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REET लेवल 2 · सामाजिक अध्ययन

भारत की भौतिक संरचना — REET नोट्स (सामाजिक अध्ययन)

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भारत को उसकी बनावट के आधार पर हिमालय पर्वत, उत्तरी मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, थार मरुस्थल, तटीय मैदान व द्वीप-समूह — छह बड़े भौतिक विभागों में बाँटा जाता है। REET में इस टॉपिक से पर्वत-श्रेणियों के उत्तर-दक्षिण क्रम व उत्तरी मैदान के उप-विभागों (भाबर, तराई, बांगर, खादर) पर बारीक प्रश्न पूछे जाते हैं।

  • REET 2024 में 2 प्रश्न
  • कक्षा 9 स्तर
  • 12 मिनट पढ़ें

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के दोनों प्रश्न बारीक स्थानिक समझ जाँचते हैं — एक में मध्य भारत की तीन श्रेणियों (विंध्य, सतपुड़ा, महादेव पहाड़ियाँ) को उत्तर से दक्षिण के सही क्रम में लगाना था, दूसरे में शिवालिक के गिरिपद क्षेत्र में स्थित पट्टी का नाम (भाबर) पूछा गया, जहाँ तराई, खादर व बांगर जैसे मिलते-जुलते शब्दों को भ्रामक विकल्प बनाया गया। यानी यहाँ केवल नाम याद रखना काफी नहीं — हर क्षेत्र की सापेक्ष स्थिति (कौन उत्तर में, कौन दक्षिण में) भी ठीक-ठीक याद रखनी होगी।

भारत के 6 प्रमुख भौतिक विभाग

भौतिक विभागप्रमुख विशेषता
हिमालय पर्वतविश्व की सबसे ऊँची व नवीनतम वलित (fold) पर्वत श्रृंखला, उत्तरी सीमा पर चाप के आकार में फैली
उत्तरी विशाल मैदानसिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा निर्मित उपजाऊ जलोढ़ मैदान
प्रायद्वीपीय पठारभारत का सबसे प्राचीन व स्थिर भूभाग, कठोर आग्नेय व कायांतरित चट्टानों से बना
भारतीय मरुस्थल (थार)अरावली के पश्चिम में शुष्क, बलुई मैदान, राजस्थान का बड़ा भाग इसमें शामिल
तटीय मैदानपश्चिमी तट (संकरा) व पूर्वी तट (चौड़ा) — दोनों अलग-अलग भौगोलिक विशेषताएँ रखते हैं
द्वीप समूहअंडमान-निकोबार (बंगाल की खाड़ी, ज्वालामुखी/विवर्तनिक मूल) व लक्षद्वीप (अरब सागर, प्रवाल मूल)

हिमालय की तीन समानांतर श्रेणियाँ

हिमालय को उत्तर से दक्षिण तीन समानांतर श्रेणियों में बाँटा जाता है। सबसे उत्तर में हिमाद्रि (वृहत् हिमालय) है, जो सबसे ऊँची (औसत 6,000 मीटर से अधिक) व सदा हिम-आच्छादित रहती है — इसी में एवरेस्ट व कंचनजंगा जैसी चोटियाँ शामिल हैं। इसके दक्षिण में हिमाचल (लघु हिमालय) है, जिसकी औसत ऊँचाई 3,700–4,500 मीटर है और यहीं शिमला, मसूरी जैसे पर्वतीय पर्यटन स्थल बसे हैं। सबसे दक्षिण व बाहरी श्रेणी शिवालिक है, जो सबसे कम ऊँची (900–1,100 मीटर) व असंगठित तलछटी चट्टानों से बनी है।

शिवालिक के गिरिपद क्षेत्र — भाबर, तराई, बांगर व खादर

भाबर
शिवालिक के ठीक दक्षिण में लगभग 8–16 किमी चौड़ी कंकड़-पत्थर की पट्टी, जहाँ नदियाँ पहाड़ों से लाई सामग्री जमा करती हैं और छिद्रिलता के कारण भूमिगत होकर लुप्त हो जाती हैं।
तराई
भाबर के दक्षिण का दलदली, नम व वनाच्छादित क्षेत्र, जहाँ भूमिगत नदियाँ पुनः सतह पर आ जाती हैं।
बांगर
तराई के दक्षिण का पुराना जलोढ़ मैदान, जो बाढ़ के मैदान से ऊँचाई पर स्थित होने के कारण हर साल नई गाद (सिल्ट) से लाभान्वित नहीं होता।
खादर
नदियों के निकट का नवीन जलोढ़ मैदान, जो हर वर्ष बाढ़ से नई उपजाऊ गाद प्राप्त करता है और बांगर से अधिक उपजाऊ माना जाता है।

प्रायद्वीपीय पठार: मध्य उच्चभूमि व दक्कन पठार

नर्मदा नदी प्रायद्वीपीय पठार को दो भागों में बाँटती है। इसके उत्तर में मध्य उच्चभूमि है, जिसमें मालवा पठार, बुंदेलखंड उच्चभूमि व विंध्य श्रेणी शामिल हैं; इसके दक्षिण में दक्कन पठार है, जो पश्चिमी घाट (सह्याद्रि) व पूर्वी घाट से घिरा है। नर्मदा घाटी के ठीक दक्षिण में सतपुड़ा श्रेणी स्थित है, और महादेव पहाड़ियाँ (पचमढ़ी क्षेत्र) इसी सतपुड़ा श्रेणी का दक्षिणी विस्तार मानी जाती हैं — इसलिए उत्तर से दक्षिण सही क्रम है: विंध्य श्रेणी → सतपुड़ा श्रेणी → महादेव पहाड़ियाँ।

राजस्थान की अरावली पर्वतमाला विश्व की सबसे प्राचीन वलित पर्वत श्रृंखलाओं में गिनी जाती है, जो राज्य में उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में फैली है; इसकी सबसे ऊँची चोटी गुरु शिखर (माउंट आबू) है।

तटीय मैदान और द्वीप समूह

भारत के तटीय मैदान को पश्चिमी तटीय मैदान (गुजरात से केरल तक, अरब सागर के किनारे) व पूर्वी तटीय मैदान (पश्चिम बंगाल से तमिलनाडु तक, बंगाल की खाड़ी के किनारे) में बाँटा जाता है। पश्चिमी तटीय मैदान संकरा है और यहाँ नदियाँ मुहाना (estuary) बनाती हैं, जबकि पूर्वी तटीय मैदान अपेक्षाकृत चौड़ा है और यहाँ महानदी, गोदावरी, कृष्णा व कावेरी जैसी नदियाँ बड़े त्रिभुज-आकार डेल्टा बनाती हैं।

भारत के दो प्रमुख द्वीप-समूह अलग-अलग सागरों व अलग-अलग भौगोलिक उत्पत्ति के हैं — बंगाल की खाड़ी का अंडमान-निकोबार द्वीप समूह ज्वालामुखी/विवर्तनिक मूल का है, जबकि अरब सागर का लक्षद्वीप द्वीप समूह प्रवाल-भित्तियों (coral reefs) से बना है। यह अंतर परीक्षा में अक्सर भ्रम पैदा करता है, इसलिए दोनों की उत्पत्ति अलग-अलग स्पष्ट याद रखनी चाहिए।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि (कक्षा 9)

भारत के भौतिक मानचित्र (physical map) पर छह भौतिक विभागों को अलग-अलग रंगों से रंगवाना, विशेष रूप से थार मरुस्थल व अरावली को उभार कर दिखाना।

शिक्षण सहायक सामग्री

हिमालय की तीन श्रेणियों (हिमाद्रि-हिमाचल-शिवालिक) व उत्तरी मैदान के उप-विभागों (भाबर-तराई-बांगर-खादर) को दिखाने वाला उत्तर-से-दक्षिण क्रॉस-सेक्शन डायग्राम बनवाना।

सामान्य ग़लतफ़हमी

बच्चे प्रायः बांगर व खादर को उलट देते हैं — याद रखवाएँ: 'खादर = नई (नदी के करीब)', 'बांगर = पुराना (ऊँचाई पर)'।

आकलन विचार

कार्ड पर भौतिक विभागों के नाम लिखकर बच्चों से उत्तर-दक्षिण सही क्रम में लगवाने की गतिविधि करवाना — यही शैली REET में सीधे पूछी गई थी।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

उत्तरी मैदान का उत्तर-दक्षिण क्रम याद रखें: 'शि-भा-ता-बां/खा' (शिवालिक → भाबर → तराई → बांगर/खादर)। और मध्य भारत की श्रेणियों के लिए: 'वि-स-म' (विंध्य सबसे उत्तर, सतपुड़ा बीच में, महादेव पहाड़ियाँ सबसे दक्षिण) — दोनों ही REET 2024 में सीधे पूछे गए क्रम हैं।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 130

दी गई भू-आकृतियों का उत्तर से दक्षिण दिशा में सही क्रम है

  1. Aविंध्या श्रेणी – सतपुड़ा श्रेणी – महादेव पहाडियाँ
  2. Bसतपुड़ा श्रेणी – विंध्या श्रेणी – महादेव पहाडियाँ
  3. Cमहादेव पहाडियाँ – सतपुड़ा श्रेणी – विंध्या श्रेणी
  4. Dमहादेव पहाडियाँ – विंध्या श्रेणी – सतपुड़ा श्रेणी

व्याख्या

मध्य भारत में उत्तर से दक्षिण की ओर पहले विंध्य श्रेणी है, उसके दक्षिण में नर्मदा घाटी और फिर सतपुड़ा श्रेणी है। महादेव पहाड़ियाँ (पचमढ़ी क्षेत्र) सतपुड़ा श्रेणी का ही भाग हैं, जिन्हें इस क्रम में सबसे दक्षिण में रखा गया है। इसलिए उत्तर कुंजी के अनुसार सही क्रम विंध्य – सतपुड़ा – महादेव है।

प्रश्न 117

शिवालिक पर्वत शृंखला की पर्वतपदीय क्षेत्र में स्थित भाग कहलाता है

  1. Aखादर प्रदेश
  2. Bबांगर प्रदेश
  3. Cतराई प्रदेश
  4. Dभाबर प्रदेश

व्याख्या

शिवालिक पर्वत श्रेणी के गिरिपद (foothills) में लगभग 8–16 किमी चौड़ी पट्टी ‘भाबर’ कहलाती है, जहाँ नदियाँ पहाड़ों से लाए कंकड़-पत्थर जमा करती हैं और छिद्रिलता के कारण भूमिगत होकर लुप्त हो जाती हैं। भाबर के दक्षिण में जहाँ ये नदियाँ पुनः सतह पर आकर दलदली क्षेत्र बनाती हैं, उसे तराई कहते हैं। खादर नवीन जलोढ़ और बांगर पुराने जलोढ़ मैदान हैं।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

हिमालय की सबसे ऊँची व सदा हिम-आच्छादित श्रेणी कौन-सी है?

  1. Aशिवालिक
  2. Bहिमाचल (लघु हिमालय)
  3. Cहिमाद्रि (वृहत् हिमालय)
  4. Dपीर पंजाल

व्याख्या

हिमाद्रि (वृहत् हिमालय/Great Himalaya) हिमालय की सबसे उत्तरी, सबसे ऊँची (औसत 6,000 मीटर से अधिक) व सदा हिम-आच्छादित श्रेणी है, जिसमें एवरेस्ट व कंचनजंगा जैसी चोटियाँ शामिल हैं।

प्रश्न 2

नवीन जलोढ़ से बना और हर वर्ष बाढ़ से उपजाऊ गाद प्राप्त करने वाला मैदान कहलाता है

  1. Aबांगर
  2. Bखादर
  3. Cभाबर
  4. Dतराई

व्याख्या

खादर नदियों के निकट का नवीन जलोढ़ मैदान है, जो हर वर्ष बाढ़ से नई उपजाऊ गाद प्राप्त करता है। बांगर पुराना जलोढ़ मैदान है, जो बाढ़ के मैदान से ऊँचाई पर होने के कारण यह लाभ नहीं पाता।

प्रश्न 3

प्रायद्वीपीय पठार को मध्य उच्चभूमि व दक्कन पठार में विभाजित करने वाली नदी कौन-सी है?

  1. Aताप्ती
  2. Bनर्मदा
  3. Cगोदावरी
  4. Dमहानदी

व्याख्या

नर्मदा नदी प्रायद्वीपीय पठार को उत्तर में मध्य उच्चभूमि (मालवा पठार, विंध्य श्रेणी) व दक्षिण में दक्कन पठार — दो भागों में बाँटती है।

प्रश्न 4

अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी कौन-सी है?

  1. Aगुरु शिखर
  2. Bकंचनजंगा
  3. Cअनाईमुडी
  4. Dदोदाबेट्टा

व्याख्या

गुरु शिखर (माउंट आबू, राजस्थान) अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी है। अनाईमुडी पश्चिमी घाट (दक्षिण भारत) की सबसे ऊँची चोटी है।

प्रश्न 5

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की उत्पत्ति किस प्रकार की मानी जाती है?

  1. Aप्रवाल (coral) मूल
  2. Bज्वालामुखी/विवर्तनिक मूल
  3. Cजलोढ़ मूल
  4. Dहिमानी मूल

व्याख्या

बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की उत्पत्ति ज्वालामुखी/विवर्तनिक (tectonic) गतिविधियों से मानी जाती है, जबकि अरब सागर का लक्षद्वीप द्वीप समूह प्रवाल (coral) मूल का है।

प्रश्न 6

भारत का सबसे प्राचीन व स्थिर भूभाग (कठोर आग्नेय-कायांतरित चट्टानों से बना) कौन-सा है?

  1. Aहिमालय पर्वत
  2. Bउत्तरी विशाल मैदान
  3. Cप्रायद्वीपीय पठार
  4. Dतटीय मैदान

व्याख्या

प्रायद्वीपीय पठार भारत का सबसे प्राचीन व स्थिर भूभाग है, जो कठोर आग्नेय व कायांतरित चट्टानों से बना है, जबकि हिमालय एक नवीन वलित पर्वत है।

प्रश्न 7

शिवालिक श्रेणी की औसत ऊँचाई हिमालय की तीन श्रेणियों में सबसे कम है — इसका मुख्य कारण क्या है?

  1. Aयह सबसे प्राचीन श्रेणी है
  2. Bयह असंगठित (loose) तलछटी चट्टानों से बनी है
  3. Cयह हिम-आच्छादित नहीं है
  4. Dयह दक्षिण भारत में स्थित है

व्याख्या

शिवालिक हिमालय की सबसे बाहरी व सबसे नवीन श्रेणी है, जो नदियों द्वारा लाई गई असंगठित (unconsolidated) तलछटी सामग्री से बनी है, इसीलिए इसकी ऊँचाई (900-1,100 मीटर) हिमाद्रि व हिमाचल से बहुत कम है।

प्रश्न 8

भारत के पश्चिमी तटीय मैदान की तुलना में पूर्वी तटीय मैदान की मुख्य विशेषता क्या है?

  1. Aयह पश्चिमी तट से अधिक संकरा है
  2. Bयह पश्चिमी तट से अधिक चौड़ा है
  3. Cयह पूरी तरह मरुस्थलीय है
  4. Dयहाँ कोई नदी डेल्टा नहीं बनाती

व्याख्या

भारत का पूर्वी तटीय मैदान पश्चिमी तटीय मैदान की तुलना में अधिक चौड़ा है और यहाँ महानदी, गोदावरी, कृष्णा व कावेरी जैसी नदियाँ बड़े डेल्टा बनाती हैं। पश्चिमी तट अपेक्षाकृत संकरा है।

प्रश्न 9

थार मरुस्थल मुख्यतः किस पर्वतमाला के पश्चिम में स्थित है?

  1. Aविंध्य श्रेणी
  2. Bसतपुड़ा श्रेणी
  3. Cअरावली पर्वतमाला
  4. Dपश्चिमी घाट

व्याख्या

थार (भारतीय) मरुस्थल अरावली पर्वतमाला के पश्चिम में स्थित है और राजस्थान का बड़ा पश्चिमी भाग इसमें शामिल है, जबकि अरावली के पूर्व में अपेक्षाकृत उपजाऊ मैदानी क्षेत्र है।

प्रश्न 10

कक्षा में भारत के भौतिक विभागों का उत्तर-दक्षिण क्रम समझाने के लिए सबसे उपयुक्त तरीका क्या है?

  1. Aकेवल नाम रटवाना
  2. Bक्रॉस-सेक्शन डायग्राम व मानचित्र गतिविधि द्वारा स्थानिक क्रम दिखाना
  3. Cविषय को छोड़ देना क्योंकि यह जटिल है
  4. Dकेवल पाठ्यपुस्तक की परिभाषा पढ़वाना

व्याख्या

क्रॉस-सेक्शन डायग्राम व मानचित्र पर आधारित गतिविधि से बच्चे विभिन्न भौतिक क्षेत्रों की सापेक्ष उत्तर-दक्षिण स्थिति को दृश्य रूप में समझ पाते हैं, जो केवल नाम रटने से स्पष्ट नहीं होता — यही समझ REET जैसे क्रम-आधारित प्रश्नों में काम आती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की भौतिक संरचना से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में इस टॉपिक से 2 प्रश्न पूछे गए, दोनों पर्वत-श्रेणियों व मैदानी क्षेत्रों के उत्तर-दक्षिण क्रम पर आधारित थे। भूगोल खंड में यह नियमित रूप से पूछा जाने वाला टॉपिक है।

भारत को कितने भौतिक विभागों में बाँटा जाता है?+

भारत को सामान्यतः छह भौतिक विभागों में बाँटा जाता है — हिमालय पर्वत, उत्तरी मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, भारतीय (थार) मरुस्थल, तटीय मैदान और द्वीप समूह।

भाबर व तराई में क्या अंतर है?+

भाबर शिवालिक के ठीक दक्षिण की कंकड़-पत्थर वाली पट्टी है जहाँ नदियाँ भूमिगत हो जाती हैं, जबकि तराई भाबर के दक्षिण का दलदली क्षेत्र है जहाँ ये नदियाँ पुनः सतह पर आती हैं।

विंध्य, सतपुड़ा व महादेव पहाड़ियों का उत्तर-दक्षिण क्रम क्या है?+

उत्तर से दक्षिण सही क्रम है: विंध्य श्रेणी → सतपुड़ा श्रेणी → महादेव पहाड़ियाँ, क्योंकि महादेव पहाड़ियाँ सतपुड़ा श्रेणी का ही दक्षिणी विस्तार मानी जाती हैं।

प्रायद्वीपीय पठार को कौन-सी नदी दो भागों में बाँटती है?+

नर्मदा नदी प्रायद्वीपीय पठार को उत्तर में मध्य उच्चभूमि व दक्षिण में दक्कन पठार — दो भागों में बाँटती है।

अंडमान-निकोबार व लक्षद्वीप द्वीप समूहों की उत्पत्ति में क्या अंतर है?+

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह (बंगाल की खाड़ी) की उत्पत्ति ज्वालामुखी/विवर्तनिक गतिविधियों से हुई है, जबकि लक्षद्वीप द्वीप समूह (अरब सागर) प्रवाल-भित्तियों (coral reefs) से बना है — यह भौगोलिक उत्पत्ति का अंतर परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है।

पश्चिमी घाट व पूर्वी घाट में क्या अंतर है?+

पश्चिमी घाट (सह्याद्रि) निरंतर व ऊँची श्रेणी है, जो अरब सागर के समानांतर चलती है, जबकि पूर्वी घाट खंडित (discontinuous) व अपेक्षाकृत कम ऊँची श्रेणी है, जिसे महानदी, गोदावरी, कृष्णा व कावेरी जैसी नदियाँ जगह-जगह काटती हैं।

भारत की प्रायद्वीपीय नदियाँ हिमालयी नदियों से किस प्रकार भिन्न हैं?+

प्रायद्वीपीय नदियाँ (जैसे गोदावरी, कृष्णा, कावेरी) मौसमी वर्षा पर निर्भर करती हैं और स्थिर प्राचीन भूभाग पर बहती हैं, जबकि हिमालयी नदियाँ (जैसे गंगा, ब्रह्मपुत्र) हिमानी स्रोतों से निकलने के कारण सदानीरा (बारहमासी) होती हैं और नवीन पर्वतीय क्षेत्र में गहरी घाटियाँ काटती हैं।

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आधिकारिक स्रोत

  1. NCERT कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान — अध्याय 1: भारत की भौगोलिक विविधता

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए