राज्य सरकार — राजस्थान
राजस्थान की राज्य सरकार संसदीय प्रणाली पर आधारित है, जिसमें राज्यपाल संवैधानिक प्रमुख और मुख्यमंत्री वास्तविक कार्यकारी प्रमुख होते हैं। REET में राजस्थान विधानसभा की संरचना और संघ-राज्य विधायी शक्तियों के बँटवारे से नियमित प्रश्न आते हैं।
- REET 2024 में 1 प्रश्न
- कक्षा 6–8 स्तर
- 11 मिनट पढ़ें
REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET 2024 में पूछा गया कि राज्य की विधायिका किस विषय पर कानून नहीं बना सकती — विकल्पों में कृषि, बंदरगाह, भूमि व सार्वजनिक स्वास्थ्य दिए गए थे, सही उत्तर 'बंदरगाह' (महापत्तन) था क्योंकि यह संघ सूची का विषय है। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार के टॉपिक में राज्य विधानसभा की संरचना के साथ-साथ यह भी पूछा जाता है कि कौन-से विषय राज्य के अधिकार-क्षेत्र में आते हैं और कौन-से नहीं।
राजस्थान विधानसभा — बुनियादी तथ्य
- विधानमंडल का स्वरूप
- एकसदनीय (Unicameral) — केवल विधानसभा, कोई विधान परिषद नहीं
- कुल सदस्य संख्या
- 200
- अनुसूचित जाति (SC) हेतु आरक्षित सीटें
- 34
- अनुसूचित जनजाति (ST) हेतु आरक्षित सीटें
- 25
- कार्यकाल
- 5 वर्ष (समय से पहले भंग हो सकती है)
- राज्यपाल की नियुक्ति
- राष्ट्रपति द्वारा
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति
- राज्यपाल द्वारा — विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को
राज्यपाल, मुख्यमंत्री व मंत्रिपरिषद
राज्यपाल राज्य का संवैधानिक (नाममात्र) प्रमुख होता है, जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। सामान्यतः राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही कार्य करता है, वास्तविक शासन-सत्ता मुख्यमंत्री व मंत्रिपरिषद के पास होती है।
मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल/गठबंधन के नेता के रूप में करता है, और मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से विधानसभा (राज्य की जनता के प्रतिनिधियों) के प्रति उत्तरदायी होती है — यही उत्तरदायी (जवाबदेह) शासन-प्रणाली का आधार है, जैसा केंद्र में राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री संबंध में होता है।
राज्य सूची के प्रमुख विषय (जिन पर राज्य विधानसभा कानून बना सकती है)
| श्रेणी | उदाहरण विषय |
|---|---|
| कृषि व भूमि | कृषि, भूमि राजस्व, भू-सुधार |
| लोक व्यवस्था | पुलिस, जेलखाना (कारागार), लोक व्यवस्था |
| स्वास्थ्य व स्थानीय शासन | सार्वजनिक स्वास्थ्य व स्वच्छता, स्थानीय स्वशासन (पंचायत/नगरपालिका) |
| अन्य | सिंचाई, मत्स्य पालन, बाज़ार व मेले, राज्य कर |
बंदरगाह (महापत्तन/major ports), रक्षा, मुद्रा, रेलवे जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषय संघ सूची में हैं — इन पर राज्य विधानसभा कानून नहीं बना सकती।
राजस्थान की अन्य प्रमुख संवैधानिक संस्थाएँ
- राजस्थान उच्च न्यायालय
- स्थापना 29 अगस्त 1949; मुख्य पीठ जोधपुर में, एक खंडपीठ जयपुर में (1977 से)
- राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC)
- राज्य में सरकारी सेवाओं हेतु भर्ती परीक्षाएँ आयोजित करने वाली संवैधानिक संस्था (अनुच्छेद 315)
- राज्य निर्वाचन आयोग
- पंचायती राज व नगरीय स्थानीय निकायों के चुनाव संचालित करता है
राज्य सरकार व स्थानीय स्वशासन का संबंध
राज्य सूची में 'स्थानीय स्वशासन' का विषय शामिल है, इसलिए राजस्थान विधानसभा ही पंचायती राज संस्थाओं (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, ज़िला परिषद) व नगरीय निकायों (नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगम) से जुड़े कानून बनाती है। इन स्थानीय निकायों के चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जाते हैं, जो केंद्रीय चुनाव आयोग से अलग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है।
राजस्थान उच्च न्यायालय राज्य की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है, जिसकी मुख्य पीठ जोधपुर में तथा एक खंडपीठ जयपुर में स्थित है। यह राज्य सरकार के किसी भी कानून या कार्यपालिका के निर्णय की संवैधानिकता की समीक्षा कर सकता है, जिससे राज्य सरकार की शक्तियाँ संविधान के दायरे में सीमित रहती हैं।
राजस्थान व त्रि-स्तरीय पंचायती राज — एक ऐतिहासिक तथ्य
- पंचायती राज का शुभारंभ
- 2 अक्टूबर 1959, नागौर (राजस्थान) से, तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा
- महत्व
- राजस्थान त्रि-स्तरीय पंचायती राज (ग्राम पंचायत–पंचायत समिति–ज़िला परिषद) अपनाने वाला भारत का पहला राज्य बना
- वर्तमान आधार
- 73वें संविधान संशोधन, 1992 के बाद पूरे देश में यह त्रि-स्तरीय ढाँचा संवैधानिक रूप से अनिवार्य हुआ
राज्य विधानसभा में विधेयक कैसे पारित होता है
राजस्थान एकसदनीय राज्य होने के कारण यहाँ विधेयक को केवल एक ही सदन (विधानसभा) से पारित होना होता है — संसद की तरह दूसरे सदन में भेजने की ज़रूरत नहीं पड़ती। विधानसभा में विधेयक पेश होने के बाद उस पर सामान्य चर्चा, आवश्यकता पड़ने पर समिति-स्तर की जाँच, खंडवार विचार व अंतिम मतदान होता है; पारित विधेयक राज्यपाल के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाता है, और उनकी स्वीकृति मिलते ही यह राज्य का कानून बन जाता है।
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
बच्चों को स्थानीय समाचार-पत्र से राजस्थान विधानसभा सत्र की कोई खबर लाने को कहें, फिर उसमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री व मंत्रियों की भूमिका पहचानने को कहें — इससे संस्थाओं का व्यावहारिक ज्ञान बनता है।
शिक्षण सामग्री
एक सरल तालिका गतिविधि करवाएँ जिसमें बच्चे बताएँ कि उनके गाँव/शहर की कौन-सी समस्या (जैसे स्कूल, सड़क, पानी) राज्य सरकार के दायरे में आती है और कौन-सी केंद्र सरकार के — इससे राज्य सूची व संघ सूची का भेद व्यावहारिक रूप से स्पष्ट होता है।
सामान्य भ्रांति
बच्चे अक्सर राज्यपाल व मुख्यमंत्री की भूमिका को एक समान मान लेते हैं — स्पष्ट करें कि राज्यपाल संवैधानिक (नाममात्र) प्रमुख हैं जबकि मुख्यमंत्री वास्तविक शासन-सत्ता का प्रयोग करते हैं।
आकलन विचार
'राज्यपाल करते हैं या मुख्यमंत्री' जैसे 5-6 कथनों की सूची देकर बच्चों से सही व्यक्ति चुनवाएँ — इससे दोनों पदों के कार्यों का अंतर पक्का होता है।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
'राजस्थान की विधानसभा में 200 सीटें, इनमें से 34 SC व 25 ST के लिए आरक्षित' — यह संख्या ज्यों-की-त्यों याद रखें। और यह भी कि राज्य सूची के विषय पहचानने के लिए खुद से पूछें: 'क्या यह विषय राष्ट्रीय स्तर का है (रक्षा, मुद्रा, रेलवे, बंदरगाह) या स्थानीय (पुलिस, कृषि, भूमि, स्वास्थ्य)?' — राष्ट्रीय विषय संघ सूची में, स्थानीय विषय राज्य सूची में।
REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)
प्रश्न 97
भारत के संविधान के अनुसार राज्य की विधायिका निम्न में से किस विषय पर कानून निर्माण नहीं कर सकती ?
- Aकृषि
- Bबन्दरगाह
- Cभूमि
- Dसार्वजनिक स्वास्थ्य
व्याख्या
संविधान की सातवीं अनुसूची में विषयों को संघ, राज्य और समवर्ती सूची में बाँटा गया है। कृषि, भूमि और सार्वजनिक स्वास्थ्य राज्य सूची के विषय हैं, इसलिए राज्य विधायिका इन पर कानून बना सकती है। 'बन्दरगाह' (महापत्तन/major ports) संघ सूची का विषय है, जिस पर कानून संसद बनाती है; अतः सही उत्तर (B) है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
राजस्थान विधानसभा में कुल कितनी सीटें हैं?
- A175
- B200
- C225
- D250
व्याख्या
राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं, जो राज्य के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से भरी जाती हैं।
प्रश्न 2
राजस्थान विधानसभा में अनुसूचित जाति (SC) के लिए कितनी सीटें आरक्षित हैं?
- A25
- B33
- C34
- D40
व्याख्या
राजस्थान विधानसभा की 200 सीटों में से 34 सीटें अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित हैं।
प्रश्न 3
राजस्थान का विधानमंडल किस प्रकार का है?
- Aद्विसदनीय (विधानसभा + विधान परिषद)
- Bएकसदनीय (केवल विधानसभा)
- Cत्रिसदनीय
- Dकोई विधानमंडल नहीं
व्याख्या
राजस्थान का विधानमंडल एकसदनीय है, अर्थात यहाँ केवल विधानसभा है, कोई विधान परिषद (उच्च सदन) नहीं है।
प्रश्न 4
राजस्थान के राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?
- Aमुख्यमंत्री
- Bराष्ट्रपति
- Cप्रधानमंत्री
- Dसर्वोच्च न्यायालय
व्याख्या
राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है; राज्यपाल राज्य का संवैधानिक (नाममात्र) प्रमुख होता है।
प्रश्न 5
राजस्थान का मुख्यमंत्री किसके द्वारा नियुक्त होता है?
- Aराज्यपाल द्वारा
- Bराष्ट्रपति द्वारा
- Cसर्वोच्च न्यायालय द्वारा
- Dचुनाव आयोग द्वारा
व्याख्या
मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है — सामान्यतः विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल या गठबंधन के नेता को मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाता है।
प्रश्न 6
निम्न में से कौन-सा विषय राज्य सूची का है, जिस पर राजस्थान विधानसभा कानून बना सकती है?
- Aरेलवे
- Bभूमि व कृषि
- Cमुद्रा
- Dबंदरगाह
व्याख्या
भूमि व कृषि राज्य सूची के विषय हैं, इन पर राज्य विधानसभा कानून बना सकती है; रेलवे, मुद्रा व बंदरगाह संघ सूची के विषय हैं।
प्रश्न 7
मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी होती है?
- Aराज्यपाल
- Bराज्य विधानसभा
- Cप्रधानमंत्री
- Dसर्वोच्च न्यायालय
व्याख्या
मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्य विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है — यह उत्तरदायी संसदीय शासन-प्रणाली का मूल सिद्धांत है।
प्रश्न 8
राजस्थान विधानसभा का सामान्य कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?
- A4 वर्ष
- B5 वर्ष
- C6 वर्ष
- D7 वर्ष
व्याख्या
राजस्थान विधानसभा का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, हालाँकि इसे समय से पहले भंग भी किया जा सकता है।
प्रश्न 9
एक शिक्षक कक्षा 8 के बच्चों से समाचार-पत्र में राजस्थान विधानसभा सत्र की खबर पढ़वाकर उसमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री व मंत्रियों की भूमिका पहचानने को कहता है। यह गतिविधि सबसे अधिक किस कौशल को विकसित करती है?
- Aगणितीय गणना
- Bवास्तविक जीवन की संस्थाओं को पहचानने व जोड़ने का कौशल
- Cचित्रकला कौशल
- Dशारीरिक दक्षता
व्याख्या
समाचार-पत्र जैसी वास्तविक सामग्री से पढ़ाना बच्चों को पाठ्यपुस्तक की अवधारणाओं (राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद) को असली दुनिया की घटनाओं से जोड़ने का कौशल देता है, जो नागरिक शास्त्र की सार्थक शिक्षा का लक्ष्य है।
प्रश्न 10
राजस्थान विधानसभा में अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए कितनी सीटें आरक्षित हैं?
- A20
- B25
- C30
- D34
व्याख्या
राजस्थान विधानसभा की 200 सीटों में से 25 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं, जबकि 34 सीटें अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राज्य सरकार (राजस्थान) से REET में कितने प्रश्न आते हैं?+
REET 2024 में इस टॉपिक से 1 प्रश्न पूछा गया था; राजस्थान की शासन-व्यवस्था नागरिक शास्त्र खंड का नियमित हिस्सा है।
राजस्थान विधानसभा में कुल कितनी सीटें हैं?+
राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं, जिनमें से 34 अनुसूचित जाति (SC) व 25 अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं।
क्या राजस्थान का विधानमंडल एकसदनीय है या द्विसदनीय?+
राजस्थान का विधानमंडल एकसदनीय (Unicameral) है — यहाँ केवल विधानसभा है, कोई विधान परिषद नहीं।
राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?+
राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है; राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है।
मुख्यमंत्री व मंत्रिपरिषद किसके प्रति उत्तरदायी होते हैं?+
मुख्यमंत्री व मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्य विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होते हैं।
राजस्थान उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ कहाँ है?+
राजस्थान उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ जोधपुर में है (स्थापना 1949); इसकी एक खंडपीठ जयपुर में भी है।
भारत में त्रि-स्तरीय पंचायती राज सबसे पहले कहाँ शुरू हुआ?+
त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था सबसे पहले 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर से शुरू हुई, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था — इस तरह राजस्थान यह व्यवस्था अपनाने वाला भारत का पहला राज्य बना।
राजस्थान में विधेयक पारित होने की प्रक्रिया संसद से कैसे अलग है?+
राजस्थान एकसदनीय होने के कारण विधेयक को केवल विधानसभा से पारित होना होता है, जबकि संसद में विधेयक को लोकसभा व राज्यसभा दोनों सदनों से गुज़रना पड़ता है; राजस्थान में पारित विधेयक सीधे राज्यपाल की स्वीकृति के लिए जाता है।
क्या राज्यपाल विधानसभा द्वारा पारित विधेयक को अस्वीकार कर सकते हैं?+
राज्यपाल विधेयक पर स्वीकृति दे सकते हैं, उसे रोक सकते हैं, या उसे पुनर्विचार हेतु विधानसभा को लौटा सकते हैं; कुछ विशेष विधेयकों को वे राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित भी रख सकते हैं।
राजस्थान में मंत्रिपरिषद के सदस्यों की नियुक्ति कौन करता है?+
राजस्थान में मंत्रिपरिषद के सदस्यों (मंत्रियों) की नियुक्ति राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर करते हैं।
राजस्थान विधानसभा का सत्र कौन आहूत (summon) करता है?+
राजस्थान विधानसभा का सत्र राज्यपाल द्वारा आहूत किया जाता है, ठीक वैसे ही जैसे संसद के सत्र राष्ट्रपति द्वारा आहूत होते हैं; दो सत्रों के बीच 6 महीने से अधिक का अंतराल नहीं हो सकता।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए