मुख्य सामग्री पर जाएं
📚 आर्थिक अवधारणाएं एवं भारतीय अर्थव्यवस्था

प्रमुख सरकारी योजनाएं — कृषि, वित्त, आवास, रोजगार, स्वास्थ्य व उद्योग की फ्लैगशिप योजनाएं | RAS 2026

Major Government Schemes — Flagship Programs in Agriculture, Finance, Housing, Employment, Health & Industry | RAS 2026

12 मिनटintermediate✓ अपडेटेड: अगस्त 2026· Economic Concepts and Indian Economy

परिचय

भारत सरकार की प्रमुख (फ्लैगशिप) कल्याणकारी और आर्थिक योजनाएं RAS प्रारंभिक परीक्षा में सबसे अधिक पूछे जाने वाले विषयों में से एक हैं — लगभग हर पेपर में लॉन्च वर्ष, नोडल मंत्रालय या मुख्य उद्देश्य को लेकर कम से कम एक-दो प्रश्न देखने को मिलते हैं। समस्या यह है कि दर्जनों योजनाओं के नाम, वर्ष और मंत्रालय एक-दूसरे से मिलते-जुलते होने के कारण आसानी से गड़बड़ा जाते हैं — जैसे PM-KISAN और PM-KMY, PMAY-ग्रामीण और PMAY-शहरी, या स्टार्टअप इंडिया और स्टैंड-अप इंडिया। यह गाइड एक व्यापक, क्षेत्र-वार संदर्भ सूची के रूप में काम करती है — कृषि, वित्तीय समावेशन, आवास व अवसंरचना, रोजगार व कौशल, स्वास्थ्य व कल्याण, तथा उद्योग व स्टार्टअप — हर क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं को उनके लॉन्च वर्ष, नोडल मंत्रालय और मूल उद्देश्य के साथ प्रस्तुत करती है। ध्यान रहे, यह एक इंडेक्स/त्वरित-संदर्भ गाइड है — कृषि या स्वास्थ्य जैसे विषय-विशिष्ट गाइडों में इन्हीं योजनाओं का गहराई से विश्लेषण मिलेगा; यहां उद्देश्य पूरे परिदृश्य को एक जगह याद रखने योग्य बनाना है।

मुख्य अवधारणाएं

1. कृषि क्षेत्र की योजनाएं

पीएम-किसान (PM-KISAN — प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि) दिसंबर 2018 में शुरू की गई और फरवरी 2019 से देशभर में लागू हुई, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित एक केंद्रीय क्षेत्र (100% केंद्र-वित्तपोषित) योजना है। इसके अंतर्गत सभी भूमिधारक किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 की आय सहायता तीन बराबर किस्तों (₹2,000 प्रत्येक) में सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से दी जाती है; वर्तमान में इसका लाभ लगभग 9.44 करोड़ से अधिक किसान परिवारों (जिनमें 25% से अधिक महिलाएं शामिल हैं) को मिल रहा है। इसकी सहयोगी योजना पीएम किसान मानधन योजना (PM-KMY) छोटे व सीमांत किसानों के लिए एक स्वैच्छिक पेंशन योजना है, जिसके तहत 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3,000 मासिक पेंशन मिलती है — दोनों योजनाओं को साथ पढ़ते समय याद रखें कि एक आय-सहायता है और दूसरी पेंशन योजना।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) 2016 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू की गई, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, कीट-प्रकोप या बीमारी से फसल क्षति की स्थिति में किसानों को व्यापक बीमा कवरेज देना है — बुवाई-पूर्व से लेकर कटाई-उपरांत के जोखिमों तक। इसका मार्गदर्शक सिद्धांत है "एक राज्य, एक फसल, एक प्रीमियम दर", और किसानों का प्रीमियम अंश खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी के लिए 1.5% तथा वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5% पर सीमित रखा गया है, शेष प्रीमियम केंद्र व राज्य सरकारें साझा रूप से वहन करती हैं। इसके अतिरिक्त, कृषोन्नति योजना (Krishonnati Yojana) कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु एक अम्ब्रेला योजना है जिसके अंतर्गत 8 उप-योजनाएं (जैसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना आदि) समाहित हैं, जबकि हालिया पीएम धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) कम कृषि-उत्पादकता वाले जिलों को लक्षित करने वाली एक नई पहल है।

2. वित्तीय समावेशन योजनाएं

प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) अगस्त 2014 में वित्तीय सेवाएं विभाग (वित्त मंत्रालय) द्वारा शुरू की गई राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन है, जिसका उद्देश्य हर परिवार को बुनियादी बचत बैंक खाता, आवश्यकता-आधारित ऋण तक पहुंच, बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। खाताधारकों को शून्य न्यूनतम शेष खाता, रुपे डेबिट कार्ड (जिसमें अंतर्निहित दुर्घटना बीमा कवर शामिल है), तथा ओवरड्राफ्ट सुविधा मिलती है — यह भारत के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) ढांचे की रीढ़ है, जिसके माध्यम से PM-KISAN जैसी दर्जनों योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचता है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) अप्रैल 2015 में शुरू हुई, वित्त मंत्रालय के अंतर्गत, गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु व सूक्ष्म उद्यमों को ₹10 लाख तक का संपार्श्विक-मुक्त ऋण उपलब्ध कराती है, जिसे तीन श्रेणियों — शिशु (₹50,000 तक), किशोर (₹50,000-5 लाख) और तरुण (₹5-10 लाख) — में बांटा गया है; हाल ही में एक चौथी श्रेणी "तरुण प्लस" (₹10-20 लाख) भी जोड़ी गई है।

3. आवास एवं अवसंरचना योजनाएं

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) जून 2015 में "सभी के लिए आवास" के लक्ष्य के साथ शुरू की गई, इसके दो अलग घटक हैं — PMAY-शहरी (आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित) और PMAY-ग्रामीण (ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित) — दोनों ही शहरी झुग्गीवासियों/बेघरों तथा ग्रामीण कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने पर केंद्रित हैं, लेकिन इनके नोडल मंत्रालय, सब्सिडी ढांचे और लाभार्थी-चयन मानदंड अलग-अलग हैं। जल जीवन मिशन (JJM) अगस्त 2019 में जल शक्ति मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया, जिसका लक्ष्य 2024 तक (अब विस्तारित) हर ग्रामीण घर तक क्रियाशील नल कनेक्शन (Functional Household Tap Connection - FHTC) के माध्यम से पर्याप्त मात्रा व निर्धारित गुणवत्ता का पेयजल पहुंचाना है — यह "हर घर जल" के नारे से भी जाना जाता है।

पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान अक्टूबर 2021 में लॉन्च किया गया एक डिजिटल मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी मंच है, जिसे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत DPIIT समन्वयित करता है — इसका उद्देश्य 16 मंत्रालयों के बुनियादी ढांचा डेटा को एक ही GIS-आधारित मंच पर एकीकृत कर सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई अड्डे और औद्योगिक गलियारों की योजना में तालमेल लाना तथा रसद लागत घटाना है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना फरवरी 2024 में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा शुरू की गई, जिसके तहत एक करोड़ घरों की छतों पर सौर पैनल लगाकर प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली तथा सब्सिडी (3 किलोवाट तक की क्षमता पर) उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

4. रोजगार एवं कौशल विकास योजनाएं

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा/MGNREGA) 2005 में अधिनियमित हुआ और ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा क्रियान्वित होता है — यह विश्व की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना है, जो हर ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष कम से कम 100 दिन के अकुशल शारीरिक श्रम का कानूनी अधिकार गारंटी करती है; यह एकमात्र फ्लैगशिप योजना है जो किसी अधिनियम (कानून) पर आधारित है, न कि केवल एक कार्यकारी घोषणा पर। स्किल इंडिया मिशन जुलाई 2015 में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा शुरू किया गया एक व्यापक छाता कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत सबसे प्रमुख घटक प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) है, जो अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण, प्रमाणन तथा प्लेसमेंट सहायता के जरिये युवाओं की रोजगार-योग्यता बढ़ाने पर केंद्रित है।

पीएम विश्वकर्मा योजना सितंबर 2023 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा शुरू की गई, जो 18 पारंपरिक शिल्प व्यवसायों (बढ़ई, सुनार, कुम्हार, दर्जी, मोची आदि) से जुड़े कारीगरों व शिल्पकारों को मान्यता, कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट प्रोत्साहन तथा रियायती दर (5%) पर संपार्श्विक-मुक्त ऋण (पहली किस्त ₹1 लाख, दूसरी किस्त ₹2 लाख तक) उपलब्ध कराती है।

5. स्वास्थ्य एवं कल्याण योजनाएं

आयुष्मान भारत — प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) सितंबर 2018 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू की गई विश्व की सबसे बड़ी सरकारी वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो लगभग 12 करोड़ से अधिक गरीब व कमजोर परिवारों (करीब 55 करोड़ लाभार्थियों) को द्वितीयक व तृतीयक अस्पताल में भर्ती के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है; इसका दूसरा स्तंभ, आयुष्मान भारत — स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (HWC), प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करता है। हाल ही में इसका दायरा 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों तक भी बढ़ाया गया है (आय की परवाह किए बिना)। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) मई 2016 में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा शुरू की गई, जिसका उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे (BPL) की महिलाओं को धुआं-रहित रसोई सुनिश्चित करने हेतु मुफ्त एलपीजी कनेक्शन (जमा राशि-मुक्त) उपलब्ध कराना है, ताकि पारंपरिक चूल्हों से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सके।

6. उद्योग एवं स्टार्टअप योजनाएं

स्टार्टअप इंडिया जनवरी 2016 में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग व आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा शुरू की गई पहल है, जो स्टार्टअप्स को कर छूट (पहले 3 वर्षों के लिए आयकर में छूट), स्व-प्रमाणन अनुपालन, फास्ट-ट्रैक पेटेंट परीक्षण तथा फंड ऑफ फंड्स के जरिये आसान वित्त-पहुंच जैसे प्रोत्साहन देती है। इसी दिन शुरू हुई स्टैंड-अप इंडिया योजना वित्त मंत्रालय (सिडबी के माध्यम से) द्वारा संचालित है और विशेष रूप से अनुसूचित जाति/जनजाति तथा महिला उद्यमियों को ग्रीनफील्ड उद्यम स्थापित करने के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का बैंक ऋण सुलभ कराने पर केंद्रित है — दोनों योजनाएं एक ही दिन शुरू हुईं पर बिल्कुल अलग लक्ष्य-समूहों तथा अलग मंत्रालयों की हैं।

उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाएं 2020 से विभिन्न मंत्रालयों द्वारा 14 प्रमुख क्षेत्रों (मोबाइल विनिर्माण एवं इलेक्ट्रॉनिक घटक, फार्मा, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, ऑटोमोबाइल-ऑटो कंपोनेंट, विशेष इस्पात, सौर PV मॉड्यूल, ड्रोन, ACC बैटरी आदि) में शुरू की गई हैं, जिनका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, आयात-निर्भरता घटाना और भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में प्रतिस्पर्धी बनाना है — कंपनियों को वृद्धिशील बिक्री के एक निश्चित प्रतिशत के रूप में नकद प्रोत्साहन मिलता है, कर छूट के बजाय। उदाहरण के लिए PLI-AAT (ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट, 2021, परिव्यय ₹25,938 करोड़) तथा PLI-ACC (एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी, 2021, परिव्यय ₹18,100 करोड़) जैसी उप-योजनाएं इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर केंद्रित हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • PM-KISAN (2019, कृषि मंत्रालय): ₹6,000/वर्ष, 3 किस्तों में, DBT द्वारा; 9.44 करोड़+ किसान परिवार लाभान्वित।
  • PMFBY (2016, कृषि मंत्रालय): फसल बीमा; सिद्धांत — "एक राज्य, एक फसल, एक प्रीमियम"; किसान प्रीमियम खरीफ 2%, रबी 1.5%, वाणिज्यिक/बागवानी 5%।
  • PMJDY (2014, वित्त मंत्रालय): शून्य-शेष बैंक खाता + रुपे कार्ड + दुर्घटना बीमा — DBT ढांचे की रीढ़।
  • PMMY/मुद्रा योजना (2015, वित्त मंत्रालय): ₹10 लाख तक संपार्श्विक-मुक्त ऋण; शिशु/किशोर/तरुण/तरुण प्लस श्रेणियां।
  • PMAY (2015): PMAY-शहरी (आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय) व PMAY-ग्रामीण (ग्रामीण विकास मंत्रालय) — दो अलग घटक, अलग मंत्रालय।
  • जल जीवन मिशन (2019, जल शक्ति मंत्रालय): हर घर क्रियाशील नल कनेक्शन (FHTC) — "हर घर जल"।
  • मनरेगा (2005, ग्रामीण विकास मंत्रालय): कानून-आधारित रोजगार गारंटी — 100 दिन/वर्ष अकुशल श्रम का अधिकार।
  • आयुष्मान भारत PM-JAY (2018, स्वास्थ्य मंत्रालय): ₹5 लाख/परिवार/वर्ष कैशलेस स्वास्थ्य बीमा; अब 70+ आयु वर्ग के सभी वरिष्ठ नागरिक भी शामिल।
  • PMUY (2016, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय): BPL महिलाओं को मुफ्त LPG कनेक्शन।
  • स्टार्टअप इंडिया व स्टैंड-अप इंडिया दोनों जनवरी 2016 में शुरू, पर अलग मंत्रालय व अलग लक्ष्य-समूह — पहली DPIIT (वाणिज्य मंत्रालय) द्वारा स्टार्टअप्स के लिए, दूसरी वित्त मंत्रालय/सिडबी द्वारा SC/ST व महिला उद्यमियों के लिए।
  • स्किल इंडिया/PMKVY (2015, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय): अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण व प्रमाणन।
  • PM गति शक्ति (2021, DPIIT समन्वित): मल्टी-मॉडल अवसंरचना योजना हेतु 16 मंत्रालयों का GIS-आधारित एकीकृत डिजिटल मंच।
  • PM विश्वकर्मा (2023, MSME मंत्रालय): 18 पारंपरिक शिल्प व्यवसायों के कारीगरों हेतु प्रशिक्षण, टूलकिट व रियायती ऋण।
  • PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (2024, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय): 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर, 300 यूनिट/माह तक मुफ्त बिजली।
  • PLI योजनाएं (2020 से, विभिन्न मंत्रालय): 14 क्षेत्रों में वृद्धिशील बिक्री पर नकद प्रोत्साहन — घरेलू विनिर्माण व निर्यात प्रोत्साहन हेतु।

परीक्षा टिप्स

  • हर योजना के लिए तीन "एंकर" याद रखें — लॉन्च वर्ष, नोडल मंत्रालय, मूल उद्देश्य; परीक्षा में अक्सर इन तीनों में से एक को गलत विकल्प के रूप में दिया जाता है।
  • PM-KISAN (आय सहायना, कृषि मंत्रालय) को PM-KMY (पेंशन योजना) से मत उलझाएं — दोनों किसान-केंद्रित हैं पर लाभ का स्वरूप अलग है।
  • PMAY-शहरी और PMAY-ग्रामीण को हमेशा अलग मंत्रालयों (क्रमशः आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय) के साथ याद रखें — यह एक बहुत सामान्य ट्रैप है।
  • मनरेगा को छोड़कर लगभग सभी फ्लैगशिप योजनाएं कार्यकारी/प्रशासनिक निर्णय से शुरू हुई हैं; मनरेगा एक संसदीय अधिनियम (2005) पर आधारित कानूनी अधिकार है — यह अंतर बार-बार पूछा जाता है।
  • स्टार्टअप इंडिया (DPIIT, स्टार्टअप्स के लिए) बनाम स्टैंड-अप इंडिया (वित्त मंत्रालय/सिडबी, SC/ST व महिला उद्यमियों के लिए) — दोनों एक ही दिन (16 जनवरी 2016) लॉन्च हुईं, यह तिथि-आधारित प्रश्नों में कन्फ्यूजन पैदा करता है।
  • वर्ष-वार त्वरित क्रम याद रखें: मनरेगा (2005) → जन धन/PMAY (2014-15) → मुद्रा/स्टार्टअप-स्टैंड-अप/स्किल इंडिया (2015-16) → उज्ज्वला/PMFBY (2016) → आयुष्मान भारत (2018) → PM-KISAN/जल जीवन मिशन (2019) → PLI (2020 से) → गति शक्ति (2021) → विश्वकर्मा (2023) → सूर्य घर (2024)।
🧠 स्मरण ट्रिक — छह क्षेत्रों की योजनाएं

क्षेत्रों को याद रखने के लिए वाक्य याद करें — "किसान वित्त पाकर घर बनाए, काम सीखे, स्वस्थ रहे, उद्योग लगाए": किसान = कृषि (PM-KISAN, PMFBY), वित्त पाकर = वित्तीय समावेशन (जन धन, मुद्रा), घर बनाए = आवास/अवसंरचना (PMAY, जल जीवन मिशन, गति शक्ति, सूर्य घर), काम सीखे = रोजगार/कौशल (मनरेगा, स्किल इंडिया, विश्वकर्मा), स्वस्थ रहे = स्वास्थ्य/कल्याण (आयुष्मान भारत, उज्ज्वला), उद्योग लगाए = उद्योग/स्टार्टअप (स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, PLI)।

⚠️ कन्फ्यूज़न बस्टर — मिलते-जुलते नामों वाली योजनाएं

PM-KISAN बनाम PM-KMY: PM-KISAN सभी भूमिधारक किसान परिवारों को ₹6,000/वर्ष की सीधी आय सहायता है; PM-KMY छोटे-सीमांत किसानों के लिए एक वैकल्पिक अंशदायी पेंशन योजना है जो 60 वर्ष के बाद ₹3,000/माह पेंशन देती है — एक "आय सहायता" है, दूसरी "पेंशन"। स्किल इंडिया बनाम PMKVY: स्किल इंडिया मिशन (2015) एक व्यापक छाता कार्यक्रम है जिसके अंतर्गत कई घटक आते हैं; PMKVY उसका सबसे प्रमुख, पर एक अकेला घटक है — "छाता योजना" को उसके "प्रमुख घटक" के साथ मत मिलाएं। स्टार्टअप इंडिया बनाम स्टैंड-अप इंडिया: दोनों 16 जनवरी 2016 को शुरू हुईं, पर स्टार्टअप इंडिया (DPIIT/वाणिज्य मंत्रालय) नवाचार-आधारित स्टार्टअप्स के लिए कर व अनुपालन प्रोत्साहन देती है, जबकि स्टैंड-अप इंडिया (वित्त मंत्रालय/सिडबी) विशेष रूप से SC/ST व महिला उद्यमियों को बैंक ऋण दिलाने पर केंद्रित है। PMAY-शहरी बनाम PMAY-ग्रामीण: एक ही "आवास सभी के लिए" लक्ष्य के दो अलग घटक हैं, जिनके नोडल मंत्रालय अलग-अलग हैं (आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय बनाम ग्रामीण विकास मंत्रालय) — प्रश्न में "शहरी/ग्रामीण" शब्द पर ध्यान दें, फिर सही मंत्रालय चुनें।

📝 अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1. PMFBY का मार्गदर्शक सिद्धांत क्या है, और किसानों का अधिकतम प्रीमियम अंश कितना निर्धारित है?

✅ "एक राज्य, एक फसल, एक प्रीमियम" सिद्धांत के तहत यह योजना संचालित होती है; किसानों का प्रीमियम अंश खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी के लिए 1.5% और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5% पर सीमित है।

प्रश्न 2. PMAY-शहरी और PMAY-ग्रामीण के नोडल मंत्रालय क्या हैं?

✅ PMAY-शहरी आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा तथा PMAY-ग्रामीण ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित होती है — दोनों घटकों के नोडल मंत्रालय अलग-अलग हैं।

प्रश्न 3. फ्लैगशिप योजनाओं में मनरेगा को कानूनी रूप से विशिष्ट क्यों माना जाता है?

✅ क्योंकि यह मात्र एक कार्यकारी घोषणा नहीं, बल्कि 2005 के एक संसदीय अधिनियम पर आधारित है, जो हर ग्रामीण परिवार को प्रति वर्ष 100 दिन अकुशल श्रम का कानूनी अधिकार गारंटी करता है।

प्रश्न 4. स्टार्टअप इंडिया और स्टैंड-अप इंडिया किस प्रकार भिन्न हैं, जबकि दोनों एक ही दिन लॉन्च हुई थीं?

✅ स्टार्टअप इंडिया (DPIIT, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय) नवाचार-आधारित स्टार्टअप्स को कर छूट व अनुपालन में राहत देती है; स्टैंड-अप इंडिया (वित्त मंत्रालय/सिडबी) विशेष रूप से SC/ST व महिला उद्यमियों को ₹10 लाख–₹1 करोड़ का बैंक ऋण दिलाने पर केंद्रित है।

प्रश्न 5. आयुष्मान भारत PM-JAY के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष कितना स्वास्थ्य कवर मिलता है, और हाल में इसका दायरा किसे शामिल करने हेतु बढ़ाया गया?

✅ ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष का कैशलेस स्वास्थ्य कवर मिलता है; हाल ही में इसे आय की परवाह किए बिना 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी शामिल करने के लिए विस्तारित किया गया है।

सारांश

भारत सरकार की फ्लैगशिप योजनाएं छह व्यापक क्षेत्रों में फैली हैं — कृषि (PM-KISAN, PMFBY), वित्तीय समावेशन (जन धन योजना, मुद्रा योजना), आवास व अवसंरचना (PMAY, जल जीवन मिशन, गति शक्ति, सूर्य घर), रोजगार व कौशल (मनरेगा, स्किल इंडिया/PMKVY, विश्वकर्मा), स्वास्थ्य व कल्याण (आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना), तथा उद्योग व स्टार्टअप (स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, PLI योजनाएं) — हर योजना का अपना विशिष्ट लॉन्च वर्ष, नोडल मंत्रालय और उद्देश्य है। RAS प्रारंभिक परीक्षा के लिए, हर योजना के तीन एंकर बिंदु (वर्ष, मंत्रालय, उद्देश्य) याद रखें, मिलते-जुलते नामों वाली योजनाओं (PM-KISAN/PM-KMY, स्टार्टअप/स्टैंड-अप इंडिया, PMAY-शहरी/ग्रामीण) के बीच का अंतर स्पष्ट रखें, और मनरेगा के कानूनी आधार जैसी विशिष्टताओं पर विशेष ध्यान दें — यह संयोजन योजनाओं से जुड़े अधिकांश प्रश्नों को हल करने के लिए पर्याप्त है।

त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • GDP = C + I + G + (X−M); यह एक वर्ष में देश की सीमा के भीतर उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का मौद्रिक मूल्य है।
  • भारत की पहली पंचवर्षीय योजना 1951-56 में 'हैरोड-डोमर' मॉडल पर आधारित थी।
  • RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को हुई; 1949 में राष्ट्रीयकरण; मुख्यालय मुंबई।
  • भारत में GST 1 जुलाई 2017 से लागू; 101वें संशोधन (2016)।
  • GDP = देश की भौगोलिक सीमा के भीतर एक वर्ष में उत्पादित अंतिम वस्तुओं/सेवाओं का बाजार मूल्य।
इस टॉपिक को पूरा करने के बाद मार्क करें — सिलेबस प्रगति में जुड़ जाएगा।

✍️ 1 सवाल हल करें

पढ़ने के बाद खुद को परखें — सभी सवाल हल करके अपनी streak बढ़ाएं। 🔥

1 में से 0 हल किए
1

स्टार्टअप इंडिया कहाँ लॉन्च किया गया था?

संबंधित गाइड

संबंधित समसामयिकी