पृथ्वी की गतियाँ: घूर्णन, परिक्रमण और भूकंप (Motions of the Earth)
इस पेज में पृथ्वी की दोनों गतियाँ — घूर्णन और परिक्रमण — उनके प्रभाव, अयनांत-विषुव की तिथियाँ, और पृथ्वी की आंतरिक हलचल से होने वाले भूकंप तथा भूकंपीय तरंगों को संक्षेप में समझाया गया है। REET 2024 में इस टॉपिक से 5 प्रश्न आए, जिनमें अक्ष का कोण, अधिकेन्द्र, L तरंग और पृथ्वी का घनत्व जैसे सीधे तथ्य पूछे गए।
- REET 2024 में 5 प्रश्न
- कक्षा 6–8 व NCERT स्तर
- 7 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के 5 प्रश्नों में एक सीधे पृथ्वी की गति से था — अक्ष कक्षीय तल से कितने अंश का कोण बनाता है (66½°, न कि 23½°)। दो प्रश्न भूकंप पर थे — भूकंप मूल के ठीक ऊपर सतह का बिंदु (अधिकेन्द्र) और सबसे विनाशकारी तरंग (L/धरातलीय तरंग)। बाकी दो सौरमंडल व पृथ्वी के सामान्य तथ्यों पर थे — पृथ्वी का घनत्व (5.5) और आंतरिक/बाह्य ग्रहों वाला 'असत्य कथन'। यानी यह टॉपिक पृथ्वी की गतियों के साथ पृथ्वी की आंतरिक हलचल (भूकंप) और सौरमंडल के बुनियादी तथ्यों को मिलाकर पूछा जाता है; अंकों और शब्दों की सटीकता सबसे ज़रूरी है।
घूर्णन और परिक्रमण — मुख्य तथ्य
- घूर्णन (Rotation)
- पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना; पश्चिम से पूर्व दिशा में; एक चक्कर लगभग 24 घंटे में — इसे दैनिक गति भी कहते हैं[स्रोत 2]
- घूर्णन का प्रभाव
- दिन और रात का बनना; सूर्य का पूर्व में उगता और पश्चिम में डूबता दिखना
- प्रदीप्ति वृत्त (Circle of Illumination)
- दिन और रात को बाँटने वाला काल्पनिक वृत्त; यह अक्ष से मेल नहीं खाता[स्रोत 2]
- परिक्रमण (Revolution)
- सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार (elliptical) कक्षा में घूमना; एक चक्कर 365¼ दिन में — वार्षिक गति[स्रोत 2]
- लीप वर्ष
- हर वर्ष बचे ¼ दिन जुड़कर चार वर्ष में एक दिन बनता है, जो फरवरी में जोड़ा जाता है (29 दिन); लीप वर्ष में 366 दिन[स्रोत 2]
- अक्ष का झुकाव
- अक्ष कक्षीय तल (orbital plane) से 66½° का कोण बनाता है; अर्थात् कक्षीय तल के लंब से 23½° झुका है[स्रोत 2]
- परिक्रमण का प्रभाव
- ऋतु परिवर्तन और दिन-रात की अवधि में अंतर (झुके अक्ष के साथ परिक्रमण के कारण)
- पृथ्वी का आकार
- ध्रुवों पर थोड़ी चपटी और भूमध्य रेखा पर उभरी — इस आकार को 'भू-आभ' (Geoid) कहते हैं
- आंतरिक और बाह्य ग्रह
- आंतरिक (पार्थिव) ग्रह: बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल; बाह्य (जोवियन) ग्रह: बृहस्पति, शनि, अरुण (यूरेनस), वरुण (नेप्च्यून)
- पृथ्वी का औसत घनत्व
- लगभग 5.5 ग्राम प्रति घन सेमी — सौरमंडल के ग्रहों में सर्वाधिक
अयनांत और विषुव
| तिथि | स्थिति | सूर्य की सीधी किरणें | प्रभाव |
|---|---|---|---|
| 21 जून | उत्तर अयनांत / ग्रीष्म अयनांत (Summer Solstice) | कर्क रेखा (23½° उ.) पर | उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन, सबसे छोटी रात; वहाँ ग्रीष्म ऋतु, दक्षिणी गोलार्ध में शीत ऋतु |
| 22 दिसंबर | दक्षिण अयनांत / शीत अयनांत (Winter Solstice) | मकर रेखा (23½° द.) पर | दक्षिणी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन; ऑस्ट्रेलिया में ग्रीष्म ऋतु (क्रिसमस गर्मी में) |
| 21 मार्च | विषुव (Equinox) — वसंत विषुव (उत्तरी गोलार्ध के लिए) | भूमध्य रेखा पर | पूरी पृथ्वी पर दिन-रात बराबर |
| 23 सितंबर | विषुव (Equinox) — शरद विषुव (उत्तरी गोलार्ध के लिए) | भूमध्य रेखा पर | पूरी पृथ्वी पर दिन-रात बराबर |
याद रखें: अयनांत में दिन-रात का अंतर सबसे अधिक और विषुव में शून्य होता है।[स्रोत 2]
पृथ्वी की आंतरिक हलचल: भूकंप
घूर्णन और परिक्रमण के अलावा पृथ्वी के भीतर भी लगातार हलचल होती है। स्थलमंडल की प्लेटों की गति से अचानक ऊर्जा निकलती है और धरातल काँप उठता है — इसे भूकंप कहते हैं। पृथ्वी के भीतर जिस बिंदु पर ऊर्जा निकलती है, उसे भूकंप मूल (Focus) या अवकेन्द्र (Hypocentre) कहते हैं। धरातल पर भूकंप मूल के ठीक ऊपर स्थित, उससे निकटतम बिंदु अधिकेन्द्र (Epicentre) कहलाता है; यहाँ तरंगें सबसे पहले पहुँचती हैं। भूकंप को सीस्मोग्राफ (भूकंपलेखी) यंत्र से रिकॉर्ड किया जाता है।
भूकंपीय तरंगें दो प्रकार की हैं — भूगर्भिक (Body) तरंगें और धरातलीय (Surface) तरंगें। भूगर्भिक तरंगें भूकंप मूल से सभी दिशाओं में चलती हैं; ये धरातल पर पहुँचकर धरातलीय तरंगें पैदा करती हैं। 105° से 145° कोणीय दूरी के बीच का वह क्षेत्र जहाँ कोई भूकंपीय तरंग दर्ज नहीं होती, छाया क्षेत्र (Shadow Zone) कहलाता है — 105° तक P और S दोनों तरंगें दर्ज होती हैं, जबकि 145° से आगे केवल P तरंगें। S तरंगों का बाहरी क्रोड से न गुज़र पाना यह बताता है कि बाहरी क्रोड तरल है।
भूकंपीय तरंगों की तुलना
| तरंग | गति / क्रम | किस माध्यम से गुज़रती है | विशेषता |
|---|---|---|---|
| P तरंग (प्राथमिक) | सबसे तेज़; सबसे पहले पहुँचती है | ठोस, तरल और गैस — तीनों | ध्वनि तरंगों जैसी; अनुदैर्ध्य |
| S तरंग (द्वितीयक) | P के बाद कुछ अंतराल से पहुँचती है | केवल ठोस | अनुप्रस्थ; तरल बाहरी क्रोड से नहीं गुज़रती |
| L / धरातलीय तरंग | सबसे बाद में पहुँचती है | धरातल के साथ-साथ | सबसे अधिक विनाशकारी — चट्टानों का विस्थापन और इमारतों का गिरना |
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि (कक्षा 6)
अंधेरे कमरे में टॉर्च (सूर्य) और झुकी सलाई लगे ग्लोब से प्रदर्शन: ग्लोब को घुमाकर दिन-रात और प्रदीप्ति वृत्त दिखाएँ; फिर झुकाव बनाए रखते हुए टॉर्च के चारों ओर चार स्थितियों (21 जून, 23 सितंबर, 22 दिसंबर, 21 मार्च) में ले जाकर दिखाएँ कि किरणें कहाँ सीधी पड़ती हैं।
शिक्षण सामग्री
ग्लोब, टॉर्च, चाँदे (प्रोट्रैक्टर) से 66½° और 23½° का कोण बनाने वाला कार्ड-मॉडल; भूकंप के लिए स्लिंकी स्प्रिंग — आगे-पीछे धक्का (P तरंग) और ऊपर-नीचे हिलाना (S तरंग)।
आम भ्रांतियाँ
सबसे आम भ्रांति: 'गर्मी इसलिए होती है क्योंकि पृथ्वी तब सूर्य के पास होती है।' ऋतुएँ मुख्यतः अक्ष के झुकाव के कारण किरणों के कोण और दिन की लंबाई बदलने से होती हैं — दोनों गोलार्धों में एक ही समय विपरीत ऋतु होना इसका प्रमाण है। दूसरी भ्रांति: 'अधिकेन्द्र पृथ्वी के अंदर होता है' — वह भूकंप मूल है।
आकलन का तरीका
चित्र-आधारित प्रश्न: चार स्थितियों वाला परिक्रमण-चित्र देकर तिथि और गोलार्ध की ऋतु लिखवाएँ; 'क्यों' वाले प्रश्न पूछें — 'दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया में गर्मी क्यों होती है?'
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
कोण वाले प्रश्न में शब्द पर ध्यान दें: 'कक्षीय तल से कोण' = 66½°, 'लंब/ऊर्ध्वाधर से झुकाव' = 23½° — दोनों का योग 90°। तरंगों के लिए: 'P = पहली और पार (सब माध्यमों के पार), S = सिर्फ़ ठोस, L = लास्ट और लड़ाकू (सबसे विनाशकारी)'।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 102
पृथ्वी का अक्ष इसके कक्षीय सतह से कितने डिग्री का कोण बनाती है ?
- A23½°
- B66½°
- C90°
- D85°
व्याख्या
पृथ्वी का अक्ष अपनी कक्षा के तल के लम्ब (ऊर्ध्वाधर) से 23½° झुका हुआ है। इसलिए अक्ष और कक्षीय तल के बीच का कोण 90° − 23½° = 66½° होता है। 23½° वाला विकल्प लम्ब से झुकाव है, कक्षीय तल से कोण नहीं।
प्रश्न 106
पृथ्वी के सतह पर भूकम्प मूल से निकटतम बिन्दु कहलाता है
- Aअवकेन्द्र
- Bछाया क्षेत्र
- Cविवर्तनिक केन्द्र
- Dअधिकेन्द्र
व्याख्या
भूकम्प जिस स्थान पर पृथ्वी के भीतर उत्पन्न होता है उसे भूकम्प मूल (focus/hypocentre) कहते हैं। पृथ्वी की सतह पर भूकम्प मूल के ठीक ऊपर स्थित निकटतम बिन्दु को अधिकेन्द्र (epicentre) कहते हैं, जहाँ भूकम्पीय तरंगें सबसे पहले पहुँचती हैं। अवकेन्द्र तो स्वयं भूकम्प मूल है, इसलिए (A) गलत है।
प्रश्न 141
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है ?
- Aअर्सा मेजर या बिग बीयर एक नक्षत्रमंडल है ।
- Bबड़े आकार वाले गर्म खगोलीय पिंड जो गैसों से बने होते हैं, स्वयं की ऊर्जा व प्रकाश रखते हैं, वे तारे कहलाते हैं ।
- Cबृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्च्यून आंतरिक ग्रह हैं ।
- Dपृथ्वी के आकार को ‘भू आम’ कहा जाता है ।
व्याख्या
बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेप्च्यून बाहरी ग्रह (outer/Jovian planets) हैं; आंतरिक ग्रह बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल हैं। इसलिए कथन (C) सत्य नहीं है। अर्सा मेजर (सप्तर्षि/बिग बीयर) एक नक्षत्रमंडल है, तारे स्वयं प्रकाश और ऊष्मा वाले गैसीय पिंड हैं और पृथ्वी की आकृति को 'जियोइड' (भू-आभ) कहा जाता है।
प्रश्न 131
पृथ्वी का घनत्व है
- A4.5
- B5.5
- C6.5
- D7.5
व्याख्या
पृथ्वी का औसत घनत्व लगभग 5.5 ग्राम प्रति घन सेमी (5.51 g/cm³) है। भूपर्पटी (crust) का घनत्व लगभग 2.7–3.0 होता है, जबकि केन्द्रीय क्रोड (core) का घनत्व बहुत अधिक (लगभग 10–13) होता है, जिससे औसत घनत्व 5.5 आता है।
प्रश्न 148
सर्वाधिक विनाशकारी भूकंप तरंग है
- Aपी तरंग
- Bएस तरंग
- Cएल तरंग
- Dपी* तरंग
व्याख्या
भूकंप की L तरंगें (धरातलीय/सतही तरंगें, Love व Rayleigh) सबसे अधिक विनाशकारी होती हैं, क्योंकि ये पृथ्वी की सतह पर चलती हैं और चट्टानों व इमारतों में सबसे अधिक विस्थापन पैदा करती हैं। P तरंगें सबसे तेज़ चलती हैं और सबसे पहले पहुँचती हैं, जबकि S तरंगें केवल ठोस माध्यम से गुजरती हैं; ये दोनों भूगर्भीय (body) तरंगें हैं।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
पृथ्वी अपने अक्ष पर किस दिशा में घूर्णन करती है?
- Aपूर्व से पश्चिम
- Bपश्चिम से पूर्व
- Cउत्तर से दक्षिण
- Dदक्षिण से उत्तर
व्याख्या
पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है, इसलिए सूर्य पूर्व में उगता और पश्चिम में डूबता दिखाई देता है।
प्रश्न 2
21 जून को सूर्य की किरणें किस रेखा पर सीधी पड़ती हैं?
- Aभूमध्य रेखा
- Bमकर रेखा
- Cकर्क रेखा
- Dआर्कटिक वृत्त
व्याख्या
21 जून (उत्तर अयनांत) को उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका होता है और किरणें कर्क रेखा पर सीधी पड़ती हैं। मकर रेखा पर 22 दिसंबर और भूमध्य रेखा पर विषुव के दिन किरणें सीधी पड़ती हैं।
प्रश्न 3
किस तिथि को पूरी पृथ्वी पर दिन और रात बराबर होते हैं?
- A21 जून
- B23 सितंबर
- C22 दिसंबर
- D4 जुलाई
व्याख्या
23 सितंबर और 21 मार्च विषुव हैं, जब सूर्य की किरणें भूमध्य रेखा पर सीधी पड़ती हैं और कोई ध्रुव सूर्य की ओर झुका नहीं होता। 21 जून और 22 दिसंबर अयनांत हैं।
प्रश्न 4
कौन-सी भूकंपीय तरंग केवल ठोस माध्यम से गुज़र सकती है?
- AP तरंग
- BS तरंग
- CL तरंग
- Dउपर्युक्त सभी
व्याख्या
NCERT के अनुसार S तरंगें केवल ठोस पदार्थों से गुज़रती हैं, जबकि P तरंगें ठोस, तरल और गैस तीनों से। L तरंगें धरातल के साथ चलती हैं।
प्रश्न 5
भूकंपीय छाया क्षेत्र अधिकेन्द्र से किस कोणीय दूरी के बीच होता है?
- A0° और 105°
- B105° और 145°
- C145° और 180°
- D90° और 120°
व्याख्या
105° तक P और S दोनों तरंगें दर्ज होती हैं और 145° से आगे केवल P तरंगें। 105° और 145° के बीच कोई तरंग दर्ज नहीं होती, इसलिए यह छाया क्षेत्र है।
प्रश्न 6
दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया में ग्रीष्म ऋतु होने का मुख्य कारण है—
- Aपृथ्वी का घूर्णन
- Bदिसंबर में दक्षिणी गोलार्ध का सूर्य की ओर झुका होना
- Cदिसंबर में पृथ्वी का सूर्य से सबसे दूर होना
- Dऑस्ट्रेलिया का भूमध्य रेखा पर स्थित होना
व्याख्या
22 दिसंबर के आसपास दक्षिणी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका होता है, इसलिए वहाँ किरणें अधिक सीधी पड़ती हैं और दिन लंबे होते हैं। ऋतुएँ अक्ष के झुकाव से होती हैं, दूरी से नहीं; ऑस्ट्रेलिया भूमध्य रेखा पर भी नहीं है।
प्रश्न 7
लीप वर्ष में फरवरी माह में कितने दिन होते हैं?
- A28
- B29
- C30
- D31
व्याख्या
परिक्रमण में 365¼ दिन लगते हैं; हर वर्ष बचा ¼ दिन चार वर्ष में एक पूरा दिन बनता है, जिसे फरवरी में जोड़कर 29 दिन किए जाते हैं।
प्रश्न 8
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- Aअधिकेन्द्र पृथ्वी के भीतर स्थित होता है
- Bभूकंप मूल को अवकेन्द्र भी कहते हैं
- CS तरंगें सबसे पहले पहुँचती हैं
- Dधरातलीय तरंगें सबसे कम विनाशकारी होती हैं
व्याख्या
भूकंप मूल (Focus) को अवकेन्द्र (Hypocentre) भी कहते हैं। अधिकेन्द्र धरातल पर होता है, सबसे पहले P तरंगें पहुँचती हैं और धरातलीय तरंगें सबसे विनाशकारी होती हैं।
प्रश्न 9
कक्षा 6 में दिन-रात बनने की प्रक्रिया समझाने के लिए सबसे उपयुक्त शिक्षण युक्ति है—
- Aपरिभाषा श्यामपट्ट पर लिखकर याद कराना
- Bअंधेरे कमरे में टॉर्च और ग्लोब से घूर्णन का प्रदर्शन
- Cकेवल पाठ्यपुस्तक का सस्वर वाचन
- Dगृहकार्य में प्रश्नोत्तर लिखवाना
व्याख्या
घूर्णन एक अमूर्त प्रक्रिया है; टॉर्च-ग्लोब प्रदर्शन इसे मूर्त और दृश्य बनाता है, जिससे बच्चे स्वयं देखते हैं कि प्रकाशित भाग में दिन और दूसरे भाग में रात होती है। अन्य विकल्प रटने पर आधारित हैं।
प्रश्न 10
एक विद्यार्थी कहता है, 'गर्मी इसलिए होती है क्योंकि पृथ्वी तब सूर्य के सबसे पास होती है।' इस भ्रांति को दूर करने के लिए शिक्षक कौन-सा तथ्य सबसे प्रभावी रूप से प्रयोग कर सकता है?
- Aपृथ्वी की कक्षा दीर्घवृत्ताकार है
- Bएक ही समय उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में विपरीत ऋतुएँ होती हैं
- Cपृथ्वी 24 घंटे में घूर्णन करती है
- Dपृथ्वी का घनत्व 5.5 है
व्याख्या
यदि दूरी ऋतु का कारण होती तो दोनों गोलार्धों में एक साथ एक ही ऋतु होती। विपरीत ऋतुएँ दिखाती हैं कि कारण अक्ष का झुकाव है। दीर्घवृत्ताकार कक्षा वाला तथ्य तो भ्रांति को और पक्का कर सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पृथ्वी का अक्ष कक्षीय तल से कितने अंश का कोण बनाता है?+
66½°। अक्ष कक्षीय तल के लंब से 23½° झुका हुआ है, इसलिए कक्षीय तल के साथ कोण 90° − 23½° = 66½° होता है।
घूर्णन और परिक्रमण में क्या अंतर है?+
घूर्णन पृथ्वी का अपने अक्ष पर लगभग 24 घंटे में घूमना है, जिससे दिन-रात बनते हैं। परिक्रमण सूर्य के चारों ओर 365¼ दिन में चक्कर लगाना है, जिससे (झुके अक्ष के साथ) ऋतुएँ बदलती हैं।
भूकंप मूल और अधिकेन्द्र में क्या अंतर है?+
भूकंप मूल (Focus/Hypocentre) पृथ्वी के भीतर वह बिंदु है जहाँ ऊर्जा निकलती है; अधिकेन्द्र (Epicentre) धरातल पर उसके ठीक ऊपर का निकटतम बिंदु है।
सबसे विनाशकारी भूकंपीय तरंग कौन-सी है?+
धरातलीय तरंगें (L तरंगें)। ये सबसे बाद में पहुँचती हैं पर धरातल के साथ चलने के कारण चट्टानों को विस्थापित करती हैं और इमारतें गिराती हैं।
आगे पढ़ें
आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए