मौलिक कर्तव्य
मौलिक कर्तव्य संविधान के भाग 4-क में अनुच्छेद 51-क के अंतर्गत वर्णित हैं और हर नागरिक के दायित्व बताते हैं। REET में इस टॉपिक से अनुच्छेद संख्या, संशोधन वर्ष और कर्तव्यों की सूची पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।
- REET 2024 में 1 प्रश्न
- कक्षा 6–8 स्तर
- 11 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में सीधा प्रश्न पूछा गया कि मूल कर्तव्यों का वर्णन संविधान के किस अनुच्छेद में है (उत्तर: अनुच्छेद 51-क)। इससे पता चलता है कि परीक्षा में अनुच्छेद संख्या, संशोधन का वर्ष और भाग (भाग 4-क) जैसे ठोस तथ्य याद होने चाहिए — साथ ही 11 कर्तव्यों में से किसी एक को पहचानने वाले प्रश्न भी आते हैं।
मौलिक कर्तव्य — बुनियादी तथ्य
- संवैधानिक स्थान
- भाग 4-क (IV-A), अनुच्छेद 51-क
- जोड़ा गया संशोधन
- 42वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1976
- सिफारिश करने वाली समिति
- स्वर्ण सिंह समिति (1976, आपातकाल के दौरान गठित)
- मूल रूप से जोड़े गए कर्तव्य
- 10 (उपखंड क से ञ)
- 11वाँ कर्तव्य जोड़ने वाला संशोधन
- 86वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2002
- वर्तमान में कुल कर्तव्य
- 11
- प्रकृति
- नैतिक/गैर-न्यायोचित (non-justiciable) — इनका उल्लंघन न्यायालय में सीधे प्रवर्तनीय नहीं
11 मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51-क)
| क्रम | कर्तव्य (संक्षेप में) |
|---|---|
| (क) | संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज व राष्ट्रगान का आदर करना |
| (ख) | स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित करने वाले आदर्शों को संजोए रखना |
| (ग) | भारत की संप्रभुता, एकता व अखंडता की रक्षा करना |
| (घ) | देश की रक्षा करना और आह्वान पर राष्ट्रीय सेवा देना |
| (ङ) | धार्मिक, भाषायी व क्षेत्रीय भेद भुलाकर सद्भाव व भाईचारा बढ़ाना; स्त्रियों की गरिमा के विरुद्ध प्रथाओं का त्याग |
| (च) | मिश्रित संस्कृति की समृद्ध विरासत का संरक्षण करना |
| (छ) | वन, झील, नदी व वन्यजीव सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करना और जीवों के प्रति दया रखना |
| (ज) | वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद व जिज्ञासा-सुधार की भावना विकसित करना |
| (झ) | सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा से दूर रहना |
| (ञ) | व्यक्तिगत व सामूहिक गतिविधि के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर बढ़ना |
| (ट) — 2002 से जोड़ा गया | 6 से 14 वर्ष आयु के बालक को शिक्षा के अवसर देना (माता-पिता/संरक्षक का कर्तव्य) |
मौलिक कर्तव्यों की पृष्ठभूमि व महत्व
आपातकाल (1975-77) के दौरान महसूस हुआ कि संविधान में केवल अधिकार हैं, नागरिकों के कर्तव्यों का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं — इसी कमी को दूर करने के लिए सरदार स्वर्ण सिंह की अध्यक्षता में एक समिति बनी, जिसकी सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा भाग 4-क जोड़कर 10 मौलिक कर्तव्य शामिल किए गए। यह भाग सोवियत संघ के संविधान से प्रेरित माना जाता है।
मौलिक कर्तव्य मौलिक अधिकारों की तरह न्यायालय में सीधे लागू (justiciable) नहीं हैं, यानी इन्हें न मानने पर कोई सीधी सजा का प्रावधान नहीं है, फिर भी संसद इनके पालन हेतु कानून बना सकती है और न्यायालय इनका उपयोग किसी कानून की संवैधानिकता जाँचते समय संदर्भ के रूप में कर सकते हैं।
कक्षा में इसका उपयोग
| उदाहरण | कर्तव्य से जुड़ाव |
|---|---|
| राष्ट्रगान के समय खड़े होना | अनुच्छेद 51-क(क) — संस्थाओं व राष्ट्रगान का आदर |
| स्कूल के बगीचे में पेड़ लगाना व पानी बचाना | 51-क(छ) — पर्यावरण संरक्षण |
| स्कूल की संपत्ति (डेस्क, दीवार) को नुकसान न पहुँचाना | 51-क(झ) — सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा |
| गाँव के हर बच्चे को स्कूल भेजने के लिए जागरूक करना | 51-क(ट) — 6-14 वर्ष के बालक को शिक्षा |
मौलिक कर्तव्य बनाम मौलिक अधिकार व नीति-निदेशक तत्व
| बिंदु | भाग 3 — मौलिक अधिकार | भाग 4 — नीति-निदेशक तत्व | भाग 4-क — मौलिक कर्तव्य |
|---|---|---|---|
| किसके लिए | नागरिकों को प्राप्त अधिकार | राज्य के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत | नागरिकों के दायित्व |
| न्यायालय में लागू (justiciable) | हाँ | नहीं | नहीं |
| अनुच्छेद | 12–35 | 36–51 | 51-क |
| संविधान में मूल रूप से थे या बाद में जुड़े | मूल संविधान (1950) में थे | मूल संविधान (1950) में थे | 42वें संशोधन, 1976 से जुड़े |
तीनों भाग मिलकर नागरिक-राज्य संबंध की पूरी तस्वीर बनाते हैं — अधिकार, राज्य के कर्तव्य व नागरिक के कर्तव्य।
शिक्षक के लिए मौलिक कर्तव्यों का महत्व
REET पास करने के बाद अभ्यर्थी शिक्षक बनते हैं, और शिक्षक होने के नाते मौलिक कर्तव्यों को समझना दोहरी ज़िम्मेदारी है — एक नागरिक के रूप में स्वयं इनका पालन करना, और दूसरा, कक्षा में बच्चों में इन मूल्यों (राष्ट्र-प्रेम, पर्यावरण-संरक्षण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा) का बीजारोपण करना। इसी कारण मौलिक कर्तव्य REET के नागरिक शास्त्र खंड में केवल रटने का विषय नहीं, बल्कि भावी शिक्षक की व्यावसायिक समझ जाँचने का भी माध्यम है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा चार्ट गतिविधि
कक्षा 7-8 के बच्चों से 11 कर्तव्यों में से हर एक के लिए एक रोज़मर्रा का उदाहरण लिखवाकर चार्ट बनवाएँ — जैसे स्वच्छता रखना, पेड़ लगाना।
अधिकार बनाम कर्तव्य चर्चा
बच्चों से पूछें कि 'शिक्षा का अधिकार' (मौलिक अधिकार) और 'बच्चे को शिक्षा देने का कर्तव्य' (51-क(ट)) में क्या संबंध है — इससे दोनों की अवधारणा स्पष्ट होती है।
सामान्य भ्रांति
बच्चे अक्सर सोचते हैं मौलिक कर्तव्य भी मौलिक अधिकारों जैसे न्यायालय में सीधे लागू होते हैं — स्पष्ट करें कि ये नैतिक मार्गदर्शक हैं, प्रत्यक्ष दंडनीय नहीं।
आकलन विचार
11 कर्तव्यों में से 5 को क्रम से लिखने व उनसे जुड़ा एक व्यवहारिक उदाहरण देने का लघु-परीक्षण लें।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
अनुच्छेद संख्या याद रखें: 'मौलिक अधिकार 12-35, मौलिक कर्तव्य 51-क' — और यह भी कि 42वां संशोधन = कर्तव्य जोड़े गए' और '86वां संशोधन = 11वां कर्तव्य (शिक्षा)' — दोनों संख्याएँ जोड़े में याद करें।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 111
भारत के संविधान में मूल कर्त्तव्यों का वर्णन किस अनुच्छेद में है ?
- A50 क
- B51 क
- C52 क
- D53 क
व्याख्या
मूल कर्त्तव्य संविधान के भाग 4-क के अनुच्छेद 51-क में वर्णित हैं। इन्हें 42वें संविधान संशोधन, 1976 द्वारा (स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर) जोड़ा गया था। वर्तमान में 11 मूल कर्त्तव्य हैं; 11वाँ कर्त्तव्य 86वें संशोधन, 2002 से जोड़ा गया।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
मौलिक कर्तव्य संविधान के किस भाग में वर्णित हैं?
- Aभाग 3
- Bभाग 4
- Cभाग 4-क
- Dभाग 5
व्याख्या
मौलिक कर्तव्य संविधान के भाग 4-क (Part IV-A) के अंतर्गत अनुच्छेद 51-क में वर्णित हैं, जबकि भाग 4 में राज्य के नीति-निदेशक तत्व दिए गए हैं।
प्रश्न 2
मौलिक कर्तव्यों को संविधान में किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?
- A44वां संशोधन
- B42वां संशोधन
- C52वां संशोधन
- D73वां संशोधन
व्याख्या
42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा भाग 4-क जोड़कर मूल रूप से 10 मौलिक कर्तव्य शामिल किए गए थे, जो स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर आधारित था।
प्रश्न 3
वर्तमान में संविधान में कुल कितने मौलिक कर्तव्य हैं?
- A9
- B10
- C11
- D12
व्याख्या
वर्तमान में कुल 11 मौलिक कर्तव्य हैं — मूल 10 और 2002 में 86वें संशोधन से जुड़ा 11वाँ कर्तव्य (बच्चों को शिक्षा के अवसर)।
प्रश्न 4
11वाँ मौलिक कर्तव्य (बच्चों को शिक्षा के अवसर देना) किस संशोधन से जोड़ा गया?
- A73वां संशोधन
- B86वां संशोधन
- C91वां संशोधन
- D101वां संशोधन
व्याख्या
86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा 11वाँ मौलिक कर्तव्य जोड़ा गया, जिसके अनुसार 6-14 वर्ष के बालक के माता-पिता/संरक्षक का कर्तव्य है कि उसे शिक्षा के अवसर दें।
प्रश्न 5
मौलिक कर्तव्यों की सिफारिश करने वाली समिति का नाम क्या था?
- Aसरकारिया समिति
- Bस्वर्ण सिंह समिति
- Cबलवंत राय मेहता समिति
- Dठक्कर समिति
व्याख्या
सरदार स्वर्ण सिंह की अध्यक्षता में बनी समिति ने 1976 में मौलिक कर्तव्यों को संविधान में शामिल करने की सिफारिश की थी।
प्रश्न 6
निम्न में से कौन-सा मौलिक कर्तव्य नहीं है?
- Aराष्ट्रध्वज व राष्ट्रगान का आदर करना
- Bप्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करना
- Cसमान नागरिक संहिता लागू करना
- Dसार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना
व्याख्या
समान नागरिक संहिता लागू करना राज्य के नीति-निदेशक तत्वों (अनुच्छेद 44) में आता है, यह नागरिकों का मौलिक कर्तव्य नहीं है।
प्रश्न 7
मौलिक कर्तव्य किस प्रकार के हैं?
- Aन्यायोचित (justiciable)
- Bगैर-न्यायोचित (non-justiciable)
- Cमौलिक अधिकार का भाग
- Dअनिवार्य दंडनीय
व्याख्या
मौलिक कर्तव्य गैर-न्यायोचित (non-justiciable) हैं — इनके पालन न करने पर न्यायालय में सीधे मुकदमा नहीं चलाया जा सकता, ये केवल नैतिक-मार्गदर्शक प्रावधान हैं।
प्रश्न 8
स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित करने वाले आदर्शों को संजोए रखना किस अनुच्छेद के अंतर्गत मौलिक कर्तव्य है?
- Aअनुच्छेद 19
- Bअनुच्छेद 21
- Cअनुच्छेद 51-क
- Dअनुच्छेद 356
व्याख्या
सभी 11 मौलिक कर्तव्य अनुच्छेद 51-क के अंतर्गत ही आते हैं, चाहे वह राष्ट्रध्वज का आदर हो या स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को संजोना।
प्रश्न 9
एक शिक्षक कक्षा 8 में बच्चों से स्कूल की दीवारों व फर्नीचर को न तोड़ने की आदत सिखाता है। यह किस मौलिक कर्तव्य से सबसे अधिक जुड़ा है?
- Aवैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना
- Bसार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना
- Cप्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करना
- Dराष्ट्रगान का आदर करना
व्याख्या
स्कूल की संपत्ति (दीवार, फर्नीचर) सार्वजनिक संपत्ति है; उसे न तोड़ना अनुच्छेद 51-क(झ) — सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करने के कर्तव्य से जुड़ा है।
प्रश्न 10
मौलिक कर्तव्यों की प्रेरणा किस देश के संविधान से मानी जाती है?
- Aसंयुक्त राज्य अमेरिका
- Bब्रिटेन
- Cसोवियत संघ (रूस)
- Dजापान
व्याख्या
भारत के मौलिक कर्तव्यों की अवधारणा तत्कालीन सोवियत संघ (USSR) के संविधान से प्रेरित मानी जाती है, जहाँ नागरिकों के कर्तव्यों का स्पष्ट उल्लेख था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मौलिक कर्तव्य REET में कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से 1 प्रश्न पूछा गया था; सामाजिक अध्ययन के नागरिक शास्त्र खंड में यह एक नियमित टॉपिक है।
मौलिक कर्तव्यों का वर्णन किस अनुच्छेद में है?+
मौलिक कर्तव्यों का वर्णन संविधान के भाग 4-क के अनुच्छेद 51-क में है, जिसे 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया था।
कुल कितने मौलिक कर्तव्य हैं?+
वर्तमान में कुल 11 मौलिक कर्तव्य हैं — मूल रूप से 10 जोड़े गए थे, और 11वाँ कर्तव्य (बच्चों को शिक्षा के अवसर देना) 86वें संविधान संशोधन, 2002 से जोड़ा गया।
मौलिक कर्तव्यों की सिफारिश किस समिति ने की थी?+
मौलिक कर्तव्यों की सिफारिश सरदार स्वर्ण सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने 1976 में की थी।
क्या मौलिक कर्तव्यों का उल्लंघन न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है?+
नहीं, मौलिक कर्तव्य गैर-न्यायोचित (non-justiciable) हैं, यानी इनके सीधे उल्लंघन पर न्यायालय द्वारा दंड का प्रावधान नहीं है, ये केवल मार्गदर्शक हैं।
मौलिक कर्तव्य व नीति-निदेशक तत्वों में क्या अंतर है?+
नीति-निदेशक तत्व (भाग 4) राज्य के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत हैं, जबकि मौलिक कर्तव्य (भाग 4-क) नागरिकों के दायित्व बताते हैं; दोनों ही गैर-न्यायोचित हैं।
मौलिक कर्तव्य भावी शिक्षकों के लिए विशेष रूप से क्यों महत्वपूर्ण हैं?+
शिक्षक न केवल स्वयं मौलिक कर्तव्यों का पालन करते हैं, बल्कि कक्षा में बच्चों में राष्ट्र-प्रेम, पर्यावरण-संरक्षण व वैज्ञानिक दृष्टिकोण जैसे मूल्य विकसित करने की ज़िम्मेदारी भी निभाते हैं, इसलिए REET में यह टॉपिक व्यावसायिक समझ भी जाँचता है।
मौलिक कर्तव्यों को संविधान में कहाँ से प्रेरणा मिली, इसकी सिफारिश कब लागू हुई?+
स्वर्ण सिंह समिति ने 1976 में सिफारिश दी और उसी वर्ष 42वें संविधान संशोधन द्वारा इसे भाग 4-क के रूप में संविधान में जोड़ा गया — यानी सिफारिश व क्रियान्वयन दोनों 1976 में ही हुए।
क्या मौलिक कर्तव्यों के आधार पर कोई कानून बनाया जा सकता है?+
हाँ, यद्यपि मौलिक कर्तव्य सीधे न्यायालय में लागू नहीं होते, संसद उनके पालन को प्रोत्साहित करने के लिए कानून बना सकती है — जैसे राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, जो राष्ट्रध्वज व राष्ट्रगान के अनादर को दंडनीय बनाता है।
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बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए