गुणनखंड (Factorisation) — REET गणित नोट्स
गुणनखंड REET गणित में बीजीय सर्वसमिकाओं के सही प्रयोग की परीक्षा लेता है, खासकर a³+b³ और a³−b³ के बीच के सूक्ष्म अंतर की। यह पेज सभी सर्वसमिकाएँ, विधियाँ और REET 2024 के प्रश्न हल सहित देता है।
- REET 2024 में 2 प्रश्न
- कक्षा 8–9 स्तर
- 6 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के दोनों प्रश्न घनों की सर्वसमिकाओं (a³−b³ और a³+b³) के प्रत्यक्ष प्रयोग पर आधारित थे — x³−8 का गुणनखंड और x³+y³ का प्रसार पूछा गया। यानी यहाँ सबसे बड़ी चुनौती सर्वसमिका में सही चिन्ह (+/−) याद रखना है, क्योंकि दोनों सर्वसमिकाएँ दिखने में लगभग एक जैसी हैं।
प्रमुख बीजीय सर्वसमिकाएँ
| सर्वसमिका | उदाहरण |
|---|---|
| (a+b)² = a²+2ab+b² | (x+3)² = x²+6x+9 |
| (a−b)² = a²−2ab+b² | (x−3)² = x²−6x+9 |
| a²−b² = (a+b)(a−b) | x²−9 = (x+3)(x−3) |
| (x+a)(x+b) = x²+(a+b)x+ab | (x+2)(x+3) = x²+5x+6 |
| a³+b³ = (a+b)(a²−ab+b²) | x³+27 = (x+3)(x²−3x+9) |
| a³−b³ = (a−b)(a²+ab+b²) | x³−8 = (x−2)(x²+2x+4) |
| (a−b)³ = a³−3a²b+3ab²−b³ | (x−1)³ = x³−3x²+3x−1 |
a³+b³ के त्रिपद में बीच का चिन्ह ऋणात्मक (−ab) होता है, जबकि a³−b³ के त्रिपद में धनात्मक (+ab) — यही सबसे ज़्यादा गड़बड़ाया जाने वाला बिंदु है।[स्रोत 1]
हल किए उदाहरण (REET 2024 आधारित)
x³−8 = x³−2³। सर्वसमिका a³−b³=(a−b)(a²+ab+b²) में a=x, b=2 रखने पर: x³−8 = (x−2)(x²+2x+4)। अतः (x²+2x+4) इसका सही गुणनखंड है — जबकि (x²−2x+4) तो x³+8 का गुणनखंड होता, x³−8 का नहीं।
x³+y³ के लिए सर्वसमिका a³+b³=(a+b)(a²−ab+b²) में a=x, b=y रखने पर: x³+y³=(x+y)(x²−xy+y²)। जाँच के लिए इसे खोलें: (x+y)(x²−xy+y²) = x³−x²y+xy²+x²y−xy²+y³ = x³+y³, जो सही सिद्ध होता है।
गुणनखंड की विधियाँ
उभयनिष्ठ गुणनखंड विधि (common factor): जैसे 3x²+6x में उभयनिष्ठ 3x निकालने पर 3x(x+2) प्राप्त होता है।
समूहन विधि (regrouping): पदों को दो-दो के समूह में बाँटकर उभयनिष्ठ गुणनखंड निकाला जाता है, जैसे ax+ay+bx+by = a(x+y)+b(x+y) = (a+b)(x+y)।
सर्वसमिका विधि: ऊपर दी गई सर्वसमिकाओं को पहचानकर सीधे गुणनखंड लिखे जाते हैं।
मध्य पद विभाजन विधि (splitting the middle term): x²+bx+c के रूप के व्यंजक में c के ऐसे दो गुणनखंड खोजे जाते हैं जिनका योग b हो, जैसे x²+7x+12 में 3×4=12 और 3+4=7, अतः (x+3)(x+4)।
एक और उपयोगी सर्वसमिका
- तीन पदों का वर्ग
- (a+b+c)² = a²+b²+c²+2ab+2bc+2ca — तीन चरों वाले व्यंजकों के गुणनखंड में उपयोगी।
- जाँच
- a=1,b=2,c=3 रखने पर बायाँ पक्ष (1+2+3)²=36; दायाँ पक्ष 1+4+9+2×2+2×6+2×3=14+4+12+6=36 — दोनों बराबर।
- उभयनिष्ठ भूल
- बच्चे प्रायः (a+b+c)² को केवल a²+b²+c² लिख देते हैं और बीच के तीनों गुणनफल पद (2ab, 2bc, 2ca) भूल जाते हैं — इस पर विशेष ध्यान दिलाएँ।
गुणनखंड क्यों ज़रूरी है
गुणनखंड (factorisation) किसी बीजीय व्यंजक को दो या अधिक सरल व्यंजकों के गुणनफल के रूप में लिखने की प्रक्रिया है। यह द्विघात समीकरण हल करने, भिन्नों को सरल बनाने और आगे की बीजगणितीय संक्रियाओं की नींव है, इसलिए REET के गणित खंड में इसका महत्व बना रहता है।
जब किसी व्यंजक का गुणनखंड करना कठिन लगे, तो पहले जाँचें कि क्या कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड निकाला जा सकता है, फिर देखें कि क्या यह किसी मानक सर्वसमिका (जैसे a²−b² या a³±b³) से मेल खाता है — यही व्यवस्थित क्रम अधिकांश गुणनखंड प्रश्नों को हल कर देता है।
गुणांक 1 न होने पर मध्य पद विभाजन
जब त्रिपद ax²+bx+c में a का मान 1 न हो, तो पहले a×c का गुणनफल निकालें, फिर उसके ऐसे दो गुणनखंड खोजें जिनका योग b हो, और अंत में मध्य पद को उन दो भागों में तोड़कर समूहन विधि लगाएँ।
उदाहरण: 2x²+7x+3 का गुणनखंड करें। यहाँ a×c=2×3=6; ऐसे दो गुणनखंड चाहिए जिनका योग 7 हो — 6 और 1 (6×1=6, 6+1=7)। अतः 2x²+6x+x+3 = 2x(x+3)+1(x+3) = (2x+1)(x+3)। जाँच के लिए इसे खोलें: (2x+1)(x+3)=2x²+6x+x+3=2x²+7x+3, जो सही सिद्ध होता है।
एक और उदाहरण: 3x²−11x+6 का गुणनखंड करें। यहाँ a×c=3×6=18; ऐसे दो गुणनखंड चाहिए जिनका योग −11 हो — −9 और −2 (−9×−2=18, −9+(−2)=−11)। अतः 3x²−9x−2x+6 = 3x(x−3)−2(x−3) = (3x−2)(x−3)। जाँच: (3x−2)(x−3)=3x²−9x−2x+6=3x²−11x+6, जो सही सिद्ध होता है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
कक्षा 8-9 में (a+b)² जैसी सर्वसमिका को बीजगणितीय टाइल्स या रंगीन कागज़ के क्षेत्रफल मॉडल से दिखाएँ — एक a×a का वर्ग, एक b×b का वर्ग, और दो a×b के आयत जोड़कर (a+b)² का क्षेत्रफल बनता दिखे, जिससे सर्वसमिका दृश्य रूप में समझ आती है।
शिक्षण सहायक सामग्री
सभी प्रमुख सर्वसमिकाओं के कार्ड बनाकर 'मिलान गतिविधि' (matching activity) कराएँ — व्यंजक एक तरफ, उसका गुणनखंडित रूप दूसरी तरफ।
सामान्य भ्रांति
बच्चे अक्सर a³−b³ का गुणनखंड (a−b)(a²−ab+b²) गलत लिखते हैं (चिन्ह उलट जाता है), या a³+b³ को (a+b)³ समझ बैठते हैं। दोनों को अंकों से जाँचकर (जैसे a=2,b=1) स्पष्ट करें।
आकलन विचार
विद्यार्थियों से किसी व्यंजक को दो तरीकों से हल करवाएँ — गुणनखंड करके, फिर मान रखकर जाँच करवाएँ कि दोनों तरफ बराबर आ रहा है या नहीं।
अंतर-विषयक जोड़
गुणनखंड को क्षेत्रफल की समस्याओं (जैसे किसी आयताकार खेत का क्षेत्रफल दिया हो और भुजाएँ ज्ञात करनी हों) से जोड़कर पढ़ाएँ, ताकि बीजगणित और ज्यामिति के बीच का संबंध स्पष्ट हो।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
a³±b³ में सही चिन्ह याद रखने का आसान तरीका: पहले कोष्ठक (a±b) में वही चिन्ह रहता है जो मूल प्रश्न में है; दूसरे कोष्ठक के त्रिपद (a²∓ab+b²) में बीच का चिन्ह हमेशा उल्टा हो जाता है, और अंत में b² का चिन्ह सदैव धनात्मक रहता है। जैसे a³−b³ में पहला चिन्ह '−', बीच का चिन्ह उल्टा होकर '+' और अंत में b² धनात्मक — (a−b)(a²+ab+b²)।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 107
(x³ – 8) का एक गुणनखण्ड है :
- A(x + 2)
- B(x² + 2x + 4)
- C(x – 4)
- D(x² – 2x + 4)
व्याख्या
सर्वसमिका a³ − b³ = (a − b)(a² + ab + b²) से x³ − 8 = x³ − 2³ = (x − 2)(x² + 2x + 4)। अतः (x² + 2x + 4) इसका एक गुणनखण्ड है। (x² − 2x + 4) तो x³ + 8 का गुणनखण्ड होता है।
प्रश्न 109
x³ + y³ के बराबर है
- A(x + y)(x² + xy + y²)
- B(x − y)(x² + xy + y²)
- C(x + y)(x² − xy + y²)
- D(x + y)(x² + xy − y²)
व्याख्या
सर्वसमिका: x³ + y³ = (x + y)(x² − xy + y²)। जाँच: (x + y)(x² − xy + y²) = x³ − x²y + xy² + x²y − xy² + y³ = x³ + y³। विकल्प (B) का गुणनफल x³ − y³ होता है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
a² − b² बराबर है :
- A(a+b)²
- B(a−b)(a+b)
- C(a−b)²
- Da²+b²
व्याख्या
सर्वसमिका a²−b²=(a+b)(a−b) है।
प्रश्न 2
(x+5)(x+5) का प्रसार है :
- Ax²+25
- Bx²+10x+25
- Cx²+5x+25
- Dx²−10x+25
व्याख्या
(a+b)²=a²+2ab+b² से (x+5)²=x²+10x+25।
प्रश्न 3
x²+7x+12 का गुणनखंड है :
- A(x+2)(x+6)
- B(x+3)(x+4)
- C(x+1)(x+12)
- D(x−3)(x−4)
व्याख्या
12 के ऐसे गुणनखंड चाहिए जिनका योग 7 हो: 3 और 4 (3×4=12, 3+4=7), अतः (x+3)(x+4)।
प्रश्न 4
a³ − b³ के गुणनखंडों में सही विकल्प है :
- A(a−b)(a²+ab+b²)
- B(a−b)(a²−ab+b²)
- C(a+b)(a²−ab+b²)
- D(a−b)(a²+2ab+b²)
व्याख्या
सर्वसमिका a³−b³=(a−b)(a²+ab+b²) है, त्रिपद में बीच का चिन्ह धनात्मक रहता है।
प्रश्न 5
4x² − 9 का गुणनखंड है :
- A(2x−3)(2x+3)
- B(4x−3)(x+3)
- C(2x−9)(2x+1)
- D(x−3)(4x+3)
व्याख्या
4x²−9 = (2x)²−3² = (2x−3)(2x+3), a²−b² सर्वसमिका से।
प्रश्न 6
x³ + 27 का एक गुणनखंड है :
- A(x+3)
- B(x−3)
- C(x²+3x+9)
- D(x+9)
व्याख्या
27=3³, अतः a³+b³ सर्वसमिका से x³+27=(x+3)(x²−3x+9)। (x+3) इसका सही गुणनखंड है।
प्रश्न 7
(a−b)² के प्रसार में मध्य पद है :
- A+2ab
- B−2ab
- Cab
- D−ab
व्याख्या
(a−b)²=a²−2ab+b², अतः मध्य पद −2ab है।
प्रश्न 8
यदि x + 1/x = 5, तो x² + 1/x² का मान क्या होगा?
- A21
- B23
- C25
- D27
व्याख्या
x²+1/x² = (x+1/x)²−2 = 5²−2 = 25−2 = 23।
प्रश्न 9
a²−b² सर्वसमिका के प्रयोग से 999² − 1² का मान क्या है?
- A998000
- B999000
- C998999
- D997999
व्याख्या
999²−1²=(999−1)(999+1)=998×1000=998000।
प्रश्न 10
कक्षा 8-9 में सर्वसमिकाओं (जैसे a²−b², a³+b³) को पढ़ाते समय सबसे प्रभावी शिक्षण विधि कौन-सी है?
- Aबीजगणितीय टाइल्स/क्षेत्रफल मॉडल से सर्वसमिका को चित्रात्मक रूप से दिखाना
- Bकेवल सूत्र रटवाना
- Cबिना समझाए सीधे उत्तर बताना
- Dकोई गतिविधि न कराना
व्याख्या
क्षेत्रफल-मॉडल/टाइल्स से सर्वसमिका को दृश्य रूप में दिखाना बच्चों को इसका ज्यामितीय अर्थ समझाता है, जिससे सूत्र रटने की बजाय समझ बनती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET में गुणनखंड से कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से गणित खंड में 1–2 प्रश्न पूछे गए, दोनों घनों की सर्वसमिकाओं (a³+b³, a³−b³) पर आधारित थे।
a³−b³ का सूत्र क्या है?+
a³−b³ = (a−b)(a²+ab+b²), जिसमें त्रिपद के बीच का चिन्ह धनात्मक रहता है।
a³+b³ का सूत्र क्या है?+
a³+b³ = (a+b)(a²−ab+b²), जिसमें त्रिपद के बीच का चिन्ह ऋणात्मक रहता है।
मध्य पद विभाजन विधि किसमें प्रयोग होती है?+
x²+bx+c प्रकार के त्रिपद व्यंजकों का गुणनखंड करने में, जहाँ c के गुणनखंडों का योग b के बराबर खोजा जाता है।
गुणनखंड और प्रसार (expansion) में क्या अंतर है?+
प्रसार में कोष्ठक खोलकर व्यंजक को पदों के योग में बदला जाता है, जबकि गुणनखंड में पदों के योग को वापस गुणनफल (कोष्ठकों) के रूप में लिखा जाता है — दोनों एक-दूसरे के विपरीत प्रक्रियाएँ हैं।
क्या हर द्विपद (binomial) का गुणनखंड संभव है?+
नहीं, हर द्विपद का सरल गुणनखंड संभव नहीं होता — यह इस पर निर्भर करता है कि वह किसी मानक सर्वसमिका (जैसे a²−b²) से मेल खाता है या नहीं।
गुणनखंड करते समय सबसे पहले क्या जाँचना चाहिए?+
सबसे पहले यह जाँचें कि क्या सभी पदों में कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड (common factor) है — इसे निकालने के बाद बचा हुआ व्यंजक अक्सर किसी मानक सर्वसमिका से मेल खा जाता है, जिससे हल आसान हो जाता है।
क्या गुणनखंड का उत्तर एक से अधिक रूपों में लिखा जा सकता है?+
क्रम बदलकर (जैसे (x+3)(x+4) या (x+4)(x+3)) लिखना मान्य है क्योंकि गुणा क्रम-विनिमेय है, पर गुणनखंडों के पद स्वयं वही रहने चाहिए।
गुणनखंड सही है या नहीं, यह कैसे जाँचें?+
प्राप्त गुणनखंडों को आपस में गुणा करके देखें कि वे मूल व्यंजक के बराबर आते हैं या नहीं — यह जाँच हर गुणनखंड प्रश्न के अंत में अवश्य करनी चाहिए, ताकि छोटी-सी चिन्ह-संबंधी भूल भी समय रहते पकड़ में आ जाए।
(a−b)³ का प्रसार क्या है?+
(a−b)³ = a³−3a²b+3ab²−b³ — यह घन के प्रसार की सर्वसमिका है, जो (a+b)³=a³+3a²b+3ab²+b³ से चिन्हों में भिन्न है।
a³+b³+c³ = 3abc का विशेष परिणाम कब सत्य होता है?+
जब a+b+c=0 हो। उदाहरण: a=1, b=2, c=−3 (योग=0)। जाँच: a³+b³+c³=1+8+(−27)=−18; 3abc=3×1×2×(−3)=−18 — दोनों बराबर, अतः परिणाम सिद्ध होता है।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए