परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता
हालिया विकास (Recent Developments) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण विषय है। यह RPSC RAS परीक्षा के लिए प्रासंगिक है। इससे तात्पर्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हुई हाल की खोजों, आविष्कारों और विकास से है।
RAS प्रारंभिक परीक्षा में एक ही प्रश्नपत्र (सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान) होता है, जिसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से पिछले वर्षों में नियमित रूप से प्रश्न आए हैं; मुख्य परीक्षा में यह विषय सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्रों में भी उपयोगी है। ये प्रश्न अक्सर करंट अफेयर्स से जुड़े होते हैं, इसलिए रोज़मर्रा की घटनाओं और वैज्ञानिक प्रगति पर नज़र रखना आवश्यक है।
मुख्य अवधारणाएं
1. कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence - AI) आधुनिक समय की सबसे महत्वपूर्ण तकनीक है। यह मानव मस्तिष्क की क्षमताओं को कंप्यूटर में प्रतिबिंबित करती है। मशीन लर्निंग, जो AI का एक हिस्सा है, कंप्यूटर को डेटा से सीखने की क्षमता देती है। भारत में AI का उपयोग स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि और आर्थिक विकास में हो रहा है। मार्च 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹10,372 करोड़ के परिव्यय से IndiaAI मिशन को मंजूरी दी।
2. नैनो और जैव प्रौद्योगिकी
नैनो-प्रौद्योगिकी (Nanotechnology) अत्यंत सूक्ष्म (नैनोमीटर) स्तर पर काम करती है। इसका उपयोग चिकित्सा, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा के क्षेत्र में हो रहा है। जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) जीवों और जैविक प्रक्रियाओं के उपयोग पर आधारित है और इसका उपयोग कृषि में बेहतर बीज विकसित करने में हो रहा है। भारत जैव प्रौद्योगिकी में विश्व में 12वें और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तीसरे स्थान पर बताया जाता है; भारत की जैव-अर्थव्यवस्था 2024 में लगभग 165.7 अरब डॉलर आंकी गई, और 2030 तक 300 अरब डॉलर का लक्ष्य है।
3. अक्षय ऊर्जा और पर्यावरण प्रौद्योगिकी
अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) आधुनिक विकास का मूल आधार है। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत और बायोमास ऊर्जा के विषय में जागरूकता आवश्यक है। भारत ने फ्रांस के साथ मिलकर अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की पहल की। मार्च 2026 के अंत तक भारत की स्थापित सौर क्षमता लगभग 150 गीगावाट और कुल नवीकरणीय क्षमता (बड़ी जलविद्युत सहित) लगभग 275 गीगावाट थी। राजस्थान में सौर ऊर्जा परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं। पर्यावरण प्रौद्योगिकी जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई में सहायक है।
4. अंतरिक्ष विज्ञान और उपग्रह प्रौद्योगिकी
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के माध्यम से भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में विश्व स्तर की उपलब्धियां हासिल कर रहा है। चंद्रयान, मंगलयान, आदित्य-L1 जैसे मिशन भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा का परिचय देते हैं। चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट सॉफ्ट लैंडिंग की। उपग्रह प्रौद्योगिकी का उपयोग संचार, मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन और कृषि में हो रहा है।
5. क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा
क्वांटम कंप्यूटिंग भविष्य की कंप्यूटिंग तकनीक है जो क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों पर आधारित है। यह अत्यंत जटिल समस्याओं को हल करने में सक्षम है। साइबर सुरक्षा डिजिटल भारत की रक्षा के लिए आवश्यक है। साइबर अपराध से बचाव के लिए नई तकनीकें विकसित की जा रही हैं। भारत में साइबर सुरक्षा नीति और कानून बनाए जा रहे हैं। अप्रैल 2023 में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को मंजूरी दी।
- जनवरी 2023राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी
- अप्रैल 2023राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को मंजूरी
- 23 अगस्त 2023चंद्रयान-3 की चंद्र दक्षिणी ध्रुव के निकट सॉफ्ट लैंडिंग
- 2 सितंबर 2023आदित्य-L1 का प्रक्षेपण
- मार्च 2024₹10,372 करोड़ के IndiaAI मिशन को मंजूरी
- 30 जुलाई 2025NISAR (NASA-ISRO) का प्रक्षेपण
| मिशन / कार्यक्रम | वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन | 2023 | 2030 तक 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य |
| राष्ट्रीय क्वांटम मिशन | 2023 | क्वांटम प्रौद्योगिकी में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा |
| चंद्रयान-3 (ISRO) | 2023 | दक्षिणी ध्रुव के निकट सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला देश |
| आदित्य-L1 (ISRO) | 2023 | सूर्य के अध्ययन के लिए भारत का पहला समर्पित मिशन |
| IndiaAI मिशन | 2024 | ₹10,372 करोड़ का परिव्यय; AI कंप्यूट और अनुसंधान को बढ़ावा |
| NISAR (NASA-ISRO) | 2025 | NASA और ISRO का संयुक्त पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह |
महत्वपूर्ण तथ्य
- ड्रोन तकनीक: ड्रोन का उपयोग कृषि, संरक्षा, पुलिसिंग और आपातकालीन सेवाओं में बढ़ रहा है। भारत में ड्रोन के संचालन को ड्रोन नियम, 2021 के तहत विनियमित किया जाता है।
- 5G तकनीक: पांचवीं पीढ़ी की मोबाइल तकनीक भारत में अक्तूबर 2022 में शुरू हुई और तेजी से देशभर में फैल रही है। यह 4G की तुलना में काफी अधिक गति और कम विलंबता (latency) देती है।
- ब्लॉकचेन तकनीक: इस तकनीक का उपयोग सुरक्षित लेनदेन, डिजिटल पहचान और पारदर्शिता के लिए हो रहा है।
- इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT): यह तकनीक विभिन्न उपकरणों को आपस में जोड़ती है। स्मार्ट सिटी और स्मार्ट गृह इसी का उदाहरण हैं।
- डिजिटल स्वास्थ्य और शिक्षा: टेलीमेडिसिन, दूरस्थ शिक्षा और ऑनलाइन व्यापार में तेजी से विकास हुआ है।
- जीन संपादन (CRISPR): इस तकनीक से आनुवंशिक बीमारियों का इलाज संभव हो रहा है।
- 3D प्रिंटिंग: यह तकनीक निर्माण, चिकित्सा और इंजीनियरिंग में क्रांति ला रही है।
राजस्थान विशेष
राजस्थान देश के सौर ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी राज्य है। जनवरी 2026 तक राजस्थान की स्थापित सौर क्षमता लगभग 37.9 गीगावाट और पवन ऊर्जा क्षमता लगभग 5.2 गीगावाट थी। भादला सोलर पार्क (फलोदी ज़िला) की क्षमता 2,245 मेगावाट है और यह भारत के सबसे बड़े सौर पार्कों में गिना जाता है। राजस्थान की एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 का लक्ष्य 2029-30 तक 125 गीगावाट नवीकरणीय क्षमता स्थापित करना है।
राजस्थान में डिजिटल इंडिया की पहल को लागू किया जा रहा है। जयपुर में IT हब विकसित किए जा रहे हैं। राजस्थान विश्वविद्यालय और IIT जोधपुर जैसे संस्थान शोध और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राजस्थान में कृषि प्रौद्योगिकी का विस्तार हो रहा है। ड्रिप सिंचाई और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। राजस्थान में बायो-फोर्टिफाइड फसलों पर शोध हो रहा है।
परीक्षा पैटर्न
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के हालिया विकास से संबंधित प्रश्न सामान्यतः निम्नलिखित प्रकार के हो सकते हैं:
- प्रकार 1: हाल की वैज्ञानिक खोजों के बारे में सामान्य ज्ञान प्रश्न
- प्रकार 2: भारतीय वैज्ञानिक संगठनों (ISRO, DRDO, CSIR) के कार्यक्रमों और मिशनों से संबंधित प्रश्न
- प्रकार 3: नई तकनीकों के अनुप्रयोग और उनके सामाजिक प्रभाव से संबंधित प्रश्न
- प्रकार 4: पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से संबंधित नई तकनीकों के बारे में प्रश्न
- प्रकार 5: राजस्थान विशेष विकास परियोजनाओं से संबंधित प्रश्न
प्रश्नों का स्तर सामान्य से मध्यम होता है। बहुत गहन तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं है, लेकिन नई खोजों और विकास के बारे में अच्छी समझ होनी चाहिए।
स्मरण युक्तियां
1. करंट अफेयर्स का नियमित अध्ययन: हर महीने की महत्वपूर्ण वैज्ञानिक घटनाओं को नोट करें। "विज्ञान सारांश" या समाचार पत्रों का विज्ञान अनुभाग पढ़ें।
2. ISRO की वेबसाइट: ISRO की आधिकारिक वेबसाइट पर मिशनों की जानकारी दी होती है।
3. स्मरण-सूत्र बनाएं: जटिल तकनीकी नामों के लिए संक्षिप्त रूप या स्मरण शब्द बनाएं। उदाहरण के लिए: AI = आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस।
4. श्रेणीवार वर्गीकरण: हालिया विकास को विभिन्न श्रेणियों में बांटें - स्पेस, ऊर्जा, चिकित्सा, IT आदि।
5. नक्शे और चित्र: राजस्थान की सौर परियोजनाओं के स्थान नक्शे पर चिह्नित करें।
6. मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार तैयारी: मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के लिए हालिया विकास की सामान्य समझ विकसित करें।
7. संबंधित संगठनों को याद रखें: ISRO, DRDO, CSIR, BARC आदि के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को याद रखें।
8. तुलनात्मक विश्लेषण: भारत की वैज्ञानिक प्रगति को अन्य देशों से तुलना करें।
यह विषय लगातार विकसित हो रहा है। RAS की तैयारी करते समय हर नई खोज को समझने का प्रयास करें और उसके भारतीय और राजस्थानी संदर्भ को जानें।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •DNA की खोज 1953 में वॉटसन और क्रिक ने की; यह एक द्विकुण्डलित संरचना है।
- •ISRO की स्थापना 1969 में हुई; चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की।
- •भारत ने पहला परमाणु परीक्षण 1974 में 'स्माइलिंग बुद्धा' के नाम से पोखरण में किया।
- •सुपर कंप्यूटर PARAM 8000 1991 में CDAC द्वारा विकसित किया गया — यह भारत का पहला स्वदेशी सुपर कंप्यूटर था।
- •डेंगू एडीस मच्छर से फैलता है; वायरस DENV 1-4।