परिचय | Introduction
संघवाद शासन की वह प्रणाली है जो केंद्रीय सत्ता और राज्यों के बीच शक्ति को विभाजित करती है। भारत में 28 राज्य और 8 केंद्रशासित प्रदेश हैं।
| संघीय लक्षण | एकात्मक लक्षण |
|---|---|
| लिखित व कठोर संविधान | एक ही संविधान केंद्र व राज्यों दोनों के लिए |
| शक्तियों का विभाजन (संघ/राज्य/समवर्ती सूची) | अवशिष्ट शक्तियां केंद्र के पास (अनुच्छेद 248) |
| स्वतंत्र न्यायपालिका | एकीकृत न्यायपालिका ढांचा (एक ही न्यायिक पदानुक्रम) |
| द्विसदनीय विधायिका (राज्यसभा राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है) | संसद राज्यों की सीमा/नाम बदल सकती है (अनुच्छेद 3) |
| केंद्र व राज्यों की दोहरी सरकार | आपातकाल (अनु. 352/356/360) में केंद्र को व्यापक शक्तियां |
ऐतिहासिक विकास | Historical Development
वल्लभभाई पटेल ने 562 रियासतों को 1947-1950 के बीच भारत में एकीकृत किया। राज्य पुनर्गठन आयोग (1956), अध्यक्ष: फज़ल अली, ने भाषाई आधार पर 16 राज्य और 3 केंद्रशासित क्षेत्र सुझाए; राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 के तहत वास्तव में 14 राज्य और 6 केंद्रशासित प्रदेश बने।
- 1947स्वतंत्रता; रियासतों के एकीकरण की शुरुआत (पटेल व वी.पी. मेनन)
- 1947-1950लगभग 562 रियासतों का भारत में विलय
- 1950संविधान लागू; राज्यों को भाग अ/ब/स/द में वर्गीकृत किया गया
- 1953आंध्र राज्य का गठन — पहला भाषाई राज्य (मद्रास से अलग)
- 1953राज्य पुनर्गठन आयोग (फज़ल अली आयोग) नियुक्त
- 1955आयोग की रिपोर्ट — 16 राज्य व 3 केंद्रशासित क्षेत्र सुझाए
- 1 नवंबर 1956राज्य पुनर्गठन अधिनियम लागू — 14 राज्य व 6 केंद्रशासित प्रदेश बने
संरचना | Structure
7वीं अनुसूची की तीन सूचियां:
- संघ सूची: मूलतः 97, वर्तमान में 100 विषय — राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति, मुद्रा, रेलवे
- राज्य सूची: मूलतः 66, वर्तमान में 61 विषय — पुलिस, कृषि, स्थानीय सरकार
- समवर्ती सूची: मूलतः 47, वर्तमान में 52 विषय — आपराधिक कानून, श्रम कानून, शिक्षा (42वें संशोधन, 1976 से राज्य सूची से स्थानांतरित)। विवाद में संघ कानून प्रभावी।
| सूची | विषय संख्या (मूल → वर्तमान) | उदाहरण |
|---|---|---|
| संघ सूची | 97 → 100 | रक्षा, विदेश मामले, मुद्रा, रेलवे, बैंकिंग |
| राज्य सूची | 66 → 61 | पुलिस, कृषि, लोक स्वास्थ्य, स्थानीय शासन, मत्स्य पालन |
| समवर्ती सूची | 47 → 52 | आपराधिक कानून, विवाह व तलाक, वन, शिक्षा, भार व माप (अंतिम तीन 42वें संशोधन, 1976 से स्थानांतरित) |
वर्तमान स्थिति | Current Status
2026 में 28 राज्य और 8 केंद्रशासित प्रदेश। लद्दाख (2019) नया केंद्रशासित प्रदेश। 73वां और 74वां संशोधन (1992) ने स्थानीय शासन मजबूत किया।
परीक्षा के महत्वपूर्ण बिंदु | Exam Points
- तीन सूचियां: संघ (मूलतः 97, अब 100), राज्य (मूलतः 66, अब 61), समवर्ती (मूलतः 47, अब 52)
- अवशिष्ट शक्तियां: संघ के पास — अनुच्छेद 248
- केंद्रशासित प्रदेश: 8 (2026); दिल्ली और पुडुचेरी में विधायिका
- वल्लभभाई पटेल: 562 रियासतों का एकीकरण 1947-1950
- राज्य पुनर्गठन आयोग: अध्यक्ष फज़ल अली; आयोग ने 16 राज्य/3 UT सुझाए, अधिनियम से 14 राज्य/6 UT बने; प्रभावी 1 नवंबर 1956
- 73वां संशोधन (1992): पंचायती राज — महिलाओं को 33% आरक्षण
- 74वां संशोधन: नगर पालिकाएं
- वित्त आयोग: कर राजस्व का वितरण
- समवर्ती सूची में विवाद: संघ कानून प्रभावी
- आपातकाल (अनुच्छेद 352) में केंद्र की शक्ति बढ़ती है
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •अनुच्छेद 32 को डॉ. अंबेडकर ने 'संविधान की आत्मा' कहा था।
- •DPSP भाग IV में हैं; ये वाद योग्य नहीं हैं किन्तु शासन में मूलभूत हैं।
- •भारतीय संसद की राज्यसभा में अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं; 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत।
- •73वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा मिला।
- •सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना 28 जनवरी 1950 को हुई; इसके पास मूल, अपील और सलाहकार क्षेत्राधिकार है।