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REET L2 · सामाजिक अध्ययन

राजस्थान के प्रमुख राजवंश — REET नोट्स (सामाजिक अध्ययन)

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राजस्थान के गुहिल-सिसोदिया, चौहान, राठौड़ और कच्छवाहा जैसे राजवंशों ने सदियों तक इस क्षेत्र की राजनीति व संस्कृति गढ़ी। REET में इस टॉपिक से शासकों के नाम-दिनांक से आगे बढ़कर दुर्गों की बारीक संरचना, ऐतिहासिक तुलनाएँ और युद्धों के सटीक विवरण तक पूछा जाता है, इसलिए यहाँ रटने से ज़्यादा समझ ज़रूरी है।

  • REET 2024 में 4 प्रश्न
  • कक्षा 6–8 स्तर
  • 12 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: Wikipedia — Battle of Bhutala

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 के प्रश्न बहुत बारीक थे — चित्तौड़ दुर्ग की किस इमारत का नाम वहाँ नहीं है (जबकि वह इमारत असल में रणथम्भौर दुर्ग में है), इतिहासकार सी.वी. वैद्य ने किस गुहिल शासक की तुलना यूरोपीय सेनापति से की, 'भूताला का युद्ध' किनके बीच लड़ा गया, और तारागढ़ (अजमेर) के बुर्जों के नाम। यानी परीक्षा शासकों के सामान्य क्रम से आगे बढ़कर दुर्गों की विशिष्ट संरचनाओं और कम-चर्चित युद्धों तक जाती है — हर दुर्ग व हर शासक को उसके सही राजवंश और सही घटना से जोड़कर याद रखना सबसे सुरक्षित रणनीति है। एक स्थानीय गाइड-बुक स्तर का सामान्य ज्ञान यहाँ पर्याप्त नहीं है — RBSE स्तर पर हर दुर्ग की दो-तीन विशिष्ट इमारतों के नाम भी याद रखने ज़रूरी हैं।

राजस्थान के प्रमुख राजवंश — एक नज़र में

राजवंशमुख्य केंद्र/राजधानीसंस्थापक (परंपरा अनुसार)सबसे प्रसिद्ध शासक
गुहिल-सिसोदियाचित्तौड़, बाद में उदयपुर (मेवाड़)गुहिल/बप्पा रावलराणा कुम्भा, राणा सांगा, महाराणा प्रताप
चौहानअजमेर व दिल्ली, बाद में रणथम्भौरअजयराज (अजयपाल)पृथ्वीराज तृतीय (चौहान)
राठौड़ (मारवाड़)मंडोर, बाद में जोधपुरराव चूंडा, राव जोधा (जोधपुर, 1459)राव मालदेव
राठौड़ (बीकानेर शाखा)बीकानेरराव बीका (1488)राय सिंह (जूनागढ़ दुर्ग)
कच्छवाहाआमेर, बाद में जयपुरदुल्हराय (परंपरा अनुसार)सवाई जयसिंह द्वितीय (जयपुर नगर, 1727)
भाटीजैसलमेररावल जैसल (1156)रावल जैसल

गुहिल-सिसोदिया वंश (मेवाड़) की प्रमुख कड़ियाँ

बप्पा रावल
मेवाड़ के प्रारंभिक शासक, चित्तौड़ पर अधिकार से जुड़े; इतिहासकार सी.वी. वैद्य ने इनकी तुलना फ्रांसीसी सेनापति चार्ल्स मार्टेल से की है — जैसे मार्टेल ने यूरोप में अरब आक्रमण रोका, वैसे ही बप्पा रावल को भारत में अरब आक्रमणकारियों को रोकने वाला माना जाता है
जैत्रसिंह (13वीं सदी)
दिल्ली के सुल्तान इल्तुतमिश को 'भूताला के युद्ध' में पीछे हटने पर मजबूर किया; इसका उल्लेख जयसिंह सूरी रचित 'हम्मीर मदमर्दन' में मिलता है
राणा हम्मीर
14वीं सदी में मेवाड़ की स्वतंत्रता पुनः स्थापित की और सिसोदिया शाखा को सुदृढ़ किया
राणा कुम्भा (1433–1468)
मालवा के सुल्तान महमूद खिल्जी को सारंगपुर के युद्ध (1437) में हराकर चित्तौड़ में विजय स्तम्भ बनवाया; कुम्भलगढ़ दुर्ग के निर्माता
राणा सांगा (1509–1528)
खातोली के युद्ध (1517) में इब्राहीम लोदी की सेना को पराजित किया, पर 1527 में खानवा के युद्ध में बाबर से हार गए और घायल होकर 1528 में कालपी में मृत्यु हुई
महाराणा प्रताप (1572–1597)
हल्दीघाटी के युद्ध (1576) में अकबर की सेना (नेतृत्व मानसिंह) का सामना किया — युद्ध निर्णायक नहीं रहा, पर प्रताप ने आत्मसमर्पण नहीं किया और आगे भी प्रतिरोध जारी रखा

चित्तौड़गढ़ दुर्ग की प्रमुख इमारतें (भ्रम से बचें)

इमारतसंबंध
विजय स्तम्भराणा कुम्भा द्वारा महमूद खिल्जी पर विजय के उपलक्ष्य में निर्मित
कीर्ति स्तम्भजैन प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ को समर्पित, एक जैन व्यापारी परिवार द्वारा निर्मित
शृंगार चंवरी प्रासादएक कलात्मक जैन मंदिर परिसर
भामाशाह की हवेलीराणा प्रताप के कोषाध्यक्ष भामाशाह से संबंधित
नवलखा भण्डारराजकीय भंडार-गृह
सुपारी महलचित्तौड़ में नहीं — यह सवाई माधोपुर के रणथम्भौर दुर्ग में स्थित है, यही REET 2024 में पूछा गया भ्रम-बिंदु था

चौहान वंश और अजमेर का तारागढ़ दुर्ग

संस्थापक
अजयराज (अजयपाल) चौहान ने अजमेर नगर व तारागढ़ (गढ़ बीठली) दुर्ग की नींव रखी
पृथ्वीराज तृतीय
तराइन के प्रथम युद्ध (1191) में मुहम्मद ग़ोरी को हराया, पर तराइन के द्वितीय युद्ध (1192) में स्वयं पराजित हुए — इसी के साथ दिल्ली-अजमेर में चौहान सत्ता का अंत हुआ
तारागढ़ के बुर्ज
घूंघट, गूगड़ी, फूटी, बांदरा, इमली और फतेह बुर्ज सहित 14 प्रमुख बुर्ज इस दुर्ग में गिने जाते हैं
रणथम्भौर की चौहान शाखा
हम्मीरदेव चौहान अंतिम प्रमुख शासक थे, जो 1301 में अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए; इसी दुर्ग में सुपारी महल स्थित है, जिसे चित्तौड़ का हिस्सा समझने की भूल न करें

राठौड़ व कच्छवाहा वंश

राव जोधा
1459 में जोधपुर नगर बसाया और मेहरानगढ़ दुर्ग की नींव रखी — मारवाड़ की राजधानी मंडोर से जोधपुर स्थानांतरित हुई
राव बीका
1488 में बीकानेर की स्थापना की; यहाँ का प्रसिद्ध जूनागढ़ दुर्ग बाद में राजा राय सिंह ने बनवाया
सवाई जयसिंह द्वितीय
1727 में जयपुर नगर बसाया — भारत के पहले नियोजित (planned) नगरों में से एक, जिसके मुख्य वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य थे; इससे पहले कच्छवाहा राजधानी आमेर (आमेर दुर्ग) थी

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि (कक्षा 6–8)

राजस्थान के मानचित्र पर चित्तौड़, अजमेर, जोधपुर, बीकानेर, आमेर-जयपुर और जैसलमेर को चिह्नित करवाकर हर स्थान के आगे संबंधित राजवंश लिखवाना — इससे 'कौन-सा दुर्ग किस वंश का' यह भ्रम काफ़ी हद तक दूर होता है।

शिक्षण सहायक सामग्री

किसी एक दुर्ग (जैसे चित्तौड़गढ़) की तस्वीरों का संग्रह दिखाकर बच्चों से विजय स्तम्भ व कीर्ति स्तम्भ को पहचानने और उनमें अंतर बताने को कहना।

सामान्य ग़लतफ़हमी

बच्चे अक्सर विजय स्तम्भ और कीर्ति स्तम्भ को एक ही मान लेते हैं, या अलग-अलग दुर्गों की प्रसिद्ध इमारतों को आपस में मिला देते हैं (जैसे सुपारी महल को चित्तौड़ से जोड़ना) — हर इमारत को उसके सही दुर्ग व शासक से जोड़कर स्पष्ट करना ज़रूरी है।

आकलन विचार

'शासक को उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि से जोड़ो' (जैसे राणा कुम्भा—विजय स्तम्भ, राव जोधा—मेहरानगढ़, सवाई जयसिंह—जयपुर नगर) जैसी मिलान गतिविधि से त्वरित आकलन किया जा सकता है।

याद रखने की ट्रिक

राणा सांगा के युद्धों को क्रम से याद रखें — 'खातोली में जीत (1517), खानवा में हार (1527)' — दोनों 'खा' से शुरू होते हैं, बस नतीजा उलटा है। और चित्तौड़ बनाम रणथम्भौर के भ्रम से बचने के लिए याद रखें: 'सुपारी की मिठास रणथम्भौर में है, चित्तौड़ में नहीं' — यानी सुपारी महल सदा रणथम्भौर से जोड़ें।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 96

निम्न में से कौन-सा भवन चितौड़ के किले में अवस्थित नहीं है ?

  1. Aभामाशाह की हवेली
  2. Bशृंगार चंवरी प्रासाद
  3. Cनवलखा भण्डार
  4. Dसुपारी महल

व्याख्या

सुपारी महल सवाई माधोपुर जिले के रणथम्भौर दुर्ग में स्थित है, चित्तौड़गढ़ दुर्ग में नहीं। चित्तौड़गढ़ दुर्ग के दर्शनीय स्थलों में भामाशाह की हवेली, शृंगार चंवरी (एक कलात्मक जैन मंदिर) और नवलखा (नौलखा) भण्डार शामिल हैं। इसलिए सही उत्तर (D) सुपारी महल है।

प्रश्न 142

इतिहासकार सी. वी. वैद्य ने किस गुहिल शासक की तुलना फ्रांसीसी सेनापति चार्ल्स मॉर्टेल से की है ?

  1. Aबप्पा रावल
  2. Bमहाराणा कुम्भा
  3. Cराणा हम्मीर
  4. Dराणा सांगा

व्याख्या

इतिहासकार सी. वी. वैद्य ने मेवाड़ के गुहिल शासक बप्पा रावल की तुलना फ्रांसीसी सेनापति चार्ल्स मार्टेल से की है। जैसे चार्ल्स मार्टेल ने यूरोप में अरब आक्रमण को रोका था, वैसे ही बप्पा रावल को भारत में अरब आक्रमणकारियों को रोकने वाला माना जाता है।

प्रश्न 96

‘भूताला का युद्ध’ किसके मध्य लड़ा गया ?

  1. Aमहाराणा कुम्भा और महमूद खिल्जी I
  2. Bजैत्र सिंह और इल्तुतमिश
  3. Cराणा सांगा और इब्राहिम लोदी
  4. Dमहाराणा प्रताप और अकबर

व्याख्या

भूताला का युद्ध मेवाड़ के गुहिल शासक जैत्रसिंह और दिल्ली सुल्तान इल्तुतमिश के बीच (लगभग 1227–1234 ई. के मध्य) लड़ा गया था। इसकी जानकारी जयसिंह सूरी की रचना ‘हम्मीर मदमर्दन’ से मिलती है, जिसके अनुसार इल्तुतमिश को पीछे हटना पड़ा। राणा सांगा और इब्राहिम लोदी के बीच खातोली व बाड़ी के युद्ध हुए, तथा प्रताप-अकबर के बीच हल्दीघाटी का युद्ध हुआ।

प्रश्न 146

घूंघट, गूगड़ी, फूटी, बाँदरा, इमली और फतेह बुर्ज राजस्थान के किस दुर्ग से संबंधित हैं ?

  1. Aमेहरानगढ़ (जोधपुर)
  2. Bतारागढ़ (अजमेर)
  3. Cजूनागढ़ (बीकानेर)
  4. Dकुंभलगढ़ (राजसमंद)

व्याख्या

घूंघट, गूगड़ी, फूटा (फूटी), बांदरा, इमली और फतेह बुर्ज अजमेर के तारागढ़ (गढ़ बीठली) दुर्ग के 14 बुर्जों में गिने जाते हैं। इस दुर्ग का निर्माण चौहान शासक अजयपाल/अजयराज से जोड़ा जाता है। अतः सही उत्तर (B) तारागढ़ (अजमेर) है।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

राणा कुम्भा ने चित्तौड़ में विजय स्तम्भ किस विजय की स्मृति में बनवाया ?

  1. Aराणा सांगा की खानवा विजय
  2. Bमालवा के सुल्तान महमूद खिल्जी पर विजय
  3. Cपृथ्वीराज चौहान की तराइन विजय
  4. Dबप्पा रावल की अरब आक्रमणकारियों पर विजय

व्याख्या

राणा कुम्भा ने 1437 के सारंगपुर के युद्ध में मालवा के सुल्तान महमूद खिल्जी को हराया था, जिसकी स्मृति में उन्होंने चित्तौड़ दुर्ग में विजय स्तम्भ बनवाया।

प्रश्न 2

हल्दीघाटी का युद्ध (1576) किन दो पक्षों के बीच हुआ था ?

  1. Aराणा सांगा और बाबर
  2. Bपृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद ग़ोरी
  3. Cमहाराणा प्रताप और अकबर की सेना (मानसिंह के नेतृत्व में)
  4. Dराणा कुम्भा और महमूद खिल्जी

व्याख्या

हल्दीघाटी का युद्ध 1576 में महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच हुआ, जिसका नेतृत्व आमेर के राजा मानसिंह कर रहे थे। यह युद्ध सैन्य रूप से निर्णायक नहीं रहा।

प्रश्न 3

तराइन के द्वितीय युद्ध (1192) में पृथ्वीराज चौहान को किसने पराजित किया ?

  1. Aमुहम्मद ग़ोरी
  2. Bअलाउद्दीन खिलजी
  3. Cमहमूद ग़ज़नवी
  4. Dइल्तुतमिश

व्याख्या

तराइन के प्रथम युद्ध (1191) में पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद ग़ोरी को हराया था, पर 1192 के द्वितीय युद्ध में मुहम्मद ग़ोरी ने पृथ्वीराज को पराजित कर दिया, जिससे दिल्ली-अजमेर में चौहान सत्ता समाप्त हुई।

प्रश्न 4

जोधपुर नगर व मेहरानगढ़ दुर्ग की स्थापना किसने की ?

  1. Aराव बीका
  2. Bराव जोधा
  3. Cराव मालदेव
  4. Dराव चूंडा

व्याख्या

राव जोधा ने 1459 में जोधपुर नगर बसाया और मेहरानगढ़ दुर्ग की नींव रखी। राव बीका ने बाद में बीकानेर की स्थापना की थी।

प्रश्न 5

रणथम्भौर दुर्ग के अंतिम प्रमुख चौहान शासक कौन थे, जो 1301 में अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए ?

  1. Aपृथ्वीराज तृतीय
  2. Bहम्मीरदेव चौहान
  3. Cअजयराज
  4. Dविग्रहराज चतुर्थ

व्याख्या

हम्मीरदेव चौहान रणथम्भौर के अंतिम प्रमुख शासक थे, जिन्होंने 1301 में अलाउद्दीन खिलजी की घेराबंदी के विरुद्ध वीरतापूर्वक लड़ते हुए वीरगति प्राप्त की।

प्रश्न 6

सवाई जयसिंह द्वितीय ने जयपुर नगर की स्थापना किस वर्ष की थी ?

  1. A1459
  2. B1488
  3. C1727
  4. D1576

व्याख्या

कच्छवाहा शासक सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1727 में जयपुर नगर की स्थापना की, जिसका मुख्य वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य था। इससे पहले कच्छवाहा राजधानी आमेर थी।

प्रश्न 7

निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है ?

  1. Aराव जोधा — मेहरानगढ़ (जोधपुर)
  2. Bराव बीका — जूनागढ़ की स्थापना (बीकानेर)
  3. Cराणा कुम्भा — कुम्भलगढ़ दुर्ग
  4. Dअजयराज — तारागढ़ (अजमेर)

व्याख्या

राव बीका ने 1488 में बीकानेर नगर की स्थापना की थी, पर जूनागढ़ दुर्ग वहाँ बाद में राजा राय सिंह ने बनवाया, राव बीका ने नहीं। शेष तीनों युग्म सही सुमेलित हैं।

प्रश्न 8

एक शिक्षक कक्षा 7 में राजस्थान के राजवंश पढ़ाते समय बच्चों से मानचित्र पर चित्तौड़, अजमेर, जोधपुर व जयपुर को चिह्नित कर उनके सामने संबंधित राजवंश लिखवाता है। इस गतिविधि का सबसे बड़ा शैक्षिक लाभ क्या है ?

  1. Aबच्चों को चित्रकला में दक्ष बनाना
  2. Bदुर्ग-स्थान और राजवंश के बीच के भ्रम को दूर करना
  3. Cपरीक्षा की तैयारी को नज़रअंदाज़ करना
  4. Dकेवल भूगोल पढ़ाना

व्याख्या

मानचित्र-आधारित मिलान गतिविधि से बच्चे यह स्पष्ट रूप से समझ पाते हैं कि कौन-सा दुर्ग/नगर किस राजवंश से जुड़ा है, जिससे परीक्षा में होने वाली आम ग़लतियाँ (जैसे दुर्गों को आपस में मिलाना) कम होती हैं।

प्रश्न 9

'भूताला का युद्ध' मेवाड़ के किस शासक और दिल्ली सुल्तान के बीच लड़ा गया था ?

  1. Aराणा हम्मीर — मुहम्मद बिन तुगलक
  2. Bजैत्रसिंह — इल्तुतमिश
  3. Cराणा सांगा — इब्राहीम लोदी
  4. Dराणा कुम्भा — महमूद खिल्जी

व्याख्या

भूताला का युद्ध मेवाड़ के गुहिल शासक जैत्रसिंह और दिल्ली सुल्तान इल्तुतमिश के बीच 13वीं सदी में लड़ा गया था, जिसमें जैत्रसिंह ने इल्तुतमिश को पीछे हटने पर मजबूर किया।

प्रश्न 10

चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित कीर्ति स्तम्भ किस तीर्थंकर को समर्पित है ?

  1. Aमहावीर स्वामी
  2. Bपार्श्वनाथ
  3. Cआदिनाथ (ऋषभदेव)
  4. Dनेमिनाथ

व्याख्या

कीर्ति स्तम्भ चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित है और यह जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ (ऋषभदेव) को समर्पित है। इसे विजय स्तम्भ (महमूद खिल्जी पर विजय-स्मारक) से अलग समझना ज़रूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान के प्रमुख राजवंश से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+

REET 2024 में इस टॉपिक से 4 प्रश्न पूछे गए, और यह राजस्थान इतिहास का सबसे भारी-भरकम व नियमित रूप से पूछा जाने वाला उप-विषय है।

राणा सांगा को किन-किन युद्धों के लिए जाना जाता है?+

राणा सांगा ने खातोली के युद्ध (1517) में इब्राहीम लोदी को हराया था, पर 1527 में खानवा के युद्ध में बाबर से हार गए, जिसके बाद 1528 में उनकी मृत्यु हो गई।

हल्दीघाटी का युद्ध किसके बीच और कब हुआ?+

हल्दीघाटी का युद्ध 1576 में महाराणा प्रताप और अकबर की सेना (जिसका नेतृत्व आमेर के राजा मानसिंह कर रहे थे) के बीच हुआ था। यह युद्ध सैन्य रूप से निर्णायक नहीं था, पर प्रताप ने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की।

जोधपुर व बीकानेर की स्थापना किसने की?+

जोधपुर की स्थापना राव जोधा ने 1459 में और बीकानेर की स्थापना राव बीका ने 1488 में की — दोनों राठौड़ वंश की अलग-अलग शाखाओं से जुड़े हैं।

जयपुर नगर की स्थापना किसने और कब की?+

जयपुर नगर की स्थापना कच्छवाहा शासक सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1727 में की थी। इसे भारत के पहले सुनियोजित नगरों में गिना जाता है, जिसके मुख्य वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य थे।

बप्पा रावल की तुलना चार्ल्स मार्टेल से क्यों की जाती है?+

इतिहासकार सी.वी. वैद्य ने बप्पा रावल की तुलना फ्रांसीसी सेनापति चार्ल्स मार्टेल से की है, क्योंकि जैसे मार्टेल ने यूरोप में अरब आक्रमण को रोका था, वैसे ही परंपरा के अनुसार बप्पा रावल को भारत में अरब आक्रमणकारियों के विरुद्ध प्रतिरोध का श्रेय दिया जाता है।

आगे पढ़ें

आधिकारिक स्रोत

  1. Wikipedia — Battle of Bhutala
  2. Wikipedia — Battle of Khanwa
  3. Wikipedia — Vidyadhar Bhattacharya

बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए