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REET L2 · सामाजिक अध्ययन

मौर्य साम्राज्य — REET नोट्स (सामाजिक अध्ययन)

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मौर्य साम्राज्य (322–185 ईसा-पूर्व) भारत का पहला बड़ा अखिल-भारतीय साम्राज्य था, जिसकी प्रशासनिक व्यवस्था कौटिल्य के अर्थशास्त्र में विस्तार से दर्ज है। REET में इस टॉपिक से प्रांतीय राजधानियाँ, अशोक के अभिलेख और अर्थशास्त्र की प्रशासनिक शब्दावली पर बारीक प्रश्न पूछे जाते हैं।

  • REET 2024 में 4 प्रश्न
  • कक्षा 6–8 स्तर
  • 10 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: Wikipedia — Major Rock Edicts

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के प्रश्नों में प्रांतीय राजधानियों में से 'कौन-सी नहीं' पूछी गई, अर्थशास्त्र के अनुसार सिक्कों के नाम (ताँबे का सिक्का 'माषक'), अशोक के किस शिलालेख में क्या उल्लेख है, और प्रशासनिक पदों/इकाइयों पर बहु-कथन (statement-based) प्रश्न शामिल थे। यानी परीक्षा सतही तथ्यों से आगे बढ़कर अर्थशास्त्र और अभिलेखों की बारीक शब्दावली तक जाती है, इसलिए रटने के बजाय हर शब्द को समझकर याद करना ज़रूरी है। ध्यान दें कि इनमें से कई प्रश्न 'निम्न में से गलत/नहीं है' प्रकार के थे, यानी विकल्पों को बारीकी से छाँटने की क्षमता उतनी ही ज़रूरी है जितना तथ्य याद रखना।

मौर्य साम्राज्य की स्थापना

संस्थापक
चंद्रगुप्त मौर्य (शासनकाल लगभग 322–298 ईसा-पूर्व) — नंद वंश को हराकर साम्राज्य की स्थापना की
गुरु/प्रधानमंत्री
चाणक्य (कौटिल्य/विष्णुगुप्त) — अर्थशास्त्र के रचयिता, जिसमें राजनीति व प्रशासन का विस्तृत वर्णन है
राजधानी
पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना)
सेल्यूकस से संघर्ष
लगभग 305 ईसा-पूर्व चंद्रगुप्त ने यूनानी शासक सेल्यूकस निकेटर को हराया; संधि में सेल्यूकस ने कंधार, हेरात, काबुल व बलूचिस्तान के क्षेत्र दिए तथा मेगस्थनीज़ को अपना राजदूत बनाकर मौर्य दरबार भेजा
मेगस्थनीज़
यूनानी राजदूत, जिसने 'इंडिका' नामक ग्रंथ में मौर्य समाज व प्रशासन का विवरण दिया
बिन्दुसार
चंद्रगुप्त के पुत्र व उत्तराधिकारी, यूनानी स्रोतों में 'अमित्रघात' (Amitrochates) कहे गए; दक्षिण भारत में साम्राज्य का विस्तार किया

अशोक और उसका धम्म

कलिंग युद्ध
लगभग 261 ईसा-पूर्व — इस युद्ध की भीषण जन-हानि देखकर अशोक ने हृदय-परिवर्तन किया और बौद्ध धर्म की ओर झुके
उपाधि
अभिलेखों में स्वयं को 'देवानांप्रिय प्रियदर्शी' कहा
धम्म महामात्र
धम्म के प्रचार व प्रजा-कल्याण हेतु नियुक्त विशेष अधिकारी — पाँचवें शिलालेख में उल्लेख
धम्म यात्राएँ
शिकार-यात्राओं के स्थान पर अशोक द्वारा शुरू की गई धार्मिक/लोक-कल्याण यात्राएँ — आठवें शिलालेख में उल्लेख
धम्म विजय
तेरहवें शिलालेख में वर्णित — कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने युद्ध-विजय के बजाय 'धम्म विजय' को श्रेष्ठ बताया और यवन शासकों तक भी धम्म पहुँचाने का उल्लेख किया
लिपि व भाषा
अधिकांश अभिलेख ब्राह्मी लिपि व प्राकृत भाषा में; उत्तर-पश्चिम में खरोष्ठी और यूनानी-अरामाईक लिपि में भी अभिलेख मिले हैं

मौर्यकालीन प्रांत और उनकी राजधानियाँ

प्रांत/क्षेत्रराजधानी (केंद्र)
उत्तर-पश्चिमी प्रांत (गांधार)तक्षशिला
पश्चिमी प्रांत (अवन्ति)उज्जयिनी
दक्षिणी प्रांतसुवर्णगिरी
पूर्वी प्रांत (कलिंग)तोसली
केंद्रीय साम्राज्यपाटलिपुत्र (मुख्य राजधानी)

कौशाम्बी एक महत्त्वपूर्ण नगर ज़रूर था, पर इसे इन चार प्रमुख प्रांतीय राजनीतिक केंद्रों में नहीं गिना जाता — REET 2024 में यही भ्रम जाँचा गया।

अर्थशास्त्र की प्रशासनिक व मुद्रा-शब्दावली

शब्दअर्थ
पणचाँदी का मुख्य सिक्का
माषकताँबे का सिक्का
काकणीमाषक से छोटा ताँबे का सिक्का
सन्निधाताराजकीय कोष व भंडार का प्रमुख (कोषाध्यक्ष)
समाहर्ताराजस्व-संग्रह का प्रमुख अधिकारी
स्थानीय800 गाँवों की प्रशासनिक इकाई का केंद्र
द्रोणमुख400 गाँवों की प्रशासनिक इकाई का केंद्र
खार्वटिक200 गाँवों की प्रशासनिक इकाई का केंद्र
संग्रहण10 गाँवों की प्रशासनिक इकाई का केंद्र

केंद्रीय प्रशासन की झलक

मेगस्थनीज़ के विवरण और अर्थशास्त्र के अनुसार मौर्य प्रशासन अत्यंत केंद्रीकृत था। राजा सर्वोच्च था, पर उसकी सहायता के लिए मंत्रि-परिषद होती थी। पाटलिपुत्र नगर का प्रबंधन छह समितियों (प्रत्येक में पाँच सदस्य) द्वारा होता था, जो शिल्प, विदेशियों, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, व्यापार, विनिर्मित माल की बिक्री और कर-वसूली जैसे कार्य देखती थीं।

गुप्तचर (जासूस) व्यवस्था भी अत्यंत सुदृढ़ थी — संस्थान (स्थिर गुप्तचर) और संचार (घूमने वाले गुप्तचर) राज्य में शासन की जानकारी राजा तक पहुँचाते थे। यह व्यवस्था बताती है कि मौर्य शासन क्यों इतने विशाल भू-भाग को नियंत्रित रख पाया। सेना का संचालन भी छह समितियों द्वारा होता था, जिनमें पैदल सेना, अश्वारोही, रथ, हाथी, नौसेना और रसद-आपूर्ति अलग-अलग समितियों के अधीन थीं — यह दर्शाता है कि मौर्यकालीन प्रशासन आधुनिक अर्थों में भी बहुत व्यवस्थित था।

मौर्य कला और स्थापत्य

मौर्यकाल की सबसे विशिष्ट कलात्मक देन अशोक के एकाश्म (एक ही पत्थर से बने) स्तंभ हैं, जिन पर चमकदार पॉलिश (मौर्य पॉलिश) की गई है। सारनाथ स्तंभ का सिंह-शीर्ष आज भारत का राष्ट्रीय प्रतीक है, और इसके नीचे अंकित 'सत्यमेव जयते' शब्द मुण्डक उपनिषद से लिए गए हैं। बराबर की गुफाएँ (बिहार) आजीवक संप्रदाय के साधुओं के लिए बनवाई गई थीं और चट्टान काटकर बनाई गई भारत की सबसे पुरानी गुफाओं में गिनी जाती हैं।

मौर्य साम्राज्य का पतन अशोक की मृत्यु (लगभग 232 ईसा-पूर्व) के बाद कमज़ोर उत्तराधिकारियों, केंद्रीय नियंत्रण के ढीले पड़ने और आर्थिक दबाव के कारण हुआ। अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ की हत्या उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने कर दी, जिसने शुंग वंश की स्थापना की — इस प्रकार लगभग डेढ़ सदी बाद मौर्य साम्राज्य समाप्त हो गया।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि (कक्षा 6–8)

भारत के रेखा-मानचित्र पर पाटलिपुत्र, तक्षशिला, उज्जयिनी, सुवर्णगिरी और तोसली को चिह्नित करवाकर मौर्य साम्राज्य का विस्तार दिखाना — इससे 'साम्राज्य' की अवधारणा स्थानिक रूप से स्पष्ट होती है।

शिक्षण सहायक सामग्री

अशोक के किसी एक शिलालेख (जैसे तेरहवें शिलालेख) का सरल हिंदी अनुवाद पढ़वाना और उसमें से 'धम्म विजय' वाला अंश रेखांकित करवाना।

सामान्य ग़लतफ़हमी

बच्चे प्रायः सोचते हैं कि अशोक के सभी अभिलेख संस्कृत में हैं — जबकि अधिकांश अभिलेख प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में हैं। इस अंतर को स्पष्ट करना ज़रूरी है।

आकलन विचार

'शब्द और अर्थ जोड़ो' गतिविधि — पण, माषक, सन्निधाता, समाहर्ता जैसे शब्दों को उनके सही अर्थ से जोड़ने का त्वरित मिलान अभ्यास, जिसके बाद बच्चों से एक-दो पंक्तियों में यह भी लिखवाएँ कि उन्हें यह शब्द याद रखने में सबसे ज़्यादा किस तरकीब ने मदद की — इससे शिक्षक को यह पता चलता है कि कौन-सी स्मरण-विधि कक्षा में सबसे प्रभावी है।

याद रखने की ट्रिक

प्रांतीय राजधानियाँ याद रखने के लिए दिशा से जोड़ें — 'तक्षशिला उत्तर-पश्चिम में, उज्जयिनी पश्चिम में, सुवर्णगिरी दक्षिण में, तोसली पूर्व (कलिंग) में' — यानी लगभग चारों दिशाओं में एक-एक राजधानी। और सिक्कों के लिए याद रखें: चाँदी बड़ी चीज़ है इसलिए बड़ा नाम 'पण', ताँबा छोटी चीज़ है इसलिए छोटे नाम 'माषक' और 'काकणी'।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 92

अधोलिखित में से कौन-सा केन्द्र मौर्य साम्राज्य का प्रमुख राजनीतिक केन्द्र नहीं था ?

  1. Aतक्षशिला
  2. Bउज्जयिनी
  3. Cकौशाम्बी
  4. Dसुवर्णगिरी

व्याख्या

मौर्य साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र थी और प्रशासन के लिए प्रमुख प्रांतीय केन्द्र तक्षशिला (उत्तर-पश्चिम), उज्जयिनी (अवन्ति/पश्चिम), सुवर्णगिरि (दक्षिण) और तोसली (कलिंग) थे; इनका उल्लेख अशोक के अभिलेखों में मिलता है। कौशाम्बी एक महत्त्वपूर्ण नगर था, पर इसे इन प्रमुख प्रांतीय राजनीतिक केन्द्रों में नहीं गिना जाता। इसलिए सही उत्तर कौशाम्बी है।

प्रश्न 117

मौर्यकाल में ताँबे के सिक्के को क्या कहा जाता था ?

  1. Aनिष्क
  2. Bकार्षापण
  3. Cधरण
  4. Dमाषक

व्याख्या

कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार मौर्यकाल में 'पण' मुख्यतः चाँदी का सिक्का था, जबकि 'माषक' ताँबे का सिक्का था; उससे छोटे ताँबे के सिक्के 'काकणी' कहलाते थे। कार्षापण मूलतः चाँदी के आहत (पंचमार्क) सिक्के थे। अतः ताँबे के सिक्के के लिए सही उत्तर (D) माषक है।

प्रश्न 132

अशोक के किस शिलालेख में उसके सुदूर प्रदेशों में ‘धम्म विजय’ का उल्लेख मिलता है ?

  1. Aसातवें शिलालेख में
  2. Bतेरहवें शिलालेख में
  3. Cपाँचवें शिलालेख में
  4. Dआठवें शिलालेख में

व्याख्या

अशोक के तेरहवें शिलालेख में कलिंग युद्ध के बाद अशोक के हृदय परिवर्तन और ‘धम्म विजय’ को सर्वश्रेष्ठ विजय बताने का उल्लेख है। इसी शिलालेख में यवन राजाओं (जैसे अंतियोक) सहित सुदूर प्रदेशों में धम्म विजय प्राप्त करने की बात कही गई है। पाँचवें शिलालेख में धम्म महामात्रों की नियुक्ति तथा आठवें में धम्म यात्राओं का उल्लेख है।

प्रश्न 136

मौर्य काल के प्रशासन के बारें में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. ‘कुशीलन’ का सम्बंध न्यायालय से था । 2. 100 ग्रामों की इकाई को ‘स्थानीय’ कहा जाता था । 3. ‘सन्निधाता’ राज्य का कोषाध्यक्ष था । उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?

  1. A1, 2, 3
  2. Bकेवल 3
  3. C1, 3
  4. Dकेवल 1

व्याख्या

कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार ‘कुशीलव’ नट, नर्तक, गायक आदि मनोरंजन करने वाले लोग थे, उनका संबंध न्यायालय से नहीं था; अतः कथन 1 गलत है। 800 ग्रामों के बीच स्थित प्रशासनिक केन्द्र को ‘स्थानीय’ कहा जाता था (400 ग्रामों पर द्रोणमुख, 200 पर खार्वटिक, 10 पर संग्रहण), इसलिए 100 ग्रामों वाला कथन 2 गलत है। ‘सन्निधाता’ राजकीय कोष व भंडार का प्रमुख (कोषाध्यक्ष) था, अतः केवल कथन 3 सही है।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

मौर्य साम्राज्य की स्थापना किसने की थी ?

  1. Aबिन्दुसार
  2. Bचंद्रगुप्त मौर्य
  3. Cअशोक
  4. Dचाणक्य

व्याख्या

चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने गुरु चाणक्य की सहायता से अंतिम नंद शासक को हराकर लगभग 322 ईसा-पूर्व मौर्य साम्राज्य की स्थापना की। चाणक्य उनके मंत्री व मार्गदर्शक थे, स्वयं शासक नहीं।

प्रश्न 2

मेगस्थनीज़ किस शासक का राजदूत था और उसने कौन-सा ग्रंथ लिखा ?

  1. Aसेल्यूकस निकेटर का राजदूत, 'इंडिका'
  2. Bअशोक का राजदूत, 'अर्थशास्त्र'
  3. Cबिन्दुसार का राजदूत, 'मुद्राराक्षस'
  4. Dसेल्यूकस निकेटर का राजदूत, 'अष्टाध्यायी'

व्याख्या

मेगस्थनीज़ यूनानी शासक सेल्यूकस निकेटर द्वारा चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा गया राजदूत था, जिसने 'इंडिका' नामक ग्रंथ में मौर्यकालीन भारत का विवरण दिया।

प्रश्न 3

कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने अपने किस शिलालेख में युद्ध पर पश्चाताप और 'धम्म विजय' को श्रेष्ठ बताया ?

  1. Aपाँचवाँ शिलालेख
  2. Bआठवाँ शिलालेख
  3. Cतेरहवाँ शिलालेख
  4. Dबारहवाँ शिलालेख

व्याख्या

अशोक के तेरहवें शिलालेख में कलिंग युद्ध का उल्लेख, उस पर पश्चाताप और युद्ध-विजय के बजाय 'धम्म विजय' को सर्वश्रेष्ठ विजय बताने की बात दर्ज है।

प्रश्न 4

अर्थशास्त्र के अनुसार राजकीय कोष व भंडार का प्रमुख अधिकारी कौन कहलाता था ?

  1. Aसमाहर्ता
  2. Bसन्निधाता
  3. Cअमात्य
  4. Dपुरोहित

व्याख्या

सन्निधाता राजकीय कोष व भंडार का प्रमुख (कोषाध्यक्ष) था, जबकि समाहर्ता राजस्व-संग्रह का प्रमुख अधिकारी था।

प्रश्न 5

मौर्यकाल में 400 गाँवों की प्रशासनिक इकाई के केंद्र को क्या कहा जाता था ?

  1. Aस्थानीय
  2. Bसंग्रहण
  3. Cद्रोणमुख
  4. Dखार्वटिक

व्याख्या

अर्थशास्त्र के अनुसार 10 गाँवों पर संग्रहण, 200 पर खार्वटिक, 400 पर द्रोणमुख और 800 गाँवों पर स्थानीय नामक प्रशासनिक केंद्र होता था। अतः सही उत्तर द्रोणमुख है।

प्रश्न 6

बिन्दुसार को यूनानी स्रोतों में किस नाम से जाना जाता था ?

  1. Aअमित्रघात (Amitrochates)
  2. Bदेवानांप्रिय
  3. Cचंद्रगुप्त द्वितीय
  4. Dप्रियदर्शी

व्याख्या

बिन्दुसार को यूनानी स्रोतों में 'अमित्रघात' (शत्रुओं का नाश करने वाला) कहा गया है। 'देवानांप्रिय प्रियदर्शी' उपाधि अशोक ने अपने अभिलेखों में स्वयं के लिए प्रयोग की थी।

प्रश्न 7

मौर्यकालीन तक्षशिला किस दिशा के प्रांत का प्रशासनिक केंद्र था ?

  1. Aउत्तर-पश्चिम
  2. Bदक्षिण
  3. Cपूर्व (कलिंग)
  4. Dपश्चिम (अवन्ति)

व्याख्या

तक्षशिला उत्तर-पश्चिमी (गांधार) प्रांत की राजधानी/प्रशासनिक केंद्र था। उज्जयिनी पश्चिम (अवन्ति), सुवर्णगिरी दक्षिण और तोसली पूर्व (कलिंग) में स्थित प्रांतीय केंद्र थे।

प्रश्न 8

एक शिक्षक कक्षा 7 में मौर्य प्रशासन पढ़ाते समय बच्चों को 'पण, माषक, काकणी' शब्दों का सही मिलान करवाता है। यह गतिविधि किस उद्देश्य के लिए उपयुक्त है ?

  1. Aमौखिक परीक्षा से बचने के लिए
  2. Bशब्दावली को संदर्भ सहित स्मरण कराने के लिए
  3. Cकेवल समय व्यतीत करने के लिए
  4. Dचित्रकला अभ्यास के लिए

व्याख्या

मिलान (matching) गतिविधियाँ कठिन शब्दावली को उसके सही अर्थ के साथ जोड़कर स्थायी स्मृति में बिठाने में सहायक होती हैं, जो सामाजिक अध्ययन के ऐतिहासिक शब्दों के लिए एक प्रभावी शिक्षण-विधि है।

प्रश्न 9

अशोक के किस शिलालेख में धम्म-महामात्रों की नियुक्ति का उल्लेख मिलता है ?

  1. Aपाँचवाँ शिलालेख
  2. Bआठवाँ शिलालेख
  3. Cतेरहवाँ शिलालेख
  4. Dपहला शिलालेख

व्याख्या

अशोक के पाँचवें शिलालेख में धम्म के प्रचार व प्रजा-कल्याण हेतु 'धम्म-महामात्रों' की नियुक्ति का उल्लेख है, जबकि आठवें शिलालेख में धम्म-यात्राओं का वर्णन है।

प्रश्न 10

निम्न में से कौन-सा मौर्यकालीन प्रांतीय केंद्र नहीं है ?

  1. Aतक्षशिला
  2. Bउज्जयिनी
  3. Cकौशाम्बी
  4. Dतोसली

व्याख्या

तक्षशिला, उज्जयिनी, सुवर्णगिरी और तोसली मौर्य साम्राज्य के प्रमुख प्रांतीय राजनीतिक केंद्र थे। कौशाम्बी एक महत्त्वपूर्ण नगर था, पर वह इन प्रांतीय केंद्रों में सम्मिलित नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौर्य साम्राज्य से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में इस टॉपिक से 4 प्रश्न पूछे गए थे। प्राचीन भारत के अध्यायों में मौर्यकाल सबसे अधिक विस्तार से पढ़ाया जाता है, इसलिए यह एक उच्च-भार वाला उप-विषय है।

अर्थशास्त्र किसने लिखा और यह किस विषय पर है?+

अर्थशास्त्र चाणक्य (कौटिल्य) ने लिखा। यह राजनीति-शास्त्र, प्रशासन, कराधान, न्याय और विदेश-नीति पर आधारित प्राचीन भारत का प्रमुख ग्रंथ है।

चंद्रगुप्त मौर्य और सेल्यूकस निकेटर के बीच क्या समझौता हुआ था?+

चंद्रगुप्त ने सेल्यूकस को पराजित किया, जिसके बाद संधि में सेल्यूकस ने काबुल, कंधार, हेरात व बलूचिस्तान के क्षेत्र मौर्य साम्राज्य को दिए और मेगस्थनीज़ को राजदूत बनाकर भेजा।

अशोक के अभिलेख किस भाषा और लिपि में हैं?+

अधिकांश अभिलेख प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में हैं; उत्तर-पश्चिमी भारत में कुछ अभिलेख खरोष्ठी लिपि में तथा अफगानिस्तान क्षेत्र में यूनानी व अरामाईक लिपि में भी मिले हैं।

मौर्यकाल में गाँवों की प्रशासनिक इकाइयाँ कैसे बँटी थीं?+

अर्थशास्त्र के अनुसार 10 गाँवों पर संग्रहण, 200 पर खार्वटिक, 400 पर द्रोणमुख और 800 गाँवों पर स्थानीय नामक प्रशासनिक केंद्र होता था।

मौर्य साम्राज्य का पतन कैसे हुआ?+

अशोक की मृत्यु के बाद उत्तराधिकारी कमज़ोर साबित हुए और केंद्रीय नियंत्रण ढीला पड़ गया। अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ की हत्या उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने कर दी, जिसने शुंग वंश की स्थापना की।

आगे पढ़ें

आधिकारिक स्रोत

  1. Wikipedia — Major Rock Edicts
  2. Wikisource — Arthashastra, Book IV

बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए