संवर्द्धन (Promotion) और संवर्द्धन मिश्रण
अच्छा उत्पाद और सही कीमत भी तब तक नहीं बिकते जब तक ग्राहक को उसकी ख़बर न हो। संवर्द्धन वही पुल है जो उत्पाद और ग्राहक को जोड़ता है।
- संवर्द्धन मिश्रण
- विज्ञापन
- वैयक्तिक विक्रय
- विक्रय संवर्द्धन
- AIDA
- पुश और पुल
सिलेबस में
RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर I, इकाई III, भाग B (Management): "Marketing Management: concept and scope; marketing mix: product, pricing, promotion and physical distribution; service and digital marketing." यह पृष्ठ marketing mix के "promotion" वाले भाग को कवर करता है।
इस विषय को क्यों पढ़ें
याद रखें
- 2013-2024 के पेपरों में संवर्द्धन से 2016 का 5 अंक का प्रश्न “प्रमुख संवर्द्धन मिश्रण साधनों का संक्षिप्त वर्णन” देखा गया। चार साधनों के नाम और एक-एक विशेषता याद हो तो उत्तर पूरा बनता है।
- विज्ञापन बनाम वैयक्तिक विक्रय और पुश बनाम पुल जैसी तुलनाएँ छोटे और बड़े, दोनों प्रश्नों में काम आती हैं।
- AIDA जैसे संक्षिप्त मॉडल से उत्तर में संरचना आती है और परीक्षक को स्पष्ट सोच दिखती है।
पहले सरल भाषा में: शादी का न्योता
घर में शादी हो तो आप क्या करते हैं? दूर के रिश्तेदारों को छपा हुआ कार्ड भेजते हैं, जो सबको एक-सा संदेश देता है। क़रीबी रिश्तेदारों को ख़ुद जाकर या फ़ोन पर बुलाते हैं, और वहाँ बातचीत उनकी हालत और रुचि के हिसाब से बदलती है। पड़ोस के मोहल्ले में शादी की ख़बर अख़बार की छोटी-सी सूचना या लोगों की बातचीत से फैल जाती है, जिसका आपको कोई पैसा नहीं देना पड़ता। और जो लोग हिचक रहे हों, उन्हें आप “खाना ज़रूर खाकर जाना” जैसी ख़ास सुविधा या न्योते की बात कहकर आने को प्रेरित करते हैं।
यही संवर्द्धन (Promotion) के चारों औज़ार हैं: छपा कार्ड विज्ञापन है, ख़ुद जाकर बुलाना वैयक्तिक विक्रय, अख़बार या चर्चा में ख़बर प्रचार (पब्लिसिटी), और प्रेरक सुविधा विक्रय संवर्द्धन। हर संबंधी के लिए औज़ार बदलता है, जैसे हर उत्पाद और बाज़ार के लिए संवर्द्धन का मिश्रण बदलता है।
संवर्द्धन का अर्थ और संवर्द्धन मिश्रण
NCERT के अनुसार संवर्द्धन विपणन-संप्रेषण (Marketing Communication) है, जिसमें विपणनकर्ता ग्राहकों को अपने उत्पादों के बारे में सूचित करते और उन्हें मनाते हैं। संवर्द्धन का काम सूचित करना, प्रेरित करना और याद दिलाना है, और अंतिम लक्ष्य ग्राहक को ख़रीद की ओर ले जाना है।
NCERT संवर्द्धन मिश्रण (Promotion Mix) के चार साधन बताता है: विज्ञापन, वैयक्तिक विक्रय, विक्रय संवर्द्धन और प्रचार (पब्लिसिटी)। इन्हें अलग-अलग संयोजन में प्रयोग किया जा सकता है। उदाहरण: उपभोक्ता वस्तुओं की कंपनियाँ जनसंचार माध्यमों के ज़रिये अधिक विज्ञापन करती हैं, जबकि औद्योगिक वस्तुओं की कंपनियाँ अधिक वैयक्तिक विक्रय का प्रयोग करती हैं। मिश्रण बाज़ार की प्रकृति, उत्पाद की प्रकृति, संवर्द्धन बजट और संवर्द्धन के उद्देश्यों पर निर्भर करता है।
OpenStax (13.1) का संवर्द्धन मिश्रण थोड़ा बड़ा है: विज्ञापन, विक्रय संवर्द्धन, वैयक्तिक विक्रय, जनसंपर्क (PR), प्रत्यक्ष विपणन और इंटरनेट या डिजिटल विपणन, यानी कुल छह घटक। उत्तर में पहले NCERT के चार लिखें, और अंत में एक पंक्ति में लिख दें कि आधुनिक पाठ्यक्रमों में प्रत्यक्ष और डिजिटल विपणन भी जुड़े हैं। यह दोनों ढाँचों के पाठकों को संतुष्ट करता है।
विज्ञापन (Advertising)
NCERT के अनुसार विज्ञापन संप्रेषण का अवैयक्तिक रूप है, जिसका भुगतान विपणनकर्ता (प्रायोजक) कुछ वस्तुओं या सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए करते हैं। सबसे आम माध्यम अख़बार, पत्रिकाएँ, टेलीविज़न और रेडियो हैं। इसकी तीन विशेषताएँ हैं: सशुल्क रूप (प्रायोजक को लागत उठानी पड़ती है), अवैयक्तिकता (विज्ञापनदाता और संभावित ग्राहक का आमने-सामने संपर्क नहीं होता, इसलिए संवाद नहीं, एकालाप होता है) और पहचाना गया प्रायोजक (विज्ञापन किसी स्पष्ट व्यक्ति या कंपनी की ओर से होता है)।
NCERT विज्ञापन के चार गुण गिनाता है: जनसाधारण तक पहुँच (Mass Reach), ग्राहकों में विश्वास और संतुष्टि बढ़ाना, अभिव्यंजकता (कला और ग्राफ़िक्स से साधारण उत्पाद भी आकर्षक दिखता है) और मितव्ययिता (बड़ी संख्या तक पहुँचने पर प्रति व्यक्ति लागत कम पड़ती है)। इसकी सीमाएँ भी हैं: प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया (Feedback) नहीं मिलती और संदेश ग्राहक के अनुसार बदला नहीं जा सकता। NCERT विज्ञापन की चार आलोचनाएँ भी दर्ज करता है: यह लागत बढ़ाता है, सामाजिक मूल्यों को कमज़ोर करता है, ख़रीदार को उलझाता है और घटिया उत्पादों की बिक्री को भी बढ़ावा दे सकता है। समर्थकों का तर्क है कि विज्ञापन से माँग और उत्पादन बढ़ता है, प्रति इकाई लागत घटती है और अंतिम निर्णय ख़रीदार का ही रहता है। झूठे दावे करने वाली कंपनी पर मुक़दमा चल सकता है।
वैयक्तिक विक्रय (Personal Selling)
वैयक्तिक विक्रय में एक या अधिक संभावित ग्राहकों से बातचीत के रूप में मौखिक प्रस्तुति द्वारा बिक्री की कोशिश की जाती है। कंपनी विक्रय-कर्मियों को संभावित ग्राहकों से संपर्क करने, उत्पाद की जानकारी देने, उसके प्रति पसंद विकसित करने और अंत में बिक्री कराने के लिए नियुक्त करती है। यह संप्रेषण का वैयक्तिक रूप है।
विज्ञापन से इसका अंतर NCERT की दस-बिंदु तालिका में है। मुख्य बातें: विज्ञापन अवैयक्तिक है और सभी को मानकीकृत संदेश देता है, जबकि वैयक्तिक विक्रय में बातचीत ग्राहक की पृष्ठभूमि और ज़रूरत के अनुसार बदलती है। विज्ञापन जनसमूह तक कम लागत में जल्दी पहुँचता है, वैयक्तिक विक्रय सीमित लोगों तक पहुँचता है और प्रति व्यक्ति लागत अधिक है। वैयक्तिक विक्रय में तुरंत और सीधी प्रतिक्रिया मिलती है। विज्ञापन अंतिम उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी है, जबकि वैयक्तिक विक्रय औद्योगिक ख़रीदारों और मध्यस्थों, जैसे थोक और खुदरा विक्रेताओं के लिए अधिक सहायक है।
विज्ञापन बनाम वैयक्तिक विक्रय
विज्ञापन
संप्रेषण का रूपअवैयक्तिक
संदेशमानकीकृत, सबके लिए एक-सा
लचीलापनकम
पहुँचजनसमूह
प्रति व्यक्ति लागतकम
प्रतिक्रियासीधी प्रतिक्रिया नहीं
अधिक उपयोगीअंतिम उपभोक्ता, बड़ी संख्या
वैयक्तिक विक्रय
संप्रेषण का रूपवैयक्तिक
संदेशग्राहक के अनुसार बदलता है
लचीलापनअधिक
पहुँचसीमित लोग
प्रति व्यक्ति लागतअधिक
प्रतिक्रियातुरंत और सीधी
अधिक उपयोगीऔद्योगिक ख़रीदार और मध्यस्थ
विक्रय संवर्द्धन (Sales Promotion) और प्रचार / जनसंपर्क
NCERT के अनुसार विक्रय संवर्द्धन वे अल्पकालीन प्रोत्साहन हैं जो ख़रीदारों को तुरंत ख़रीद के लिए प्रेरित करने हेतु बनाए जाते हैं। इसमें विज्ञापन, वैयक्तिक विक्रय और प्रचार को छोड़कर कंपनी के बिक्री बढ़ाने वाले सभी प्रयास आते हैं, जैसे नक़द छूट, बिक्री-प्रतियोगिताएँ, मुफ़्त उपहार और मुफ़्त नमूने। इनका निशाना तीन वर्ग होते हैं: ग्राहक (नमूने, छूट, प्रतियोगिता), मध्यस्थ (डीलर छूट, डीलर प्रोत्साहन) और विक्रय-कर्मी (बोनस, विक्रय-प्रतियोगिता)।
गुण: ध्यान आकर्षित करते हैं, नए उत्पाद के लॉन्च में उपयोगी हैं क्योंकि लोगों को नियमित ख़रीद की आदत छोड़कर नया आज़माने को प्रेरित करते हैं, और विज्ञापन व वैयक्तिक विक्रय के साथ तालमेल बनाते हैं। सीमाएँ: बार-बार प्रयोग से संकट का आभास होता है कि कंपनी अपना उत्पाद बेच नहीं पा रही, और इससे उत्पाद की छवि बिगड़ सकती है।
प्रचार (Publicity) NCERT के अनुसार जनसंपर्क (Public Relations) के पाँच कार्यों में से एक है। यह विज्ञापन की तरह अवैयक्तिक संप्रेषण है, पर अवैतनिक होता है। जब किसी उत्पाद या सेवा के बारे में अनुकूल समाचार जनसंचार माध्यम में आता है तो उससे कंपनी को लाभ मिलता है पर उसे कोई ख़र्च नहीं करना पड़ता। जनसंपर्क के पाँच कार्य हैं: प्रचार, प्रेस विज्ञप्ति (मीडिया को सही तथ्य और सकारात्मक ख़बर देना), कॉर्पोरेट संप्रेषण (न्यूज़लेटर, वार्षिक रिपोर्ट आदि), पैरवी (Lobbying, सरकार से संवाद) और परामर्श (प्रबंधन को जन-मुद्दों पर सलाह)। जनसंपर्क संकट के समय छवि बचाने में भी काम आता है।
NCERT के अनुसार अच्छे जनसंपर्क से चार विपणन-उद्देश्य भी सधते हैं। पहला, जागरूकता: उत्पाद बाज़ार में आने से पहले मीडिया में उसकी चर्चा उत्साह पैदा करती है। दूसरा, विश्वसनीयता: समाचार में आई बात पर लोग ज़्यादा भरोसा करते हैं। तीसरा, बिक्री-दल को सहारा: ख़बर पहले से सुनी हो तो डीलर और खुदरा विक्रेता को राज़ी करना आसान होता है। चौथा, कम संवर्द्धन-लागत: जनसंपर्क विज्ञापन और डायरेक्ट मेल से सस्ता पड़ता है, पर मीडिया को जगह देने के लिए मनाने में बहुत संप्रेषण-कौशल लगता है।
चारों साधन एक नज़र में (NCERT)
| साधन | प्रकृति | भुगतान | मुख्य लाभ |
|---|---|---|---|
| विज्ञापन | अवैयक्तिक | सशुल्क | जनसमूह तक कम लागत में पहुँच |
| वैयक्तिक विक्रय | वैयक्तिक | विक्रेता पर ख़र्च | सीधी प्रतिक्रिया, ग्राहक के अनुसार बातचीत |
| विक्रय संवर्द्धन | अल्पकालीन प्रोत्साहन | प्रोत्साहन की लागत | तुरंत ख़रीद, नए उत्पाद का लॉन्च |
| प्रचार (PR का भाग) | अवैयक्तिक | अवैतनिक | विश्वसनीयता, कोई मीडिया-ख़र्च नहीं |
"भुगतान" स्तंभ NCERT की विशेषताओं का सार है।
AIDA मॉडल: ग्राहक के मन की सीढ़ी
AIDA एक संक्षिप्त रूप (Acronym) है जो बताता है कि विज्ञापन या किसी भी संप्रेषण को देखकर ग्राहक के मन में क्रम से क्या होता है। Lumen (SUNY) के अनुसार इसका श्रेय अमेरिकी विज्ञापन और विक्रय-अग्रणी एलियास सेंट एल्मो लुईस (E. St. Elmo Lewis) को दिया जाता है, और यह मूलतः विज्ञापन पर लागू होता था।
चारों अक्षर: A (Attention या Awareness, ध्यान या जानकारी), I (Interest, रुचि), D (Desire, इच्छा) और A (Action, ख़रीद की कार्रवाई)। Lumen की तालिका के अनुसार जागरूकता चरण में सबसे अधिक संभावित ग्राहक होते हैं और हर चरण में कुछ प्रतिशत ग्राहक छूटते जाते हैं। इसलिए जागरूकता चरण के अभियान ब्रांड-पहचान और ट्रैफ़िक बढ़ाते हैं, रुचि चरण में लाभों की जानकारी दी जाती है, इच्छा चरण में ब्रांड-इक्विटी और ट्रायल पर ज़ोर होता है, और कार्रवाई चरण में ख़रीद का जोखिम घटाकर बिक्री और बार-बार ख़रीद को बढ़ावा दिया जाता है।
संदेश के अंत में “कॉल टू एक्शन” हर चरण के अनुरूप होना चाहिए। Lumen के उदाहरण में जागरूकता में वेबसाइट देखना, रुचि में श्वेत-पत्र डाउनलोड करना, इच्छा में प्रदर्शन (Demo) माँगना और कार्रवाई में प्रस्ताव या कोटेशन माँगना है।
AIDA की सीढ़ी
A: ध्यान
ग्राहक का ध्यान खींचना
I: रुचि
लाभ बताकर दिलचस्पी बढ़ाना
D: इच्छा
"पसंद" को "चाहिए" में बदलना
A: कार्रवाई
ख़रीद या ट्रायल
संवर्द्धन मिश्रण कैसे चुनें और एकीकृत विपणन संप्रेषण (IMC)
NCERT के अनुसार मिश्रण बाज़ार और उत्पाद की प्रकृति, संवर्द्धन-बजट और संवर्द्धन के उद्देश्यों पर निर्भर है। Lumen (SUNY) कुछ और कसौटियाँ जोड़ता है: बजट (बड़े बजट में जनसंचार विज्ञापन संभव), समय (ईमेल और वेब गतिविधियाँ जल्दी हो जाती हैं, जबकि सम्मेलन और आयोजन में अधिक तैयारी लगती है), लक्षित वर्ग की मीडिया-आदतें और कंपनी की मौजूदा संपत्तियाँ, जैसे उसकी दुकान या वेबसाइट। इसी कारण छोटे बजट वाली कंपनी प्रायः अपनी वेबसाइट, कंटेंट और ईमेल जैसे सस्ते और आंतरिक संसाधनों से शुरुआत करती है, जबकि बड़े बजट वाली कंपनी जनसंचार विज्ञापन और बड़े बिक्री-संवर्द्धन का संयोजन चुन सकती है।
Lumen यह भी बताता है कि कौन-सा साधन AIDA के किस चरण में अधिक उपयोगी है। विज्ञापन जागरूकता बनाने में, जनसंपर्क रुचि जगाने और इच्छा पैदा करने में, तथा वैयक्तिक विक्रय बाद के चरणों में, यानी इच्छा को पक्का करने और कार्रवाई कराने में सबसे उपयुक्त है। विक्रय संवर्द्धन और प्रत्यक्ष विपणन डिज़ाइन के अनुसार किसी भी चरण पर लगाए जा सकते हैं।
OpenStax (13.3) के अनुसार एकीकृत विपणन संप्रेषण (Integrated Marketing Communications, IMC) संवर्द्धन मिश्रण के अलग-अलग रूपों से लक्षित श्रोता तक एक ही संदेश पहुँचाने की विधि है। इसमें स्पष्ट और सरल संदेश बनता है और जनसंपर्क, विज्ञापन आदि के विशेषज्ञ मिलकर उसी संदेश को आगे बढ़ाते हैं। इसका लाभ यह है कि ग्राहक को हर माध्यम पर एक-सी बात सुनाई देती है, और संदेश की पुनरावृत्ति से उसका असर बढ़ता है।
पुश और पुल रणनीति
OpenStax (15.5) के अनुसार बिक्री-संवर्द्धन मध्यस्थों की ओर पुश (Push) रणनीति से और सीधे उपभोक्ताओं की ओर पुल (Pull) रणनीति से लक्षित किया जा सकता है। पुश में कंपनी थोक और खुदरा विक्रेताओं को छूट, प्रोत्साहन और व्यापार-संवर्द्धन देकर उत्पाद को “आगे धकेलती” है। पुल में कंपनी उपभोक्ता को विज्ञापन और प्रोत्साहनों से लुभाती है, ताकि उपभोक्ता दुकान पर जाकर वही उत्पाद माँगे और दुकानदार उसे रखने को मजबूर हो।
Lumen इसी बात को यूँ कहता है: पुल रणनीति माँग को उत्तेजित करती है और ग्राहक को सक्रिय रूप से किसी विशेष उत्पाद की तलाश के लिए प्रेरित करती है; जब माँग बढ़ती है तो खुदरा विक्रेता ख़ुद उत्पाद की तलाश करके उसे अपनी अलमारियों में रखते हैं। Lumen पुश को “उत्पाद को ग्राहक के सामने रखकर उसके अस्तित्व की जानकारी देना” कहता है। इसलिए परीक्षा में मध्यस्थों को लक्ष्य बनाने वाली परिभाषा लिखिए, पर वाक्य ऐसा हो कि उसका भाव दोनों से मेल खाए।
पुश बनाम पुल
पुश
लक्षित वर्गमध्यस्थ (थोक और खुदरा विक्रेता)
साधनव्यापार-छूट, डीलर-प्रोत्साहन, वैयक्तिक विक्रय
माँग कहाँ सेविक्रेता से उपभोक्ता की ओर
उपयुक्त जगहजब बिक्री के लिए मध्यस्थों की सक्रियता ज़रूरी हो
पुल
लक्षित वर्गअंतिम उपभोक्ता
साधनविज्ञापन, उपभोक्ता-छूट, नमूने
माँग कहाँ सेउपभोक्ता से विक्रेता की ओर
उपयुक्त जगहजब ब्रांड की माँग उपभोक्ता में बनानी हो
"उपयुक्त जगह" स्तंभ पृष्ठ की अपनी व्याख्या है।
संवर्द्धन: एक नज़र में
संवर्द्धन
संवर्द्धन मिश्रण (NCERT)
- विज्ञापन
- वैयक्तिक विक्रय
- विक्रय संवर्द्धन
- प्रचार
आधुनिक विस्तार (OpenStax)
- जनसंपर्क
- प्रत्यक्ष विपणन
- डिजिटल विपणन
AIDA
- ध्यान
- रुचि
- इच्छा
- कार्रवाई
रणनीति
- पुश: मध्यस्थों की ओर
- पुल: उपभोक्ता की ओर
मुख्य तथ्य
- संवर्द्धन मिश्रण के साधन (NCERT)
- चार: विज्ञापन, वैयक्तिक विक्रय, विक्रय संवर्द्धन, प्रचार
- OpenStax के संवर्द्धन मिश्रण के घटक
- छह: विज्ञापन, विक्रय संवर्द्धन, वैयक्तिक विक्रय, जनसंपर्क, प्रत्यक्ष विपणन, डिजिटल विपणन
- विज्ञापन के तीन लक्षण (NCERT)
- सशुल्क, अवैयक्तिक, पहचाना गया प्रायोजक
- जनसंपर्क (PR) के कार्य (NCERT)
- पाँच: प्रचार, प्रेस विज्ञप्ति, कॉर्पोरेट संप्रेषण, पैरवी, परामर्श
- AIDA के चरण
- ध्यान, रुचि, इच्छा, कार्रवाई
- AIDA का श्रेय
- E. St. Elmo Lewis
- पुश बनाम पुल
- पुश: मध्यस्थों की ओर; पुल: उपभोक्ता की ओर
परीक्षा में आम ग़लतियाँ
याद रखें
- प्रचार (पब्लिसिटी) और विज्ञापन को एक लिख देना। विज्ञापन सशुल्क है; प्रचार अवैतनिक है।
- विक्रय संवर्द्धन को दीर्घकालीन बताना। यह अल्पकालीन प्रोत्साहन है।
- संवर्द्धन मिश्रण के साधनों की संख्या स्रोत बताए बिना लिख देना। NCERT में चार, OpenStax में छह हैं; इसलिए स्रोत का नाम लिखकर चार लिखें।
- AIDA का कोई वर्ष याद करके लिखना। परीक्षा के लिए केवल श्रेय (लुईस) और चार चरण पर्याप्त हैं।
- पुश और पुल को उलट देना। पुश = मध्यस्थों की ओर धकेलना; पुल = उपभोक्ता की माँग खींचना।
केस स्टडी: मेले के आयोजन का काल्पनिक संवर्द्धन अभियान
उदाहरण (काल्पनिक)कल्पित "मरु-हस्तशिल्प मेला" और AIDA
यह उदाहरण समझाने के लिए गढ़ा गया है। मेला, तिथियाँ और अभियान वास्तविक नहीं हैं।
- A: ध्यान
- मेले की ख़बर जयपुर, जोधपुर और उदयपुर के अख़बारों में रंगीन विज्ञापन और रेडियो-विज्ञापन से दी जाती है।
- I: रुचि
- एक वीडियो में कारीगर लाइव काम करते दिखाए जाते हैं, जिससे लोगों में जानने की उत्सुकता बढ़ती है।
- D: इच्छा
- पिछले साल के ख़रीदारों की कहानियाँ और सीमित समय के हस्तशिल्प-संग्रह दिखाकर “अभी जाना ही है” की भावना बनाई जाती है।
- A: कार्रवाई
- पहले सौ आगंतुकों को मुफ़्त पास या छूट-कूपन (विक्रय संवर्द्धन) दिया जाता है, और स्थानीय अख़बार में मेले की समाचार-कवरेज (प्रचार) मिल जाती है।
- पुश-पुल
- होटलों और ट्रैवल-एजेंटों को कमीशन देकर आगंतुकों को भेजने को कहा जाता है (पुश), जबकि सीधे दर्शकों के लिए विज्ञापन चलते हैं (पुल)।
सीख
एक ही अभियान में चारों साधन और दोनों रणनीतियाँ साथ चल सकती हैं। AIDA हर चरण के लिए सही साधन चुनने में मदद करता है।
कार्य-उदाहरण: दो उत्पादों के लिए संवर्द्धन-मिश्रण चुनना और "तीन के दाम में चार" का हिसाब (कल्पित, केवल अभ्यास के लिए)
हल सहित उदाहरणकिसी कंपनी के सामने दो उत्पाद: औद्योगिक पंप और शैम्पू
दिया है
- यह उदाहरण समझाने के लिए गढ़ा गया है। कंपनी और संख्याएँ वास्तविक नहीं हैं।
- उत्पाद 1: औद्योगिक पंप, ख़रीदार कुछ कारख़ाने। उत्पाद 2: शैम्पू, ख़रीदार लाखों घर।
- शैम्पू का एक पैकेट 100 रुपये का है। एक विक्रय-योजना है: तीन के दाम में चार पैकेट।
- 1चरण 1: ख़रीदारों की संख्या देखिए पंप के ख़रीदार कम हैं, इसलिए वैयक्तिक विक्रय (प्रदर्शन और बातचीत) उपयुक्त है; NCERT के अनुसार औद्योगिक वस्तुओं में वैयक्तिक विक्रय अधिक होता है।
- 2चरण 2: शैम्पू के लिए साधन लाखों घरों तक पहुँचने के लिए विज्ञापन (पुल), साथ में खुदरा दुकानदारों के लिए डीलर-छूट (पुश)।
- 3चरण 3: "तीन के दाम में चार" का हिसाब ग्राहक 3 × 100 = 300 रुपये देकर 4 पैकेट पाता है। प्रति पैकेट कीमत = 300 ÷ 4 = 75 रुपये।
- 4चरण 4: प्रभावी छूट 100 की जगह 75, यानी 25 रुपये की बचत। प्रभावी छूट = 25 ÷ 100 = 25%।
निष्कर्ष: पंप के लिए वैयक्तिक विक्रय, शैम्पू के लिए विज्ञापन और विक्रय संवर्द्धन। “तीन के दाम में चार” वास्तव में 25% की छूट है। सीख: विक्रय संवर्द्धन अल्पकालीन होता है, बार-बार चलाने से ब्रांड की छवि पर असर पड़ सकता है।
पिछले वर्षों के प्रश्न (हल सहित)
2016RAS मुख्य परीक्षापेपर I5 अंक
Briefly describe the major promotional mix tools. / प्रमुख संवर्द्धन मिश्रण साधनों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
आदर्श उत्तर
संवर्द्धन मिश्रण के चार साधन हैं। विज्ञापन: सशुल्क, अवैयक्तिक और पहचाने प्रायोजक द्वारा। वैयक्तिक विक्रय: विक्रेता की ग्राहक से आमने-सामने बातचीत। विक्रय संवर्द्धन: तत्काल ख़रीद के लिए अल्पकालीन प्रोत्साहन, जैसे छूट और नमूने। प्रचार: मीडिया में अवैतनिक अनुकूल समाचार। उत्पाद, बाज़ार और बजट के अनुसार इनका संयोजन चुना जाता है।
अभ्यास प्रश्न (अभ्यास के लिए, PYQ नहीं)
अभ्यास प्रश्नलगभग 15 शब्द
AIDA का पूर्ण रूप लिखिए।
आदर्श उत्तर
AIDA का पूर्ण रूप है Attention यानी ध्यान, Interest यानी रुचि, Desire यानी इच्छा और Action यानी कार्रवाई।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
विज्ञापन और वैयक्तिक विक्रय में दो अंतर बताइए।
आदर्श उत्तर
विज्ञापन अवैयक्तिक संप्रेषण है और सभी को मानकीकृत संदेश देता है, जबकि वैयक्तिक विक्रय वैयक्तिक संप्रेषण है और बातचीत ग्राहक की ज़रूरत के अनुसार बदलती है। विज्ञापन जनसमूह तक कम प्रति-व्यक्ति लागत में पहुँचता है, जबकि वैयक्तिक विक्रय में सीमित लोगों तक पहुँच और अधिक लागत है, पर तुरंत प्रतिक्रिया मिलती है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
पुश और पुल रणनीति में अंतर लिखिए।
आदर्श उत्तर
पुश रणनीति में थोक और खुदरा विक्रेता जैसे मध्यस्थों को छूट और प्रोत्साहन देकर उत्पाद को बाज़ार में आगे धकेला जाता है। पुल रणनीति में विज्ञापन और उपभोक्ता-प्रोत्साहनों से उपभोक्ता में माँग बनाई जाती है, जिससे वह दुकान पर उत्पाद माँगता है और खुदरा विक्रेता उसे रखने के लिए प्रेरित होते हैं।
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
विक्रय संवर्द्धन क्या है? इसके गुण और सीमाएँ लिखिए।
आदर्श उत्तर
विक्रय संवर्द्धन वे अल्पकालीन प्रोत्साहन हैं जो ग्राहकों को तुरंत ख़रीद के लिए प्रेरित करते हैं, जैसे नक़द छूट, मुफ़्त नमूने, उपहार और प्रतियोगिताएँ। ये ग्राहकों, मध्यस्थों और विक्रय-कर्मियों, तीनों के लिए बन सकते हैं। इसके गुण यह हैं कि ये ध्यान आकर्षित करते हैं, नए उत्पाद के लॉन्च में लोगों को नया आज़माने के लिए प्रेरित करते हैं और विज्ञापन व वैयक्तिक विक्रय के साथ तालमेल बनाते हैं। सीमाएँ यह हैं कि बार-बार प्रयोग से संकट का आभास होता है और उत्पाद की छवि बिगड़ सकती है। इसलिए इन्हें सोच-समझकर और अल्पकाल के लिए ही प्रयोग करना चाहिए।
उत्तर कैसे लिखें (5 अंक, 50 शब्द)
भूमिका
प्रश्न: "संवर्द्धन मिश्रण क्या है? इसके साधन बताइए।" (कल्पित अभ्यास-प्रश्न; यह PYQ नहीं है)
मुख्य भाग
- एक वाक्य में संवर्द्धन मिश्रण: ग्राहकों को सूचित और प्रेरित करने वाले साधनों का संयोजन।
- चार साधन, हर एक की एक पंक्ति में पहचान (प्रकृति और भुगतान)।
- संयोजन किन बातों पर निर्भर है: बाज़ार, उत्पाद, बजट, उद्देश्य।
निष्कर्ष
निष्कर्ष: कोई एक साधन पर्याप्त नहीं होता। उत्पाद और ग्राहक के अनुसार साधनों का संतुलित मिश्रण ही प्रभावी संवर्द्धन देता है।
अतिरिक्त मूल्य
- AIDA के चार चरणों की एक पंक्ति।
- पुश और पुल का एक-एक वाक्य।
- औद्योगिक बनाम उपभोक्ता वस्तुओं का उदाहरण (वैयक्तिक विक्रय बनाम विज्ञापन)।
त्वरित पुनरावृत्ति
- संवर्द्धन मिश्रण (NCERT): विज्ञापन, वैयक्तिक विक्रय, विक्रय संवर्द्धन, प्रचार।
- विज्ञापन: सशुल्क, अवैयक्तिक, पहचाना गया प्रायोजक।
- वैयक्तिक विक्रय: वैयक्तिक, लचीला, तुरंत प्रतिक्रिया, औद्योगिक ख़रीदार।
- विक्रय संवर्द्धन: अल्पकालीन प्रोत्साहन; प्रचार: अवैतनिक समाचार।
- AIDA: ध्यान, रुचि, इच्छा, कार्रवाई; श्रेय E. St. Elmo Lewis को।
- पुश = मध्यस्थों की ओर; पुल = उपभोक्ता की माँग खींचना।
याद रखने योग्य शब्द
- Promotion mix
- Advertising
- Personal selling
- Sales promotion
- Publicity
- Public relations
- AIDA
- Push strategy
- Pull strategy
- Integrated marketing communication