32 आता है (31 अब हटाया जा चुका है)।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 128
‘घरेलू हिंसा एवं महिला सुरक्षा अधिनियम’ कब लागू हुआ ?
- A2002
- B2004
- C2006
- D2008
व्याख्या
'घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम' संसद ने 2005 में पारित किया था और यह 26 अक्टूबर 2006 से लागू हुआ। इसलिए प्रश्न 'कब लागू हुआ' का उत्तर 2006 है। (पारित होने का वर्ष 2005 विकल्प में नहीं है।)
प्रश्न 130
भारतीय संसद द्वारा ‘घरेलू हिंसा से महिला सुरक्षा कानून’ कब पारित किया गया ?
- A2002
- B2004
- C2005
- D2008
व्याख्या
‘घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम’ (Protection of Women from Domestic Violence Act) भारतीय संसद द्वारा 2005 में पारित किया गया और यह 26 अक्टूबर 2006 से लागू हुआ। इसमें शारीरिक, भावनात्मक, यौन और आर्थिक दुर्व्यवहार को घरेलू हिंसा में शामिल किया गया है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
अनुच्छेद 17 भारतीय संविधान के किस मौलिक अधिकार का भाग है?
- Aस्वतंत्रता का अधिकार
- Bसमानता का अधिकार
- Cशोषण के विरुद्ध अधिकार
- Dधार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार
व्याख्या
अनुच्छेद 17 छुआछूत (untouchability) के अंत की व्यवस्था करता है और यह समानता के अधिकार (अनुच्छेद 14–18) का भाग है।
प्रश्न 2
संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकारों की सूची से किस संविधान संशोधन द्वारा हटाया गया?
- A42वाँ संशोधन
- B44वाँ संशोधन
- C73वाँ संशोधन
- D86वाँ संशोधन
व्याख्या
44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों की सूची से हटाकर अनुच्छेद 300A के अंतर्गत एक विधिक अधिकार बना दिया गया।
प्रश्न 3
शिक्षा का अधिकार (अनुच्छेद 21A) किस संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया?
- A42वाँ संशोधन (1976)
- B44वाँ संशोधन (1978)
- C86वाँ संशोधन (2002)
- D73वाँ संशोधन (1992)
व्याख्या
86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा अनुच्छेद 21A जोड़ा गया, जो 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार देता है।
प्रश्न 4
बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध जैसी रिट जारी करने की शक्ति उच्चतम न्यायालय को किस अनुच्छेद से मिलती है?
- Aअनुच्छेद 19
- Bअनुच्छेद 21
- Cअनुच्छेद 32
- Dअनुच्छेद 300A
व्याख्या
अनुच्छेद 32 (संवैधानिक उपचारों का अधिकार) के तहत उच्चतम न्यायालय मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए पाँचों प्रकार की रिट जारी कर सकता है। उच्च न्यायालय को यह शक्ति अनुच्छेद 226 से मिलती है।
प्रश्न 5
'घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम' संसद द्वारा किस वर्ष पारित किया गया?
- A2002
- B2005
- C2006
- D2009
व्याख्या
यह अधिनियम संसद द्वारा 2005 में पारित किया गया और 26 अक्टूबर 2006 से लागू हुआ। पारित होने (2005) और लागू होने (2006) के वर्ष में अंतर परीक्षा में अक्सर भ्रम पैदा करता है।
प्रश्न 6
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को खतरनाक कार्यों में लगाने का निषेध किस अनुच्छेद में है?
- Aअनुच्छेद 21A
- Bअनुच्छेद 23
- Cअनुच्छेद 24
- Dअनुच्छेद 29
व्याख्या
अनुच्छेद 24 के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कारखानों, खानों या अन्य खतरनाक कार्यों में नियोजित नहीं किया जा सकता। अनुच्छेद 23 मानव तस्करी व बेगार पर रोक लगाता है।
प्रश्न 7
निम्नलिखित में से कौन-सा मौलिक अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को उपलब्ध है, विदेशी नागरिकों को नहीं?
- Aअनुच्छेद 14
- Bअनुच्छेद 19 (छह स्वतंत्रताएँ)
- Cअनुच्छेद 21
- Dअनुच्छेद 23
व्याख्या
अनुच्छेद 19 में दी गई छह स्वतंत्रताएँ (भाषण, संगठन, आवागमन आदि) केवल भारतीय नागरिकों को उपलब्ध हैं। अनुच्छेद 14, 21 व 23 भारत में रहने वाले सभी 'व्यक्तियों' को मिलते हैं।
प्रश्न 8
राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भी निलंबित नहीं किए जा सकने वाले मौलिक अधिकार कौन-से हैं?
- Aअनुच्छेद 19 व 21
- Bअनुच्छेद 20 व 21
- Cअनुच्छेद 14 व 19
- Dअनुच्छेद 25 व 26
व्याख्या
अनुच्छेद 359 के अनुसार राष्ट्रीय आपातकाल में अनुच्छेद 20 (अपराध की दोष-सिद्धि में संरक्षण) व अनुच्छेद 21 (जीवन व दैहिक स्वतंत्रता) के प्रवर्तन को छोड़कर शेष मौलिक अधिकार निलंबित किए जा सकते हैं।
प्रश्न 9
शिक्षक के रूप में कक्षा में मौलिक अधिकार पढ़ाते समय सबसे प्रभावी तरीका क्या है?
- Aकेवल अनुच्छेद संख्या रटवाना
- Bरोज़मर्रा की घटनाओं को अधिकारों से जोड़कर समझाना
- Cकेवल पाठ्यपुस्तक की परिभाषा पढ़वाना
- Dबिना उदाहरण के सीधे परीक्षा प्रश्न हल करवाना
व्याख्या
रोज़मर्रा की घटनाओं (जैसे स्कूल में समान प्रवेश, अपने धर्म का पालन) को संबंधित मौलिक अधिकार से जोड़कर समझाने से बच्चे अधिकारों को व्यावहारिक रूप से समझते हैं, केवल अनुच्छेद संख्या रटने से गहरी समझ नहीं बनती।
प्रश्न 10
अल्पसंख्यकों को अपनी शिक्षण संस्थाएँ स्थापित व प्रबंधित करने का अधिकार किस अनुच्छेद में है?
- Aअनुच्छेद 25
- Bअनुच्छेद 28
- Cअनुच्छेद 29
- Dअनुच्छेद 30
व्याख्या
अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद की शिक्षण संस्थाएँ स्थापित व प्रबंधित करने का अधिकार देता है। अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यकों की भाषा-लिपि-संस्कृति के संरक्षण से संबंधित है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मौलिक अधिकार से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से सीधे 2 प्रश्न पूछे गए, दोनों घरेलू हिंसा अधिनियम से जुड़े। नागरिक शास्त्र खंड में मौलिक अधिकार हर साल नियमित रूप से पूछा जाने वाला टॉपिक है।
भारतीय संविधान में कुल कितने मौलिक अधिकार हैं?+
वर्तमान में कुल 6 मौलिक अधिकार हैं — समानता, स्वतंत्रता, शोषण के विरुद्ध, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक-शैक्षिक अधिकार और संवैधानिक उपचारों का अधिकार। संपत्ति का अधिकार (सातवाँ) 1978 में हटाया जा चुका है।
अनुच्छेद 32 को संविधान की आत्मा क्यों कहा जाता है?+
डॉ. अंबेडकर ने अनुच्छेद 32 को संविधान की 'आत्मा और हृदय' कहा था क्योंकि यह नागरिकों को मौलिक अधिकारों के हनन पर सीधे उच्चतम न्यायालय जाकर रिट के माध्यम से न्याय पाने का अधिकार देता है।
शिक्षा का अधिकार किस अनुच्छेद में है?+
अनुच्छेद 21A (86वें संविधान संशोधन, 2002 द्वारा जोड़ा गया) 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार देता है।
क्या सभी मौलिक अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को मिलते हैं?+
नहीं, कुछ मौलिक अधिकार (जैसे अनुच्छेद 14, 21, 21A, 23) भारत में रहने वाले सभी व्यक्तियों को मिलते हैं, जबकि कुछ (जैसे अनुच्छेद 15, 16, 19) केवल भारतीय नागरिकों तक सीमित हैं।
मौलिक अधिकार व नीति-निदेशक तत्वों (DPSP) में क्या अंतर है?+
मौलिक अधिकार (भाग III) न्यायालय में प्रवर्तनीय (enforceable) होते हैं, यानी इनके हनन पर सीधे अदालत जाया जा सकता है, जबकि नीति-निदेशक तत्व (भाग IV) केवल सरकार के लिए नीति-निर्माण के मार्गदर्शक सिद्धांत हैं और इन्हें सीधे अदालत में लागू नहीं करवाया जा सकता।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए