सामाजिक लेखांकन (Social Accounting): अर्थ, विशेषताएँ, दृष्टिकोण और सामाजिक अंकेक्षण से अंतर
अर्थ, विशेषताएँ, उद्देश्य, चार दृष्टिकोण, चार मॉडल, सामाजिक अंकेक्षण से अंतर और 2016, 2024 के प्रश्न हल सहित।
- सामाजिक लागत-लाभ
- चार दृष्टिकोण
- मूल्य-वर्धित
- सामाजिक अंकेक्षण
सिलेबस में
RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग ग: "Financial statement of a company; techniques of analysis of financial statements; cash flow statement; basic knowledge of responsibility and social accounting." इस पृष्ठ पर सामाजिक लेखांकन है; सामाजिक अंकेक्षण का अलग पृष्ठ है।
इस विषय को क्यों पढ़ें
याद रखें
- सामाजिक लेखांकन दो बार पूछा गया: 2016 में 5 अंक (अर्थ और कोई तीन विशेषताएँ) और 2024 में 2 अंक (चार दृष्टिकोण)। दोनों बार प्रश्न सीधी सूचियों पर टिके थे।
- सिलेबस में इसके लिए "basic knowledge" लिखा है; इसलिए परिभाषा, तीन-चार विशेषताएँ, चार दृष्टिकोण और सामाजिक अंकेक्षण से अंतर तैयार रखें।
- यही विषय सामाजिक अंकेक्षण (2018, 2016 में पूछा गया) और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़कर आता है, इसलिए इन तीनों का आपसी रिश्ता साफ़ रखें।
बात सीधी भाषा में: कारख़ाने की बैलेंस-शीट में गाँव की नदी कहाँ है
मान लीजिए गाँव के पास एक कारख़ाना लगा। उसकी बही में बिक्री, ख़र्च और लाभ दर्ज हैं। पर यह दर्ज नहीं है कि उसने गाँव के सौ लोगों को रोज़गार दिया, या यह कि उसके कचरे से नदी का पानी गंदा हुआ। परंपरागत (वित्तीय) लेखांकन केवल उन लेन-देनों को पकड़ता है जिनमें पैसा सीधे आता-जाता है। सामाजिक लेखांकन (Social Accounting) इस ख़ाली जगह को भरने की कोशिश है: यह बताता है कि संस्था के काम का समाज पर क्या असर पड़ा, अच्छा भी और बुरा भी।
परीक्षा के लिए सटीक परिभाषा: सामाजिक लेखांकन किसी संगठन की उन गतिविधियों का व्यवस्थित आकलन और प्रतिवेदन है जिनका सामाजिक प्रभाव पड़ता है (ICMAI की ई-सामग्री)। अमेरिका की राष्ट्रीय लेखाकार संघ (National Association of Accountants) की समिति के अनुसार यह किसी संस्था के समाज पर आर्थिक और सामाजिक प्रभावों की पहचान, माप, निगरानी और प्रतिवेदन है। राल्फ़ एस्टीज़ (Ralph Estes) की परिभाषा में यह किसी उद्यम और उसकी गतिविधियों के समाज पर प्रभाव की सूचना का आंतरिक या बाहरी माप और प्रतिवेदन है।
मुख्य विशेषताएँ
विभिन्न स्रोतों में गिनाई गई विशेषताएँ इस तरह एक जगह रखी जा सकती हैं। पहली, यह लाभकारी और हानिकारक, दोनों प्रभावों को मौद्रिक या ग़ैर-मौद्रिक इकाइयों में मापता है। दूसरी, यह सामाजिक लागत (Social Cost) और सामाजिक लाभ (Social Benefit) पर बल देता है। तीसरी, यह संगठन के भीतर और बाहर के समूहों तक सूचना पहुँचाता है। चौथी, यह संस्था और समाज के रिश्ते पर ज़ोर देता है और सामाजिक संसाधनों के उपयोग से जुड़ा है। पाँचवीं, यह लेखांकन तकनीकों का सामाजिक विज्ञान में प्रयोग है। IGNTU की सामग्री इनके साथ यह भी कहती है कि सूचना प्रासंगिक, निष्पक्ष, समझने योग्य, समयबद्ध, सत्यापनीय और तुलनीय होनी चाहिए।
परीक्षा में 5 अंक के प्रश्न में परिभाषा के साथ तीन विशेषताएँ माँगी गईं तो ऊपर की पहली, दूसरी और तीसरी सबसे सुरक्षित हैं, क्योंकि ये सामाजिक लेखांकन की परिभाषाओं के मूल में हैं।
उद्देश्य
IGNTU की सामग्री के अनुसार सामाजिक लेखांकन के उद्देश्यों में प्राकृतिक संसाधनों के उचित उपयोग का निर्धारण, समय-समय पर शुद्ध सामाजिक योगदान की पहचान और माप, यह जाँचना कि फर्म की नीतियों का समाज पर बुरा असर तो नहीं, कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य-दशाएँ, ग्राहकों को उचित मूल्य पर गुणवत्ता, निवेशकों को पारदर्शी सूचना, और सभी सामाजिक पक्षों तक प्रासंगिक जानकारी पहुँचाना शामिल है। ICMAI की सामग्री इसे संस्था के सामाजिक और नैतिक प्रदर्शन की निगरानी, प्रबंधन-रणनीति को ज़िम्मेदार बनाने और संगठन के सीखने के साधन के रूप में देखती है।
चार दृष्टिकोण: 2024 के प्रश्न का आधार
सामाजिक लेखांकन की दृष्टिकोणों की सूची अलग-अलग पुस्तकों में अलग मिलती है, इसलिए परीक्षा में पहले यह तय कर लें कि आप किस सूची से उत्तर लिख रहे हैं और उसे एक पंक्ति में समझा दें। एक भारतीय शोध-पत्र (ज़ैदी, 2012) माप के चार दृष्टिकोण गिनाता है: (1) लागत-लाभ विश्लेषण, जिसमें सामाजिक तुलन-पत्र और सामाजिक आय विवरण से पर्यावरणीय और सामाजिक लाभ-लागत तौली जाती है; (2) पृथक अनुसूचियाँ, जिनमें कर्मचारी-कल्याण, सामाजिक उपरिव्यय और टाउनशिप-रखरखाव जैसे ख़र्च वार्षिक रिपोर्ट में अलग दिखाए जाते हैं; (3) विस्तारित मूल्य-वर्धित दृष्टिकोण, जो वित्तीय और सामाजिक आँकड़े मिलाता है; (4) अन्य, यानी अध्यक्ष के भाषण, निदेशकों की रिपोर्ट और चित्रात्मक प्रस्तुति में प्रकटीकरण।
IGNTU की सामग्री अलग वर्गीकरण देती है और उसमें दृष्टिकोण छह हैं: परंपरागत, वर्णनात्मक, समग्र कल्याण-सैद्धांतिक, कार्यक्रम-प्रबंधन, चित्रात्मक और पाद-टिप्पणी प्रकटीकरण; साथ में चार मॉडल हैं। दोनों सूचियों में जो साझा है, उसे याद रखना सबसे सुरक्षित है: वर्णनात्मक और चित्रात्मक प्रकटीकरण, और लागत-लाभ पर आधारित मात्रात्मक कथन।
दृष्टिकोणों की तुलना
क्या करता है
लागत-लाभ विश्लेषणसामाजिक लाभ और लागत को तौलता है
पृथक अनुसूचियाँसामाजिक ख़र्चों को वार्षिक रिपोर्ट में अलग दिखाता है
विस्तारित मूल्य-वर्धितवित्तीय और सामाजिक आँकड़ों को मिलाता है
वर्णनात्मक प्रकटीकरणशब्दों और चित्रों में सामाजिक गतिविधि बताता है
स्वरूप
लागत-लाभ विश्लेषणसामाजिक तुलन-पत्र, सामाजिक आय विवरण
पृथक अनुसूचियाँकर्मचारी-कल्याण, टाउनशिप-रखरखाव की अनुसूचियाँ
विस्तारित मूल्य-वर्धितमूल्य-वर्धित विवरण का विस्तार
वर्णनात्मक प्रकटीकरणअध्यक्ष का भाषण, निदेशकों की रिपोर्ट, चित्र
चार दृष्टिकोण ज़ैदी (2012), Social Accounting in India (Global Journal of Commerce and Management Perspective) से; IGNTU की छह-दृष्टिकोण सूची अलग है।
चार मॉडल: कौन कहाँ से आया
IGNTU की सामग्री चार मॉडल गिनाती है। सीडलर का मॉडल (1973) लाभ कमाने वाली और ग़ैर-लाभकारी संस्थाओं के लिए अलग सामाजिक आय विवरण का सुझाव देता है। एबट मॉडल अमेरिका की एबट एसोसिएट्स का है और सामाजिक सूचना को सामाजिक आय विवरण और सामाजिक तुलन-पत्र के रूप में परिमाण में दिखाता है। राल्फ़ एस्टीज़ का व्यापक सामाजिक लाभ-लागत मॉडल (1976) सामाजिक लाभ (समाज को मिली उपयोगिता) और सामाजिक लागत (समाज का वह त्याग जिसकी भरपाई संस्था ने नहीं की) पर टिका है। लिनोवेस का सामाजिक-आर्थिक मॉडल तीन क्षेत्रों में प्रतिवेदन माँगता है: लोगों से संबंध, पर्यावरण से संबंध और उत्पाद से संबंध।
मॉडलों के वर्ष स्रोतों में थोड़े भिन्न मिल सकते हैं; परीक्षा में नाम और मूल विचार लिखना काफ़ी है।
सामाजिक लेखांकन, वित्तीय लेखांकन और सामाजिक अंकेक्षण
तीनों को मिलाना सबसे आम चूक है। वित्तीय लेखांकन आर्थिक लेन-देन का रिकॉर्ड रखता है और मुख्यतः शेयरधारकों, ऋणदाताओं और कर-अधिकारियों के लिए है। सामाजिक लेखांकन सामाजिक प्रभाव का माप और प्रतिवेदन है और सब हितधारकों के लिए है। सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) स्वतंत्र मूल्यांकन-तंत्र है जो जाँचता है कि संगठन के संसाधन समाज के हित में कैसे काम आए। ICMAI की सामग्री का अंतर यही है: सामाजिक लेखांकन माप और प्रतिवेदन पर, सामाजिक अंकेक्षण स्वतंत्र सत्यापन पर, और सामाजिक उत्तरदायित्व (Social Accountability) हितधारकों के प्रति जवाबदेही पर केंद्रित है।
भारत में कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 135 के अंतर्गत कुछ पात्र कंपनियों के लिए CSR व्यय का दायित्व है (IGNTU की सामग्री); इसके पात्रता-मानदंड इस पृष्ठ में नहीं दिए गए हैं। सामाजिक लेखांकन को CSR के प्रतिवेदन का ढाँचा और सामाजिक अंकेक्षण को उसकी जाँच का साधन समझा जा सकता है (विश्लेषण)।
तीन अवधारणाओं की तुलना
| आधार | वित्तीय लेखांकन | सामाजिक लेखांकन | सामाजिक अंकेक्षण |
|---|---|---|---|
| मूल काम | आर्थिक लेन-देन का रिकॉर्ड | सामाजिक प्रभाव का माप और प्रतिवेदन | स्वतंत्र जाँच और सत्यापन |
| इकाइयाँ | केवल मौद्रिक | मौद्रिक और ग़ैर-मौद्रिक | मौद्रिक और ग़ैर-मौद्रिक |
| किसके लिए | शेयरधारक, ऋणदाता, कर-अधिकारी | सभी हितधारक, समाज | समाज और हितधारक |
| मुख्य प्रश्न | लाभ कितना हुआ | समाज पर असर क्या पड़ा | दावे सही हैं या नहीं |
अंतर का आधार ICMAI की ई-सामग्री; पहले स्तंभ की पंक्तियाँ और दूसरा स्तंभ विश्लेषण है।
सामाजिक लागत और लाभ को कैसे मापें
सबसे कठिन काम यही है कि समाज के असर को रुपये में कैसे बदला जाए। IGNTU की सामग्री पाँच तरीक़े बताती है। प्रतिनिधि मूल्यांकन (Surrogate Valuation) में प्रत्यक्ष मूल्य निकालना कठिन हो तो उसका अनुमान लगाया जाता है, जैसे दान में दी गई सुविधा का किराया-मूल्य। सर्वेक्षण में प्रभावित लोगों से उस प्रभाव का महत्त्व पूछा जाता है। पुनर्स्थापना या निवारण लागत में उस ख़र्च को मूल्य माना जाता है जो नुक़सान रोकने या ठीक करने में लगेगा। मूल्यांकन-विशेषज्ञ (Appraisal) स्वतंत्र अनुमान देते हैं। विश्लेषण में उपलब्ध आँकड़ों का आर्थिक और सांख्यिकीय विश्लेषण होता है।
आपके उत्तर के लिए अर्थ यह है कि सामाजिक लेखांकन की संख्याएँ अनुमान हैं, वित्तीय लेखांकन की तरह निश्चित नहीं। इसी कारण सबसे बड़ी सीमा यह है कि संस्था के बाहर पड़ने वाले प्रभावों का माप अत्यंत कठिन है (ICMAI की सामग्री)। इसलिए विधि और मान्यताएँ साथ में बतानी चाहिए।
सीमाएँ
सामाजिक लेखांकन की सबसे बड़ी चुनौती माप की है, क्योंकि संस्था के बाहर पड़ने वाले प्रभाव को रुपये में बदलना कठिन और अनुमान-आधारित है। दूसरी, कोई एक सर्वमान्य प्रारूप नहीं है: ऊपर देखा कि पुस्तकों में दृष्टिकोण और मॉडल अलग-अलग गिनाए जाते हैं। तीसरी, अधिकांश प्रकटीकरण स्वैच्छिक रहे हैं, इसलिए संस्था सिर्फ़ अच्छे पहलू दिखा सकती है। चौथी, अलग-अलग संस्थाओं की तुलना कठिन है, क्योंकि मान्यताएँ और माप-विधियाँ अलग हैं। ये सीमाएँ विश्लेषण हैं, किसी एक स्रोत से सीधे उद्धृत नहीं।
मानचित्र: सामाजिक लेखांकन
अर्थ
- सामाजिक प्रभाव का माप
- प्रतिवेदन
- लाभ और हानि दोनों
विशेषताएँ
- सामाजिक लागत-लाभ
- मौद्रिक और ग़ैर-मौद्रिक
- भीतर-बाहर के समूहों को सूचना
चार दृष्टिकोण
- लागत-लाभ
- पृथक अनुसूचियाँ
- विस्तारित मूल्य-वर्धित
- वर्णनात्मक प्रकटीकरण
संबंधित
- सामाजिक अंकेक्षण
- CSR
- सामाजिक उत्तरदायित्व
मुख्य तथ्य
- सामाजिक लेखांकन की परिभाषा (ICMAI)
- संगठन की उन गतिविधियों का व्यवस्थित आकलन और प्रतिवेदन जिनका सामाजिक प्रभाव है
- राल्फ़ एस्टीज़ की परिभाषा
- उद्यम और उसकी गतिविधियों के समाज पर प्रभाव की सूचना का आंतरिक या बाहरी माप और प्रतिवेदन
- मुख्य विशेषताएँ
- सामाजिक लागत-लाभ का माप; मौद्रिक या ग़ैर-मौद्रिक इकाइयाँ; भीतर-बाहर के समूहों को सूचना
- चार दृष्टिकोण (ज़ैदी, 2012)
- लागत-लाभ, पृथक अनुसूचियाँ, विस्तारित मूल्य-वर्धित, अन्य (वर्णनात्मक) प्रकटीकरण
- भारत में अग्रणी
- टाटा आयरन एंड स्टील (TISCO) ने सामाजिक लेखांकन की शुरुआत की
- एबट मॉडल
- सामाजिक आय विवरण और सामाजिक तुलन-पत्र के रूप में सामाजिक सूचना (IGNTU)
- अंतिम जाँच
- 2 अक्टूबर 2026
परीक्षा में आम ग़लतियाँ
याद रखें
- सामाजिक लेखांकन और सामाजिक अंकेक्षण को एक बताना: लेखांकन माप और प्रतिवेदन है, अंकेक्षण स्वतंत्र सत्यापन।
- केवल सामाजिक लाभ गिनाना: सामाजिक लागत, यानी समाज को हुई हानि, भी इसका उतना ही ज़रूरी हिस्सा है।
- चार दृष्टिकोण माँगे जाने पर तीन या पाँच लिख देना: संख्या पूछी हो तो ठीक उतने ही लिखें और एक पंक्ति में समझाएँ।
- CSR और सामाजिक लेखांकन को पर्यायवाची मान लेना: CSR संस्था का दायित्व है, सामाजिक लेखांकन उसका माप और प्रतिवेदन।
- विशेषताएँ बिना सन्दर्भ के लिखना: अर्थ की पहली पंक्ति में परिभाषा ज़रूर लिखें।
कार्य-उदाहरण (कल्पित): सामाजिक आय विवरण
हल सहित उदाहरणएक कारख़ाने का शुद्ध सामाजिक योगदान
दिया है
- यह उदाहरण समझाने के लिए गढ़ा गया है; कारख़ाना और आँकड़े वास्तविक नहीं हैं।
- सामाजिक लाभ: कर्मचारियों का प्रशिक्षण ₹8,00,000; गाँव के लिए सुरक्षित पेयजल योजना ₹6,00,000; स्कूल को दिया फ़र्नीचर और कक्षाएँ ₹3,00,000; वृक्षारोपण ₹4,00,000।
- सामाजिक लागत: प्रदूषण-नियंत्रण पर बची हुई राशि (जो ख़र्च होनी थी) ₹9,00,000; कार्यस्थल दुर्घटनाओं का उपचार-ख़र्च ₹2,50,000; जल-स्रोत की सफ़ाई का अनुमानित ख़र्च ₹5,50,000।
- 1चरण 1: कुल सामाजिक लाभ 8,00,000 + 6,00,000 + 3,00,000 + 4,00,000 = ₹21,00,000।
- 2चरण 2: कुल सामाजिक लागत 9,00,000 + 2,50,000 + 5,50,000 = ₹17,00,000।
- 3चरण 3: शुद्ध सामाजिक योगदान 21,00,000 − 17,00,000 = ₹4,00,000।
निष्कर्ष: शुद्ध सामाजिक योगदान ₹4,00,000 धनात्मक है, पर कुल सामाजिक लाभ का 81% सामाजिक लागत में चला गया। प्रदूषण-नियंत्रण में बचाई गई राशि अकेले ₹9,00,000 है, जो सबसे बड़ी लागत है। इस विवरण का काम यही सवाल उठाना है कि क्या बचत वास्तव में बचत थी या समाज पर टाला गया बोझ।
कार्य-उदाहरण (कल्पित): मूल्य-वर्धित विवरण का विचार
हल सहित उदाहरणकमाई का बँटवारा किसके बीच हुआ
दिया है
- यह उदाहरण समझाने के लिए गढ़ा गया है; आँकड़े वास्तविक नहीं हैं।
- बिक्री ₹50,00,000; बाहर से ख़रीदी गई सामग्री और सेवाएँ ₹32,00,000। मूल्य-वर्धन का बँटवारा: कर्मचारियों को ₹9,00,000, ऋणदाताओं को ब्याज ₹1,50,000, सरकार को कर ₹2,50,000, स्वामियों को लाभांश ₹2,00,000।
- 1चरण 1: मूल्य-वर्धन बिक्री − बाहर से ख़रीद = 50,00,000 − 32,00,000 = ₹18,00,000।
- 2चरण 2: बँटवारा कर्मचारी 9,00,000, ऋणदाता 1,50,000, सरकार 2,50,000, स्वामी 2,00,000; शेष संस्था में रोका गया = 18,00,000 − 15,00,000 = ₹3,00,000।
- 3चरण 3: प्रतिशत कर्मचारी 50.0%, ऋणदाता 8.3%, सरकार 13.9%, स्वामी 11.1%, रोका गया 16.7%।
निष्कर्ष: ₹18,00,000 के मूल्य-वर्धन में से सबसे बड़ा हिस्सा कर्मचारियों (50%) को गया। यह दृष्टिकोण दिखाता है कि संस्था की कमाई समाज के किन वर्गों में बँटी, इसलिए इसे सामाजिक लेखांकन का विस्तारित मूल्य-वर्धित दृष्टिकोण माना जाता है।
केस स्टडी (कल्पित): खनन कंपनी, गाँव और वार्षिक रिपोर्ट
उदाहरण (काल्पनिक)दो रिपोर्टें, दो कहानियाँ
यह केस समझाने के लिए गढ़ा गया है; कंपनी और गाँव वास्तविक नहीं हैं। एक कल्पित खनन कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में अच्छा लाभ और "गाँव के लिए स्कूल-भवन" की तस्वीर छपी है। पास के गाँव के लोगों की शिकायत है कि धूल से खेती घटी है और जल-स्तर नीचे गया है।
- वित्तीय रिपोर्ट
- लाभ और लाभांश दिखाती है; धूल और जल-स्तर का कोई आँकड़ा नहीं।
- सामाजिक लेखांकन
- स्कूल-भवन को सामाजिक लाभ में और फ़सल-हानि तथा जल-संकट की भरपाई-लागत को सामाजिक लागत में दर्ज करता, और दोनों का शुद्ध योगदान दिखाता।
- सामाजिक अंकेक्षण
- स्वतंत्र पक्ष गाँव में जाकर जाँचता कि रिपोर्ट के दावे सही हैं या नहीं।
- निष्कर्ष
- चित्रात्मक प्रकटीकरण अकेला काफ़ी नहीं; माप, लागत-लाभ का हिसाब और स्वतंत्र सत्यापन साथ आएँ तभी रिपोर्ट विश्वसनीय बनती है।
सीख
सामाजिक लेखांकन का मूल्य तब है जब वह लाभ के साथ लागत भी ईमानदारी से दिखाए, और सामाजिक अंकेक्षण उसे परखे।
पिछले वर्षों के प्रश्न (हल सहित)
2024RAS मुख्य परीक्षापेपर I2 अंक
Write four approaches of Social Accounting. (सामाजिक लेखांकन के चार दृष्टिकोण)
आदर्श उत्तर
चार दृष्टिकोण: लागत-लाभ विश्लेषण, पृथक अनुसूचियाँ, विस्तारित मूल्य-वर्धित दृष्टिकोण और वर्णनात्मक (भाषण, रिपोर्ट, चित्र) प्रकटीकरण।
2016RAS मुख्य परीक्षापेपर I5 अंक
What do you mean by Social Accounting? Give any three characteristics of Social Accounting. / सामाजिक लेखांकन से आप क्या समझते हैं? सामाजिक लेखांकन की कोई तीन विशेषताएँ बताइये।
आदर्श उत्तर
सामाजिक लेखांकन संस्था की गतिविधियों के सामाजिक प्रभाव का व्यवस्थित आकलन और प्रतिवेदन है। विशेषताएँ: (1) सामाजिक लागत और लाभ को मापता है; (2) प्रभाव मौद्रिक या ग़ैर-मौद्रिक इकाइयों में दर्शाता है; (3) संस्था के भीतर और बाहर के समूहों तक सूचना पहुँचाता है।
अभ्यास प्रश्न (अपने)
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
सामाजिक लेखांकन और सामाजिक अंकेक्षण में एक अंतर बताइए।
आदर्श उत्तर
सामाजिक लेखांकन सामाजिक प्रभाव का माप और प्रतिवेदन है; सामाजिक अंकेक्षण उसका स्वतंत्र सत्यापन है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
सामाजिक लेखांकन के चार उद्देश्य लिखिए।
आदर्श उत्तर
उद्देश्य: प्राकृतिक संसाधनों के उचित उपयोग का निर्धारण; शुद्ध सामाजिक योगदान की पहचान और माप; यह जाँचना कि नीतियों का समाज पर बुरा असर तो नहीं; और सभी हितधारकों तक प्रासंगिक सूचना पारदर्शी रूप से पहुँचाना। इससे संस्था समाज के प्रति जवाबदेह बनती है और प्रबंधन सुधार के निर्णय ले पाता है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
सामाजिक लागत और सामाजिक लाभ के दो-दो उदाहरण दीजिए।
आदर्श उत्तर
सामाजिक लाभ: कर्मचारियों का प्रशिक्षण और गाँव के लिए पेयजल योजना। सामाजिक लागत: प्रदूषण से जल-स्रोत की हानि और कार्यस्थल की दुर्घटनाओं से उपचार-ख़र्च। लाभ वे हैं जो संस्था समाज को देती है; लागत वे जिनका बोझ समाज उठाता है और संस्था उसकी भरपाई नहीं करती।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
सामाजिक लेखांकन का अर्थ, दृष्टिकोण और सीमाएँ बताइए।
आदर्श उत्तर
सामाजिक लेखांकन संस्था की गतिविधियों के सामाजिक प्रभाव का व्यवस्थित आकलन और प्रतिवेदन है। दृष्टिकोण: लागत-लाभ विश्लेषण (सामाजिक तुलन-पत्र और आय विवरण), पृथक अनुसूचियाँ, विस्तारित मूल्य-वर्धित दृष्टिकोण और वर्णनात्मक प्रकटीकरण। सीमाएँ: संस्था के बाहर पड़ने वाले प्रभाव को रुपये में मापना कठिन है; कोई सर्वमान्य प्रारूप नहीं है; प्रकटीकरण प्रायः स्वैच्छिक है, इसलिए केवल अच्छे पहलू दिखाए जा सकते हैं; और संस्थाओं की तुलना कठिन होती है। इसलिए इसे सामाजिक अंकेक्षण के साथ पढ़ना उपयोगी है। उत्तर के अंत में एक उदाहरण जोड़ने से अंक बढ़ते हैं; जैसे कर्मचारी-कल्याण पर ख़र्च का अलग विवरण।
उत्तर कैसे लिखें (10 अंक, 100 शब्द)
भूमिका
प्रश्न का नमूना: "सामाजिक लेखांकन क्या है? इसकी विशेषताएँ और सीमाएँ बताइए।" पहली पंक्ति में परिभाषा।
मुख्य भाग
- परिभाषा: सामाजिक प्रभाव का व्यवस्थित आकलन और प्रतिवेदन (20 शब्द)
- तीन विशेषताएँ (30 शब्द)
- एक संक्षिप्त उदाहरण: सामाजिक लाभ और लागत (20 शब्द)
- दो सीमाएँ (20 शब्द)
निष्कर्ष
निष्कर्ष: सामाजिक लेखांकन वित्तीय लेखांकन का पूरक है; सामाजिक अंकेक्षण के साथ मिलकर यह जवाबदेही बढ़ाता है।
अतिरिक्त मूल्य
- एक पंक्ति में सामाजिक अंकेक्षण से अंतर
- भारत का उदाहरण: टाटा आयरन एंड स्टील ने शुरुआत की
- माप की कठिनाई का ज़िक्र
त्वरित पुनरावृत्ति
- परिभाषा: संगठन की सामाजिक प्रभाव वाली गतिविधियों का व्यवस्थित आकलन और प्रतिवेदन
- विशेषता 1: सामाजिक लागत और लाभ का माप
- विशेषता 2: मौद्रिक या ग़ैर-मौद्रिक इकाइयाँ
- विशेषता 3: भीतर-बाहर के समूहों को सूचना
- चार दृष्टिकोण (ज़ैदी): लागत-लाभ, पृथक अनुसूचियाँ, विस्तारित मूल्य-वर्धित, वर्णनात्मक प्रकटीकरण
- मॉडल (IGNTU): सीडलर, एबट, एस्टीज़, लिनोवेस
- लेखांकन = माप और प्रतिवेदन; अंकेक्षण = स्वतंत्र सत्यापन
- भारत में अग्रणी: TISCO
- सबसे बड़ी सीमा: बाहरी प्रभावों का माप कठिन
- पूछा गया: 2016 (5 अंक, तीन विशेषताएँ), 2024 (2 अंक, चार दृष्टिकोण)
याद रखने योग्य शब्द
- सामाजिक लागत
- सामाजिक लाभ
- लागत-लाभ
- मूल्य-वर्धित
- TISCO