ऐकिक नियम (Unitary Method) — REET गणित नोट्स
ऐकिक नियम REET गणित में दैनिक जीवन (बाज़ार, मध्याह्न भोजन योजना) से जुड़े प्रश्नों की नींव है। यह पेज प्रत्यक्ष व व्युत्क्रम अनुपात का अंतर, हल किए उदाहरण और REET 2024 के प्रश्न स्पष्ट करता है।
- REET 2024 में 2 प्रश्न
- कक्षा 5–7 स्तर
- 6 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के दोनों प्रश्न दैनिक जीवन के संदर्भों पर आधारित थे — एक में पेन की इकाई कीमत निकालकर तय राशि में मिलने वाले पेन गिनने थे, दूसरे में मध्याह्न भोजन योजना (मिड-डे मील) के लिए 60 बच्चों हेतु 30 दिन के अनाज की कुल मात्रा निकालनी थी। यानी यहाँ शुद्ध सूत्र नहीं, बल्कि वास्तविक स्थिति में इकाई-मूल्य निकालकर उसका सही प्रयोग परखा जाता है।
ऐकिक नियम क्या है
ऐकिक नियम में सबसे पहले किसी एक इकाई (unit) का मान ज्ञात किया जाता है, फिर उसी इकाई-मान के आधार पर आवश्यक मात्रा का मान निकाला जाता है। यह विधि दो प्रकार की स्थितियों में प्रयोग होती है — प्रत्यक्ष अनुपात (direct proportion) और व्युत्क्रम अनुपात (inverse proportion)।
प्रत्यक्ष अनुपात में जब एक राशि बढ़ती है तो दूसरी राशि भी उसी अनुपात में बढ़ती है — जैसे वस्तुओं की संख्या बढ़ने पर कुल मूल्य भी बढ़ता है। व्युत्क्रम अनुपात में जब एक राशि बढ़ती है तो दूसरी राशि उसी अनुपात में घटती है — जैसे मज़दूरों की संख्या बढ़ने पर कार्य पूरा करने में लगने वाला समय घटता है (कुल कार्य स्थिर रहने पर)।
हल किया उदाहरण 1: पेन का मूल्य
REET 2024 में पूछा गया — चार दर्जन पेन का मूल्य ₹120 है, तो ₹35 में कितने पेन मिलेंगे? चार दर्जन = 4×12 = 48 पेन। इकाई मूल्य = 120÷48 = ₹2.50 प्रति पेन। अतः ₹35 में पेन = 35÷2.50 = 14 पेन।
हल किया उदाहरण 2: मध्याह्न भोजन योजना
REET 2024 में पूछा गया एक प्रश्न मध्याह्न भोजन योजना पर आधारित था। सरकारी मानक के अनुसार उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6-8) के प्रत्येक बालक को प्रतिदिन 150 ग्राम अनाज (चावल/गेहूँ) दिया जाता है, जबकि प्राथमिक स्तर (कक्षा 1-5) पर यह मात्रा 100 ग्राम प्रतिदिन है। मान लीजिए किसी विद्यालय के उच्च प्राथमिक खंड के 60 बच्चों के लिए 30 दिनों का अनाज मँगवाना है — कुल अनाज = 150 × 60 × 30 = 2,70,000 ग्राम = 270 किग्रा। यहाँ ध्यान रहे कि प्रति-बालक की दैनिक मात्रा को बच्चों की संख्या और दिनों की संख्या — दोनों से गुणा करना ज़रूरी है, केवल एक चरण से सही उत्तर नहीं निकलेगा।
प्रत्यक्ष बनाम व्युत्क्रम अनुपात — पहचान
- प्रत्यक्ष अनुपात का उदाहरण
- वस्तुओं की संख्या और उनका कुल मूल्य — दोनों साथ बढ़ते-घटते हैं।
- व्युत्क्रम अनुपात का उदाहरण
- किसी निश्चित कार्य को करने वाले मज़दूरों की संख्या और लगने वाला समय — एक बढ़े तो दूसरा घटे।
- जाँचने का तरीका
- पहले खुद से पूछें — 'क्या दूसरी राशि पहली के साथ बढ़ेगी या घटेगी?' उत्तर के आधार पर सही अनुपात चुनें।
हल किया उदाहरण: व्युत्क्रम अनुपात
4 महिलाएँ किसी कार्य को 6 दिनों में पूरा करती हैं, तो 3 महिलाएँ उसी कार्य को कितने दिनों में पूरा करेंगी? यह व्युत्क्रम अनुपात है क्योंकि मज़दूरों की संख्या घटने पर समय बढ़ेगा। कुल कार्य = 4×6 = 24 महिला-दिन (स्थिर रहता है)। अतः 3 महिलाओं के लिए दिन = 24÷3 = 8 दिन।
यही तर्क नल-टंकी (पाइप) से जुड़े प्रश्नों में भी लागू होता है — जितने अधिक नल एक साथ खुलेंगे, टंकी उतनी जल्दी भरेगी, बशर्ते सभी नलों की दर समान हो। ऐकिक नियम की यही समझ आगे 'समय एवं कार्य' टॉपिक की नींव बनती है।
हल किया उदाहरण: प्रत्यक्ष अनुपात (ईंधन खपत)
यदि किसी वाहन को 150 किलोमीटर चलाने के लिए 12 लीटर पेट्रोल चाहिए, तो 250 किलोमीटर चलाने के लिए कितना पेट्रोल चाहिए? यह प्रत्यक्ष अनुपात है क्योंकि दूरी बढ़ने पर पेट्रोल की खपत भी बढ़ेगी। इकाई दर = 12÷150 = 0.08 लीटर प्रति किमी। अतः 250 किमी के लिए पेट्रोल = 250×0.08 = 20 लीटर।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
कक्षा 5-6 में बाज़ार-दुकान जैसी भूमिका-निर्वाह (role-play) गतिविधि कराएँ — जैसे कॉपी-पेंसिल खरीदना, जहाँ बच्चे पहले एक वस्तु का मूल्य निकालें, फिर तय राशि में कितनी वस्तुएँ खरीदी जा सकती हैं यह हल करें।
शिक्षण सहायक सामग्री
मध्याह्न भोजन योजना जैसी वास्तविक विद्यालयी स्थिति को उदाहरण बनाकर कक्षा में हल करवाएँ — यह बच्चों के लिए परिचित संदर्भ है और अवधारणा को यादगार बनाता है।
सामान्य भ्रांति
बच्चे प्रायः हर स्थिति में सीधे गुणा-भाग कर देते हैं, बिना यह जाँचे कि संबंध प्रत्यक्ष है या व्युत्क्रम — जैसे मज़दूर-दिन वाले प्रश्नों में गलती से गुणा की जगह भाग या इसके विपरीत कर बैठते हैं।
आकलन विचार
स्थानीय बाज़ार दरों (जैसे सब्ज़ी, कॉपी का मूल्य) पर आधारित वास्तविक शब्द-समस्याएँ बनवाकर विद्यार्थियों से हल करवाएँ और आपस में जँचवाएँ।
अंतर-विषयक जोड़
विद्यालय की मध्याह्न भोजन योजना के वास्तविक राशन-रजिस्टर का उदाहरण लेकर बच्चों से अनाज की मात्रा स्वयं निकलवाएँ — यह गतिविधि विद्यालय प्रशासन और गणित को जोड़ती है।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
कोई भी प्रश्न हल करने से पहले एक पल रुककर पूछें — 'जब एक राशि बढ़ेगी, तो दूसरी बढ़ेगी या घटेगी?' यदि दोनों साथ बढ़ें-घटें तो प्रत्यक्ष अनुपात (गुणा से हल करें), और यदि एक बढ़े व दूसरी घटे तो व्युत्क्रम अनुपात (गुणनफल स्थिर रखकर हल करें) — यह एक पंक्ति खुद से पूछना अधिकांश ऐकिक नियम प्रश्नों की गलतियाँ रोक देता है।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 101
यदि चार दर्जन पेन का मूल्य ₹ 120 है, तो ₹ 35 में कितने पेन खरीदे जा सकते हैं ?
- A10
- B12
- C24
- D14
व्याख्या
चार दर्जन = 4 × 12 = 48 पेन, जिनका मूल्य ₹120 है। अतः 1 पेन का मूल्य = 120/48 = ₹2.50। ₹35 में पेन = 35/2.5 = 14 पेन।
प्रश्न 119
मध्याह्न भोजन में प्रति दिन प्रति बालक 150 ग्राम गेहूँ तथा 100 ग्राम चावल के हिसाब से 60 बच्चों के लिए 30 दिन के लिए गेहूँ व चावल की कुल मात्रा है
- A450 किग्रा
- B180 किग्रा
- C270 किग्रा
- D400 किग्रा
व्याख्या
प्रति बालक प्रति दिन कुल अनाज = 150 + 100 = 250 ग्राम। 60 बच्चों के लिए 30 दिन में = 250 × 60 × 30 = 4,50,000 ग्राम = 450 किग्रा। विकल्प (C) 270 किग्रा केवल गेहूँ की मात्रा है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
यदि 5 कॉपियों का मूल्य ₹75 है, तो 8 कॉपियों का मूल्य क्या होगा?
- A₹100
- B₹110
- C₹120
- D₹130
व्याख्या
इकाई मूल्य = 75÷5=₹15; 8 कॉपियों का मूल्य = 8×15=₹120।
प्रश्न 2
यदि 12 मज़दूर किसी कार्य को 8 दिनों में पूरा करते हैं, तो 6 मज़दूर उसी कार्य को कितने दिनों में पूरा करेंगे?
- A4
- B12
- C16
- D24
व्याख्या
कुल कार्य = 12×8=96 मज़दूर-दिन (व्युत्क्रम अनुपात)। 6 मज़दूरों के लिए दिन = 96÷6=16।
प्रश्न 3
15 किताबों का वजन 6 किग्रा है, तो 25 किताबों का वजन क्या होगा?
- A8 किग्रा
- B9 किग्रा
- C10 किग्रा
- D12 किग्रा
व्याख्या
इकाई वजन = 6÷15=0.4 किग्रा; 25 किताबों का वजन = 25×0.4=10 किग्रा।
प्रश्न 4
यदि 8 घंटे में एक नल 240 लीटर पानी भरता है, तो उसी दर से 5 घंटे में कितना पानी भरेगा?
- A120 लीटर
- B135 लीटर
- C150 लीटर
- D160 लीटर
व्याख्या
प्रति घंटा दर = 240÷8=30 लीटर; 5 घंटे में = 5×30=150 लीटर।
प्रश्न 5
निम्न में से कौन-सा उदाहरण व्युत्क्रम अनुपात (inverse proportion) को दर्शाता है?
- Aवस्तुओं की संख्या और कुल मूल्य
- Bकिसी कार्य को पूरा करने में लगे मज़दूरों की संख्या और लगने वाला समय
- Cदूरी तय करने पर लगने वाला पेट्रोल
- Dकपड़े की लंबाई और उसका मूल्य
व्याख्या
निश्चित कार्य के लिए मज़दूर बढ़ने पर समय घटता है — यह व्युत्क्रम अनुपात है। शेष तीनों उदाहरण प्रत्यक्ष अनुपात हैं।
प्रश्न 6
4 दर्जन केलों का मूल्य ₹192 है। ₹40 में कितने केले खरीदे जा सकते हैं?
- A8
- B10
- C12
- D15
व्याख्या
4 दर्जन=48 केले, इकाई मूल्य=192÷48=₹4। ₹40 में केले=40÷4=10।
प्रश्न 7
यदि 20 मीटर कपड़े का मूल्य ₹1500 है, तो ₹2250 में कितने मीटर कपड़ा मिलेगा?
- A25
- B28
- C30
- D35
व्याख्या
इकाई मूल्य = 1500÷20=₹75/मीटर। ₹2250 में मीटर = 2250÷75=30।
प्रश्न 8
मध्याह्न भोजन योजना में प्रति बालक प्रतिदिन 100 ग्राम चावल दिया जाता है। 45 बच्चों के लिए 10 दिनों में कुल कितना चावल चाहिए?
- A40 किग्रा
- B45 किग्रा
- C50 किग्रा
- D90 किग्रा
व्याख्या
कुल चावल = 100 ग्राम × 45 × 10 = 45,000 ग्राम = 45 किग्रा।
प्रश्न 9
ऐकिक नियम में सबसे पहला चरण होता है :
- Aएक इकाई का मान ज्ञात करना
- Bसीधे अंतिम उत्तर लिखना
- Cदो राशियों को जोड़ना
- Dप्रतिशत निकालना
व्याख्या
ऐकिक नियम की मूल पद्धति ही एक इकाई का मान (unit value) पहले ज्ञात करना है, फिर उसी आधार पर आगे की गणना की जाती है।
प्रश्न 10
कक्षा 5-6 में ऐकिक नियम पढ़ाने के लिए सबसे उपयुक्त शिक्षण विधि कौन-सी है?
- Aबाज़ार/दुकान जैसी वास्तविक स्थितियों (जैसे कॉपी-पेंसिल खरीदना) से गतिविधि कराना
- Bकेवल सूत्र याद कराना
- Cबिना उदाहरण के परिभाषा पढ़ाना
- Dबिना समझाए प्रश्न हल करने देना
व्याख्या
वास्तविक जीवन की खरीद-बिक्री जैसी परिचित स्थितियाँ बच्चों को ऐकिक नियम का व्यावहारिक अर्थ आसानी से समझाती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET में ऐकिक नियम से कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से गणित खंड में 1–2 प्रश्न पूछे गए, दोनों दैनिक जीवन के वास्तविक संदर्भों पर आधारित थे।
ऐकिक नियम का पहला चरण क्या होता है?+
सबसे पहले एक इकाई (unit) का मान ज्ञात करना, फिर उसी आधार पर आवश्यक मात्रा का मान निकालना।
प्रत्यक्ष और व्युत्क्रम अनुपात में क्या अंतर है?+
प्रत्यक्ष अनुपात में दोनों राशियाँ साथ बढ़ती-घटती हैं (जैसे वस्तु-मूल्य), जबकि व्युत्क्रम अनुपात में एक बढ़ने पर दूसरी घटती है (जैसे मज़दूर-समय)।
क्या ऐकिक नियम केवल प्राथमिक कक्षाओं तक सीमित है?+
नहीं, ऐकिक नियम की अवधारणा कक्षा 5-7 में शुरू होकर लाभ-हानि, समय-कार्य, चाल जैसे उच्च कक्षाओं के टॉपिक्स की नींव बनती है।
ऐकिक नियम में सबसे आम गलती क्या होती है?+
सबसे आम गलती यह जाँचे बिना सीधे गुणा या भाग कर देना है कि दी गई स्थिति प्रत्यक्ष अनुपात है या व्युत्क्रम अनुपात — इससे उत्तर पूरी तरह उल्टा आ जाता है।
क्या ऐकिक नियम का प्रयोग केवल मूल्य निकालने में होता है?+
नहीं, इसका प्रयोग मूल्य के अलावा समय, दूरी, कार्य, वजन जैसी किसी भी दो संबंधित राशियों के बीच गणना में किया जा सकता है।
ऐकिक नियम आगे किन टॉपिक्स की नींव बनता है?+
यह आगे चलकर अनुपात-समानुपात, समय-कार्य, चाल-दूरी-समय और लाभ-हानि जैसे व्यावहारिक टॉपिक्स की गणना पद्धति की नींव बनता है।
क्या ऐकिक नियम में हमेशा भाग देना पड़ता है?+
नहीं, पहले चरण में इकाई मान निकालने के लिए भाग दिया जाता है, पर दूसरे चरण में आवश्यक मात्रा निकालने के लिए भाग या गुणा — दोनों में से कोई भी संक्रिया लग सकती है।
ऐकिक नियम और अनुपात-समानुपात में क्या संबंध है?+
ऐकिक नियम वास्तव में अनुपात-समानुपात का ही एक व्यावहारिक रूप है, जिसमें दो राशियों के बीच के संबंध को एक इकाई के मान से जोड़कर हल किया जाता है।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए