मुख्य सामग्री पर जाएं
पेपर I · इकाई III · भाग ग

नकद प्रवाह विवरण (Cash Flow Statement): तीन गतिविधियाँ, विधियाँ और कोष प्रवाह से अंतर

तीन गतिविधियों का वर्गीकरण, अप्रत्यक्ष विधि का पूरा कल्पित हल, कोष प्रवाह से अंतर और 2018 का प्रश्न हल सहित।

  • AS 3
  • तीन गतिविधियाँ
  • अप्रत्यक्ष विधि
  • कोष प्रवाह
3 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

सिलेबस में

RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग ग: "Financial statement of a company; techniques of analysis of financial statements; cash flow statement; basic knowledge of responsibility and social accounting." 2018 में पूछा गया कोष प्रवाह विश्लेषण नकद प्रवाह का निकट संबंधी है; उसकी पहचान और अंतर इसी पृष्ठ में दिए गए हैं।

इस विषय को क्यों पढ़ें

याद रखें

  • 2018 के पेपर I में 2 अंक का प्रश्न था: कोष प्रवाह विश्लेषण तकनीक क्या है। सिलेबस में नकद प्रवाह विवरण नामित है; कोष प्रवाह उसका पुराना, कार्यशील पूँजी पर आधारित भाई है, इसलिए दोनों का अंतर तैयार रखें।
  • नकद प्रवाह विवरण वित्तीय विवरण का हिस्सा है, इसलिए यह विषय वित्तीय विश्लेषण की पाँच तकनीकों के प्रश्न (2023) का भी एक अंग है।
  • तीन गतिविधियों (संचालन, निवेश, वित्तपोषण) का वर्गीकरण सबसे ज़्यादा काम आता है: संख्यात्मक प्रश्न में यही तय करना होता है कि कौन-सी मद किस श्रेणी में जाएगी।

बात सीधी भाषा में: खाते का मुनाफ़ा बनाम जेब की नक़दी

एक दुकानदार ने महीने में ₹5,00,000 का माल उधार बेचा। बही में उसने अच्छा मुनाफ़ा लिखा, पर बाज़ार से एक रुपया भी नहीं आया। उसी महीने उसे कर्मचारियों का वेतन और बिजली का बिल चुकाना है। मुनाफ़े के बावजूद जेब ख़ाली है। इसी अंतर को पकड़ने के लिए नकद प्रवाह विवरण (Cash Flow Statement) बनता है: यह बताता है कि साल भर में नक़दी कहाँ से आई और कहाँ गई।

परीक्षा के लिए सटीक परिभाषा: नकद प्रवाह विवरण वह विवरण है जो किसी अवधि में रोकड़ और रोकड़ तुल्य (Cash and Cash Equivalents) की आमद और निकासी को संचालन, निवेश और वित्तपोषण गतिविधियों के शीर्षकों में दिखाता है। NCERT के अनुसार यह तुलन-पत्र (स्थिति विवरण) और लाभ-हानि विवरण के बाद तीसरा महत्त्वपूर्ण वित्तीय विवरण है। यह दो तुलन-पत्रों के बीच नक़दी की स्थिति में बदलाव के कारण भी समझाता है।

NIOS की एक उपमा याद रखने लायक़ है: जो भूमिका शरीर में रक्त की है, वही कारोबार में नक़दी की है। कोई कंपनी मुनाफ़े में चलकर भी लाभांश चुकाने लायक़ नक़दी न रखे तो अंशधारियों और बाज़ार में ग़लत संदेश जाता है।

कानूनी स्थिति: यह वैकल्पिक नहीं है

NCERT के अनुसार कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 2(40) में वित्तीय विवरण की परिभाषा में नकद प्रवाह विवरण शामिल है, और यह लेखांकन मानक 3 (AS 3), नकद प्रवाह विवरण, के अनुसार तैयार किया जाता है। AS 3 का मूल निर्देश है कि उद्यम को नकद प्रवाह विवरण तैयार करना चाहिए और उसे हर उस अवधि के लिए प्रस्तुत करना चाहिए जिसके वित्तीय विवरण दिए जाएँ। कुछ वर्गों के उद्यमों को इससे छूट भी है, जिसका ब्योरा सिलेबस के "basic knowledge" स्तर से बाहर है। Ind AS 7 में भी ढाँचा यही है: रोकड़ और रोकड़ तुल्य के परिवर्तनों की जानकारी, तीन गतिविधियों में बँटी हुई (ICAI की सामग्री)।

रोकड़ और रोकड़ तुल्य: क्या गिना जाता है

AS 3 के अनुसार रोकड़ (Cash) का अर्थ है हाथ की रोकड़ और बैंक में माँग पर चुकाई जाने वाली जमाएँ। रोकड़ तुल्य (Cash Equivalents) वे अल्पकालीन, अत्यंत तरल निवेश हैं जो आसानी से निश्चित रक़म की रोकड़ में बदले जा सकें और जिनके मूल्य में बदलाव का जोखिम नगण्य हो। NCERT के अनुसार कोई निवेश तभी रोकड़ तुल्य गिना जाता है जब उसकी परिपक्वता अवधि कम हो, सामान्यतः अधिग्रहण की तारीख़ से तीन महीने या कम। शेयरों में निवेश इसमें नहीं आता, जब तक वह वस्तुतः रोकड़ तुल्य न हो।

रोकड़ प्रवाह (Cash Flow) का अर्थ रोकड़ और रोकड़ तुल्य की आमद और निकासी है। इसलिए रोकड़ तुल्य में निवेश की ख़रीद-बिक्री नकद प्रवाह विवरण में अलग से नहीं दिखती, क्योंकि वह नक़दी प्रबंधन का ही हिस्सा है।

तीन गतिविधियाँ: हर मद का ठिकाना

AS 3 के अनुसार सभी गतिविधियाँ तीन श्रेणियों में बाँटी जाती हैं ताकि पता चले कि नक़दी किस काम से बनी या ख़र्च हुई। संचालन गतिविधियाँ (Operating Activities) उद्यम की मुख्य, राजस्व कमाने वाली गतिविधियाँ हैं और जो निवेश या वित्तपोषण नहीं हैं। उदाहरण: माल और सेवाओं की बिक्री से रोकड़ प्राप्ति, आपूर्तिकर्ताओं और कर्मचारियों को भुगतान, आयकर का भुगतान। NCERT कहती है कि संचालन से रोकड़ आंतरिक शोधन-क्षमता का स्तर बताती है, यानी कंपनी बाहरी स्रोत लिए बिना ऋण चुकाने, लाभांश देने और नए निवेश करने लायक़ है या नहीं।

निवेश गतिविधियाँ (Investing Activities) दीर्घकालीन संपत्तियों और रोकड़ तुल्य से बाहर के निवेशों की ख़रीद-बिक्री हैं। उदाहरण: मशीन, भवन या भूमि की ख़रीद, उनकी बिक्री से प्राप्ति, दूसरी कंपनियों के अंश या ऋण-पत्रों की ख़रीद-बिक्री, ऋण देना और उसकी वसूली, तथा मिला ब्याज और लाभांश। वित्तपोषण गतिविधियाँ (Financing Activities) स्वामी की पूँजी और उधार के आकार या बनावट में बदलाव करती हैं। उदाहरण: अंश या ऋण-पत्र जारी करने से मिली रक़म, ऋण लेना और चुकाना, चुकाया गया ब्याज, और दिया गया लाभांश।

तीन गतिविधियाँ: आमद और निकासी के उदाहरण

गतिविधिरोकड़ आमदरोकड़ निकासी
संचालनमाल और सेवाओं की बिक्री से प्राप्ति; रॉयल्टी, शुल्क, कमीशन से प्राप्तिआपूर्तिकर्ताओं को भुगतान; कर्मचारियों को भुगतान; आयकर का भुगतान
निवेशस्थिर संपत्ति की बिक्री; ऋण की वसूली; निवेश की बिक्री; मिला ब्याज और लाभांशस्थिर संपत्ति (अमूर्त सहित) की ख़रीद; दूसरी कंपनियों के अंश या ऋण-पत्र की ख़रीद; दिया गया ऋण
वित्तपोषणअंश (समता या पूर्वाधिकार) जारी करने से प्राप्ति; ऋण-पत्र, बॉण्ड और उधार से प्राप्तिउधार की वापसी; ब्याज का भुगतान; अंशों पर लाभांश का भुगतान

NCERT (कक्षा 12, अध्याय 6) की सूची, AS 3 के अनुसार।

कुछ ख़ास मदें जहाँ चूक होती है

ब्याज और लाभांश: NCERT के अनुसार वित्तीय उद्यम (जिसका मुख्य काम उधार देना-लेना है) में चुकाया या मिला ब्याज और मिला लाभांश संचालन गतिविधि है, और चुकाया गया लाभांश वित्तपोषण। गैर-वित्तीय उद्यम में AS 3 के अनुसार चुकाया ब्याज और लाभांश वित्तपोषण में तथा मिला ब्याज और लाभांश निवेश में दिखाए जाते हैं। इसी कारण अप्रत्यक्ष विधि में लाभ में चुकाया ब्याज जोड़ना पड़ता है।

कर: आयकर से जुड़े रोकड़ प्रवाह अलग से दिखाए जाते हैं और संचालन में माने जाते हैं, जब तक कि वे विशेष रूप से निवेश या वित्तपोषण से न जुड़े हों। जो कर किसी एक निवेश या वित्तपोषण लेन-देन से अलग पहचाना जा सके, जैसे संपत्ति की बिक्री पर पूँजीगत लाभ कर, उसका प्रवाह उसी श्रेणी में दिखाया जाता है (AS 3 के अनुसार)।

अरोकड़ लेन-देन: जिन निवेश या वित्तपोषण लेन-देनों में रोकड़ नहीं लगती, जैसे अंश जारी करके मशीन लेना या ऋण-पत्र का अंशों में परिवर्तन, उन्हें नकद प्रवाह विवरण में शामिल नहीं किया जाता; उनका प्रकटीकरण अन्यत्र होता है।

एक ही गतिविधि अलग उद्यमों में अलग श्रेणी में जा सकती है: शेयरों की ख़रीद शेयर-दलाली फर्म के लिए संचालन गतिविधि है, पर आम कंपनी के लिए निवेश। किस्तों में ख़रीदी गई संपत्ति की किस्त में ब्याज वाला हिस्सा वित्तपोषण और मूलधन वाला हिस्सा निवेश में आता है।

संचालन से रोकड़: प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष विधि

AS 3 के अनुसार संचालन से रोकड़ दो तरह से दिखाई जा सकती है। प्रत्यक्ष विधि (Direct Method) में सकल रोकड़ प्राप्तियों और सकल रोकड़ भुगतानों के मुख्य वर्ग सीधे दिखाए जाते हैं, जैसे ग्राहकों से मिली रक़म और आपूर्तिकर्ताओं को दी गई रक़म। अप्रत्यक्ष विधि (Indirect Method) में लाभ को ऐसे समायोजनों से सुधारा जाता है: अरोकड़ मदें, पिछले या अगले संचालन रोकड़ के आस्थगन या उपार्जन, और निवेश या वित्तपोषण से जुड़ी आय और व्यय की मदें।

अप्रत्यक्ष विधि की शुरुआत NCERT के अनुसार लाभ-हानि विवरण के कर-पूर्व और असाधारण मदों से पहले के शुद्ध लाभ से होती है। चरण: (1) कर-पूर्व लाभ लें; (2) अरोकड़ व्यय जोड़ें (जैसे मूल्यह्रास); (3) निवेश या वित्तपोषण से जुड़ी मदें हटाएँ (जैसे संपत्ति बिक्री का लाभ घटाएँ, ब्याज व्यय जोड़ें); (4) इससे "कार्यशील पूँजी में बदलाव से पहले संचालन लाभ" मिलता है; (5) कार्यशील पूँजी की मदों के बदलाव से समायोजित करें: प्राप्य या स्टॉक बढ़ना रोकड़ घटाता है, देय बढ़ना रोकड़ बढ़ाता है; (6) चुकाया गया कर घटाएँ।

नकद प्रवाह विवरण का सार (कल्पित, ऊपर के उदाहरण से)

शीर्षकरक़म (₹)
(क) संचालन गतिविधियों से शुद्ध रोकड़5,70,000
(ख) निवेश गतिविधियों से शुद्ध रोकड़(3,10,000)
(ग) वित्तपोषण गतिविधियों से शुद्ध रोकड़0
रोकड़ और रोकड़ तुल्य में शुद्ध वृद्धि (क + ख + ग)2,60,000
जोड़ें: आरंभिक रोकड़ और रोकड़ तुल्य1,40,000
अंतिम रोकड़ और रोकड़ तुल्य4,00,000

NCERT के विशिष्ट प्रारूप (Exhibit 6.2) के मुख्य शीर्षक; कोष्ठक में रक़म निकासी दर्शाती है।

कोष प्रवाह विश्लेषण (Funds Flow Analysis): 2018 के प्रश्न का आधार

कोष प्रवाह विवरण (Funds Flow Statement) दो तुलन-पत्रों की तारीख़ों के बीच संगठन की कार्यशील पूँजी में आए बदलाव का विवरण है। यहाँ "कोष" का अर्थ रोकड़ नहीं, कार्यशील पूँजी (चालू संपत्ति − चालू देयता) है। यह कोष के स्रोत (Sources), जैसे संचालन से लाभ, अंश और ऋण-पत्र जारी करना, ऋण लेना, संपत्ति बेचना, और कोष के उपयोग (Applications), जैसे संपत्ति की ख़रीद, ऋण चुकाना, लाभांश और कर का भुगतान, दिखाता है। इसका प्रयोग वित्तीय नियोजन में होता है। कोष प्रवाह विश्लेषण इसी विवरण के आधार पर यह जाँचने की तकनीक है कि दीर्घकालीन और मध्यम अवधि में पूँजी कहाँ से आई और कहाँ लगी।

UGC की ई-पाठशाला के संसाधन के अनुसार नकद प्रवाह विवरण, यानी रोकड़ की स्थिति के बदलाव, को कार्यशील पूँजी के बदलाव की तुलना में अधिक सूचनाप्रद माना जाता है, क्योंकि कोष प्रवाह विवरण वास्तविक रोकड़ की स्थिति नहीं दिखाता। यह भेद ही परीक्षा में काम आता है।

कोष प्रवाह बनाम नकद प्रवाह विवरण

कोष प्रवाह विवरण

"कोष" का अर्थकार्यशील पूँजी (व्यापक)

क्या दिखाता हैकार्यशील पूँजी में बदलाव; स्रोत और उपयोग

लेखांकन आधारउपार्जन (Accrual) आधार से जुड़ा

अलग अनुसूचीकार्यशील पूँजी में बदलाव की अनुसूची बनती है

उपयोगदीर्घकालीन और मध्यम अवधि का वित्तीय नियोजन

नकद प्रवाह विवरण

"कोष" का अर्थरोकड़ और रोकड़ तुल्य (संकीर्ण)

क्या दिखाता हैरोकड़ की आमद और निकासी

लेखांकन आधाररोकड़ आधार

अलग अनुसूचीऐसी अनुसूची नहीं बनती

उपयोगअल्पकालीन तरलता और नक़दी का नियोजन

gacbe.ac.in की प्रबंधकीय लेखांकन ई-सामग्री (इकाई III) और UGC ई-पाठशाला के आधार पर; पुस्तकों में पंक्तियाँ थोड़ी भिन्न मिलती हैं।

उद्देश्य, लाभ और सीमाएँ

NIOS के अनुसार नकद प्रवाह विवरण संचालन से बनी रोकड़ को उभारता है, ऋण-भुगतान और संपत्ति-प्रतिस्थापन की योजना में मदद करता है, भविष्य की निवेश और वित्तपोषण योजनाओं का आधार बनता है, और फर्म की तरलता को बेहतर ढंग से बताता है। बैंक और वित्तीय संस्थाएँ ऋण देते समय प्रायः इसी विवरण को देखती हैं। NCERT के अनुसार यह विवरण अलग-अलग उद्यमों के संचालन-प्रदर्शन की तुलनीयता भी बढ़ाता है, क्योंकि एक-से लेन-देन के लिए अलग लेखांकन व्यवहार का असर हट जाता है।

सीमाएँ भी NIOS में दी हैं: "रोकड़" की सटीक परिभाषा कठिन है; चेक, डाक टिकट और डाक आदेश जैसी मदों को रोकड़ मानें या नहीं, इस पर विवाद है; और जब कारोबार रोकड़ आधार से उपार्जन आधार की ओर बढ़ा है, तो शुद्ध आय को रोकड़ प्रवाह के बराबर समझना भ्रामक है, क्योंकि कई अरोकड़ मदें आय को प्रभावित करती हैं। इसलिए नकद प्रवाह विवरण लाभ-हानि विवरण का विकल्प नहीं, पूरक है।

प्रवाह: नकद प्रवाह विवरण का ढाँचा

  1. संचालन गतिविधियाँ

    मुख्य कारोबार से रोकड़ (क)

  2. निवेश गतिविधियाँ

    संपत्ति और निवेश की ख़रीद-बिक्री (ख)

  3. वित्तपोषण गतिविधियाँ

    पूँजी और उधार (ग)

  4. शुद्ध वृद्धि या कमी

    क + ख + ग

  5. अंतिम रोकड़

    आरंभिक रोकड़ + शुद्ध बदलाव

NCERT के Exhibit 6.2 के आधार पर।

मुख्य तथ्य

नकद प्रवाह विवरण का आधार मानक
लेखांकन मानक 3 (AS 3); Ind AS 7 में भी तीन गतिविधियाँ
गतिविधियों की तीन श्रेणियाँ
संचालन, निवेश, वित्तपोषण
रोकड़ तुल्य
अल्पकालीन, अत्यंत तरल निवेश; सामान्यतः तीन महीने या कम परिपक्वता
संचालन से रोकड़ की दो विधियाँ
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष
गैर-वित्तीय उद्यम में ब्याज और लाभांश (AS 3)
चुकाया ब्याज, लाभांश: वित्तपोषण; मिला ब्याज, लाभांश: निवेश
कोष प्रवाह में "कोष"
कार्यशील पूँजी
अंतिम जाँच
2 अक्टूबर 2026

परीक्षा में आम ग़लतियाँ

याद रखें

  • कोष प्रवाह को नकद प्रवाह लिख देना: कोष का अर्थ यहाँ कार्यशील पूँजी है, रोकड़ नहीं।
  • मूल्यह्रास को रोकड़ निकासी मान लेना: यह अरोकड़ व्यय है, अप्रत्यक्ष विधि में जोड़ा जाता है।
  • संपत्ति बिक्री का लाभ संचालन में जोड़ देना: यह निवेश गतिविधि का हिस्सा है, इसलिए संचालन लाभ से घटाया जाता है और पूरी बिक्री रक़म निवेश में आती है।
  • अंश जारी करके मशीन ख़रीदना नकद प्रवाह में दिखा देना: ऐसे अरोकड़ लेन-देन विवरण में नहीं जाते।
  • प्रारंभिक रोकड़ जोड़ना भूल जाना: अंतिम रोकड़ = प्रारंभिक रोकड़ + शुद्ध बदलाव।