सर्वनाम — Patwari नोट्स
सर्वनाम वे शब्द हैं जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं। परीक्षा में गद्यांश से रेखांकित शब्द देकर उसका शब्द-भेद (सर्वनाम है या नहीं) पहचानने के प्रश्न बार-बार आते हैं, जहाँ सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण के बीच का महीन अंतर परखा जाता है।
- कक्षा 6-8 स्तर की गहराई
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सर्वनाम क्या है?
संज्ञा के बार-बार प्रयोग से बचने के लिए उसके स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं — जैसे 'राम स्कूल गया, राम ने किताब पढ़ी' की जगह 'राम स्कूल गया, उसने किताब पढ़ी' कहना अधिक स्वाभाविक है, यहाँ 'उसने' सर्वनाम है। हिंदी में मुख्य रूप से 11 मूल सर्वनाम शब्द माने जाते हैं — मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कौन, क्या, कोई, कुछ — इन्हीं से बाकी सभी रूप (मेरा, तुम्हारा, उसका, हमने आदि) बनते हैं।
हिंदी व्याकरण में सर्वनाम के छह भेद माने जाते हैं: पुरुषवाचक (मैं, तू, वह), निश्चयवाचक (यह, वह), अनिश्चयवाचक (कोई, कुछ), संबंधवाचक (जो...सो), प्रश्नवाचक (कौन, क्या) और निजवाचक (आप, स्वयं, खुद)।
सर्वनाम के वचन और पुरुष के अनुसार क्रिया का रूप भी बदलता है, इसलिए वाक्य में सही सर्वनाम चुनना व्याकरणिक शुद्धता के लिए भी जरूरी है — जैसे 'मैं जाता हूँ' में उत्तम पुरुष एकवचन के अनुसार क्रिया 'हूँ' आई है, जबकि 'हम जाते हैं' में बहुवचन के अनुसार 'हैं' आया है। परीक्षा में कभी-कभी वाक्य-शुद्धि के प्रश्नों में गलत सर्वनाम-क्रिया मेल (जैसे 'वह जाते हैं' की जगह 'वह जाता है' होना चाहिए) पहचानने को भी कहा जाता है, इसलिए सर्वनाम को क्रिया के साथ जोड़कर भी अभ्यास करना चाहिए।
'आप' शब्द का प्रयोग दोतरफा होता है — सम्मानसूचक मध्यम पुरुष सर्वनाम के रूप में (जैसे 'आप कैसे हैं?') और स्वयं के लिए निजवाचक सर्वनाम के रूप में (जैसे 'मैं आप ही यह काम करूँगा'); वाक्य के प्रसंग से ही यह भेद तय होता है। अधिकांश सर्वनाम स्वयं में लिंग-निरपेक्ष होते हैं, और वाक्य में क्रिया उस संज्ञा के लिंग के अनुसार प्रयुक्त होती है जिसके स्थान पर सर्वनाम आया है — बार-बार संज्ञा दोहराने से बचाकर सर्वनाम भाषा को संक्षिप्त व सहज बनाते हैं।
अभ्यास के लिए कोई भी छोटा गद्यांश लेकर उसमें आए हर सर्वनाम को रेखांकित करें और उसका भेद (पुरुषवाचक/निश्चयवाचक/आदि) लिखने का अभ्यास करें — इससे गद्यांश-आधारित प्रश्नों में रेखांकित पद का भेद पहचानने की गति और सटीकता, दोनों बेहतर होती हैं।
सर्वनाम के छह भेद
| भेद | उदाहरण शब्द | प्रयोग | उदाहरण वाक्य |
|---|---|---|---|
| पुरुषवाचक सर्वनाम | मैं, तू, तुम, हम, वह, वे | बोलने वाला, सुनने वाला या जिसकी बात हो रही हो, उसके स्थान पर | मैं स्कूल जाता हूँ। |
| निश्चयवाचक सर्वनाम | यह, वह, ये, वे | किसी निश्चित व्यक्ति/वस्तु की ओर संकेत करने के लिए | यह मेरी किताब है। |
| अनिश्चयवाचक सर्वनाम | कोई, कुछ | अनिश्चित व्यक्ति/वस्तु के लिए, जब नाम निश्चित न हो | कोई दरवाजे पर खड़ा है। |
| संबंधवाचक सर्वनाम | जो, सो | दो वाक्यों/उपवाक्यों को आपस में जोड़ने के लिए | जो मेहनत करता है, सो सफल होता है। |
| प्रश्नवाचक सर्वनाम | कौन, क्या | प्रश्न पूछने के लिए | तुम कौन हो? |
| निजवाचक सर्वनाम | आप, स्वयं, खुद | कर्ता स्वयं अपने लिए प्रयोग करे | मैं अपना काम स्वयं करता हूँ। |
सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण में अंतर
यह भेद परीक्षा में सबसे ज्यादा भ्रम पैदा करता है। जब सर्वनाम शब्द (यह, वह, कोई, कुछ) अकेले संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त हो, तो वह सर्वनाम है — जैसे 'वह आया'। लेकिन जब यही शब्द किसी संज्ञा से ठीक पहले आकर उसकी विशेषता बताए, तो व्याकरण में उसे सार्वनामिक विशेषण कहा जाता है — जैसे 'वह लड़का आया' में 'वह' संज्ञा 'लड़का' के पहले आकर विशेषण की तरह काम कर रहा है।
'हमारा', 'हमने', 'उसका' जैसे रूप मूल सर्वनाम (हम, वह) से कारक-चिह्न (का, ने) जुड़ने पर बनते हैं। परीक्षा में जब विकल्पों में 'सार्वनामिक विशेषण' न हो और केवल संज्ञा-सर्वनाम-विशेषण-क्रिया में चुनना हो, तो ऐसे रूपों को सर्वनाम ही माना जाता है क्योंकि वे मूल रूप से किसी संज्ञा (व्यक्ति) के स्थान पर आए शब्द से बने हैं।
पुरुषवाचक सर्वनाम को आगे तीन उप-भेदों में भी बाँटा जाता है — उत्तम पुरुष (बोलने वाला: मैं, हम), मध्यम पुरुष (सुनने वाला: तू, तुम, आप) और अन्य पुरुष (जिसके बारे में बात हो रही हो: वह, वे)। परीक्षा में पुरुषवाचक सर्वनाम के प्रश्न कभी-कभी इन उप-भेदों के आधार पर भी पूछे जाते हैं, इसलिए 'हम' को उत्तम पुरुष बहुवचन और 'वे' को अन्य पुरुष बहुवचन के रूप में याद रखना उपयोगी रहता है।
इस भेद को ठीक से समझ लेने के बाद विशेषण टॉपिक में सार्वनामिक विशेषण पढ़ना भी आसान हो जाता है, क्योंकि दोनों जगह मूल नियम एक ही है।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
अगर 'यह/वह/कोई' के ठीक बाद कोई संज्ञा (व्यक्ति/वस्तु का नाम) आए, तो प्रश्न-विकल्पों में 'सार्वनामिक विशेषण' देखें; न हो तो सर्वनाम चुनें। अगर ये शब्द अकेले संज्ञा की जगह खड़े हों (कोई संज्ञा साथ न हो), तो निश्चित रूप से सर्वनाम हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सर्वनाम किसे कहते हैं?+
संज्ञा के बार-बार प्रयोग से बचने के लिए उसके स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं, जैसे मैं, तू, वह, यह, कोई।
सर्वनाम के कितने भेद होते हैं?+
हिंदी व्याकरण में सर्वनाम के छह भेद माने जाते हैं — पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक और निजवाचक।
सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण में क्या अंतर है?+
जब सर्वनाम शब्द अकेले संज्ञा के स्थान पर आए तो वह सर्वनाम है; जब वही शब्द किसी संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताए, तो उसे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।
पुरुषवाचक सर्वनाम के कितने उप-भेद हैं?+
पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन उप-भेद हैं — उत्तम पुरुष (मैं, हम), मध्यम पुरुष (तू, तुम, आप) और अन्य पुरुष (वह, वे), जो क्रमशः बोलने वाले, सुनने वाले और जिसके बारे में बात हो रही हो, उसे दर्शाते हैं।