सामाजिक अध्ययन शिक्षण विधियाँ (Methods of Teaching Social Studies)
इस पेज में सामाजिक अध्ययन पढ़ाने की सभी प्रमुख विधियाँ — व्याख्यान, वृत्तान्त, स्रोत, परियोजना, सर्वेक्षण, समस्या समाधान, 5E मॉडल और सहयोगात्मक अधिगम — उनके प्रवर्तक, चरण और उपयुक्त प्रकरणों के साथ दी गई हैं। REET 2024 में इस टॉपिक से 7 प्रश्न आए, इसलिए Level 2 सामाजिक अध्ययन के शिक्षाशास्त्र भाग में यह बहुत महत्वपूर्ण टॉपिक है।
- REET 2024 में 7 प्रश्न
- शिक्षक-प्रशिक्षण स्तर
- 8 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के 7 प्रश्नों में दो सीधे 5E मॉडल पर थे — एक में इसका उद्देश्य (सक्रिय अधिगम व सहभागिता) और दूसरे में यह कि रोजर बाईबी ने इसे रचनावाद (Constructivism) के लिए विकसित किया। बाकी प्रश्न वृत्तान्त रणनीति के उद्देश्य, परियोजना कार्य का उदाहरण पहचानने, स्रोत विधि, सहयोगात्मक अधिगम के प्रारंभिक चरण और अनुदेशनात्मक उद्देश्यों में क्रियात्मक (action) शब्दों के उपयोग पर थे। यानी प्रश्न 'किस विधि का मुख्य उद्देश्य/विशेषता क्या है' और 'कौन-सा उदाहरण इस विधि का नहीं है' वाले होते हैं; हर विधि की एक पहचान-रेखा याद होनी चाहिए।
शिक्षण विधि चुनने का आधार
सामाजिक अध्ययन में कोई एक 'सर्वश्रेष्ठ' विधि नहीं होती। शिक्षक प्रकरण की प्रकृति (इतिहास की घटना, भूगोल का स्थलरूप, नागरिक शास्त्र की संस्था), विद्यार्थियों की आयु, उपलब्ध संसाधन और अनुदेशनात्मक उद्देश्य देखकर विधि चुनता है। NCF 2005 ने सामाजिक विज्ञान में रटने की जगह अवधारणात्मक समझ, चर्चा और ज्ञान को स्कूल के बाहर के जीवन से जोड़ने पर ज़ोर दिया है, इसलिए परीक्षा में प्रायः वही विकल्प सही होता है जो विद्यार्थी की सक्रिय भागीदारी बढ़ाता है।
शिक्षण विधियों को मोटे तौर पर दो भागों में बाँटा जाता है — शिक्षक-केंद्रित (व्याख्यान, वृत्तान्त/कथन, प्रदर्शन) और विद्यार्थी-केंद्रित (परियोजना, स्रोत, सर्वेक्षण, समस्या समाधान, खोज, भूमिका निर्वाह, सहयोगात्मक अधिगम)। उच्च प्राथमिक कक्षाओं (6–8) में दोनों का संतुलित उपयोग किया जाता है, पर झुकाव विद्यार्थी-केंद्रित विधियों की ओर होना चाहिए।
प्रमुख शिक्षण विधियाँ: पहचान-रेखा और उपयोग
| विधि | मुख्य विशेषता | सबसे उपयुक्त प्रकरण / उदाहरण |
|---|---|---|
| व्याख्यान विधि (Lecture) | शिक्षक मौखिक रूप से जानकारी देता है; कम समय में अधिक विषयवस्तु, पर विद्यार्थी निष्क्रिय श्रोता | किसी प्रकरण की भूमिका या सारांश देना |
| वृत्तान्त / कथन विधि (Narration) | घटनाओं का सुव्यवस्थित, क्रमबद्ध और रोचक मौखिक विवरण; कहानी की तरह जिज्ञासा जगाती है | इतिहास की घटनाएँ, महापुरुषों के जीवन-प्रसंग, स्वतंत्रता संग्राम — छोटी कक्षाओं में विशेष उपयोगी |
| स्रोत विधि (Source Method) | विद्यार्थी मूल/प्राथमिक स्रोतों (अभिलेख, सिक्के, पत्र, समाचार-पत्र, यात्रा-विवरण) का स्वयं अध्ययन कर निष्कर्ष निकालते हैं; लगभग सभी प्रकरणों और अधिगम अनुभवों में लागू | अशोक के अभिलेख, पुराने सिक्के, विदेशी यात्रियों के विवरण, स्थानीय पुराने दस्तावेज़ |
| परियोजना विधि (Project Method) | वास्तविक जीवन से जुड़ा उद्देश्यपूर्ण कार्य जिसे विद्यार्थी स्वाभाविक वातावरण में पूरा करते हैं; 'करके सीखना' | डाक टिकट संग्रह, विद्यालय में सहकारी बैंक/भंडार चलाना, सामाजिक सर्वेक्षण, मॉडल बनाना |
| सर्वेक्षण विधि (Survey) | क्षेत्र में जाकर प्रश्नावली/साक्षात्कार/अवलोकन से आँकड़े एकत्र करना और विश्लेषण करना | गाँव में पेयजल स्रोत, मोहल्ले के व्यवसाय, बाज़ार के भाव |
| समस्या समाधान विधि (Problem Solving) | समस्या की पहचान → परिकल्पना → आँकड़े जुटाना → परीक्षण → निष्कर्ष; चिंतन व तर्क शक्ति का विकास | गाँव में जल-संकट क्यों? बाज़ार में कीमतें क्यों बढ़ती हैं? |
| खोज / अन्वेषण विधि (Heuristic/Discovery) | शिक्षक उत्तर नहीं बताता; विद्यार्थी स्वयं खोज कर सिद्धांत तक पहुँचते हैं | मानचित्र देखकर नदियों के किनारे बसे नगरों का पैटर्न खोजना |
| भूमिका निर्वाह / नाटकीकरण (Role Play) | विद्यार्थी पात्र बनकर घटना या प्रक्रिया का अभिनय करते हैं | ग्राम सभा की बैठक, संसद सत्र, ऐतिहासिक संवाद |
| क्षेत्र-भ्रमण (Field Trip) | प्रत्यक्ष अनुभव; किले, संग्रहालय, पंचायत भवन, खेत आदि का भ्रमण | स्थानीय इतिहास, भू-आकृतियाँ, स्थानीय शासन |
परीक्षा में 'कौन-सा उदाहरण नहीं है' वाले प्रश्नों में वह विकल्प चुनें जो विधि की पहचान-रेखा से मेल न खाए — जैसे गणितीय समीकरण हल करना सामाजिक विज्ञान का परियोजना कार्य नहीं है।
परियोजना विधि, 5E मॉडल और सहयोगात्मक अधिगम — विस्तार से
परियोजना विधि (Project Method): इसके प्रवर्तक विलियम हर्ड किलपैट्रिक (W.H. Kilpatrick) हैं, जिनका लेख 'The Project Method' 1918 में प्रकाशित हुआ। यह जॉन ड्यूई के प्रयोजनवादी (Pragmatist) दर्शन पर आधारित है। किलपैट्रिक ने प्रोजेक्ट को 'सामाजिक वातावरण में पूरे मन से किया गया उद्देश्यपूर्ण कार्य' (wholehearted purposeful activity) माना। इसके सामान्य चरण हैं: परिस्थिति उत्पन्न करना → परियोजना का चयन → योजना बनाना → क्रियान्वयन → मूल्यांकन → अभिलेखन।
5E अनुदेशनात्मक मॉडल: इसे रोजर (Rodger W.) बाईबी और उनके साथियों ने अमेरिका की संस्था BSCS (Biological Sciences Curriculum Study) में विकसित किया। यह रचनावादी (Constructivist) अधिगम पर आधारित है, इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को सक्रिय अधिगम और सहभागिता के लिए प्रेरित करना है। पाँच चरण क्रम से: (1) Engage — संलग्न करना: प्रश्न, चित्र या समस्या से रुचि जगाना और पूर्वज्ञान/भ्रांतियाँ सामने लाना; (2) Explore — खोजबीन: विद्यार्थी स्वयं गतिविधि करते हैं; (3) Explain — व्याख्या: शिक्षक विद्यार्थियों के अनुभव के आधार पर अवधारणा स्पष्ट करता है; (4) Elaborate — विस्तार: नई परिस्थिति में समझ का उपयोग; (5) Evaluate — मूल्यांकन।
सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning): विद्यार्थी छोटे समूहों में साझा लक्ष्य के लिए काम करते हैं। इसके प्रारंभिक चरण में सबसे महत्वपूर्ण कदम परियोजना/कार्य की योजना बनाना है — लक्ष्य, कार्य-विभाजन और समय-सीमा तय करना। इसके बाद समूह कार्य, प्रस्तुति और अंत में मूल्यांकन आते हैं; अंतिम मापन और छात्र मूल्यांकन शुरुआती नहीं, अंतिम चरण हैं।
अनुदेशनात्मक उद्देश्य (Instructional Objectives) कैसे लिखें
अनुदेशनात्मक उद्देश्य बताते हैं कि पाठ के अंत में विद्यार्थी क्या कर सकेगा। इन्हें व्यवहारगत (behavioural) रूप में, स्पष्ट और मापने योग्य क्रियात्मक शब्दों (action verbs) में लिखा जाता है — जैसे 'पहचानता है', 'तुलना करता है', 'मानचित्र पर दर्शाता है', 'कारण बताता है'। 'जानता है' या 'समझता है' जैसे अस्पष्ट शब्द मापने योग्य नहीं होते।
उद्देश्य निर्माण का प्रचलित आधार बेंजामिन ब्लूम का वर्गीकरण (Bloom's Taxonomy, 1956) है, जिसमें संज्ञानात्मक, भावात्मक और क्रियात्मक — तीन पक्ष हैं। संज्ञानात्मक पक्ष के मूल स्तर हैं: ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण, मूल्यांकन। 2001 में एंडरसन और क्रैथवोल ने इसे संशोधित कर क्रिया-रूप दिए: स्मरण, समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण, मूल्यांकन, सृजन। उद्देश्य, शिक्षण विधि और मूल्यांकन — तीनों आपस में संरेखित (aligned) होने चाहिए, इसलिए उद्देश्य बनाते समय मूल्यांकन विधि की उपेक्षा नहीं की जाती।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि (कक्षा 7–8)
'हमारे गाँव/मोहल्ले में पानी कहाँ से आता है?' विषय पर 5E पाठ: Engage — सूखे तालाब का चित्र; Explore — समूह में घरों से 10 प्रश्नों का छोटा सर्वेक्षण; Explain — शिक्षक जल स्रोतों के प्रकार स्पष्ट करे; Elaborate — राजस्थान की बावड़ियों और टांकों से तुलना; Evaluate — समूह चार्ट और मौखिक प्रश्न।
शिक्षण सामग्री
स्रोत विधि के लिए NCERT पाठ्यपुस्तक में दिए अभिलेखों के अंश, पुराने सिक्कों की फोटो, स्थानीय समाचार-पत्र की कतरनें और दादा-दादी के साक्षात्कार की रिकॉर्डिंग।
आम भ्रांतियाँ
विद्यार्थी और कई शिक्षक मानते हैं कि इतिहास केवल तिथियाँ याद करना है और भूगोल केवल नक्शे रटना। स्रोत और परियोजना विधि से दिखाएँ कि इतिहासकार प्रमाणों से निष्कर्ष निकालते हैं और एक ही घटना पर अलग-अलग दृष्टिकोण हो सकते हैं।
आकलन का तरीका
परियोजना के लिए रूब्रिक (योजना, आँकड़ों की शुद्धता, प्रस्तुति, टीम-कार्य) बनाएँ; स्रोत-आधारित प्रश्न पूछें — 'इस अभिलेख से शासक के बारे में क्या पता चलता है?' — ताकि केवल स्मरण नहीं, विश्लेषण भी जाँचा जाए।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
5E का क्रम याद रखें — 'EEEEE = जोड़ो, खोजो, समझाओ, फैलाओ, परखो' (Engage, Explore, Explain, Elaborate, Evaluate)। और जोड़ी याद रखें: परियोजना → किलपैट्रिक (ड्यूई का प्रयोजनवाद), 5E → बाईबी (रचनावाद), वृत्तान्त → रोचक मौखिक विवरण, स्रोत → मूल प्रमाणों से स्वयं निष्कर्ष।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 105
सामाजिक विज्ञानों के शिक्षण में 5E मॉडल का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
- Aसक्रिय अधिगम और सहभागिता का प्रोत्साहित करना
- Bऐतिहासिक घटनाओं को याद करना
- Cरटने की तकनीकों पर ध्यान केन्द्रित करना
- Dकेवल व्याख्यान आधारित शिक्षण को प्राथमिकता देना
व्याख्या
5E मॉडल रचनावादी (constructivist) शिक्षण मॉडल है जिसके पाँच चरण हैं – Engage, Explore, Explain, Elaborate और Evaluate। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सक्रिय रूप से सीखने और सहभागिता के लिए प्रेरित करना है। रटना या केवल व्याख्यान इस मॉडल के विपरीत हैं।
प्रश्न 118
सामाजिक विज्ञान में वृत्तान्त रणनीति का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
- Aपाठ्यपुस्तकों की कहानी प्रतिस्थापित करना
- Bकेवल ऐतिहासिक तथ्यों पर ध्यान केंद्रित करना
- Cछात्रों की भागीदारी को कम करना
- Dघटनाओं का सुव्यवस्थित और रोचक मौखिक विवरण प्रस्तुत करना
व्याख्या
वृत्तान्त (narration) विधि में शिक्षक घटनाओं का क्रमबद्ध, रोचक और सजीव मौखिक वर्णन प्रस्तुत करता है, जिससे विशेषकर इतिहास की घटनाएँ विद्यार्थियों को समझ में आती हैं और याद रहती हैं। इसका उद्देश्य पाठ्यपुस्तक हटाना या छात्र-भागीदारी घटाना नहीं है।
प्रश्न 123
निम्नलिखित में से कौन-सा सामाजिक विज्ञान में परियोजना कार्य का उदाहरण नहीं है ?
- Aडाक टिकटों का संग्रहण
- Bसहकारी बैंक का परिचालन
- Cगणितीय समीकरण हल करना
- Dसामाजिक सर्वेक्षण का आयोजन
व्याख्या
सामाजिक विज्ञान के परियोजना कार्य समाज, संस्कृति और आर्थिक जीवन से जुड़े व्यावहारिक कार्य होते हैं – जैसे डाक टिकटों का संग्रह, सहकारी बैंक का संचालन या सामाजिक सर्वेक्षण। गणितीय समीकरण हल करना गणित का अभ्यास-कार्य है, सामाजिक विज्ञान की परियोजना नहीं।
प्रश्न 126
अनुदेशनात्मक उद्देश्यों की योजना बनाते समय कौन-सा पहलू महत्वपूर्ण है ?
- Aक्रियात्मक क्रियाओं का उपयोग
- Bपाठ्यपुस्तक विषय वस्तु को रटना
- Cसटीक लक्ष्यों से बचना
- Dमूल्यांकन विधियों की उपेक्षा
व्याख्या
अनुदेशनात्मक उद्देश्यों को स्पष्ट और मापन-योग्य बनाने के लिए व्यवहारगत/क्रियात्मक शब्दों (action verbs) जैसे 'पहचानना', 'वर्णन करना', 'तुलना करना' का प्रयोग आवश्यक माना जाता है (ब्लूम के वर्गीकरण पर आधारित)। इससे मूल्यांकन भी आसान होता है। रटना, अस्पष्ट लक्ष्य या मूल्यांकन की उपेक्षा गलत हैं।
प्रश्न 111
सभी प्रकार के प्रकरणों तथा अधिगम अनुभवों को किस अनुप्रयोग के द्वारा उचित रूप से प्रदान किया जा सकता है ?
- Aप्रयोजना विधि
- Bसर्वेक्षण विधि
- Cस्रोत विधि
- Dखोज विधि
व्याख्या
BSER की अंतिम कुंजी के अनुसार स्रोत विधि (source method) को वह विधि माना गया है जिसके द्वारा सभी प्रकार के प्रकरणों तथा अधिगम अनुभवों को उचित रूप से प्रदान किया जा सकता है। स्रोत विधि में अभिलेख, सिक्के, दस्तावेज, चित्र, समाचार पत्र, मानचित्र जैसे प्राथमिक और द्वितीयक स्रोतों का उपयोग होता है, जिन्हें सामाजिक विज्ञान के अधिकांश प्रकरणों में अपनाया जा सकता है। अतः उत्तर (C) है।
प्रश्न 137
“5E” अनुदेशनात्मक प्रतिरूप का प्रवर्तन रोजर बाईबी द्वारा _________ के लिए किया गया ।
- Aव्यवहारवाद
- Bरचनात्मकवाद
- Cमानववाद
- Dसंरचनावाद
व्याख्या
‘5E’ अनुदेशनात्मक प्रतिरूप रोजर बाईबी (BSCS) से जुड़ा है और यह रचनावाद (constructivism) पर आधारित है। इसके पाँच चरण हैं — Engage (संलग्न करना), Explore (अन्वेषण), Explain (व्याख्या), Elaborate (विस्तार) और Evaluate (मूल्यांकन)। इसमें विद्यार्थी स्वयं अनुभव और खोज द्वारा ज्ञान का निर्माण करते हैं, जो व्यवहारवाद से भिन्न है।
प्रश्न 142
सहयोगात्मक अधिगम को लागू करने के प्रारंभिक चरण में इनमें से कौन-सा एक महत्वपूर्ण कदम है ?
- Aअंतिम मापन
- Bसमूह निर्माण
- Cपरियोजना का योजना
- Dछात्र मूल्यांकन
व्याख्या
BSER की अंतिम कुंजी के अनुसार सहयोगात्मक अधिगम को लागू करने के प्रारंभिक चरण में 'परियोजना की योजना' बनाना महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें उद्देश्य, कार्य और समय-सीमा तय की जाती है। अंतिम मापन और छात्र मूल्यांकन स्पष्ट रूप से बाद के चरण हैं। अतः उत्तर (C) है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
परियोजना विधि के प्रवर्तक कौन माने जाते हैं?
- Aजॉन ड्यूई
- Bडब्ल्यू. एच. किलपैट्रिक
- Cहेलेन पार्कहर्स्ट
- Dबेंजामिन ब्लूम
व्याख्या
परियोजना विधि का प्रवर्तन डब्ल्यू. एच. किलपैट्रिक ने किया (1918)। यह ड्यूई के प्रयोजनवादी दर्शन पर आधारित है, पर विधि के प्रवर्तक किलपैट्रिक हैं। पार्कहर्स्ट डाल्टन योजना और ब्लूम उद्देश्यों के वर्गीकरण से जुड़े हैं।
प्रश्न 2
5E मॉडल में 'Explain' चरण से ठीक पहले कौन-सा चरण आता है?
- AEngage
- BElaborate
- CExplore
- DEvaluate
व्याख्या
5E का क्रम है — Engage, Explore, Explain, Elaborate, Evaluate। विद्यार्थी पहले स्वयं खोजबीन (Explore) करते हैं, उसके बाद शिक्षक अवधारणा की व्याख्या (Explain) करता है।
प्रश्न 3
कक्षा 8 के शिक्षक विद्यार्थियों को अशोक के अभिलेखों के अनुवादित अंश देकर मौर्य शासन की नीतियों पर निष्कर्ष निकालने को कहते हैं। यह किस विधि का उदाहरण है?
- Aव्याख्यान विधि
- Bस्रोत विधि
- Cवृत्तान्त विधि
- Dप्रदर्शन विधि
व्याख्या
मूल ऐतिहासिक प्रमाणों (अभिलेखों) का स्वयं अध्ययन कर निष्कर्ष निकालना स्रोत विधि है। व्याख्यान और वृत्तान्त में शिक्षक स्वयं जानकारी देता है, जबकि प्रदर्शन में शिक्षक कोई प्रक्रिया करके दिखाता है।
प्रश्न 4
निम्नलिखित में से कौन-सा अनुदेशनात्मक उद्देश्य सबसे उचित (मापने योग्य) रूप में लिखा गया है?
- Aविद्यार्थी भारत की नदियों को समझेगा
- Bविद्यार्थी भारत के मानचित्र पर गंगा और उसकी दो सहायक नदियों को अंकित करेगा
- Cविद्यार्थी भूगोल के प्रति रुचि रखेगा
- Dविद्यार्थी नदियों के बारे में जानेगा
व्याख्या
अनुदेशनात्मक उद्देश्य स्पष्ट क्रियात्मक शब्दों में होने चाहिए जिनका अवलोकन और मापन हो सके। 'अंकित करेगा' मापने योग्य है, जबकि 'समझेगा', 'जानेगा', 'रुचि रखेगा' अस्पष्ट हैं।
प्रश्न 5
5E अनुदेशनात्मक मॉडल किस अधिगम दृष्टिकोण पर आधारित है?
- Aव्यवहारवाद
- Bरचनावाद
- Cमनोविश्लेषणवाद
- Dसाहचर्यवाद
व्याख्या
5E मॉडल रचनावादी है — विद्यार्थी अपने अनुभव और खोजबीन से ज्ञान का निर्माण करता है। व्यवहारवाद और साहचर्यवाद उद्दीपन-अनुक्रिया पर तथा मनोविश्लेषणवाद अचेतन मन पर केंद्रित है।
प्रश्न 6
कक्षा 6 के विद्यार्थियों को महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी के युद्ध के प्रसंग को रोचक और क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत करने के लिए सबसे उपयुक्त विधि है—
- Aवृत्तान्त (कथन) विधि
- Bसर्वेक्षण विधि
- Cसमस्या समाधान विधि
- Dप्रयोगशाला विधि
व्याख्या
ऐतिहासिक घटनाओं का सुव्यवस्थित, क्रमबद्ध और रोचक मौखिक विवरण वृत्तान्त विधि की पहचान है, जो छोटी कक्षाओं में जिज्ञासा जगाती है। सर्वेक्षण में आँकड़े एकत्र किए जाते हैं, जो इस प्रसंग के लिए उपयुक्त नहीं।
प्रश्न 7
समस्या समाधान विधि के चरणों का सही क्रम कौन-सा है?
- Aपरिकल्पना → समस्या की पहचान → निष्कर्ष → आँकड़े एकत्र करना
- Bसमस्या की पहचान → परिकल्पना निर्माण → आँकड़े एकत्र करना → परीक्षण व निष्कर्ष
- Cआँकड़े एकत्र करना → निष्कर्ष → समस्या की पहचान → परिकल्पना
- Dनिष्कर्ष → परिकल्पना → आँकड़े एकत्र करना → समस्या की पहचान
व्याख्या
समस्या समाधान में पहले समस्या पहचानी जाती है, फिर संभावित समाधान (परिकल्पना) बनाए जाते हैं, उसके बाद आँकड़े जुटाकर परिकल्पना का परीक्षण होता है और अंत में निष्कर्ष निकलता है।
प्रश्न 8
सहयोगात्मक अधिगम में निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य अंतिम चरण से संबंधित है?
- Aसमूह के लक्ष्य तय करना
- Bकार्य-विभाजन की योजना बनाना
- Cसमूह के कार्य और प्रस्तुति का मूल्यांकन
- Dसमय-सीमा निर्धारित करना
व्याख्या
लक्ष्य, कार्य-विभाजन और समय-सीमा तय करना योजना (प्रारंभिक चरण) का हिस्सा है। समूह के कार्य व प्रस्तुति का मूल्यांकन अंत में किया जाता है।
प्रश्न 9
विद्यालय में 'सहकारी उपभोक्ता भंडार' चलाकर विद्यार्थियों को सहकारिता सिखाना किस विधि का उदाहरण है?
- Aव्याख्यान विधि
- Bपरियोजना विधि
- Cस्रोत विधि
- Dवृत्तान्त विधि
व्याख्या
वास्तविक जीवन जैसी परिस्थिति में उद्देश्यपूर्ण कार्य करते हुए सीखना परियोजना विधि है। विद्यार्थी भंडार की योजना, हिसाब और संचालन स्वयं करते हैं।
प्रश्न 10
एक शिक्षक चाहता है कि विद्यार्थी 'हमारे कस्बे में सबसे अधिक लोग किस व्यवसाय में लगे हैं' यह पता करें। इसके लिए सबसे उपयुक्त विधि और उपकरण है—
- Aसर्वेक्षण विधि; प्रश्नावली
- Bवृत्तान्त विधि; कहानी
- Cव्याख्यान विधि; चॉक-बोर्ड
- Dप्रदर्शन विधि; मॉडल
व्याख्या
स्थानीय समुदाय से वास्तविक आँकड़े जुटाने के लिए सर्वेक्षण विधि उपयुक्त है और आँकड़े प्रश्नावली/साक्षात्कार से एकत्र किए जाते हैं। अन्य विधियों में विद्यार्थी स्वयं आँकड़े नहीं जुटाते।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET में सामाजिक अध्ययन शिक्षण विधियों से कितने प्रश्न आते हैं?+
कोई तय संख्या नहीं है, पर REET 2024 में Level 2 सामाजिक अध्ययन की पालियों को मिलाकर इस टॉपिक से 7 प्रश्न आए थे। Level 2 में सामाजिक अध्ययन के 60 प्रश्न होते हैं, जिनमें शिक्षाशास्त्र के प्रश्न भी शामिल हैं।
परियोजना विधि के जनक कौन हैं?+
विलियम हर्ड किलपैट्रिक। उन्होंने 1918 में 'The Project Method' लेख लिखा। यह विधि जॉन ड्यूई के प्रयोजनवादी दर्शन और 'करके सीखने' पर आधारित है।
5E मॉडल के पाँच चरण कौन-से हैं?+
Engage (संलग्न करना), Explore (खोजबीन), Explain (व्याख्या), Elaborate (विस्तार) और Evaluate (मूल्यांकन)। इसे रोजर बाईबी ने BSCS में रचनावादी अधिगम के आधार पर विकसित किया।
स्रोत विधि किसे कहते हैं?+
जिस विधि में विद्यार्थी अभिलेख, सिक्के, पत्र, यात्रा-विवरण, समाचार-पत्र जैसे मूल स्रोतों का स्वयं अध्ययन कर निष्कर्ष निकालते हैं। इसे लगभग सभी प्रकरणों और अधिगम अनुभवों में लागू किया जा सकता है।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए