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पृष्ठ 7.2

हितों का टकराव (Conflict of Interest)

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RAS मुख्य परीक्षा, पत्र II, इकाई I, बिंदु 7: "Ethical concerns, dilemmas and challenges in administration" (प्रशासन में नैतिक चिंताएँ, दुविधाएँ और चुनौतियाँ); निकट बिंदु 3 (सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता)

  • जनवरी 2026 के पाठ्यक्रम के अनुसार अद्यतन
  • पढ़ने का समय: लगभग 12 मिनट
2 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

परीक्षा-भार (2018-2024 के प्रश्नों के आधार पर)

नाम से 0 प्रश्न (52 में से)। सबसे निकट: 2024 भाग ख Q6 (क्या प्रशासनिक वस्तुनिष्ठता के लिए सत्यनिष्ठा ज़रूरी है?) और Q8 (क्या प्रशासनिक निर्णय राजनीतिक पूर्वाग्रह से मुक्त होते हैं?)। नया पर पाठ्यक्रम-योग्य विषय, इसलिए भाग क और भाग ख की अच्छी संभावना। यह हमारी गिनती और अनुमान है, RPSC की सूचना नहीं।

30 सेकंड का सार

याद रखें

  • हितों का टकराव वह स्थिति है जहाँ अधिकारी के निजी हित उसके सार्वजनिक कर्तव्य के निर्वहन को अनुचित रूप से प्रभावित कर सकते हैं (OECD, 2003 की परिभाषा का भाव)। खतरा "संभावना" का है; पक्षपात सिद्ध होना ज़रूरी नहीं।
  • यह भ्रष्टाचार नहीं है, पर उसका दरवाज़ा है। टकराव को छिपाना या उस पर चुप रहना ही असली दोष बन जाता है।
  • तीन रूप: वास्तविक, संभावित और प्रतीत होने वाला (perceived)। हित आर्थिक हो सकता है और गैर-आर्थिक भी (परिवार, मित्रता, विचारधारा, भावी नौकरी)।
  • समाधान के चार क्रियापद: पहचानें, घोषित करें, हटें या ढाँचा बदलें, अभिलेख रखें।
  • भारत में आधार: CCS आचरण नियम 1964 के नियम 3(1)(xiii) से (xv) और नियम 4(3); न्यायालय का सिद्धांत: कोई अपने ही मामले में न्यायाधीश न हो (कृपाक, 1969)।

भाग क के लिए छोटे उत्तर (15 शब्द तक)

याद रखें

  • प्रश्न: हितों के टकराव को परिभाषित कीजिए।
  • उत्तर: जब अधिकारी का निजी हित उसके सरकारी कर्तव्य को अनुचित रूप से प्रभावित कर सके।
  • टकराव वास्तविक, संभावित या प्रतीत होने वाला हो सकता है; तीनों में घोषणा ज़रूरी है।
  • समाधान चार कदमों में: पहचानें, घोषित करें, हटें या ढाँचा बदलें, अभिलेख रखें।

1. परिभाषा

OECD की 2003 की "लोक सेवा में हितों के टकराव के प्रबंधन" संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार हितों का टकराव सार्वजनिक कर्तव्य और निजी हितों के बीच ऐसा टकराव है जिसमें अधिकारी के निजी-हैसियत के हित उसके सरकारी कर्तव्यों और ज़िम्मेदारियों के निर्वहन को अनुचित रूप से प्रभावित कर सकते हैं। सरल भाषा: "एक व्यक्ति, दो टोपियाँ": एक पद की, दूसरी घर-परिवार, पैसे या संबंधों की।

2. प्रकार (हमारी तालिका, याद रखने के लिए; OECD के तीन शब्द: actual, apparent यानी हमारा "प्रतीत होने वाला", और potential)

आधाररूपसरल उदाहरण
स्थितिवास्तविकअधिकारी उसी निविदा का मूल्यांकन कर रहा है जिसमें उसके भाई की फर्म है
स्थितिसंभावितअधिकारी की पत्नी निकट भविष्य में उसी विभाग के ठेके में उतर सकती है
स्थितिप्रतीत होने वाला (perceived)हित नहीं भी हो, पर बाहर से लगे कि है
हितआर्थिकशेयर, कमीशन, किराया, उपहार
हितगैर-आर्थिकपरिवार, मित्र, जाति या विचारधारा का लगाव, शत्रुता, भावी नौकरी का वादा

दिशा दोनों तरफ़ हो सकती है: अपनों के पक्ष में, या दुश्मन के विरुद्ध। "अपने को साफ़ दिखाने" के लिए पत्नी का आवेदन खारिज कर देना भी पक्षपात है, क्योंकि निर्णय गुणों पर नहीं हुआ।

3. स्रोत

परिवार और मित्र; निवेश और शेयर; उपहार और आतिथ्य; बाहरी रोज़गार; सेवानिवृत्ति के बाद उसी क्षेत्र में नौकरी (revolving door); राजनीतिक संबंध; दोहरी भूमिकाएँ (जैसे चयन-समिति में सदस्य भी उम्मीदवार)।

4. क्यों गंभीर है

(क) निर्णय की गुणवत्ता बिगड़ती है; (ख) जनविश्वास टूटता है: न्याय केवल होना नहीं, होता दिखना भी चाहिए (लॉर्ड चीफ़ जस्टिस हेवार्ट, R v Sussex Justices, 9 नवंबर 1923 का निर्णय, [1924] 1 KB 256 में रिपोर्टेड); (ग) छोटे समझौते बड़े भ्रष्टाचार की सीढ़ी बन जाते हैं; (घ) ईमानदार प्रतिस्पर्धी हतोत्साहित होते हैं। टकराव का होना अपने में दोष नहीं (जीवन में रिश्ते और हित होते ही हैं); दोष तब है जब उसे छिपाया या उसी हालत में निर्णय किया जाए।

5. भारत के नियम

(31.12.2014 तक संशोधित प्रति)

CCS (आचरण) नियम, 1964, नियम 3(1)(xiii): सरकारी सेवक "अपने सार्वजनिक कर्तव्यों से जुड़े निजी हित घोषित करे और टकराव को इस तरह सुलझाने के कदम उठाए कि जनहित सुरक्षित रहे"।

नियम 3(1)(xiv): ऐसे किसी व्यक्ति या संस्था के प्रति वित्तीय या अन्य दायित्व में न पड़े जो कर्तव्य-निर्वहन को प्रभावित करे।

नियम 3(1)(xv): पद का दुरुपयोग न करे और अपने, परिवार या मित्रों के आर्थिक या भौतिक लाभ के लिए निर्णय न ले।

नियम 4: निकट संबंधियों का कंपनियों या फर्मों में रोज़गार। नियम 4(1): पद या प्रभाव से परिवार के सदस्य को रोज़गार न दिलाए। नियम 4(3): यदि परिवार का कोई सदस्य उस कंपनी या व्यक्ति के यहाँ कार्यरत है, या उस मामले या ठेके में किसी और रूप में हितबद्ध है, तो अधिकारी उस पर निर्णय न करे और हर ऐसा मामला अपने वरिष्ठ को सौंपे, जो निर्देश दे।

नियम 13 (उपहार): उपहार की सीमाएँ और रिपोर्टिंग (विवरण पृष्ठ 3.1)। नियम 18: चल, अचल और बहुमूल्य संपत्ति से जुड़ा नियम (संपत्ति का विवरण देना)।

राजस्थान: राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 के नियम-शीर्षकों में केंद्रीय नियम 3(1)(xiii) या 4(3) जैसा हित-घोषणा और हटने का सीधा नियम नहीं दिखता। निकटतम नियम: 5 (ऐसी फर्मों में निकट संबंधियों का रोज़गार जिनसे सरकारी लेन-देन है), 15 (उपहार), 18 (निजी व्यापार या रोज़गार), 21 (संपत्ति का विवरण); विस्तार पृष्ठ 3.1 में। इसलिए उत्तर में केवल "आचरण नियम" लिखें और केंद्रीय नियम की संख्या उदाहरण के रूप में दें।

6. न्यायालयों का सिद्धांत

पक्षपात का नियम: "कोई अपने ही मामले में न्यायाधीश न हो" (nemo judex in causa sua)। कसौटी यह नहीं कि पक्षपात हुआ ही; बल्कि पक्षपात की युक्तिसंगत संभावना (reasonable likelihood) है या नहीं।

कृपाक बनाम भारत संघ (29 अप्रैल 1969): भारतीय वन सेवा के चयन-मंडल में एक सदस्य नकिशबंद स्वयं उम्मीदवार था और अपने प्रतिस्पर्धियों का मूल्यांकन करने वाली समिति में बैठा। न्यायालय ने चयन रद्द किए और कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई भी निष्पक्ष और न्यायसंगत ढंग से होनी चाहिए।

7. प्रबंधन: चार क्रियापद

(हमारा सार; OECD दिशा-निर्देशों में खुलासा, टकराने वाले हित से मुक्ति और हट जाने जैसे उपायों की चर्चा है)

1. पहचानें: अपने हित, परिवार और संबंधों की सूची खुद बनाएँ। निर्णय से पहले पूछें: क्या मेरा या मेरे अपनों का इसमें कुछ दाँव पर है?

2. घोषित करें: लिखित में, समय रहते, वरिष्ठ या सक्षम प्राधिकारी को।

3. हटें या ढाँचा बदलें: समिति से हटना (recusal), मामला किसी और को सौंपना, या निगरानी जोड़ना। निर्णय वरिष्ठ करे, खुद नहीं।

4. अभिलेख रखें: घोषणा-रजिस्टर, उपहार-रजिस्टर, बैठक के कार्यवृत्त में हटने का उल्लेख।

8. कठिन स्थितियाँ

छोटे कस्बों में लगभग सब रिश्तेदार होते हैं। "मैं ही अकेला योग्य अधिकारी हूँ" का उत्तर: घोषणा करें, निर्णय सक्षम प्राधिकारी पर छोड़ें, और यदि बच न सके तो अतिरिक्त पारदर्शिता (कारण लिखना, अंक सार्वजनिक करना) जोड़ें।

9. भेद-तालिका

शब्दआशय
हितों का टकरावस्थिति जिसमें निर्णय प्रभावित हो सकता है (जोखिम)
भाई-भतीजावाद, पक्षपातउस जोखिम के अनुसार किया गया वास्तविक कार्य
भ्रष्टाचारपद का निजी लाभ के लिए दुरुपयोग (पृष्ठ 7.3)

उत्तर में कैसे लगाएँ

परिभाषा (OECD का भाव) → वास्तविक/संभावित/प्रतीत होने वाला → नियम 3(1)(xiii) और 4(3) → एक वास्तविक उदाहरण (कृपाक) → चार क्रियापद।

विचारक और उद्धरण

नामविचारप्रयोग-योग्य पंक्ति
OECD (2003)हितों के टकराव की परिभाषा"a conflict between the public duty and private interests of a public official, in which the public official has private-capacity interests which could improperly influence the performance of their official duties and responsibilities"
लॉर्ड हेवार्ट (R v Sussex Justices, ex parte McCarthy, 9 नवंबर 1923; [1924] 1 KB 256)निष्पक्षता दिखनी भी चाहिए"It is not merely of some importance but is of fundamental importance that justice should not only be done, but should manifestly and undoubtedly be seen to be done"
नोलन सिद्धांत (1995)सत्यनिष्ठापदधारी ऐसे दायित्व से बचें जो उन्हें प्रभावित करे और अपने हित घोषित करें (वर्तमान gov.uk पाठ; पृष्ठ 3.8)
CCS आचरण नियम 3(1)(xiii)घोषणा और समाधान"declare any private interests relating to his public duties and take steps to resolve any conflicts in a way that protects the public interest"

चित्र: निर्णय-प्रवाह

  1. मेरे सामने मामला: फ़ाइल, ठेका, चयन, लाइसेंस

    नोड (धूसर)

  2. क्या मेरा या मेरे परिवार, मित्र या भावी लाभ का इसमें कोई हित है?

    तीर नीचे। हीरा (नारंगी)

  3. नहीं

    तीर दाएँ: नोड (हरा)

  4. निर्णय करें; शक हो तो ज़रूर पूछें

  5. हाँ या शायद

    तीर नीचे। नोड (नीला)

  6. लिखित घोषणा, समय रहते, वरिष्ठ को

  7. वरिष्ठ तय करे: हटना / निगरानी के साथ जारी / मामला दूसरे को

    तीर नीचे। नोड (नीला)

  8. अभिलेख: घोषणा-रजिस्टर, कार्यवृत्त, कारण

    तीर नीचे। नोड (नेवी)

  9. टकराव होना दोष नहीं; छिपाना या उसी हालत में निर्णय करना दोष है।

    पाद-पट्टी

नाम से कोई प्रश्न नहीं (2018, 2021, 2023, 2024)।

पहले इसी अवधारणा का प्रश्न: नहीं मिला। हमारा अनुमान (RPSC की सूचना नहीं): भाग क में परिभाषा, या भाग ख में "प्रकार और प्रबंधन" संभव है।

आम गलतियाँ

याद रखें

  • हितों के टकराव को भ्रष्टाचार का पर्याय लिख देना; टकराव जोखिम है, भ्रष्टाचार कृत्य।
  • "मैं निष्पक्ष रहूँगा" कहकर समिति में बने रहना सही मान लेना; घोषणा और हटना ज़रूरी है।
  • केवल पक्ष में पक्षपात लिखना; विरोध में पक्षपात (शत्रुता, उलटा पक्षपात) और गैर-आर्थिक हित भूल जाना।

आत्म-जाँच (5 प्रश्न)

याद रखें

  • हितों के टकराव की परिभाषा लिखिए।
  • वास्तविक, संभावित और प्रतीत होने वाले टकराव का एक-एक उदाहरण दीजिए।
  • आचरण नियम 3(1)(xiii) और 4(3) क्या कहते हैं?
  • कृपाक (1969) में क्या हुआ?
  • प्रबंधन के चार क्रियापद कौन-से हैं?