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REET L1+L2 · गणित

गणित में मूल्यांकन (Evaluation in Mathematics): उद्देश्य, परीक्षण के गुण एवं ब्लूप्रिंट

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इस पेज में मापन और मूल्यांकन का अंतर, ब्लूम का मूल्यांकन त्रिकोण, शिक्षण उद्देश्य व उनकी कार्यसूचक क्रियाएँ, अच्छे परीक्षण के गुण और ब्लूप्रिंट की पूरी बात परीक्षा की दृष्टि से दी गई है। REET 2024 में गणित शिक्षाशास्त्र के इस टॉपिक से 8 प्रश्न आए, इसलिए इसे पक्का करना सीधे अंक दिलाता है।

  • REET 2024 में 8 प्रश्न
  • शिक्षक-प्रशिक्षण स्तर
  • 7 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: CBSE — सतत एवं व्यापक मूल्यांकन मैनुअल, अध्याय 1

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के 8 प्रश्न तीन तरह के थे: (1) परीक्षण के गुण — 'मेधावी और कमजोर में भेद' = विभेदकारिता, 'जिस उद्देश्य के लिए बना उसी को मापे' = वैधता, 'अलग-अलग परीक्षकों से वही 52 अंक' = विश्वसनीयता/वस्तुनिष्ठता (उत्तर कुंजी में दोनों मान्य); (2) शिक्षण उद्देश्य — 'प्रत्यास्मरण व प्रत्याभिज्ञान' = ज्ञान, 'पूर्व कथन करना' = ज्ञानोपयोग; (3) परिभाषा व अवधारणा — क्लार्क एवं स्टार की परिभाषा, ब्लूम का मूल्यांकन त्रिकोण और ब्लूप्रिंट = प्रश्न पत्र निर्माण की आधारशिला। यानी पहचान वाले प्रश्न आते हैं; शब्दों के संकेत पकड़ना सबसे ज़रूरी है।

मापन, आकलन और मूल्यांकन

मापन (Measurement) किसी गुण या उपलब्धि को संख्या देना है — जैसे 'रीना को 50 में से 42 अंक मिले'। यह केवल मात्रात्मक होता है। किसी मात्रा को संख्यात्मक सूचकांक देने की प्रक्रिया मापन ही कहलाती है।

मूल्यांकन (Evaluation) मापन से आगे जाता है। इसमें मात्रात्मक (अंक) और गुणात्मक (अवलोकन, व्यवहार) दोनों सूचनाएँ लेकर उन पर मूल्य-निर्णय दिया जाता है — जैसे 'रीना भिन्नों की अवधारणा समझ चुकी है, पर शाब्दिक प्रश्नों में कठिनाई है'। सरल सूत्र: मूल्यांकन = मापन (मात्रात्मक) + गुणात्मक विवरण + मूल्य-निर्णय।

REET 2024 में पूछी गई क्लार्क एवं स्टार की परिभाषा के अनुसार, मूल्यांकन वह निर्णय या व्याख्या है जो किसी छात्र के विषय में प्राप्त सूचनाओं के आधार पर दी जाती है। मूल्यांकन सतत प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य केवल पास-फेल करना नहीं, बल्कि सीखने और सिखाने दोनों को सुधारना है।

ब्लूम का मूल्यांकन त्रिकोण

प्रतिपादक
बेंजामिन एस. ब्लूम — मूल्यांकन प्रक्रिया को त्रिकोणात्मक रूप में दर्शाया (REET 2024)
पहला कोना
शैक्षिक उद्देश्य (Educational Objectives) — क्या सिखाना है
दूसरा कोना
अधिगम अनुभव (Learning Experiences) — कैसे सिखाना है
तीसरा कोना
व्यवहार परिवर्तन / मूल्यांकन (Evaluation) — कितना सीखा
मुख्य संदेश
तीनों परस्पर जुड़े हैं: मूल्यांकन के परिणाम से उद्देश्य और शिक्षण विधि दोनों में सुधार होता है

शिक्षण उद्देश्य और कार्यसूचक क्रियाएँ (गणित)

उद्देश्यकार्यसूचक क्रियाएँ (Action Verbs)गणित का उदाहरण
ज्ञान (Knowledge)प्रत्यास्मरण (याद करना), प्रत्यभिज्ञान (पहचानना)वृत्त के क्षेत्रफल का सूत्र लिखो
अवबोध / बोध (Understanding)उदाहरण देना, तुलना करना, भेद करना, वर्गीकरण, त्रुटि पहचानना, संबंध देखनासम और विषम संख्याओं को छाँटो
ज्ञानोपयोग (Application)विश्लेषण करना, कारण बताना, परिकल्पना बनाना, निष्कर्ष निकालना, पूर्व कथन (भविष्यवाणी) करनायदि भुजा दुगुनी हो तो क्षेत्रफल कितना होगा — पहले से बताओ
कौशल (Skill)शुद्ध व तेज़ गणना, रचना करना, चित्र/आलेख बनाना, मापनापरकार से 60° का कोण बनाओ
अभिवृत्ति व रुचिस्वयं पहेलियाँ हल करना, गणित क्लब में भाग लेनागणित प्रश्नोत्तरी में स्वेच्छा से भाग लेना

ब्लूम (1956) के संज्ञानात्मक पक्ष के 6 स्तर: ज्ञान → बोध → अनुप्रयोग → विश्लेषण → संश्लेषण → मूल्यांकन। संशोधित रूप (एंडरसन व क्रैथवोल, 2001): स्मरण → समझ → अनुप्रयोग → विश्लेषण → मूल्यांकन → सृजन।

अच्छे परीक्षण के गुण

गुणअर्थपहचान का संकेत
वैधता (Validity)परीक्षण वही मापे जिसके लिए बना है'उसी उद्देश्य का मापन'
विश्वसनीयता (Reliability)बार-बार प्रयोग पर परिणाम में संगति'दोबारा देने पर भी लगभग वही अंक'
वस्तुनिष्ठता (Objectivity)जाँचने वाले की पसंद-नापसंद का असर न पड़े'अलग-अलग परीक्षक, वही अंक'
विभेदकारिता (Discrimination)मेधावी, औसत और कमजोर विद्यार्थियों में भेद कर सके'तेज़ और पिछड़े में अंतर'
व्यावहारिकता / साध्यता (Practicability)समय, खर्च, प्रशासन और जाँच में सरल'कम समय व खर्च'
व्यापकता (Comprehensiveness)पूरी विषय-वस्तु और सभी उद्देश्यों को समेटे'पूरा पाठ्यक्रम'

याद रखें: हर वैध परीक्षण विश्वसनीय होता है, पर हर विश्वसनीय परीक्षण वैध हो यह ज़रूरी नहीं। वस्तुनिष्ठता विश्वसनीयता को बढ़ाती है।

मूल्यांकन के प्रकार और ब्लूप्रिंट

समय और उद्देश्य के आधार पर मूल्यांकन चार तरह का होता है। स्थापन (Placement) मूल्यांकन शिक्षण शुरू होने से पहले पूर्व ज्ञान जानने के लिए; रचनात्मक (Formative) शिक्षण के दौरान सुधार के लिए; निदानात्मक (Diagnostic) बार-बार होने वाली कठिनाई के कारण खोजने के लिए, जिसके बाद उपचारात्मक शिक्षण होता है; और योगात्मक (Summative) इकाई या सत्र के अंत में उपलब्धि जानने के लिए। रचनात्मक और योगात्मक शब्द माइकल स्क्रिवेन (1967) ने दिए।

गणित में केवल लिखित परीक्षा काफी नहीं है। मौखिक प्रश्न (मानसिक गणित), अवलोकन (बच्चा गिनतारा कैसे चलाता है), प्रायोगिक कार्य (मापना, रचना), परियोजना (कक्षा का बजट बनाना), पोर्टफोलियो और स्व-आकलन भी गणित मूल्यांकन के साधन हैं।

उपलब्धि परीक्षण बनाने का क्रम: (1) शिक्षण उद्देश्यों की पहचान और प्रश्न पत्र की योजना/प्रारूप (Design) — उद्देश्यों, इकाइयों, प्रश्न प्रकारों व कठिनाई स्तर का भारांक (weightage) तय करना; (2) ब्लूप्रिंट (नील पत्र) बनाना; (3) ब्लूप्रिंट के अनुसार प्रश्न लिखना; (4) प्रश्नवार विश्लेषण; (5) अंक योजना और उत्तर संकेत तैयार करना।

ब्लूप्रिंट एक त्रिविमीय (three-dimensional) तालिका है, जिसमें एक ओर उद्देश्य (ज्ञान, अवबोध, ज्ञानोपयोग, कौशल), दूसरी ओर विषय-वस्तु की इकाइयाँ और खानों के भीतर प्रश्नों के प्रकार (वस्तुनिष्ठ, अतिलघु, लघु, निबंधात्मक) व अंक दिखाए जाते हैं। इसी कारण ब्लूप्रिंट को प्रश्न पत्र निर्माण की आधारशिला कहा जाता है — इससे पेपर संतुलित, वैध और व्यापक बनता है।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ और जाँचें

गतिविधि: तीन स्तर का प्रश्न सेट (कक्षा 4–5)

भिन्न पढ़ाने के बाद तीन प्रश्न दें — (i) 1/2 को पहचानो (ज्ञान), (ii) 1/2 और 1/4 में बड़ा कौन, चित्र से बताओ (अवबोध), (iii) रोटी के 8 टुकड़ों में से 3 खा लिए, कितना बचा (ज्ञानोपयोग)। इससे पता चलता है कि बच्चा किस स्तर पर अटका है।

गतिविधि: छोटा ब्लूप्रिंट (कक्षा 6–8)

'पूर्णांक' इकाई की 20 अंक की जाँच के लिए उद्देश्य × उप-इकाई की छोटी तालिका बनाएँ। फिर देखें कि कहीं सारे प्रश्न सिर्फ़ ज्ञान स्तर के तो नहीं — यही संतुलन वैधता बढ़ाता है।

साधन

अवलोकन सूची (checklist), रेटिंग स्केल, रूब्रिक (हल के चरणों पर अंक), पोर्टफोलियो, इकाई परीक्षण, निदानात्मक परीक्षण।

आम भ्रांतियाँ

'केवल अंतिम उत्तर देखना ही मूल्यांकन है', 'मापन और मूल्यांकन एक ही हैं', 'कठिन पेपर ही अच्छा पेपर है' — अच्छा पेपर वह है जो वैध, विश्वसनीय और विभेदकारी हो।

त्रुटि विश्लेषण

बच्चा 23 − 17 = 14 लिखता है तो उत्तर काटने के बजाय पैटर्न देखें — वह हर स्थान पर बड़ी संख्या में से छोटी घटा रहा है (उधार की अवधारणा स्पष्ट नहीं)। यही निदान उपचारात्मक शिक्षण का आधार है।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

संकेत शब्द पकड़ें: 'उसी उद्देश्य को मापे' → वैधता; 'बार-बार वही परिणाम' → विश्वसनीयता; 'परीक्षक बदलने पर भी वही अंक' → वस्तुनिष्ठता; 'तेज़ और कमजोर में भेद' → विभेदकारिता; 'याद करना/पहचानना' → ज्ञान; 'भविष्यवाणी/पूर्व कथन, निष्कर्ष, परिकल्पना' → ज्ञानोपयोग। ब्लूम का त्रिकोण याद रखें: उद्देश्य – अनुभव – मूल्यांकन।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 92

प्रत्यास्मरण तथा प्रत्याभिज्ञान का विकास निम्न में से किस शिक्षण उद्देश्य में किया जाता है ?

  1. Aविश्लेषण
  2. Bबोध
  3. Cसंश्लेषण
  4. Dज्ञान

व्याख्या

ब्लूम के वर्गीकरण (Bloom's Taxonomy) में 'ज्ञान' (Knowledge) सबसे निचला स्तर है, जिसमें तथ्यों, परिभाषाओं आदि का प्रत्यास्मरण (recall) और प्रत्याभिज्ञान (recognition) विकसित किया जाता है। 'बोध' (Understanding) में अर्थ समझना, अनुवाद व व्याख्या करना आता है, जबकि विश्लेषण व संश्लेषण उच्च स्तर के उद्देश्य हैं।

प्रश्न 108

एक परीक्षण का वह गुण जिसके द्वारा मेधावी, कमजोर तथा पिछड़े हुए विद्यार्थियों के बीच काफी सीमा तक भेद किया जा सके, कहलाता है

  1. Aवैधता
  2. Bविभेदकारिता
  3. Cविश्वसनीयता
  4. Dस्पष्टता

व्याख्या

परीक्षण का वह गुण जिससे मेधावी, सामान्य और कमजोर विद्यार्थियों में अंतर किया जा सके, विभेदकारिता (Discrimination) कहलाता है। वैधता का अर्थ है परीक्षण वही मापे जिसके लिए बना है, और विश्वसनीयता का अर्थ है बार-बार प्रयोग पर परिणामों की संगति।

प्रश्न 111

मूल्यांकन प्रक्रिया को त्रिकोणात्मक रूप से किसके द्वारा प्रदर्शित किया गया है ?

  1. Aआई. के. डेविस
  2. Bडॉ. ब्लूम
  3. Cस्किनर
  4. Dरॉस

व्याख्या

मूल्यांकन प्रक्रिया को त्रिभुज (त्रिकोण) के रूप में डॉ. बी. एस. ब्लूम ने प्रदर्शित किया। इस त्रिभुज के तीन कोने हैं — शैक्षिक उद्देश्य, अधिगम अनुभव (शिक्षण) और मूल्यांकन (व्यवहार परिवर्तन), जो परस्पर एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं।

प्रश्न 100

“मूल्यांकन वह निर्णय या व्याख्या है जिसको किसी छात्र के विषय में प्राप्त सूचनाओं के आधार पर दिया जाता है ।” यह कथन किसने कहा ?

  1. Aक्लार्क एवं स्टार
  2. Bजेम्स एम. ली
  3. Cक्विलन व हन्ना
  4. Dस्टीवेन्सन

व्याख्या

यह परिभाषा मूल्यांकन को छात्र के कार्य के बारे में उपलब्ध सूचनाओं से निकाला गया निर्णय या व्याख्या (judgement or interpretation) बताती है, अर्थात मूल्यांकन केवल अंक देना नहीं बल्कि सूचनाओं के आधार पर निर्णय लेना है। BSER की अंतिम उत्तर कुंजी में यह परिभाषा क्लार्क एवं स्टार (Clark and Starr) की मानी गई है, अतः उत्तर (A) है।

प्रश्न 104

‘पूर्व कथन करना’, कार्य सूचक क्रिया किस उद्देश्य से संबंधित है ?

  1. Aविश्लेषण
  2. Bज्ञानोपयोग
  3. Cज्ञान
  4. Dसृजनात्मक

व्याख्या

शैक्षिक उद्देश्यों के व्यवहारगत स्पष्टीकरण में ज्ञानोपयोग (Application) उद्देश्य के अंतर्गत छात्र नई परिस्थिति में ज्ञान का प्रयोग करता है – जैसे समस्या हल करना, कारण बताना और परिणाम का पूर्व कथन करना (predict)। ज्ञान उद्देश्य में केवल स्मरण व पहचान जैसी क्रियाएँ आती हैं। इसलिए 'पूर्व कथन करना' ज्ञानोपयोग से संबंधित है।

प्रश्न 106

यदि एक परीक्षण उस उद्देश्य का मापन करे जिसकी पूर्ति हेतु उसकी रचना की गई है तो उसमें निहित है :

  1. Aविश्वसनीयता
  2. Bवैधता
  3. Cवस्तुनिष्ठता
  4. Dविभेदकारिता

व्याख्या

जो परीक्षण वही मापता है जिसे मापने के लिए उसे बनाया गया है, वह वैध (valid) कहलाता है – यही वैधता (Validity) है। विश्वसनीयता (Reliability) का अर्थ है बार-बार प्रयोग पर परिणामों में स्थिरता, और वस्तुनिष्ठता का अर्थ है जाँचकर्ता के व्यक्तिगत प्रभाव से मुक्त अंकन।

प्रश्न 99एक से अधिक उत्तर मान्य

यदि एक विद्यार्थी अलग-अलग परीक्षकों से गणित के परीक्षण में 100 में से 52 अंक प्राप्त करता है, यह परीक्षण की कौन-सी विशेषता दर्शाता है ?

  1. Aवैधता
  2. Bविश्वसनीयता
  3. Cसाध्यता
  4. Dवस्तुनिष्ठता

व्याख्या

BSER की अंतिम उत्तर कुंजी में (B) और (D) दोनों स्वीकार किए गए हैं। अलग-अलग परीक्षकों द्वारा जाँचने पर भी समान अंक (52) मिलना यह दिखाता है कि अंकन परीक्षक की व्यक्तिगत राय से प्रभावित नहीं है — यह वस्तुनिष्ठता (objectivity) है। साथ ही, परीक्षकों के बीच अंकों की संगति (inter-scorer consistency) विश्वसनीयता (reliability) का भी संकेत है, इसलिए दोनों विकल्प मान्य हैं। वैधता (validity) का संबंध इस बात से है कि परीक्षण वही मापे जो उसे मापना है।

प्रश्न 101

गणित शिक्षण में मूल्यांकन में “ब्लूप्रिंट” है

  1. Aविद्यालय की आधारशिला
  2. Bप्रश्न पत्र निर्माण की आधारशिला
  3. Cशिक्षण की आधारशिला
  4. Dछात्रों की आधारशिला

व्याख्या

ब्लूप्रिंट (blueprint) प्रश्न पत्र का खाका होता है, जिसमें उद्देश्यों, विषयवस्तु (इकाइयों), प्रश्नों के प्रकार और अंकों का भार तालिका के रूप में तय किया जाता है। इसी के आधार पर संतुलित प्रश्न पत्र बनाया जाता है, इसलिए इसे प्रश्न पत्र निर्माण की आधारशिला कहा जाता है।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

किसी गुण को संख्यात्मक रूप में व्यक्त करने की प्रक्रिया कहलाती है

  1. Aमूल्यांकन
  2. Bमापन
  3. Cनिदान
  4. Dग्रेडिंग

व्याख्या

मापन केवल मात्रात्मक होता है और गुण को संख्या देता है। मूल्यांकन उस संख्या तथा अन्य सूचनाओं पर मूल्य-निर्णय देता है।

प्रश्न 2

ब्लूम के मूल्यांकन त्रिकोण में कौन-सा बिंदु शामिल नहीं है?

  1. Aशैक्षिक उद्देश्य
  2. Bअधिगम अनुभव
  3. Cव्यवहार परिवर्तन
  4. Dविद्यालय भवन

व्याख्या

ब्लूम के त्रिकोण के तीन कोने शैक्षिक उद्देश्य, अधिगम अनुभव और व्यवहार परिवर्तन (मूल्यांकन) हैं। विद्यालय भवन इसका भाग नहीं है।

प्रश्न 3

एक गणित परीक्षण एक ही कक्षा को दो सप्ताह के अंतर पर दिया गया और दोनों बार विद्यार्थियों का क्रम लगभग समान रहा। यह परीक्षण के किस गुण को दर्शाता है?

  1. Aवैधता
  2. Bविश्वसनीयता
  3. Cव्यापकता
  4. Dविभेदकारिता

व्याख्या

बार-बार प्रयोग करने पर परिणामों में संगति रहना विश्वसनीयता है। वैधता का अर्थ है कि परीक्षण वही मापे जिसके लिए बना है।

प्रश्न 4

'छात्र दो त्रिभुजों की तुलना कर उनमें अंतर बताता है।' यह किस शिक्षण उद्देश्य की कार्यसूचक क्रिया है?

  1. Aज्ञान
  2. Bअवबोध
  3. Cकौशल
  4. Dरुचि

व्याख्या

तुलना करना, भेद करना और वर्गीकरण करना अवबोध (बोध) की कार्यसूचक क्रियाएँ हैं। ज्ञान में केवल याद करना और पहचानना आता है।

प्रश्न 5

ब्लूप्रिंट बनाने से पहले कौन-सा कार्य किया जाता है?

  1. Aप्रश्नवार विश्लेषण
  2. Bअंक योजना बनाना
  3. Cउद्देश्यों व इकाइयों का भारांक तय करना (प्रारूप)
  4. Dप्रश्न लिखना

व्याख्या

पहले प्रश्न पत्र का प्रारूप (design) बनता है जिसमें भारांक तय होता है; उसके आधार पर ब्लूप्रिंट, फिर प्रश्न लेखन, प्रश्नवार विश्लेषण और अंक योजना बनती है।

प्रश्न 6

'रचनात्मक' (Formative) और 'योगात्मक' (Summative) मूल्यांकन शब्द किसने दिए?

  1. Aबी. एस. ब्लूम
  2. Bमाइकल स्क्रिवेन
  3. Cराल्फ टायलर
  4. Dरॉबर्ट गैग्ने

व्याख्या

माइकल स्क्रिवेन ने 1967 में रचनात्मक और योगात्मक मूल्यांकन शब्दों का प्रयोग किया। ब्लूम मूल्यांकन त्रिकोण और उद्देश्यों के वर्गीकरण के लिए जाने जाते हैं।

प्रश्न 7

कक्षा 5 के कई बच्चे बार-बार 0.5 + 0.25 = 0.30 लिख रहे हैं। शिक्षक को सबसे पहले क्या करना चाहिए?

  1. Aयोगात्मक परीक्षा लेना
  2. Bनिदानात्मक परीक्षण से त्रुटि का कारण जानना
  3. Cबच्चों को कम अंक देकर सावधान करना
  4. Dअगला पाठ शुरू करना

व्याख्या

बार-बार होने वाली एक जैसी त्रुटि का कारण (यहाँ स्थानीय मान की समझ) निदानात्मक परीक्षण से पता चलता है, जिसके बाद उपचारात्मक शिक्षण किया जाता है।

प्रश्न 8

ब्लूप्रिंट के तीन आयाम कौन-से हैं?

  1. Aउद्देश्य, विषय-वस्तु, प्रश्नों के प्रकार
  2. Bशिक्षक, छात्र, अभिभावक
  3. Cसमय, स्थान, भवन
  4. Dपाठ्यपुस्तक, गाइड, नोट्स

व्याख्या

ब्लूप्रिंट एक त्रिविमीय तालिका है जिसमें शिक्षण उद्देश्य, विषय-वस्तु की इकाइयाँ और प्रश्नों के प्रकार के अनुसार अंक बाँटे जाते हैं।

प्रश्न 9

संशोधित ब्लूम वर्गीकरण (2001) में सबसे ऊँचा संज्ञानात्मक स्तर कौन-सा है?

  1. Aमूल्यांकन
  2. Bसंश्लेषण
  3. Cसृजन
  4. Dविश्लेषण

व्याख्या

संशोधित वर्गीकरण में क्रम है — स्मरण, समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण, मूल्यांकन, सृजन। मूल 1956 वाले क्रम में मूल्यांकन सबसे ऊपर था।

प्रश्न 10

एक परीक्षण में सभी प्रश्न इतने आसान हैं कि लगभग हर विद्यार्थी को पूरे अंक मिलते हैं। इस परीक्षण में किस गुण की सबसे अधिक कमी है?

  1. Aवस्तुनिष्ठता
  2. Bव्यावहारिकता
  3. Cविभेदकारिता
  4. Dविश्वसनीयता

व्याख्या

जब सभी को एक जैसे अंक मिलें तो परीक्षण मेधावी और कमजोर विद्यार्थियों में भेद नहीं कर पाता, यानी उसमें विभेदकारिता नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मापन और मूल्यांकन में क्या अंतर है?+

मापन केवल मात्रात्मक है — गुण को संख्या देना। मूल्यांकन में मात्रात्मक व गुणात्मक दोनों सूचनाओं के आधार पर मूल्य-निर्णय दिया जाता है, इसलिए यह मापन से व्यापक है।

मूल्यांकन त्रिकोण किसने दिया?+

बी. एस. ब्लूम ने। इसके तीन कोने हैं — शैक्षिक उद्देश्य, अधिगम अनुभव और व्यवहार परिवर्तन (मूल्यांकन)।

ब्लूप्रिंट क्या है?+

ब्लूप्रिंट प्रश्न पत्र की त्रिविमीय योजना-तालिका है जिसमें उद्देश्य, विषय-वस्तु और प्रश्नों के प्रकार के अनुसार अंकों का बँटवारा होता है। इसे प्रश्न पत्र निर्माण की आधारशिला कहते हैं।

'पूर्व कथन करना' किस उद्देश्य की कार्यसूचक क्रिया है?+

ज्ञानोपयोग (Application) की। REET 2024 की उत्तर कुंजी में भी यही उत्तर था।

गणित में मूल्यांकन से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 के प्रश्नपत्रों में इस टॉपिक से 8 प्रश्न आए, जिनमें ज़्यादातर परीक्षण के गुण और शिक्षण उद्देश्यों की पहचान वाले थे।

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आधिकारिक स्रोत

  1. CBSE — सतत एवं व्यापक मूल्यांकन मैनुअल, अध्याय 1
  2. NCERT — राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005
  3. BSER — REET 2024 आधिकारिक प्रश्न-पत्र व अंतिम उत्तर-कुंजी (मूल PDF; बोर्ड पोर्टल पर अब उपलब्ध नहीं)

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए