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पृष्ठ 1.4

मूल्य: प्रकार और स्रोत

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RAS मुख्य परीक्षा, पत्र II, इकाई I, बिंदु 1: "Ethics and human values: ... role of family, society and educational institutions in inculcating values" (नीतिशास्त्र और मानवीय मूल्य; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षिक संस्थाओं की भूमिका)

  • जनवरी 2026 के पाठ्यक्रम के अनुसार अद्यतन
  • पढ़ने का समय: लगभग 9 मिनट
2 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

परीक्षा-भार (2018-2024 के प्रश्नों के आधार पर)

2023 भाग ख का Q6 ("मानवीय मूल्यों की विशिष्ट विशेषताएँ") सीधा प्रश्न है। निकट का प्रश्न 2021 भाग ख का Q10 (सिविल सेवा की उत्कृष्टता के लिए आवश्यक मूल नैतिक मूल्य) है। बिंदु 1 के कुल 9 प्रश्न आए हैं।

30 सेकंड का सार

याद रखें

  • मूल्य वे स्थायी विश्वास हैं जो किसी आचरण या लक्ष्य को दूसरे से अधिक वांछनीय ठहराते हैं और निर्णयों में हमारी प्राथमिकता तय करते हैं।
  • एक सुविधाजनक वर्गीकरण: व्यक्तिगत, सामाजिक, नैतिक, संवैधानिक और व्यावसायिक/संगठनात्मक मूल्य।
  • रोकीच (1973): 18 अंतिम (लक्ष्य) और 18 साधनात्मक (मार्ग) मूल्य।
  • स्रोत: परिवार, समाज और संस्कृति, धर्म और परंपरा, शिक्षा, मित्र-समूह, मीडिया और डिजिटल मंच, संविधान और कानून, अनुभव, आदर्श व्यक्तित्व।
  • मूल्य अनुकरण, संवाद, पुरस्कार-दंड, अनुभव और चिंतन से विकसित होते हैं; लोक सेवक के लिए संवैधानिक मूल्य हर निर्णय की अंतिम कसौटी हैं।

भाग क के लिए छोटे उत्तर (15 शब्द तक)

याद रखें

  • प्रश्न: मूल्य क्या हैं?
  • उत्तर: मूल्य स्थायी विश्वास हैं जो किसी आचरण या लक्ष्य को अधिक वांछनीय ठहराते हैं।
  • रोकीच के अनुसार अंतिम मूल्य लक्ष्य हैं और साधनात्मक मूल्य उन तक पहुँचने के मार्ग।
  • उद्देशिका के चार मूल्य हैं: न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता।

1. मूल्य क्या हैं

वे स्थायी विश्वास जो किसी आचरण या लक्ष्य को दूसरे से अधिक वांछनीय ठहराते हैं। वे निर्णयों में हमारी प्राथमिकता तय करते हैं।

2. मानवीय मूल्यों की विशेषताएँ (हमारा संकलन, 2023 Q6 के लिए)

सीखे हुए: जन्मजात नहीं; परिवार, समाज और अनुभव से बनते हैं।

स्थायी: समय के साथ टिकाऊ, आदतों और मनोदशाओं से अधिक गहरे।

मार्गदर्शक: चुनाव और आचरण की कसौटी बनते हैं।

"चाहिए" का भाव: केवल पसंद नहीं; इनमें वांछनीयता और कर्तव्य का भाव रहता है।

क्रमबद्ध: हर व्यक्ति के मूल्यों में प्राथमिकता का क्रम होता है; मूल्य कभी टकराते भी हैं (जैसे ईमानदारी और निष्ठा)।

साझा आधार, भिन्न अभिव्यक्ति: सत्य, करुणा, न्याय जैसे मूल्य व्यापक रूप से साझा हैं, पर उनका रूप संस्कृति के अनुसार बदलता है।

3. मूल्यों के प्रकार (एक सुविधाजनक वर्गीकरण)

व्यक्तिगत मूल्य: अनुशासन, साहस, आत्म-सम्मान।

सामाजिक मूल्य: सहयोग, सहिष्णुता, परोपकार।

नैतिक मूल्य: सत्य, ईमानदारी, अहिंसा, न्याय।

संवैधानिक मूल्य: संविधान की उद्देशिका में न्याय (सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक), स्वतंत्रता (विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की), समता (प्रतिष्ठा और अवसर की) और बंधुता (व्यक्ति की गरिमा तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली)।

व्यावसायिक / संगठनात्मक मूल्य: सेवा-भाव, निष्पक्षता, जवाबदेही।

4. अंतिम और साधनात्मक मूल्य

अमेरिकी सामाजिक मनोवैज्ञानिक मिल्टन रोकीच (The Nature of Human Values, 1973) ने मूल्यों को दो वर्गों में रखा: अंतिम (terminal) मूल्य जो जीवन के लक्ष्य हैं (जैसे शांतिपूर्ण विश्व, खुशी, स्वतंत्रता) और साधनात्मक (instrumental) मूल्य जो उन तक पहुँचने के मार्ग हैं (जैसे ईमानदारी, साहस)। उनके सर्वेक्षण में 18 अंतिम और 18 साधनात्मक मूल्य सूचीबद्ध थे।

5. मूल्यों के स्रोत

परिवार, समाज और संस्कृति, धर्म और परंपरा, शिक्षा, मित्र-समूह, मीडिया और डिजिटल मंच, संविधान और कानून, जीवन-अनुभव, तथा आदर्श व्यक्तित्व। (हर स्रोत की अलग भूमिका आगे के पृष्ठ 1.5 परिवार, 1.6 समाज और 1.7 शैक्षिक संस्थाओं में है।)

6. मूल्य कैसे विकसित होते हैं

अनुकरण, संवाद, पुरस्कार और दंड, अनुभव तथा चिंतन से।

7. मूल्य, अभिवृत्ति और मानदंड

मूल्य गहरे और स्थायी होते हैं; अभिवृत्ति (attitude) किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थिति के प्रति बनी प्रवृत्ति है जो मूल्यों से प्रभावित होती है; सामाजिक मानदंड (norms) समूह द्वारा अपेक्षित आचरण हैं।

8. प्रशासन कोण

संगठनात्मक मूल्य (सेवा, निष्पक्षता, जवाबदेही) तभी टिकते हैं जब वे प्रशिक्षण, नेतृत्व के आचरण और संस्थागत व्यवस्था में दिखें। संवैधानिक मूल्य लोक सेवक के हर निर्णय की अंतिम कसौटी हैं।

उत्तर में कैसे लगाएँ

"मूल्य आचरण को दिशा देते हैं" के बाद: "जैसे 1730 में खेजड़ली में बिश्नोई समुदाय ने वृक्ष-संरक्षण के मूल्य के लिए जान दी।"

काल्पनिक केस

इस पृष्ठ पर केस नहीं रखा गया: यह पृष्ठ परिभाषा, प्रकार और स्रोतों का है। मूल्यों के स्रोतों से जुड़े केस पृष्ठ 1.5 (परिवार), 1.6 (समाज) और 1.7 (शैक्षिक संस्थाएँ) में हैं।

विचारक और उद्धरण

नामविचारप्रयोग-योग्य पंक्ति
मिल्टन रोकीचअंतिम बनाम साधनात्मक मूल्यThe Nature of Human Values (1973): 18 अंतिम और 18 साधनात्मक मूल्य; उदाहरण: "A World at Peace" (अंतिम), "Honest (sincere, truthful)" (साधनात्मक)
महात्मा गांधीसात सामाजिक पाप"Wealth without work, Pleasure without conscience, Knowledge without character, Commerce without morality, Science without humanity, Worship without sacrifice, Politics without principle." (यंग इंडिया, 22 अक्टूबर 1925; गांधीजी ने इसे "एक मित्र" की सूची बताकर छापा; लगभग यही सूची उससे करीब छह महीने पहले (1925) पादरी फ़्रेडरिक लुईस डोनाल्डसन के वेस्टमिंस्टर एबे के उपदेश में आई थी, इसलिए "गांधीजी द्वारा प्रकाशित" लिखना सुरक्षित है, "गांधीजी ने रचा" नहीं)
संविधान की उद्देशिकासंवैधानिक मूल्यन्याय, स्वतंत्रता, समता, बंधुता (Justice, Liberty, Equality, Fraternity)

चित्र: प्रवाह-चित्र

  1. परिवार

    बायाँ स्तंभ, स्रोत

  2. समाज और संस्कृति

  3. शिक्षा

  4. मित्र-समूह

  5. मीडिया और डिजिटल मंच

  6. धर्म और परंपरा

  7. संविधान और कानून

  8. जीवन-अनुभव

  9. आदर्श व्यक्तित्व

  10. व्यक्ति के मूल्य (व्यक्तिगत, सामाजिक, नैतिक, संवैधानिक, व्यावसायिक)

    बीच में

  11. अभिवृत्ति → आचरण और निर्णय

    दायाँ स्तंभ

  12. विकास के साधन: अनुकरण, संवाद, पुरस्कार-दंड, अनुभव, चिंतन

    ऊपर की पट्टी

पहले इसी अवधारणा का प्रश्न: "मूल्य क्या हैं" नाम से सीधा प्रश्न 2018, 2021 और 2024 में नहीं आया; 2023 में मूल्यों की विशेषताएँ पूछी गईं (ऊपर)। मूल्यों के स्रोतों (समाज, परिवार, शिक्षा) पर प्रश्न 2018 (Q7), 2021 (Q6, Q7) और 2024 (Q7) में आए हैं, जिनके पृष्ठ 1.5 से 1.7 हैं।

आम गलतियाँ

याद रखें

  • मूल्य और अभिवृत्ति को एक मान लेना; मूल्य गहरे और स्थायी हैं, अभिवृत्ति किसी विशेष व्यक्ति या स्थिति के प्रति बनी प्रवृत्ति है।
  • रोकीच के अंतिम और साधनात्मक वर्ग उलट देना, या संख्या (18 और 18) और वर्ष (1973) भूल जाना।
  • स्रोतों की सूची देकर यह न लिखना कि स्रोत संकीर्ण मान्यताएँ भी दे सकते हैं (अगले तीन पृष्ठों में सीमाएँ हैं)।

आत्म-जाँच (5 प्रश्न)

याद रखें

  • मूल्य की एक वाक्य में परिभाषा लिखिए।
  • मूल्यों के पाँच प्रकार बताइए।
  • रोकीच ने मूल्यों को किन दो वर्गों में रखा और कितने-कितने?
  • मूल्यों के चार स्रोत लिखिए।
  • उद्देशिका के चार मूल्य कौन-से हैं?