पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन (Surface Area and Volume)
REET गणित में पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन (Surface Area & Volume) के प्रश्न सीधे फॉर्मूला-आधारित होते हैं, पर अक्सर दो ठोस आकृतियों को जोड़ने वाले (जैसे घन से बेलन काटना, गोले पिघलाना) होते हैं। यहाँ घन, घनाभ, बेलन, शंकु और गोले के सभी सूत्र और REET के बार-बार आने वाले पैटर्न दिए गए हैं।
- REET 2024 में 4 प्रश्न
- कक्षा 8-10 स्तर
- 10 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के चारों प्रश्न सीधे एक सूत्र में संख्या रखने से नहीं, बल्कि दो अवधारणाओं को जोड़कर हल होते थे — घन के पृष्ठीय क्षेत्रफल से भुजा निकालकर फिर विकर्ण ज्ञात करना, बराबर आयतन वाले बेलनों की त्रिज्याओं का अनुपात निकालना, घन में से सबसे बड़ा बेलन काटना, और तीन घनों को पिघलाकर नया घन बनाना (आयतन संरक्षण)। यानी फॉर्मूला याद होने के साथ-साथ यह समझना भी ज़रूरी है कि किस स्थिति में कौन-सा सूत्र और कौन-सा तरीका लागू होगा।
घन एवं घनाभ (Cube & Cuboid) के सूत्र
| राशि | घन (भुजा a) | घनाभ (लंबाई l, चौड़ाई b, ऊँचाई h) |
|---|---|---|
| कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA) | 6a² | 2(lb + bh + hl) |
| पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल (LSA) | 4a² | 2h(l + b) |
| आयतन (Volume) | a³ | l × b × h |
| विकर्ण (Diagonal) | a√3 | √(l² + b² + h²) |
बेलन, शंकु, गोला एवं अर्धगोला के सूत्र
| ठोस | वक्र पृष्ठ (CSA) | कुल पृष्ठ (TSA) | आयतन |
|---|---|---|---|
| बेलन (त्रिज्या r, ऊँचाई h) | 2πrh | 2πr(r + h) | πr²h |
| शंकु (त्रिज्या r, ऊँचाई h, तिर्यक ऊँचाई l = √(r² + h²)) | πrl | πr(r + l) | (1/3)πr²h |
| गोला (त्रिज्या r) | 4πr² | 4πr² (कोई समतल आधार नहीं) | (4/3)πr³ |
| अर्धगोला (त्रिज्या r) | 2πr² | 3πr² | (2/3)πr³ |
आयतन संरक्षण (Volume Conservation) वाले प्रश्न
जब किसी ठोस को पिघलाकर या ढालकर दूसरे आकार में बदला जाता है (जैसे घन को गोला बनाना, या कई छोटे घनों को पिघलाकर एक बड़ा घन बनाना), तो कुल आयतन नहीं बदलता — केवल आकार बदलता है। इसी सिद्धांत पर आधारित प्रश्न हल करने के लिए दोनों ठोसों के आयतन को बराबर रखकर समीकरण बनाया जाता है।
उदाहरण: यदि त्रिज्या 3 सेमी और ऊँचाई 4 सेमी वाले एक बेलन को पिघलाकर एक गोला बनाया जाए, तो गोले की त्रिज्या ज्ञात करें। बेलन का आयतन = πr²h = π × 3² × 4 = 36π। गोले का आयतन = (4/3)πR³, अतः (4/3)πR³ = 36π ⇒ R³ = 27 ⇒ R = 3 सेमी।
घन में से बना सबसे बड़ा ठोस, और बराबर आयतन का नियम
- a भुजा वाले घन में से काटा गया सबसे बड़ा बेलन
- त्रिज्या = a/2, ऊँचाई = a
- a भुजा वाले घन में समाया सबसे बड़ा गोला
- त्रिज्या = a/2
- बराबर आयतन वाले दो बेलन (त्रिज्या r₁, r₂ और ऊँचाई h₁, h₂)
- r₁²h₁ = r₂²h₂
- शंकु व अर्धगोले से बनी संयुक्त आकृति (जैसे आइसक्रीम कोन) का कुल पृष्ठ
- CSA(शंकु) + CSA(अर्धगोला) = πrl + 2πr²
इकाई (Unit) रूपांतरण की सावधानी
पृष्ठीय क्षेत्रफल व आयतन के प्रश्नों में अक्सर लंबाई मीटर में और चौड़ाई-ऊँचाई सेंटीमीटर में दी जाती है, या इसके उलट। सूत्र में मान रखने से पहले सभी माप एक ही इकाई में बदलना अनिवार्य है, वरना उत्तर पूरी तरह गलत आएगा।
व्यावहारिक प्रश्नों में एक और ज़रूरी रूपांतरण याद रखें: 1 लीटर = 1,000 घन सेंटीमीटर (सेमी³)। पानी की टंकी या बर्तन की क्षमता (लीटर में) निकालने वाले प्रश्नों में आयतन को पहले घन सेंटीमीटर में निकालकर फिर 1,000 से भाग दिया जाता है।
संयुक्त ठोस (Combination of Solids) पर आधारित प्रश्न
REET व अन्य परीक्षाओं में कभी-कभी दो ठोसों को जोड़कर बनी आकृति (जैसे शंकु पर अर्धगोला रखकर बना आइसक्रीम का आकार, या बेलन पर अर्धगोले वाली गोली/टैबलेट का आकार) का पृष्ठीय क्षेत्रफल या आयतन पूछा जाता है। ऐसे प्रश्नों में हर ठोस के केवल दिखने वाले (बाहरी) पृष्ठ को जोड़ा जाता है — जो सतह दूसरे ठोस से जुड़कर छिप गई हो, उसे नहीं गिना जाता।
उदाहरण: 3.5 सेमी त्रिज्या वाले एक बेलन के दोनों सिरों पर 3.5 सेमी त्रिज्या के ही अर्धगोले जुड़े हैं, और बेलन की ऊँचाई 6 सेमी है। ऐसी 'कैप्सूल' आकृति का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का वक्र पृष्ठ + दोनों अर्धगोलों के वक्र पृष्ठ (बेलन के दोनों सिरे के समतल भाग नहीं जुड़ेंगे, क्योंकि वे अर्धगोलों से ढक गए हैं)। इसी तरह आयतन में तीनों भागों (बेलन + दोनों अर्धगोले) के आयतन सीधे जोड़ दिए जाते हैं, क्योंकि यह ठोस भाग है, सतह नहीं।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
बच्चों से घर से घनाभ (माचिस की डिब्बी), बेलन (टिन का डिब्बा) और गोला (गेंद) जैसी वस्तुएँ लाने को कहें, उन्हें मापकर पृष्ठीय क्षेत्रफल व आयतन निकलवाएँ, फिर कागज़ से नेट (unfolded net) बनवाकर सतहों को गिनवाएँ। समूह में बाँटकर हर समूह को अलग ठोस देकर परिणामों की कक्षा में तुलना कराई जा सकती है।
शिक्षण सहायक सामग्री
ठोस आकृतियों के कागज़ के मॉडल और नेट, तथा पानी से भरकर एक बर्तन से दूसरे में डालने का प्रयोग ताकि बच्चे देख सकें कि आकार बदलने पर आयतन (मात्रा) नहीं बदलता। रेत या दाल भरकर भी यही प्रदर्शन कराया जा सकता है।
सामान्य भ्रांति
विद्यार्थी अक्सर पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन के सूत्र आपस में बदल देते हैं (जैसे बेलन का आयतन 2πrh लिख देना), और 'वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल' तथा 'कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल' को एक ही समझ लेते हैं। कुछ बच्चे अलग-अलग इकाइयों (मीटर, सेंटीमीटर) को बिना बदले सीधे सूत्र में रख देते हैं।
मूल्यांकन विचार
किसी वास्तविक पानी की बोतल का व्यास व ऊँचाई मापकर उसका आयतन निकलवाएँ और बोतल पर लिखी वास्तविक क्षमता (मिली लीटर) से तुलना कराएँ — इससे गणना और वास्तविकता के बीच का अंतर भी समझ में आता है।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
गोला ही एकमात्र ऐसा ठोस है जिसका वक्र पृष्ठ और कुल पृष्ठ बराबर (4πr²) होता है, क्योंकि उसका कोई समतल आधार नहीं होता — जबकि बेलन, शंकु और अर्धगोले में TSA निकालते समय आधार का क्षेत्रफल अलग से जोड़ना पड़ता है। संयुक्त ठोसों में यह भी याद रखें कि पृष्ठीय क्षेत्रफल में जुड़ने वाला भाग नहीं जुड़ता, पर आयतन में हर भाग का पूरा आयतन गिना जाता है — यह फर्क अक्सर परीक्षा में भ्रम पैदा करता है।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 111
यदि किसी घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल 600 वर्ग सेमी है, तो उसके विकर्ण की लम्बाई होगी :
- A3√10 सेमी
- B10√3 सेमी
- C10√2 सेमी
- D10 सेमी
व्याख्या
घन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6a²। 6a² = 600 से a² = 100, अतः a = 10 सेमी। घन का विकर्ण = a√3 = 10√3 सेमी। 10√2 सेमी तो एक फलक (face) का विकर्ण होता है।
प्रश्न 116
यदि दो बराबर आयतन वाले बेलनों की ऊँचाइयों का अनुपात 1 : 3 हो, तो इनकी त्रिज्याओं का अनुपात होगा :
- A1 : 3
- B√3 : 1
- C1 : √2
- D√5 : 2
व्याख्या
बेलन का आयतन = πr²h। आयतन बराबर होने पर πr₁²h₁ = πr₂²h₂, अतः r₁²/r₂² = h₂/h₁ = 3/1। इसलिए r₁ : r₂ = √3 : 1। ऊँचाई कम होने पर समान आयतन के लिए त्रिज्या अधिक होनी चाहिए।
प्रश्न 102
किसी 8 सेमी भुजा वाले घन से काटकर बनाएें जा सकने वाले बड़े से बड़े बेलन के वक्रपृष्ट का क्षेत्रफल होगा
- A32π सेमी²
- B64π सेमी²
- C128π सेमी²
- D16π सेमी²
व्याख्या
8 सेमी भुजा वाले घन से काटे गए सबसे बड़े बेलन का व्यास = 8 सेमी (त्रिज्या r = 4 सेमी) और ऊँचाई h = 8 सेमी होगी। वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल = 2πrh = 2 × π × 4 × 8 = 64π सेमी²। 128π पाने के लिए त्रिज्या 8 मान लेना गलती है।
प्रश्न 117
3 सेमी, 4 सेमी, 5 सेमी घनों को पिघला कर बनाए गए घन की भुजा होगी
- A12 सेमी
- B6 सेमी
- C216 सेमी
- D50 सेमी
व्याख्या
पिघलाकर नया घन बनाने पर कुल आयतन समान रहता है: 3³ + 4³ + 5³ = 27 + 64 + 125 = 216 सेमी³। नए घन की भुजा = ∛216 = 6 सेमी। 216 आयतन है, भुजा नहीं; 12 सेमी भुजाओं का योग है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
किसी घन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 294 वर्ग सेमी है। उसकी भुजा ज्ञात करें।
- A6 सेमी
- B7 सेमी
- C8 सेमी
- D9 सेमी
व्याख्या
6a² = 294 ⇒ a² = 49 ⇒ a = 7 सेमी।
प्रश्न 2
एक घनाभ की लंबाई 10 सेमी, चौड़ाई 5 सेमी और ऊँचाई 4 सेमी है। उसका आयतन ज्ञात करें।
- A150 सेमी³
- B200 सेमी³
- C180 सेमी³
- D220 सेमी³
व्याख्या
आयतन = l × b × h = 10 × 5 × 4 = 200 सेमी³।
प्रश्न 3
7 सेमी त्रिज्या और 10 सेमी ऊँचाई वाले बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करें (π = 22/7 लें)।
- A440 सेमी²
- B220 सेमी²
- C400 सेमी²
- D880 सेमी²
व्याख्या
CSA = 2πrh = 2 × 22/7 × 7 × 10 = 440 सेमी²।
प्रश्न 4
6 सेमी त्रिज्या और 7 सेमी ऊँचाई वाले एक शंकु का आयतन ज्ञात करें (π = 22/7 लें)।
- A264 सेमी³
- B252 सेमी³
- C308 सेमी³
- D176 सेमी³
व्याख्या
आयतन = (1/3)πr²h = (1/3) × 22/7 × 36 × 7 = (1/3) × 22 × 36 = 264 सेमी³।
प्रश्न 5
किसी घन का आयतन 125 सेमी³ है। उसके विकर्ण की लंबाई ज्ञात करें।
- A5√3 सेमी
- B5√2 सेमी
- C25 सेमी
- D15 सेमी
व्याख्या
a³ = 125 ⇒ a = 5 सेमी। विकर्ण = a√3 = 5√3 सेमी।
प्रश्न 6
6 सेमी, 8 सेमी और 10 सेमी भुजा वाले तीन घनों को पिघलाकर एक नया घन बनाया जाता है। नए घन की भुजा ज्ञात करें।
- A12 सेमी
- B24 सेमी
- C18 सेमी
- D1728 सेमी
व्याख्या
कुल आयतन = 6³ + 8³ + 10³ = 216 + 512 + 1000 = 1728 सेमी³। नए घन की भुजा = ∛1728 = 12 सेमी।
प्रश्न 7
14 सेमी भुजा वाले घन में से काटे जा सकने वाले सबसे बड़े बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करें (π = 22/7 लें)।
- A616 सेमी²
- B308 सेमी²
- C1232 सेमी²
- D196 सेमी²
व्याख्या
सबसे बड़े बेलन की त्रिज्या = 14/2 = 7 सेमी और ऊँचाई = 14 सेमी। CSA = 2πrh = 2 × 22/7 × 7 × 14 = 616 सेमी²।
प्रश्न 8
दो बराबर आयतन वाले बेलनों की त्रिज्याओं का अनुपात 2:1 है। उनकी ऊँचाइयों का अनुपात ज्ञात करें।
- A1:4
- B4:1
- C1:2
- D2:1
व्याख्या
आयतन बराबर होने पर r₁²h₁ = r₂²h₂। अतः h₁/h₂ = r₂²/r₁² = 1²/2² = 1/4, यानी h₁:h₂ = 1:4।
प्रश्न 9
किस ठोस में वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA) बराबर होते हैं?
- Aबेलन
- Bशंकु
- Cगोला
- Dघनाभ
व्याख्या
गोले का कोई समतल आधार नहीं होता, इसलिए उसका संपूर्ण पृष्ठ ही वक्र पृष्ठ है — CSA = TSA = 4πr²।
प्रश्न 10
छात्रों को 'आयतन संरक्षण' (आकार बदलने पर आयतन नहीं बदलता) की अवधारणा स्पष्ट कराने के लिए सबसे उपयुक्त गतिविधि है:
- Aसूत्र बोर्ड पर लिखकर याद कराना
- Bएक निश्चित मात्रा का पानी अलग-अलग आकार के बर्तनों में डालकर दिखाना कि आयतन (मात्रा) समान रहता है
- Cकेवल पाठ्यपुस्तक के उदाहरण हल कराना
- Dविषय को छोड़ देना
व्याख्या
प्रत्यक्ष प्रयोग द्वारा बच्चे स्वयं देख पाते हैं कि आकार बदलने पर भी मात्रा (आयतन) समान रहती है, जो अमूर्त सूत्र रटने से कहीं अधिक स्थायी समझ देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET में पृष्ठीय क्षेत्रफल व आयतन से कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से 4 प्रश्न पूछे गए थे। ये संख्यात्मक (numerical) प्रश्न होते हैं, इसलिए सूत्र याद रखने के साथ-साथ नियमित गणना अभ्यास भी ज़रूरी है।
शंकु की तिर्यक ऊँचाई (slant height) कैसे निकालें?+
शंकु की तिर्यक ऊँचाई l = √(r² + h²) से निकाली जाती है, जहाँ r त्रिज्या और h शंकु की ऊँचाई है — यह पाइथागोरस प्रमेय पर आधारित है और शंकु के TSA व CSA दोनों सूत्रों में प्रयोग होती है।
गोले और अर्धगोले के पृष्ठीय क्षेत्रफल में क्या अंतर है?+
गोले का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 4πr² होता है, जबकि अर्धगोले का वक्र पृष्ठ 2πr² और कुल पृष्ठ (आधार सहित) 3πr² होता है — अंतर आधार वृत्त के क्षेत्रफल πr² का ही है।
दो ठोसों को पिघलाकर तीसरा ठोस बनाने पर क्या नहीं बदलता?+
पिघलाकर आकार बदलने पर कुल आयतन नहीं बदलता — यही आयतन संरक्षण का सिद्धांत है, और इसी पर आधारित समीकरण बनाकर (दोनों ठोसों के आयतन बराबर रखकर) ऐसे प्रश्न हल किए जाते हैं।
संयुक्त ठोस (जैसे शंकु + अर्धगोला) का पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालते समय क्या ध्यान रखें?+
जो सतह दूसरे ठोस से जुड़कर छिप गई हो (जैसे शंकु का आधार जो अर्धगोले से जुड़ा है), उसे कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल में नहीं गिना जाता — केवल बाहर से दिखने वाली सतहें ही जोड़ी जाती हैं, जबकि आयतन में दोनों भागों के आयतन सीधे जोड़ दिए जाते हैं।
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बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए