मुख्य सामग्री पर जाएं
पेपर I · इकाई III · भाग ग

कंपनी का लाभ-हानि विवरण (Statement of Profit and Loss): अनुसूची III का स्वरूप, खर्च के शीर्ष और प्रभाग II

कंपनी के लाभ-हानि विवरण का स्वरूप, खर्च के शीर्ष, प्रभाग I और II का अंतर और हल उदाहरण।

  • लाभ-हानि विवरण
  • अनुसूची III
  • अन्य आय
  • अन्य व्यापक आय
3 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

सिलेबस में

RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग ग: "Financial statement of a company; techniques of analysis of financial statements; cash flow statement." इस पृष्ठ पर कंपनी का लाभ-हानि विवरण (Statement of Profit and Loss) है। तुलन-पत्र पिछले पृष्ठ (company-balance-sheet) पर है; विश्लेषण-तकनीकें और नकदी प्रवाह अपने पृष्ठों पर।

इस विषय को क्यों पढ़ें

याद रखें

  • उपलब्ध पेपरों (2013, 2016, 2018, 2021, 2023, 2024) में लाभ-हानि विवरण के प्रारूप पर सीधा प्रश्न नहीं आया। फिर भी अनुपात, प्रवृत्ति और सामान्य-आकार विश्लेषण के प्रश्न इसी विवरण की मदों (बिक्री, खर्च, कर) से हल होते हैं, इसलिए मदों की पहचान ज़रूरी है।
  • किसी मद को किस शीर्ष में रखना है (वित्त-लागत बनाम अन्य खर्च, परिचालन आय बनाम अन्य आय), यह छोटे प्रश्नों में अंक दिलाता है। यह अनुमान है, पैटर्न का दावा नहीं।
  • भाग ग के आगे के पृष्ठ (अनुपात, तुलनात्मक और सामान्य-आकार विवरण) इस विवरण को सीधे इस्तेमाल करते हैं; यह पृष्ठ उनकी नींव है।

सरल भाषा में: साल भर की कमाई और खर्च का हिसाब

सीकर का एक किसान साल के अंत में बैठकर देखता है कि फ़सल बेचकर कितना मिला, बीज, खाद, मज़दूरी, बिजली और कर्ज़ के ब्याज पर कितना ख़र्च हुआ, और अंत में जेब में कितना बचा। यही एक पूरी अवधि का हिसाब है। कंपनी का लाभ-हानि विवरण (Statement of Profit and Loss) ठीक यही काम करता है, पर निश्चित क्रम और निश्चित नामों के साथ, ताकि किसी भी कंपनी का विवरण दूसरी कंपनी से मिलाकर पढ़ा जा सके।

तुलन-पत्र और लाभ-हानि विवरण का फ़र्क़ इसी उदाहरण से समझें। किसान के पास साल के अंतिम दिन कितनी ज़मीन, ट्रैक्टर, अनाज और उधार है, यह तुलन-पत्र है: एक तारीख़ की तस्वीर। पूरे साल में कितनी कमाई हुई और कितना ख़र्च हुआ, यह लाभ-हानि विवरण है: एक अवधि की फ़िल्म। एक में स्थिति दिखती है, दूसरे में परिणाम।

परीक्षा के लिए सटीक रूप: कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 2(40) के अनुसार वित्तीय विवरण में तुलन-पत्र के साथ लाभ-हानि खाता (या गैर-लाभकारी कंपनी के लिए आय-व्यय खाता) शामिल है। अनुसूची III का भाग II "Statement of Profit and Loss" का प्रारूप और सामान्य निर्देश देता है, और धारा 129 के अनुसार विवरण को कंपनी की स्थिति का सही और निष्पक्ष चित्र देना होता है। आय-व्यय खाते पर वही प्रावधान उसी तरह लागू होते हैं।

अनुसूची III, प्रभाग I: विवरण का क्रम

प्रभाग I उन कंपनियों के लिए है जो पुराने लेखा मानक (AS) अपनाती हैं। विवरण ऊपर से नीचे एक सीधी सीढ़ी की तरह चलता है। सबसे ऊपर कमाई आती है: प्रचालन से राजस्व (Revenue from operations) और अन्य आय (Other income); दोनों का जोड़ कुल राजस्व है। फिर खर्चों की सूची आती है और कुल खर्च घटाने पर कर से पहले का लाभ मिलता है। उसके बाद असाधारण मदें, कर, बंद किए गए प्रचालन और अंत में प्रति शेयर आय आती है।

इस क्रम को रटने के बजाय यों सोचें: पहले कमाई, फिर उस कमाई को पाने में लगा खर्च, फिर असामान्य घटनाएँ, फिर सरकार का हिस्सा (कर), और अंत में यह कि हर शेयर के हिस्से कितना आया। नीचे की तालिका में प्रारूप के शीर्ष दिए हैं, जैसे अनुसूची के पाठ में छपे हैं।

लाभ-हानि विवरण (प्रभाग I): शीर्षों का क्रम

क्रमशीर्षसरल अर्थ
Iप्रचालन से राजस्वमुख्य कारोबार से आय: उत्पाद और सेवाओं की बिक्री तथा अन्य प्रचालन राजस्व
IIअन्य आयब्याज, लाभांश, निवेश की बिक्री पर लाभ-हानि और अन्य गैर-प्रचालन आय
IIIकुल राजस्वI और II का जोड़
IVखर्चप्रयुक्त सामग्री की लागत; व्यापार-माल की ख़रीद; तैयार माल, अर्ध-निर्मित और व्यापार-माल के स्टॉक में परिवर्तन; कर्मचारी लाभ खर्च; वित्त-लागत; मूल्यह्रास और परिशोधन; अन्य खर्च
Vअसाधारण और अपवादात्मक मदों तथा कर से पहले लाभIII में से IV घटाकर
VIअपवादात्मक मदेंअसामान्य आकार या स्वरूप की मदें
VIIअसाधारण मदों और कर से पहले लाभV में से VI घटाकर
VIIIअसाधारण मदेंअनुसूची के प्रारूप में यह पंक्ति छपी है; Ind AS वाले प्रभाग II में यह पंक्ति नहीं है
IXकर से पहले लाभअपवादात्मक और असाधारण मदें घटाने के बाद
Xकर खर्चचालू कर और आस्थगित कर
XI से XVचालू प्रचालन और बंद प्रचालन का लाभबंद किए गए प्रचालन का लाभ-हानि और उसका कर अलग दिखाया जाता है; अंत में अवधि का लाभ
XVIप्रति इक्विटी शेयर आयबेसिक (Basic) और डाइल्यूटेड (Diluted)

खर्चों के सात शीर्ष: किसमें क्या जाता है

खर्च वाले हिस्से में सबसे ज़्यादा भ्रम होता है, इसलिए हर शीर्ष का अर्थ अलग से समझ लें। प्रयुक्त सामग्री की लागत (Cost of materials consumed) निर्माता कंपनी पर लागू है और इसमें निर्माण में खपे कच्चे माल और अन्य सामग्री का मूल्य आता है। व्यापार-माल की ख़रीद (Purchases of stock-in-trade) उस माल की ख़रीद है जो बिना बदले बेचने के लिए ली गई हो।

स्टॉक में परिवर्तन (Changes in inventories) NCERT के अनुसार आरंभिक और अंतिम स्टॉक का अंतर है। सरल नियम: आरंभिक स्टॉक में से अंतिम स्टॉक घटाइए। यदि स्टॉक घटा है तो अंतर धनात्मक आएगा और वह खर्च में जुड़ेगा; यदि स्टॉक बढ़ा है तो अंतर ऋणात्मक आएगा और खर्च घटेगा, क्योंकि बने हुए माल का एक हिस्सा अभी बिका नहीं है और अगले साल की संपत्ति बन गया है।

कर्मचारी लाभ खर्च में वेतन, मज़दूरी, छुट्टी का नकदीकरण और कर्मचारी कल्याण जैसे खर्च आते हैं; अनुसूची के नोट में वेतन और मज़दूरी, भविष्य निधि आदि में अंशदान, ESOP और ESPP पर खर्च, तथा कर्मचारी कल्याण खर्च अलग-अलग दिखाने होते हैं। वित्त-लागत (Finance costs) में केवल ब्याज और उधार से जुड़ी लागतें आती हैं। NCERT स्पष्ट करता है कि बैंक-शुल्क जैसे अन्य वित्तीय खर्च "अन्य खर्च" में जाते हैं, वित्त-लागत में नहीं।

मूल्यह्रास (Depreciation) स्थिर संपत्तियों के मूल्य में कमी है, जबकि परिशोधन (Amortisation) अमूर्त संपत्ति, जैसे पेटेंट या सॉफ़्टवेयर, की लागत को वर्षों में खर्च में बदलना है। बाकी सब खर्च "अन्य खर्च" में जाते हैं, जैसे बिजली, किराया, मरम्मत और विज्ञापन। अनुसूची कहती है कि कोई भी मद, जो प्रचालन से राजस्व के एक प्रतिशत या ₹1,00,000, इनमें से जो अधिक हो, उससे बड़ी हो, नोट में अलग से दिखानी होगी।

आय के नोट, लेखा-परीक्षक को भुगतान और CSR

प्रभाग I के निर्देशों के अनुसार वित्त-कंपनी के अलावा अन्य कंपनी को प्रचालन से राजस्व में उत्पादों की बिक्री, सेवाओं की बिक्री और अन्य प्रचालन राजस्व अलग-अलग नोट में दिखाने होते हैं। अनुसूची के पाठ में इस सूची के साथ उत्पाद-शुल्क को घटाने की पंक्ति भी छपी है, जबकि प्रभाग II में उत्पादों की बिक्री उत्पाद-शुल्क सहित दिखाई जाती है। वित्त-कंपनी के लिए प्रचालन राजस्व में ब्याज और अन्य वित्तीय सेवाओं की आय आती है।

अन्य आय में ब्याज आय (वित्त-कंपनी के अलावा), लाभांश आय, निवेश की बिक्री पर शुद्ध लाभ या हानि, और अन्य गैर-प्रचालन आय आती है। यह भेद परीक्षा में पूछा जा सकता है: कारोबार का मुख्य काम प्रचालन राजस्व है, बाकी सब अन्य आय। निवेश पर आय मुख्य कारोबार की कमाई नहीं है, इसलिए उसे बिक्री में मत जोड़िए।

अनुसूची अतिरिक्त जानकारी भी माँगती है: ब्याज आय और ब्याज खर्च, लाभांश आय, लेखा-परीक्षक को भुगतान (लेखा-परीक्षक के रूप में, कर संबंधी मामलों, कंपनी-कानून के मामलों, प्रबंधन सेवाओं, अन्य सेवाओं और व्यय-प्रतिपूर्ति के लिए अलग-अलग), और जिन कंपनियों पर धारा 135 लागू होती है उनके लिए कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) पर किया गया ख़र्च। पिछली अवधि की मदें (Prior period items) और अपवादात्मक तथा असाधारण मदों का ब्योरा भी नोट में आता है।

अपवादात्मक मदें, कर, बंद प्रचालन और प्रति शेयर आय

अपवादात्मक मदें (Exceptional items) ऐसी होती हैं जिनका आकार या स्वरूप असामान्य है, जैसे किसी बड़े कारखाने की बिक्री से हुआ एकमुश्त घाटा। इन्हें अलग दिखाने का कारण यह है कि पाठक समझ सके कि लाभ का कितना हिस्सा सामान्य कारोबार से है और कितना किसी एकबारगी घटना से। कर खर्च में चालू कर (Current tax) और आस्थगित कर (Deferred tax) अलग-अलग दिखाए जाते हैं; चालू कर इसी अवधि की आय पर देय कर है, जबकि आस्थगित कर लेखा-लाभ और कर-योग्य लाभ के समय-अंतर से बनता है।

जब कंपनी अपना कोई प्रचालन बंद करती है, तो उसका लाभ या हानि और उस पर कर अलग पंक्तियों में आता है, ताकि चालू प्रचालन का परिणाम साफ़ दिखे। अंत में प्रति इक्विटी शेयर आय (Earnings per share) बेसिक और डाइल्यूटेड, दोनों रूपों में दी जाती है। सरल रूप में, इक्विटी शेयरधारकों के हिस्से का लाभ इक्विटी शेयरों की संख्या से भाग देने पर प्रति शेयर आय मिलती है। विस्तृत गणना का नियम Ind AS 33 (Earnings per Share) में है और यहाँ केवल मूल अवधारणा पर्याप्त है।

प्रभाग II (Ind AS): अलग क्या है

जो कंपनियाँ भारतीय लेखा मानक (Ind AS) अपनाती हैं, उनके लिए प्रभाग II है। इसमें विवरण का नाम वही रहता है, पर इसमें "अन्य व्यापक आय" (Other Comprehensive Income) जुड़ती है। अनुसूची के अनुसार लाभ-हानि विवरण में अवधि का लाभ या हानि और अन्य व्यापक आय, दोनों शामिल होते हैं, और इन दोनों का जोड़ "कुल व्यापक आय" (Total Comprehensive Income) कहलाता है।

अन्य व्यापक आय दो हिस्सों में बँटी है। पहले हिस्से में वे मदें हैं जो बाद में लाभ-हानि में नहीं लौटेंगी, जैसे पुनर्मूल्यांकन अधिशेष में परिवर्तन और निश्चित लाभ योजनाओं का पुनर्मापन। दूसरे हिस्से में वे मदें हैं जो बाद में लाभ-हानि में पुनर्वर्गीकृत होंगी, जैसे विदेशी प्रचालन के वित्तीय विवरणों के अनुवाद से हुआ विनिमय अंतर। हर हिस्से के साथ उस पर आयकर अलग पंक्ति में दिखाया जाता है।

लाभ-हानि विवरण: प्रभाग I बनाम प्रभाग II

प्रभाग I (AS)

पंक्ति "असाधारण मदें"प्रारूप में छपी है

अन्य व्यापक आयनहीं

अंतिम परिणामअवधि का लाभ या हानि

उत्पादों की बिक्री का नोटअनुसूची के पाठ में उत्पाद-शुल्क घटाने की पंक्ति छपी है

वित्त-लागत का नोटब्याज; अन्य उधार-लागत; विदेशी मुद्रा लेन-देन पर लागू शुद्ध लाभ या हानि

प्रति शेयर आयबेसिक और डाइल्यूटेड

प्रभाग II (Ind AS)

पंक्ति "असाधारण मदें"प्रारूप में नहीं है; अपवादात्मक मदें हैं

अन्य व्यापक आयहोती है, दो भागों में

अंतिम परिणामकुल व्यापक आय (लाभ या हानि और अन्य व्यापक आय का जोड़)

उत्पादों की बिक्री का नोटउत्पाद-शुल्क सहित दिखाई जाती है

वित्त-लागत का नोटब्याज; मोचनीय पूर्वाधिकार शेयरों पर लाभांश; उधार-लागत के समायोजन के रूप में विनिमय अंतर; अन्य उधार-लागत

प्रति शेयर आयचालू और बंद प्रचालन के लिए अलग-अलग तथा कुल, बेसिक और डाइल्यूटेड

तुलन-पत्र बनाम लाभ-हानि विवरण

तुलन-पत्र

समयनिश्चित तिथि

दिखाता हैसंपत्ति, देयता और पूँजी की स्थिति

उपमाफ़ोटो

अवधि का परिणामलाभ का शेष "अधिशेष" में जुड़ता है

सामान्य प्रश्नचालू अनुपात, ऋण-समता अनुपात

कुल जोड़दोनों ओर बराबर

लाभ-हानि विवरण

समयपूरी अवधि

दिखाता हैआय, खर्च और परिणाम

उपमाफ़िल्म

अवधि का परिणामलाभ या हानि यहीं निकलती है

सामान्य प्रश्नलाभ-मार्जिन, प्रति शेयर आय

कुल जोड़लाभ या हानि पर पूरा होता है

विवरण को पढ़ने का तरीक़ा

लाभ-हानि विवरण देखकर केवल यह कह देना काफ़ी नहीं कि कंपनी को लाभ हुआ। तीन सवाल पूछिए। पहला: क्या लाभ मुख्य कारोबार से आया या अन्य आय से? दूसरा: कौन-सा खर्च राजस्व के मुकाबले बहुत बड़ा है, जैसे सामग्री, कर्मचारी या ब्याज? तीसरा: क्या कोई अपवादात्मक मद लाभ को सामान्य से ऊपर या नीचे खींच रही है?

यही कारण है कि प्रचालन से राजस्व और अन्य आय अलग दिखाई जाती हैं। किसी कपड़ा-कंपनी का सारा लाभ अगर ज़मीन बेचने से आया हो, तो अगले साल वह दोहराया नहीं जाएगा। नीचे के केस में यही बात संख्याओं के साथ है।

लाभ-हानि विवरण: कमाई से अवधि के लाभ तक

  1. प्रचालन से राजस्व

    मुख्य कारोबार की बिक्री

  2. + अन्य आय

    ब्याज, लाभांश, निवेश पर लाभ

  3. − कुल खर्च

    सामग्री, कर्मचारी, वित्त-लागत, मूल्यह्रास, अन्य

  4. − अपवादात्मक मदें

    असामान्य एकबारगी

  5. = कर से पहले लाभ

    PBT

  6. − कर खर्च

    चालू और आस्थगित

  7. = अवधि का लाभ

    फिर प्रति शेयर आय

प्रभाग I के क्रम पर आधारित; प्रभाग II में इसके बाद अन्य व्यापक आय जुड़कर कुल व्यापक आय बनती है।

लाभ-हानि विवरण: मदों का नक़्शा

लाभ-हानि विवरण

आय

  • प्रचालन से राजस्व
  • अन्य आय

खर्च

  • सामग्री की लागत
  • स्टॉक में परिवर्तन
  • कर्मचारी लाभ
  • वित्त-लागत
  • मूल्यह्रास और परिशोधन
  • अन्य खर्च

अंतिम भाग

  • अपवादात्मक मदें
  • कर खर्च
  • बंद प्रचालन
  • प्रति शेयर आय

प्रभाग II

  • अन्य व्यापक आय
  • कुल व्यापक आय

मुख्य तथ्य

वित्तीय विवरण की परिभाषा
धारा 2(40): तुलन-पत्र, लाभ-हानि खाता या आय-व्यय खाता, नकदी प्रवाह विवरण, इक्विटी में परिवर्तन (यदि लागू) और नोट
प्रभाग I का क्रम
प्रचालन से राजस्व; अन्य आय; खर्च; कर से पहले लाभ; अपवादात्मक और असाधारण मदें; कर; बंद प्रचालन; प्रति शेयर आय
प्रभाग II की अतिरिक्त बात
अन्य व्यापक आय और कुल व्यापक आय
नोट में अलग दिखाने की सीमा
प्रचालन राजस्व के एक प्रतिशत या ₹1,00,000, जो अधिक हो, उससे बड़ी मद (प्रभाग I)
वित्त-लागत और बैंक-शुल्क
वित्त-लागत में ब्याज; बैंक-शुल्क "अन्य खर्च" में
लेखा-परीक्षक को भुगतान
नोट में अलग-अलग मदों में दिखाया जाता है
अंतिम जाँच
2 अक्टूबर 2026

पिछले प्रश्नों में यह विषय

उपलब्ध पेपरों में इस उप-विषय पर सीधा प्रश्न नहीं आया। इसलिए यहाँ अभ्यास प्रश्न दिए हैं, जो पिछले वर्षों के प्रश्न नहीं हैं।

परीक्षा में आम ग़लतियाँ

याद रखें

  • ब्याज और बैंक-शुल्क दोनों को वित्त-लागत में रख देना: NCERT के अनुसार वित्त-लागत में ब्याज आता है और बैंक-शुल्क अन्य खर्च में।
  • स्टॉक में परिवर्तन का चिह्न उलट देना: आरंभिक में से अंतिम घटाइए; स्टॉक बढ़ा तो खर्च घटेगा।
  • अन्य आय को बिक्री में जोड़ देना: ब्याज, लाभांश और निवेश की बिक्री का लाभ प्रचालन राजस्व में नहीं आते।
  • तुलन-पत्र और लाभ-हानि का आधार मिला देना: एक तारीख़ की स्थिति है, दूसरा अवधि का परिणाम।
  • प्रभाग II में "असाधारण मदें" की पंक्ति ढूँढना: वहाँ प्रारूप में यह पंक्ति नहीं है, और अन्य व्यापक आय अलग से जुड़ती है।
  • रुपये की इकाई और कोष्ठक का चिह्न भूल जाना: ऋणात्मक आँकड़े कोष्ठक में लिखें और इकाई साथ दें।