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REET L1+L2 · गणित

साधारण ब्याज (Simple Interest)

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REET गणित में साधारण ब्याज (Simple Interest) के प्रश्न सीधे सूत्र-आधारित होते हैं, पर अक्सर 'धन दुगुना/तिगुना होना' या 'प्रतिशत वृद्धि' के रूप में घुमाकर पूछे जाते हैं। यहाँ सूत्र, शॉर्टकट और हल सहित उदाहरण दिए गए हैं।

  • REET 2024 में 3 प्रश्न
  • कक्षा 7-8 स्तर
  • 8 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के तीनों प्रश्न 'धन तीन गुना होने', 'धन में 40% वृद्धि होने' और 'धन दुगुना होने' जैसे रूप में पूछे गए थे — यानी ब्याज को सीधे रुपयों में न देकर मूलधन के प्रतिशत के रूप में छिपाया गया था। इस टॉपिक में सफलता की कुंजी है शब्दों को तुरंत प्रतिशत में बदलना और उसे सूत्र में सही जगह बिठाना। ऐसे प्रश्नों को हल करने की सबसे तेज़ चाल यह है कि रुपयों में सीधे काम करने की बजाय पहले मूलधन को 100% मानकर स्थिति को प्रतिशत में बदल लें, फिर सूत्र लगाएँ।

साधारण ब्याज: मूल परिभाषा एवं सूत्र

मूलधन (Principal, P) वह राशि है जो उधार दी या ली जाती है। दर (Rate, R) प्रतिवर्ष ब्याज की दर है और समय (Time, T) वर्षों में मापा जाता है। साधारण ब्याज (Simple Interest, SI) की गणना हर वर्ष मूल मूलधन पर ही होती है, इसलिए यह हर वर्ष समान रहता है।

सूत्र: SI = (P × R × T) ÷ 100। मिश्रधन या राशि (Amount, A) = मूलधन + साधारण ब्याज = P + SI = P × (1 + RT/100)।

चरों को अलग करने के सूत्र

मूलधन (P) ज्ञात करना
P = (SI × 100) ÷ (R × T)
दर (R) ज्ञात करना
R = (SI × 100) ÷ (P × T)
समय (T) ज्ञात करना
T = (SI × 100) ÷ (P × R)
राशि (Amount)
A = P + SI

'दुगुना/तिगुना होना' वाले प्रश्नों की ट्रिक

जब धन n गुना हो जाए, तो इसका अर्थ है कि साधारण ब्याज मूलधन का (n − 1) गुना यानी (n − 1) × 100 प्रतिशत हो गया है। इसलिए समय T = (n − 1) × 100 ÷ दर।

उदाहरण: यदि किसी धन को 8% वार्षिक दर से 4 गुना होना है, तो कितने वर्ष लगेंगे? यहाँ n = 4, अतः ब्याज = (4 − 1) × 100% = 300% मूलधन का। समय = 300 ÷ 8 = 37.5 वर्ष।

साधारण ब्याज बनाम चक्रवृद्धि ब्याज (संक्षेप में)

साधारण ब्याज में ब्याज हमेशा मूल (स्थिर) मूलधन पर निकलता है, इसलिए राशि हर वर्ष समान मात्रा से बढ़ती है (रैखिक वृद्धि)। इसके विपरीत चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) में हर वर्ष ब्याज उस वर्ष तक की कुल राशि पर जोड़ा जाता है, इसलिए राशि हर वर्ष बढ़ती दर से बढ़ती है — इसका विस्तृत विवरण अगले टॉपिक में है।

महीनों और भिन्नात्मक वर्षों में समय की सावधानी

साधारण ब्याज के सूत्र में समय (T) सदैव वर्षों में लिया जाता है। यदि प्रश्न में समय महीनों में दिया गया हो, तो पहले उसे 12 से भाग देकर वर्षों में बदलें — जैसे 8 महीने = 8/12 = 2/3 वर्ष, या 2 वर्ष 6 महीने = 2.5 वर्ष।

उदाहरण: ₹4,000 पर 9% वार्षिक दर से 8 महीने का साधारण ब्याज ज्ञात करें। यहाँ T = 8/12 = 2/3 वर्ष। SI = (4000 × 9 × 2/3) ÷ 100 = ₹240। समय की इकाई में हुई एक छोटी-सी चूक भी पूरा उत्तर गलत कर देती है, इसलिए इकाई पर विशेष ध्यान दें।

इसी तरह, यदि मूलधन और मिश्रधन दोनों दिए हों पर दर या समय न दिया गया हो, तो पहले SI = मिश्रधन − मूलधन से ब्याज निकालें, फिर उसी सूत्र से शेष चर (दर या समय) ज्ञात करें — यह तरीका लगभग हर प्रकार के साधारण ब्याज प्रश्न पर लागू होता है।

उदाहरण से समझें: ₹1,000 पर 10% वार्षिक दर से राशि की रैखिक वृद्धि

वर्षउस वर्ष का ब्याज (₹)कुल संचित राशि (₹)
11001,100
21001,200
31001,300
41001,400
51001,500

ध्यान दें कि हर वर्ष ब्याज बिल्कुल समान (₹100) रहता है, क्योंकि यह हमेशा मूल ₹1,000 पर ही निकलता है — यही साधारण ब्याज की पहचान है।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

बैंक पासबुक या जमा रसीद का नमूना दिखाकर विद्यार्थियों से मूलधन, दर और समय पहचानकर स्वयं ब्याज निकलवाएँ; कक्षा में नकली 'बैंक' खेल खेलें जिसमें छात्र अलग-अलग समय पर जमा राशि पर ब्याज गणना करें और एक-दूसरे के बैंक खाते का हिसाब जाँचें।

शिक्षण सहायक सामग्री

साल-दर-साल ब्याज दिखाने वाली एक तालिका/चार्ट बनाएँ ताकि बच्चे देख सकें कि साधारण ब्याज हर वर्ष स्थिर दर से बढ़ता है, घटता-बढ़ता नहीं। इसी तालिका के आगे चक्रवृद्धि ब्याज की तालिका बनाकर अंतर भी दिखाया जा सकता है।

सामान्य भ्रांति

विद्यार्थी अक्सर दर (R) को प्रतिशत से बिना बदले सीधे सूत्र में रख देते हैं, या समय (T) को महीनों में दिए जाने पर वर्षों में बदलना भूल जाते हैं। कुछ बच्चे 'धन दुगुना होना' और 'ब्याज दुगुना होना' को भी मिला देते हैं।

मूल्यांकन विचार

वास्तविक बैंक की ब्याज दरों के विज्ञापन या सूचना-पट्ट से एक प्रश्न बनाकर विद्यार्थियों से हल करवाएँ, और उनसे यह भी पूछें कि दी गई राशि मूलधन है, ब्याज है या मिश्रधन। विद्यार्थियों से यह भी पूछा जा सकता है कि यदि दर या समय दोगुना कर दिया जाए तो ब्याज पर क्या असर पड़ेगा, ताकि वे सूत्र के हर चर की भूमिका समझ सकें।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

'धन n गुना होने' वाले प्रश्न में सीधे याद रखें: ब्याज = (n − 1) × 100 प्रतिशत मूलधन का। इसे दर (R) से भाग देते ही समय (T) तुरंत मिल जाता है — पूरा मूलधन और ब्याज अलग से लिखकर समय बर्बाद न करें। यह भी ध्यान रखें कि साधारण ब्याज में मूलधन कभी नहीं बदलता, इसलिए वर्ष-दर-वर्ष ब्याज की गणना करते समय हर बार वही मूल मूलधन ही प्रयोग करें, संचित राशि नहीं।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 100

10% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से कोई धन कितने वर्षों में तीन गुना हो जाएगा ?

  1. A20 वर्ष
  2. B15 वर्ष
  3. C10 वर्ष
  4. D25 वर्ष

व्याख्या

धन तीन गुना होने का अर्थ है ब्याज = मूलधन का 2 गुना = 200%। साधारण ब्याज में समय = (ब्याज × 100)/(मूलधन × दर) = 200/10 = 20 वर्ष। विकल्प (C) 10 वर्ष में धन केवल दुगुना होता है।

प्रश्न 91

कितने समय में 5% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से किसी धन के मान में 40% वृद्धि होगी ?

  1. A5 वर्ष
  2. B6 वर्ष
  3. C10 वर्ष
  4. D8 वर्ष

व्याख्या

साधारण ब्याज में ब्याज = मूलधन × दर × समय / 100 होता है। धन में 40% वृद्धि का अर्थ है ब्याज = मूलधन का 40%। अतः 40 = 5 × समय, जिससे समय = 8 वर्ष। इसलिए विकल्प (D) सही है।

प्रश्न 91

कितने समय में कोई धन का कुल राशि योग 15% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से दुगुना हो जाएगा ?

  1. A13 वर्ष 4 माह
  2. B13 वर्ष 3 माह
  3. C6 वर्ष 8 माह
  4. D6 वर्ष 9 माह

व्याख्या

धन दुगुना होने का अर्थ है कि साधारण ब्याज = मूलधन (P)। SI = P×R×T/100 से P = P×15×T/100, अतः T = 100/15 = 20/3 वर्ष = 6 वर्ष 8 माह। 13 वर्ष 4 माह तो धन तिगुना होने का समय है।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

₹2,000 पर 6% वार्षिक दर से 3 वर्ष का साधारण ब्याज ज्ञात करें।

  1. A₹360
  2. B₹300
  3. C₹420
  4. D₹240

व्याख्या

SI = (P × R × T) ÷ 100 = (2000 × 6 × 3) ÷ 100 = ₹360।

प्रश्न 2

₹1,500 पर 8% वार्षिक दर से 2 वर्ष बाद मिश्रधन (Amount) ज्ञात करें।

  1. A₹1,740
  2. B₹1,700
  3. C₹1,800
  4. D₹1,620

व्याख्या

SI = (1500 × 8 × 2) ÷ 100 = ₹240। मिश्रधन = 1500 + 240 = ₹1,740।

प्रश्न 3

₹1,500 के मूलधन पर 3 वर्ष में ₹450 साधारण ब्याज प्राप्त होता है। दर ज्ञात करें।

  1. A8%
  2. B9%
  3. C10%
  4. D12%

व्याख्या

R = (SI × 100) ÷ (P × T) = (450 × 100) ÷ (1500 × 3) = 10%।

प्रश्न 4

5% वार्षिक दर से किसी मूलधन पर 4 वर्ष में ₹600 साधारण ब्याज मिलता है। मूलधन ज्ञात करें।

  1. A₹2,500
  2. B₹3,000
  3. C₹3,500
  4. D₹2,000

व्याख्या

P = (SI × 100) ÷ (R × T) = (600 × 100) ÷ (5 × 4) = 60,000 ÷ 20 = ₹3,000।

प्रश्न 5

₹2,500 के मूलधन पर 10% वार्षिक दर से ₹750 साधारण ब्याज प्राप्त करने में कितना समय लगेगा?

  1. A2 वर्ष
  2. B3 वर्ष
  3. C4 वर्ष
  4. D5 वर्ष

व्याख्या

T = (SI × 100) ÷ (P × R) = (750 × 100) ÷ (2500 × 10) = 3 वर्ष।

प्रश्न 6

किस दर पर कोई धन साधारण ब्याज से 8 वर्ष में दुगुना हो जाएगा?

  1. A10%
  2. B12%
  3. C12.5%
  4. D15%

व्याख्या

धन दुगुना होने पर ब्याज = मूलधन का 100%। दर = 100 ÷ 8 = 12.5%।

प्रश्न 7

12.5% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से कोई धन कितने वर्षों में 5 गुना हो जाएगा?

  1. A24 वर्ष
  2. B28 वर्ष
  3. C32 वर्ष
  4. D36 वर्ष

व्याख्या

5 गुना होने पर ब्याज = (5 − 1) × 100% = 400% मूलधन का। समय = 400 ÷ 12.5 = 32 वर्ष।

प्रश्न 8

किसी धन पर साधारण ब्याज से 2 वर्ष में राशि ₹1,200 और 3 वर्ष में राशि ₹1,320 हो जाती है। ब्याज की दर ज्ञात करें।

  1. A10%
  2. B12.5%
  3. C15%
  4. D8%

व्याख्या

1 वर्ष का ब्याज = 1320 − 1200 = ₹120। 2 वर्ष का ब्याज = 240, अतः मूलधन P = 1200 − 240 = ₹960। दर R = (120 × 100) ÷ 960 = 12.5%।

प्रश्न 9

साधारण ब्याज में ब्याज की गणना किस पर आधारित होती है?

  1. Aप्रत्येक वर्ष बदलते हुए मिश्रधन पर
  2. Bमूल मूलधन पर, जो स्थिर रहता है
  3. Cकेवल अंतिम वर्ष के मूलधन पर
  4. Dदर पर स्वयं

व्याख्या

साधारण ब्याज में हर वर्ष ब्याज मूल (स्थिर) मूलधन पर ही निकलता है, इसीलिए यह हर वर्ष समान रहता है — यही चक्रवृद्धि ब्याज से इसका मुख्य अंतर है।

प्रश्न 10

साधारण ब्याज पढ़ाते समय विद्यार्थियों में सबसे सामान्य गलती होती है:

  1. Aदर को प्रतिशत से दशमलव रूप में बदले बिना सीधे सूत्र में रख देना
  2. Bमूलधन को सही पहचानना
  3. Cसमय को वर्षों में सही लिखना
  4. Dसूत्र को सही याद रखना

व्याख्या

विद्यार्थी अक्सर दर (R) या समय (T) की इकाई में गलती करते हैं — जैसे महीनों को वर्षों में न बदलना — जिससे SI = PRT/100 सूत्र में गलत मान बैठ जाता है। शिक्षक को इकाई (unit) पर विशेष ज़ोर देना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

REET में साधारण ब्याज से कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में इस टॉपिक से 3 प्रश्न पूछे गए थे, ज़्यादातर 'दुगुना/तिगुना होने' या 'प्रतिशत वृद्धि' के रूप में घुमाकर पूछे गए, सीधे सूत्र में मान रखने वाले नहीं।

साधारण ब्याज का सूत्र क्या है?+

साधारण ब्याज (SI) = (मूलधन × दर × समय) ÷ 100, जहाँ दर प्रतिवर्ष प्रतिशत में और समय वर्षों में लिया जाता है — महीनों में समय होने पर उसे पहले वर्षों में बदलना ज़रूरी है।

मिश्रधन (Amount) और साधारण ब्याज में क्या अंतर है?+

साधारण ब्याज केवल अतिरिक्त राशि है जो मूलधन पर मिलती है, जबकि मिश्रधन (Amount) मूलधन और साधारण ब्याज का योग है: A = P + SI।

साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज में मुख्य अंतर क्या है?+

साधारण ब्याज हमेशा मूल मूलधन पर निकलता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज हर वर्ष तक की संचित राशि पर निकलता है, इसलिए समान दर व समय पर चक्रवृद्धि ब्याज में राशि साधारण ब्याज से अधिक तेज़ी से बढ़ती है।

यदि समान मूलधन, दर और समय हो तो साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज में कौन अधिक होगा?+

पहले वर्ष के लिए दोनों बराबर होते हैं, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय के लिए चक्रवृद्धि ब्याज हमेशा साधारण ब्याज से अधिक या बराबर होता है, क्योंकि चक्रवृद्धि ब्याज में पिछले वर्ष के ब्याज पर भी अगले वर्ष ब्याज मिलता है। यही कारण है कि दीर्घकालीन (long-term) निवेश में लोग प्रायः चक्रवृद्धि ब्याज वाली योजनाएँ पसंद करते हैं। परीक्षा में समय बचाने के लिए यह पूरा तरीका पहले से याद करके अभ्यास में बार-बार दोहराएँ।

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बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए