मुख्य सामग्री पर जाएं
पेपर I · इकाई III (B) · प्रबंधन

प्रदर्शन-मूल्यांकन: विधियाँ, 360-डिग्री, MBO और त्रुटियाँ

प्रदर्शन-मूल्यांकन की प्रक्रिया, पारंपरिक और आधुनिक विधियाँ, 360-डिग्री, MBO, रेटिंग की त्रुटियाँ, बैलेंस्ड स्कोरकार्ड और एक हल उदाहरण, सरल हिंदी में।

  • पेपर I
  • इकाई III (B)
  • प्रबंधन
  • HRM
  • प्रदर्शन-मूल्यांकन
3 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

सिलेबस में

RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग B (Management): "Human Resource Management: concept and scope; HR planning, recruitment, selection, placement and training; performance appraisal system; modern trends in HRM." इस पृष्ठ पर "performance appraisal system" है: अर्थ, प्रक्रिया, पारंपरिक और आधुनिक विधियाँ, 360-डिग्री, MBO, मूल्यांकन की त्रुटियाँ और बैलेंस्ड स्कोरकार्ड। सरकारी विभागों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट या APAR जैसी व्यवस्था लोक प्रशासन के पृष्ठ "कार्मिक भर्ती, प्रशिक्षण और पदोन्नति" में अलग से है; यहाँ कारोबारी (HRM) दृष्टि है।

इस विषय को क्यों पढ़ें

याद रखें

  • प्रदर्शन-मूल्यांकन पदोन्नति, वेतन-वृद्धि, प्रशिक्षण और स्थानांतरण, चारों के निर्णय का आधार है; यह HRM के पूरे चक्र को बंद करता है।
  • 2013-2024 के RAS मुख्य परीक्षा प्रश्न-पत्रों में इस शीर्षक पर सीधा प्रश्न नहीं आया; फिर भी "360-डिग्री मूल्यांकन", "MBO" और "मूल्यांकन की त्रुटियाँ" परीक्षा के मानक प्रश्न हैं।
  • ऊँचे अंक के लिए विधियों को पारंपरिक और आधुनिक में बाँटकर लिखें, हर विधि का एक गुण और एक दोष दें, और त्रुटियों (हेलो, केंद्रीय प्रवृत्ति, अनुदारता) का उल्लेख करें।

सरल भाषा में: रिपोर्ट-कार्ड, पर नौकरी का

स्कूल का रिपोर्ट-कार्ड बताता है कि बच्चे ने साल भर में कैसा किया, कहाँ अच्छा और कहाँ कमज़ोर रहा। उसी आधार पर अगली कक्षा, अतिरिक्त कोचिंग या पुरस्कार तय होते हैं। प्रदर्शन-मूल्यांकन (performance appraisal) नौकरी का रिपोर्ट-कार्ड है। फ़र्क़ इतना कि यहाँ केवल बीते हुए का हिसाब नहीं, भविष्य की क्षमता का आकलन भी होता है।

INFLIBNET की सामग्री के अनुसार प्रदर्शन इन तीन चीज़ों का परिणाम है: प्रयास (कितनी ऊर्जा लगी), योग्यताएँ (काम के लिए ज़रूरी निजी गुण) और भूमिका-बोध (प्रयास किस दिशा में लग रहा है)। तीनों में से किसी एक की भी कमी हो तो प्रदर्शन ऊँचा नहीं रहता। इसलिए अच्छा मूल्यांकन यह भी पहचानता है कि कमी प्रयास में है, योग्यता में या भूमिका की समझ में।

अर्थ, विशेषताएँ और उद्देश्य

INFLIBNET की सामग्री के अनुसार प्रदर्शन-मूल्यांकन किसी व्यक्ति के प्रदर्शन का स्पष्ट मानदंडों के विरुद्ध वस्तुनिष्ठ आकलन है। इसमें पद-ज्ञान, उत्पादन की मात्रा और गुणवत्ता, पहल, नेतृत्व-क्षमता, सहयोग जैसे कारक देखे जाते हैं, और यह केवल भूतकाल तक सीमित नहीं रहना चाहिए; कर्मचारी की क्षमता (potential) का आकलन भी होना चाहिए। इसके अन्य नाम कर्मचारी-आकलन, प्रदर्शन-रेटिंग, प्रदर्शन-मूल्यांकन और योग्यता-रेटिंग (merit rating) हैं। यही सामग्री डेल एस. बीच के हवाले से कहती है कि यह पद पर व्यक्ति के प्रदर्शन और विकास की संभावना का व्यवस्थित मूल्यांकन है।

OpenStax इसे ऐसे कहती है: प्रदर्शन-मूल्यांकन वास्तविक प्रदर्शन की अपेक्षित प्रदर्शन से तुलना है, ताकि संगठन में कर्मचारी के योगदान का पता चले और प्रशिक्षण, वेतन, पदोन्नति और अन्य पद-बदलावों पर निर्णय हो सकें। विशेषताएँ: यह व्यवस्थित है (औपचारिक प्रक्रिया और वास्तविक आँकड़े), निरंतर है (निश्चित योजना के अनुसार समय-समय पर होता है) और आगे की ज़रूरतों की ओर देखता है।

उद्देश्य: कर्मचारी को पता चले कि वह कहाँ खड़ा है और उसके विकास में मदद मिले; वरिष्ठ और अधीनस्थ के बीच संवाद बेहतर हो; चयन, प्रशिक्षण और स्थानांतरण जैसी HR पहलों की प्रभावशीलता जाँची जा सके; परिवीक्षा पूरी होने की पुष्टि हो; और योग्यता तथा प्रदर्शन के आधार पर पदोन्नति हो (INFLIBNET)। OpenStax OB के अनुसार मूल्यांकन पाँच काम करता है: कर्मचारी को प्रतिक्रिया, आत्म-विकास की सहायता, पुरस्कार-व्यवस्था का आधार, पद-संबंधी निर्णय (पदोन्नति, स्थानांतरण, सेवा-समाप्ति) और प्रशिक्षण-आवश्यकताओं की पहचान। साथ ही यह चयन और नियुक्ति की प्रभावशीलता भी बताता है: नए भर्ती किए लोग प्रायः ख़राब प्रदर्शन करें तो सोचना चाहिए कि सही प्रकार के लोग भर्ती हो रहे हैं या नहीं।

मूल्यांकन की प्रक्रिया

INFLIBNET प्रक्रिया को छह चरणों में बाँटती है। पहला, मानक तय करना: पद की रचना और कार्य-विवरण बनाते समय प्रदर्शन-मानक बनते हैं, जो स्पष्ट और मापने योग्य हों। दूसरा, मानकों को कर्मचारियों तक पहुँचाना, ताकि उन्हें पता हो कि उनसे क्या अपेक्षित है। तीसरा, प्रदर्शन को मापना, जिसके लिए चार स्रोत गिनाए गए हैं: व्यक्तिगत अवलोकन, सांख्यिकीय रिपोर्ट, मौखिक रिपोर्ट और लिखित रिपोर्ट। चौथा, प्रदर्शन की मानक से तुलना और अंतर की पहचान। पाँचवाँ, परिणामों पर कर्मचारी से चर्चा। छठा, सुधार की कार्रवाई: कोचिंग, परामर्श और प्रशिक्षण या विशेष कार्य सौंपना।

OpenStax इसी क्रम को छोटे रूप में देती है: प्रबंधक मानक तय करता है, कर्मचारी उन्हें पूरा करने का प्रयास करता है, पर्यवेक्षक गुणवत्ता, मात्रा, पद-ज्ञान, पहल, संबंध और उपस्थिति जैसे गुणों पर मूल्यांकन करता है, फिर वेतन-वृद्धि और पदोन्नति के निर्णय होते हैं। यदि काम असंतोषजनक हो तो कर्मचारी को "प्रदर्शन-सुधार योजना" पर रखा जा सकता है। OpenStax यह भी बताती है कि वार्षिक मूल्यांकन की पुरानी प्रथा से अधिकांश कंपनियाँ दूर जा रही हैं और निरंतर, वास्तविक-समय की प्रतिक्रिया को बढ़ावा दे रही हैं।

प्रदर्शन-मूल्यांकन की प्रक्रिया

  1. मानक तय करना

    पद और कार्य-विवरण से

  2. मानक बताना

    अपेक्षाएँ स्पष्ट करना

  3. प्रदर्शन मापना

    अवलोकन, आँकड़े, रिपोर्ट

  4. तुलना

    वास्तविक बनाम मानक

  5. चर्चा

    ताक़त और कमियों पर संवाद

  6. सुधार की कार्रवाई

    कोचिंग, प्रशिक्षण, पुरस्कार

पारंपरिक और आधुनिक विधियाँ

INFLIBNET स्ट्रॉस और सेयल्स के हवाले से विधियों को दो वर्गों में बाँटती है। पारंपरिक विधियाँ पहल, विश्वसनीयता, रचनात्मकता, ईमानदारी और नेतृत्व जैसे व्यक्तित्व के गुणों की रेटिंग पर ज़ोर देती हैं; आधुनिक विधियाँ व्यक्तित्व की बजाय कार्य-परिणामों के मूल्यांकन पर ज़ोर देती हैं और प्रायः अधिक वस्तुनिष्ठ मानी जाती हैं।

पारंपरिक विधियों में सबसे पुरानी रैंकिंग विधि है: कर्मचारियों को सबसे अच्छे से सबसे ख़राब तक क्रम में रखा जाता है। इसकी सीमा यह है कि यह नहीं बताती कि कोई दूसरे से कितना बेहतर है, और बहुत कर्मचारी हों तो कठिन होती है। इसका सुधार युग्म-तुलना विधि है, जिसमें हर कर्मचारी की हर दूसरे से तुलना होती है। जोड़ों की संख्या N(N-1)/2 है; पाँच कर्मचारियों के लिए 5 × 4 / 2 = 10 जोड़े। जितनी बार कोई बेहतर पाया गया, वही उसका अंक। श्रेणीकरण (grading) विधि में पहले से परिभाषित श्रेणियाँ (उत्कृष्ट, संतोषजनक, असंतोषजनक) होती हैं और कर्मचारी को उपयुक्त श्रेणी में रखा जाता है; इसका दोष यह कि मूल्यांकनकर्ता प्रायः अधिकतर को ऊँची श्रेणी दे देता है।

बाध्य वितरण (forced distribution) विधि इसी केंद्रीय प्रवृत्ति को रोकने के लिए बनी: यह माना जाता है कि प्रदर्शन सामान्य वितरण में बँटा है और कर्मचारी 10, 20, 40, 20 और 10 प्रतिशत के अनुपात में उत्कृष्ट, अच्छा, संतोषजनक, औसत से नीचे और असंतोषजनक श्रेणियों में रखे जाते हैं। यह बड़े समूहों के लिए आसान है, पर इसकी कमज़ोरी यही मान्यता है कि प्रदर्शन हमेशा सामान्य वितरण में ही बैठेगा। बाध्य चयन (forced choice) में मूल्यांकनकर्ता को दो या अधिक कथनों में से सबसे और सबसे कम सही कथन चुनना होता है; भार उसे नहीं बताए जाते और अंतिम रेटिंग HR करता है। जाँच-सूची (checklist) विधि में हाँ या नहीं वाले प्रश्न होते हैं, जिनके भार HR के पास रहते हैं।

क्रांतिक घटना विधि (critical incidents) उन व्यवहारों पर ध्यान देती है जो काम को उल्लेखनीय बनाते हैं; इसकी ताक़त यह कि यह व्यक्तित्व की बजाय व्यवहार को परखती है, कमी यह कि घटनाएँ नियमित लिखना थकाऊ है और नकारात्मक घटनाएँ अधिक याद रहती हैं। ग्राफ़िक रेटिंग स्केल सबसे लोकप्रिय और सरल तकनीक है; प्रायः पाँच-बिंदु पैमाना होता है, पर यह मूल्यांकनकर्ता के पूर्वाग्रह से प्रभावित हो सकती है। निबंध (essay) विधि में मूल्यांकनकर्ता कर्मचारी की ताक़त, कमज़ोरियों और सुझावों पर वर्णन लिखता है; यह सरल है पर उसकी गुणवत्ता लिखने वाले के कौशल पर टिकी है। क्षेत्र-समीक्षा विधि में विभाग से बाहर का व्यक्ति रिकॉर्ड देखकर और साक्षात्कार करके आकलन करता है। गोपनीय रिपोर्ट विधि को INFLIBNET मुख्यतः सरकारी विभागों की परंपरागत विधि बताती है; उसका विश्लेषण लोक प्रशासन के पृष्ठ का विषय है।

पारंपरिक विधियाँ: एक नज़र में

विधिमुख्य विचारगुणसीमा
रैंकिंगसबसे अच्छे से सबसे ख़राब तक क्रमसबसे पुरानी और सरलअंतर कितना है, पता नहीं चलता; अधिक कर्मचारियों में कठिन
युग्म-तुलनाहर कर्मचारी की हर दूसरे से तुलना; N(N-1)/2 जोड़ेरैंकिंग से अधिक व्यवस्थितअधिक कर्मचारी हों तो बेक़ाबू
श्रेणीकरणपूर्व-परिभाषित श्रेणियों में रखनासरल और स्पष्टअधिकतर को ऊँची श्रेणी देने का झुकाव
बाध्य वितरण10-20-40-20-10 प्रतिशत की श्रेणियाँकेंद्रीय प्रवृत्ति और पक्षपात घटता हैसामान्य वितरण की मान्यता सदा सही नहीं
बाध्य चयनतैयार कथनों में से चुनना; भार गोपनीयअधिक वस्तुनिष्ठकथन तैयार मिलते हैं, लचीलापन कम
जाँच-सूचीहाँ/नहीं प्रश्न; भार HR के पासमूल्यांकनकर्ता पर बोझ कमहर पद के लिए अलग सूची महँगी
क्रांतिक घटनामहत्त्वपूर्ण अच्छे-बुरे व्यवहारों का अभिलेखव्यवहार को परखती हैलिखना थकाऊ; नकारात्मक अधिक याद रहता है
ग्राफ़िक रेटिंग स्केलगुणों पर पाँच-बिंदु पैमानासबसे लोकप्रिय और सरलपूर्वाग्रह और अस्पष्टता
निबंधवर्णनात्मक आकलनसरल, विशेष ढाँचा नहींगुणात्मक; लेखक के कौशल पर निर्भर
क्षेत्र-समीक्षाबाहरी व्यक्ति द्वारा समीक्षाअलग इकाइयों में तुलनीयतासमय और ख़र्च

आधार: INFLIBNET, Performance Appraisal Methods; ग्राफ़िक रेटिंग स्केल और क्रांतिक घटना के लिए OpenStax Organizational Behavior 8.2

आधुनिक विधियाँ: 360-डिग्री, MBO, BARS और असेसमेंट सेंटर

360-डिग्री मूल्यांकन (बहु-मूल्यांकनकर्ता प्रतिक्रिया) में कर्मचारी के प्रदर्शन के बारे में हर उस व्यक्ति से राय ली जाती है जो उसके काम में संपर्क में आता है: सहकर्मी, वरिष्ठ, अधीनस्थ, टीम के सदस्य, ग्राहक और आपूर्तिकर्ता। INFLIBNET के अनुसार इसके चार अभिन्न घटक हैं: आत्म-मूल्यांकन, वरिष्ठ का, अधीनस्थ का और सहकर्मी का मूल्यांकन। यह प्रबंधकों के लिए अधिक उपयुक्त माना गया है क्योंकि नेतृत्व-शैली परखता है, और नियमित अंतराल पर करने से दूसरों की धारणा में बदलाव दिखता है। OpenStax OB भी कहती है कि मूल्यांकन में अब अधीनस्थ बॉस का, ग्राहक सेवा-प्रदाता का और सहकर्मी सहकर्मी का मूल्यांकन करते हैं।

उद्देश्य-आधारित प्रबंधन (MBO) में कर्मचारी और वरिष्ठ मिलकर साझा लक्ष्य, मूल्यांकन के मानक और कार्य-योजना तय करते हैं; सार "भागीदारी से लक्ष्य-निर्धारण" है। INFLIBNET के अनुसार MBO की अवधारणा पीटर ड्रकर ने 1954 में दी। लक्ष्य SMART हों: विशिष्ट, मापने योग्य, प्राप्य, यथार्थवादी और समयबद्ध। OpenStax OB के अनुसार MBO उन पदों के लिए लोकप्रिय है जिनका आउटपुट स्पष्ट रूप से मापा जा सकता है; इसके लाभ बेहतर नियोजन, परिणाम की जानकारी से बढ़ी प्रेरणा और व्यक्तित्व की बजाय परिणाम के आधार पर निष्पक्ष मूल्यांकन हैं; आलोचना यह कि वह मात्रात्मक लक्ष्यों पर अधिक ज़ोर देती है, काग़ज़ी काम बढ़ाती है और अलग-अलग लक्ष्यों के कारण कर्मचारियों की तुलना कठिन होती है।

व्यवहार-आधारित रेटिंग पैमाना (BARS) ग्राफ़िक रेटिंग स्केल और क्रांतिक घटना विधि को मिलाता है: पैमाने के हर बिंदु पर वास्तविक घटनाओं से बने व्यवहार-वर्णन होते हैं। इसे बनाने के लिए विशेषज्ञ ज्ञान चाहिए। असेसमेंट सेंटर में कर्मचारियों को पदोन्नति के बाद के काम जैसे कार्य दिए जाते हैं और प्रशिक्षित मूल्यांकनकर्ता उन्हें परखते हैं; OpenStax OB के अनुसार यह भविष्य की क्षमता पर केंद्रित है और लगभग केवल प्रबंधकीय कर्मचारियों के लिए प्रयुक्त होता है। मानव संसाधन लेखांकन विधि कर्मचारी की लागत (वेतन, भर्ती, प्रशिक्षण आदि) और योगदान (मौद्रिक मूल्य-वृद्धि) के अंतर से प्रदर्शन को आँकती है।

आधुनिक विधियाँ: एक नज़र में

विधिमुख्य विचारगुणसीमा
360-डिग्रीस्वयं, वरिष्ठ, अधीनस्थ, सहकर्मी, ग्राहक आदि से रायव्यापक; विकास का सशक्त साधनअधिक समय और संसाधन; राय में पक्षपात संभव
MBOमिलकर लक्ष्य तय; परिणाम से तुलनास्पष्टता, भागीदारी, परिणाम-आधारित निष्पक्षतामात्रात्मक पर ज़ोर; काग़ज़ी काम; शीर्ष प्रबंधन का सहयोग ज़रूरी
BARSरेटिंग स्केल पर व्यवहार के वास्तविक वर्णनअधिक वस्तुनिष्ठबनाने में विशेषज्ञता चाहिए
असेसमेंट सेंटरपदोन्नति-योग्य कार्यों पर अभ्यास और परखभावी क्षमता और प्रशिक्षण-ज़रूरत की पहचानमहँगा; मुख्यतः प्रबंधकों के लिए
मानव संसाधन लेखांकनलागत बनाम योगदानप्रदर्शन का मौद्रिक रूपयोगदान को मौद्रिक रूप में नापना कठिन

आधार: INFLIBNET, Performance Appraisal Methods और OpenStax Organizational Behavior 8.2; सीमाओं की कुछ पंक्तियाँ विश्लेषण पर आधारित हैं

मूल्यांकन की त्रुटियाँ और उन्हें घटाने के उपाय

OpenStax OB मूल्यांकन की पाँच प्रमुख त्रुटियाँ गिनाती है। केंद्रीय प्रवृत्ति की त्रुटि: मूल्यांकनकर्ता अधिकांश कर्मचारियों को एक संकरी सीमा, यानी "औसत" में रख देता है और बहुत अच्छे या बहुत ख़राब को पहचान नहीं पाता। अनुदारता या उदारता की त्रुटि: मूल्यांकनकर्ता या तो बहुत कठोर होता है या बहुत उदार, और अच्छे-बुरे का भेद नहीं कर पाता। हेलो इफ़ेक्ट: एक कारक पर मिली ऊँची रेटिंग सब कारकों पर चढ़ा दी जाती है। पुनरावृत्ति-त्रुटि (recency error): हाल के हफ़्तों या महीनों का प्रदर्शन अधिक महत्त्व पाता है और पहले का भुला दिया जाता है, जिससे कर्मचारी शुरुआती महीनों में ढीले पड़कर आख़िर में ज़ोर लगाते हैं। निजी पूर्वाग्रह: पसंद-नापसंद या नस्लीय और लैंगिक पूर्वाग्रह।

OpenStax इन्हें घटाने के उपाय भी देती है: हर मानदंड एक ही कार्य-गतिविधि को दिखाए; "औसत" जैसे शब्द से बचा जाए क्योंकि अलग-अलग लोग उसकी अलग परिभाषा लेते हैं; मूल्यांकनकर्ता पूरे मूल्यांकन-काल में अधीनस्थों को नियमित देखे और नोट्स रखे; एक मूल्यांकनकर्ता पर बहुत अधिक कर्मचारी न हों; मानदंड स्पष्ट और प्रासंगिक हों; और मूल्यांकनकर्ताओं को त्रुटियाँ पहचानने का प्रशिक्षण मिले। INFLIBNET मूल्यांकन-तकनीकों की विफलता के कुछ कारण भी गिनाती है: पर्यवेक्षक न्यायाधीश और सहायक की दोहरी, परस्पर-विरोधी भूमिका निभाता है; दो मूल्यांकनों के बीच बहुत लंबा अंतराल; ख़राब संवाद से कर्मचारी को अपेक्षाएँ पता नहीं; और प्रतिक्रिया का दोनों पक्षों के लिए अप्रिय होना।

मूल्यांकन की त्रुटियाँ: पहचान और उपाय

त्रुटिक्या होता हैउपाय
केंद्रीय प्रवृत्तिसब "औसत" में डाल देनाबाध्य वितरण; स्पष्ट मानदंड
अनुदारता / उदारतासब पर कठोर या सब पर उदारमूल्यांकनकर्ता का प्रशिक्षण; मानकीकृत पैमाना
हेलो इफ़ेक्टएक गुण पर मिली रेटिंग सब परहर कारक अलग से और अलग उदाहरण के साथ
पुनरावृत्ति-त्रुटिहाल का व्यवहार हावीपूरे वर्ष का अभिलेख और नोट्स
निजी पूर्वाग्रहपसंद-नापसंद या नस्ल और लिंग पर आधारित झुकाव360-डिग्री जैसी बहु-स्रोत राय; पूर्वाग्रह की पहचान का प्रशिक्षण

आधार: OpenStax, Organizational Behavior 8.1 (त्रुटियाँ और उन्हें घटाने के उपाय)

प्रदर्शन-प्रबंधन और बैलेंस्ड स्कोरकार्ड

INFLIBNET प्रदर्शन-प्रबंधन (performance management) को लोगों के प्रदर्शन में सुधार और टीमों व व्यक्तियों की क्षमता के विकास के ज़रिये संगठन की सतत सफलता सुनिश्चित करने का रणनीतिक और एकीकृत तरीक़ा बताती है। मूल्यांकन इसके भीतर का एक साधन है: प्रदर्शन-प्रबंधन निरंतर संवाद और भावी लक्ष्य पर केंद्रित है, जबकि प्रदर्शन-मूल्यांकन प्रायः सालाना और बीते प्रदर्शन के आकलन की ओर झुका है। OpenStax PM इसे केवल HR की प्रक्रिया नहीं, बल्कि महत्त्वपूर्ण कारोबारी प्रक्रिया बताती है, जिसमें HR और लाइन-प्रबंधक भागीदार हैं।

बैलेंस्ड स्कोरकार्ड (balanced scorecard) संगठन-स्तर का प्रदर्शन-प्रबंधन औज़ार है, व्यक्तिगत मूल्यांकन की कोई विधि नहीं। Harvard Business Review के जनवरी-फ़रवरी 1992 के लेख में कैप्लन और नॉर्टन ने इसे रखा। Balanced Scorecard Institute और INFLIBNET के अनुसार यह संगठन को चार दृष्टिकोणों से देखता है: वित्तीय, ग्राहक, आंतरिक प्रक्रिया और सीखना व विकास। विचार यह है कि वित्तीय माप बीती घटनाओं की कहानी कहते हैं, इसलिए भविष्य का मूल्य रचने वाले निवेशों (ग्राहक, प्रक्रिया, कर्मचारी, नवाचार) को मापने वाले अ-वित्तीय माप भी चाहिए। परीक्षा में इसे "रणनीति से जुड़ा बहु-दृष्टिकोण स्कोरकार्ड" कहकर लिखें।

प्रदर्शन-मूल्यांकन: एक नज़र में

प्रदर्शन-मूल्यांकन

पारंपरिक विधियाँ

  • रैंकिंग
  • युग्म-तुलना
  • बाध्य वितरण
  • ग्राफ़िक रेटिंग
  • क्रांतिक घटना
  • निबंध

आधुनिक विधियाँ

  • 360-डिग्री
  • MBO
  • BARS
  • असेसमेंट सेंटर

त्रुटियाँ

  • केंद्रीय प्रवृत्ति
  • उदारता और कठोरता
  • हेलो
  • पुनरावृत्ति
  • पूर्वाग्रह

उपयोग

  • पदोन्नति
  • वेतन
  • प्रशिक्षण
  • स्थानांतरण

प्रदर्शन-प्रबंधन

  • बैलेंस्ड स्कोरकार्ड
  • निरंतर संवाद

मुख्य तथ्य

प्रदर्शन-मूल्यांकन
वास्तविक प्रदर्शन की अपेक्षित प्रदर्शन से तुलना (OpenStax); मानदंडों के विरुद्ध वस्तुनिष्ठ आकलन (INFLIBNET)
प्रक्रिया (INFLIBNET)
मानक तय करना, बताना, मापना, तुलना, चर्चा, सुधार की कार्रवाई
पारंपरिक बनाम आधुनिक (INFLIBNET)
पारंपरिक: व्यक्तित्व के गुण; आधुनिक: कार्य-परिणाम
बाध्य वितरण (INFLIBNET)
10, 20, 40, 20 और 10 प्रतिशत की पाँच श्रेणियाँ
त्रुटियाँ (OpenStax OB)
केंद्रीय प्रवृत्ति, कठोरता/उदारता, हेलो, पुनरावृत्ति, निजी पूर्वाग्रह
बैलेंस्ड स्कोरकार्ड
चार दृष्टिकोण: वित्तीय, ग्राहक, आंतरिक प्रक्रिया, सीखना और विकास; HBR जनवरी-फ़रवरी 1992
MBO और ड्रकर
अवधारणा पीटर ड्रकर की, 1954 (INFLIBNET)
अंतिम जाँच
2 अक्टूबर 2026

पिछले वर्षों के प्रश्नों पर टिप्पणी

2013-2024 के RAS मुख्य परीक्षा प्रश्न-पत्रों में प्रदर्शन-मूल्यांकन पर सीधा प्रश्न नहीं आया, इसलिए इस पृष्ठ पर हल किए गए पिछले प्रश्न नहीं हैं। नीचे के प्रश्न मौलिक अभ्यास-प्रश्न हैं।

परीक्षा में आम ग़लतियाँ

याद रखें

  • प्रदर्शन-मूल्यांकन को केवल भूतकाल का आकलन बताना; क्षमता (potential) का आकलन भी इसका हिस्सा है।
  • पारंपरिक विधि को "पुरानी" और आधुनिक को "नई" भर कह देना; असल भेद व्यक्तित्व-गुण बनाम कार्य-परिणाम का है।
  • युग्म-तुलना का सूत्र N(N-1)/2 भूल जाना, या उसमें N(N+1)/2 लिख देना।
  • हेलो इफ़ेक्ट और केंद्रीय प्रवृत्ति को आपस में मिला देना; पहले में एक गुण सब पर चढ़ता है, दूसरे में सब बीच में डाले जाते हैं।
  • बैलेंस्ड स्कोरकार्ड को व्यक्तिगत मूल्यांकन की विधि बता देना; यह संगठन-स्तर का रणनीतिक औज़ार है।