दक्षता अंकेक्षण: अर्थ, जाँच के आधार, संकेतक और निष्पादन अंकेक्षण से अंतर
सिलेबस में
RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग C (Accounting and Auditing): "Meaning and objectives of auditing, audit programme, basic knowledge of social, performance and efficiency audit; elementary knowledge of government audit." इस पृष्ठ पर "efficiency audit" है। निष्पादन अंकेक्षण का पूरा पृष्ठ अलग है और इस पृष्ठ से जुड़ा है।
इस विषय को क्यों पढ़ें
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- 2013-2024 के उपलब्ध छह पेपरों में दक्षता (निपुणता, कुशलता) अंकेक्षण पर दो प्रश्न दर्ज हैं, दोनों 2 अंक के: 2016 में दक्षता अंकेक्षण और निष्पादन अंकेक्षण के दो अंतर, और 2018 में दक्षता अंकेक्षण की परिभाषा। यह सिलेबस की "social, performance and efficiency audit" पंक्ति में अलग से नाम लिया गया विषय है।
- दो अंक के उत्तर में परिभाषा और अंतर दोनों में अंक एक ही बात पर मिलते हैं: दक्षता इनपुट और आउटपुट के रिश्ते का नाम है, जबकि निष्पादन अंकेक्षण का दायरा उससे बड़ा है।
- यह विषय निष्पादन अंकेक्षण को समझने की सीढ़ी है। तीन E (मितव्ययिता, दक्षता, प्रभावशीलता) में से दक्षता को ठीक से पकड़ लें तो दस अंक के प्रश्न में उदाहरण और आँकड़े जोड़ना आसान हो जाता है (विश्लेषण)।
पहले सरल भाषा में: दो एंबुलेंस सेवाएँ, एक ही बजट
मान लीजिए दो पड़ोसी ज़िलों की एंबुलेंस सेवाओं को साल भर में एक जैसा बजट मिला (यह काल्पनिक उदाहरण है)। पहली सेवा ने 9,000 फेरे पूरे किए, दूसरी ने 6,000। इतना देखकर कोई कह सकता है कि पहली सेवा ज़्यादा काम करती है। पर अंकेक्षक पूछेगा कि फेरों में लगा समय कितना था, ईंधन-मरम्मत पर कितना ख़र्च हुआ, कितनी गाड़ियाँ बेकार खड़ी रहीं और कितने मरीज़ समय पर पहुँचे। इन सब सवालों का जवाब देने पर ही पता चलता है कि पैसे और साधनों का उपयोग कितनी अच्छी तरह हुआ। यही दक्षता अंकेक्षण (efficiency audit) का मूल है।
परीक्षा के लिए सटीक परिभाषा: CAG के निष्पादन अंकेक्षण दिशानिर्देशों (2014) के अनुसार दक्षता का सिद्धांत यह है कि उपलब्ध संसाधनों से अधिकतम परिणाम लिया जाए। यह अपनाए गए संसाधनों और दिए गए उत्पादों, यानी मात्रा, गुणवत्ता और समय, के बीच के संबंध से जुड़ा है। दक्षता तब है जब वित्तीय, मानवीय, भौतिक और सूचना-संबंधी संसाधनों का उपयोग ऐसा हो कि किसी भी दिए गए इनपुट पर आउटपुट अधिकतम हो, या दिए गए आउटपुट पर इनपुट न्यूनतम हो। अंतरराष्ट्रीय संस्था INTOSAI के ISSAI 300 में भी दक्षता की परिभाषा लगभग यही है।
दक्षता अंकेक्षण का सीधा अर्थ हुआ: संसाधनों के इस उपयोग की स्वतंत्र जाँच, यानी यह देखना कि वही या वैसा ही परिणाम कम संसाधनों से, या कम समय में, या बेहतर गुणवत्ता में मिल सकता था या नहीं।
दक्षता को कैसे परखा जाता है
दिशानिर्देशों के अनुसार दक्षता पर निष्कर्ष तीन तरह की तुलना से बन सकता है: समान गतिविधियों से तुलना, अन्य अवधियों से तुलना, या उस मानक से तुलना जिसे संस्था ने ख़ुद अपनाया है। जहाँ मामला इतना जटिल हो कि कोई मानक ही न हो, वहाँ आकलन सर्वश्रेष्ठ प्रचलित व्यवहार और उपलब्ध जानकारी के आधार पर किया जाता है। इसलिए उत्तर में "किससे तुलना" साफ़ लिखना ज़रूरी है, क्योंकि बिना कसौटी के दक्षता का दावा खोखला रहता है।
दक्षता का अंकेक्षण किन बातों को छूता है, यह दिशानिर्देश के पैरा 1.10 में चार बिंदुओं में है। मानव, वित्तीय और अन्य संसाधन कुशलता से उपयोग हुए या नहीं। सरकारी कार्यक्रम, संस्थाएँ और गतिविधियाँ कुशलता से प्रबंधित, नियंत्रित, संगठित और क्रियान्वित हुईं या नहीं। सेवाएँ समय पर पहुँचाई गईं या नहीं। और कार्यक्रमों के उद्देश्य लागत-प्रभावी ढंग से हासिल हुए या नहीं। इन चारों में समय और गुणवत्ता भी बराबर गिने जाते हैं, इसलिए सस्ता पर घटिया काम दक्ष नहीं कहलाता।
दक्षता के सामान्य संकेतक (उदाहरण)
| संकेतक | क्या मापता है | एक सरल उदाहरण |
|---|---|---|
| प्रति इकाई लागत | एक इकाई उत्पाद पर कितना ख़र्च | प्रति किलोमीटर सड़क निर्माण की लागत; प्रति उपचारित मरीज़ का ख़र्च |
| क्षमता का उपयोग | उपलब्ध साधन कितना काम में आए | मशीन या भवन कितने दिन उपयोग में रहा, बाक़ी दिन ख़ाली |
| समय का अनुपात | तय समय बनाम लगा समय | निर्माण का तय समय 12 माह और लगा 18 माह |
| उत्पादकता | प्रति कर्मचारी या प्रति घंटा उत्पाद | एक कर्मचारी द्वारा महीने में निपटाई गई फ़ाइलें |
| बर्बादी या अपव्यय | साधनों का नुक़सान या अनुपयोग | ख़राब खड़ी गाड़ियाँ, ख़रीदकर रखी पर काम न आई सामग्री |
| सेवा का समय | नागरिक को मिलने में लगा समय | आवेदन से स्वीकृति तक औसतन दिन |
संकेतकों की यह सूची दक्षता की परिभाषा (दिशानिर्देश 2014, पैरा 1.8 से 1.10) से निकला सामान्य शिक्षण-सार है, किसी आधिकारिक अधिसूचित सूची की प्रति नहीं (विश्लेषण)।
नाम का इतिहास: उच्च-स्तरीय अंकेक्षण से दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण तक
"Efficiency audit" शब्द आज के CAG के लेखा-परीक्षा मानकों में अंकेक्षण का अलग प्रकार नहीं है। मानक 2017 के अनुसार भारत की सर्वोच्च लेखा-परीक्षा संस्था वित्तीय, अनुपालन और निष्पादन अंकेक्षण, और इनके मिश्रित रूप करती है। दक्षता वहाँ निष्पादन अंकेक्षण के तीन सिद्धांतों में से एक है (विश्लेषण: इसीलिए परीक्षा में अलग नाम से पूछे जाने पर भी इसे निष्पादन अंकेक्षण का हिस्सा बताकर लिखना सबसे सुरक्षित है)।
पुराने समय में यह काम अलग नाम से चलता था। राजस्थान के महालेखाकार कार्यालय की नियम पुस्तिका के अनुसार 1957 में "उच्चतर अंकेक्षण" (Higher Audit) की पुस्तिका की प्रस्तावना में कहा गया कि अंकेक्षण का एक काम नियम-आदेश-भुगतान की औपचारिक जाँच के साथ-साथ ऊँचे स्तर से देखना भी है, ताकि करदाता को उसके पैसे का अधिकतम लाभ मिले और कार्यपालक अधिकारी लोक-वित्त के मामले में अधिकतम मितव्ययिता, दक्षता और संपूर्णता से अपनी ज़िम्मेदारी निभाएँ। इस पुस्तिका के अनुसार 1969 तक उच्चतर अंकेक्षण अनुभाग का नाम बदलकर "दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण अनुभाग" हो गया, क्योंकि उसे CAG के मानक-आदेशों के पैरा 56 से 59 के अनुसार दक्षता अंकेक्षण और समग्र निष्पादन अंकेक्षण का काम सौंपा गया था।
आगे की स्थिति: पुस्तिका के अनुसार 1 नवंबर 1973 से यह अनुभाग केवल दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण का काम करने लगा और उच्चतर अंकेक्षण का काम दूसरे नियंत्रक अनुभागों को दे दिया गया। 1 अप्रैल 1979 को अनुभाग का पुनर्गठन हुआ। अप्रैल 2012 में कार्यालयों के पुनर्गठन के बाद दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण का काम आर्थिक एवं राजस्व क्षेत्र के अंतर्गत आया, और 1 फ़रवरी 2018 से अनुभाग का नाम "दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण एवं रिपोर्ट अनुभाग" हो गया। पुस्तिका यह भी कहती है कि भारत की सर्वोच्च लेखा-परीक्षा संस्था लगभग चालीस वर्ष से निष्पादन अंकेक्षण कर रही है, जिसे पहले "समीक्षा" (review), दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण या "मूल्य के बदले पैसा" (value for money) अंकेक्षण कहा जाता था।
दक्षता अंकेक्षण और निष्पादन अंकेक्षण: अंतर (2016 के प्रश्न का आधार)
| आधार | दक्षता अंकेक्षण | निष्पादन अंकेक्षण |
|---|---|---|
| दायरा | केवल दक्षता: संसाधनों और उत्पाद का रिश्ता | तीनों E: मितव्ययिता, दक्षता और प्रभावशीलता |
| मूल प्रश्न | क्या अधिकतम उत्पाद मिला, या कम संसाधन में वही संभव था? | क्या काम सही ढंग से हुआ और क्या सही काम हुआ? |
| परिणाम (outcome) | सामान्यतः उत्पाद, लागत, समय और गुणवत्ता तक सीमित | उत्पाद के साथ परिणाम और प्रभाव भी, तथा नीति के क्रियान्वयन में कमियाँ |
| कसौटी | लागत-मानक, तुलना, पिछली अवधि, उत्पादकता | अंकेक्षण-विशिष्ट उचित मानक, जो तीनों E पर लागू हों |
| परिणाम-पत्र | संसाधन-उपयोग पर निष्कर्ष | सुधार की सिफ़ारिशों सहित समग्र मूल्यांकन |
पहली, दूसरी और तीसरी पंक्ति दक्षता और निष्पादन अंकेक्षण की परिभाषा के बीच की तुलना है। यह भेद अवधारणात्मक है (विश्लेषण): CAG के व्यवहार में दक्षता अंकेक्षण निष्पादन अंकेक्षण में समा गया है। 'दो अंतर' पूछे जाएँ तो पहली और तीसरी पंक्ति सबसे सुरक्षित हैं।
दक्षता, मितव्ययिता और प्रभावशीलता: कैसे अलग हैं
तीनों सिद्धांतों को एक ही उदाहरण से अलग रखा जा सकता है। सरकारी स्कूल के लिए फ़र्नीचर ख़रीदना है। अगर सबसे सस्ती निविदा चुनी गई तो यह मितव्ययिता है। अगर उसी पैसे से ज़्यादा बेंच ख़रीदी जा सकीं और समय पर पहुँच गईं तो यह दक्षता है। अगर फ़र्नीचर मिलने के बाद कक्षा में बैठने की कमी सचमुच दूर हुई तो यह प्रभावशीलता है। एक के बिना दूसरी का दावा नहीं किया जा सकता: सस्ता पर घटिया सामान मितव्ययी दिखकर भी बाद में टूटकर प्रभावशीलता और दक्षता, दोनों घटा देता है।
दक्षता का सबसे बड़ा जोखिम यह है कि इसे केवल लागत घटाना समझ लिया जाए। दिशानिर्देश साफ़ कहते हैं कि दक्षता में उत्पादों की मात्रा, गुणवत्ता और समय, तीनों गिने जाते हैं, और यह भी कि निष्कर्ष तुलना पर टिके हों। इसलिए अच्छे उत्तर में तीन बातें होती हैं: संसाधन क्या लगे, उत्पाद क्या मिला (मात्रा, गुणवत्ता, समय), और तुलना किससे की गई।
आरेख: इनपुट से परिणाम तक, तीन E कहाँ जाँचते हैं
इनपुट
पैसा, लोग, सामग्री, समय: मितव्ययिता यहाँ देखती है कि सही दाम पर जुटे या नहीं
प्रक्रिया
संसाधनों का उपयोग और प्रबंधन
आउटपुट
मात्रा, गुणवत्ता, समय: दक्षता इनपुट और आउटपुट का रिश्ता देखती है
परिणाम
लाभ जनता तक पहुँचा: प्रभावशीलता यहाँ देखती है कि उद्देश्य पूरे हुए या नहीं
समय-रेखा: राजस्थान के महालेखाकार कार्यालय की नियम पुस्तिका
9 सितंबर 1957
उच्चतर अंकेक्षण पुस्तिका की प्रस्तावना
15 फ़रवरी 1969
अनुभाग का नाम दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण अनुभाग
1 नवंबर 1973
अनुभाग केवल दक्षता-सह-निष्पादन का काम करे
1 अप्रैल 1979
अनुभाग का पुनर्गठन
2 अप्रैल 2012
पुनर्गठन के बाद आर्थिक क्षेत्र-II के अंतर्गत
1 फ़रवरी 2018
दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण एवं रिपोर्ट अनुभाग
मुख्य तथ्य
- दक्षता का सिद्धांत
- उपलब्ध संसाधनों से अधिकतम परिणाम; संसाधन और उत्पाद (मात्रा, गुणवत्ता, समय) का रिश्ता (दिशानिर्देश 2014, पैरा 1.8)
- दक्षता कब है
- दिए गए इनपुट पर आउटपुट अधिकतम, या दिए गए आउटपुट पर इनपुट न्यूनतम (पैरा 1.8)
- तुलना के आधार
- समान गतिविधियाँ, अन्य अवधियाँ या संस्था का अपना मानक; मानक न हो तो सर्वश्रेष्ठ व्यवहार (पैरा 1.9)
- दक्षता अंकेक्षण में चार पहलू
- संसाधन, प्रबंधन, समय पर सेवा, लागत-प्रभावी उद्देश्य (पैरा 1.10)
- ISSAI 300
- दक्षता का वही अर्थ: संसाधन और उत्पाद का रिश्ता (पैरा 11)
- अंकेक्षण के प्रकार
- मानक 2017 में वित्तीय, अनुपालन और निष्पादन; दक्षता अलग प्रकार नहीं (पैरा 2.2)
- राजस्थान की नियम पुस्तिका
- 1957 उच्चतर अंकेक्षण; 1969 दक्षता-सह-निष्पादन अनुभाग; 1 नवंबर 1973; 1 फ़रवरी 2018 से 'दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण एवं रिपोर्ट अनुभाग'
- अंतिम जाँच
- 2 अक्टूबर 2026
राजस्थान का पहलू
राजस्थान के महालेखाकार (आर्थिक एवं राजस्व क्षेत्र लेखा-परीक्षा), जयपुर के कार्यालय की "दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण एवं रिपोर्ट अनुभाग की नियम पुस्तिका" (संशोधित संस्करण 2019), जो cag.gov.in पर उपलब्ध है (देखी गई 2 अक्टूबर 2026), बताती है कि यह अनुभाग 1957 की "उच्चतर अंकेक्षण" परंपरा से निकला है, 1969 में दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण अनुभाग कहलाया, 1 नवंबर 1973 से केवल इसी काम में लगा, और 1 फ़रवरी 2018 से "दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण एवं रिपोर्ट अनुभाग" है। पुस्तिका के अनुसार यह अनुभाग राज्य सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण को राज्य लेखा-परीक्षा रिपोर्ट में शामिल करने के लिए अंतिम रूप देने का मुख्य ज़िम्मेदार है; केंद्र प्रायोजित योजनाओं की सामग्री केंद्रीय रिपोर्ट के लिए भेजी जाती है। विषय-चयन में जन-हित, ख़र्च, प्रगति और अपेक्षित लाभ को आधार माना जाता है।
परीक्षा में आम ग़लतियाँ
याद रखें
- दक्षता को केवल "कम ख़र्च" लिख देना। दक्षता में उत्पाद की मात्रा, गुणवत्ता और समय भी गिने जाते हैं।
- दक्षता और प्रभावशीलता को एक मानना। दक्षता इनपुट से आउटपुट का रिश्ता है; प्रभावशीलता यह कि उद्देश्य और परिणाम मिले।
- दो अंतर पूछे जाने पर तीन-चार पंक्तियों की व्याख्या लिखना। 15 शब्द में दायरा (केवल दक्षता बनाम तीनों E) और परिणाम तक पहुँच, दो ही बिंदु लिखें।
- यह लिखना कि CAG के मानकों में दक्षता अंकेक्षण अंकेक्षण का अलग प्रकार है। 2017 के मानकों में तीन प्रकार हैं: वित्तीय, अनुपालन, निष्पादन। परीक्षा में अलग नाम से पूछे जाने पर इसे निष्पादन अंकेक्षण का हिस्सा बताएँ।
- कसौटी बताए बिना "दक्ष" या "अदक्ष" लिख देना। हर निष्कर्ष के साथ तुलना का आधार लिखें: समान गतिविधि, पिछली अवधि या मानक।
- प्रति इकाई लागत को ही दक्षता का एकमात्र माप मानना। लागत कम पर देरी या घटिया गुणवत्ता हो तो वह दक्षता नहीं है।
केस: राजस्थान के महालेखाकार कार्यालय में नाम का बदलना
केस स्टडीवास्तविक केस: उच्चतर अंकेक्षण से दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण तक
राजस्थान के महालेखाकार (आर्थिक एवं राजस्व क्षेत्र लेखा-परीक्षा), जयपुर के कार्यालय की नियम पुस्तिका (संशोधित संस्करण 2019) की प्रस्तावनाएँ बताती हैं कि दक्षता अंकेक्षण का काम कैसे अपनी जगह बनाता गया।
- 1957
- पहले संस्करण की प्रस्तावना: उच्चतर अंकेक्षण का उद्देश्य करदाता को उसके पैसे का अधिकतम लाभ मिलना देखना (9 सितंबर 1957)।
- 1969
- दूसरे संस्करण में अनुभाग का नाम दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण अनुभाग हुआ (15 फ़रवरी 1969)।
- 1973 और 1979
- 1 नवंबर 1973 से अनुभाग केवल दक्षता-सह-निष्पादन का काम करने लगा; 1 अप्रैल 1979 को पुनर्गठन।
- 2012 और 2018
- अप्रैल 2012 के पुनर्गठन के बाद आर्थिक क्षेत्र के अंतर्गत; 1 फ़रवरी 2018 से नाम दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण एवं रिपोर्ट अनुभाग।
सीख
सीख: दक्षता की जाँच नई अवधारणा नहीं, 1950 के दशक की उच्चतर अंकेक्षण परंपरा से निकली है और समय के साथ निष्पादन अंकेक्षण में विलीन हुई (विश्लेषण)। उत्तर में "दक्षता-सह-निष्पादन अंकेक्षण" शब्द लिखना ऐतिहासिक रूप से सही है।
केस: दो एंबुलेंस सेवाओं की तुलना
उदाहरण (काल्पनिक)काल्पनिक केस: दक्षता का मूल्यांकन
(यह केस समझाने के लिए गढ़ा गया है; किसी वास्तविक सेवा का वर्णन नहीं।) दो ज़िलों की एंबुलेंस सेवाओं को समान बजट मिला। अंकेक्षक ने तुलना के लिए चार संकेतक लिए: प्रति फेरा लागत, गाड़ियों का उपयोग, घटना-स्थल तक पहुँचने का औसत समय और बंद पड़ी गाड़ियाँ।
- सेवा क
- बजट ₹3 करोड़; 9,000 फेरे; 20 में से 5 गाड़ियाँ महीनों ख़राब पड़ी रहीं; औसत पहुँच-समय 18 मिनट।
- सेवा ख
- बजट ₹3 करोड़; 6,000 फेरे; 20 में से 2 गाड़ियाँ ही ख़राब; औसत पहुँच-समय 11 मिनट।
- पहला निष्कर्ष
- फेरे ज़्यादा होने भर से क को ख से अधिक दक्ष नहीं कहा जा सकता: क में चौथाई गाड़ियाँ बेकार रहीं और समय अधिक लगा।
- कसौटी
- मानक: राज्य की अपनी नीति में समय-सीमा 15 मिनट। क इससे बाहर है, ख भीतर।
सीख
सीख: दक्षता के निष्कर्ष में मात्रा (फेरे), समय (पहुँच-समय) और संसाधन का उपयोग (गाड़ियाँ) तीनों साथ पढ़े जाते हैं, और तुलना का मानक पहले से तय रहता है।
कार्य-उदाहरण: दक्षता के संकेतकों की गणना
हल सहित उदाहरणदो एंबुलेंस सेवाओं के आँकड़े (काल्पनिक संख्याएँ)
दिया है
- ऊपर के काल्पनिक केस की संख्याएँ लीजिए। सेवा क: बजट ₹3,00,00,000, फेरे 9,000, कुल गाड़ियाँ 20, ख़राब 5, पहुँच-समय 18 मिनट। सेवा ख: बजट ₹3,00,00,000, फेरे 6,000, गाड़ियाँ 20, ख़राब 2, पहुँच-समय 11 मिनट।
- राज्य का मानक: पहुँच-समय अधिकतम 15 मिनट।
- 1चरण 1: प्रति फेरा लागत क: ₹3,00,00,000 ÷ 9,000 = ₹3,333 (लगभग)। ख: ₹3,00,00,000 ÷ 6,000 = ₹5,000। प्रति फेरा लागत में क सस्ती है।
- 2चरण 2: गाड़ियों का उपयोग क: (20 − 5) ÷ 20 × 100 = 75 प्रतिशत उपयोग। ख: (20 − 2) ÷ 20 × 100 = 90 प्रतिशत। उपयोग में ख बेहतर है।
- 3चरण 3: समय का मानक क: 18 मिनट, मानक से 3 मिनट (20 प्रतिशत) अधिक। ख: 11 मिनट, मानक से 4 मिनट कम।
- 4चरण 4: सार लिखें लागत में क बेहतर, उपयोग और समय में ख बेहतर। इसलिए दक्षता का निष्कर्ष एक संकेतक से नहीं, तीनों को साथ रखकर निकलता है। साथ में यह भी लिखें कि प्रति फेरा कम लागत वाली सेवा सेवा-समय के मानक से बाहर क्यों रही।
निष्कर्ष: निष्कर्ष: दक्षता के उत्तर में एक संख्या नहीं, संख्याओं का समूह और उनकी कसौटी लिखें। प्रति फेरा लागत की गोलाई जैसी बातें गौण हैं; कसौटी का नाम लिखना ज़रूरी है।
पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और मॉडल उत्तर
2018RAS मुख्य परीक्षापेपर I2 अंक
Define Efficiency Audit. / कुशलता अंकेक्षण को परिभाषित कीजिए।
आदर्श उत्तर
दक्षता अंकेक्षण जाँचता है कि संसाधनों से अधिकतम उत्पाद मिला या कम संसाधन में वही संभव था।
2016RAS मुख्य परीक्षापेपर I2 अंक
Give any two differences between Efficiency Audit and Performance Audit. / निपुणता अंकेक्षण एवं निष्पादन अंकेक्षण में कोई दो अन्तर बताइये।
आदर्श उत्तर
(1) दक्षता: केवल इनपुट-आउटपुट रिश्ता; निष्पादन: तीनों E। (2) निष्पादन परिणाम और सुधार-गुंजाइश भी परखता है।
अभ्यास प्रश्न (PYQ नहीं)
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
दक्षता मापने के दो आधार लिखिए।
आदर्श उत्तर
दक्षता की जाँच समान गतिविधियों, पिछली अवधियों या संस्था के अपने मानक से तुलना करके होती है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
दक्षता के दो संकेतक बताइए।
आदर्श उत्तर
दक्षता के संकेतक: प्रति इकाई लागत और क्षमता का उपयोग; समय का अनुपात भी देखा जाता है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
दक्षता अंकेक्षण का अर्थ और महत्त्व बताइए।
आदर्श उत्तर
दक्षता अंकेक्षण संसाधनों और उत्पाद (मात्रा, गुणवत्ता, समय) के रिश्ते की स्वतंत्र जाँच है। यह देखता है कि अधिकतम उत्पाद मिला या कम संसाधन में वही संभव था। महत्त्व: सीमित सार्वजनिक धन का बेहतर उपयोग, बर्बादी की पहचान और सुधार की दिशा। निष्कर्ष तुलना पर टिकते हैं, इसलिए मानक आवश्यक है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
मितव्ययिता, दक्षता और प्रभावशीलता को एक उदाहरण से समझाइए।
आदर्श उत्तर
स्कूल के लिए फ़र्नीचर ख़रीदने में सबसे सस्ती निविदा चुनना मितव्ययिता है। उसी पैसे से अधिक बेंच समय पर पहुँचाना दक्षता है। बेंच मिलने पर कक्षा में बैठने की कमी सचमुच दूर होना प्रभावशीलता है। तीनों अलग हैं, और एक के बिना दूसरे का दावा अधूरा रहता है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
दक्षता अंकेक्षण और निष्पादन अंकेक्षण में अंतर स्पष्ट करते हुए सरकारी विभागों में दक्षता जाँचने के संकेतक बताइए।
आदर्श उत्तर
दक्षता अंकेक्षण केवल इनपुट और आउटपुट, यानी संसाधन और उत्पाद के रिश्ते को परखता है। निष्पादन अंकेक्षण में मितव्ययिता, दक्षता और प्रभावशीलता तीनों के साथ परिणाम और सुधार की गुंजाइश भी देखी जाती है। CAG के व्यवहार में दक्षता निष्पादन अंकेक्षण का ही भाग है। सरकारी विभागों में दक्षता के संकेतक हैं: प्रति इकाई लागत, क्षमता का उपयोग, तय समय बनाम लगा समय, कर्मचारी-उत्पादकता, अपव्यय और नागरिक को सेवा मिलने में लगा समय। हर निष्कर्ष के साथ तुलना का मानक बताना ज़रूरी है, जैसे समान विभाग या पिछला वर्ष।
10 अंक (100 शब्द) का उत्तर कैसे लिखें
भूमिका
दक्षता अंकेक्षण को परिभाषित करें: उपलब्ध संसाधनों से अधिकतम उत्पाद, या दिए गए उत्पाद के लिए न्यूनतम संसाधन, की स्वतंत्र जाँच (लगभग 20 शब्द)।
मुख्य भाग
- जाँच किसकी: मात्रा, गुणवत्ता, समय और संसाधन का रिश्ता (लगभग 20 शब्द)
- तुलना के आधार: समान गतिविधियाँ, पिछली अवधि, संस्था का मानक (लगभग 15 शब्द)
- संकेतक: प्रति इकाई लागत, क्षमता का उपयोग, समय, अपव्यय (लगभग 15 शब्द)
- निष्पादन अंकेक्षण से संबंध: तीन E का एक अंग; दायरा छोटा (लगभग 20 शब्द)
निष्कर्ष
अंत में एक पंक्ति: दक्षता सार्वजनिक धन की बर्बादी पहचानकर सेवा की गति और गुणवत्ता सुधारती है (लगभग 10 शब्द)।
अतिरिक्त मूल्य
- दो एंबुलेंस सेवाओं की तुलना का एक पंक्ति का उदाहरण
- राजस्थान के महालेखाकार कार्यालय में 'दक्षता-सह-निष्पादन' नाम का इतिहास
एक पन्ने में दोहराव
- दक्षता (efficiency): उपलब्ध संसाधनों से अधिकतम परिणाम; संसाधन और उत्पाद (मात्रा, गुणवत्ता, समय) का रिश्ता
- दो रूप: दिए गए इनपुट पर अधिकतम आउटपुट, या दिए गए आउटपुट पर न्यूनतम इनपुट
- तुलना: समान गतिविधियाँ, अन्य अवधियाँ, अपना मानक; मानक न हो तो सर्वश्रेष्ठ व्यवहार
- चार पहलू (पैरा 1.10): संसाधन, प्रबंधन, समय पर सेवा, लागत-प्रभावी उद्देश्य
- संकेतक: प्रति इकाई लागत, क्षमता का उपयोग, समय का अनुपात, उत्पादकता, अपव्यय
- दक्षता और निष्पादन अंकेक्षण में अंतर: दायरा (केवल दक्षता बनाम तीनों E) और परिणाम तक पहुँच
- मानक 2017 में तीन प्रकार: वित्तीय, अनुपालन, निष्पादन; दक्षता अलग प्रकार नहीं
- नाम का इतिहास: उच्चतर अंकेक्षण (1957), दक्षता-सह-निष्पादन अनुभाग (1969), 1 नवंबर 1973 से केवल यही काम
- सस्ता पर घटिया या देरी वाला काम दक्ष नहीं
याद रखने योग्य शब्द
- दक्षता अंकेक्षण
- प्रति इकाई लागत
- क्षमता का उपयोग
- दक्षता-सह-निष्पादन
- उच्चतर अंकेक्षण
- तुलना का मानक