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REET L1+L2 · गणित

चतुर्भुज (Quadrilaterals)

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यह पेज REET परीक्षा के लिए चतुर्भुजों (समांतर चतुर्भुज, आयत, वर्ग, समचतुर्भुज, समलंब) के गुण, बहुभुज कोण सूत्र और हल किए गए उदाहरण एक जगह देता है। ज्यामिति खंड में यह टॉपिक हर वर्ष गुणों की पहचान या कोण-गणना वाला प्रश्न लाता है।

  • REET 2024 में 1 प्रश्न
  • कक्षा 8 स्तर
  • 8 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में सम बहुभुज (regular polygon) के अंतःकोण-बहिष्कोण के अनुपात से भुजाओं की संख्या निकालने का प्रश्न पूछा गया — यह दर्शाता है कि बहुभुज कोण सूत्रों का व्यावहारिक प्रयोग यहाँ महत्वपूर्ण है, न कि केवल परिभाषाएँ याद रखना।

चतुर्भुज के मूल गुण

चतुर्भुज (quadrilateral) चार भुजाओं वाला बहुभुज है, जिसके चारों अंतःकोणों का योग सदैव 360° होता है।

n भुजाओं वाले किसी बहुभुज के अंतःकोणों का योग = (n−2) × 180° होता है, और उसके बहिष्कोणों का योग सदैव 360° होता है, चाहे भुजाओं की संख्या कितनी भी हो। सम बहुभुज (regular polygon) में प्रत्येक बहिष्कोण = 360°/n और प्रत्येक अंतःकोण = 180° − (360°/n)।

प्रमुख चतुर्भुजों के गुण

आकृतिभुजाएँकोणविकर्ण
समांतर चतुर्भुज (Parallelogram)सम्मुख भुजाएँ बराबर व समांतरसम्मुख कोण बराबर; आसन्न कोण संपूरक (योग 180°)एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं
आयत (Rectangle)सम्मुख भुजाएँ बराबर व समांतरसभी कोण 90°बराबर होते हैं व एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं
समचतुर्भुज (Rhombus)चारों भुजाएँ बराबरसम्मुख कोण बराबर; आसन्न कोण संपूरकलंबवत रूप से एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं (बराबर नहीं होते)
वर्ग (Square)चारों भुजाएँ बराबरसभी कोण 90°बराबर, लंबवत व एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं
समलंब (Trapezium)एक जोड़ी सम्मुख भुजाएँ समांतरएक ही भुजा पर बने सह-अंतः कोणों का योग 180°कोई विशेष गुण नहीं

बहुभुज से जुड़े अन्य उपयोगी सूत्र

n भुजाओं वाले बहुभुज में विकर्णों की संख्या
n(n−3)/2
n भुजाओं वाले बहुभुज को त्रिभुजों में बाँटने पर बनने वाले त्रिभुज
(n−2) — इसी से अंतःकोण योग सूत्र (n−2)×180° प्राप्त होता है
सम बहुभुज में प्रत्येक अंतःकोण
180° − (360°/n)

पतंगाकार चतुर्भुज (Kite) के गुण

पतंगाकार चतुर्भुज (kite) में दो जोड़ी आसन्न भुजाएँ बराबर होती हैं (सम्मुख नहीं), और इसका एक विकर्ण दूसरे को लंबवत रूप से समद्विभाजित करता है, हालाँकि दोनों विकर्ण एक-दूसरे को बराबर भागों में नहीं बाँटते। इसका एक जोड़ी सम्मुख कोण (असमान भुजाओं के बीच वाला, यानी जहाँ अलग-अलग लंबाई की भुजाएँ मिलती हैं) बराबर होता है, जबकि दूसरी जोड़ी (बराबर भुजाओं के बीच वाली) असमान हो सकती है। नाम के अनुरूप, उड़ने वाली पतंग की आकृति ही इस चतुर्भुज का सबसे परिचित उदाहरण है, जो कक्षा में समझाने के लिए एक स्वाभाविक संदर्भ देती है।

हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1 (PYQ प्रकार): एक सम बहुभुज का प्रत्येक बहिष्कोण उसके अंतःकोण का 2/7 भाग है। भुजाओं की संख्या ज्ञात करें। हल: माना अंतःकोण = I, तो बहिष्कोण = 2I/7। I + 2I/7 = 180° ⇒ 9I/7 = 180° ⇒ I = 140°, बहिष्कोण = 40°। भुजाएँ = 360°/40° = 9।

उदाहरण 2: एक समांतर चतुर्भुज का एक कोण 65° है। शेष तीनों कोण ज्ञात करें। हल: सम्मुख कोण बराबर होता है, अतः विपरीत कोण भी 65° होगा। आसन्न कोण संपूरक होते हैं: 180°−65°=115°। कोण = 65°, 115°, 65°, 115°।

उदाहरण 3: एक आयत के विकर्ण की लंबाई 26 सेमी और एक भुजा 10 सेमी है। दूसरी भुजा ज्ञात करें। हल: पाइथागोरस प्रमेय से विकर्ण² = भुजा₁² + भुजा₂² ⇒ 26² = 10² + b² ⇒ 676 = 100 + b² ⇒ b² = 576 ⇒ b = 24 सेमी।

उदाहरण 4: एक सम बहुभुज का प्रत्येक अंतःकोण उसके बहिष्कोण का 5 गुना है। भुजाओं की संख्या ज्ञात करें। हल: माना बहिष्कोण = E, अंतःकोण = 5E। E + 5E = 180° ⇒ 6E = 180° ⇒ E = 30°। भुजाएँ = 360°/30° = 12।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

कागज से विभिन्न चतुर्भुज काटकर विकर्णों के अनुदिश मोड़वाएँ — बच्चे स्वयं देख पाएँगे कि किसमें विकर्ण बराबर हैं, किसमें लंबवत हैं और किसमें दोनों। जियोबोर्ड व रबर-बैंड से भी विभिन्न चतुर्भुज बनवाकर गुण जाँचे जा सकते हैं।

शिक्षण सामग्री

जियोबोर्ड, डॉट-ग्रिड पेपर और चतुर्भुज गुण-चार्ट उपयोगी हैं। स्ट्रॉ व धागे से बनाए गए मॉडल विकर्णों के गुण (बराबर, लंबवत, समद्विभाजन) दिखाने में विशेष रूप से सहायक होते हैं।

सामान्य भ्रांति

विद्यार्थी अक्सर मान लेते हैं कि वर्ग, आयत और समचतुर्भुज से अलग एक स्वतंत्र आकृति है, जबकि वास्तव में वर्ग एक विशेष आयत भी है (जिसकी सभी भुजाएँ बराबर हैं) और एक विशेष समचतुर्भुज भी (जिसके सभी कोण 90° हैं)। यह हायरार्की समझाना जरूरी है।

आकलन विचार

अलग-अलग चतुर्भुजों के गुणों की एक तालिका (हाँ/नहीं में) बनवाकर पूछें कि कौन-सा गुण किस आकृति में लागू होता है — इससे वर्गीकरण की समझ जाँची जा सकती है। स्थानीय वस्तुओं (खिड़की, पतंग, फर्श की टाइल) में चतुर्भुज के प्रकार पहचनवाना भी एक अच्छा आकलन कार्य है।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

सम बहुभुज के प्रश्नों में भुजाओं की संख्या तुरंत निकालने के लिए सूत्र याद रखें: भुजाएँ = 360° ÷ बहिष्कोण। यदि प्रश्न में अंतःकोण दिया हो, तो पहले बहिष्कोण = 180° − अंतःकोण निकालें, फिर यही सूत्र लगाएँ — इससे समय की बचत होती है।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 120

किसी समबहुभुज का प्रत्येक बहिष्कोण, उसके अन्त:कोण का 2/7 भाग है, तो उसकी भुजाओं की संख्या होगी

  1. A10
  2. B12
  3. C8
  4. D9

व्याख्या

बहिष्कोण + अन्त:कोण = 180°। यदि अन्त:कोण = I हो तो बहिष्कोण = 2I/7, अतः I + 2I/7 = 180° ⇒ 9I/7 = 180° ⇒ I = 140°, बहिष्कोण = 40°। समबहुभुज की भुजाओं की संख्या = 360°/बहिष्कोण = 360/40 = 9।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

चतुर्भुज के अंतःकोणों का योग कितना होता है?

  1. A360°
  2. B180°
  3. C270°
  4. D540°

व्याख्या

किसी भी चतुर्भुज के चारों अंतःकोणों का योग सदैव 360° होता है (सूत्र (n−2)×180° में n=4 रखने पर 2×180°=360°)।

प्रश्न 2

एक सम षट्भुज (regular hexagon) का प्रत्येक अंतःकोण कितना होता है?

  1. A120°
  2. B108°
  3. C135°
  4. D150°

व्याख्या

अंतःकोण = (n−2)×180°/n = (6−2)×180°/6 = 720°/6 = 120°।

प्रश्न 3

एक समांतर चतुर्भुज में एक कोण 65° है। उसका आसन्न (सटा हुआ) कोण क्या होगा?

  1. A115°
  2. B65°
  3. C25°
  4. D155°

व्याख्या

समांतर चतुर्भुज में आसन्न कोण संपूरक (सप्लीमेंट्री) होते हैं: 180°−65°=115°।

प्रश्न 4

किस चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को लंबवत समद्विभाजित करते हैं, पर आवश्यक नहीं कि बराबर भी हों?

  1. Aसमचतुर्भुज
  2. Bआयत
  3. Cसमलंब
  4. Dकेवल वर्ग

व्याख्या

समचतुर्भुज (rhombus) में विकर्ण लंबवत रूप से एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं, पर बराबर तभी होते हैं जब वह वर्ग भी हो। आयत में विकर्ण बराबर होते हैं पर लंबवत नहीं।

प्रश्न 5

एक सम बहुभुज का प्रत्येक बहिष्कोण 45° है। उसकी भुजाओं की संख्या ज्ञात करें।

  1. A8
  2. B9
  3. C6
  4. D10

व्याख्या

भुजाएँ = 360°/बहिष्कोण = 360°/45° = 8।

प्रश्न 6

एक सम बहुभुज का प्रत्येक अंतःकोण उसके बहिष्कोण का 5 गुना है। भुजाओं की संख्या ज्ञात करें।

  1. A12
  2. B10
  3. C6
  4. D8

व्याख्या

माना बहिष्कोण = E, अंतःकोण = 5E। E+5E=180° ⇒ 6E=180° ⇒ E=30°। भुजाएँ = 360°/30° = 12।

प्रश्न 7

समलंब ABCD में AB, CD के समांतर है। यदि ∠A=110° है, तो ∠D क्या होगा?

  1. A70°
  2. B110°
  3. C90°
  4. D55°

व्याख्या

AB∥CD होने पर एक ही भुजा (AD) पर बने सह-अंतः कोणों का योग 180° होता है: ∠A+∠D=180° ⇒ ∠D=70°।

प्रश्न 8

एक आयत के विकर्ण की लंबाई 26 सेमी और एक भुजा 10 सेमी है। दूसरी भुजा की लंबाई ज्ञात करें।

  1. A24 सेमी
  2. B20 सेमी
  3. C16 सेमी
  4. D26 सेमी

व्याख्या

पाइथागोरस प्रमेय से: 26² = 10² + b² ⇒ 676 = 100 + b² ⇒ b² = 576 ⇒ b = 24 सेमी।

प्रश्न 9

कक्षा में यह समझाने के लिए कि 'हर वर्ग एक आयत भी है', सबसे उपयुक्त गतिविधि है:

  1. Aविभिन्न आकृतियों को उनके गुणों की तालिका बनाकर वर्गीकृत करना
  2. Bकेवल परिभाषा रटवाना
  3. Cचतुर्भुजों के नाम सूचीबद्ध कराना
  4. Dकोई गतिविधि आवश्यक नहीं

व्याख्या

गुणों की तालिका से बच्चे स्वयं देख पाते हैं कि वर्ग, आयत की सभी शर्तें (सम्मुख भुजाएँ बराबर-समांतर, सभी कोण 90°) पूरी करता है, जिससे हायरार्की की समझ बनती है।

प्रश्न 10

एक चतुर्भुज में कुल कितने विकर्ण होते हैं?

  1. A2
  2. B4
  3. C1
  4. D3

व्याख्या

n भुजाओं वाले बहुभुज में विकर्णों की संख्या = n(n−3)/2। n=4 के लिए = 4×1/2 = 2।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

REET में चतुर्भुज से कितने प्रश्न आते हैं?+

आमतौर पर 1 प्रश्न इस टॉपिक से पूछा जाता है — गुणों की पहचान या बहुभुज कोण सूत्र पर आधारित; REET 2024 में भी 1 प्रश्न आया था।

चतुर्भुज के अंतःकोणों का योग कितना होता है?+

किसी भी चतुर्भुज के चारों अंतःकोणों का योग सदैव 360° होता है।

समचतुर्भुज और वर्ग में क्या अंतर है?+

समचतुर्भुज की चारों भुजाएँ बराबर होती हैं पर कोण 90° होना जरूरी नहीं; वर्ग में चारों भुजाएँ बराबर होने के साथ सभी कोण भी 90° होते हैं — अतः वर्ग एक विशेष समचतुर्भुज है।

क्या हर वर्ग एक आयत भी होता है?+

हाँ, वर्ग की सभी विशेषताएँ आयत की परिभाषा (सम्मुख भुजाएँ बराबर-समांतर, सभी कोण 90°) को पूरा करती हैं, इसलिए वर्ग एक विशेष प्रकार का आयत भी है।

किसी बहुभुज के बहिष्कोणों का योग कितना होता है?+

भुजाओं की संख्या चाहे जितनी हो, किसी भी उत्तल बहुभुज के सभी बहिष्कोणों का योग सदैव 360° होता है।

पतंगाकार चतुर्भुज (kite) की क्या विशेषता है?+

पतंगाकार चतुर्भुज में दो जोड़ी आसन्न भुजाएँ बराबर होती हैं, और इसके विकर्ण एक-दूसरे को लंबवत काटते हैं, पर दोनों विकर्णों को बराबर भागों में नहीं बाँटते।

n भुजाओं वाले बहुभुज में विकर्णों की संख्या कैसे निकालें?+

सूत्र n(n−3)/2 से निकाली जाती है, जहाँ n भुजाओं की संख्या है — जैसे पंचभुज (n=5) में विकर्ण = 5×2/2 = 5।

समलंब (trapezium) की सबसे पहचानने योग्य विशेषता क्या है?+

समलंब में केवल एक जोड़ी सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं, जबकि समांतर चतुर्भुज में दोनों जोड़ी सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं — यही दोनों में मुख्य अंतर है।

समांतर चतुर्भुज के विकर्ण किस गुण को संतुष्ट करते हैं?+

समांतर चतुर्भुज के दोनों विकर्ण सदैव एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं, अर्थात प्रतिच्छेदन बिंदु दोनों विकर्णों को दो-दो बराबर भागों में बाँटता है।

किस चतुर्भुज के सभी विकर्ण गुण (बराबर, लंबवत, समद्विभाजन) एक साथ पाए जाते हैं?+

वर्ग (square) में ही ये तीनों गुण एक साथ पाए जाते हैं — इसके विकर्ण बराबर होते हैं, एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं, और लंबवत भी काटते हैं।

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बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए