चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest)
यह पेज REET परीक्षा के लिए चक्रवृद्धि ब्याज (compound interest) के सूत्र, साधारण ब्याज से अंतर और हल किए गए उदाहरण एक जगह देता है। वित्तीय गणित खंड में यह टॉपिक हर वर्ष सीधे सूत्र-आधारित प्रश्न लाता है।
- REET 2024 में 1 प्रश्न
- कक्षा 8 स्तर
- 8 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में चक्रवृद्धि ब्याज से मिश्रधन व मूलधन के आधार पर समय (n) ज्ञात करने का प्रश्न पूछा गया — सूत्र A = P(1+R/100)ⁿ को उलटकर प्रयोग करना पड़ा। यह दिखाता है कि यहाँ सीधे सूत्र-आधारित गणना के साथ-साथ चर के लिए हल करने की क्षमता भी परखी जाती है।
परिभाषा और मूल सूत्र
चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest, CI) वह ब्याज है जो प्रत्येक अवधि के अंत में मूलधन में जुड़कर अगली अवधि के लिए नया मूलधन बन जाता है — अर्थात ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। इसके विपरीत साधारण ब्याज (Simple Interest, SI) में हर अवधि मूल मूलधन पर ही ब्याज लगता है।
यदि मूलधन P, वार्षिक दर R% और समय n वर्ष हो, तो मिश्रधन A = P(1 + R/100)ⁿ और चक्रवृद्धि ब्याज CI = A − P होता है।
महत्वपूर्ण सूत्र
- वार्षिक संयोजन
- A = P(1 + R/100)ⁿ
- अर्धवार्षिक संयोजन (half-yearly)
- A = P(1 + (R/2)/100)^(2n) — दर आधी, समय दोगुना
- त्रैमासिक संयोजन (quarterly)
- A = P(1 + (R/4)/100)^(4n) — दर चौथाई, समय चार गुना
- CI और SI का अंतर (2 वर्ष के लिए)
- CI − SI = P × (R/100)² = PR²/10000
- मूल्यह्रास (depreciation)
- A = P(1 − R/100)ⁿ
साधारण ब्याज (SI) बनाम चक्रवृद्धि ब्याज (CI)
साधारण ब्याज
ब्याज की गणनासदैव मूल मूलधन पर
वृद्धि का स्वरूपरैखिक (linear)
पहले वर्ष मेंSI = CI (जब वार्षिक संयोजन हो)
सूत्रSI = PRT/100
चक्रवृद्धि ब्याज
ब्याज की गणनाहर अवधि के संचित मिश्रधन पर
वृद्धि का स्वरूपघातांकीय (exponential)
पहले वर्ष मेंSI = CI (जब वार्षिक संयोजन हो)
सूत्रA = P(1+R/100)ⁿ, CI = A−P
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: ₹5,000 पर 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात करें। हल: A = 5000 × (1.1)² = 5000 × 1.21 = ₹6,050। CI = 6050 − 5000 = ₹1,050।
उदाहरण 2 (PYQ प्रकार): ₹1,000 पर 20% वार्षिक दर से कितने समय में चक्रवृद्धि ब्याज ₹440 होगा? हल: मिश्रधन A = 1000+440 = ₹1,440। 1440 = 1000 × (1.2)ⁿ ⇒ (1.2)ⁿ = 1.44 = (1.2)² ⇒ n = 2 वर्ष।
उदाहरण 3: ₹8,000 पर 5% वार्षिक दर से 2 वर्ष के CI और SI का अंतर ज्ञात करें। हल: अंतर = P(R/100)² = 8000 × (5/100)² = 8000 × 0.0025 = ₹20।
मूल्यह्रास (Depreciation) — घटती दर पर चक्रवृद्धि
जिस तरह चक्रवृद्धि दर से कोई राशि बढ़ती है, उसी तरह मशीन, वाहन या संपत्ति का मूल्य भी हर वर्ष एक निश्चित प्रतिशत दर से घटता है, जिसे मूल्यह्रास (depreciation) कहते हैं। सूत्र A = P(1 − R/100)ⁿ होता है, जहाँ ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि मूल्य घट रहा है, बढ़ नहीं रहा।
उदाहरण: एक मशीन का वर्तमान मूल्य ₹40,000 है और यह प्रतिवर्ष 10% की दर से मूल्यह्रास होती है। 2 वर्ष बाद इसका मूल्य क्या होगा? हल: A = 40000×(1−0.10)² = 40000×(0.9)² = 40000×0.81 = ₹32,400।
इसी प्रकार जनसंख्या वृद्धि, बैंक जमा राशि, कंपनी का मुनाफ़ा या किसी बीमारी के फैलने की दर जैसी वास्तविक स्थितियों में भी चक्रवृद्धि वृद्धि/ह्रास का सूत्र लागू होता है — इसीलिए यह टॉपिक शुद्ध वित्तीय गणित से आगे बढ़कर व्यावहारिक जीवन में बहुत उपयोगी है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
एक काल्पनिक 'बचत जार' के वर्ष-दर-वर्ष बढ़ने की तालिका बनवाएँ — हर वर्ष पिछले वर्ष के कुल पर ही ब्याज जोड़ा जाए, ताकि बच्चे घातांकीय वृद्धि को स्वयं देख सकें, बजाय सीधे सूत्र देने के। दो अलग-अलग रंग की रेखाओं से SI और CI की वृद्धि का ग्राफ बनवाना भी अंतर को दृश्य रूप से स्पष्ट करता है।
शिक्षण सामग्री
वर्ष-वार वृद्धि दिखाने वाली तालिका/ग्राफ और प्रतिशत वृद्धि दर्शाने वाले ब्लॉक मॉडल उपयोगी हैं।
सामान्य भ्रांति
विद्यार्थी अक्सर मान लेते हैं कि हर वर्ष का ब्याज मूल मूलधन पर ही लगता रहता है (जैसे साधारण ब्याज में), और भूल जाते हैं कि चक्रवृद्धि में आधार हर वर्ष बदलता है। कुछ विद्यार्थी अर्धवार्षिक/त्रैमासिक संयोजन में दर व समय दोनों बदलना भूल जाते हैं और केवल एक को समायोजित कर लेते हैं, जिससे उत्तर गलत आता है।
आकलन विचार
एक ही मूलधन, दर व समय के लिए SI और CI दोनों निकलवाकर तुलना करवाएँ, और पूछें कि दोनों में अंतर क्यों और कितना बढ़ता जाता है। बड़ी कक्षाओं में यह भी पूछा जा सकता है कि समय बढ़ने के साथ CI और SI का अंतर क्यों तेज़ी से बढ़ता जाता है, ताकि घातांकीय वृद्धि की गहरी समझ बने।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
वार्षिक संयोजन में पहले वर्ष का साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज सदैव बराबर होता है — इससे गणना की जाँच की जा सकती है। साथ ही, 2 वर्ष के प्रश्नों में यदि SI पता हो तो CI−SI = P(R/100)² सूत्र से सीधे अंतर निकालकर समय बचाएँ, पूरी गणना दोहराने की जरूरत नहीं।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 100
कितने समय में 20% वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज की दर से 1,000 रुपये का ब्याज 440 रुपये होगा ?
- A1 वर्ष
- B2 वर्ष
- C3 वर्ष
- D2 वर्ष 6 माह
व्याख्या
चक्रवृद्धि ब्याज 440 होने पर मिश्रधन = 1,000 + 440 = 1,440 रुपये। A = P(1 + R/100)ⁿ से 1,440 = 1,000 × (1.2)ⁿ, अर्थात् (1.2)ⁿ = 1.44 = (1.2)²। अतः n = 2 वर्ष।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
₹2,000 पर 10% वार्षिक दर से 1 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात करें।
- A₹200
- B₹210
- C₹220
- D₹180
व्याख्या
1 वर्ष (वार्षिक संयोजन) में CI हमेशा SI के बराबर होता है। SI = 2000×10×1/100 = ₹200।
प्रश्न 2
₹4,000 पर 5% वार्षिक दर से 2 वर्ष बाद मिश्रधन ज्ञात करें।
- A₹4,410
- B₹4,400
- C₹4,200
- D₹4,500
व्याख्या
A = 4000×(1.05)² = 4000×1.1025 = ₹4,410।
प्रश्न 3
₹1,600 पर 25% वार्षिक दर से 2 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज क्या होगा?
- A₹900
- B₹800
- C₹750
- D₹850
व्याख्या
A = 1600×(1.25)² = 1600×1.5625 = ₹2,500। CI = 2500−1600 = ₹900।
प्रश्न 4
किसी राशि पर 2 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज ₹832 और साधारण ब्याज ₹800 है। ब्याज दर ज्ञात करें।
- A8%
- B10%
- C5%
- D4%
व्याख्या
CI−SI = P(R/100)² = 32 और SI = PRT/100 ⇒ PR = 40000। इन्हें हल करने पर R = 8% और P = ₹5,000 प्राप्त होता है (जाँच: SI=5000×8×2/100=800 ✓, CI=5000×1.1664−5000=832 ✓)।
प्रश्न 5
किस वार्षिक दर पर ₹1,000 का चक्रवृद्धि ब्याज से 2 वर्ष में मिश्रधन ₹1,210 हो जाएगा?
- A10%
- B20%
- C5%
- D21%
व्याख्या
1210/1000 = 1.21 = (1.1)² ⇒ (1+R/100) = 1.1 ⇒ R = 10%।
प्रश्न 6
₹10,000 पर 10% वार्षिक दर से 1.5 वर्ष (अर्धवार्षिक संयोजन) का चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात करें।
- A₹1,576.25
- B₹1,500
- C₹1,050
- D₹1,655
व्याख्या
अर्धवार्षिक दर = 5%, अवधि = 3 (1.5×2)। A = 10000×(1.05)³ = 10000×1.157625 = ₹11,576.25। CI = ₹1,576.25।
प्रश्न 7
एक गाँव की जनसंख्या 10% वार्षिक दर से बढ़ रही है। यदि वर्तमान जनसंख्या 22,000 है, तो 2 वर्ष बाद जनसंख्या क्या होगी?
- A26,620
- B26,400
- C24,200
- D27,000
व्याख्या
जनसंख्या = 22000×(1.1)² = 22000×1.21 = 26,620।
प्रश्न 8
किसी राशि पर 4% वार्षिक दर से 2 वर्ष के CI और SI का अंतर ₹1 है। राशि (मूलधन) ज्ञात करें।
- A₹625
- B₹600
- C₹500
- D₹640
व्याख्या
CI−SI = P(R/100)² ⇒ 1 = P×(0.04)² = P×0.0016 ⇒ P = ₹625।
प्रश्न 9
कक्षा में चक्रवृद्धि ब्याज समझाने के लिए एक शिक्षक वर्ष-दर-वर्ष ब्याज की तालिका बनवाता है, जिसमें हर वर्ष का ब्याज पिछले वर्ष के मिश्रधन पर जोड़ा जाता है। यह गतिविधि किस अवधारणा को स्पष्ट करने में सबसे उपयोगी है?
- Aब्याज की घातांकीय (exponential) वृद्धि
- Bकेवल मूलधन पर स्थिर ब्याज
- Cभिन्नों का योग
- Dप्रतिशत की परिभाषा
व्याख्या
हर वर्ष संचित मिश्रधन पर ब्याज जुड़ने से वृद्धि घातांकीय (exponential) होती है, जो साधारण ब्याज की रैखिक वृद्धि से अलग है — यही अवधारणा इस गतिविधि से स्पष्ट होती है।
प्रश्न 10
वार्षिक संयोजन पर पहले वर्ष के लिए साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज के बीच संबंध है:
- Aदोनों बराबर होते हैं
- Bचक्रवृद्धि हमेशा अधिक होता है
- Cसाधारण हमेशा अधिक होता है
- Dकोई संबंध नहीं
व्याख्या
पहले वर्ष में चक्रवृद्धि ब्याज भी मूल मूलधन पर ही लगता है, इसलिए वह साधारण ब्याज के बराबर होता है; अंतर दूसरे वर्ष से दिखना शुरू होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET में चक्रवृद्धि ब्याज से कितने प्रश्न आते हैं?+
आमतौर पर 1 प्रश्न इस टॉपिक से पूछा जाता है, प्रायः सूत्र-आधारित गणना के रूप में; REET 2024 में भी 1 प्रश्न आया था।
साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज में मुख्य अंतर क्या है?+
साधारण ब्याज हमेशा मूल मूलधन पर लगता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज हर अवधि के संचित मिश्रधन पर लगता है, इसलिए CI समय के साथ SI से तेज़ी से बढ़ता है।
चक्रवृद्धि ब्याज का मूल सूत्र क्या है?+
A = P(1 + R/100)ⁿ, जहाँ CI = A − P। इसमें P मूलधन, R वार्षिक दर और n समय (वर्षों में) है।
अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज में सूत्र कैसे बदलता है?+
अर्धवार्षिक संयोजन में दर आधी (R/2) और समय दोगुना (2n) कर दिया जाता है: A = P(1+(R/2)/100)^(2n)।
पहले वर्ष के लिए SI और CI में क्या संबंध है?+
वार्षिक संयोजन में पहले वर्ष का साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज हमेशा बराबर होता है, अंतर दूसरे वर्ष से शुरू होता है।
मूल्यह्रास (depreciation) का सूत्र चक्रवृद्धि ब्याज से कैसे जुड़ा है?+
मूल्यह्रास में भी चक्रवृद्धि जैसा ही सूत्र लगता है, बस दर घटाने के लिए प्रयुक्त होती है: A = P(1 − R/100)ⁿ, जबकि चक्रवृद्धि वृद्धि में A = P(1 + R/100)ⁿ होता है।
3 वर्ष के लिए CI और SI के अंतर का सूत्र क्या है?+
3 वर्षों के लिए CI−SI = P×R²×(300+R)/10⁶ होता है, जो 2 वर्षों वाले सूत्र P(R/100)² से भिन्न और थोड़ा जटिल है।
चक्रवृद्धि ब्याज की गणना में किन तीन राशियों की आवश्यकता होती है?+
मूलधन (P), वार्षिक ब्याज दर (R) और समय (n, वर्षों में) — इन तीनों से सूत्र A = P(1+R/100)ⁿ द्वारा मिश्रधन निकाला जाता है।
त्रैमासिक (quarterly) संयोजन में दर और समय कैसे बदलते हैं?+
त्रैमासिक संयोजन में वार्षिक दर को 4 से भाग देकर तिमाही दर बनाई जाती है और वर्षों की संख्या को 4 से गुणा करके तिमाहियों की संख्या बनाई जाती है: A = P(1+(R/4)/100)^(4n)।
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- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए