रॉल्स का न्याय-सिद्धांत (निष्पक्षता के रूप में न्याय) और नैतिक नियतत्ववाद
RAS मुख्य परीक्षा, पत्र II, इकाई I, बिंदु 6: "Contribution of moral thinkers and philosophers from India and the world" (भारत और विश्व के नैतिक चिंतकों एवं दार्शनिकों का योगदान); बिंदु 8 (सामाजिक न्याय) और बिंदु 2 (कर्मवाद से संभावित संबंध) से भी जुड़ता है
- जनवरी 2026 के पाठ्यक्रम के अनुसार अद्यतन
- पढ़ने का समय: लगभग 11 मिनट
परीक्षा-भार (2018-2024 के प्रश्नों के आधार पर)
1 प्रश्न, 2 अंक: 2024 भाग क Q5 ("Explain 'Moral determinism'")। रॉल्स का नाम इन चार वर्षों में किसी प्रश्न में नहीं आया; प्रश्न-विश्लेषण में वे संभावित भविष्य-विचारकों में हैं। नैतिक नियतत्ववाद का वर्गीकरण "अनिश्चित" है (नीचे नोट)।
30 सेकंड का सार
याद रखें
- रॉल्स (1921 से 2002; A Theory of Justice, 1971) कहते हैं कि न्यायपूर्ण नियम वे हैं जिन पर हम "अज्ञान के पर्दे" के पीछे सहमत होते, यानी यह जाने बिना कि समाज में हम कहाँ होंगे।
- दो सिद्धांत: (1) सबके लिए समान मूल स्वतंत्रताएँ; (2) असमानता तभी जब पद सबके लिए खुले हों (अवसर की न्यायपूर्ण समानता) और वह सबसे कम सुविधा-प्राप्त को सर्वाधिक लाभ दे (भिन्नता सिद्धांत)।
- रॉल्स उपयोगितावाद की आलोचना करते हैं: कुल योग के नाम पर व्यक्तियों के बीच का भेद गायब हो जाता है।
- नैतिक नियतत्ववाद: हमारे चुनाव और चरित्र पूर्व कारणों (आनुवंशिकता, पालन-पोषण, परिस्थिति) से निर्धारित हैं, इसलिए स्वतंत्र इच्छा और नैतिक ज़िम्मेदारी पर प्रश्न उठता है।
- तीन मत: कठोर नियतत्ववादी (ज़िम्मेदारी संदिग्ध), संगतिवादी (नियतत्व और ज़िम्मेदारी साथ चल सकते हैं), स्वतंत्रतावादी (स्वतंत्रता के लिए अनियतत्व चाहिए)।
भाग क के लिए छोटे उत्तर (15 शब्द तक)
याद रखें
- प्रश्न (असली PYQ, 2024, भाग क, 2 अंक): Explain 'Moral determinism'.
- उत्तर: नैतिक नियतत्ववाद: पूर्व कारण चुनाव तय करते हैं, इसलिए स्वतंत्र इच्छा और दोष संदिग्ध हैं।
- रॉल्स का अज्ञान का पर्दा: समाज में अपना स्थान जाने बिना नियम चुनो।
- रॉल्स: समान मूल स्वतंत्रताएँ पहले; असमानता तभी जब अवसर खुले हों, वंचित को लाभ हो।
1. विचार का आधार
रॉल्स की A Theory of Justice (1971) का आरंभिक वाक्य: "Justice is the first virtue of social institutions, as truth is of systems of thought." (अध्याय I, खंड 1, पृ. 3: संशोधित संस्करण के पाठ में यह वाक्य पृ. 3 पर मिला; Wikiquote "पृ. 3-4" देता है, इसलिए "पृ. 3" लिखना सुरक्षित है।) यानी संस्थाओं का पहला मानदंड न्याय है।
2. मूल स्थिति और अज्ञान का पर्दा
(Stanford Encyclopedia के अनुसार)
मूल स्थिति (Original position): एक विचार-प्रयोग जिसमें नागरिकों के प्रतिनिधि निष्पक्ष परिस्थितियों में न्याय के सिद्धांत चुनते हैं।
अज्ञान का पर्दा (Veil of ignorance): प्रतिनिधियों को अपनी जाति या वर्ग, लिंग, प्राकृतिक क्षमताएँ जैसी मनमानी बातें पता नहीं होतीं, इसलिए वे ऐसे नियम चुनते हैं जो किसी भी स्थान पर अपने को पाकर स्वीकार्य हों। इससे निष्पक्षता सुनिश्चित होती है।
अधिकतम-न्यूनतम (Maximin): अनिश्चितता में प्रतिनिधि वह व्यवस्था चुनते हैं जिसमें सबसे खराब स्थिति भी यथासंभव बेहतर हो।
3. न्याय के दो सिद्धांत
(Stanford Encyclopedia में दिया पाठ, जो रॉल्स की बाद की पुस्तक Justice as Fairness: A Restatement (2001) से लिया गया है; 1971 की A Theory of Justice में शब्द कुछ भिन्न हैं, इसलिए उद्धरण के साथ स्रोत का नाम लिखें)
पहला: "Each person has the same indefeasible claim to a fully adequate scheme of equal basic liberties, which scheme is compatible with the same scheme of liberties for all."
दूसरा: "Social and economic inequalities are to satisfy two conditions: (1) They are to be attached to offices and positions open to all under conditions of fair equality of opportunity; (2) They are to be to the greatest benefit of the least-advantaged members of society (the difference principle)."
प्राथमिकता क्रम: पहला सिद्धांत दूसरे पर; दूसरे में अवसर की न्यायपूर्ण समानता भिन्नता सिद्धांत पर।
4. उपयोगितावाद की आलोचना
रॉल्स: "The fault of the utilitarian doctrine is that it mistakes impersonality for impartiality." (अध्याय III, खंड 30; Wikiquote के अनुसार पृ. 190, जिसे 1971 संस्करण की पृष्ठ-संख्या माना जाता है; पृष्ठ और शब्द पुस्तक में पुष्टि करने योग्य हैं, इसलिए उत्तर में केवल "खंड 30" लिखें)। हमारे शब्दों में: योग बढ़ाने के नाम पर कुछ लोगों की हानि स्वीकार्य ठहरती है; रॉल्स का कहना है कि हर व्यक्ति को एक स्वतंत्र पात्र मानना ही निष्पक्षता है (पृष्ठ 6.4 से तुलना)।
5. प्लेटो और रॉल्स का न्याय
| बिंदु | प्लेटो (पृष्ठ 6.1) | रॉल्स |
|---|---|---|
| न्याय का अर्थ | हर भाग अपना काम करे (भूमिका) | निष्पक्ष नियम, जो हर व्यक्ति के लिए स्वीकार्य हों |
| आधार | ज्ञान और सद्गुण | निष्पक्ष चयन-स्थिति (अज्ञान का पर्दा) |
| सहमति | नहीं | केंद्र में |
6. प्रशासन में प्रयोग: "पर्दे की कसौटी"
कोई नियम बनाते समय पूछें: यदि मुझे पता न हो कि मैं लाभार्थी बनूँगा या वंचित, ग्रामीण या शहरी, तो क्या मैं यही नियम चुनूँगा? इसे कतार की व्यवस्था, आवंटन, आरक्षण और शिकायत-निवारण के नियमों पर लगाया जा सकता है। साथ में: संविधान का अनुच्छेद 38(2): राज्य "strive to minimise the inequalities in income, and endeavour to eliminate inequalities in status, facilities and opportunities" (यह रॉल्स की भावना से मेल खाता है, हमारी व्याख्या)।
7. सीमाएँ (सामान्य आलोचना)
मूल स्थिति एक अमूर्त विचार-प्रयोग है; और सुविधाओं का माप सबके लिए एक-सा नहीं हो सकता, क्योंकि ज़रूरतें भिन्न होती हैं। परीक्षा में एक पंक्ति पर्याप्त।
8. नियतत्ववाद क्या है
Stanford Encyclopedia (होफ़र): "Determinism is true of the world if and only if, given a specified way things are at a time t, the way things go thereafter is fixed as a matter of natural law." यानी पिछली अवस्था और प्रकृति के नियम भविष्य को तय करते हैं।
9. नैतिक नियतत्ववाद
जब यही विचार हमारे चुनावों, चरित्र और नैतिक आचरण पर लगाया जाए तो उसे नैतिक नियतत्ववाद कह सकते हैं: हमारे निर्णय आनुवंशिकता, पालन-पोषण, समाज और परिस्थितियों जैसे पूर्व कारणों से तय होते हैं। प्रश्न उठता है: यदि चुनाव पहले से तय है तो क्या हम सचमुच स्वतंत्र हैं और क्या हमें दोषी या प्रशंसनीय ठहराया जा सकता है?
शब्दावली पर सावधानी: RPSC ने "moral determinism" की परिभाषा नहीं दी, और यह कोई एक निश्चित पारिभाषिक शब्द नहीं है। इसका वर्गीकरण "अनिश्चित" है: यह दर्शन के स्वतंत्र इच्छा बनाम नियतत्ववाद वाले अर्थ में भी पढ़ा जा सकता है और भारतीय कर्मवाद (कर्म और फल का कारण-नियम) के संदर्भ में भी। इस पृष्ठ में सामान्य अर्थ लिया गया है; कर्मवाद-समानता केवल हमारी व्याख्या के रूप में जोड़ें। Stanford Encyclopedia की नियतत्ववाद और संगतिवाद वाली प्रविष्टियाँ "moral determinism" को परिभाषित नहीं करतीं; होफ़र की परिभाषा कारणात्मक (causal) नियतत्ववाद की है, उसे नैतिक आचरण पर लगाना हमारा अनुप्रयोग है।
10. तीन मत
(स्वतंत्र इच्छा के साहित्य का मानक वर्गीकरण; IEP की "Free Will" प्रविष्टि में ये तीनों इन्हीं अर्थों में परिभाषित हैं)
संगतिवाद (Compatibilism): स्वतंत्र इच्छा नियतत्व के साथ संगत है; कारणों से तय होने पर भी जब हम अपने कारणों और इच्छाओं से, बिना ज़बरदस्ती कर्म करते हैं तो ज़िम्मेदारी बनी रहती है।
कठोर नियतत्ववाद (Hard determinism): नियतत्व सत्य है और वह स्वतंत्रता और नैतिक ज़िम्मेदारी के साथ असंगत है।
स्वतंत्रतावाद (Libertarianism): स्वतंत्रता के लिए अनियतत्व चाहिए; इसलिए नियतत्व असत्य है।
(IEP के अनुसार कठोर नियतत्ववाद और स्वतंत्रतावाद, दोनों असंगतिवाद (incompatibilism) की शाखाएँ हैं।)
11. प्रशासन के लिए अर्थ
(यह हमारी व्याख्या है, संगतिवादी रुख के अनुरूप)
कारण समझाते हैं, पर क्षमा नहीं करते: अधिकारी की चूक के पीछे व्यवस्था, प्रोत्साहन या दबाव जैसे कारण खोजें, ताकि व्यवस्था सुधरे; पर व्यक्ति को जवाबदेह भी रखें, वरना ज़िम्मेदारी और जनविश्वास टूटता है।
दंड का उद्देश्य: केवल प्रतिशोध नहीं, निवारण और सुधार।
व्यक्ति की परिस्थिति देखना: बचन सिंह बनाम पंजाब राज्य (9 मई 1980, पाँच न्यायाधीशों की पीठ) में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि मृत्युदंड केवल "rarest of rare" मामलों में हो, और अपराध के साथ अपराधी की परिस्थितियाँ भी देखी जाएँ, जैसे उम्र, अत्यधिक मानसिक या भावनात्मक विक्षोभ और सुधार तथा पुनर्वास की संभावना (एक निर्णय-सार से; शब्दशः लिखने से पहले निर्णय-पाठ में सटीक शब्द मिला लें)। यह परिस्थिति के प्रभाव को मानते हुए भी ज़िम्मेदारी बनाए रखने का उदाहरण है (हमारी व्याख्या)।
बचन सिंह बनाम पंजाब राज्य, 1980.
भाग 2 के बिंदु 11 में।
अनुच्छेद 38(2)
संवैधानिक पाठ (ऊपर बिंदु 6)।
उत्तर में कैसे लगाएँ
रॉल्स: अज्ञान का पर्दा, दो सिद्धांत, एक उदाहरण (शिक्षा का अधिकार 2012), उपयोगितावाद से अंतर। नियतत्ववाद: परिभाषा, तीन मत, प्रशासन के लिए "कारण समझाते हैं, पर क्षमा नहीं करते"।
काल्पनिक केस
इस पृष्ठ पर पूर्ण केस नहीं रखा गया है; "पर्दे की कसौटी" बिंदु 6 में दी गई है, और पूर्ण केस पृष्ठ 6.1, 6.3, 6.4, 6.6 पर हैं।
विचारक और उद्धरण
| नाम | विचार | प्रयोग-योग्य पंक्ति (स्रोत सहित) |
|---|---|---|
| जॉन रॉल्स | संस्थाओं का पहला गुण | "Justice is the first virtue of social institutions, as truth is of systems of thought." (A Theory of Justice, 1971; Wikiquote के माध्यम से) |
| जॉन रॉल्स | उपयोगितावाद की आलोचना | "The fault of the utilitarian doctrine is that it mistakes impersonality for impartiality." (A Theory of Justice, खंड 30; Wikiquote के माध्यम से) |
| होफ़र (Stanford Encyclopedia) | नियतत्ववाद की परिभाषा | "Determinism is true of the world if and only if, given a specified way things are at a time t, the way things go thereafter is fixed as a matter of natural law." |
चित्र: दो आरेख
अज्ञान का पर्दा: वर्ग, लिंग, क्षमता अज्ञात
आरेख 1 (रॉल्स)
मूल स्थिति: सिद्धांतों का चयन
सिद्धांत 1: समान मूल स्वतंत्रताएँ
सिद्धांत 2: (क) अवसर की न्यायपूर्ण समानता, (ख) सबसे वंचित को अधिकतम लाभ
पूर्व कारण: आनुवंशिकता, पालन-पोषण, परिस्थिति
आरेख 2 (नियतत्ववाद): ; नीचे तीन खाने
चुनाव
कर्म
कठोर नियतत्ववाद: ज़िम्मेदारी संदिग्ध
संगतिवाद: ज़िम्मेदारी बनी रहती है
स्वतंत्रतावाद: अनियतत्व चाहिए
रॉल्स पर: 2018, 2021, 2023, 2024 में कोई सीधा प्रश्न नहीं मिला (इकाई I के सभी 52 प्रश्नों के आधार पर)।
पहले इसी अवधारणा का प्रश्न: नियतत्ववाद पर केवल 2024 में, 2 अंक; रॉल्स पर कभी नहीं।
आम गलतियाँ
याद रखें
- रॉल्स के न्याय को प्लेटो के "हर भाग अपना काम" से मिला देना; रॉल्स का न्याय निष्पक्ष नियम और अवसर की समानता है।
- नियतत्ववाद का केवल अर्थ लिख देना और ज़िम्मेदारी के प्रश्न तथा तीन मतों को छोड़ देना; 2 अंक में भी कम से कम परिणाम (स्वतंत्र इच्छा, दोष) लिखें।
- "नैतिक नियतत्ववाद" को निश्चित रूप से "कर्मवाद" लिख देना; वह हमारी व्याख्या है, पाठ्यक्रम की परिभाषा नहीं।
आत्म-जाँच (5 प्रश्न)
याद रखें
- अज्ञान का पर्दा क्या है और उसका उद्देश्य क्या है?
- रॉल्स के दो सिद्धांत बताइए और उनका क्रम लिखिए।
- रॉल्स उपयोगितावाद की किस बात की आलोचना करते हैं?
- नियतत्ववाद के तीन मत कौन से हैं?
- प्रशासन के लिए "कारण समझाते हैं, पर क्षमा नहीं करते" का क्या अर्थ है?
वास्तविक उदाहरण
केस स्टडीशिक्षा का अधिकार अधिनियम (2009; 1 अप्रैल 2010 से लागू) और सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय, 12 अप्रैल 2012 (रॉल्स की "अवसर की न्यायपूर्ण समानता" से संबंधित, हमारी व्याख्या)
बच्चों के निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 को 26 अगस्त 2009 को स्वीकृति मिली और वह 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ। "12 अप्रैल 2012" उस अधिनियम की तिथि नहीं, सोसाइटी फ़ॉर अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स ऑफ़ राजस्थान बनाम भारत संघ में निर्णय की तिथि है: तीन न्यायाधीशों की पीठ ने 2:1 बहुमत से धारा 12(1)(c) को वैध ठहराया (न्यायमूर्ति राधाकृष्णन असहमत थे)। निजी गैर-अल्पसंख्यक सहायता-रहित विद्यालय अपनी 25 प्रतिशत सीटें कमज़ोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करें; सहायता-रहित अल्पसंख्यक विद्यालय अनुच्छेद 30(1) के संरक्षण के कारण इसमें शामिल नहीं थे।
सीख
समाज की संस्थाओं में अवसर की समानता नियम से लाई जा सकती है।
अभ्यास प्रश्न
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
रॉल्स के "निष्पक्षता के रूप में न्याय" को समझाइए।
आदर्श उत्तर
रॉल्स के अनुसार न्यायपूर्ण नियम वे हैं जिन्हें हम अज्ञान के पर्दे के पीछे चुनते, यानी अपना स्थान जाने बिना। दो सिद्धांत निकलते हैं: सबको समान मूल स्वतंत्रताएँ, और असमानता केवल तभी जब पद सबके लिए खुले हों और वह वंचितों को सर्वाधिक लाभ दे। यही निष्पक्षता के रूप में न्याय है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
यदि हमारे चुनाव पालन-पोषण और परिस्थितियों से निर्धारित हैं, तो क्या अधिकारियों को नैतिक रूप से ज़िम्मेदार ठहराया जा सकता है? चर्चा कीजिए।
आदर्श उत्तर
नियतत्ववाद कहता है कि पूर्व कारण हमारे चुनाव तय करते हैं। कठोर नियतत्ववादी ज़िम्मेदारी को संदिग्ध मानते हैं; संगतिवादी कहते हैं कि जब व्यक्ति अपने कारणों से, बिना ज़बरदस्ती कर्म करे तो ज़िम्मेदारी बनी रहती है। प्रशासन के लिए मैं संगतिवादी रुख उपयुक्त मानता हूँ: कारण समझाते हैं, क्षमा नहीं करते। चूक के पीछे दबाव या प्रोत्साहन खोजकर व्यवस्था सुधारें, पर अधिकारी को जवाबदेह रखें, वरना जनविश्वास टूटेगा। बचन सिंह (1980) में न्यायालय ने अपराधी की परिस्थितियाँ और सुधार की संभावना देखने को कहा। दंड निवारण और सुधार के लिए हो। यह रुख सुधार और जवाबदेही, दोनों को साथ रखता है।
पिछले असली प्रश्न
2024पत्र II, भाग क, Q52 अंक
Explain 'Moral determinism'. वर्गीकरण-टिप्पणी: शब्द की परिभाषा RPSC ने नहीं दी; इसे "अनिश्चित" श्रेणी में रखा गया है (दर्शन का नियतत्ववाद बनाम कर्मवाद-संबंध)। उत्तर में सामान्य अर्थ दें और एक पंक्ति में लिखें कि कर्मवाद (कर्म-फल) से तुलना हमारी व्याख्या है। परचे की हिंदी प्रति में छपा शब्द देख लें (नैतिक नियतत्ववाद, नियतिवाद या कुछ और), उससे अर्थ-चयन स्पष्ट हो सकता है।
2021निकट संबंधीपत्र II, भाग ख, Q95 अंक
What are generally considered to be the minimum basic needs of an individual to lead a healthy and productive life? What is the administrators responsibility in ensuring these minimums? (रॉल्स की "सामाजिक न्यूनतम" की सोच से जुड़ता है, हमारी व्याख्या)
यह उत्तर कैसे लिखें
भूमिका
नियतत्ववाद का अर्थ और ज़िम्मेदारी का प्रश्न
मुख्य भाग
- तीन मत; कारण बनाम दोष
निष्कर्ष
संगतिवादी रुख: कारण समझाएँ, जवाबदेही रखें
अतिरिक्त मूल्य
- बचन सिंह 1980, दंड का सुधार-पक्ष, कर्मवाद की ओर संकेत "हमारी व्याख्या" के रूप में
एक पेज में दोहराव
- रॉल्स (1921-2002), A Theory of Justice (1971)
- "Justice is the first virtue of social institutions"
- मूल स्थिति, अज्ञान का पर्दा, अधिकतम-न्यूनतम
- सिद्धांत 1: समान मूल स्वतंत्रताएँ; सिद्धांत 2: अवसर की न्यायपूर्ण समानता + भिन्नता सिद्धांत; क्रम
- उपयोगितावाद की आलोचना
- प्लेटो बनाम रॉल्स
- RTE केस 12.4.2012
- अनुच्छेद 38(2)
- नैतिक नियतत्ववाद: पूर्व कारणों से चुनाव तय; कठोर नियतत्ववाद, संगतिवाद, स्वतंत्रतावाद
- शब्द-सावधानी (कर्मवाद = हमारी व्याख्या)
- बचन सिंह 1980
- PYQ: 2024 A5 (रॉल्स पर कोई नहीं)
- प्रशासन: पर्दे की कसौटी; कारण समझाते हैं, क्षमा नहीं।