भारत एवं राजस्थान के खनिज और उद्योग (Minerals & Industries)
इस पेज में खनिजों का वर्गीकरण, भारत के प्रमुख खनिज क्षेत्र, उद्योगों के प्रकार, इस्पात और सीमेंट उद्योग तथा राजस्थान के खनिज-उद्योग परिदृश्य को परीक्षा की दृष्टि से संक्षेप में दिया गया है। REET 2024 में इस टॉपिक से 6 प्रश्न आए और उनमें से 4 सीधे राजस्थान से थे, इसलिए राजस्थान वाला भाग विशेष ध्यान से पढ़ें।
- REET 2024 में 6 प्रश्न
- कक्षा 6–8 व RBSE स्तर
- 7 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में इस टॉपिक से 6 प्रश्न आए: धात्विक खनिजों का सही समूह (लौह, तांबा, सीसा), राउरकेला इस्पात संयंत्र में सहयोगी देश (जर्मनी), और चार प्रश्न राजस्थान पर — प्रथम सीमेंट कारखाना (लाखेरी), सीमेंट उद्योग के लिए सबसे अनुकूल जिला (चित्तौड़गढ़), प्रमुख जिप्सम उत्पादक जिला (बीकानेर) और कमलीताल-रागेश्वरी का संबंध (खनिज तेल व प्राकृतिक गैस)। प्रश्न एक-पंक्ति तथ्य वाले हैं; वर्गीकरण और 'कौन-सा खनिज/उद्योग कहाँ' की जोड़ियाँ याद हों तो ये सबसे आसान अंक हैं।
खनिजों का वर्गीकरण
| वर्ग | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| धात्विक — लौह (Ferrous) | जिनमें लोहा होता है; धात्विक खनिजों के कुल उत्पादन मूल्य का लगभग तीन-चौथाई | लौह अयस्क, मैंगनीज़, निकिल, कोबाल्ट |
| धात्विक — अलौह (Non-ferrous) | जिनमें लोहा नहीं होता, पर धातु प्राप्त होती है | तांबा, बॉक्साइट, सीसा, जस्ता, सोना |
| अधात्विक (Non-metallic) | इनसे धातु प्राप्त नहीं होती | अभ्रक (माइका), चूना-पत्थर, जिप्सम, पोटाश, रॉक फॉस्फेट |
| ऊर्जा खनिज | ईंधन या ऊर्जा देने वाले | कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, यूरेनियम |
REET का जाल: अभ्रक और पोटाश अधात्विक हैं; जिस विकल्प में ये 'धात्विक' समूह में हों, वह गलत है।[स्रोत 1]
भारत के प्रमुख खनिज क्षेत्र
| खनिज | प्रमुख क्षेत्र (NCERT अनुसार) |
|---|---|
| लौह अयस्क | बैलाडीला पहाड़ियाँ (छत्तीसगढ़) — उच्च कोटि का हेमेटाइट; कुद्रेमुख (कर्नाटक) |
| अभ्रक | कोडरमा–गया–हज़ारीबाग पेटी (झारखंड) प्रमुख; राजस्थान में अजमेर के आसपास का क्षेत्र (राज्य-स्तर पर भीलवाड़ा भी प्रमुख) |
| बॉक्साइट | ओडिशा — कोरापुट ज़िले के पंचपटमाली निक्षेप |
| तांबा | खेतड़ी खदानें (राजस्थान), बालाघाट (मध्य प्रदेश), सिंहभूम (झारखंड) |
| कोयला | गोंडवाना कोयला — झरिया, रानीगंज; लिग्नाइट — नेवेली (तमिलनाडु) |
| पेट्रोलियम | मुंबई हाई (अपतटीय), डिगबोई (असम), गुजरात का अंकलेश्वर |
उद्योगों के प्रकार और प्रमुख उद्योग
कच्चे माल के आधार पर उद्योग दो प्रकार के हैं — कृषि आधारित (सूती वस्त्र, चीनी, खाद्य तेल) और खनिज आधारित (लोहा-इस्पात, सीमेंट, एल्युमिनियम)। स्वामित्व के आधार पर: सार्वजनिक क्षेत्र (BHEL, SAIL), निजी क्षेत्र (TISCO, बजाज ऑटो), संयुक्त क्षेत्र (ऑयल इंडिया लि.) और सहकारी क्षेत्र (महाराष्ट्र के चीनी उद्योग, केरल का कॉयर उद्योग)। NCERT के अनुसार भारत की पहली सफल सूती मिल 1854 में मुंबई में, पहली जूट मिल 1855 में कोलकाता के पास रिशरा में और पहला सीमेंट संयंत्र 1904 में चेन्नई में लगा।
लोहा-इस्पात उद्योग को 'आधारभूत उद्योग' कहा जाता है क्योंकि अन्य सभी भारी, मध्यम और हल्के उद्योग इसके उत्पादों पर निर्भर हैं। अधिकांश संयंत्र छोटानागपुर पठार क्षेत्र में केंद्रित हैं, जहाँ लौह अयस्क, कोयला और चूना-पत्थर पास-पास मिलते हैं। सीमेंट उद्योग के मुख्य कच्चे माल चूना-पत्थर, सिलिका और जिप्सम हैं; इसके साथ कोयला, बिजली और रेल परिवहन भी चाहिए — इसलिए सीमेंट कारखाने प्रायः चूना-पत्थर की खानों के पास लगते हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्र और विदेशी सहयोग
| संयंत्र | राज्य | सहयोगी देश |
|---|---|---|
| भिलाई | छत्तीसगढ़ | सोवियत संघ (USSR/रूस) |
| राउरकेला | ओडिशा | जर्मनी |
| दुर्गापुर | पश्चिम बंगाल | ब्रिटेन (UK) |
| बोकारो | झारखंड | सोवियत संघ (USSR/रूस) |
ट्रिक: 'रा-ज, दु-ब्रि, भि-बो रूस' — राउरकेला-जर्मनी, दुर्गापुर-ब्रिटेन, भिलाई-बोकारो-रूस।
राजस्थान: खनिज एवं उद्योग — परीक्षा तथ्य
- सीसा-जस्ता
- FY 2022 में देश का पूरा सीसा व जस्ता सांद्र उत्पादन राजस्थान से; प्रमुख खदानें ज़ावर (उदयपुर क्षेत्र) और रामपुरा-आगूचा (भीलवाड़ा)[स्रोत 3]
- तांबा
- खेतड़ी (झुंझुनूं); FY 2022 में देश के तांबा सांद्र उत्पादन का 43.1%[स्रोत 3]
- रॉक फॉस्फेट
- FY 2022 में देश के कुल उत्पादन का लगभग 92%; प्रमुख खदान झामरकोटड़ा (उदयपुर)[स्रोत 3]
- जिप्सम
- देश के कुल जिप्सम भंडार का लगभग 92% राजस्थान में — बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर, नागौर क्षेत्र; REET में प्रमुख उत्पादक जिला: बीकानेर[स्रोत 4]
- अभ्रक
- भीलवाड़ा और अजमेर क्षेत्र प्रमुख
- संगमरमर
- राजस्थान देश का सबसे बड़ा उत्पादक; मकराना का सफ़ेद संगमरमर प्रसिद्ध[स्रोत 3]
- खनिज तेल व गैस
- बाड़मेर बेसिन में मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या आदि तेल क्षेत्र और रागेश्वरी (Raageshwari) गैस क्षेत्र; जैसलमेर बेसिन (जैसे तनोट) में प्राकृतिक गैस। REET 2024 में कमलीताल-रागेश्वरी को खनिज तेल व प्राकृतिक गैस से जोड़ा गया
- प्रथम सीमेंट कारखाना
- लाखेरी (बूँदी) — 1913 में स्थापित; देश के सबसे पुराने सीमेंट संयंत्रों में से एक
- सीमेंट के लिए सर्वाधिक अनुकूल
- चित्तौड़गढ़ ज़िला — चूना-पत्थर के विशाल भंडार; निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ में बड़े संयंत्र
उद्योगों की अवस्थिति और खनिज संरक्षण
कोई उद्योग कहाँ लगेगा, यह कई कारकों पर निर्भर करता है — कच्चे माल की उपलब्धता, ऊर्जा (कोयला, बिजली), परिवहन, पानी, श्रमिक, पूँजी और बाज़ार। जिन उद्योगों में कच्चा माल भारी होता है और उत्पादन के दौरान उसका वज़न काफ़ी घट जाता है, जैसे लोहा-इस्पात और सीमेंट, वे प्रायः कच्चे माल के स्रोत के पास लगते हैं। यही कारण है कि छोटानागपुर पठार में इस्पात संयंत्र और राजस्थान में चूना-पत्थर वाले चित्तौड़गढ़, बूँदी जैसे ज़िलों में सीमेंट कारखाने केंद्रित हैं।
खनिज अनवीकरणीय (non-renewable) संसाधन हैं — इनके बनने में लाखों वर्ष लगते हैं, जबकि उपयोग बहुत तेज़ी से होता है। इसलिए इनका संरक्षण ज़रूरी है: धातुओं का पुनर्चक्रण (recycling), रद्दी धातु (scrap) का उपयोग, बेहतर तकनीक से खनन में बर्बादी कम करना और विकल्पों का प्रयोग। खनन से भूमि-क्षरण, धूल प्रदूषण और खनिकों के स्वास्थ्य पर प्रभाव जैसी समस्याएँ भी होती हैं, इसलिए खनन के बाद भूमि का पुनर्भरण और हरियाली विकसित करना भी संरक्षण का हिस्सा है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि (कक्षा 8)
'खनिज पहचानो' कोना: चॉक (कैल्शियम यौगिक — जिप्सम/चूना-पत्थर आधारित), पुराना तांबे का तार, पेंसिल की सीसी (ग्रेफाइट), अभ्रक की परत, प्लास्टर ऑफ पेरिस (जिप्सम से) जैसे नमूने रखें। विद्यार्थी हर वस्तु को धात्विक/अधात्विक में छाँटें और बताएँ कि उसका खनिज राजस्थान में कहाँ मिलता है।
शिक्षण सामग्री
भारत और राजस्थान का रिक्त मानचित्र — विद्यार्थी अलग रंगों के स्टिकर से खनिज क्षेत्र (खेतड़ी, ज़ावर, बैलाडीला) और इस्पात संयंत्र (भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर, बोकारो) चिपकाएँ। इससे 'स्थान–खनिज' की जोड़ी दृश्य स्मृति में बैठती है।
आम भ्रांतियाँ
बच्चे मानते हैं कि हर चमकदार खनिज धात्विक है (अभ्रक चमकदार होते हुए भी अधात्विक है) और कि 'सीसा' का अर्थ काँच है — स्पष्ट करें कि सीसा (Lead) एक धातु है और पेंसिल की 'लेड' वास्तव में ग्रेफाइट है। यह भी बताएँ कि खनिज सीमित और अनवीकरणीय हैं।
आकलन का तरीका
स्थानीय परियोजना: 'हमारे ज़िले में कौन-सा खनिज/उद्योग है और उससे रोज़गार व पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है?' — समूह रिपोर्ट व मानचित्र के साथ। साथ में 'मिलान करो' प्रश्न (संयंत्र–देश, खनिज–जिला)।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
राजस्थान के सीमेंट प्रश्नों में दो उत्तर अलग-अलग याद रखें: 'पहला' पूछें तो लाखेरी (बूँदी), 'सबसे अनुकूल/सर्वाधिक कारखाने' पूछें तो चित्तौड़गढ़ — क्योंकि वहाँ चूना-पत्थर सबसे ज़्यादा है। कारण वाला विकल्प (चूना-पत्थर की उपलब्धता) हमेशा उत्तर तक पहुँचा देता है।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 127
राजस्थान में कमलीताल तथा राजेश्वरी ____________ से सम्बन्धित है ।
- Aकोयला
- Bखनिज तेल व प्राकृतिक गैस
- Cपरमाणु ऊर्जा
- Dतांबा
व्याख्या
राजस्थान की पाठ्यपुस्तक के अनुसार कमलीताल, रागेश्वरी (राजेश्वरी), तनोट आदि क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस के भंडार मिलते हैं। रागेश्वरी क्षेत्र बाड़मेर बेसिन में है, जहाँ मंगला, ऐश्वर्या आदि तेल क्षेत्र भी हैं। इसलिए इनका सम्बंध खनिज तेल व प्राकृतिक गैस से है और सही उत्तर (B) है।
प्रश्न 140
धात्विक खनिजों का सही समूह है
- Aलौहा, तांबा, अभ्रक
- Bअभ्रक, पोटाश, लौहा
- Cलौहा, तांबा, सीसा
- Dलौहा, तांबा, पोटाश
व्याख्या
लौह, तांबा और सीसा धात्विक खनिज हैं, जिनसे धातुएँ प्राप्त होती हैं। अभ्रक (mica) और पोटाश अधात्विक खनिज हैं, इसलिए जिन समूहों में ये हैं (A, B, D) वे गलत हैं। अतः सही समूह (C) है।
प्रश्न 149
राजस्थान में प्रथम सीमेंट कारखाना कहाँ स्थापित हुआ था ?
- Aलाखेरी
- Bब्यावर
- Cनिम्बाहेड़ा
- Dचित्तोड़गढ
व्याख्या
राजस्थान का पहला सीमेंट कारखाना बूंदी जिले के लाखेरी में ACC द्वारा स्थापित हुआ था; स्रोतों में इसकी स्थापना लगभग 1915 और उत्पादन 1917 से बताया जाता है। निम्बाहेड़ा और चित्तौड़गढ़ बाद में सीमेंट उद्योग के प्रमुख केन्द्र बने। अतः सही उत्तर (A) लाखेरी है।
प्रश्न 91
राजस्थान का प्रमुख जिप्सम उत्पादक जिला है
- Aभीलवाड़ा
- Bउदयपुर
- Cअजमेर
- Dबीकानेर
व्याख्या
राजस्थान जिप्सम उत्पादन में देश में अग्रणी है और इसके प्रमुख उत्पादक जिलों में नागौर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर आते हैं। दिए गए विकल्पों में केवल बीकानेर ही प्रमुख जिप्सम क्षेत्र है (जैसे जामसर क्षेत्र)। भीलवाड़ा, उदयपुर और अजमेर मुख्य रूप से अन्य खनिजों (जैसे अभ्रक, सीसा-जस्ता, फेल्सपार) के लिए जाने जाते हैं।
प्रश्न 102
राउरकेला इस्पात संयंत्र किस देश की सहायता से स्थापित किया गया था ?
- Aअमेरिका
- Bरूस
- Cब्रिटेन
- Dजर्मनी
व्याख्या
ओडिशा का राउरकेला इस्पात संयंत्र द्वितीय पंचवर्षीय योजना के दौरान तत्कालीन पश्चिम जर्मनी के सहयोग से स्थापित किया गया था। भिलाई (छत्तीसगढ़) और बोकारो (झारखंड) संयंत्र सोवियत रूस के सहयोग से, जबकि दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) संयंत्र ब्रिटेन के सहयोग से स्थापित हुए।
प्रश्न 150
राजस्थान में सीमेंट उद्योग के लिए सर्वाधिक अनुकूल परिस्थितियाँ पाई जाती है
- Aचित्तौड़गढ़ में
- Bजयपुर में
- Cअलवर में
- Dबाड़मेर में
व्याख्या
सीमेंट उद्योग के लिए चूना पत्थर मुख्य कच्चा माल है, और राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले में उच्च गुणवत्ता वाले चूना पत्थर के विशाल भंडार हैं। इसी कारण चित्तौड़गढ़ (निम्बाहेड़ा, चंदेरिया आदि) में कई बड़े सीमेंट संयंत्र स्थापित हैं और यहाँ सीमेंट उद्योग के लिए सर्वाधिक अनुकूल परिस्थितियाँ मानी जाती हैं।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
निम्नलिखित में से कौन-सा अधात्विक खनिज है?
- Aबॉक्साइट
- Bमैंगनीज़
- Cजिप्सम
- Dजस्ता
व्याख्या
जिप्सम से धातु प्राप्त नहीं होती, इसलिए यह अधात्विक खनिज है और सीमेंट व उर्वरक में उपयोग होता है। बॉक्साइट (एल्युमिनियम), मैंगनीज़ और जस्ता धात्विक खनिज हैं।
प्रश्न 2
दुर्गापुर इस्पात संयंत्र किस देश के सहयोग से स्थापित किया गया?
- Aसोवियत संघ
- Bजर्मनी
- Cब्रिटेन
- Dजापान
व्याख्या
दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) ब्रिटेन के सहयोग से बना। भिलाई और बोकारो सोवियत संघ तथा राउरकेला जर्मनी के सहयोग से स्थापित हुए।
प्रश्न 3
खेतड़ी खदानें किस खनिज के लिए प्रसिद्ध हैं?
- Aतांबा
- Bसीसा-जस्ता
- Cरॉक फॉस्फेट
- Dअभ्रक
व्याख्या
झुंझुनूं ज़िले की खेतड़ी खदानें तांबे के लिए प्रसिद्ध हैं। सीसा-जस्ता के लिए ज़ावर और रामपुरा-आगूचा, रॉक फॉस्फेट के लिए झामरकोटड़ा तथा अभ्रक के लिए भीलवाड़ा-अजमेर क्षेत्र जाने जाते हैं।
प्रश्न 4
सुमेलित कीजिए — (a) ज़ावर (b) झामरकोटड़ा (c) मकराना (d) खेतड़ी ; (1) संगमरमर (2) तांबा (3) सीसा-जस्ता (4) रॉक फॉस्फेट
- Aa-3, b-4, c-1, d-2
- Ba-4, b-3, c-1, d-2
- Ca-3, b-4, c-2, d-1
- Da-2, b-1, c-4, d-3
व्याख्या
ज़ावर (उदयपुर क्षेत्र) — सीसा-जस्ता, झामरकोटड़ा (उदयपुर) — रॉक फॉस्फेट, मकराना — संगमरमर और खेतड़ी — तांबा। अतः सही सुमेल a-3, b-4, c-1, d-2 है।
प्रश्न 5
सीमेंट उद्योग के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा प्रमुख कच्चा माल नहीं है?
- Aचूना-पत्थर
- Bजिप्सम
- Cसिलिका
- Dबॉक्साइट
व्याख्या
NCERT के अनुसार सीमेंट के मुख्य कच्चे माल चूना-पत्थर, सिलिका और जिप्सम हैं। बॉक्साइट एल्युमिनियम उद्योग का कच्चा माल है।
प्रश्न 6
स्वामित्व के आधार पर 'ऑयल इंडिया लिमिटेड' किस क्षेत्र का उद्योग है?
- Aसार्वजनिक क्षेत्र
- Bनिजी क्षेत्र
- Cसंयुक्त क्षेत्र
- Dसहकारी क्षेत्र
व्याख्या
NCERT कक्षा 10 में ऑयल इंडिया लि. को संयुक्त क्षेत्र का उदाहरण बताया गया है, जहाँ सरकार और निजी पक्ष दोनों की भागीदारी होती है। SAIL सार्वजनिक, TISCO निजी और महाराष्ट्र के चीनी कारखाने सहकारी क्षेत्र के उदाहरण हैं।
प्रश्न 7
राजस्थान का बाड़मेर बेसिन मुख्य रूप से किसके लिए जाना जाता है?
- Aकोयला
- Bखनिज तेल व प्राकृतिक गैस
- Cलौह अयस्क
- Dबॉक्साइट
व्याख्या
बाड़मेर बेसिन में मंगला, ऐश्वर्या जैसे तेल क्षेत्र हैं और रागेश्वरी जैसे क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस मिलती है। अन्य विकल्प इस बेसिन की पहचान नहीं हैं।
प्रश्न 8
लोहा-इस्पात उद्योग को 'आधारभूत उद्योग' क्यों कहा जाता है?
- Aयह केवल गाँवों में लगता है
- Bअन्य सभी भारी, मध्यम और हल्के उद्योग इसके उत्पादों पर निर्भर हैं
- Cइसमें कच्चे माल की आवश्यकता नहीं होती
- Dयह केवल कृषि उत्पादों पर आधारित है
व्याख्या
मशीनें, औज़ार, वाहन, भवन-निर्माण आदि सब इस्पात पर निर्भर हैं, इसलिए यह आधारभूत उद्योग है। यह खनिज आधारित उद्योग है, कृषि आधारित नहीं।
प्रश्न 9
कक्षा 8 का एक विद्यार्थी कहता है, 'अभ्रक चमकदार है, इसलिए यह धात्विक खनिज है।' शिक्षक के लिए सबसे उपयुक्त प्रतिक्रिया क्या है?
- Aविद्यार्थी को गलत कहकर अगला प्रश्न पूछना
- Bखनिज वर्गीकरण की परिभाषा रटने को कहना
- Cनमूने दिखाकर चर्चा कराना कि धात्विक खनिज की पहचान उससे धातु मिलने से होती है, चमक से नहीं
- Dउत्तर को सही मान लेना ताकि विद्यार्थी हतोत्साहित न हो
व्याख्या
भ्रांति को नमूनों और चर्चा से दूर करना रचनावादी और प्रभावी तरीका है — विद्यार्थी स्वयं समझता है कि वर्गीकरण का आधार धातु प्राप्त होना है। गलत उत्तर को स्वीकारना या केवल रटवाना भ्रांति को नहीं मिटाता।
प्रश्न 10
भारत के खनिज संसाधन पढ़ाते समय 'स्थान–खनिज' की जोड़ियाँ स्थायी रूप से याद कराने के लिए सबसे प्रभावी शिक्षण सहायक सामग्री है—
- Aकेवल पाठ्यपुस्तक का पठन
- Bविद्यार्थियों द्वारा रिक्त मानचित्र पर खनिज क्षेत्र अंकित करना
- Cश्रुतलेख (डिक्टेशन)
- Dरेडियो कार्यक्रम
व्याख्या
खनिज वितरण स्थानिक (spatial) जानकारी है, इसलिए रिक्त मानचित्र पर स्वयं अंकन करने से दृश्य स्मृति और सक्रिय भागीदारी दोनों बढ़ती हैं। पठन, श्रुतलेख या रेडियो में स्थानिक संबंध स्पष्ट नहीं होता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
धात्विक और अधात्विक खनिज में क्या अंतर है?+
धात्विक खनिजों (लौह अयस्क, तांबा, सीसा, बॉक्साइट) को गलाकर धातु प्राप्त की जाती है, जबकि अधात्विक खनिजों (अभ्रक, चूना-पत्थर, जिप्सम, पोटाश) से धातु नहीं मिलती।
राजस्थान में पहला सीमेंट कारखाना कहाँ लगा?+
बूँदी ज़िले के लाखेरी में, जो 1913 में स्थापित हुआ। भारत का पहला सीमेंट संयंत्र NCERT के अनुसार 1904 में चेन्नई में लगा था।
राउरकेला, भिलाई, दुर्गापुर और बोकारो किस देश की सहायता से बने?+
राउरकेला — जर्मनी; भिलाई और बोकारो — सोवियत संघ (रूस); दुर्गापुर — ब्रिटेन।
REET में खनिज एवं उद्योग से कितने प्रश्न आते हैं?+
संख्या तय नहीं है, पर REET 2024 में Level 2 सामाजिक अध्ययन की पालियों में इस टॉपिक से 6 प्रश्न आए, जिनमें से 4 राजस्थान के खनिज-उद्योग पर थे।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए