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REET लेवल 2 · सामाजिक अध्ययन

स्थानीय स्वशासन — REET नोट्स (सामाजिक अध्ययन)

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73वें व 74वें संविधान संशोधन ने पंचायती राज व नगरपालिका संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा देकर स्थानीय स्वशासन को भारत के लोकतंत्र की तीसरी परत बनाया। REET में इस टॉपिक से इन दोनों संशोधनों की अनुसूची व विषय-संख्या पर बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं, और राजस्थान इसमें अग्रणी राज्य होने के कारण विशेष महत्व रखता है।

  • REET 2024 में 2 प्रश्न
  • कक्षा 8 स्तर
  • 12 मिनट पढ़ें

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के दोनों प्रश्न 73वें संविधान संशोधन द्वारा पंचायती राज के लिए जोड़ी गई 11वीं अनुसूची पर केंद्रित थे — एक में यह पूछा गया कि 29 विषय किस अनुसूची में जोड़े गए (उत्तर: 11वीं), दूसरे में सीधे विषयों की संख्या (29) पूछी गई। यानी REET में '73वाँ संशोधन = 11वीं अनुसूची = 29 विषय' और '74वाँ संशोधन = 12वीं अनुसूची = 18 विषय' — यह जोड़ी बिना गड़बड़ाए याद रखनी बहुत ज़रूरी है, क्योंकि दोनों संख्याएँ अक्सर एक-दूसरे से बदलकर पूछी जाती हैं।

73वाँ बनाम 74वाँ संविधान संशोधन

73वाँ संशोधन (पंचायती राज)

लागू तिथि24 अप्रैल 1993

जोड़ा गया भागभाग IX (अनुच्छेद 243–243O)

जोड़ी गई अनुसूची11वीं अनुसूची

विषयों की संख्या29 विषय (कृषि, पेयजल, ग्रामीण सड़कें आदि)

संरचनात्रि-स्तरीय — ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद

ग्राम सभा/वार्ड समितिग्राम सभा — गाँव के सभी पंजीकृत मतदाताओं की सभा (अनुच्छेद 243A)

74वाँ संशोधन (नगरपालिका)

लागू तिथि1 जून 1993

जोड़ा गया भागभाग IXA (अनुच्छेद 243P–243ZG)

जोड़ी गई अनुसूची12वीं अनुसूची

विषयों की संख्या18 विषय (शहरी नियोजन, जल-आपूर्ति आदि)

संरचनानगर पंचायत, नगर परिषद, नगर निगम

ग्राम सभा/वार्ड समिति3 लाख से अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में वार्ड समितियाँ अनिवार्य

दोनों संशोधन दिसंबर 1992 में पारित हुए, परंतु लागू होने की तिथि अलग-अलग है — यह भी REET में पूछा जा सकता है।

73वें संशोधन के प्रमुख प्रावधान

प्रत्यक्ष चुनाव
सभी स्तरों की सभी सीटों पर सीधे मतदान से चुनाव होता है।
आरक्षण
अनुसूचित जाति/जनजाति को जनसंख्या के अनुपात में तथा महिलाओं को न्यूनतम एक-तिहाई (1/3) सीटों व अध्यक्ष पदों पर आरक्षण।
कार्यकाल
5 वर्ष; समय से पहले भंग होने पर 6 माह के भीतर नए चुनाव अनिवार्य।
राज्य निर्वाचन आयोग
अनुच्छेद 243K के तहत पंचायत व नगरपालिका दोनों के चुनाव करवाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की व्यवस्था।
राज्य वित्त आयोग
अनुच्छेद 243I के तहत हर 5 वर्ष में पंचायतों व नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए राज्य वित्त आयोग गठित होता है।

73वें संशोधन से पहले: प्रमुख समितियाँ व राजस्थान की भूमिका

पंचायती राज व्यवस्था की नींव 73वें संशोधन (1992) से बहुत पहले ही रखी जा चुकी थी। बलवंत राय मेहता समिति (1957) ने त्रि-स्तरीय पंचायती राज ढाँचे (ग्राम, प्रखंड व ज़िला स्तर) की सिफारिश की थी, और इस सिफारिश को देश में सबसे पहले लागू करने वाला राज्य राजस्थान था — प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर ज़िले से पंचायती राज व्यवस्था का शुभारंभ किया।

बाद में अशोक मेहता समिति (1977) ने दो-स्तरीय (मंडल पंचायत व ज़िला परिषद) ढाँचे व कर लगाने की अनिवार्य शक्तियाँ देने की सिफारिश की थी, परंतु इसे व्यापक रूप से लागू नहीं किया गया। इन दोनों समितियों की सिफारिशों के अनुभव के आधार पर ही अंततः 73वाँ व 74वाँ संविधान संशोधन तैयार किए गए, जिन्होंने पहली बार इन संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया।

73वें संशोधन से पहले संवैधानिक आधार

73वें संशोधन से पहले भी संविधान में ग्राम पंचायतों का उल्लेख मौजूद था — राज्य नीति के निदेशक तत्वों में शामिल अनुच्छेद 40 राज्य को यह निर्देश देता है कि वह ग्राम पंचायतों का संगठन करे और उन्हें स्वशासन की इकाई के रूप में कार्य करने योग्य बनाने के लिए आवश्यक शक्तियाँ व अधिकार प्रदान करे। परंतु यह केवल एक नीति-निर्देश था, कानूनी रूप से बाध्यकारी संवैधानिक ढाँचा नहीं — 73वें व 74वें संशोधन ने इसी कमी को दूर करते हुए स्थानीय स्वशासन को पहली बार अनुच्छेदों व अनुसूचियों के माध्यम से ठोस संवैधानिक स्वरूप दिया।

राजस्थान में 73वें संशोधन के अनुरूप 'राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994' पारित किया गया, जो राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के गठन, चुनाव व शक्तियों का विस्तृत विधिक आधार प्रदान करता है। इससे पहले 1959 में बना 'राजस्थान पंचायत समिति एवं जिला परिषद अधिनियम' देश का इस विषय पर पहला राज्य-स्तरीय कानून था।

पंचायती राज की त्रि-स्तरीय संरचना

ग्राम पंचायत
सबसे निचला स्तर, एक या अधिक गाँवों के लिए; सरपंच इसका निर्वाचित प्रधान होता है।
पंचायत समिति (मध्यवर्ती स्तर)
प्रखंड/तहसील स्तर पर गठित; प्रधान (राजस्थान में 'प्रधान') इसका निर्वाचित मुखिया होता है।
जिला परिषद
सबसे ऊपरी स्तर, पूरे ज़िले के लिए; ज़िला प्रमुख (राजस्थान में यही पदनाम प्रयुक्त) इसका निर्वाचित प्रधान होता है।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि (कक्षा 8)

बच्चों को अपने गाँव/शहर की स्थानीय निकाय संस्था (ग्राम पंचायत/नगर पालिका) का नाम व वहाँ के सरपंच/पार्षद का नाम पता करके कक्षा में साझा करने को कहना — इससे विषय व्यावहारिक व निजी अनुभव से जुड़ता है।

शिक्षण सहायक सामग्री

त्रि-स्तरीय पंचायती राज ढाँचे (ग्राम पंचायत → पंचायत समिति → जिला परिषद) को सीढ़ी के रूप में दिखाने वाला चार्ट बनवाना।

सामान्य ग़लतफ़हमी

बच्चे 11वीं व 12वीं अनुसूची तथा 29 व 18 विषयों की संख्या को अक्सर आपस में बदल देते हैं — '73 का 11' और '74 का 12' जैसे साधारण जोड़-सूत्र से यह भ्रम दूर होता है।

आकलन विचार

'73वाँ या 74वाँ?' प्रश्नोत्तरी करवाना, जिसमें शिक्षक कोई विशेषता (जैसे 'ग्राम सभा') बोलें और बच्चे सही संशोधन की तरफ हाथ उठाएँ।

याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप

संख्याओं को जोड़ी में याद रखें: '73-11-29' (73वाँ संशोधन-11वीं अनुसूची-29 विषय, पंचायत के लिए) और '74-12-18' (74वाँ संशोधन-12वीं अनुसूची-18 विषय, नगरपालिका के लिए)। ध्यान दें कि दोनों जोड़ियों में पहली दो संख्याएँ बढ़ती क्रम में हैं (73→11 और 74→12), जबकि तीसरी संख्या पंचायत में बड़ी (29) और नगरपालिका में छोटी (18) है।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 99

भारतीय संविधान में 73 वें संविधान संशोधन द्वारा पंचायती राज के लिये 29 विषय कौन-सी अनुसूची में जोड़े गये ?

  1. A9 वीं
  2. B10 वीं
  3. C11 वीं
  4. D12 वीं

व्याख्या

73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया, संविधान में भाग 9 जोड़ा गया और 11वीं अनुसूची जोड़ी गई जिसमें पंचायतों के 29 विषय हैं। (74वें संशोधन से नगरपालिकाओं के लिए 12वीं अनुसूची में 18 विषय जोड़े गए थे।)

प्रश्न 143

73 वें संविधान संशोधन द्वारा पंचायती राज हेतु 11वीं अनुसूची में कितने विषय शामिल किये गये ?

  1. A25
  2. B28
  3. C31
  4. D29

व्याख्या

73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संविधान में ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें पंचायतों के लिए 29 विषय (जैसे कृषि, पेयजल, ग्रामीण सड़कें, प्राथमिक शिक्षा) रखे गए। 74वें संशोधन द्वारा जोड़ी गई बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं के 18 विषय हैं।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

पंचायती राज व्यवस्था के लिए त्रि-स्तरीय ढाँचे की सिफारिश किस समिति ने की थी?

  1. Aअशोक मेहता समिति
  2. Bबलवंत राय मेहता समिति
  3. Cसरकारिया आयोग
  4. Dपी. सत्यनारायण राव समिति

व्याख्या

बलवंत राय मेहता समिति (1957) ने ग्राम, प्रखंड (ब्लॉक) व ज़िला स्तर वाले त्रि-स्तरीय पंचायती राज ढाँचे की सिफारिश की थी, जिसे सबसे पहले राजस्थान में लागू किया गया।

प्रश्न 2

74वें संविधान संशोधन द्वारा नगरपालिकाओं के लिए संविधान में कौन-सी अनुसूची जोड़ी गई?

  1. A9वीं अनुसूची
  2. B10वीं अनुसूची
  3. C11वीं अनुसूची
  4. D12वीं अनुसूची

व्याख्या

74वें संविधान संशोधन द्वारा 12वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें नगरपालिकाओं के लिए 18 विषय शामिल किए गए। 11वीं अनुसूची (29 विषय) 73वें संशोधन द्वारा पंचायतों के लिए जोड़ी गई थी।

प्रश्न 3

पंचायती राज व्यवस्था का शुभारंभ 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के किस ज़िले से हुआ था?

  1. Aजयपुर
  2. Bअजमेर
  3. Cनागौर
  4. Dकोटा

व्याख्या

प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर ज़िले से देश में पंचायती राज व्यवस्था का शुभारंभ किया था, जिससे राजस्थान यह व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना।

प्रश्न 4

73वें संविधान संशोधन द्वारा महिलाओं के लिए पंचायतों में न्यूनतम कितने प्रतिशत सीटों का आरक्षण अनिवार्य किया गया?

  1. A25%
  2. B33% (एक-तिहाई)
  3. C50%
  4. D20%

व्याख्या

73वें संशोधन के अनुसार पंचायतों में कुल सीटों तथा अध्यक्ष पदों में से न्यूनतम एक-तिहाई (33%) महिलाओं के लिए आरक्षित करना अनिवार्य किया गया।

प्रश्न 5

73वें संशोधन द्वारा जोड़े गए भाग IX में कौन-से अनुच्छेद शामिल हैं?

  1. Aअनुच्छेद 243 से 243O
  2. Bअनुच्छेद 243P से 243ZG
  3. Cअनुच्छेद 12 से 35
  4. Dअनुच्छेद 214 से 231

व्याख्या

73वें संशोधन द्वारा संविधान में भाग IX जोड़ा गया, जिसमें अनुच्छेद 243 से 243O तक पंचायती राज से संबंधित प्रावधान हैं। भाग IXA (243P–243ZG) 74वें संशोधन द्वारा नगरपालिकाओं के लिए जोड़ा गया।

प्रश्न 6

पंचायत व नगरपालिका के चुनाव करवाने के लिए किस संस्था का गठन अनुच्छेद 243K के तहत होता है?

  1. Aभारत निर्वाचन आयोग
  2. Bराज्य निर्वाचन आयोग
  3. Cराज्य वित्त आयोग
  4. Dज़िला निर्वाचन अधिकारी

व्याख्या

अनुच्छेद 243K के तहत हर राज्य में गठित राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत व नगरपालिका — दोनों के चुनाव करवाने के लिए ज़िम्मेदार होता है, न कि भारत निर्वाचन आयोग।

प्रश्न 7

यदि किसी पंचायत को समय से पहले भंग कर दिया जाए, तो नए चुनाव कितने समय के भीतर करवाने अनिवार्य हैं?

  1. A3 माह
  2. B6 माह
  3. C1 वर्ष
  4. D2 वर्ष

व्याख्या

73वें संशोधन के अनुसार यदि किसी पंचायत को उसके 5 वर्ष के कार्यकाल से पहले भंग किया जाता है, तो 6 माह के भीतर नए चुनाव करवाना अनिवार्य है।

प्रश्न 8

अशोक मेहता समिति (1977) ने पंचायती राज के लिए किस ढाँचे की सिफारिश की थी?

  1. Aएक-स्तरीय ढाँचा
  2. Bद्वि-स्तरीय ढाँचा (मंडल पंचायत व ज़िला परिषद)
  3. Cत्रि-स्तरीय ढाँचा
  4. Dचतुर्थ-स्तरीय ढाँचा

व्याख्या

अशोक मेहता समिति (1977) ने द्वि-स्तरीय (मंडल पंचायत व ज़िला परिषद) ढाँचे तथा पंचायतों को कर लगाने की अनिवार्य शक्तियाँ देने की सिफारिश की थी, जिसे व्यापक रूप से लागू नहीं किया गया।

प्रश्न 9

गाँव के सभी पंजीकृत मतदाताओं से मिलकर बनी सभा, जिसे अनुच्छेद 243A में परिभाषित किया गया है, कहलाती है

  1. Aग्राम पंचायत
  2. Bग्राम सभा
  3. Cपंचायत समिति
  4. Dजिला परिषद

व्याख्या

अनुच्छेद 243A के अनुसार ग्राम सभा गाँव के सभी पंजीकृत मतदाताओं से मिलकर बनी सभा है, जो ग्राम पंचायत के कार्यों की निगरानी व सामुदायिक निर्णयों में भाग लेती है। ग्राम पंचायत निर्वाचित प्रतिनिधियों की संस्था है।

प्रश्न 10

कक्षा में पंचायती राज व्यवस्था पढ़ाते समय बच्चों को व्यावहारिक रूप से जोड़ने का सबसे उपयुक्त तरीका क्या है?

  1. Aकेवल अनुसूची संख्या रटवाना
  2. Bबच्चों को अपने गाँव/शहर की स्थानीय निकाय संस्था के बारे में पता करके साझा करने को कहना
  3. Cविषय को केवल परीक्षा तक सीमित रखना
  4. Dकेवल पाठ्यपुस्तक की परिभाषा पढ़वाना

व्याख्या

बच्चों को अपने गाँव/शहर की स्थानीय निकाय संस्था व वहाँ के प्रतिनिधि के बारे में पता करके कक्षा में साझा करने से विषय उनके निजी अनुभव व वास्तविक जीवन से जुड़ता है, जो केवल परिभाषा रटने से संभव नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्थानीय स्वशासन से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में इस टॉपिक से 2 प्रश्न पूछे गए, दोनों 73वें संशोधन की 11वीं अनुसूची व उसमें शामिल 29 विषयों पर केंद्रित थे। नागरिक शास्त्र खंड में यह हर साल पूछा जाने वाला महत्वपूर्ण टॉपिक है।

73वें संशोधन द्वारा कितने विषय किस अनुसूची में जोड़े गए?+

73वें संशोधन द्वारा 11वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें पंचायतों के लिए 29 विषय (जैसे कृषि, पेयजल, ग्रामीण सड़कें, प्राथमिक शिक्षा) शामिल किए गए।

देश में पंचायती राज सबसे पहले कहाँ लागू हुआ?+

बलवंत राय मेहता समिति (1957) की सिफारिश पर पंचायती राज व्यवस्था सबसे पहले राजस्थान के नागौर ज़िले से 2 अक्टूबर 1959 को शुरू की गई, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नेहरू ने किया था।

73वाँ व 74वाँ संशोधन कब लागू हुए?+

दोनों संशोधन दिसंबर 1992 में पारित हुए। 73वाँ संशोधन (पंचायती राज) 24 अप्रैल 1993 से और 74वाँ संशोधन (नगरपालिका) 1 जून 1993 से लागू हुआ।

पंचायत व नगरपालिका चुनाव कौन करवाता है?+

अनुच्छेद 243K के तहत गठित राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत व नगरपालिका — दोनों के चुनाव करवाने के लिए ज़िम्मेदार होता है।

पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा कौन करता है?+

अनुच्छेद 243I के तहत हर राज्य में हर 5 वर्ष में गठित राज्य वित्त आयोग पंचायतों व नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है और राज्य द्वारा उन्हें दिए जाने वाले अनुदान व करों के बँटवारे पर सिफारिशें देता है।

73वें संशोधन से पहले पंचायतों का संवैधानिक आधार क्या था?+

73वें संशोधन से पहले पंचायतें केवल राज्य नीति के निदेशक तत्व (अनुच्छेद 40) के तहत एक नीति-निर्देश मात्र थीं, जो न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं था। इसी कारण अलग-अलग राज्यों में पंचायतों की संरचना, चुनाव व शक्तियाँ बहुत भिन्न-भिन्न थीं, जब तक 73वें संशोधन ने एक समान संवैधानिक ढाँचा नहीं दिया।

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आधिकारिक स्रोत

  1. NCERT कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान — अध्याय 11: आधारभूत लोकतंत्र भाग 2 — ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार
  2. Election Commission for UTs — 73rd Amendment of Panchayati Raj in India

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  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए