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कांट: शुभ संकल्प, निरपेक्ष आदेश और मानवता स्वयं साध्य

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RAS मुख्य परीक्षा, पत्र II, इकाई I, बिंदु 6: "Contribution of moral thinkers and philosophers from India and the world" (भारत और विश्व के नैतिक चिंतकों एवं दार्शनिकों का योगदान); बिंदु 8 से भी जुड़ता है

  • जनवरी 2026 के पाठ्यक्रम के अनुसार अद्यतन
  • पढ़ने का समय: लगभग 12 मिनट
2 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

परीक्षा-भार (2018-2024 के प्रश्नों के आधार पर)

3 प्रश्न, कुल 17 अंक: 2021 भाग ख Q8 (5 अंक), 2023 भाग क Q2 (2 अंक), 2024 भाग ग Q13 (10 अंक, "मानवता स्वयं साध्य" वाला, जिसे हमने कांट के सूत्र से जोड़ा है)। हर बार कांट का अलग विचार पूछा गया: आदेश, शुभ संकल्प, मानवता साध्य।

30 सेकंड का सार

याद रखें

  • कांट (1724 से 1804) के लिए नैतिकता का आधार परिणाम या भावना नहीं, कर्तव्य और विवेक है।
  • शुभ संकल्प ही एकमात्र बिना शर्त शुभ है: वह अपने फल से नहीं, अपने आप में शुभ है।
  • सापेक्ष (hypothetical) आदेश: "यदि X चाहिए तो Y करो", शर्त वाला। निरपेक्ष (categorical): "Z करो", बिना शर्त; यही नैतिक नियम है।
  • निरपेक्ष आदेश के दो प्रसिद्ध रूप: सार्वभौम नियम की कसौटी, और मानवता को केवल साधन नहीं, सदा साध्य भी मानना।
  • प्रशासन के लिए: ईमानदारी कर्तव्य से, नागरिक की गरिमा सर्वोपरि; सीमा: कर्तव्यों का टकराव और कठोरता।

भाग क के लिए छोटे उत्तर (15 शब्द तक)

याद रखें

  • प्रश्न (असली PYQ, 2023, भाग क, 2 अंक): What is Goodwill according to Kant?
  • उत्तर: कांट: शुभ संकल्प कर्तव्य से प्रेरित, बिना शर्त अपने-आप में शुभ संकल्प है।
  • सापेक्ष आदेश कहता है "यदि चाहो तो करो"; निरपेक्ष आदेश कहता है "करो", बिना शर्त।
  • मानवता को साध्य मानने का अर्थ: व्यक्ति को केवल साधन नहीं, सदा लक्ष्य भी समझना।

1. कांट और Groundwork

कांट की प्रमुख पुस्तक Groundwork of the Metaphysics of Morals (1785) में नैतिकता का आधार विवेक है, अनुभव या सुख-दुख का हिसाब नहीं। कारण: परिणाम हमारे हाथ में नहीं होते, पर संकल्प हमारे हाथ में होता है। (नीचे उद्धरण अबॉट के अनुवाद से हैं; अनुवादक के अनुसार शब्द बदलते हैं।)

2. शुभ संकल्प (Good will)

अबॉट: "Nothing can possibly be conceived in the world, or even out of it, which can be called good, without qualification, except a Good Will." बुद्धि, साहस, धन जैसे गुण गलत हाथों में हानि कर सकते हैं; शुभ संकल्प नहीं। और: "A good will is good not because of what it performs or effects... but simply by virtue of the volition; that is, it is good in itself." अर्थात शुभ संकल्प का मूल्य उसके परिणाम पर नहीं टिका।

कर्तव्य के अनुसार बनाम कर्तव्य से: कांट का दुकानदार: जो चतुर दुकानदार अनुभवहीन ग्राहक को ठगता नहीं क्योंकि उसका अपना लाभ इसी में है, वह कर्तव्य के अनुसार काम करता है, पर कर्तव्य से नहीं। प्रशासन में: ऑडिट के डर से ईमानदारी और कर्तव्य-बोध से ईमानदारी में यही फ़र्क है।

3. सापेक्ष और निरपेक्ष आदेश

अबॉट: "If now the action is good only as a means to something else, then the imperative is hypothetical; if it is conceived as good in itself... then it is categorical."

सापेक्ष (Hypothetical): शर्त-आधारित: "यदि पदोन्नति चाहिए, तो समय पर आओ।" आदेश इच्छा के सापेक्ष है; इच्छा न रहे तो आदेश भी नहीं।

निरपेक्ष (Categorical): शर्तहीन: "झूठ मत बोलो।" किसी लक्ष्य पर निर्भर नहीं; यही नैतिक आदेश है।

2021 के प्रश्न पर टिप्पणी: परचे में "relative" छपा है। कांट की जोड़ी "hypothetical और categorical" है। हिंदी में hypothetical imperative का मानक शब्द "सापेक्ष आदेश" है, इसलिए संभव है कि "relative" उसी का अंग्रेज़ी रूप हो। प्रश्न-रचयिता का इरादा जो भी रहा हो, "relative" को "सापेक्ष (शर्तबद्ध, hypothetical)" पढ़ना ही कांट के अनुरूप है। "ultimate good" से कांट का बिना शर्त शुभ, यानी शुभ संकल्प, लिया जा सकता है (परम शुभ, यानी सद्गुण और योग्य सुख, अलग विचार है; नीचे बिंदु 5)। उत्तर में एक पंक्ति लिखें कि "relative" को सापेक्ष (hypothetical) पढ़ा गया है।

4. निरपेक्ष आदेश के रूप

सार्वभौम नियम (Universal Law): अबॉट: "Act only on that maxim whereby thou canst at the same time will that it should become a universal law." यानी अपने काम का नियम (maxim) ऐसा हो कि सब पर लागू हो सके। झूठे वादे का उदाहरण: अबॉट: "I can by no means will that lying should be a universal law", क्योंकि तब वादे का अर्थ ही नष्ट हो जाएगा।

मानवता स्वयं साध्य (Humanity as an End): अबॉट: "So act as to treat humanity, whether in thine own person or in that of any other, in every case as an end withal, never as means only." यहाँ "केवल" शब्द मुख्य है: श्रमिक से काम लेना गलत नहीं, पर उसे सिर्फ़ औज़ार मानना गलत है।

साध्यों का राज्य और गरिमा: अबॉट: "In the kingdom of ends everything has either value or dignity. Whatever has a value can be replaced by something else which is equivalent; whatever, on the other hand, is above all value, and therefore admits of no equivalent, has a dignity." वस्तु का मूल्य होता है और उसका स्थान ली जा सकती है; व्यक्ति की गरिमा होती है।

5. परम शुभ (Highest good)

कांट के बाद के ग्रंथों में परम शुभ है पूर्ण सद्गुण के साथ उसके अनुपात में सुख (Stanford Encyclopedia: "complete moral virtue together with complete happiness, the former in proportion to our being deserving of the latter")। परीक्षा में दोनों अलग रखें: शुभ संकल्प = बिना शर्त शुभ; परम शुभ = सद्गुण और उसके योग्य सुख।

6. ताकत और सीमाएँ

ताकत: अधिकार और गरिमा की रक्षा; सब पर समान नियम; नियम परिणाम की तिकड़म से नहीं टूटते। सीमा: दो कर्तव्य टकराएँ तो स्पष्ट मार्ग नहीं; परिणामों की अनदेखी; कठोरता।

7. प्रशासन में प्रयोग

कांट का विचारप्रशासन में
शुभ संकल्प, कर्तव्य सेईमानदारी इसलिए कि वह कर्तव्य है, न कि ऑडिट के डर से
सार्वभौम नियमनिर्णय-नियम की जाँच: यदि हर अधिकारी यही करे तो क्या व्यवस्था चलेगी?
मानवता साध्यलाभार्थी "संख्या" नहीं, व्यक्ति; सेवा में गरिमा
गरिमा बनाम मूल्यकिसी की गरिमा का "मूल्य" नहीं लगाया जा सकता

8. 2024 का प्रश्न: मानव संसाधन और मानवता स्वयं साध्य, कल्याणकारी राज्य के संदर्भ में

"मानव संसाधन" की भाषा व्यक्ति को उत्पादन के साधन की तरह देख सकती है; कांट की कसौटी पर वह तभी आपत्तिजनक है जब व्यक्ति को केवल साधन माना जाए। दोनों में संगति तब बनती है जब मानव संसाधन का अर्थ व्यक्ति का विकास हो: उचित मज़दूरी, सुरक्षित काम, प्रशिक्षण और सहमति। कल्याणकारी राज्य यही करता है:

संविधान का अनुच्छेद 38(1): राज्य ऐसी सामाजिक व्यवस्था सुरक्षित करे "in which justice, social, economic and political, shall inform all the institutions of the national life"।

अनुच्छेद 41: राज्य अपनी आर्थिक क्षमता की सीमा में "the right to work, to education and to public assistance" के लिए प्रभावी प्रावधान करे।

अनुच्छेद 43: श्रमिकों के लिए काम, "a living wage" और सभ्य जीवन-स्तर वाली कार्य-दशाएँ।

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की फ़िलाडेल्फ़िया घोषणा (10 मई 1944), भाग I(a): "labour is not a commodity"; श्रम को वस्तु नहीं माना जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की 1990 की रिपोर्ट: "Human development is a process of enlarging people's choices."

(नीति-निर्देशक तत्व अदालत से सीधे लागू नहीं होते; पर राज्य की दिशा तय करते हैं।)

फ़िलाडेल्फ़िया घोषणा, 1944.

"labour is not a commodity" (भाग I(a)); घोषणा 10 मई 1944 को ILO के छब्बीसवें सत्र में अपनाई गई।

स्रोत: ILO का घोषणा-पाठ (webapps.ilo.org)।

उत्तर में कैसे लगाएँ

परिभाषा, फिर सूत्र (मानवता साध्य), फिर अनुच्छेद 38, 41, 43, फिर NREGA 2005 या मुलिन 1981 का एक उदाहरण, अंत में कसौटी: "क्या श्रमिक व्यक्ति के रूप में इस व्यवहार को स्वीकार करेगा?"

विचारक और उद्धरण

नामविचारप्रयोग-योग्य पंक्ति (अबॉट अनुवाद, शब्द अनुवादक पर निर्भर)
कांटशुभ संकल्प"Nothing can possibly be conceived in the world, or even out of it, which can be called good, without qualification, except a Good Will."
कांटसार्वभौम नियम"Act only on that maxim whereby thou canst at the same time will that it should become a universal law."
कांटमानवता साध्य"So act as to treat humanity, whether in thine own person or in that of any other, in every case as an end withal, never as means only."
कांटगरिमा"In the kingdom of ends everything has either value or dignity."

चित्र: आदेशों का वृक्ष

शुभ संकल्प: कर्तव्य से किया गया

जड़

सापेक्ष आदेश: यदि X चाहिए तो Y (शर्त)

दो शाखाएँ

निरपेक्ष आदेश: Z करो (बिना शर्त)

सार्वभौम नियम

निरपेक्ष के नीचे तीन फल

मानवता स्वयं साध्य

साध्यों का राज्य

कसौटी: क्या सब यही करें तो चलेगा? क्या मैं व्यक्ति को केवल साधन बना रहा हूँ?

किनारे पर तीर

पहले इसी अवधारणा का प्रश्न: कांट के तीन अलग विचार तीन वर्षों में पूछे गए: आदेश (2021, 5 अंक), शुभ संकल्प (2023, 2 अंक), मानवता साध्य (2024, 10 अंक)। अंक बढ़ते गए। अगली बार सार्वभौम नियम या गरिमा पर प्रश्न की आशा रखें।

आम गलतियाँ

याद रखें

  • सापेक्ष और निरपेक्ष आदेश का भेद न लिखना, या "सापेक्ष" की जगह कोई और शब्द चला देना; भेद है शर्त का: "यदि चाहो" बनाम "बिना शर्त"।
  • "केवल साधन नहीं" को "कभी साधन नहीं" लिख देना; कांट कहते हैं केवल साधन नहीं, साथ ही साध्य भी।
  • 10 अंक के उत्तर में सिद्धांत लिखकर कल्याणकारी राज्य के संदर्भ (अनुच्छेद, योजना या निर्णय) को छोड़ देना।

आत्म-जाँच (5 प्रश्न)

याद रखें

  • शुभ संकल्प क्या है और वह बिना शर्त शुभ क्यों माना गया?
  • सापेक्ष और निरपेक्ष आदेश में एक उदाहरण सहित भेद बताइए।
  • सार्वभौम नियम की कसौटी झूठे वादे पर कैसे लगती है?
  • "मानवता स्वयं साध्य" में "केवल" शब्द का महत्व समझाइए।
  • मानव संसाधन की भाषा और कांट की कसौटी में संगति कैसे बनती है?