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पृष्ठ 1.6

मूल्य निर्माण में समाज की भूमिका

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RAS मुख्य परीक्षा, पत्र II, इकाई I, बिंदु 1: "role of family, society and educational institutions in inculcating values" (मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षिक संस्थाओं की भूमिका)

  • जनवरी 2026 के पाठ्यक्रम के अनुसार अद्यतन
  • पढ़ने का समय: लगभग 10 मिनट
2 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

परीक्षा-भार (2018-2024 के प्रश्नों के आधार पर)

यह बिंदु 1 का सबसे अधिक पूछा गया हिस्सा है। 2018 भाग ख Q7 (समाज की भूमिका), 2021 भाग ख Q6 (नैतिक उन्नति और समाज), 2018 भाग ग Q12 (नेताओं और सुधारकों की शिक्षाएँ) और 2023 भाग ग Q11 (सामाजिक सुधार में प्रशासन की भूमिका) सीधे जुड़ते हैं। बिंदु 1 के कुल 9 प्रश्न आए हैं।

30 सेकंड का सार

याद रखें

  • समाजीकरण में व्यक्ति समाज की रीतियाँ, भूमिकाएँ और अपेक्षाएँ सीखता है।
  • समाज प्रशंसा, सम्मान, बहिष्कार और आलोचना से आचरण को नियंत्रित करता है।
  • मित्र-समूह, समुदाय, धर्म-परंपरा, मीडिया और सामूहिक आदर्श (त्योहार, लोक-कथाएँ, सेवा-कार्य) मूल्य गढ़ते हैं।
  • नागरिक समाज और सुधार आंदोलन मूल्यों को आगे बढ़ाते हैं, पर उपभोक्तावाद, "सब चलता है" और गलत सूचना चुनौती हैं।
  • अधिकारी स्वयं समाज का हिस्सा है और उसे प्रभावित भी करता है: पारदर्शी कार्यशैली, जन-भागीदारी और जागरूकता से वह मानदंड सुधार सकता है।

भाग क के लिए छोटे उत्तर (15 शब्द तक)

याद रखें

  • प्रश्न: समाजीकरण क्या है?
  • उत्तर: समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति समाज की रीतियाँ, भूमिकाएँ और अपेक्षाएँ सीखता है।
  • समाज प्रशंसा, सम्मान और निंदा के ज़रिये आचरण को नियंत्रित करता है।
  • सामाजिक सुधार आंदोलन और नागरिक समाज मूल्यों को आगे बढ़ाते हैं।

1. समाज के माध्यम

समाजीकरण: व्यक्ति समाज में रहकर उसकी रीतियाँ, परंपराएँ, भूमिकाएँ और अपेक्षाएँ सीखता है।

सामाजिक स्वीकृति और निंदा: समाज प्रशंसा, सम्मान, बहिष्कार या आलोचना के द्वारा आचरण को नियंत्रित करता है।

समुदाय, मित्र-समूह और सहकर्मी: साथियों का दबाव और आदर्श व्यक्ति मूल्यों को प्रभावित करते हैं।

धर्म, परंपरा और संस्कृति: धार्मिक-सांस्कृतिक संस्थाएँ नैतिक आदर्श और आचरण के प्रतिमान देती हैं (हालाँकि रूढ़ियाँ भी यहीं से आ सकती हैं)।

मीडिया और संस्कृति: फ़िल्म, समाचार और सोशल मीडिया सामाजिक मान्यताएँ बनाते या बदलते हैं।

सामूहिक आदर्श: त्योहार, लोक-कथाएँ, सेवा-कार्य साझा मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं।

नागरिक समाज: स्वयंसेवी संगठन और सामाजिक आंदोलन मूल्यों को आगे बढ़ाते हैं (जैसे सामाजिक सुधार आंदोलनों ने सती-प्रथा, बाल-विवाह जैसी कुरीतियों के विरुद्ध चेतना जगाई)।

2. चुनौतियाँ

उपभोक्तावाद और सफलता की संकीर्ण परिभाषा (धन, पद) से नैतिकता पर दबाव।

भ्रष्टाचार और शॉर्टकट का सामान्यीकरण ("सब चलता है")।

भीड़ का दबाव, अफ़वाहें और गलत सूचना।

3. "नैतिक उन्नति समाज की उन्नति पर निर्भर" (2021 Q6)

व्यक्ति का नैतिक विकास समाज के भीतर ही होता है: जिस समाज में न्याय, अवसर और सुरक्षा कम है, वहाँ नैतिक आचरण निभाना कठिन होता है। पर संबंध दोतरफ़ा है: समाज को आगे भी व्यक्ति और सुधारक ले जाते हैं। संतुलित उत्तर में दोनों दिशाएँ लिखिए।

4. सामाजिक सुधार में प्रशासन की भूमिका (2023 Q11)

औज़ार चार हैं: (1) कानून का न्यायसंगत प्रवर्तन, (2) जागरूकता और संवाद, (3) सेवा-वितरण से अवसर (शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण), (4) समुदाय, नागरिक समाज और पंचायत के साथ भागीदारी। सीमा: केवल दंड से रूढ़ि नहीं बदलती; समाज की सहमति और विकल्प भी चाहिए।

5. प्रशासन कोण

अधिकारी स्वयं समाज का हिस्सा है और समाज को प्रभावित भी करता है: पारदर्शी कार्यशैली, जन-भागीदारी और जागरूकता से वह सामाजिक मानदंडों को बेहतर दिशा दे सकता है।

उत्तर में कैसे लगाएँ

"नागरिक समाज और आंदोलन मूल्यों को आगे बढ़ाते हैं" के बाद: "जैसे राजस्थान की एक साथिन के प्रकरण से उठे आंदोलन ने 1997 में विशाखा दिशा-निर्देशों और आगे 2013 के कानून की राह बनाई।"

विचारक और उद्धरण

नामविचारप्रयोग-योग्य पंक्ति
अरस्तूमनुष्य स्वभाव से सामाजिक-राजनीतिक प्राणी है"Man is by nature a political animal." (Politics, 1253a; अनुवाद के अनुसार शब्द थोड़े बदलते हैं)
विशाखा निर्णय (13 अगस्त 1997)कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की परिभाषा"unwelcome sexually determined behaviour" (निर्णय की परिभाषा का अंश; पूरा पाठ निर्णय में देखें)

चित्र: प्रभाव-तीर

  1. व्यक्ति

    केंद्र

  2. परिवार

    पाँच तीर अंदर की ओर

  3. मित्र-समूह

  4. समुदाय

  5. मीडिया और डिजिटल मंच

  6. परंपरा और धर्म

  7. स्वीकृति और निंदा

    बाहर के तीर: (व्यक्ति पर), (समाज के मानदंड पर)

  8. नागरिक समाज और सुधार

  9. प्रशासन: कानून का प्रवर्तन, जागरूकता, सेवा-वितरण, भागीदारी

    नीचे पट्टी

पहले इसी अवधारणा का प्रश्न: समाज की भूमिका 2018 (Q7) और 2021 (Q6) में पाँच-पाँच अंक के रूप में पूछी गई, और सामाजिक सुधार 2018 (Q12) तथा 2023 (Q11) में दस-दस अंक के रूप में। यानी चार परीक्षाओं में से तीन (2018, 2021, 2023) में यह विषय किसी रूप में आया है।

आम गलतियाँ

याद रखें

  • समाज को केवल सकारात्मक शक्ति बताना; रूढ़ि, भीड़ का दबाव और अफ़वाहें भी समाज से आती हैं।
  • 2023 Q11 में प्रशासन को केवल दंड देने वाला बताना; भूमिका जागरूकता, सेवा-वितरण और भागीदारी की भी है।
  • संवेदनशील घटनाओं (देवराला, भटेरी की साथिन का प्रकरण) को बिना वर्ष और स्रोत के या सनसनीखेज़ ढंग से लिखना; तथ्य और कानून पर टिकें।

आत्म-जाँच (5 प्रश्न)

याद रखें

  • समाजीकरण क्या है?
  • समाज आचरण को कैसे नियंत्रित करता है?
  • आज की तीन सामाजिक चुनौतियाँ बताइए।
  • देवराला (1987) से किस कानून की ओर बढ़ना हुआ?
  • विशाखा निर्णय किस वर्ष का है और 2013 के कानून से उसका क्या संबंध है?