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REET L2 · सामाजिक अध्ययन

भारत के राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री

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भारत के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों — चुनाव, शक्तियाँ, मंत्रिपरिषद के आकार की सीमा — को यह पेज REET परीक्षा के नज़रिए से समझाता है। REET 2024 में इस टॉपिक से अनुच्छेद संख्या और ऐतिहासिक उदाहरण (जैसे पॉकेट वीटो) दोनों तरह के प्रश्न पूछे गए।

  • REET 2024 में 3 प्रश्न
  • कक्षा 6–8 स्तर
  • 9 मिनट पढ़ें
16 सितंबर 2026 को सत्यापित · स्रोत: Article 74/75 — Constitution of India

REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

REET 2024 में इस टॉपिक से 'पॉकेट वीटो' के ऐतिहासिक उदाहरण (राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह व डाकघर विधेयक), मंत्रिपरिषद से जुड़े अनुच्छेद 74(1) और 91वें संविधान संशोधन से जुड़ी 15% सीमा पर प्रश्न पूछे गए। ये उदाहरण दिखाते हैं कि परीक्षा केवल परिभाषा नहीं बल्कि अनुच्छेद व वास्तविक ऐतिहासिक उदाहरण दोनों जोड़कर पूछती है।

राष्ट्रपति: चुनाव व कार्यकाल

भारत के राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से एक निर्वाचक मंडल (electoral college) द्वारा होता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य तथा सभी राज्यों व दिल्ली, पुदुच्चेरी की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं (अनुच्छेद 54)। यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अंतर्गत एकल संक्रमणीय मत (single transferable vote) और गुप्त मतदान से होता है (अनुच्छेद 55)।

राष्ट्रपति बनने के लिए न्यूनतम आयु 35 वर्ष तथा लोकसभा सदस्य बनने की योग्यता आवश्यक है (अनुच्छेद 58)। राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है (अनुच्छेद 56) और वह पुनः किसी भी संख्या में चुनाव लड़ सकता है (अनुच्छेद 57) — संविधान में पुनर्निर्वाचन पर कोई सीमा नहीं है। राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए महाभियोग (अनुच्छेद 61) की प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें संविधान के उल्लंघन का आरोप किसी भी सदन में कम-से-कम एक-चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर से 14 दिन पूर्व सूचना देकर लाया जाता है और दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से पारित होना ज़रूरी है।

राष्ट्रपति व मंत्रिपरिषद से जुड़े प्रमुख अनुच्छेद

अनुच्छेदविषय
54राष्ट्रपति के चुनाव हेतु निर्वाचक मंडल
55चुनाव की पद्धति (आनुपातिक प्रतिनिधित्व, एकल संक्रमणीय मत)
56 / 57कार्यकाल (5 वर्ष) व पुनर्निर्वाचन की पात्रता
58राष्ट्रपति पद हेतु योग्यताएँ (न्यूनतम आयु 35 वर्ष)
61महाभियोग की प्रक्रिया
74(1)राष्ट्रपति को सहायता व सलाह हेतु प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद
75(1)प्रधानमंत्री व अन्य मंत्रियों की नियुक्ति
75(1A)91वें संशोधन (2003) द्वारा जोड़ा गया — मंत्रिपरिषद का आकार लोकसभा सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं

प्रधानमंत्री व मंत्रिपरिषद

अनुच्छेद 74(1) के अनुसार राष्ट्रपति को अपने कार्यों के निर्वहन में सहायता व सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी, जिसका प्रधान प्रधानमंत्री होगा; राष्ट्रपति सामान्यतः इसी सलाह के अनुसार कार्य करता है। प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है (अनुच्छेद 75(1)) और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर होती है। मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है — यानी लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाने पर पूरी मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है।

91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा अनुच्छेद 75(1A) जोड़ा गया, जिसके अनुसार प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती। यही सीमा राज्यों में मुख्यमंत्री व मंत्रिपरिषद के लिए अनुच्छेद 164(1A) में भी है। इस संशोधन का उद्देश्य बड़ी और खर्चीली मंत्रिपरिषदों पर रोक लगाना था।

राष्ट्रपति की वीटो शक्ति: पॉकेट वीटो का उदाहरण

पॉकेट वीटो क्या है
जब राष्ट्रपति किसी विधेयक पर न तो हस्ताक्षर करे, न लौटाए और न कोई निर्णय ले — विधेयक अनिश्चित काल तक लंबित रहता है
प्रसिद्ध उदाहरण
भारतीय डाकघर (संशोधन) विधेयक, 1986 — राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने इसे लंबित रखा

अध्यादेश शक्ति और उपराष्ट्रपति की भूमिका

अनुच्छेद 123 के अंतर्गत जब संसद का सत्र न चल रहा हो और राष्ट्रपति को लगे कि तत्काल कार्रवाई ज़रूरी है, तो वे अध्यादेश (Ordinance) जारी कर सकते हैं, जिसका प्रभाव संसद के बनाए कानून जैसा ही होता है। यह अध्यादेश संसद का सत्र दोबारा शुरू होने के 6 सप्ताह के भीतर पारित होना आवश्यक है, अन्यथा यह स्वतः समाप्त हो जाता है; राष्ट्रपति इसे संविधान संशोधन के लिए उपयोग नहीं कर सकते, और यह मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही जारी होता है।

उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन (ex-officio) सभापति होता है। यदि राष्ट्रपति पद रिक्त हो जाए (मृत्यु, त्यागपत्र या हटाए जाने पर), तो नए राष्ट्रपति के चुनाव तक उपराष्ट्रपति ही राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है। इस प्रकार राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति दोनों पद मिलकर देश के शीर्ष संवैधानिक ढाँचे की निरंतरता सुनिश्चित करते हैं।

भारत में संसदीय शासन-प्रणाली अपनाई गई है, जिसमें राष्ट्रपति 'नाममात्र' (नॉमिनल) कार्यपालिका प्रमुख और प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद 'वास्तविक' (रियल) कार्यपालिका होती है — यानी सारे महत्वपूर्ण निर्णय मंत्रिपरिषद लेती है और राष्ट्रपति के नाम से लागू होते हैं। राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश (या उनकी अनुपस्थिति में सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश) के समक्ष संविधान की रक्षा की शपथ लेता है (अनुच्छेद 60), और अपना त्यागपत्र उपराष्ट्रपति को संबोधित करके देता है (अनुच्छेद 56)।

राज्यों में भी संघीय ढाँचे के अनुरूप एक समानांतर व्यवस्था है — राज्यपाल राज्य का संवैधानिक (नाममात्र) प्रमुख होता है, जबकि मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद वास्तविक कार्यपालिका होती है। यह ढाँचा केंद्र के राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री सम्बन्ध जैसा ही है, बस स्तर राज्य का होता है — REET में अक्सर राष्ट्रपति व राज्यपाल की शक्तियों की तुलना करने वाले प्रश्न भी पूछे जाते हैं।

इस पूरी व्यवस्था को समझने की कुंजी यह है कि संविधान ने शक्ति के दो स्तर बनाए हैं — पदेन गरिमा व संवैधानिक औपचारिकता (राष्ट्रपति, राज्यपाल) और वास्तविक नीति-निर्णय (मंत्रिपरिषद)। REET परीक्षार्थियों को दोनों को अलग-अलग खाने में रखकर याद करना चाहिए, ताकि अनुच्छेद-आधारित प्रश्नों में भ्रम न हो।

बच्चों को कैसे पढ़ाएँ

कक्षा गतिविधि

छात्रों को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मंत्रिपरिषद की भूमिका निभाते हुए एक सरल भूमिका-अभिनय (role play) करवाएँ, जिसमें किसी 'विधेयक' पर हस्ताक्षर/वीटो का दृश्य दिखाया जाए।

शिक्षण सहायक सामग्री

राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री की शक्तियों की तुलना करने वाला दो-स्तंभ चार्ट कक्षा में उपयोगी रहता है।

सामान्य भ्रांति

छात्र अक्सर सोचते हैं राष्ट्रपति ही वास्तविक कार्यकारी प्रमुख है, जबकि भारत में वास्तविक कार्यकारी शक्ति मंत्रिपरिषद (प्रधानमंत्री के नेतृत्व में) के पास होती है — राष्ट्रपति संवैधानिक (नाममात्र) प्रमुख है।

आकलन विचार

छात्रों से 'यदि राष्ट्रपति किसी विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं करना चाहें तो क्या हो सकता है' — इस पर एक छोटी चर्चा या निबंध लिखवाएँ।

याद रखने की ट्रिक

'74 में सलाह, 75 में नियुक्ति' — अनुच्छेद 74 मंत्रिपरिषद की सलाह से और 75 नियुक्ति से जुड़ा है। '91 में पंद्रह' — 91वें संशोधन ने मंत्रिपरिषद का आकार 15% तय किया।

REET 2024 में पूछे गए प्रश्न (हल सहित)

प्रश्न 110

संसद ने ‘भारतीय पोस्ट ऑफिस (संशोधन) विधेयक’ पारित कर किस राष्ट्रपति के सम्मुख हस्ताक्षर हेतु प्रस्तुत किया ?

  1. Aज्ञानी जेल सिंह
  2. Bनीलम संजीव रेड्डी
  3. Cडॉ. शंकर दयाल शर्मा
  4. Dवी. वी. गिरी

व्याख्या

'भारतीय डाकघर (संशोधन) विधेयक, 1986' संसद द्वारा पारित होने के बाद राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के सामने प्रस्तुत हुआ। उन्होंने इस पर न तो हस्ताक्षर किए और न ही लौटाया, बल्कि अनिश्चित काल तक रोके रखा – इसे 'जेबी वीटो' (pocket veto) का प्रसिद्ध उदाहरण माना जाता है।

प्रश्न 95

भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अन्तर्गत राष्ट्रपति को सहायता एवं सलाह हेतु प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रीपरिषद का प्रावधान है ?

  1. A73(1)
  2. B74(1)
  3. C75(1)
  4. D76(1)

व्याख्या

संविधान के अनुच्छेद 74(1) के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रधान प्रधानमंत्री होगा, और राष्ट्रपति अपने कार्यों का निर्वहन इसी सलाह के अनुसार करेगा। अनुच्छेद 75(1) प्रधानमंत्री व अन्य मंत्रियों की नियुक्ति से संबंधित है, जबकि 76 भारत के महान्यायवादी (Attorney General) से संबंधित है।

प्रश्न 123

91 वें संविधान संशोधन के बाद केन्द्र में मंत्री परिषद के सदस्यों की संख्या लोकसभा के सदस्यों की कुल संख्या के कितने प्रतिशत हो सकती है ?

  1. A10%
  2. B12%
  3. C18%
  4. D15%

व्याख्या

91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा अनुच्छेद 75(1A) जोड़ा गया, जिसके अनुसार केन्द्र में प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती। राज्यों के लिए भी अनुच्छेद 164(1A) में यही सीमा (विधानसभा का 15%, न्यूनतम 12 मंत्री) रखी गई है।

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1

राष्ट्रपति पद के लिए न्यूनतम आयु कितनी निर्धारित है?

  1. A25 वर्ष
  2. B30 वर्ष
  3. C35 वर्ष
  4. D40 वर्ष

व्याख्या

अनुच्छेद 58 के अनुसार राष्ट्रपति पद के लिए न्यूनतम आयु 35 वर्ष निर्धारित है।

प्रश्न 2

राष्ट्रपति का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?

  1. A4 वर्ष
  2. B5 वर्ष
  3. C6 वर्ष
  4. D7 वर्ष

व्याख्या

अनुच्छेद 56 के अनुसार राष्ट्रपति का कार्यकाल पद ग्रहण करने की तिथि से 5 वर्ष का होता है।

प्रश्न 3

किस अनुच्छेद के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता व सलाह देने हेतु प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद होगी?

  1. A73(1)
  2. B74(1)
  3. C75(1)
  4. D76(1)

व्याख्या

अनुच्छेद 74(1) राष्ट्रपति को सहायता व सलाह देने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद का प्रावधान करता है।

प्रश्न 4

91वें संविधान संशोधन के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद का आकार लोकसभा सदस्य संख्या के अधिकतम कितने प्रतिशत तक सीमित है?

  1. A10%
  2. B12%
  3. C15%
  4. D18%

व्याख्या

91वें संविधान संशोधन, 2003 द्वारा जोड़े गए अनुच्छेद 75(1A) के अनुसार मंत्रिपरिषद का आकार लोकसभा सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकता।

प्रश्न 5

प्रधानमंत्री की नियुक्ति कौन करता है?

  1. Aलोकसभा अध्यक्ष
  2. Bराष्ट्रपति
  3. Cउपराष्ट्रपति
  4. Dसर्वोच्च न्यायालय

व्याख्या

अनुच्छेद 75(1) के अनुसार प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है।

प्रश्न 6

राष्ट्रपति के महाभियोग की प्रक्रिया किस अनुच्छेद में वर्णित है?

  1. A56
  2. B58
  3. C60
  4. D61

व्याख्या

अनुच्छेद 61 राष्ट्रपति को हटाने के लिए महाभियोग की प्रक्रिया का वर्णन करता है।

प्रश्न 7

'पॉकेट वीटो' का प्रसिद्ध उदाहरण किस राष्ट्रपति के कार्यकाल से जुड़ा है?

  1. Aनीलम संजीव रेड्डी
  2. Bज्ञानी जैल सिंह
  3. Cवी. वी. गिरी
  4. Dडॉ. शंकर दयाल शर्मा

व्याख्या

भारतीय डाकघर (संशोधन) विधेयक, 1986 को राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने अनिश्चितकाल तक लंबित रखा, जो पॉकेट वीटो का प्रसिद्ध उदाहरण है।

प्रश्न 8

राष्ट्रपति के चुनाव में मतदान किस पद्धति से होता है?

  1. Aप्रत्यक्ष बहुमत
  2. Bआनुपातिक प्रतिनिधित्व - एकल संक्रमणीय मत
  3. Cसर्वसम्मति
  4. Dहाथ उठाकर मतदान

व्याख्या

अनुच्छेद 55 के अनुसार राष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत एकल संक्रमणीय मत व गुप्त मतदान से होता है।

प्रश्न 9

कक्षा में राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री की भूमिका के अंतर को स्पष्ट करने का सबसे प्रभावी तरीका है

  1. Aकेवल परिभाषा रटवाना
  2. Bभूमिका-अभिनय (role play) गतिविधि करवाना
  3. Cटॉपिक छोड़ देना
  4. Dकेवल किताब से पढ़वाना

व्याख्या

भूमिका-अभिनय जैसी सक्रिय शिक्षण विधियाँ अमूर्त संवैधानिक अवधारणाओं को छात्रों के लिए व्यावहारिक व यादगार बनाती हैं।

प्रश्न 10

यदि छात्र मानते हैं कि राष्ट्रपति ही भारत की वास्तविक कार्यकारी शक्ति रखता है, तो शिक्षक को इस भ्रांति को दूर करने के लिए क्या करना चाहिए?

  1. Aभ्रांति को नज़रअंदाज करना
  2. Bअनुच्छेद 74 के आधार पर स्पष्ट करना कि वास्तविक शक्ति मंत्रिपरिषद के पास है
  3. Cछात्र को गलत बताकर आगे बढ़ना
  4. Dविषय दोबारा न पढ़ाना

व्याख्या

संविधान के प्रावधान (अनुच्छेद 74) के आधार पर सोदाहरण स्पष्टीकरण देने से छात्रों की गलतफ़हमी स्थायी रूप से दूर होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति का चुनाव किस पद्धति से होता है?+

आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत एकल संक्रमणीय मत व गुप्त मतदान से, निर्वाचक मंडल द्वारा (अनुच्छेद 54-55)।

राष्ट्रपति बनने की न्यूनतम आयु क्या है?+

35 वर्ष (अनुच्छेद 58)।

मंत्रिपरिषद के आकार की 15% सीमा किस संशोधन से आई?+

91वें संविधान संशोधन, 2003 (अनुच्छेद 75(1A))।

पॉकेट वीटो क्या है?+

जब राष्ट्रपति किसी विधेयक पर न हस्ताक्षर करे, न लौटाए, न अस्वीकार करे — उसे अनिश्चितकाल तक लंबित रखना।

मंत्रिपरिषद किसके प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है?+

लोकसभा के प्रति।

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आधिकारिक स्रोत

  1. Article 74/75 — Constitution of India

बदलाव लॉग

  • 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए