मुख्य सामग्री पर जाएं
REET L1+L2 · बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

हल का प्रबलन/चालक-न्यूनता सिद्धांत (Hull's Drive Reduction Theory)

Read this in English →

क्लार्क हल ने सीखने को गणितीय सूत्रों से समझाने का प्रयास किया — जैविक आवश्यकता (drive) की न्यूनता से व्यवहार सुदृढ़ होता है। REET में इस टॉपिक से सूत्र के हर प्रतीक की पहचान पूछी जाती है, इसलिए हर चर का अर्थ स्पष्ट रूप से याद रखना जरूरी है।

  • REET 2024 में 1 प्रश्न
  • L1+L2 स्तर
  • 6 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: Drive Reduction Theory — Learning Theories

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

2024 में इस टॉपिक से 1 प्रश्न पूछा गया, जिसमें हल के प्रभावी प्रतिक्रिया संभाव्यता सूत्र में 'प्रतिक्रिया निषेध' (reactive inhibition) के प्रतीक की पहचान करनी थी (उत्तर: Ir)। इससे साफ है कि REET में हल के सूत्र के हर प्रतीक (sHr, D, V, K, Ir) का अर्थ ठीक से याद होना जरूरी है — सूत्र आधारित प्रश्न इस टॉपिक की पहचान हैं।

हल का सुदृढीकरण/चालक-न्यूनता सिद्धांत

क्लार्क एल. हल (Clark L. Hull) ने व्यवहारवाद को गणितीय रूप देने का प्रयास किया। उनका मूल विचार था कि सीखना जैविक आवश्यकताओं (drives) की पूर्ति व न्यूनता (reduction) से जुड़ा है — जब कोई व्यवहार किसी जैविक आवश्यकता (जैसे भूख, प्यास) को कम करता है, तो वह व्यवहार सुदृढ़ (reinforce) होता है और दोहराए जाने की संभावना बढ़ जाती है। इसीलिए इसे 'चालक-न्यूनता सिद्धांत (Drive Reduction Theory)' भी कहा जाता है।

हल का सिद्धांत 1930-40 के दशक में नव-व्यवहारवाद (Neo-Behaviourism) की एक प्रमुख धारा था, जिसने सीखने को शुद्ध गणितीय रूप में व्यक्त करने की कोशिश की, ताकि व्यवहार की भविष्यवाणी सटीक ढंग से की जा सके। हालाँकि आगे चलकर यह सिद्धांत अपनी जटिलता व सीमित प्रयोगात्मक समर्थन के कारण मनोविज्ञान में उतना लोकप्रिय नहीं रह पाया, पर REET सिलेबस में यह व्यवहारवादी परंपरा (पावलव-स्किनर-हल) की श्रृंखला को समझने के लिए महत्वपूर्ण बना रहता है।

हल के सूत्र के प्रतीक

sEr (प्रभावी प्रतिक्रिया संभाव्यता)
किसी उद्दीपक पर प्रतिक्रिया होने की संभावना व गति[स्रोत 1]
sHr (आदत शक्ति, Habit Strength)
पूर्व में हुए सुदृढ़ीकृत अभ्यासों (प्रशिक्षण) की संख्या व मजबूती[स्रोत 1]
D (चालक/अन्तर्नोद, Drive)
जैविक अभाव/वंचना की मात्रा (जैसे भूख कितने घंटे की है), जितनी अधिक वंचना उतना अधिक D[स्रोत 1]
V (उद्दीपक तीव्रता/गतिकता)
उद्दीपक की स्पष्टता व तीव्रता[स्रोत 1]
K (प्रोत्साहन अभिप्रेरणा, Incentive Motivation)
पुरस्कार/प्रोत्साहन की मात्रा या आकर्षण का स्तर[स्रोत 1]
Ir (प्रतिक्रिया निषेध, Reactive Inhibition)
बार-बार अभ्यास से उत्पन्न थकान जो प्रतिक्रिया की संभावना घटाती है; यही एकमात्र चर है जो सूत्र में जोड़ा नहीं बल्कि घटाया जाता है[स्रोत 1]

मुख्य अवधारणाएँ

प्राथमिक सुदृढीकरण (जैविक आवश्यकता सीधे कम करने वाला, जैसे भोजन) व द्वितीयक सुदृढीकरण (मूल रूप से तटस्थ पर प्राथमिक सुदृढीकरण से जुड़कर सीखा हुआ, जैसे पैसा या प्रशंसा) का भेद हल के सिद्धांत की महत्वपूर्ण अवधारणा है। हल का सिद्धांत उद्दीपक-प्रतिक्रिया (S-R) व्यवहारवादी परंपरा का हिस्सा है, जो यह मानता है कि सीखना अभ्यास व सुदृढीकरण की मात्रा पर निर्भर करता है, आंतरिक मानसिक प्रक्रियाओं पर नहीं।

हल के सिद्धांत में 'आदत शक्ति (sHr)' सबसे केंद्रीय चर मानी जाती है, क्योंकि यही वह चर है जो दर्शाता है कि किसी उद्दीपक-प्रतिक्रिया संबंध का कितनी बार सुदृढ़ीकृत अभ्यास हुआ है। हालाँकि, हल के अनुसार अकेली आदत शक्ति पर्याप्त नहीं — जब तक जैविक आवश्यकता (D) मौजूद न हो और प्रोत्साहन (K) आकर्षक न हो, तब तक व्यवहार प्रकट नहीं होगा, भले ही आदत शक्ति कितनी भी अधिक क्यों न हो। यही कारण है कि यह सिद्धांत कई चरों के 'गुणनफल' पर आधारित है — यदि कोई एक चर शून्य हो, तो पूरा प्रभावी प्रतिक्रिया मान भी शून्य हो जाता है।

कक्षा में इसका उपयोग

सिद्धांत तत्वकक्षा में उदाहरण
आदत शक्ति (अभ्यास)बार-बार सही, सुदृढ़ीकृत अभ्यास (जैसे पहाड़े याद करना) से याद रखने की मजबूती (habit strength) क्रमशः बढ़ती जाती है
प्रोत्साहन (K)पुरस्कार/प्रशंसा की मात्रा बढ़ाने से प्रेरणा व प्रदर्शन में सुधार हो सकता है
प्रतिक्रिया निषेध (Ir)लगातार बहुत देर तक एक ही अभ्यास कराने से बच्चे थक जाते हैं — बीच-बीच में विराम (breaks) देना जरूरी है

REET के लिए क्यों ज़रूरी है

हल का सिद्धांत REET में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह व्यवहारवादी परंपरा (पावलव → स्किनर → हल) की कड़ी को जोड़ता है, और अक्सर इन तीनों सिद्धांतों के बीच तुलनात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अतिरिक्त, हल का सिद्धांत यह भी समझाता है कि क्यों बार-बार अभ्यास (जैसे नकल-लेखन या पहाड़े रटना) प्रारंभ में उपयोगी होता है, पर अत्यधिक लंबे समय तक बिना विराम के जारी रखने पर थकान (प्रतिक्रिया निषेध) के कारण प्रदर्शन में गिरावट आ सकती है — यह कक्षा-प्रबंधन के लिए एक व्यावहारिक सीख है।

REET में हल के सूत्र को लेकर सबसे आम गलती यह होती है कि अभ्यर्थी प्रतीकों को आपस में बदल (confuse) देते हैं — जैसे D (चालक) व K (प्रोत्साहन) को एक-दूसरे से भ्रमित कर लेना। इससे बचने के लिए हर प्रतीक को उसके अंग्रेज़ी नाम के पहले अक्षर से याद रखना सबसे भरोसेमंद तरीका है, क्योंकि REET में प्रायः सीधे यह पूछा जाता है कि किसी विशेष प्रतीक (जैसे Ir) का अर्थ क्या है, न कि पूरा सूत्र लिखवाया जाता है।

पावलव, स्किनर व हल की तुलना

सीखने का आधार

इवान पावलवअनुकूलित अनुक्रिया — तटस्थ उद्दीपक को स्वाभाविक उद्दीपक से जोड़ना

बी.एफ. स्किनरक्रियाप्रसूत अनुबंधन — व्यवहार के परिणाम (पुरस्कार/दंड) व्यवहार को नियंत्रित करते हैं

क्लार्क हलचालक-न्यूनता — जैविक आवश्यकता की न्यूनता से व्यवहार सुदृढ़ होता है

जीव की भूमिका

इवान पावलवनिष्क्रिय (passive) — जीव केवल प्रतिक्रिया देता है

बी.एफ. स्किनरसक्रिय (active) — जीव स्वयं पर्यावरण पर क्रिया करता है

क्लार्क हलसक्रिय, पर गणितीय चरों (drive, habit strength) द्वारा नियंत्रित

त्वरित रिवीज़न बिंदु

प्रतिपादक
क्लार्क एल. हल
सिद्धांत का नाम
चालक-न्यूनता सिद्धांत (Drive Reduction Theory)
सूत्र में घटाया जाने वाला तत्व
Ir (प्रतिक्रिया निषेध)
सूत्र में गुणा होने वाले तत्व
sHr, D, V, K

सूत्र याद रखने की ट्रिक

प्रतीकों को याद रखें — H से Habit (आदत), D से Drive (चालक), K से प्रोत्साहन, V से उद्दीपक (Vibrant/तीव्र), Ir से Inhibition (निषेध)। ध्यान रहे — Ir वाला तत्व सूत्र में घटाया (−) जाता है, बाकी सब गुणा होते हैं।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 1

हल के प्रभावी प्रतिक्रिया संभाव्यता सूत्र में प्रतिक्रिया निषेध का प्रतीक क्या है ?

  1. AsHr
  2. BD
  3. CV
  4. DIr

व्याख्या

हल (Hull) के सूत्र में प्रभावी प्रतिक्रिया संभाव्यता (sĒr) = sHr × D × V × K − Ir होती है। यहाँ sHr आदत शक्ति (habit strength), D अन्तर्नोद (drive), V उद्दीपक तीव्रता तथा Ir प्रतिक्रिया निषेध (reactive inhibition) है। अतः प्रतिक्रिया निषेध का प्रतीक Ir है; sHr, D और V अन्य चर हैं।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

हल के सिद्धांत को किस नाम से भी जाना जाता है?

  1. Aसामाजिक अधिगम सिद्धांत
  2. Bचालक-न्यूनता सिद्धांत (Drive Reduction Theory)
  3. Cअंतर्दृष्टि सिद्धांत
  4. Dसंज्ञानात्मक विकास सिद्धांत

व्याख्या

हल का सिद्धांत मानता है कि जैविक आवश्यकता (चालक) की न्यूनता से व्यवहार सुदृढ़ होता है, इसलिए इसे चालक-न्यूनता सिद्धांत कहा जाता है।

प्रश्न 2

हल के सूत्र में 'D' किसका प्रतीक है?

  1. Aआदत शक्ति
  2. Bचालक/अन्तर्नोद (Drive)
  3. Cप्रतिक्रिया निषेध
  4. Dप्रोत्साहन

व्याख्या

D जैविक अभाव/वंचना (drive) की मात्रा को दर्शाता है।

प्रश्न 3

हल के सूत्र में 'sHr' किसे दर्शाता है?

  1. Aउद्दीपक की तीव्रता
  2. Bआदत शक्ति (पूर्व सुदृढ़ीकृत अभ्यास)
  3. Cजैविक अभाव
  4. Dथकान

व्याख्या

sHr आदत शक्ति है — जितने अधिक सुदृढ़ीकृत अभ्यास (trials) हुए हों, उतनी अधिक आदत शक्ति बनती है।

प्रश्न 4

निम्न में से कौन प्राथमिक सुदृढीकरण (primary reinforcer) का उदाहरण है?

  1. Aपैसा
  2. Bप्रशंसा
  3. Cभोजन
  4. Dस्टार बैज

व्याख्या

भोजन सीधे जैविक आवश्यकता (भूख) को पूरा करता है, इसलिए यह प्राथमिक सुदृढीकरण है; पैसा, प्रशंसा व स्टार जैसे तत्व द्वितीयक सुदृढीकरण हैं।

प्रश्न 5

हल के सिद्धांत के अनुसार सीखने की प्रक्रिया मूलतः किस पर आधारित है?

  1. Aसामाजिक अवलोकन
  2. Bजैविक आवश्यकताओं की न्यूनता (drive reduction)
  3. Cअंतर्दृष्टि (insight)
  4. Dसंज्ञानात्मक मानचित्र

व्याख्या

हल का सिद्धांत मानता है कि जब कोई व्यवहार जैविक आवश्यकता (चालक) को कम करता है, तभी वह व्यवहार सुदृढ़ होकर सीखा जाता है।

प्रश्न 6

एक शिक्षक लगातार 2 घंटे तक बिना ब्रेक के छात्रों से एक ही तरह का अभ्यास करवाता है, जिससे छात्रों का प्रदर्शन गिरने लगता है। हल के सिद्धांत के अनुसार इसका कारण क्या हो सकता है?

  1. Aप्रतिक्रिया निषेध (Ir) बढ़ने से थकान के कारण प्रतिक्रिया संभाव्यता घट जाती है
  2. Bआदत शक्ति (sHr) पूरी तरह समाप्त हो जाती है
  3. Cछात्रों में जैविक आवश्यकता समाप्त हो जाती है
  4. Dयह किसी सिद्धांत से संबंधित नहीं है

व्याख्या

लगातार अभ्यास से 'प्रतिक्रिया निषेध' (थकान जैसा प्रभाव) बढ़ता है, जो सूत्र में ऋणात्मक रूप से जुड़ता है, इसलिए बीच-बीच में विराम देना प्रदर्शन बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

प्रश्न 7

हल के सूत्र में 'V' किसका प्रतीक है?

  1. Aप्रोत्साहन
  2. Bउद्दीपक की तीव्रता/गतिकता
  3. Cआदत शक्ति
  4. Dचालक

व्याख्या

V उद्दीपक की तीव्रता/स्पष्टता (stimulus dynamism) को दर्शाता है।

प्रश्न 8

हल के सूत्र में 'K' (प्रोत्साहन अभिप्रेरणा) बढ़ाने का व्यावहारिक उदाहरण क्या है?

  1. Aपुरस्कार की मात्रा/आकर्षण बढ़ाना
  2. Bअभ्यास घटाना
  3. Cब्रेक न देना
  4. Dउद्दीपक हटा देना

व्याख्या

K पुरस्कार/प्रोत्साहन की मात्रा या आकर्षण को दर्शाता है — बड़ा या अधिक वांछित पुरस्कार K को बढ़ाता है।

प्रश्न 9

हल के सिद्धांत और स्किनर के सिद्धांत में एक मुख्य अंतर क्या है?

  1. Aहल का सिद्धांत गणितीय सूत्रों (जैसे चालक, आदत शक्ति) पर आधारित है, जबकि स्किनर मुख्यतः अवलोकनीय व्यवहार व परिणामों पर केंद्रित रहे
  2. Bदोनों सिद्धांत बिल्कुल समान हैं
  3. Cहल का सिद्धांत केवल मनुष्यों पर लागू होता है
  4. Dस्किनर ने कोई प्रयोग नहीं किए

व्याख्या

हल ने व्यवहार को गणितीय सूत्रों (कई चर) से समझाने का प्रयास किया, जबकि स्किनर ने अवलोकनीय व्यवहार व उसके परिणामों पर बल दिया, आंतरिक चरों पर नहीं।

प्रश्न 10

निम्न में से कौन-सा द्वितीयक सुदृढीकरण (secondary reinforcer) का उदाहरण है?

  1. Aपानी
  2. Bभोजन
  3. Cप्रशंसा/तारीफ
  4. Dनींद

व्याख्या

प्रशंसा मूल रूप से तटस्थ उद्दीपक है जो बार-बार प्राथमिक सुदृढीकरण से जुड़कर सीखा हुआ (द्वितीयक) सुदृढीकरण बन जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हल का सिद्धांत क्या कहलाता है?+

इसे चालक-न्यूनता सिद्धांत (Drive Reduction Theory) या सुदृढीकरण सिद्धांत कहा जाता है।

हल के सूत्र में Ir का क्या अर्थ है?+

Ir 'प्रतिक्रिया निषेध (Reactive Inhibition)' को दर्शाता है — बार-बार अभ्यास से उत्पन्न थकान का प्रभाव।

प्राथमिक और द्वितीयक सुदृढीकरण में क्या अंतर है?+

प्राथमिक सुदृढीकरण सीधे जैविक आवश्यकता पूरी करता है (जैसे भोजन), जबकि द्वितीयक सुदृढीकरण सीखा हुआ है (जैसे पैसा, प्रशंसा)।

REET में हल के सिद्धांत से किस तरह के प्रश्न आते हैं?+

प्रायः सूत्र के प्रतीकों (sHr, D, V, K, Ir) की पहचान व उनके अर्थ से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।

हल का सिद्धांत किस मनोवैज्ञानिक परंपरा से जुड़ा है और हल के सूत्र में सबसे अधिक कौन-सा प्रतीक REET में पूछा जाता है?+

यह व्यवहारवादी (Behaviourist) व नव-व्यवहारवादी परंपरा का हिस्सा है, जो सीखने को उद्दीपक-प्रतिक्रिया व जैविक आवश्यकताओं की न्यूनता से समझाती है। REET में प्रायः Ir (प्रतिक्रिया निषेध) व sHr (आदत शक्ति) जैसे प्रतीकों की पहचान पूछी जाती है, क्योंकि ये सूत्र के अपेक्षाकृत कम-परिचित पर महत्वपूर्ण भाग हैं।

आगे पढ़ें

आधिकारिक स्रोत

  1. Drive Reduction Theory — Learning Theories

बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए