भारत की जलवायु एवं वनस्पति
भारत की जलवायु मानसूनी है और यहाँ की प्राकृतिक वनस्पति वर्षा व तापमान के अनुसार कई प्रकारों में बँटी है। REET में मानसून की ऋतुओं, स्थानीय पवनों (जैसे मावट) और वनस्पति के प्रकारों से सीधे तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं।
- REET 2024 में 1 प्रश्न
- कक्षा 6–8 स्तर
- 12 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में सीधा प्रश्न पूछा गया कि 'मावट' क्या है — सही उत्तर था 'शीत ऋतु की वर्षा'। यह दर्शाता है कि परीक्षा राजस्थान-विशिष्ट जलवायु शब्दावली (मावट, लू) और मानसून की ऋतुओं के बीच सीधा संबंध जोड़कर पूछती है — केवल परिभाषा नहीं, बल्कि यह भी कि वह वर्षा किस फसल के लिए लाभदायक है।
भारत में वर्ष की चार प्रमुख ऋतुएँ
| ऋतु | महीने | मुख्य विशेषता |
|---|---|---|
| शीत ऋतु (सर्दी) | दिसंबर – फरवरी | उत्तर भारत में ठंड; पश्चिमी विक्षोभों से उत्तर-पश्चिम भारत व राजस्थान में हल्की वर्षा ('मावट') |
| ग्रीष्म ऋतु (गर्मी) | मार्च – मई | उच्च तापमान; उत्तर-पश्चिम भारत में गर्म व शुष्क 'लू' पवनें चलती हैं |
| वर्षा ऋतु (दक्षिण-पश्चिम मानसून) | जून – सितंबर | देश की अधिकांश वर्षा इसी ऋतु में; अरब सागर व बंगाल की खाड़ी शाखाओं से मानसूनी पवनें आती हैं |
| मानसून-निवर्तन/शरद ऋतु | अक्टूबर – नवंबर | मानसून की वापसी; तमिलनाडु तट पर उत्तर-पूर्वी मानसून से वर्षा |
मावट — राजस्थान की शीतकालीन वर्षा
'मावट' शीत ऋतु में भूमध्यसागरीय क्षेत्र से उठने वाले पश्चिमी विक्षोभों (Western Disturbances) के कारण उत्तर-पश्चिम भारत व राजस्थान में होने वाली वर्षा को कहते हैं। यह वर्षा साधारणतः हल्की होती है, लेकिन रबी की फसलों — विशेषकर गेहूँ — के लिए बहुत लाभदायक मानी जाती है, क्योंकि यह फसल को नमी व ठंडक दोनों देती है।
इसके विपरीत, वर्षा ऋतु (जून-सितंबर) की वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून से होती है, जो खरीफ फसलों (जैसे बाजरा, ज्वार, कपास) के लिए ज़िम्मेदार होती है। मावट व मानसूनी वर्षा को गड्डमड्ड न करना REET में ज़रूरी है।
भारत की प्राकृतिक वनस्पति के प्रमुख प्रकार
| प्रकार | वर्षा की मात्रा | प्रमुख क्षेत्र | प्रमुख वृक्ष |
|---|---|---|---|
| उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन | 200 सेमी से अधिक | पश्चिमी घाट, पूर्वोत्तर पहाड़ियाँ, अंडमान-निकोबार | रोज़वुड, महोगनी, आबनूस (एबनी) |
| उष्णकटिबंधीय पर्णपाती (मानसूनी) वन | 70–200 सेमी | देश में सबसे अधिक विस्तृत — मध्य भारत, पूर्वी घाट | सागौन (टीक), साल, शीशम |
| कँटीले व झाड़ीदार वन | 50 सेमी से कम | राजस्थान, गुजरात, पंजाब-हरियाणा का शुष्क भाग | बबूल, बेर, खेजड़ी, जंगली खजूर |
| पर्वतीय वनस्पति | ऊँचाई पर निर्भर | हिमालय व पश्चिमी घाट/नीलगिरी | देवदार, चीड़, बुरांश (rhododendron) |
| ज्वारीय/मैंग्रोव वन | डेल्टा व तटीय क्षेत्र | सुंदरबन, अंडमान-निकोबार, कृष्णा-गोदावरी डेल्टा | लवण-सहिष्णु मैंग्रोव वृक्ष |
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
बच्चों से अपने आसपास मिलने वाले पेड़ों (जैसे राजस्थान में खेजड़ी, बबूल, बेर) की सूची बनवाकर पूछें कि ये किस प्रकार की वनस्पति (कँटीली/झाड़ीदार) में आते हैं — इससे पाठ्यपुस्तक का ज्ञान स्थानीय परिवेश से जुड़ता है।
शिक्षण सामग्री
ऋतुओं का चार्ट बनवाकर हर ऋतु में होने वाले कपड़े, फसल व त्योहार लिखवाएँ — इससे ऋतु-चक्र व कृषि-चक्र का संबंध स्पष्ट समझ आता है।
सामान्य भ्रांति
बच्चे अक्सर 'मावट' व 'मानसून की वर्षा' को एक ही मान लेते हैं — स्पष्ट करें कि दोनों अलग ऋतुओं (शीत व वर्षा) की वर्षा हैं और अलग-अलग कारणों (पश्चिमी विक्षोभ बनाम दक्षिण-पश्चिम मानसून) से होती हैं।
आकलन विचार
वनस्पति-प्रकार व वर्षा-मात्रा को जोड़ने वाली मिलान वर्कशीट (जैसे '200 सेमी से अधिक वर्षा = सदाबहार वन') देकर बच्चों की समझ जाँचें।
मानसून की प्रक्रिया — आगमन व वापसी
ग्रीष्म ऋतु में भारतीय उपमहाद्वीप की भूमि समुद्र की तुलना में तेज़ी से गर्म होती है, जिससे स्थल पर निम्न वायुदाब बनता है और हिंद महासागर से नम पवनें (दक्षिण-पश्चिम मानसून) भारत की ओर खिंचती हैं — यह पवनें अरब सागर व बंगाल की खाड़ी दो शाखाओं में बँटकर देश में प्रवेश करती हैं और सामान्यतः जून के पहले सप्ताह में केरल तट पर 'मानसून का फटना' (Monsoon Burst) होता है।
सितंबर के अंत तक स्थल ठंडा होने लगता है और वायुदाब की स्थिति उलट जाती है, जिससे मानसून धीरे-धीरे वापस लौटने (Retreating Monsoon) लगता है — यह प्रक्रिया अक्टूबर-नवंबर में होती है और इसी दौरान तमिलनाडु तट को उत्तर-पूर्वी मानसून से वर्षा मिलती है। यह पूरा मानसूनी चक्र भारत की कृषि, नदियों व वनस्पति सभी को सीधे प्रभावित करता है।
भारत में वर्षा का वितरण
| श्रेणी | वार्षिक वर्षा | प्रमुख क्षेत्र |
|---|---|---|
| अत्यधिक वर्षा | 400 सेमी से अधिक | पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय), पश्चिमी घाट का पवनाभिमुख ढाल |
| भारी वर्षा | 200–300 सेमी | पूर्वी भारत (पश्चिम बंगाल, ओडिशा), उप-हिमालयी क्षेत्र |
| मध्यम वर्षा | 100–200 सेमी | मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, पश्चिमी घाट का वृष्टि-छाया क्षेत्र |
| न्यून वर्षा | 50–100 सेमी | महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब-हरियाणा, पूर्वी राजस्थान |
| अत्यंत न्यून वर्षा (मरुस्थलीय) | 50 सेमी से कम | पश्चिमी राजस्थान (थार), कच्छ, लद्दाख (शीत मरुस्थल) |
राजस्थान अनूठा है क्योंकि यहाँ पूर्वी भाग में न्यून वर्षा (50-100 सेमी) व पश्चिमी भाग में अत्यंत न्यून वर्षा (50 सेमी से कम) दोनों मिलते हैं।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
'मावट = सर्दी + पश्चिमी विक्षोभ + गेहूँ (रबी)' — इस चार शब्दों की चेन से मावट का मौसम, कारण व फ़ायदा तीनों एक साथ याद रहेंगे। वनस्पति के लिए याद रखें: 'ज़्यादा बारिश = सदाबहार, मध्यम बारिश = पर्णपाती, कम बारिश = कँटीली'।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 108
मावट है
- Aग्रीष्म ऋतु की वर्षा
- Bवर्षा ऋतु की वर्षा
- Cशीत ऋतु की वर्षा
- Dशरद ऋतु की वर्षा
व्याख्या
शीत ऋतु में पश्चिमी विक्षोभों (western disturbances) के कारण राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत में होने वाली वर्षा को ‘मावट’ कहा जाता है। यह वर्षा रबी की फसलों, विशेषकर गेहूँ, के लिए अत्यंत लाभदायक होती है। वर्षा ऋतु की वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून से होती है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
'मावट' किस ऋतु की वर्षा है?
- Aग्रीष्म ऋतु
- Bवर्षा ऋतु
- Cशीत ऋतु
- Dशरद ऋतु
व्याख्या
मावट शीत ऋतु में पश्चिमी विक्षोभों के कारण होने वाली वर्षा है, जो उत्तर-पश्चिम भारत व राजस्थान में रबी फसल के लिए लाभदायक होती है।
प्रश्न 2
मावट किस फसल के लिए विशेष रूप से लाभदायक मानी जाती है?
- Aधान (चावल)
- Bगेहूँ
- Cकपास
- Dगन्ना
व्याख्या
मावट रबी की फसलों, विशेषकर गेहूँ, के लिए लाभदायक होती है क्योंकि यह फसल को आवश्यक नमी व ठंडक प्रदान करती है।
प्रश्न 3
भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून से वर्षा किन महीनों में होती है?
- Aदिसंबर-फरवरी
- Bमार्च-मई
- Cजून-सितंबर
- Dअक्टूबर-नवंबर
व्याख्या
दक्षिण-पश्चिम मानसून से भारत में अधिकांश वर्षा जून से सितंबर के बीच होती है, जिसे 'वर्षा ऋतु' कहा जाता है।
प्रश्न 4
उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन किस प्रकार की जलवायु में पाए जाते हैं?
- A200 सेमी से अधिक वर्षा वाली गर्म-नम जलवायु
- B50 सेमी से कम वर्षा वाली शुष्क जलवायु
- Cबर्फीली ध्रुवीय जलवायु
- Dअत्यधिक ठंडी पर्वतीय जलवायु
व्याख्या
उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन 200 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा व 22°C से अधिक औसत तापमान वाले गर्म-नम क्षेत्रों (जैसे पश्चिमी घाट) में पाए जाते हैं।
प्रश्न 5
राजस्थान के शुष्क भागों में मुख्यतः कौन-सी वनस्पति पाई जाती है?
- Aसदाबहार वन
- Bमैंग्रोव वन
- Cकँटीली व झाड़ीदार वनस्पति
- Dपर्वतीय वनस्पति
व्याख्या
राजस्थान के अधिकांश शुष्क भाग में 50 सेमी से कम वर्षा होने के कारण कँटीली व झाड़ीदार वनस्पति (बबूल, बेर, खेजड़ी) पाई जाती है।
प्रश्न 6
मैंग्रोव (ज्वारीय) वन भारत में मुख्यतः कहाँ पाए जाते हैं?
- Aथार मरुस्थल में
- Bहिमालय की ऊँची चोटियों पर
- Cसुंदरबन व डेल्टा क्षेत्रों में
- Dदक्कन के पठार में
व्याख्या
मैंग्रोव वन तटीय व डेल्टा क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जैसे सुंदरबन, अंडमान-निकोबार व कृष्णा-गोदावरी डेल्टा, जहाँ खारे व मीठे पानी का मिश्रण होता है।
प्रश्न 7
भारत का सबसे अधिक विस्तृत प्राकृतिक वनस्पति प्रकार कौन-सा है?
- Aउष्णकटिबंधीय सदाबहार वन
- Bउष्णकटिबंधीय पर्णपाती (मानसूनी) वन
- Cकँटीली वनस्पति
- Dपर्वतीय वनस्पति
व्याख्या
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती (मानसूनी) वन भारत में सबसे अधिक विस्तृत हैं, जो 70-200 सेमी वर्षा वाले मध्य भारत के बड़े हिस्से में फैले हैं; सागौन व साल इनके प्रमुख वृक्ष हैं।
प्रश्न 8
मावट किस प्राकृतिक कारक से उत्पन्न होती है?
- Aदक्षिण-पश्चिम मानसून
- Bपश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
- Cउत्तर-पूर्वी मानसून
- Dचक्रवात (साइक्लोन)
व्याख्या
मावट भूमध्यसागरीय क्षेत्र से उठने वाले पश्चिमी विक्षोभों के कारण शीत ऋतु में उत्तर-पश्चिम भारत में होती है, जबकि वर्षा ऋतु की वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून से होती है।
प्रश्न 9
एक शिक्षक कक्षा 7 के बच्चों से गाँव में मिलने वाले पेड़ों (खेजड़ी, बबूल, बेर) की सूची बनवाकर पूछता है कि ये किस वनस्पति-प्रकार में आते हैं। यह गतिविधि सीखने में सबसे अधिक किस चीज़ की मदद करती है?
- Aरटने की क्षमता
- Bपाठ्यपुस्तक के ज्ञान को स्थानीय परिवेश से जोड़ना
- Cगणितीय गणना
- Dपरीक्षा का समय बचाना
व्याख्या
स्थानीय उदाहरणों (गाँव के पेड़ों) से पाठ्यपुस्तक की अवधारणा (वनस्पति के प्रकार) को जोड़ना बच्चों की समझ को गहरा व स्थायी बनाता है — यह अनुभव-आधारित शिक्षण का मूल सिद्धांत है।
प्रश्न 10
उत्तर-पश्चिम भारत में ग्रीष्म ऋतु में चलने वाली गर्म व शुष्क पवन को क्या कहते हैं?
- Aमावट
- Bलू
- Cमानसून
- Dव्यापारिक पवन
व्याख्या
'लू' उत्तर-पश्चिम भारत में मार्च से मई के बीच चलने वाली गर्म व शुष्क पवन है; इसे मावट (शीत ऋतु की वर्षा) से भ्रमित नहीं करना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत की जलवायु व वनस्पति से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से 1 प्रश्न पूछा गया था; भूगोल खंड में जलवायु व वनस्पति के प्रकार लगभग हर वर्ष पूछे जाते हैं।
मावट क्या है?+
मावट शीत ऋतु में पश्चिमी विक्षोभों के कारण उत्तर-पश्चिम भारत व राजस्थान में होने वाली वर्षा है, जो रबी की फसल (विशेषकर गेहूँ) के लिए लाभदायक होती है।
भारत में मानसून की वर्षा किस ऋतु में होती है?+
भारत में अधिकांश वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून से जून से सितंबर के बीच 'वर्षा ऋतु' में होती है।
राजस्थान में मुख्यतः किस प्रकार की वनस्पति पाई जाती है?+
राजस्थान के अधिकांश शुष्क भाग में कँटीली व झाड़ीदार वनस्पति (बबूल, बेर, खेजड़ी) पाई जाती है, क्योंकि यहाँ वर्षा 50 सेमी से कम होती है।
भारत का सबसे अधिक विस्तृत वन-प्रकार कौन-सा है?+
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती (मानसूनी) वन भारत में सबसे अधिक विस्तृत हैं, जो 70-200 सेमी वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
मानसून के 'फटने' (Monsoon Burst) से क्या तात्पर्य है?+
जून के पहले सप्ताह में केरल तट पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के अचानक व तीव्र वर्षा के रूप में शुरू होने को 'मानसून का फटना' कहा जाता है।
राजस्थान में वर्षा का वितरण कैसा है?+
राजस्थान के पूर्वी भाग में 50-100 सेमी (न्यून वर्षा) जबकि पश्चिमी भाग (थार मरुस्थल) में 50 सेमी से भी कम (अत्यंत न्यून वर्षा) होती है — यही अंतर राज्य में वनस्पति व कृषि के प्रकार को भी बदल देता है।
पर्वतीय वनस्पति ऊँचाई के साथ कैसे बदलती है?+
पर्वतीय क्षेत्रों में ऊँचाई बढ़ने के साथ वनस्पति भी बदलती जाती है — निचली ढलानों पर पर्णपाती वन, मध्य ऊँचाई पर शंकुधारी वन (चीड़, देवदार) और सबसे ऊँचे भागों में अल्पाइन घास व झाड़ियाँ मिलती हैं, अंततः हिमरेखा के ऊपर वनस्पति समाप्त हो जाती है।
भारत में सबसे कम विस्तार वाला वनस्पति-प्रकार कौन-सा है?+
पर्वतीय व ज्वारीय (मैंग्रोव) वनस्पति भारत में अपेक्षाकृत सीमित क्षेत्र में पाई जाती है, क्योंकि इनके लिए विशेष भौगोलिक परिस्थितियाँ (ऊँचाई या ज्वारीय डेल्टा) चाहिए, जबकि पर्णपाती वन देश के बड़े हिस्से में फैले हैं।
भारत की जलवायु को किस मुख्य श्रेणी में रखा जाता है?+
भारत की जलवायु को 'उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु' (Tropical Monsoon Climate) कहा जाता है, क्योंकि यहाँ की वर्षा व तापमान दोनों मुख्यतः मानसूनी पवनों के आगमन-वापसी चक्र से नियंत्रित होते हैं।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए