राजस्थान का भौतिक स्वरूप एवं भौगोलिक प्रदेश
राजस्थान को उसके भू-आकृतिक स्वरूप के आधार पर चार भौगोलिक प्रदेशों में बाँटा जाता है — यह पेज इन प्रदेशों, अरावली पर्वतमाला और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण भौगोलिक तथ्यों को REET परीक्षा के नज़रिए से कवर करता है। REET 2024 में इस टॉपिक से अनुसंधान संस्थानों की स्थिति, नदी-संगम और अरावली की दिशा जैसे बारीक तथ्य पूछे गए।
- REET 2024 में 4 प्रश्न
- कक्षा 6–8 स्तर
- 10 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में इस टॉपिक से जोधपुर स्थित अनुसंधान संस्थानों, बेणेश्वर धाम के नदी-संगम और अरावली पर्वतमाला की दिशा पर प्रश्न पूछे गए। ध्यान दें कि साक्षरता दर जैसे जनगणना के आँकड़े भी इसी खंड से जोड़कर पूछे जा सकते हैं — इसलिए भौगोलिक तथ्यों के साथ बुनियादी जनगणना संख्याएँ भी साथ रखें।
राजस्थान के चार भौतिक प्रदेश
राजस्थान को उच्चावच, जलवायु, मिट्टी और वनस्पति की भिन्नता के आधार पर मुख्यतः चार भौतिक प्रदेशों में बाँटा जाता है — पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश, अरावली पर्वतीय प्रदेश, पूर्वी मैदानी प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी पठारी (हाड़ौती) प्रदेश। ये चारों प्रदेश राज्य को तिरछे बाँटने वाली अरावली पर्वतमाला के चारों ओर व्यवस्थित हैं।
पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश राज्य के आधे से अधिक भू-भाग पर फैला है और 25 सेमी वर्षा रेखा के आधार पर इसे रेतीले (बालू के टीलों वाले) व बज़री (टीला-रहित) क्षेत्रों में बाँटा जाता है; इसी प्रदेश में घग्घर का मैदान, शेखावाटी और नागौरी उच्च भूमि जैसे उप-क्षेत्र आते हैं। अरावली पर्वतीय प्रदेश राज्य को विभाजित करता है और इसे उत्तर-पूर्वी अरावली, मध्य अरावली, दक्षिणी अरावली व आबू पर्वतीय खंड में बाँटा जाता है।
पूर्वी मैदानी प्रदेश में बनास बेसिन, चंबल बेसिन, बनगंगा बेसिन और मध्य माही बेसिन (छप्पन का मैदान) शामिल हैं — यह क्षेत्र अपेक्षाकृत उपजाऊ और सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला है। दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश को हाड़ौती का पठार भी कहते हैं, जिसमें विंध्यन कगार और दक्कन लावा पठार के भाग शामिल हैं; यह मुख्यतः कोटा, बूँदी, झालावाड़ व बाराँ जिलों में फैला है।
अरावली पर्वतमाला: महत्वपूर्ण तथ्य
- दिशा
- दक्षिण-पश्चिम (गुजरात की ओर) से उत्तर-पूर्व (दिल्ली की ओर) तक
- सबसे ऊँची चोटी
- गुरु शिखर (माउंट आबू, सिरोही ज़िला) — 1,722 मीटर, राजस्थान व अरावली की सबसे ऊँची चोटी
- विशेषता
- विश्व की सबसे प्राचीन वलित (fold) पर्वत श्रृंखलाओं में से एक
- भूमिका
- थार मरुस्थल के पूर्व की ओर विस्तार को रोकने वाली प्राकृतिक दीवार
राजस्थान के चार भौगोलिक प्रदेश एक नज़र में
| प्रदेश | प्रमुख उप-क्षेत्र |
|---|---|
| पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश | रेतीला प्रदेश, बज़री प्रदेश, शेखावाटी, नागौरी उच्च भूमि, लूनी-जवाई बेसिन |
| अरावली पर्वतीय प्रदेश | उत्तर-पूर्वी अरावली, मध्य अरावली, दक्षिणी अरावली, आबू पर्वतीय खंड |
| पूर्वी मैदानी प्रदेश | बनास बेसिन, चंबल बेसिन, बनगंगा बेसिन, छप्पन का मैदान (मध्य माही बेसिन) |
| दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (हाड़ौती) | विंध्यन कगार, दक्कन लावा पठार |
प्रमुख भौगोलिक स्थल एवं संस्थान
डूंगरपुर जिले में स्थित बेणेश्वर धाम माही, सोम और जाखम — तीन नदियों के संगम पर बना है; यहाँ माघ पूर्णिमा पर लगने वाला विशाल आदिवासी मेला 'आदिवासियों के कुंभ' के नाम से प्रसिद्ध है। जोधपुर में केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI) और शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (AFRI) जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएँ स्थित हैं, जो मरुस्थलीय पारिस्थितिकी पर शोध करती हैं।
राजस्थान की भौगोलिक बनावट का सीधा असर जनसंख्या वितरण पर भी पड़ता है — जनगणना 2011 के अनुसार राज्य की पुरुष साक्षरता दर लगभग 79.2% थी, जो महिला साक्षरता दर (लगभग 52.1%) से काफी अधिक थी। यह अंतर विशेष रूप से मरुस्थलीय व दुर्गम अरावली क्षेत्रों में शिक्षा तक पहुँच की चुनौतियों को दर्शाता है।
जलवायु और प्रमुख जल-निकाय
राजस्थान की जलवायु पश्चिम में शुष्क मरुस्थलीय से लेकर पूर्व व दक्षिण-पूर्व में अर्ध-शुष्क व उप-आर्द्र तक बदलती है। पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्र में गर्मियों में तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है — जोधपुर ज़िले के फलौदी क़स्बे में 19 मई 2016 को 51 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ था, जो उस समय तक भारत का सर्वाधिक दर्ज तापमान माना गया। इसके विपरीत माउंट आबू क्षेत्र (गुरु शिखर के आसपास) की ऊँचाई के कारण यहाँ राज्य में सबसे ठंडी व सुहावनी जलवायु रहती है।
जयपुर, नागौर व अजमेर ज़िलों की सीमा पर स्थित सांभर झील भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील है, जो सदियों से नमक उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश में ऐसी कई खारे पानी की झीलें (जैसे पचपदरा, डीडवाना) मिलती हैं, जबकि पूर्वी मैदानी व अरावली क्षेत्र में मीठे पानी की झीलें व नदियाँ (जैसे बनास, चंबल) अधिक पाई जाती हैं।
राज्य की सीमाएँ और वनस्पति
क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है और इसकी पश्चिमी सीमा पाकिस्तान से लगती है (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर व श्रीगंगानगर ज़िलों से होकर)। इसके अतिरिक्त राज्य की सीमाएँ पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व गुजरात — पाँच भारतीय राज्यों से मिलती हैं। इतने बड़े और विविध भू-भाग के कारण राज्य के भीतर ही जलवायु व वनस्पति में भारी भिन्नता देखने को मिलती है।
पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश में कँटीली झाड़ियाँ व मरुस्थलीय वनस्पति (जैसे खेजड़ी, बबूल) प्रमुख हैं, जबकि अरावली की ऊँची ढलानों व दक्षिण-पूर्वी हाड़ौती पठार में अपेक्षाकृत सघन पर्णपाती वन पाए जाते हैं। यही कारण है कि सरिस्का व रणथंभौर जैसे बाघ अभयारण्य राज्य के पूर्वी-अरावली भाग में स्थित हैं, न कि पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्र में।
भौतिक प्रदेशों की यह विविधता राजस्थान की आर्थिक गतिविधियों को भी आकार देती है — पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश पशुपालन व सीमित वर्षा-आधारित खेती के लिए जाना जाता है, अरावली क्षेत्र खनिज (संगमरमर, तांबा) व पर्यटन के लिए, पूर्वी मैदान गहन कृषि के लिए, और हाड़ौती पठार सोयाबीन व अफीम जैसी विशेष फसलों के लिए प्रसिद्ध है। इसलिए REET में भौतिक प्रदेश को केवल भूगोल तक सीमित न रखकर वहाँ की अर्थव्यवस्था से भी जोड़कर समझना उपयोगी रहता है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
राजस्थान के रिक्त मानचित्र पर छात्रों से चारों भौतिक प्रदेशों को अलग-अलग रंगों से भरवाएँ और अपने ज़िले को सही प्रदेश में चिह्नित करवाएँ।
शिक्षण सहायक सामग्री
अरावली पर्वतमाला की दिशा और ऊँचाई दिखाता भू-आकृतिक (relief) मॉडल या 3D मानचित्र कक्षा में उपयोगी रहता है।
सामान्य भ्रांति
छात्र अक्सर मान लेते हैं कि पूरा राजस्थान रेगिस्तान है, जबकि वास्तव में केवल पश्चिमी भाग मरुस्थलीय है; पूर्वी मैदान और हाड़ौती पठार अपेक्षाकृत उपजाऊ व हरे-भरे हैं।
आकलन विचार
छात्रों से पूछें कि उनका अपना गाँव/शहर किस भौतिक प्रदेश में आता है और वहाँ की मिट्टी व वर्षा की स्थिति कैसी है।
याद रखने की ट्रिक
चार प्रदेशों को दिशा-क्रम में याद रखें — 'पश्चिम में मरुस्थल, बीच में अरावली, पूर्व में मैदान, दक्षिण-पूर्व में हाड़ौती पठार'। गुरु शिखर की ऊँचाई (1,722 मीटर) को माउंट आबू से जोड़कर याद रखें।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 116
केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान तथा शुष्क वन अनुसंधान संस्थान कहाँ स्थित है ?
- Aबीकानेर
- Bजोधपुर
- Cजैसलमेर
- Dनागौर
व्याख्या
केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI – ICAR के अंतर्गत) और शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (AFRI – ICFRE के अंतर्गत) दोनों जोधपुर (राजस्थान) में स्थित हैं। बीकानेर में राष्ट्रीय ऊष्ट्र अनुसंधान केन्द्र है, जिससे भ्रम हो सकता है।
प्रश्न 106
जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान में पुरुष साक्षरता दर थी
- A52.1 %
- B67.06 %
- C79.2%
- D89%
व्याख्या
जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान की पुरुष साक्षरता दर लगभग 79.2% (79.19%) थी। राज्य की कुल साक्षरता दर लगभग 66.1% तथा महिला साक्षरता दर लगभग 52.1% थी; इसलिए विकल्प 52.1% महिला साक्षरता से भ्रमित करने वाला है।
प्रश्न 139
बेणेश्वर धाम स्थित है
- Aमाही, सोम व जाखम के संगम पर
- Bमाही, बनास व सोम के संगम पर
- Cबनास, सोम व जाखम के संगम पर
- Dबनास, माही व जाखम के संगम पर
व्याख्या
बेणेश्वर धाम डूंगरपुर जिले में माही, सोम और जाखम नदियों के संगम पर स्थित है। यहाँ माघ पूर्णिमा पर विशाल आदिवासी मेला लगता है, जिसे ‘आदिवासियों का कुंभ’ कहा जाता है; यह स्थान संत मावजी से भी जुड़ा है। बनास नदी इस संगम में शामिल नहीं है।
प्रश्न 144एक से अधिक उत्तर मान्य
अरावली पर्वतमाला की दिशा है
- Aदक्षिण-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व
- Bदक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व
- Cउत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व
- Dउत्तर पूर्व से दक्षिण-पश्चिम
व्याख्या
अरावली पर्वतमाला गुजरात (पालनपुर) से दिल्ली तक दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा में फैली है। विकल्प (B) ‘दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व’ और विकल्प (D) ‘उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम’ एक ही रेखा को अलग-अलग सिरे से बताते हैं, इसलिए आधिकारिक कुंजी ने दोनों को सही माना है। विकल्प (A) और (C) अरावली की दिशा से मेल नहीं खाते।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
राजस्थान की सबसे ऊँची चोटी कौन-सी है?
- Aसज्जनगढ़
- Bगुरु शिखर
- Cजरगा पहाड़ी
- Dअचलगढ़
व्याख्या
गुरु शिखर (माउंट आबू, सिरोही) राजस्थान और अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी है, ऊँचाई 1,722 मीटर।
प्रश्न 2
राजस्थान को भौतिक दृष्टि से कितने प्रमुख प्रदेशों में बाँटा जाता है?
- Aदो
- Bतीन
- Cचार
- Dछह
व्याख्या
राजस्थान को पश्चिमी मरुस्थलीय, अरावली पर्वतीय, पूर्वी मैदानी और दक्षिण-पूर्वी पठारी — चार भौतिक प्रदेशों में बाँटा जाता है।
प्रश्न 3
गुरु शिखर किस ज़िले में स्थित है?
- Aउदयपुर
- Bसिरोही
- Cपाली
- Dजालौर
व्याख्या
गुरु शिखर माउंट आबू में, सिरोही ज़िले में स्थित है।
प्रश्न 4
हाड़ौती का पठार राजस्थान के किस भौतिक प्रदेश का हिस्सा है?
- Aपश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश
- Bअरावली पर्वतीय प्रदेश
- Cपूर्वी मैदानी प्रदेश
- Dदक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश
व्याख्या
हाड़ौती का पठार दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश का हिस्सा है, जिसमें विंध्यन कगार व दक्कन लावा पठार शामिल हैं।
प्रश्न 5
अरावली पर्वतमाला किस दिशा में विस्तृत है?
- Aउत्तर-दक्षिण
- Bपूर्व-पश्चिम
- Cदक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व
- Dउत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व
व्याख्या
अरावली पर्वतमाला गुजरात की ओर से दिल्ली तक दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा में फैली है।
प्रश्न 6
बेणेश्वर धाम किस ज़िले में स्थित है?
- Aबांसवाड़ा
- Bडूंगरपुर
- Cउदयपुर
- Dप्रतापगढ़
व्याख्या
बेणेश्वर धाम डूंगरपुर ज़िले में माही, सोम व जाखम नदियों के संगम पर स्थित है।
प्रश्न 7
केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI) कहाँ स्थित है?
- Aबीकानेर
- Bजोधपुर
- Cजैसलमेर
- Dनागौर
व्याख्या
CAZRI और शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (AFRI) दोनों जोधपुर में स्थित हैं।
प्रश्न 8
पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश में रेतीले व बज़री क्षेत्रों का विभाजन किस आधार पर किया जाता है?
- Aतापमान रेखा
- B25 सेमी वर्षा रेखा
- Cऊँचाई रेखा
- Dजनसंख्या घनत्व
व्याख्या
25 सेमी वार्षिक वर्षा रेखा के आधार पर पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश को रेतीले (टीलों वाले) व बज़री (टीला-रहित) क्षेत्रों में बाँटा जाता है।
प्रश्न 9
राजस्थान के भौतिक प्रदेशों को कक्षा में पढ़ाते समय सबसे उपयुक्त शिक्षण सहायक सामग्री कौन-सी है?
- Aकेवल मौखिक व्याख्यान
- Bराज्य का भौतिक/उच्चावच मानचित्र या मॉडल
- Cकेवल पाठ्यपुस्तक का पाठ पढ़ना
- Dकोई सामग्री उपयोग न करना
व्याख्या
भौगोलिक अवधारणाओं (उच्चावच, दिशा) को समझाने के लिए दृश्य सामग्री (मानचित्र/मॉडल) मौखिक व्याख्यान से कहीं अधिक प्रभावी होती है।
प्रश्न 10
यदि छात्र पूरे राजस्थान को रेगिस्तान समझने की भ्रांति रखते हैं, तो शिक्षक इसे कैसे सुधार सकता है?
- Aभ्रांति को अनदेखा करना
- Bचारों भौतिक प्रदेशों का तुलनात्मक मानचित्र दिखाकर स्पष्ट करना
- Cछात्र को डाँटना
- Dविषय आगे न बढ़ाना
व्याख्या
तुलनात्मक दृश्य सामग्री से छात्र स्वयं देख पाते हैं कि राज्य का केवल पश्चिमी भाग मरुस्थलीय है, शेष भाग भिन्न भौगोलिक विशेषताओं वाला है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान को कितने भौतिक प्रदेशों में बाँटा गया है?+
मुख्यतः चार — पश्चिमी मरुस्थलीय, अरावली पर्वतीय, पूर्वी मैदानी और दक्षिण-पूर्वी पठारी (हाड़ौती) प्रदेश।
राजस्थान की सबसे ऊँची चोटी कौन-सी है?+
गुरु शिखर (माउंट आबू, सिरोही ज़िला), ऊँचाई 1,722 मीटर।
अरावली पर्वतमाला किस दिशा में फैली है?+
दक्षिण-पश्चिम (गुजरात की ओर) से उत्तर-पूर्व (दिल्ली की ओर)।
हाड़ौती का पठार किन जिलों में फैला है?+
मुख्यतः कोटा, बूँदी, झालावाड़ और बाराँ जिलों में।
बेणेश्वर धाम किन नदियों के संगम पर स्थित है?+
माही, सोम और जाखम नदियों के संगम पर, डूंगरपुर ज़िले में।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए