लाभ-हानि (Profit and Loss)
REET गणित में लाभ-हानि (Profit-Loss) हर बार पूछा जाने वाला पक्का टॉपिक है — क्रय मूल्य, विक्रय मूल्य, छूट और प्रतिशत को जोड़कर बने सवाल। इस पेज में सभी फॉर्मूले, ट्रिक और हल सहित उदाहरण एक जगह मिलेंगे।
- REET 2024 में 4 प्रश्न
- कक्षा 7-8 स्तर
- 9 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में लाभ-हानि से चारों प्रश्न सीधे सूत्र रटने से नहीं, बल्कि 'उल्टा' सोचकर हल होने वाले थे — जैसे हानि पर बिका सामान किस कीमत पर बेचें कि लाभ हो, विक्रय मूल्य से हानि प्रतिशत निकालना, एक के बाद एक दो छूट का असली असर, और मरम्मत जैसा अतिरिक्त खर्च क्रय मूल्य में जोड़ना। यानी परीक्षा में CP-SP के बुनियादी सूत्र से आगे बढ़कर व्यावहारिक स्थिति में लगाना पड़ता है। हर प्रश्न में यह पहचानना ज़रूरी होता है कि दी गई राशि CP है, SP है, MP है या अंतिम उत्तर के लिए वांछित कोई तीसरी राशि — इसी पहचान में सबसे अधिक समय व अंक बचते या गँवाए जाते हैं।
क्रय मूल्य, विक्रय मूल्य और मूल परिभाषाएँ
क्रय मूल्य (Cost Price, CP) वह राशि है जिसमें कोई वस्तु खरीदी जाती है। विक्रय मूल्य (Selling Price, SP) वह राशि है जिसमें वह वस्तु बेची जाती है।
जब SP, CP से अधिक हो तो लाभ (Profit) = SP − CP होता है। जब CP, SP से अधिक हो तो हानि (Loss) = CP − SP होती है। लाभ या हानि हमेशा क्रय मूल्य और विक्रय मूल्य के अंतर से ही निकलती है, कभी भी अंकित मूल्य (Marked Price) से नहीं।
लाभ-हानि के सभी ज़रूरी सूत्र
| राशि | सूत्र |
|---|---|
| लाभ (Profit) | विक्रय मूल्य (SP) − क्रय मूल्य (CP), जब SP > CP |
| हानि (Loss) | क्रय मूल्य (CP) − विक्रय मूल्य (SP), जब CP > SP |
| लाभ प्रतिशत | (लाभ ÷ CP) × 100 |
| हानि प्रतिशत | (हानि ÷ CP) × 100 |
| SP, जब लाभ % ज्ञात हो | CP × (100 + लाभ%) ÷ 100 |
| SP, जब हानि % ज्ञात हो | CP × (100 − हानि%) ÷ 100 |
| CP, जब SP व लाभ % ज्ञात हो | SP × 100 ÷ (100 + लाभ%) |
| CP, जब SP व हानि % ज्ञात हो | SP × 100 ÷ (100 − हानि%) |
लाभ % और हानि % हमेशा क्रय मूल्य (CP) पर निकाले जाते हैं, विक्रय मूल्य पर नहीं।
अंकित मूल्य और छूट (Discount)
अंकित मूल्य (Marked Price, MP) वह मूल्य है जो दुकानदार वस्तु पर छापता या टैग करता है। छूट (Discount) = MP − SP, और छूट प्रतिशत = (छूट ÷ MP) × 100। इसलिए SP = MP × (100 − छूट%) ÷ 100।
जब किसी वस्तु पर एक के बाद एक दो छूट (successive discounts) दी जाती हैं, तो उन्हें सीधे जोड़ना गलत है। जैसे 10% और 20% की दो छूटों का असर 30% छूट के बराबर नहीं, बल्कि इससे कम होता है — क्योंकि दूसरी छूट पहली छूट के बाद बचे मूल्य पर लगती है, पूरे अंकित मूल्य पर नहीं।
अतिरिक्त खर्च जब क्रय मूल्य में जुड़ता है
कई बार वस्तु खरीदने के बाद उस पर मरम्मत, ढुलाई (carriage) या पैकिंग जैसा अतिरिक्त खर्च किया जाता है। ऐसी स्थिति में यह अतिरिक्त खर्च वस्तु के मूल क्रय मूल्य में जोड़कर कुल क्रय मूल्य (effective CP) निकाला जाता है, और लाभ-हानि इसी कुल क्रय मूल्य पर आधारित होती है, अकेले वस्तु की खरीद कीमत पर नहीं।
उदाहरण: यदि किसी पुरानी वस्तु को ₹600 में खरीदा जाए और उस पर ₹150 की मरम्मत कराई जाए, तो कुल क्रय मूल्य ₹750 माना जाएगा — लाभ या हानि इसी ₹750 पर निकलेगी, अकेले ₹600 पर नहीं। इसी तरह ढुलाई भाड़ा, पैकिंग खर्च और स्थापना (installation) शुल्क को भी हमेशा क्रय मूल्य में ही जोड़ा जाता है, क्योंकि ये वस्तु को बिक्री योग्य बनाने की लागत हैं।
एक सामान्य ट्रैप: दो वस्तुएँ, बराबर विक्रय मूल्य, बराबर % लाभ-हानि
REET जैसी परीक्षाओं में एक क्लासिक ट्रैप प्रश्न आता है: दो वस्तुएँ समान विक्रय मूल्य पर बेची जाती हैं, एक पर x% का लाभ होता है और दूसरी पर x% की हानि। ऐसी स्थिति में दुकानदार को कभी न लाभ होता है, न हानि बराबर रहती है — बल्कि हमेशा कुल मिलाकर हानि ही होती है, और वह हानि प्रतिशत = (x/10)² होती है।
उदाहरण: यदि दो वस्तुएँ ₹990-₹990 में बेची जाएँ, एक पर 10% लाभ और दूसरी पर 10% हानि हो, तो कुल हानि% = (10/10)² = 1%। यह याद रखने योग्य नियम है क्योंकि सतही तौर पर छात्र सोचते हैं कि लाभ-हानि बराबर होने से कोई नुकसान नहीं होगा, जबकि वास्तव में हमेशा हानि ही होती है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
कक्षा में नकली 'बाज़ार' लगाकर बच्चों को नकली नोटों से वस्तुएँ खरीदने-बेचने दें, फिर हर सौदे में CP, SP लिखवाकर लाभ या हानि खुद निकलवाएँ। बड़े समूह में हर बच्चे को अलग-अलग भूमिका (खरीदार/विक्रेता) देकर सौदेबाज़ी भी करवाई जा सकती है, जिससे छूट (discount) की अवधारणा स्वाभाविक रूप से सामने आती है।
शिक्षण सहायक सामग्री
असली दुकानों के मूल्य-टैग, छूट वाले विज्ञापन/पर्चे और 100 के ब्लॉक मॉडल का उपयोग करें ताकि प्रतिशत को दृश्य रूप से समझाया जा सके। ग्रिड पेपर पर 10×10 वर्ग बनाकर लाभ/हानि प्रतिशत को रंगकर दिखाना भी सहायक होता है।
सामान्य भ्रांति
विद्यार्थी अक्सर लाभ-हानि प्रतिशत विक्रय मूल्य (SP) पर निकाल लेते हैं, जबकि यह सदैव क्रय मूल्य (CP) पर निकलती है। कई बच्चे अंकित मूल्य (MP) और विक्रय मूल्य (SP) को भी एक समझ लेते हैं, और दो क्रमागत छूटों को सीधे जोड़ लेते हैं जो गलत है।
मूल्यांकन विचार
वास्तविक विज्ञापन या बिल दिखाकर पूछें — 'यहाँ CP क्या है, SP क्या है, लाभ हुआ या हानि, और कितने प्रतिशत?' — इससे व्यावहारिक समझ जाँची जा सकती है। इसके अलावा मौखिक रूप से त्वरित उदाहरण देकर तुरंत उत्तर माँगना भी गति व सटीकता दोनों जाँचने में सहायक है।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
लाभ या हानि प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य (CP) पर ही निकलता है, चाहे प्रश्न में यह घुमाकर पूछा गया हो। हल करते समय CP को 100 मान लें और पूरी समस्या को अनुपात में हल करें — इससे भिन्न (fraction) वाले जटिल उत्तर भी आसानी से मिल जाते हैं।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 91
एक कुर्सी को ₹ 1,080 में बेचने पर दुकानदार को 10% हानि होती है । वह इस कुर्सी को कितने में बेचे कि उसे 10% लाभ हो ?
- A₹ 1,200
- B₹ 1,400
- C₹ 1,100
- D₹ 1,320
व्याख्या
10% हानि पर विक्रय मूल्य ₹1,080 है, अतः क्रय मूल्य = 1080 × 100/90 = ₹1,200। 10% लाभ के लिए विक्रय मूल्य = 1200 × 110/100 = ₹1,320। विकल्प (A) ₹1,200 तो क्रय मूल्य है, विक्रय मूल्य नहीं।
प्रश्न 97
एक घड़ी को ₹ 1,260 में खरीद कर ₹ 1,197 में बेचे जाने पर हानि प्रतिशत कितना है ?
- A4%
- B5%
- C7%
- D10%
व्याख्या
हानि = 1260 − 1197 = ₹63। हानि प्रतिशत = (63/1260) × 100 = 5%। (हानि प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य पर निकाला जाता है।)
प्रश्न 110
किसी वस्तु पर 10% छूट देने से 20% लाभ होता है, यह छूट 20% हो, तो लाभ कितना होगा ?
- A6 2/3%
- B3 1/2%
- C7 1/4%
- D12 1/2%
व्याख्या
माना क्रय मूल्य 100 है, तो 20% लाभ पर विक्रय मूल्य 120। 10% छूट पर विक्रय मूल्य = अंकित मूल्य का 90%, अतः अंकित मूल्य = 120 × 100/90 = 400/3। 20% छूट पर विक्रय मूल्य = 400/3 × 80/100 = 320/3 = 106⅔। अतः लाभ = 6⅔%।
प्रश्न 111
जॉन ने एक पुराना फ्रिज खरीदा और उसे 1,500 रुपये में मरम्मत कराकर 8,100 रुपये में बेचने पर उसे 10% की हानि हुई, तो उसने फ्रिज कितने में खरीदा था ?
- A7,500 रुपये
- B9,000 रुपये
- C10,500 रुपये
- D8,250 रुपये
व्याख्या
10% हानि पर विक्रय मूल्य = कुल क्रय मूल्य का 90%। अतः कुल लागत = 8,100 × 100/90 = 9,000 रुपये। इसमें 1,500 रुपये मरम्मत के शामिल हैं, इसलिए फ्रिज का क्रय मूल्य = 9,000 − 1,500 = 7,500 रुपये। 9,000 रुपये कुल लागत है, फ्रिज की कीमत नहीं।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
किसी वस्तु का क्रय मूल्य ₹800 है और उस पर 15% का लाभ होता है। विक्रय मूल्य ज्ञात करें।
- A₹920
- B₹900
- C₹850
- D₹950
व्याख्या
SP = CP × (100 + लाभ%) ÷ 100 = 800 × 115 ÷ 100 = ₹920। यह सीधा सूत्र-आधारित प्रश्न है।
प्रश्न 2
एक वस्तु ₹450 में बेचने पर 10% की हानि होती है। उसका क्रय मूल्य ज्ञात करें।
- A₹550
- B₹500
- C₹480
- D₹495
व्याख्या
CP = SP × 100 ÷ (100 − हानि%) = 450 × 100 ÷ 90 = ₹500। हानि प्रतिशत CP पर आधारित होने के कारण यही सूत्र प्रयोग होता है।
प्रश्न 3
एक वस्तु को ₹1,350 में बेचने पर 10% की हानि होती है। इसे किस मूल्य पर बेचा जाए कि 8% का लाभ हो?
- A₹1,620
- B₹1,600
- C₹1,583
- D₹1,650
व्याख्या
पहले CP = 1350 × 100 ÷ 90 = ₹1,500। अब 8% लाभ के लिए SP = 1500 × 108 ÷ 100 = ₹1,620।
प्रश्न 4
किसी वस्तु का अंकित मूल्य ₹800 है और उस पर 15% की छूट दी जाती है। विक्रय मूल्य ज्ञात करें।
- A₹680
- B₹700
- C₹650
- D₹720
व्याख्या
SP = MP × (100 − छूट%) ÷ 100 = 800 × 85 ÷ 100 = ₹680।
प्रश्न 5
एक दुकानदार वस्तु का अंकित मूल्य क्रय मूल्य से 25% अधिक रखता है और 10% की छूट देता है। उसका लाभ प्रतिशत ज्ञात करें।
- A12.5%
- B15%
- C10%
- D22.5%
व्याख्या
मान लें CP = 100, तो MP = 125। SP = 125 × 90 ÷ 100 = 112.5। लाभ = 112.5 − 100 = 12.5, अतः लाभ% = 12.5%।
प्रश्न 6
किसी वस्तु के अंकित मूल्य पर क्रमशः 20% तथा 10% की दो क्रमागत छूट दी जाती हैं। इसके समतुल्य एकल छूट (single discount) कितनी होगी?
- A30%
- B28%
- C25%
- D32%
व्याख्या
मान लें MP = 100। पहली छूट के बाद = 80, दूसरी छूट के बाद = 80 × 90 ÷ 100 = 72। कुल छूट = 100 − 72 = 28%। दोनों छूटों को सीधे जोड़कर 30% मानना गलत है।
प्रश्न 7
एक व्यक्ति ने एक पुरानी साइकिल ₹600 में खरीदी और उसकी मरम्मत पर ₹150 खर्च किए। यदि वह कुल लागत पर 12% लाभ कमाना चाहता है, तो उसे इसे किस मूल्य पर बेचना चाहिए?
- A₹840
- B₹828
- C₹852
- D₹800
व्याख्या
कुल लागत = 600 + 150 = ₹750। SP = 750 × 112 ÷ 100 = ₹840। मरम्मत का खर्च क्रय मूल्य में जोड़ना अनिवार्य है।
प्रश्न 8
एक व्यापारी ने एक मेज़ खरीदी और उस पर पॉलिश कराने में ₹200 खर्च किए। उसने मेज़ को ₹2,760 में बेचकर कुल निवेश पर 15% लाभ कमाया। मेज़ का मूल क्रय मूल्य (पॉलिश से पहले) ज्ञात करें।
- A₹2,200
- B₹2,400
- C₹2,000
- D₹2,160
व्याख्या
कुल निवेश = 2760 × 100 ÷ 115 = ₹2,400। मेज़ का मूल क्रय मूल्य = 2,400 − 200 = ₹2,200। ध्यान दें ₹2,400 कुल लागत है, अकेले मेज़ की कीमत नहीं।
प्रश्न 9
एक वस्तु ₹250 में खरीदी गई और ₹225 में बेची गई। हानि प्रतिशत ज्ञात करें।
- A8%
- B10%
- C12%
- D15%
व्याख्या
हानि = 250 − 225 = ₹25। हानि% = (25 ÷ 250) × 100 = 10%।
प्रश्न 10
कक्षा 7 में लाभ-हानि पढ़ाते समय शिक्षक के लिए सबसे उपयुक्त गतिविधि कौन-सी है?
- Aकेवल फॉर्मूले रटवाना
- Bकक्षा में नकली 'बाज़ार' खेल द्वारा वस्तुएँ खरीदने-बेचने की गतिविधि कराना
- Cबिना उदाहरण दिए सभी प्रश्न गृहकार्य में हल करने को कहना
- Dइस विषय को अगली कक्षा के लिए छोड़ देना
व्याख्या
वास्तविक जीवन जैसी गतिविधि (जैसे कक्षा में नकली बाज़ार खेल) से बच्चे CP, SP और लाभ-हानि को अनुभव करके, समझकर सीखते हैं — यह रटने से कहीं अधिक प्रभावी है और अनुभवाधारित (activity-based) शिक्षण के सिद्धांत पर आधारित है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET में लाभ-हानि से कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में गणित के इस टॉपिक से 4 प्रश्न पूछे गए थे। यह टॉपिक हर वर्ष REET में नियमित रूप से पूछा जाता है, इसलिए फॉर्मूले और उल्टे (reverse) सवाल दोनों तैयार रखें, क्योंकि अधिकांश प्रश्न सीधे प्लग-इन न होकर दो-तीन चरणों में हल होते हैं।
लाभ % और हानि % हमेशा किस पर निकाला जाता है?+
लाभ प्रतिशत और हानि प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य (CP) पर निकाले जाते हैं, विक्रय मूल्य (SP) पर नहीं — यह सबसे ज़्यादा गलत समझी जाने वाली बात है और परीक्षा में जानबूझकर इसी भ्रम पर आधारित विकल्प रखे जाते हैं।
अंकित मूल्य (Marked Price) और विक्रय मूल्य में क्या अंतर है?+
अंकित मूल्य वह मूल्य है जो दुकानदार वस्तु पर छापता है, जबकि विक्रय मूल्य वह राशि है जो ग्राहक से छूट काटने के बाद वास्तव में ली जाती है। SP = MP − छूट, और जब कोई छूट न दी जाए तो MP और SP बराबर हो जाते हैं।
दो क्रमागत छूट (successive discount) का सीधा जोड़ करना गलत क्यों है?+
क्योंकि दूसरी छूट पहली छूट के बाद बचे हुए मूल्य पर लगती है, पूरे अंकित मूल्य पर नहीं। इसलिए 10% और 20% छूट मिलकर 30% के बराबर नहीं, बल्कि इससे कम (28%) असर डालती हैं — यह अंतर परीक्षा में जाँचा जाता है।
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बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए