नकद प्रवाह विवरण (Cash Flow Statement): तीन गतिविधियाँ, विधियाँ और कोष प्रवाह से अंतर
तीन गतिविधियों का वर्गीकरण, अप्रत्यक्ष विधि का पूरा कल्पित हल, कोष प्रवाह से अंतर और 2018 का प्रश्न हल सहित।
- AS 3
- तीन गतिविधियाँ
- अप्रत्यक्ष विधि
- कोष प्रवाह
सिलेबस में
RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग ग: "Financial statement of a company; techniques of analysis of financial statements; cash flow statement; basic knowledge of responsibility and social accounting." 2018 में पूछा गया कोष प्रवाह विश्लेषण नकद प्रवाह का निकट संबंधी है; उसकी पहचान और अंतर इसी पृष्ठ में दिए गए हैं।
इस विषय को क्यों पढ़ें
याद रखें
- 2018 के पेपर I में 2 अंक का प्रश्न था: कोष प्रवाह विश्लेषण तकनीक क्या है। सिलेबस में नकद प्रवाह विवरण नामित है; कोष प्रवाह उसका पुराना, कार्यशील पूँजी पर आधारित भाई है, इसलिए दोनों का अंतर तैयार रखें।
- नकद प्रवाह विवरण वित्तीय विवरण का हिस्सा है, इसलिए यह विषय वित्तीय विश्लेषण की पाँच तकनीकों के प्रश्न (2023) का भी एक अंग है।
- तीन गतिविधियों (संचालन, निवेश, वित्तपोषण) का वर्गीकरण सबसे ज़्यादा काम आता है: संख्यात्मक प्रश्न में यही तय करना होता है कि कौन-सी मद किस श्रेणी में जाएगी।
बात सीधी भाषा में: खाते का मुनाफ़ा बनाम जेब की नक़दी
एक दुकानदार ने महीने में ₹5,00,000 का माल उधार बेचा। बही में उसने अच्छा मुनाफ़ा लिखा, पर बाज़ार से एक रुपया भी नहीं आया। उसी महीने उसे कर्मचारियों का वेतन और बिजली का बिल चुकाना है। मुनाफ़े के बावजूद जेब ख़ाली है। इसी अंतर को पकड़ने के लिए नकद प्रवाह विवरण (Cash Flow Statement) बनता है: यह बताता है कि साल भर में नक़दी कहाँ से आई और कहाँ गई।
परीक्षा के लिए सटीक परिभाषा: नकद प्रवाह विवरण वह विवरण है जो किसी अवधि में रोकड़ और रोकड़ तुल्य (Cash and Cash Equivalents) की आमद और निकासी को संचालन, निवेश और वित्तपोषण गतिविधियों के शीर्षकों में दिखाता है। NCERT के अनुसार यह तुलन-पत्र (स्थिति विवरण) और लाभ-हानि विवरण के बाद तीसरा महत्त्वपूर्ण वित्तीय विवरण है। यह दो तुलन-पत्रों के बीच नक़दी की स्थिति में बदलाव के कारण भी समझाता है।
NIOS की एक उपमा याद रखने लायक़ है: जो भूमिका शरीर में रक्त की है, वही कारोबार में नक़दी की है। कोई कंपनी मुनाफ़े में चलकर भी लाभांश चुकाने लायक़ नक़दी न रखे तो अंशधारियों और बाज़ार में ग़लत संदेश जाता है।
कानूनी स्थिति: यह वैकल्पिक नहीं है
NCERT के अनुसार कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 2(40) में वित्तीय विवरण की परिभाषा में नकद प्रवाह विवरण शामिल है, और यह लेखांकन मानक 3 (AS 3), नकद प्रवाह विवरण, के अनुसार तैयार किया जाता है। AS 3 का मूल निर्देश है कि उद्यम को नकद प्रवाह विवरण तैयार करना चाहिए और उसे हर उस अवधि के लिए प्रस्तुत करना चाहिए जिसके वित्तीय विवरण दिए जाएँ। कुछ वर्गों के उद्यमों को इससे छूट भी है, जिसका ब्योरा सिलेबस के "basic knowledge" स्तर से बाहर है। Ind AS 7 में भी ढाँचा यही है: रोकड़ और रोकड़ तुल्य के परिवर्तनों की जानकारी, तीन गतिविधियों में बँटी हुई (ICAI की सामग्री)।
रोकड़ और रोकड़ तुल्य: क्या गिना जाता है
AS 3 के अनुसार रोकड़ (Cash) का अर्थ है हाथ की रोकड़ और बैंक में माँग पर चुकाई जाने वाली जमाएँ। रोकड़ तुल्य (Cash Equivalents) वे अल्पकालीन, अत्यंत तरल निवेश हैं जो आसानी से निश्चित रक़म की रोकड़ में बदले जा सकें और जिनके मूल्य में बदलाव का जोखिम नगण्य हो। NCERT के अनुसार कोई निवेश तभी रोकड़ तुल्य गिना जाता है जब उसकी परिपक्वता अवधि कम हो, सामान्यतः अधिग्रहण की तारीख़ से तीन महीने या कम। शेयरों में निवेश इसमें नहीं आता, जब तक वह वस्तुतः रोकड़ तुल्य न हो।
रोकड़ प्रवाह (Cash Flow) का अर्थ रोकड़ और रोकड़ तुल्य की आमद और निकासी है। इसलिए रोकड़ तुल्य में निवेश की ख़रीद-बिक्री नकद प्रवाह विवरण में अलग से नहीं दिखती, क्योंकि वह नक़दी प्रबंधन का ही हिस्सा है।
तीन गतिविधियाँ: हर मद का ठिकाना
AS 3 के अनुसार सभी गतिविधियाँ तीन श्रेणियों में बाँटी जाती हैं ताकि पता चले कि नक़दी किस काम से बनी या ख़र्च हुई। संचालन गतिविधियाँ (Operating Activities) उद्यम की मुख्य, राजस्व कमाने वाली गतिविधियाँ हैं और जो निवेश या वित्तपोषण नहीं हैं। उदाहरण: माल और सेवाओं की बिक्री से रोकड़ प्राप्ति, आपूर्तिकर्ताओं और कर्मचारियों को भुगतान, आयकर का भुगतान। NCERT कहती है कि संचालन से रोकड़ आंतरिक शोधन-क्षमता का स्तर बताती है, यानी कंपनी बाहरी स्रोत लिए बिना ऋण चुकाने, लाभांश देने और नए निवेश करने लायक़ है या नहीं।
निवेश गतिविधियाँ (Investing Activities) दीर्घकालीन संपत्तियों और रोकड़ तुल्य से बाहर के निवेशों की ख़रीद-बिक्री हैं। उदाहरण: मशीन, भवन या भूमि की ख़रीद, उनकी बिक्री से प्राप्ति, दूसरी कंपनियों के अंश या ऋण-पत्रों की ख़रीद-बिक्री, ऋण देना और उसकी वसूली, तथा मिला ब्याज और लाभांश। वित्तपोषण गतिविधियाँ (Financing Activities) स्वामी की पूँजी और उधार के आकार या बनावट में बदलाव करती हैं। उदाहरण: अंश या ऋण-पत्र जारी करने से मिली रक़म, ऋण लेना और चुकाना, चुकाया गया ब्याज, और दिया गया लाभांश।
तीन गतिविधियाँ: आमद और निकासी के उदाहरण
| गतिविधि | रोकड़ आमद | रोकड़ निकासी |
|---|---|---|
| संचालन | माल और सेवाओं की बिक्री से प्राप्ति; रॉयल्टी, शुल्क, कमीशन से प्राप्ति | आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान; कर्मचारियों को भुगतान; आयकर का भुगतान |
| निवेश | स्थिर संपत्ति की बिक्री; ऋण की वसूली; निवेश की बिक्री; मिला ब्याज और लाभांश | स्थिर संपत्ति (अमूर्त सहित) की ख़रीद; दूसरी कंपनियों के अंश या ऋण-पत्र की ख़रीद; दिया गया ऋण |
| वित्तपोषण | अंश (समता या पूर्वाधिकार) जारी करने से प्राप्ति; ऋण-पत्र, बॉण्ड और उधार से प्राप्ति | उधार की वापसी; ब्याज का भुगतान; अंशों पर लाभांश का भुगतान |
NCERT (कक्षा 12, अध्याय 6) की सूची, AS 3 के अनुसार।
कुछ ख़ास मदें जहाँ चूक होती है
ब्याज और लाभांश: NCERT के अनुसार वित्तीय उद्यम (जिसका मुख्य काम उधार देना-लेना है) में चुकाया या मिला ब्याज और मिला लाभांश संचालन गतिविधि है, और चुकाया गया लाभांश वित्तपोषण। गैर-वित्तीय उद्यम में AS 3 के अनुसार चुकाया ब्याज और लाभांश वित्तपोषण में तथा मिला ब्याज और लाभांश निवेश में दिखाए जाते हैं। इसी कारण अप्रत्यक्ष विधि में लाभ में चुकाया ब्याज जोड़ना पड़ता है।
कर: आयकर से जुड़े रोकड़ प्रवाह अलग से दिखाए जाते हैं और संचालन में माने जाते हैं, जब तक कि वे विशेष रूप से निवेश या वित्तपोषण से न जुड़े हों। जो कर किसी एक निवेश या वित्तपोषण लेन-देन से अलग पहचाना जा सके, जैसे संपत्ति की बिक्री पर पूँजीगत लाभ कर, उसका प्रवाह उसी श्रेणी में दिखाया जाता है (AS 3 के अनुसार)।
अरोकड़ लेन-देन: जिन निवेश या वित्तपोषण लेन-देनों में रोकड़ नहीं लगती, जैसे अंश जारी करके मशीन लेना या ऋण-पत्र का अंशों में परिवर्तन, उन्हें नकद प्रवाह विवरण में शामिल नहीं किया जाता; उनका प्रकटीकरण अन्यत्र होता है।
एक ही गतिविधि अलग उद्यमों में अलग श्रेणी में जा सकती है: शेयरों की ख़रीद शेयर-दलाली फर्म के लिए संचालन गतिविधि है, पर आम कंपनी के लिए निवेश। किस्तों में ख़रीदी गई संपत्ति की किस्त में ब्याज वाला हिस्सा वित्तपोषण और मूलधन वाला हिस्सा निवेश में आता है।
संचालन से रोकड़: प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष विधि
AS 3 के अनुसार संचालन से रोकड़ दो तरह से दिखाई जा सकती है। प्रत्यक्ष विधि (Direct Method) में सकल रोकड़ प्राप्तियों और सकल रोकड़ भुगतानों के मुख्य वर्ग सीधे दिखाए जाते हैं, जैसे ग्राहकों से मिली रक़म और आपूर्तिकर्ताओं को दी गई रक़म। अप्रत्यक्ष विधि (Indirect Method) में लाभ को ऐसे समायोजनों से सुधारा जाता है: अरोकड़ मदें, पिछले या अगले संचालन रोकड़ के आस्थगन या उपार्जन, और निवेश या वित्तपोषण से जुड़ी आय और व्यय की मदें।
अप्रत्यक्ष विधि की शुरुआत NCERT के अनुसार लाभ-हानि विवरण के कर-पूर्व और असाधारण मदों से पहले के शुद्ध लाभ से होती है। चरण: (1) कर-पूर्व लाभ लें; (2) अरोकड़ व्यय जोड़ें (जैसे मूल्यह्रास); (3) निवेश या वित्तपोषण से जुड़ी मदें हटाएँ (जैसे संपत्ति बिक्री का लाभ घटाएँ, ब्याज व्यय जोड़ें); (4) इससे "कार्यशील पूँजी में बदलाव से पहले संचालन लाभ" मिलता है; (5) कार्यशील पूँजी की मदों के बदलाव से समायोजित करें: प्राप्य या स्टॉक बढ़ना रोकड़ घटाता है, देय बढ़ना रोकड़ बढ़ाता है; (6) चुकाया गया कर घटाएँ।
नकद प्रवाह विवरण का सार (कल्पित, ऊपर के उदाहरण से)
| शीर्षक | रक़म (₹) |
|---|---|
| (क) संचालन गतिविधियों से शुद्ध रोकड़ | 5,70,000 |
| (ख) निवेश गतिविधियों से शुद्ध रोकड़ | (3,10,000) |
| (ग) वित्तपोषण गतिविधियों से शुद्ध रोकड़ | 0 |
| रोकड़ और रोकड़ तुल्य में शुद्ध वृद्धि (क + ख + ग) | 2,60,000 |
| जोड़ें: आरंभिक रोकड़ और रोकड़ तुल्य | 1,40,000 |
| अंतिम रोकड़ और रोकड़ तुल्य | 4,00,000 |
NCERT के विशिष्ट प्रारूप (Exhibit 6.2) के मुख्य शीर्षक; कोष्ठक में रक़म निकासी दर्शाती है।
कोष प्रवाह विश्लेषण (Funds Flow Analysis): 2018 के प्रश्न का आधार
कोष प्रवाह विवरण (Funds Flow Statement) दो तुलन-पत्रों की तारीख़ों के बीच संगठन की कार्यशील पूँजी में आए बदलाव का विवरण है। यहाँ "कोष" का अर्थ रोकड़ नहीं, कार्यशील पूँजी (चालू संपत्ति − चालू देयता) है। यह कोष के स्रोत (Sources), जैसे संचालन से लाभ, अंश और ऋण-पत्र जारी करना, ऋण लेना, संपत्ति बेचना, और कोष के उपयोग (Applications), जैसे संपत्ति की ख़रीद, ऋण चुकाना, लाभांश और कर का भुगतान, दिखाता है। इसका प्रयोग वित्तीय नियोजन में होता है। कोष प्रवाह विश्लेषण इसी विवरण के आधार पर यह जाँचने की तकनीक है कि दीर्घकालीन और मध्यम अवधि में पूँजी कहाँ से आई और कहाँ लगी।
UGC की ई-पाठशाला के संसाधन के अनुसार नकद प्रवाह विवरण, यानी रोकड़ की स्थिति के बदलाव, को कार्यशील पूँजी के बदलाव की तुलना में अधिक सूचनाप्रद माना जाता है, क्योंकि कोष प्रवाह विवरण वास्तविक रोकड़ की स्थिति नहीं दिखाता। यह भेद ही परीक्षा में काम आता है।
कोष प्रवाह बनाम नकद प्रवाह विवरण
कोष प्रवाह विवरण
"कोष" का अर्थकार्यशील पूँजी (व्यापक)
क्या दिखाता हैकार्यशील पूँजी में बदलाव; स्रोत और उपयोग
लेखांकन आधारउपार्जन (Accrual) आधार से जुड़ा
अलग अनुसूचीकार्यशील पूँजी में बदलाव की अनुसूची बनती है
उपयोगदीर्घकालीन और मध्यम अवधि का वित्तीय नियोजन
नकद प्रवाह विवरण
"कोष" का अर्थरोकड़ और रोकड़ तुल्य (संकीर्ण)
क्या दिखाता हैरोकड़ की आमद और निकासी
लेखांकन आधाररोकड़ आधार
अलग अनुसूचीऐसी अनुसूची नहीं बनती
उपयोगअल्पकालीन तरलता और नक़दी का नियोजन
gacbe.ac.in की प्रबंधकीय लेखांकन ई-सामग्री (इकाई III) और UGC ई-पाठशाला के आधार पर; पुस्तकों में पंक्तियाँ थोड़ी भिन्न मिलती हैं।
उद्देश्य, लाभ और सीमाएँ
NIOS के अनुसार नकद प्रवाह विवरण संचालन से बनी रोकड़ को उभारता है, ऋण-भुगतान और संपत्ति-प्रतिस्थापन की योजना में मदद करता है, भविष्य की निवेश और वित्तपोषण योजनाओं का आधार बनता है, और फर्म की तरलता को बेहतर ढंग से बताता है। बैंक और वित्तीय संस्थाएँ ऋण देते समय प्रायः इसी विवरण को देखती हैं। NCERT के अनुसार यह विवरण अलग-अलग उद्यमों के संचालन-प्रदर्शन की तुलनीयता भी बढ़ाता है, क्योंकि एक-से लेन-देन के लिए अलग लेखांकन व्यवहार का असर हट जाता है।
सीमाएँ भी NIOS में दी हैं: "रोकड़" की सटीक परिभाषा कठिन है; चेक, डाक टिकट और डाक आदेश जैसी मदों को रोकड़ मानें या नहीं, इस पर विवाद है; और जब कारोबार रोकड़ आधार से उपार्जन आधार की ओर बढ़ा है, तो शुद्ध आय को रोकड़ प्रवाह के बराबर समझना भ्रामक है, क्योंकि कई अरोकड़ मदें आय को प्रभावित करती हैं। इसलिए नकद प्रवाह विवरण लाभ-हानि विवरण का विकल्प नहीं, पूरक है।
प्रवाह: नकद प्रवाह विवरण का ढाँचा
संचालन गतिविधियाँ
मुख्य कारोबार से रोकड़ (क)
निवेश गतिविधियाँ
संपत्ति और निवेश की ख़रीद-बिक्री (ख)
वित्तपोषण गतिविधियाँ
पूँजी और उधार (ग)
शुद्ध वृद्धि या कमी
क + ख + ग
अंतिम रोकड़
आरंभिक रोकड़ + शुद्ध बदलाव
मुख्य तथ्य
- नकद प्रवाह विवरण का आधार मानक
- लेखांकन मानक 3 (AS 3); Ind AS 7 में भी तीन गतिविधियाँ
- गतिविधियों की तीन श्रेणियाँ
- संचालन, निवेश, वित्तपोषण
- रोकड़ तुल्य
- अल्पकालीन, अत्यंत तरल निवेश; सामान्यतः तीन महीने या कम परिपक्वता
- संचालन से रोकड़ की दो विधियाँ
- प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष
- गैर-वित्तीय उद्यम में ब्याज और लाभांश (AS 3)
- चुकाया ब्याज, लाभांश: वित्तपोषण; मिला ब्याज, लाभांश: निवेश
- कोष प्रवाह में "कोष"
- कार्यशील पूँजी
- अंतिम जाँच
- 2 अक्टूबर 2026
परीक्षा में आम ग़लतियाँ
याद रखें
- कोष प्रवाह को नकद प्रवाह लिख देना: कोष का अर्थ यहाँ कार्यशील पूँजी है, रोकड़ नहीं।
- मूल्यह्रास को रोकड़ निकासी मान लेना: यह अरोकड़ व्यय है, अप्रत्यक्ष विधि में जोड़ा जाता है।
- संपत्ति बिक्री का लाभ संचालन में जोड़ देना: यह निवेश गतिविधि का हिस्सा है, इसलिए संचालन लाभ से घटाया जाता है और पूरी बिक्री रक़म निवेश में आती है।
- अंश जारी करके मशीन ख़रीदना नकद प्रवाह में दिखा देना: ऐसे अरोकड़ लेन-देन विवरण में नहीं जाते।
- प्रारंभिक रोकड़ जोड़ना भूल जाना: अंतिम रोकड़ = प्रारंभिक रोकड़ + शुद्ध बदलाव।
कार्य-उदाहरण (कल्पित): अप्रत्यक्ष विधि से नकद प्रवाह विवरण
हल सहित उदाहरणनर्मदा फ़ूड्स लिमिटेड (कल्पित)
दिया है
- यह उदाहरण समझाने के लिए गढ़ा गया है; कंपनी और आँकड़े वास्तविक नहीं हैं।
- कर-पूर्व लाभ ₹6,00,000, जिसमें मूल्यह्रास ₹1,00,000, ब्याज व्यय ₹40,000 (नक़द चुकाया) और पुरानी मशीन की बिक्री का लाभ ₹20,000 शामिल हैं। प्राप्य ₹80,000 बढ़े, स्टॉक ₹30,000 घटा, देय ₹50,000 बढ़े। आयकर चुकाया ₹1,50,000।
- नई मशीन ₹4,00,000 में ख़रीदी; पुरानी मशीन ₹90,000 में बिकी। अंश जारी करके ₹2,00,000 जुटाए; दीर्घकालीन ऋण ₹1,00,000 चुकाया; लाभांश ₹60,000 दिया। वर्ष के आरंभ में रोकड़ ₹1,40,000 थी।
- 1चरण 1: संचालन लाभ (कार्यशील पूँजी बदलाव से पहले) कर-पूर्व लाभ 6,00,000 + मूल्यह्रास 1,00,000 + ब्याज 40,000 − मशीन बिक्री का लाभ 20,000 = 7,20,000।
- 2चरण 2: कार्यशील पूँजी का असर प्राप्य बढ़े: −80,000; स्टॉक घटा: +30,000; देय बढ़े: +50,000। कुल असर = 0। संचालन से सृजित रोकड़ = 7,20,000।
- 3चरण 3: कर घटाएँ संचालन गतिविधियों से शुद्ध रोकड़ (क) = 7,20,000 − 1,50,000 = 5,70,000।
- 4चरण 4: निवेश गतिविधियाँ मशीन की ख़रीद −4,00,000; पुरानी मशीन की बिक्री +90,000। निवेश से शुद्ध रोकड़ (ख) = −3,10,000।
- 5चरण 5: वित्तपोषण गतिविधियाँ अंश जारी +2,00,000; ऋण वापसी −1,00,000; ब्याज −40,000; लाभांश −60,000। वित्तपोषण से शुद्ध रोकड़ (ग) = 0।
- 6चरण 6: शुद्ध बदलाव और अंतिम शेष क + ख + ग = 5,70,000 − 3,10,000 + 0 = 2,60,000। प्रारंभिक रोकड़ 1,40,000 + 2,60,000 = अंतिम रोकड़ 4,00,000।
निष्कर्ष: संचालन से ₹5,70,000 की रोकड़ बनी, जो निवेश की ज़रूरत (₹3,10,000) से ज़्यादा है। वित्तपोषण का शुद्ध असर शून्य रहा, यानी अंश पूँजी से जुटी रक़म ऋण वापसी, ब्याज और लाभांश में चली गई। अंतिम रोकड़ ₹4,00,000 हुई।
केस स्टडी (कल्पित): लाभ में चलती फर्म, जेब में तंगी
उदाहरण (काल्पनिक)जब बकाया वसूली अटक जाए
यह केस समझाने के लिए गढ़ा गया है; फर्म और आँकड़े वास्तविक नहीं हैं। एक कल्पित निर्माण-फर्म को सरकारी विभाग के काम के बिलों का भुगतान महीनों से अटका है।
- लाभ-हानि विवरण
- कर-पूर्व लाभ ₹10,00,000; मूल्यह्रास ₹1,00,000।
- तुलन-पत्र
- प्राप्य ₹14,00,000 बढ़े (बिल बने पर भुगतान नहीं आया)।
- नकद प्रवाह
- संचालन से रोकड़ = 10,00,000 + 1,00,000 − 14,00,000 = -3,00,000, यानी ऋणात्मक: फर्म ने लाभ दिखाया, पर संचालन से रोकड़ ₹3,00,000 की निकासी रही।
- असर
- वेतन और माल-भुगतान के लिए फर्म को उधार लेना पड़ेगा, जिसका ब्याज अगले वर्ष के लाभ को घटाएगा।
सीख
लाभ-हानि विवरण से स्वस्थ दिखती फर्म नकद प्रवाह विवरण में बीमार निकल सकती है। इसीलिए बैंक दोनों को साथ पढ़ते हैं।
पिछले वर्षों के प्रश्न (हल सहित)
2018RAS मुख्य परीक्षापेपर I2 अंक
What is Funds Flow Analysis Technique? / कोष प्रवाह विश्लेषण तकनीक क्या है?
आदर्श उत्तर
दो तुलन-पत्रों के बीच कार्यशील पूँजी के बदलाव, यानी कोष के स्रोत-उपयोग का अध्ययन है।
अभ्यास प्रश्न (अपने)
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
नकद प्रवाह विवरण में गतिविधियों के तीन वर्ग बताइए।
आदर्श उत्तर
संचालन गतिविधियाँ, निवेश गतिविधियाँ और वित्तपोषण गतिविधियाँ; इन्हीं तीन शीर्षकों में रोकड़ की आमद-निकासी दिखाई जाती है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष विधि में अंतर बताइए।
आदर्श उत्तर
प्रत्यक्ष विधि में संचालन की सकल रोकड़ प्राप्तियाँ और भुगतान वर्गवार सीधे दिखाए जाते हैं। अप्रत्यक्ष विधि में कर-पूर्व शुद्ध लाभ से शुरू करके अरोकड़ मदों, निवेश-वित्तपोषण की मदों और कार्यशील पूँजी के बदलावों से समायोजन कर संचालन रोकड़ निकाली जाती है। दोनों का परिणाम समान आता है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
निम्न मदों को संचालन, निवेश या वित्तपोषण में वर्गीकृत कीजिए: मशीन की ख़रीद, अंश जारी करने से प्राप्ति, ग्राहकों से प्राप्ति।
आदर्श उत्तर
मशीन की ख़रीद निवेश गतिविधि है, क्योंकि यह दीर्घकालीन संपत्ति का अधिग्रहण है। अंश जारी करने से प्राप्ति वित्तपोषण गतिविधि है, क्योंकि इससे स्वामी की पूँजी बदलती है। ग्राहकों से प्राप्ति संचालन गतिविधि है, क्योंकि यह मुख्य कारोबार की बिक्री से आती है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
कोष प्रवाह और नकद प्रवाह विवरण में अंतर बताइए।
आदर्श उत्तर
कोष प्रवाह विवरण कार्यशील पूँजी में बदलाव दिखाता है (यहाँ कोष का अर्थ रोकड़ नहीं है), जबकि नकद प्रवाह विवरण रोकड़ और रोकड़ तुल्य की आमद-निकासी। कोष प्रवाह उपार्जन आधार से जुड़ा है और उसमें कार्यशील पूँजी में बदलाव की अलग अनुसूची बनती है; नकद प्रवाह रोकड़ आधार पर है और ऐसी अनुसूची नहीं बनती। कोष प्रवाह दीर्घकालीन और मध्यम अवधि के वित्तीय नियोजन में उपयोगी है; नकद प्रवाह अल्पकालीन तरलता और ऋण-भुगतान की क्षमता जाँचने में। वास्तविक रोकड़ की स्थिति बताने के कारण नकद प्रवाह विवरण अधिक सूचनाप्रद माना जाता है, और दोनों की तैयारी के चरण भी अलग हैं।
उत्तर कैसे लिखें (10 अंक, 100 शब्द)
भूमिका
प्रश्न का नमूना: "नकद प्रवाह विवरण का अर्थ बताते हुए इसकी गतिविधियाँ और उपयोगिता समझाइए।" पहली पंक्ति में परिभाषा।
मुख्य भाग
- परिभाषा और आधार मानक (AS 3) (25 शब्द)
- तीन गतिविधियाँ, एक-एक उदाहरण के साथ (40 शब्द)
- दो उपयोगिताएँ (20 शब्द)
- एक सीमा (15 शब्द)
निष्कर्ष
निष्कर्ष: लाभ-हानि विवरण के पूरक के रूप में यह तरलता की सच्ची तस्वीर देता है।
अतिरिक्त मूल्य
- ढाँचे का सार: क + ख + ग + आरंभिक = अंतिम
- एक पंक्ति में कोष प्रवाह से अंतर
- अरोकड़ लेन-देन का उल्लेख
त्वरित पुनरावृत्ति
- नकद प्रवाह विवरण: रोकड़ और रोकड़ तुल्य की आमद-निकासी; आधार AS 3
- तीन गतिविधियाँ: संचालन, निवेश, वित्तपोषण
- रोकड़ तुल्य: अल्पकालीन, अत्यंत तरल, सामान्यतः तीन महीने या कम
- दो विधियाँ: प्रत्यक्ष (सकल प्राप्ति-भुगतान) और अप्रत्यक्ष (कर-पूर्व लाभ से शुरू)
- अप्रत्यक्ष: मूल्यह्रास जोड़ें, संपत्ति-बिक्री का लाभ घटाएँ, ब्याज जोड़ें, कार्यशील पूँजी समायोजित करें
- गैर-वित्तीय उद्यम: चुकाया ब्याज और लाभांश वित्तपोषण; मिला ब्याज और लाभांश निवेश (AS 3)
- अरोकड़ लेन-देन विवरण में नहीं
- अंतिम रोकड़ = आरंभिक रोकड़ + (क + ख + ग)
- कोष प्रवाह: कार्यशील पूँजी, स्रोत और उपयोग; नकद प्रवाह: रोकड़
- पूछा गया: 2018 पेपर I, 2 अंक, कोष प्रवाह विश्लेषण
याद रखने योग्य शब्द
- रोकड़ तुल्य
- संचालन गतिविधियाँ
- अप्रत्यक्ष विधि
- कार्यशील पूँजी
- AS 3