परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता
सार्वजनिक क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। यह क्षेत्र सरकार के स्वामित्व और संचालन में होता है तथा राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। RPSC RAS परीक्षा में राजस्थान की अर्थव्यवस्था के व्यापक विषय के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र की अवधारणा, इसके स्वरूप और महत्व से संबंधित प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
मुख्य अवधारणाएं
सार्वजनिक क्षेत्र की परिभाषा और स्वरूप
सार्वजनिक क्षेत्र वह आर्थिक क्षेत्र है जिसका स्वामित्व और प्रबंधन सरकार के पास होता है। इसमें सरकारी उद्योग, सरकारी विभाग और सार्वजनिक सेवाएं शामिल होती हैं। नियंत्रण के स्तर के आधार पर इसे केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र (भारत सरकार द्वारा संचालित) और राज्य सार्वजनिक क्षेत्र (राज्य सरकार द्वारा संचालित) में बांटा जाता है। इनसे अलग एक concept है संयुक्त क्षेत्र (Joint Sector), जिसमें सरकार और निजी पूंजी दोनों की साझेदारी होती है - यह केंद्र-राज्य की संयुक्त भागीदारी से भिन्न है। कानूनी ढांचे के आधार पर सार्वजनिक उपक्रमों को तीन प्रकारों में बांटा जाता है:
| प्रकार | उदाहरण | कानूनी आधार | नियंत्रण |
|---|---|---|---|
| विभागीय उपक्रम | रेलवे, डाक विभाग | सरकारी विभाग के रूप में, पृथक कानूनी अस्तित्व नहीं | संबंधित मंत्रालय द्वारा सीधा नियंत्रण |
| सांविधिक/वैधानिक निगम | RSRTC, LIC, RBI | विधानमंडल द्वारा पारित विशेष अधिनियम | स्वायत्त, पर सरकार के प्रति उत्तरदायी |
| सरकारी कंपनी | RVUNL, RVPN, RSMML | कंपनी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत (51%+ सरकारी हिस्सेदारी) | बोर्ड के माध्यम से, कंपनी अधिनियम के नियमों से बंधी |
राजस्थान में सार्वजनिक उद्यम
राजस्थान में सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत अनेक महत्वपूर्ण उद्यम कार्यरत हैं। इनमें राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम (RVUNL), राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम (RVPN), राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड (RSMML), राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम (RSRTC) और राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) शामिल हैं। (सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक केंद्र सरकार के अधीन राष्ट्रीयकृत बैंक हैं, राज्य के उद्यम नहीं।) ये संस्थाएं राजस्थान के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र की उद्देश्य और लक्ष्य
सार्वजनिक क्षेत्र के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
• आर्थिक विकास - राष्ट्रीय और राज्य की आय में वृद्धि
• रोजगार सृजन - बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्रदान करना
• बुनियादी ढांचा विकास - सड़क, रेलवे, विद्युत आदि का विकास
• सामाजिक कल्याण - शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाएं
• आत्मनिर्भरता - आयात पर देश की निर्भरता कम करना
सार्वजनिक क्षेत्र का आर्थिक महत्व
सार्वजनिक क्षेत्र राष्ट्रीय आय, रोजगार और निवेश के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद में महत्वपूर्ण योगदान देता है। राजस्थान में विशेषकर ऊर्जा, खनन, पर्यटन और कृषि आधारित उद्योगों में सार्वजनिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है।
निजीकरण और सुधार नीतियां
1991 की नई औद्योगिक नीति के बाद सार्वजनिक क्षेत्र में उदारीकरण, निजीकरण और विनिवेश की नीतियां लागू की गईं। भारत में सार्वजनिक उद्यमों के विनिवेश/निजीकरण की प्रक्रिया धीरे-धीरे शुरू हुई। राजस्थान में भी कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से मजबूत किया गया है, जैसे डिस्कॉम में वितरण फ्रेंचाइजी मॉडल। वर्तमान में 2021 की नई सार्वजनिक उपक्रम (PSE) नीति और राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP, 2021) के अंतर्गत रणनीतिक विनिवेश और संपत्ति मुद्रीकरण पर ज़ोर है।
- 1991 - नई औद्योगिक नीतिलाइसेंस राज समाप्त, PSU सुधार शुरू
- 1996 - विनिवेश आयोगPSU में हिस्सेदारी बिक्री की सिफारिशें
- नवरत्न/मिनीरत्न वर्गीकरणबेहतर प्रदर्शन करने वाले केंद्रीय PSU को अधिक स्वायत्तता
- 2021 - नई PSE नीतिरणनीतिक क्षेत्रों को छोड़कर अधिकतम रणनीतिक विनिवेश
- 2021 - राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP)सरकारी संपत्तियों के मुद्रीकरण से संसाधन जुटाना
महत्वपूर्ण तथ्य
राजस्थान के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम:
| नाम (संक्षेप) | क्षेत्र |
|---|---|
| राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम (RVUNL) | विद्युत उत्पादन |
| राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम (RVPN) | विद्युत प्रसारण |
| जयपुर/अजमेर/जोधपुर विद्युत वितरण निगम (JVVNL/AVVNL/JDVVNL) | विद्युत वितरण (तीन डिस्कॉम) |
| राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड (RSMML) | खनन |
| राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम (RSRTC) | सार्वजनिक परिवहन |
| राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) | औद्योगिक अवसंरचना विकास |
| राजस्थान वित्त निगम (RFC) | औद्योगिक इकाइयों को वित्त |
| राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC, स्थापना 1979) | पर्यटन विकास |
सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनात्मक ढांचे की विशेषताएं:
• इन उद्यमों का प्रबंधन शासकीय निर्देशों के अनुसार होता है
• इनके लाभ राज्य कोष में जमा होते हैं
• कर्मचारी नियमों के तहत नियुक्त होते हैं
• पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है
राजस्थान विशेष
राजस्थान की अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका विशेष महत्व रखती है। राजस्थान का राज्य सार्वजनिक क्षेत्र केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करता है।
ऊर्जा क्षेत्र: राजस्थान में विद्युत उत्पादन में सार्वजनिक क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। RVUNL तापीय और जलविद्युत उत्पादन में सक्रिय है तथा सौर/नवीकरणीय ऊर्जा में भी निवेश कर रहा है। रावतभाटा (चित्तौड़गढ़, कोटा के निकट) का परमाणु ऊर्जा संयंत्र (RAPP) केंद्र सरकार के उपक्रम NPCIL (Nuclear Power Corporation of India Limited) के अंतर्गत है, RVUNL के अंतर्गत नहीं; बांसवाड़ा में NPCIL-RVUNL के संयुक्त उपक्रम से एक नई परमाणु परियोजना प्रस्तावित है।
खनन क्षेत्र: राजस्थान प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। RSMML (राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड) प्रमुख राज्य खनन उपक्रम है। यह क्षेत्र राजस्थान के राजस्व का महत्वपूर्ण स्रोत है।
परिवहन क्षेत्र: RSRTC राजस्थान में सार्वजनिक यातायात सेवा प्रदान करने का प्रमुख माध्यम है। इसके माध्यम से सामान्य जनता को सस्ती परिवहन सेवा मिलती है।
पर्यटन क्षेत्र: राजस्थान पर्यटन विकास निगम राज्य के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
परीक्षा पैटर्न
RPSC RAS परीक्षा में सार्वजनिक क्षेत्र से संबंधित प्रश्न निम्नलिखित तरीकों से पूछे जाते हैं:
बहुविकल्पीय प्रश्न:
• सार्वजनिक क्षेत्र की परिभाषा और वर्गीकरण
• राजस्थान के प्रमुख सार्वजनिक उद्यमों के बारे में
• सार्वजनिक क्षेत्र के उद्देश्य और भूमिका
• नीति संबंधी प्रश्न
विस्तृत उत्तरीय प्रश्न:
• राजस्थान के आर्थिक विकास में सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका
• सार्वजनिक क्षेत्र की चुनौतियां और समाधान
• विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों का विश्लेषण
साक्षात्कार में प्रश्न:
• सार्वजनिक क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता
• आधुनिकीकरण और निजीकरण पर विचार
• राजस्थान के विकास में सार्वजनिक क्षेत्र का भविष्य
स्मरण युक्तियां
महत्वपूर्ण तारीखें और प्रमुख शब्द:
• 1991 - भारत में आर्थिक सुधार का वर्ष
• सार्वजनिक क्षेत्र - PSU (Public Sector Undertaking)
• निजी क्षेत्र - व्यक्तिगत स्वामित्व वाला
• मिश्रित क्षेत्र - सार्वजनिक और निजी दोनों
याद रखने के लिए महत्वपूर्ण बातें:
1. "सार्वजनिक क्षेत्र = सरकारी स्वामित्व = सामाजिक लक्ष्य" - यह मूल अवधारणा हमेशा याद रखें।
2. राजस्थान के सार्वजनिक क्षेत्र को तीन स्तंभों पर याद रखें - ऊर्जा, खनन, परिवहन
3. RSMML = खनन, RVUNL/RVPN = विद्युत, RSRTC = परिवहन का स्मरण करें।
4. सार्वजनिक क्षेत्र के तीन मुख्य उद्देश्य - आर्थिक विकास, रोजगार, सामाजिक कल्याण
परीक्षा के लिए सामान्य सूत्र:
"राजस्थान की आर्थिक वृद्धि = सार्वजनिक क्षेत्र + निजी क्षेत्र + कृषि क्षेत्र"
हर प्रश्न का उत्तर देते समय राजस्थान के विशेष संदर्भ में सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका पर ध्यान केंद्रित करें। यह RPSC RAS परीक्षा में आपके उत्तर को अधिक प्रभावशाली बनाएगा।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •राजस्थान में बाजरा सर्वाधिक उत्पादित खाद्य फसल है; देश के कुल बाजरा उत्पादन में प्रथम स्थान।
- •राजस्थान सीसा-जस्ता, तांबा, संगमरमर और जिप्सम में देश में प्रथम स्थान पर है।
- •इंदिरा गांधी नहर परियोजना थार मरुस्थल में सिंचाई की सबसे बड़ी परियोजना है; यह व्यास और सतलज नदियों से जल लेती है।
- •राजस्थान भारत के GDP में लगभग 5% योगदान करता है (2023-24)।
- •राजस्थान की अर्थव्यवस्था में कृषि व सम्बद्ध क्षेत्र ~25-26% योगदान देते हैं।