सर्वोच्च न्यायालय — REET नोट्स (सामाजिक अध्ययन)
सर्वोच्च न्यायालय भारत की न्यायपालिका का सर्वोच्च अंग है, जिसे संविधान ने मौलिक, रिट, अपीलीय, सलाहकारी और पुनर्विलोकन — पाँच अलग-अलग प्रकार के क्षेत्राधिकार दिए हैं। REET में इस टॉपिक से हर क्षेत्राधिकार को उसके सही अनुच्छेद व उदाहरण से पहचानने वाले सटीक प्रश्न पूछे जाते हैं।
- REET 2024 में 2 प्रश्न
- कक्षा 8 स्तर
- 11 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 के दोनों प्रश्न सर्वोच्च न्यायालय के अलग-अलग क्षेत्राधिकारों की गहरी समझ जाँचते हैं — एक में पूछा गया कि दो राज्यों के बीच विवाद किस क्षेत्राधिकार में आता है (मौलिक/original, अनुच्छेद 131), दूसरे में पूछा गया कि न्यायालय अपने ही फैसले की समीक्षा (पुनर्विलोकन) किस अनुच्छेद के तहत कर सकता है (अनुच्छेद 137)। यानी REET में यहाँ सामान्य परिचय से आगे बढ़कर हर क्षेत्राधिकार का सही अनुच्छेद संख्या तक ठीक-ठीक याद रखना ज़रूरी है।
सर्वोच्च न्यायालय की संरचना व नियुक्ति
- स्थापना
- 28 जनवरी 1950 को स्थापित; यह पूर्ववर्ती संघीय न्यायालय (Federal Court) का स्थान लेता है। प्रथम मुख्य न्यायाधीश हरिलाल जे. कानिया थे।
- वर्तमान स्वीकृत संख्या
- मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित कुल 34 न्यायाधीश — यह संख्या 'उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अधिनियम, 2019' द्वारा तय की गई।
- नियुक्ति
- राष्ट्रपति द्वारा, आवश्यक परामर्श के बाद (अनुच्छेद 124)।
- योग्यता
- भारत का नागरिक हो, और या तो किसी उच्च न्यायालय में 5 वर्ष न्यायाधीश रहा हो, या 10 वर्ष तक उच्च न्यायालय में अधिवक्ता रहा हो, या राष्ट्रपति की दृष्टि में प्रतिष्ठित विधिवेत्ता हो।
- सेवानिवृत्ति आयु
- 65 वर्ष (उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष है)।
सर्वोच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार
| क्षेत्राधिकार | अनुच्छेद | विवरण |
|---|---|---|
| मौलिक (Original) | 131 | केंद्र-राज्य या दो/अधिक राज्यों के बीच विवाद सीधे सर्वोच्च न्यायालय में सुने जाते हैं |
| रिट (Writ) | 32 | मौलिक अधिकारों के हनन पर सीधे सर्वोच्च न्यायालय में रिट के लिए याचिका |
| अपीलीय — संवैधानिक | 132 | उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध अपील, जब मामले में संवैधानिक प्रश्न शामिल हो |
| अपीलीय — सिविल व दांडिक | 133, 134 | सिविल व आपराधिक मामलों में उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध अपील |
| विशेष अनुमति याचिका (SLP) | 136 | किसी भी न्यायालय/अधिकरण (सैन्य न्यायालय को छोड़कर) के निर्णय के विरुद्ध विवेकाधीन अपील |
| सलाहकारी (Advisory) | 143 | राष्ट्रपति किसी विधि/तथ्य के प्रश्न पर सर्वोच्च न्यायालय की राय माँग सकते हैं; यह राय बाध्यकारी नहीं होती |
| पुनर्विलोकन (Review) | 137 | सर्वोच्च न्यायालय अपने ही दिए गए निर्णय या आदेश की समीक्षा कर सकता है |
REET 2024 में दो राज्यों के विवाद वाला प्रश्न अनुच्छेद 131 (मौलिक क्षेत्राधिकार) और पुनर्विलोकन वाला प्रश्न अनुच्छेद 137 पर आधारित था।
अभिलेख न्यायालय और बाध्यकारी शक्ति
अनुच्छेद 129 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय एक 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) है, यानी इसके निर्णय अभिलेख के रूप में सुरक्षित रहते हैं और इसे अवमानना (contempt) के लिए दंडित करने की शक्ति भी प्राप्त है। अनुच्छेद 141 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित विधि भारत के सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होती है, और अनुच्छेद 142 के तहत वह 'पूर्ण न्याय' के लिए कोई भी आवश्यक आदेश पारित कर सकता है।
संविधान पीठ व न्यायिक पुनरावलोकन
- संविधान पीठ (Constitution Bench)
- अनुच्छेद 145(3) के अनुसार जब मामले में संविधान की व्याख्या से जुड़ा महत्वपूर्ण विधिक प्रश्न शामिल हो, तो कम से कम 5 न्यायाधीशों की पीठ ही उसका निर्णय कर सकती है।
- न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review)
- सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालयों को यह शक्ति प्राप्त है कि वे किसी कानून या कार्यपालिका के आदेश को संविधान के विरुद्ध पाए जाने पर असंवैधानिक (void) घोषित कर सकते हैं — यह शक्ति अनुच्छेद 13, 32 व 226 से मिलकर बनती है।
- उच्च न्यायालय से संबंध
- सर्वोच्च न्यायालय देश का सर्वोच्च अपीलीय न्यायालय है; किसी भी उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध अंतिम अपील यहीं सुनी जाती है, और इसके निर्णय सभी उच्च न्यायालयों पर बाध्यकारी होते हैं।
- न्यायाधीशों की शपथ
- सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद व गोपनीयता की शपथ राष्ट्रपति के समक्ष (या राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त व्यक्ति के समक्ष) लेते हैं, जिसमें संविधान व विधि के प्रति निष्ठा तथा बिना भय या पक्षपात के कर्तव्य-पालन का संकल्प शामिल होता है।
- मुख्य पीठ
- सर्वोच्च न्यायालय की मुख्य पीठ नई दिल्ली में स्थित है; संविधान अनुच्छेद 130 के तहत राष्ट्रपति की अनुमति से इसकी अन्य पीठें भी स्थापित की जा सकती हैं, यद्यपि अभी तक ऐसा नहीं किया गया।
- पद से हटाना (महाभियोग)
- अनुच्छेद 124(4) के अनुसार किसी न्यायाधीश को कदाचार या अक्षमता सिद्ध होने पर संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव पर राष्ट्रपति के आदेश से ही पद से हटाया जा सकता है — यह प्रक्रिया 'महाभियोग' कहलाती है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि (कक्षा 8)
बच्चों के सामने एक काल्पनिक विवाद रखना (जैसे 'दो राज्यों के बीच नदी-जल बँटवारा') और उनसे पूछना कि यह मामला कहाँ सुना जाएगा — इससे मौलिक क्षेत्राधिकार की व्यावहारिक समझ बनती है।
शिक्षण सहायक सामग्री
न्यायपालिका, कार्यपालिका व विधायिका के बीच 'शक्तियों के संतुलन' (checks and balances) को दिखाता एक त्रिकोण-चार्ट, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका को उभार कर दिखाया जाए।
सामान्य ग़लतफ़हमी
बच्चे अक्सर सोचते हैं कि सर्वोच्च न्यायालय केवल अपील सुनने वाला न्यायालय है — जबकि रिट (अनुच्छेद 32), मौलिक (अनुच्छेद 131) व सलाहकारी (अनुच्छेद 143) क्षेत्राधिकार में यह सीधे मामले भी सुनता व राय भी देता है।
आकलन विचार
अलग-अलग परिस्थितियों (जैसे 'दो राज्यों का विवाद', 'मौलिक अधिकार का हनन', 'राष्ट्रपति की सलाह अनुरोध') के कार्ड बनाकर बच्चों से सही क्षेत्राधिकार से जोड़वाना।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
क्षेत्राधिकार व अनुच्छेद याद रखने का सूत्र: '32 रिट, 131 मौलिक, 137 पुनर्विलोकन, 143 सलाहकारी' — ध्यान रखें कि रिट क्षेत्राधिकार (32) मौलिक अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा है, जबकि 'मौलिक (original) क्षेत्राधिकार' (131) राज्यों के बीच विवादों से — ये दोनों नाम मिलते-जुलते हैं इसलिए REET में सबसे ज़्यादा भ्रम इन्हीं दो में होता है।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 133
भारत में दो राज्यों के मध्य विवाद का निपटाना सर्वोच्च न्यायालय के किस क्षेत्राधिकार के अन्तर्गत आता है ?
- Aसलाहकारी
- Bमौलिक
- Cअपीलीय
- Dरिट
व्याख्या
संविधान के अनुच्छेद 131 के अनुसार केन्द्र और राज्यों के बीच या दो या अधिक राज्यों के बीच विवाद सीधे सर्वोच्च न्यायालय में सुने जाते हैं – इसे मौलिक/प्रारम्भिक (original) क्षेत्राधिकार कहते हैं। सलाहकारी क्षेत्राधिकार अनुच्छेद 143 और रिट क्षेत्राधिकार अनुच्छेद 32 से सम्बंधित है।
प्रश्न 104
अनुच्छेद 137 के अनुसार उच्चतम न्यायालय के निर्णय की समीक्षा करने का अधिकार निम्न में से किसको है ?
- Aप्रधानमंत्री
- Bलोकसभाध्यक्ष
- Cउच्चतम न्यायालय
- Dराज्यसभा के सभापति
व्याख्या
अनुच्छेद 137 के अनुसार उच्चतम न्यायालय को अपने द्वारा दिए गए किसी निर्णय या आदेश का पुनर्विलोकन (review) करने की शक्ति है, जो संसद के कानून और अनुच्छेद 145 के नियमों के अधीन है। प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा सभापति को न्यायालय के निर्णय की समीक्षा का अधिकार नहीं है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति किस अनुच्छेद के तहत होती है?
- Aअनुच्छेद 74
- Bअनुच्छेद 124
- Cअनुच्छेद 131
- Dअनुच्छेद 143
व्याख्या
अनुच्छेद 124 सर्वोच्च न्यायालय के गठन व न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित है। राष्ट्रपति आवश्यक परामर्श के बाद इस अनुच्छेद के तहत नियुक्ति करते हैं।
प्रश्न 2
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बनने के लिए एक व्यक्ति को उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में न्यूनतम कितने वर्ष का अनुभव होना चाहिए?
- A5 वर्ष
- B7 वर्ष
- C10 वर्ष
- D15 वर्ष
व्याख्या
सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने के लिए व्यक्ति को कम से कम 10 वर्ष तक किसी उच्च न्यायालय में अधिवक्ता रहा होना चाहिए, या 5 वर्ष तक उच्च न्यायालय का न्यायाधीश रहा हो।
प्रश्न 3
राष्ट्रपति किसी विधि या तथ्य के प्रश्न पर सर्वोच्च न्यायालय की राय किस अनुच्छेद के तहत माँग सकते हैं?
- Aअनुच्छेद 32
- Bअनुच्छेद 131
- Cअनुच्छेद 137
- Dअनुच्छेद 143
व्याख्या
अनुच्छेद 143 राष्ट्रपति को सार्वजनिक महत्व के किसी विधि या तथ्य के प्रश्न पर सर्वोच्च न्यायालय की सलाहकारी राय माँगने की शक्ति देता है। यह राय सर्वोच्च न्यायालय पर बाध्यकारी नहीं होती।
प्रश्न 4
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की वर्तमान स्वीकृत कुल संख्या (मुख्य न्यायाधीश सहित) कितनी है?
- A26
- B31
- C34
- D8
व्याख्या
'उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अधिनियम, 2019' के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 34 न्यायाधीश हो सकते हैं।
प्रश्न 5
सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना किस तिथि को हुई थी?
- A26 जनवरी 1950
- B28 जनवरी 1950
- C26 नवंबर 1949
- D15 अगस्त 1947
व्याख्या
संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, जबकि सर्वोच्च न्यायालय की औपचारिक स्थापना उसके दो दिन बाद 28 जनवरी 1950 को हुई, जिसने पूर्ववर्ती संघीय न्यायालय (Federal Court) का स्थान लिया।
प्रश्न 6
किसी सैन्य न्यायालय के निर्णय को छोड़कर, देश के किसी भी न्यायालय या अधिकरण के निर्णय के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में विवेकाधीन अपील किस अनुच्छेद के तहत होती है?
- Aअनुच्छेद 132
- Bअनुच्छेद 134
- Cअनुच्छेद 136
- Dअनुच्छेद 141
व्याख्या
अनुच्छेद 136 के तहत सर्वोच्च न्यायालय को विशेष अनुमति याचिका (SLP) के माध्यम से देश के किसी भी न्यायालय या अधिकरण (सैन्य न्यायालय को छोड़कर) के निर्णय के विरुद्ध विवेकाधीन अपील सुनने की शक्ति प्राप्त है।
प्रश्न 7
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित विधि भारत के सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होती है — यह प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
- Aअनुच्छेद 129
- Bअनुच्छेद 141
- Cअनुच्छेद 142
- Dअनुच्छेद 145
व्याख्या
अनुच्छेद 141 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित विधि भारत के राज्यक्षेत्र में स्थित सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होती है। अनुच्छेद 129 न्यायालय को अभिलेख न्यायालय घोषित करता है।
प्रश्न 8
यदि केंद्र सरकार और किसी राज्य सरकार के बीच कोई कानूनी विवाद हो, तो वह सीधे सर्वोच्च न्यायालय के किस क्षेत्राधिकार में सुना जाएगा?
- Aअपीलीय क्षेत्राधिकार
- Bमौलिक क्षेत्राधिकार
- Cसलाहकारी क्षेत्राधिकार
- Dरिट क्षेत्राधिकार
व्याख्या
अनुच्छेद 131 के अनुसार केंद्र व राज्यों के बीच या दो/अधिक राज्यों के बीच कानूनी विवाद सीधे सर्वोच्च न्यायालय के मौलिक (original) क्षेत्राधिकार में सुने जाते हैं।
प्रश्न 9
सर्वोच्च न्यायालय को अवमानना (contempt) के लिए दंडित करने की शक्ति किस अनुच्छेद से मिलती है?
- Aअनुच्छेद 129
- Bअनुच्छेद 136
- Cअनुच्छेद 137
- Dअनुच्छेद 143
व्याख्या
अनुच्छेद 129 सर्वोच्च न्यायालय को 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) घोषित करता है और इसे अपनी अवमानना के लिए दंडित करने की शक्ति भी देता है।
प्रश्न 10
कक्षा में सर्वोच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार समझाने का सबसे प्रभावी तरीका क्या है?
- Aकेवल अनुच्छेद संख्याएँ रटवाना
- Bहर क्षेत्राधिकार को एक वास्तविक जीवन उदाहरण (जैसे नदी-जल विवाद) से जोड़कर समझाना
- Cविषय को छोड़ देना क्योंकि यह कठिन है
- Dकेवल पाठ्यपुस्तक की परिभाषा पढ़वाना
व्याख्या
हर क्षेत्राधिकार (जैसे राज्यों के बीच नदी-जल विवाद = मौलिक क्षेत्राधिकार) को व्यावहारिक उदाहरण से जोड़कर पढ़ाने से बच्चे यह समझ पाते हैं कि न्यायालय अलग-अलग परिस्थितियों में अलग भूमिका निभाता है, जो केवल अनुच्छेद संख्या रटने से स्पष्ट नहीं होता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सर्वोच्च न्यायालय से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से 2 प्रश्न पूछे गए, दोनों क्षेत्राधिकार से जुड़े। नागरिक शास्त्र खंड में सर्वोच्च न्यायालय हर साल पूछा जाने वाला नियमित टॉपिक है।
सर्वोच्च न्यायालय में वर्तमान में कुल कितने न्यायाधीश हो सकते हैं?+
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित कुल 34 न्यायाधीश, जो 'उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अधिनियम, 2019' द्वारा तय की गई संख्या है। 1950 में स्थापना के समय यह संख्या केवल 8 (CJI + 7) थी।
मौलिक क्षेत्राधिकार और रिट क्षेत्राधिकार में क्या अंतर है?+
मौलिक (original) क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 131) केंद्र-राज्य या राज्यों के बीच विवादों से जुड़ा है, जबकि रिट क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 32) किसी नागरिक के मौलिक अधिकार के हनन पर सीधे सर्वोच्च न्यायालय जाने के अधिकार से जुड़ा है।
सर्वोच्च न्यायालय अपने ही फैसले की समीक्षा कब कर सकता है?+
अनुच्छेद 137 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय को संसद के कानून व अनुच्छेद 145 के नियमों के अधीन अपने ही दिए गए निर्णय या आदेश का पुनर्विलोकन (review) करने की शक्ति प्राप्त है।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु क्या है?+
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है, जबकि उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष है।
संविधान पीठ (Constitution Bench) क्या है?+
अनुच्छेद 145(3) के अनुसार जब किसी मामले में संविधान की व्याख्या से जुड़ा महत्वपूर्ण विधिक प्रश्न शामिल हो, तो सर्वोच्च न्यायालय को कम से कम 5 न्यायाधीशों की पीठ (संविधान पीठ) गठित कर मामले की सुनवाई करनी होती है, सामान्य पीठ (2-3 न्यायाधीश) नहीं।
सर्वोच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश कौन थे?+
28 जनवरी 1950 को सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना के समय हरिलाल जे. कानिया इसके प्रथम मुख्य न्यायाधीश (CJI) बने, जिन्होंने संघीय न्यायालय के अंतिम मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी कार्य किया था।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए