परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता
राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित राष्ट्रीय समसामयिकी प्रश्नों का विशेष महत्व है। RPSC की RAS प्रारंभिक परीक्षा के पिछले 7 प्रश्नपत्रों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से औसतन लगभग 19 प्रश्न (लगभग 13%) आए हैं, और समसामयिकी से औसतन लगभग 18 प्रश्न। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम, जैव प्रौद्योगिकी, नई खोजें, उपग्रह प्रक्षेपण, वैज्ञानिक उपलब्धियां और तकनीकी नवाचार इस खंड के मुख्य विषय हैं।
वर्तमान समय में भारत विश्व के शीर्ष वैज्ञानिक और तकनीकी देशों में अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है। चंद्रमा पर उतरना, मंगल पर पहुंचना, परमाणु ऊर्जा का विकास, और कृषि में जैव प्रौद्योगिकी का प्रयोग भारत की उपलब्धियां हैं। परीक्षा में इन सभी पहलुओं से प्रश्न आते हैं, इसलिए इस विषय पर गहन अध्ययन आवश्यक है।
मुख्य अवधारणाएं
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और इसकी उपलब्धियां
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की स्थापना 1969 में की गई थी। यह भारत की अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए प्रमुख संगठन है। ISRO ने चंद्रयान, मंगलयान, आदित्य-L1 जैसे महत्वपूर्ण मिशन सफलतापूर्वक संचालित किए हैं। चंद्रयान-3 (23 अगस्त 2023) के साथ भारत चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश (अमेरिका, सोवियत संघ और चीन के बाद) तथा चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरने वाला पहला देश बना। ISRO की सफलता भारतीय विज्ञान और तकनीकी क्षमता का प्रतीक है।
परमाणु ऊर्जा और भारतीय परमाणु कार्यक्रम
भारत परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर देश है। परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) और परमाणु ऊर्जा विभाग की नीति के अंतर्गत न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) देश के परमाणु बिजली संयंत्र संचालित करता है, जबकि भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) अनुसंधान संस्थान है। ये परियोजनाएं देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। फास्ट रिएक्टर, भारी जल रिएक्टर, और प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (PHWR) भारत की परमाणु तकनीक की मजबूती को दर्शाते हैं। वर्तमान में भारत में 20 से अधिक परमाणु रिएक्टर संचालित हैं और कुल परमाणु क्षमता लगभग 8.8 GW है (जून 2026 के आसपास)। राजस्थान में रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) स्थित राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना (RAPP) इनमें प्रमुख है; तारापुर महाराष्ट्र में है।
जैव प्रौद्योगिकी और कृषि विज्ञान
भारत में हरित क्रांति के बाद से जैव प्रौद्योगिकी का कृषि में महत्वपूर्ण प्रयोग किया जा रहा है। बीटी कपास (भारत की व्यावसायिक रूप से स्वीकृत एकमात्र GM फसल), संकर बीज प्रौद्योगिकी, और कृषि में आधुनिक तकनीकों का उपयोग भारतीय कृषि उत्पादन को बढ़ाने में सहायक हो रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) और भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और डिजिटल क्रांति
भारत विश्व का सॉफ्टवेयर और IT सेवाओं का प्रमुख निर्यातक है। भारतीय IT उद्योग विश्व अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। डिजिटल इंडिया योजना, आधार कार्ड परियोजना, ई-गवर्नेंस, और साइबर सुरक्षा भारत की डिजिटल क्षमता को प्रदर्शित करते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग में भारतीय शोध तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पर्यावरणीय विज्ञान और जलवायु अनुसंधान
जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण वर्तमान युग के सबसे महत्वपूर्ण विषय हैं। भारत ने पेरिस जलवायु समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताएं व्यक्त की हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (NEERI) पर्यावरणीय अनुसंधान में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा में भारत का विकास उल्लेखनीय है — बड़ी जल-विद्युत सहित भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 30 जून 2026 तक लगभग 288.6 GW थी, जिसमें सौर क्षमता लगभग 162 GW है।
- 1975आर्यभट्ट — भारत का पहला उपग्रह
- 2008चंद्रयान-1
- 2013-14मंगलयान — प्रक्षेपण 2013, मंगल कक्षा में प्रवेश 2014
- 2019चंद्रयान-2
- अगस्त 2023चंद्रयान-3 — दक्षिणी ध्रुव के निकट सॉफ्ट लैंडिंग
- सितंबर 2023आदित्य-L1 — सूर्य अध्ययन मिशन
- प्रतीक्षितगगनयान G1 — मानव-रहित परीक्षण उड़ान
| संस्था | मुख्यालय | मुख्य कार्य |
|---|---|---|
| ISRO | बेंगलुरु | अंतरिक्ष अनुसंधान व उपग्रह/प्रक्षेपण यान कार्यक्रम |
| BARC | मुंबई | परमाणु अनुसंधान (बिजली संयंत्र नहीं चलाता) |
| NPCIL | मुंबई | परमाणु बिजली संयंत्रों का संचालन |
| DRDO | नई दिल्ली | रक्षा अनुसंधान व विकास |
| CSIR | नई दिल्ली | औद्योगिक अनुसंधान |
| ICAR | नई दिल्ली | कृषि अनुसंधान व शिक्षा |
| IMD | नई दिल्ली | मौसम विज्ञान व पूर्वानुमान |
महत्वपूर्ण तथ्य
- चंद्रयान-3: भारत का तीसरा चंद्रमा मिशन; 23 अगस्त 2023 को दक्षिणी ध्रुव के निकट सॉफ्ट लैंडिंग — भारत चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश और दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरने वाला पहला देश
- आदित्य-L1: सूर्य का अध्ययन करने के लिए ISRO का पहला मिशन; 2 सितंबर 2023 को प्रक्षेपित
- गगनयान: भारत का मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम; पहला मानव-रहित परीक्षण मिशन (G1) अभी प्रक्षेपित नहीं हुआ — इसकी तिथि कई बार संशोधित हो चुकी है
- मंगलयान-2: ISRO का प्रस्तावित दूसरा मंगल मिशन; अभी प्रक्षेपित नहीं हुआ
- 5G प्रौद्योगिकी: भारत में 1 अक्टूबर 2022 को 5G सेवाएं शुरू हुईं और इनका तेजी से विस्तार हो रहा है
- कोविड-19 वैक्सीन: भारत ने स्वदेशी वैक्सीन विकास में सफलता पाई
- राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन: भारत के सुपरकंप्यूटिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए
- गहन महासागर मिशन (Deep Ocean Mission): 2021 में स्वीकृत; गहरे समुद्र की प्रौद्योगिकी और समुद्री संसाधनों के अध्ययन पर केंद्रित
राजस्थान विशेष
राजस्थान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण संस्थान और परियोजनाएं हैं। राजस्थान विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (RSTC) का मुख्यालय जयपुर में है। बी.एम. बिड़ला तारामंडल (जयपुर) विज्ञान शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है।
अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (SAC) राजस्थान में नहीं, अहमदाबाद में स्थित ISRO का केंद्र है। कृषि अनुसंधान में स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (SKRAU), बीकानेर तथा महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT), उदयपुर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। राजस्थान सौर ऊर्जा क्षमता में देश में प्रथम स्थान पर है (लगभग 42 GW, जुलाई 2026 के आसपास, देश की कुल सौर क्षमता का लगभग एक-चौथाई से अधिक)। भड़ला सोलर पार्क (फलोदी क्षेत्र, पूर्व जोधपुर जिला) विश्व के सबसे बड़े सौर पार्कों में गिना जाता है; जैसलमेर सौर पार्क और अन्य परियोजनाएं भी राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बना रही हैं।
परीक्षा पैटर्न
RAS प्रारंभिक परीक्षा में एक ही वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र "सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान" होता है — 150 प्रश्न, 200 अंक, 3 घंटे, 1/3 ऋणात्मक अंकन; यह केवल अर्हकारी है और अंतिम merit में नहीं जुड़ता। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित प्रश्नों का स्वरूप सामान्यतः निम्नलिखित होता है:
- बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ): सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय होते हैं
- करंट अफेयर्स पर ध्यान: हाल की महत्वपूर्ण विज्ञान और प्रौद्योगिकी घटनाएं
- नीति और योजनाएं: सरकारी विज्ञान और तकनीकी नीतियां
- संस्थान और संगठन: ISRO, BARC, CSIR आदि के बारे में जानकारी
- ऐतिहासिक और वर्तमान उपलब्धियां: भारतीय विज्ञान की यात्रा
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग: भारत के अंतरिक्ष और वैज्ञानिक अंतरराष्ट्रीय समझौते
स्मरण युक्तियां
1. ISRO के मिशन याद रखें: चंद्रयान-1 (2008), चंद्रयान-2 (2019), चंद्रयान-3 (2023); मंगलयान (प्रक्षेपण 2013); आदित्य-L1 (2023); गगनयान (प्रस्तावित/निर्माणाधीन)। इन्हें क्रम में याद रखें और उनकी तारीख नोट करें।
2. महत्वपूर्ण संस्थान: ISRO (अंतरिक्ष), BARC (परमाणु अनुसंधान; बिजली संयंत्र NPCIL संचालित करता है), CSIR (औद्योगिक अनुसंधान), ICAR (कृषि अनुसंधान), और DST (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) को अलग रखें।
3. पूर्ण रूप याद रखें: ISRO, DRDO, BARC, NEERI, IMD जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों के संक्षिप्त नामों के साथ उनके पूर्ण रूप भी याद रखें।
4. वर्षों से जोड़ें: महत्वपूर्ण घटनाओं को वर्ष के साथ याद रखें, जैसे मंगलयान (प्रक्षेपण 2013, मंगल कक्षा में प्रवेश 2014), चंद्रयान-3 (2023)।
5. न्यूज़ फ़ॉलो करें: विज्ञान समाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, 5G, नैनो प्रौद्योगिकी, और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे तकनीकी विकास को नियमित रूप से अनुसरण करें।
6. तुलनात्मक अध्ययन: भारतीय प्रयासों को विश्व स्तर पर अन्य देशों से तुलना करें, जिससे व्यापक समझ विकसित हो।
7. नक्शा और आरेख: अंतरिक्ष मिशनों की कक्षाओं, परमाणु संयंत्रों के स्थान, और सौर ऊर्जा परियोजनाओं को आरेखित करें।
8. नियमित पुनरावृत्ति: हर सप्ताह महत्वपूर्ण तथ्यों और संस्थानों की पुनरावृत्ति करें।
निष्कर्ष: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी RPSC RAS परीक्षा का एक महत्वपूर्ण विषय है। नियमित समाचार पत्रों का पठन, वैज्ञानिक पत्रिकाओं का अध्ययन, और सरकारी वेबसाइटों से जानकारी प्राप्त करना इस विषय में सफलता के लिए आवश्यक है। करंट अफेयर्स, नीतियों, और संस्थानों पर विशेष ध्यान देते हुए व्यवस्थित अध्ययन करें।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •राजस्थान बजट 2025-26 में 'राइजिंग राजस्थान' निवेश सम्मेलन की घोषणाओं को लागू करने पर जोर दिया गया।
- •भारत ने 2023 में G20 की अध्यक्षता की; नई दिल्ली शिखर सम्मेलन 9-10 सितंबर 2023 को हुआ।
- •5 जून — विश्व पर्यावरण दिवस; 1972 स्टॉकहोम सम्मेलन की वर्षगाँठ।
- •22 मार्च विश्व जल दिवस; UN द्वारा 1993 से।
- •22 अप्रैल विश्व पृथ्वी दिवस; 1970 से।