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REET गणित

पूर्ण एवं पूर्णांक संख्याएँ (Whole Numbers & Integers) — REET गणित नोट्स

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पूर्ण संख्याएँ और पूर्णांक गणित की सबसे मूल इकाइयाँ हैं, जिन पर REET गणित पेपर के संख्या पद्धति (Number System) खंड में प्रश्न बनते हैं। इस पेज में इनकी परिभाषा, मुख्य गुणधर्म (संवृत, क्रमविनिमेय, साहचर्य, वितरण) और पूर्णांकों के जोड़-घटाव के नियम उदाहरण सहित समझाए गए हैं, ताकि गणना की गति और शुद्धता दोनों बढ़ें।

  • REET 2024 में 0 प्रश्न
  • कक्षा 6 स्तर
  • 9 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET गणित पाठ्यक्रम के संख्या पद्धति (Number System) खंड में पूर्ण संख्याओं जैसी मूल इकाइयाँ शामिल हैं। REET 2024 के प्रश्नपत्र में इस विशिष्ट उप-टॉपिक से सीधा प्रश्न नहीं आया, इसलिए यह पेज पाठ्यक्रम व NCERT कक्षा 6 की गणित पाठ्यपुस्तक के मानक तथ्यों पर आधारित है। सामान्यतः प्रश्न में पूर्णांकों का जोड़-घटाव या किसी गुणधर्म (संवृत/क्रमविनिमेय/साहचर्य) की पहचान पूछी जाती है। कभी-कभी दैनिक जीवन की स्थिति (तापमान, ऊँचाई-गहराई, लाभ-हानि) देकर उसे पूर्णांक में बदलने और हल करने के लिए भी पूछा जाता है।

पूर्ण संख्या व पूर्णांक की परिभाषा

प्राकृत संख्याएँ (Natural Numbers) गिनती में प्रयुक्त संख्याएँ हैं — 1, 2, 3, 4... इनमें 0 जोड़ने पर पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers) बनती हैं — 0, 1, 2, 3... पूर्ण संख्याओं में ऋणात्मक संख्याएँ (जैसे −1, −2, −3...) जोड़ने पर पूर्णांक (Integers) बनते हैं, जिनमें धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य तीनों सम्मिलित हैं।

संख्या रेखा (Number Line) पर पूर्णांकों को समझना सबसे आसान तरीका है — रेखा के बीच में 0 रखें, दाईं ओर धनात्मक पूर्णांक (1, 2, 3...) और बाईं ओर ऋणात्मक पूर्णांक (−1, −2, −3...) बढ़ते क्रम में लिखें। संख्या रेखा पर जो संख्या जितनी दाईं ओर हो, वह उतनी बड़ी मानी जाती है — इसलिए −2, −5 से बड़ी है, भले ही दोनों ऋणात्मक हों।

पूर्ण संख्याओं का दैनिक जीवन में उपयोग गिनती, क्रम और मात्रा दिखाने में होता है, जबकि पूर्णांकों का उपयोग वहाँ होता है जहाँ किसी संदर्भ-बिंदु से ऊपर-नीचे या आगे-पीछे की स्थिति बतानी हो — जैसे समुद्र तल से ऊँचाई (धनात्मक) या गहराई (ऋणात्मक), तापमान का शून्य से ऊपर या नीचे होना, और बैंक खाते में जमा (धनात्मक) या ओवरड्राफ्ट (ऋणात्मक)। REET में ऐसे व्यावहारिक उदाहरणों से भी प्रश्न बनते हैं।

पूर्ण संख्याओं के गुणधर्म

गुणधर्मजोड़/गुणा (+, ×)घटाव/भाग (−, ÷)
संवृत गुणधर्म (Closure)पूर्ण संख्याएँ जोड़ व गुणा के अंतर्गत संवृत हैं (परिणाम सदा पूर्ण संख्या)घटाव व भाग के अंतर्गत संवृत नहीं (जैसे 5 − 8 = −3, पूर्ण संख्या नहीं)
क्रमविनिमेय गुणधर्म (Commutative)a + b = b + a और a × b = b × aघटाव व भाग में लागू नहीं (5 − 3 ≠ 3 − 5)
साहचर्य गुणधर्म (Associative)(a + b) + c = a + (b + c) और (a × b) × c = a × (b × c)घटाव व भाग में लागू नहीं
वितरण गुणधर्म (Distributive)a × (b + c) = (a × b) + (a × c)—

यहाँ a, b, c कोई भी पूर्ण संख्याएँ हैं

तत्समक (Identity) व अनुक्रमिक संख्याएँ

योगात्मक तत्समक
0 योगात्मक तत्समक है, क्योंकि किसी भी पूर्ण संख्या a में 0 जोड़ने पर a ही प्राप्त होता है (a + 0 = a)
गुणात्मक तत्समक
1 गुणात्मक तत्समक है, क्योंकि a × 1 = a
उत्तरवर्ती (Successor)
किसी संख्या में 1 जोड़ने पर प्राप्त अगली संख्या — जैसे 25 का उत्तरवर्ती 26 है
पूर्ववर्ती (Predecessor)
किसी संख्या में से 1 घटाने पर प्राप्त पिछली संख्या — जैसे 25 का पूर्ववर्ती 24 है; ध्यान रहे, पूर्ण संख्याओं में 0 का कोई पूर्ववर्ती नहीं होता

पूर्णांकों का जोड़-घटाव — मुख्य नियम

नियमउदाहरण
समान चिह्न वाले पूर्णांकों को जोड़ने पर, अंकों को जोड़कर वही चिह्न लगाएँ(−4) + (−6) = −10
असमान चिह्न वाले पूर्णांकों को जोड़ने पर, बड़े अंक में से छोटा अंक घटाकर बड़े अंक का चिह्न लगाएँ(−7) + 4 = −3, क्योंकि 7 > 4
किसी पूर्णांक को घटाना, उसके योज्य प्रतिलोम (additive inverse) को जोड़ने के बराबर है8 − (−3) = 8 + 3 = 11

पूर्णांकों के गुणा-भाग का चिह्न-नियम

समान चिह्न
धनात्मक × धनात्मक = धनात्मक; ऋणात्मक × ऋणात्मक = धनात्मक — जैसे (−3) × (−4) = 12
असमान चिह्न
धनात्मक × ऋणात्मक = ऋणात्मक; ऋणात्मक × धनात्मक = ऋणात्मक — जैसे (−3) × 4 = −12
भाग में भी यही नियम
गुणा जैसा ही चिह्न-नियम भाग (÷) पर भी लागू होता है — जैसे (−12) ÷ (−3) = 4
याद रखने की तरकीब
ऋणात्मक चिह्नों की संख्या गिनें — सम (even) संख्या में ऋणात्मक चिह्न हों तो अंतिम परिणाम धनात्मक, विषम (odd) संख्या में हों तो अंतिम परिणाम ऋणात्मक होगा

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कक्षा गतिविधि

कक्षा के फर्श पर चॉक से एक बड़ी संख्या-रेखा (number line) बनाएँ और विद्यार्थियों को खुद चलकर पूर्णांकों का जोड़-घटाव 'शारीरिक रूप से' करने दें — जैसे −3 से शुरू करके 5 कदम दाईं ओर चलना और अंतिम स्थिति बताना।

शिक्षण सामग्री

रंगीन काउंटर (लाल = ऋणात्मक, नीला = धनात्मक) का प्रयोग कर पूर्णांकों का जोड़ सिखाएँ — बराबर संख्या में लाल-नीले काउंटर एक-दूसरे को 'रद्द' कर देते हैं, और शेष काउंटर उत्तर दर्शाते हैं।

सामान्य भ्रांति

विद्यार्थी अक्सर सोचते हैं कि घटाव भी जोड़ की तरह क्रमविनिमेय होता है, जबकि 5 − 3 और 3 − 5 के परिणाम अलग-अलग होते हैं — संख्या रेखा पर दोनों दिखाकर यह भ्रम स्पष्ट करें।

आकलन विचार

दैनिक जीवन के उदाहरण (तापमान का बढ़ना-घटना, बैंक खाते में जमा-निकासी, समुद्र तल से ऊँचाई-गहराई) देकर विद्यार्थियों से पूर्णांकों में उन्हें व्यक्त करवाएँ, सरल जोड़-घटाव करवाएँ और संख्या रेखा पर दिखाने को भी कहें।

याद रखने की ट्रिक

'जोड़ो-गुणा करो, बाहर मत जाओ; घटाओ-भाग करो, बाहर भी जा सकते हो' — पूर्ण संख्याएँ जोड़-गुणा में हमेशा पूर्ण संख्या ही देती हैं, पर घटाव-भाग में ऋणात्मक/भिन्न संख्या भी बन सकती है। पूर्णांकों के गुणा-भाग का चिह्न याद रखने के लिए गिनें कि कितने ऋणात्मक चिह्न हैं — सम संख्या में ऋणात्मक चिह्न हों तो उत्तर धनात्मक, विषम संख्या में हों तो उत्तर ऋणात्मक होगा।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

निम्नलिखित में से सबसे छोटी पूर्ण संख्या कौन-सी है?

  1. A1
  2. B0
  3. C−1
  4. Dकोई नहीं

व्याख्या

0 सबसे छोटी पूर्ण संख्या है; पूर्ण संख्याओं में कोई ऋणात्मक संख्या शामिल नहीं होती।

प्रश्न 2

(−8) + 5 का मान है—

  1. A−13
  2. B13
  3. C−3
  4. D3

व्याख्या

असमान चिह्न वाले पूर्णांकों में बड़े अंक (8) में से छोटा अंक (5) घटाकर बड़े अंक का चिह्न (−) लगाया जाता है, अतः उत्तर −3 है।

प्रश्न 3

7 − (−4) का मान है—

  1. A3
  2. B−3
  3. C11
  4. D−11

व्याख्या

किसी पूर्णांक को घटाना उसके योज्य प्रतिलोम को जोड़ने के बराबर है: 7 − (−4) = 7 + 4 = 11।

प्रश्न 4

(−6) + (−9) का मान है—

  1. A15
  2. B−15
  3. C3
  4. D−3

व्याख्या

समान चिह्न (दोनों ऋणात्मक) वाले पूर्णांकों को जोड़ने पर अंक जुड़ जाते हैं और वही चिह्न रहता है: −6 − 9 = −15।

प्रश्न 5

निम्नलिखित में से कौन-सा गुणधर्म पूर्ण संख्याओं के घटाव पर लागू नहीं होता?

  1. Aसंवृत गुणधर्म
  2. Bक्रमविनिमेय गुणधर्म
  3. Cसाहचर्य गुणधर्म
  4. Dउपरोक्त सभी

व्याख्या

पूर्ण संख्याओं का घटाव न संवृत है (5−8 पूर्ण संख्या नहीं), न क्रमविनिमेय (5−3≠3−5), न साहचर्य ((5−3)−1≠5−(3−1)) — अतः तीनों गुणधर्म घटाव पर लागू नहीं होते।

प्रश्न 6

8 × (5 + 3) को (8×5) + (8×3) के रूप में लिखना किस गुणधर्म का उदाहरण है?

  1. Aक्रमविनिमेय
  2. Bसाहचर्य
  3. Cवितरण
  4. Dसंवृत

व्याख्या

गुणा का जोड़ पर वितरण (Distributive) नियम a × (b + c) = (a×b) + (a×c) इस उदाहरण में दिखता है।

प्रश्न 7

25 का पूर्ववर्ती (predecessor) और उत्तरवर्ती (successor) क्रमशः हैं—

  1. A24, 26
  2. B26, 24
  3. C24, 25
  4. D25, 26

व्याख्या

पूर्ववर्ती = संख्या − 1 = 24, उत्तरवर्ती = संख्या + 1 = 26।

प्रश्न 8

तापमान −5°C से बढ़कर 3°C हो गया। तापमान में कुल कितनी वृद्धि हुई?

  1. A2°C
  2. B8°C
  3. C−8°C
  4. D−2°C

व्याख्या

वृद्धि = अंतिम तापमान − प्रारंभिक तापमान = 3 − (−5) = 3 + 5 = 8°C।

प्रश्न 9

एक बैंक खाते में ₹500 जमा था। ₹800 निकालने पर खाते की स्थिति दर्शाने वाला पूर्णांक है—

  1. A₹1300
  2. B−₹300
  3. C₹300
  4. D−₹1300

व्याख्या

500 − 800 = −300, अर्थात खाता ₹300 ऋणात्मक (overdraft) स्थिति में चला गया।

प्रश्न 10

कक्षा 6 के शिक्षक पूर्णांकों का जोड़ सिखाने के लिए रंगीन काउंटर (लाल=ऋणात्मक, नीला=धनात्मक) का प्रयोग करना चाहते हैं। '(−3) + 5' दिखाने के लिए सही तरीका है—

  1. A3 लाल और 5 नीले काउंटर रखकर बराबर संख्या में लाल-नीले जोड़े हटाना, शेष बचे काउंटरों से उत्तर बताना
  2. Bकेवल 8 नीले काउंटर दिखाना
  3. Cबिना गिनती के सीधे उत्तर बता देना
  4. Dकाउंटरों का प्रयोग न करना

व्याख्या

3 लाल और 5 नीले काउंटरों में से 3-3 का जोड़ा रद्द करने पर 2 नीले काउंटर शेष बचते हैं, जो उत्तर +2 दर्शाते हैं — यह ठोस (concrete) विधि पूर्णांकों का जोड़ समझने में मदद करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्ण संख्या और पूर्णांक में क्या अंतर है?+

पूर्ण संख्याएँ 0, 1, 2, 3... होती हैं (कोई ऋणात्मक संख्या नहीं), जबकि पूर्णांकों में धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य तीनों शामिल होते हैं — जैसे −3, −2, −1, 0, 1, 2, 3...

सबसे छोटी पूर्ण संख्या कौन-सी है?+

0 सबसे छोटी पूर्ण संख्या है; पूर्णांकों की कोई सबसे छोटी संख्या नहीं होती, क्योंकि ऋणात्मक दिशा में संख्याएँ अनंत तक जाती हैं।

पूर्ण संख्याएँ किन संक्रियाओं में संवृत (closed) हैं?+

पूर्ण संख्याएँ जोड़ और गुणा में संवृत हैं (परिणाम सदा पूर्ण संख्या रहता है), लेकिन घटाव और भाग में संवृत नहीं हैं।

पूर्णांकों को घटाने का आसान नियम क्या है?+

किसी पूर्णांक को घटाना उसके योज्य प्रतिलोम (चिह्न बदलकर) को जोड़ने के बराबर है — जैसे 8 − (−3) = 8 + 3 = 11।

दो ऋणात्मक पूर्णांकों को गुणा करने पर परिणाम क्या होता है?+

दो ऋणात्मक पूर्णांकों को गुणा करने पर परिणाम सदैव धनात्मक होता है — जैसे (−4) × (−5) = 20; लेकिन एक धनात्मक और एक ऋणात्मक को गुणा करने पर परिणाम ऋणात्मक होता है।

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बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए