मुख्य सामग्री पर जाएं
पेपर III · इकाई III · भाग क (व्यवहार)

संज्ञानात्मक बुद्धि (Cognitive Intelligence): परिभाषाएँ, गार्डनर की आठ बुद्धियाँ और IQ

बुद्धि की परिभाषा, वेक्सलर और गार्डनर, IQ की गणना और कार्यस्थल पर महत्त्व; चार पिछले प्रश्न हल सहित।

  • वेक्सलर
  • गार्डनर
  • IQ
  • संज्ञानात्मक
  • भारतीय परंपरा
3 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

सिलेबस में

RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर III, इकाई III, भाग क (व्यवहार): "Intelligence: cognitive, social and emotional, cultural, appreciative and spiritual intelligence; importance and inculcation at workplace." इस पृष्ठ पर बुद्धि की मूल अवधारणा, संज्ञानात्मक बुद्धि और भारतीय परंपरा में बुद्धि के पक्ष हैं। सामाजिक, भावनात्मक, सांस्कृतिक, सराहनात्मक और आध्यात्मिक बुद्धि के अलग पृष्ठ हैं।

इस विषय को क्यों पढ़ें

याद रखें

  • बुद्धि की परिभाषा और सिद्धांत पर चार प्रश्न आए हैं: 2018 (गार्डनर, 5 अंक), 2021 (बुद्धि की परिभाषा, 2 अंक) और 2023 के दो प्रश्न (भारतीय परंपरा में बुद्धि के पक्ष तथा वेक्सलर के अनुसार परिभाषा, दोनों 2 अंक)।
  • 2023 में प्रश्न किसी एक मनोवैज्ञानिक का नाम लेकर आया था, इसलिए परिभाषा के साथ प्रतिपादक का नाम जोड़ना अंक बचाता है।
  • 2018 का गार्डनर वाला प्रश्न 50 शब्दों का था। आठ प्रकारों की सूची और एक-एक पंक्ति का उदाहरण तैयार रखें, क्योंकि यही उत्तर की रीढ़ बनती है।
  • 2023 के दोनों प्रश्न NCERT कक्षा 12 मनोविज्ञान (अध्याय 1) की पंक्तियों से मेल खाते हैं, इसलिए उस अध्याय की शब्दावली उत्तर में सीधे काम आती है।

बुद्धि क्या है: पहले एक तस्वीर

मान लीजिए ज़िले में अचानक भारी बारिश से कई गाँव कट गए हैं। ज़िला कलेक्टर के सामने एक साथ कई सवाल हैं: किस गाँव में पहले नाव भेजी जाए, राशन कहाँ से और कितना आएगा, अफ़वाहों में कौन-सी ख़बर सही है, और अगले छह घंटे में हालात कैसे बदल सकते हैं। इन सवालों के जवाब याददाश्त से कम और स्थिति को समझने, तथ्यों को जोड़ने, विकल्प तौलने और समय पर फ़ैसला लेने की क्षमता से अधिक निकलते हैं। (यह दृश्य समझाने के लिए गढ़ा गया है।) मनोविज्ञान में इसी जुड़ी हुई क्षमता को बुद्धि (intelligence) कहा जाता है।

रोज़मर्रा की भाषा में बुद्धिमान उसे कहा जाता है जो चौकस हो, बात जल्दी समझे, हाज़िरजवाब हो और चीज़ों के आपसी संबंध देख ले। NCERT के मनोविज्ञान पाठ में ऑक्सफ़ोर्ड शब्दकोश का हवाला है: बुद्धि यानी देखने, सीखने, समझने और जानने की शक्ति। पर मनोवैज्ञानिक परिभाषा इससे अधिक सटीक है, क्योंकि वह बताती है कि बुद्धि का काम क्या है।

परिभाषाएँ: बिने, वेक्सलर और बाद के विचारक

NCERT के अनुसार अल्फ़्रेड बिने (Alfred Binet) उन शुरुआती मनोवैज्ञानिकों में थे जिन्होंने बुद्धि पर काम किया। उन्होंने बुद्धि को अच्छी तरह निर्णय लेने, अच्छी तरह समझने और अच्छी तरह तर्क करने की योग्यता बताया। यह परिभाषा मन की क्रियाओं पर टिकी है: निर्णय, समझ और तर्क।

डेविड वेक्सलर (David Wechsler) के बुद्धि-परीक्षण सबसे अधिक प्रयोग में आते हैं। NCERT के अनुसार वे बुद्धि को उसकी उपयोगिता से समझते थे, यानी परिवेश के साथ अनुकूलन में उसका मूल्य। EBSCO Research Starters भी लगभग यही शब्द देता है। इन दोनों के आधार पर वेक्सलर की परिभाषा यह है: बुद्धि व्यक्ति की वह समग्र (global और aggregate) क्षमता है जिससे वह उद्देश्यपूर्ण ढंग से कार्य करता है, तर्कसंगत रूप से सोचता है और अपने परिवेश से प्रभावी ढंग से निपटता है। परीक्षा में इस परिभाषा के तीन क्रियापद याद रखें: कार्य करना, सोचना, निपटना।

NCERT आगे बताता है कि गार्डनर और स्टर्नबर्ग जैसे मनोवैज्ञानिक एक कदम और जाते हैं। उनके अनुसार बुद्धिमान व्यक्ति केवल परिवेश के अनुसार ढलता नहीं, वह परिवेश को सक्रिय रूप से बदलता और गढ़ता भी है। इस तरह परिभाषाएँ तीन स्तरों पर चलती हैं: मन की क्रियाएँ (बिने), अनुकूलन (वेक्सलर) और अनुकूलन के साथ परिवेश को आकार देना (गार्डनर, स्टर्नबर्ग)।

परिभाषाओं की तुलना

बुद्धि का केंद्र

बिने (NCERT के अनुसार)मन की क्रियाएँ

वेक्सलरअनुकूलन और कार्यक्षमता

गार्डनरअनेक स्वतंत्र बुद्धियाँ

गार्डनर और स्टर्नबर्ग (NCERT)परिवेश को आकार देना

मुख्य शब्द

बिने (NCERT के अनुसार)अच्छा निर्णय, अच्छी समझ, अच्छा तर्क

वेक्सलरसमग्र क्षमता: उद्देश्यपूर्ण कार्य, तर्कसंगत सोच, परिवेश से प्रभावी निपटना

गार्डनरबुद्धि एक इकाई नहीं; आठ प्रकार

गार्डनर और स्टर्नबर्ग (NCERT)केवल अनुकूलन नहीं, परिवेश को बदलना भी

बिने और 'परिवेश को आकार देने' वाली पंक्तियाँ NCERT से; वेक्सलर की परिभाषा NCERT और EBSCO दोनों से; गार्डनर की आठ बुद्धियाँ NCERT और EBSCO से।

संज्ञानात्मक बुद्धि का अर्थ और क्षेत्र

सिलेबस में 'cognitive intelligence' का नाम आता है। संज्ञान (cognition) का अर्थ है जानने की प्रक्रियाएँ: ध्यान देना, समझना, याद रखना, तर्क करना, समस्या हल करना और निर्णय लेना। इसलिए संज्ञानात्मक बुद्धि वह है जिससे व्यक्ति सूचना को ग्रहण करता, उसे परखता और उससे निष्कर्ष निकालता है। परंपरागत IQ परीक्षण इसी पक्ष को मापने का प्रयास करते हैं। विश्लेषण: जब सामाजिक, भावनात्मक और सांस्कृतिक जैसी बुद्धियों की बात होती है, तब संज्ञानात्मक बुद्धि को आधार-स्तर माना जा सकता है, क्योंकि बाक़ी बुद्धियाँ भी निर्णय लेने के लिए सोच पर ही टिकती हैं।

NCERT भारतीय परंपरा की बुद्धि-दृष्टि का वर्णन करते हुए संज्ञानात्मक क्षमता (cognitive capacity) की जो पहचान देता है, वह प्रशासन के लिए बहुत काम की है: संदर्भ के प्रति संवेदनशीलता, समझ, विवेक या भेद करने की शक्ति, समस्या का समाधान और प्रभावी संप्रेषण। इसी सूची में सामाजिक, भावनात्मक और उद्यमी क्षमता भी हैं। पूरी सूची और उसका विवरण अगले खंड में है, क्योंकि 2023 में उसी से 2 अंक का प्रश्न आया था।

NCERT के अनुसार पश्चिमी परीक्षणों में जिन कौशलों पर ज़ोर रहता है, वे हैं ध्यान, प्रेक्षण, विश्लेषण, प्रदर्शन, गति और उपलब्धि का झुकाव। यह एक सीमा भी है। एक ग्राम पंचायत की बैठक में सबसे कारगर अधिकारी वही हो सकता है जिसे गणित के सवाल भले देर से आएँ, पर जो गाँव के भीतर के रिश्ते और पुराने विवाद तुरंत पहचान ले। इसी कारण आगे की बुद्धियाँ (सामाजिक, भावनात्मक, सांस्कृतिक) अलग से पढ़ाई जाती हैं।

भारतीय परंपरा में बुद्धि: 2023 के प्रश्न का आधार

NCERT के मनोविज्ञान पाठ में पश्चिमी और भारतीय दृष्टि का तुलनात्मक विवरण है। पश्चिमी समाजों में तकनीकी बुद्धि पर ज़ोर रहता है: ध्यान, प्रेक्षण, विश्लेषण, प्रदर्शन, गति और उपलब्धि का झुकाव। इसके मुक़ाबले NCERT भारतीय परंपरा की बुद्धि को समग्र (integral) बुद्धि कहता है, जिसमें सामाजिक और विश्व-परिवेश से जुड़ाव पर बल है और संज्ञानात्मक तथा अ-संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं और उनके समन्वय पर समान ध्यान दिया जाता है।

संस्कृत शब्द 'बुद्धि' का दायरा पश्चिमी 'इंटेलिजेंस' से कहीं विस्तृत माना गया है। NCERT, जे.पी. दास (J.P. Das) के हवाले से कहता है कि बुद्धि में मानसिक प्रयास, दृढ़ कर्म, भावनाएँ और राय भी शामिल हैं, साथ में ज्ञान, विवेक (भेद करने की शक्ति) और समझ जैसी संज्ञानात्मक योग्यता भी। बुद्धि अपने स्वयं के विवेक, संकल्प और इच्छा पर आधारित आत्म-ज्ञान भी है। इसलिए बुद्धि की धारणा में मज़बूत संज्ञानात्मक घटक के साथ भावात्मक और प्रेरणात्मक घटक भी हैं।

इसी संदर्भ में NCERT लिखता है कि पश्चिमी दृष्टि जहाँ मुख्यतः संज्ञानात्मक मापदंडों पर केंद्रित है, वहाँ भारतीय परंपरा में बुद्धि के पक्ष के रूप में ये योग्यताएँ पहचानी गई हैं: संज्ञानात्मक क्षमता, सामाजिक क्षमता, भावनात्मक क्षमता और उद्यमी क्षमता। यही चार 2023 के प्रश्न का सीधा उत्तर हैं। NCERT की इस सूची में 'आध्यात्मिक' नाम की कोई क्षमता नहीं है; आध्यात्मिक बुद्धि सिलेबस की अलग मद है और उसका पृष्ठ अलग है।

भारतीय परंपरा में बुद्धि की चार क्षमताएँ (NCERT)

क्षमतासमाहित गुण (NCERT)इस पृष्ठ-शृंखला में संबंधित पृष्ठ
संज्ञानात्मक क्षमतासंदर्भ के प्रति संवेदनशीलता, समझ, विवेक (भेद करना), समस्या-समाधान और प्रभावी संप्रेषणयही पृष्ठ (संज्ञानात्मक बुद्धि)
सामाजिक क्षमतासामाजिक व्यवस्था के प्रति सम्मान, बड़ों, छोटों और ज़रूरतमंदों के प्रति प्रतिबद्धता, दूसरों की चिंता और उनके दृष्टिकोण को पहचाननासामाजिक बुद्धि
भावनात्मक क्षमताभावनाओं का आत्म-नियमन और आत्म-निरीक्षण, ईमानदारी, विनम्रता, सदाचरण और आत्म-मूल्यांकनभावनात्मक बुद्धि
उद्यमी क्षमताप्रतिबद्धता, दृढ़ता, धैर्य, कठोर परिश्रम, सतर्कता और लक्ष्य-उन्मुख व्यवहारसिलेबस में अलग पृष्ठ नहीं (विश्लेषण: नेतृत्व और प्रेरणा से जुड़ी)

चारों क्षमताएँ और उनके गुण NCERT कक्षा 12 मनोविज्ञान, अध्याय 1 से हिंदी रूपांतर; तीसरा स्तंभ इस शृंखला की योजना बताता है।

गार्डनर का बहु-बुद्धि सिद्धांत

हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) का तर्क है कि बुद्धि कोई एक वस्तु नहीं है। NCERT के अनुसार उन्होंने असाधारण प्रतिभा वाले लोगों का अध्ययन किया और आठ प्रकार की बुद्धि बताई। हर बुद्धि दूसरी से स्वतंत्र है: कोई व्यक्ति एक में ऊँचा हो तो ज़रूरी नहीं कि दूसरी में भी ऊँचा या नीचा हो। साथ ही अलग-अलग बुद्धियाँ किसी समस्या को हल करते समय आपस में मिलकर काम भी करती हैं।

EBSCO Research Starters के अनुसार गार्डनर ने 1983 में पहले सात प्रकार बताए थे और बाद में आठवीं (प्रकृतिवादी) जोड़ी। इसलिए उत्तर में 'आठ' लिखना आज की मान्य गिनती है, पर यदि प्रश्न 1983 के मूल सिद्धांत पर हो तो सात का उल्लेख भी सही रहेगा।

गार्डनर की आठ बुद्धियाँ

बुद्धिक्षमता (NCERT)किनमें अधिक दिखती है
भाषाई (Linguistic)भाषा का धाराप्रवाह और लचीला प्रयोगकवि, लेखक
तार्किक-गणितीयतार्किक और आलोचनात्मक सोच, गणितीय समस्याएँवैज्ञानिक
स्थानिक (Spatial)मन में दृश्य-चित्र बनाना और बदलनापायलट, वास्तुकार, शल्य-चिकित्सक
संगीतीय (Musical)संगीत की लय और रचनाएँ बनाना और संभालनासंगीतकार
शारीरिक-गतिबोधकपूरे शरीर या उसके अंगों का लचीला और रचनात्मक प्रयोगखिलाड़ी, नर्तक, अभिनेता
अंतर्वैयक्तिक (Interpersonal)दूसरों के उद्देश्य, भावनाएँ और व्यवहार समझकर सहज संबंध बनानापरामर्शदाता, राजनेता, समाजकर्मी
अंतःवैयक्तिक (Intrapersonal)अपनी भावनाओं, इच्छाओं और सामर्थ्य-सीमाओं को समझनादार्शनिक, आध्यात्मिक गुरु
प्रकृतिवादी (Naturalistic)प्राकृतिक जगत की विशेषताओं की पहचानकिसान, वनस्पति-विज्ञानी, पक्षी-प्रेक्षक

आठों के नाम, क्षमता और उदाहरण NCERT (कक्षा 12, मनोविज्ञान, अध्याय 1) से।

गार्डनर के सिद्धांत से प्रशासन के लिए सबक

इस सिद्धांत में दो बुद्धियाँ सिलेबस की आगे की सूची से सीधे जुड़ती हैं। अंतर्वैयक्तिक बुद्धि का संबंध सामाजिक बुद्धि से है, और अंतःवैयक्तिक बुद्धि का संबंध भावनात्मक बुद्धि के आत्म-जागरूकता वाले पक्ष से है। यह संबंध विश्लेषण है, किसी परीक्षा-स्रोत का दावा नहीं, पर उत्तर में 'इसीलिए सामाजिक और भावनात्मक बुद्धि की अवधारणाएँ आगे विकसित हुईं' लिखना तर्कसंगत है। इस तरह एक उत्तर में पुरानी और नई, दोनों धाराएँ एक सूत्र में जुड़ जाती हैं।

कार्यस्थल के लिए व्यावहारिक सबक यह है कि एक ही ढाँचे में सबको परखना अधूरा है। किसी तहसील कार्यालय में एक कर्मचारी आँकड़ों और रिकॉर्ड में तेज़ हो सकता है, दूसरा पीड़ित जनता से बात करने में, तीसरा भू-मानचित्र पढ़ने में। जो प्रबंधक इन भिन्नताओं को पहचानकर काम बाँटता है, उसकी टीम का औसत प्रदर्शन बेहतर रहने की संभावना रहती है (विश्लेषण)।

आलोचना के लिए संतुलित वाक्य: सिद्धांत ने बुद्धि के दायरे को चौड़ा किया, पर 'आठ' की गिनती किस आधार पर तय हुई, यह बहस का विषय है और परंपरागत IQ परीक्षणों की तरह इन्हें मापना कठिन माना जाता है। इस आलोचना को एक पंक्ति से अधिक न लिखें।

बुद्धि-लब्धि (IQ): अर्थ और गणना

NCERT के अनुसार बुद्धि-लब्धि (Intelligence Quotient, IQ) मानसिक आयु (Mental Age, MA) को वास्तविक आयु (Chronological Age, CA) से भाग देकर 100 से गुणा करने पर मिलती है, यानी IQ = (MA ÷ CA) × 100। सौ से गुणा दशमलव से बचने के लिए किया जाता है। जब MA और CA बराबर हों, IQ 100 आता है; MA अधिक हो तो IQ 100 से ऊपर और कम हो तो नीचे। NCERT इस अवधारणा का श्रेय जर्मन मनोवैज्ञानिक विलियम स्टर्न (1912) को देता है।

NCERT यह भी बताता है कि बुद्धि को आकार देने में वंशानुक्रम और पर्यावरण, दोनों की भूमिका रही है: जुड़वाँ बच्चों और गोद लिए गए बच्चों पर हुए अध्ययन इसी ओर इशारा करते हैं। प्रशासन के लिए इसका अर्थ यह है कि कर्मचारी की क्षमता स्थिर नहीं है; अच्छा प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और चुनौतीपूर्ण काम उसे आगे बढ़ा सकते हैं। यह बात आगे 'संवर्धन' वाले खंड में काम आती है।

जनसंख्या में औसत IQ 100 माना जाता है और अधिकांश लोगों के अंक बीच की सीमा में रहते हैं। यह वितरण घंटी के आकार के सामान्य वक्र जैसा होता है। परीक्षा में IQ का निरूपण (सूत्र और एक उदाहरण) पर्याप्त है; कक्षा-वर्गीकरण की तालिका या चिकित्सीय श्रेणियाँ रटने की ज़रूरत नहीं।

मानचित्र: बुद्धि की अवधारणा

बुद्धि (Intelligence)

परिभाषाएँ

  • बिने: निर्णय, समझ, तर्क
  • वेक्सलर: समग्र क्षमता
  • परिवेश को आकार देना (गार्डनर, स्टर्नबर्ग)

गार्डनर की आठ बुद्धियाँ

  • भाषाई, तार्किक-गणितीय
  • स्थानिक, संगीतीय
  • शारीरिक-गतिबोधक
  • अंतर्वैयक्तिक, अंतःवैयक्तिक
  • प्रकृतिवादी

मापन

  • IQ = MA ÷ CA × 100
  • औसत IQ 100

भारतीय परंपरा (NCERT)

  • संज्ञानात्मक क्षमता
  • सामाजिक क्षमता
  • भावनात्मक क्षमता
  • उद्यमी क्षमता
भारतीय परंपरा की चार क्षमताएँ NCERT से; विवरण ऊपर की तालिका में।

कार्यस्थल में महत्त्व और विकास

सिलेबस इस इकाई में बुद्धि का कार्यस्थल पर महत्त्व और उसके संवर्धन (inculcation) की बात भी करता है। यहाँ दिए गए बिंदु विश्लेषण हैं, किसी अधिकृत अधिसूचना का हिस्सा नहीं। संज्ञानात्मक बुद्धि का महत्त्व इन जगहों पर सबसे साफ़ दिखता है: नीति-प्रारूप बनाते समय आँकड़ों की व्याख्या, फ़ाइल की टिप्पणी में तर्क की स्पष्टता, जटिल क़ानूनी प्रावधानों की समझ और संकट में त्वरित निर्णय।

इसे बढ़ाने के उपाय भी व्यावहारिक हैं। केस-आधारित प्रशिक्षण से विश्लेषण की आदत बनती है। फ़ाइलों की समीक्षा और मार्गदर्शक (मेंटर) की प्रतिपुष्टि से तर्क में सुधार होता है। विभिन्न शाखाओं में बारी-बारी से काम (job rotation) से नई सूचना सीखने की क्षमता बढ़ती है। NCERT यह भी संकेत देता है कि बुद्धि वंशानुक्रम और पर्यावरण, दोनों के असर से बनती है, इसलिए प्रशिक्षण और सीखने के अवसर निरर्थक नहीं हैं।

रोज़मर्रा के प्रशासनिक कामों में संज्ञानात्मक बुद्धि कई रूपों में दिखती है। जब कोई अधिकारी तीन विभागों की परस्पर विरोधी राय पढ़कर एक संतुलित टिप्पणी लिखता है, तब वह सूचना का वर्गीकरण, तुलना और निष्कर्ष, तीनों संज्ञानात्मक क्रियाएँ कर रहा होता है। जब वह बजट-शीर्षों के आँकड़ों में असामान्य उछाल देखकर जाँच का आदेश देता है, तब पैटर्न पहचानने की क्षमता काम करती है। इसलिए यह मानना ग़लत होगा कि संज्ञानात्मक बुद्धि केवल परीक्षा-कक्ष की चीज़ है।

संवर्धन में एक सावधानी भी ज़रूरी है: पदोन्नति या नियुक्ति के निर्णय को केवल एक संज्ञानात्मक परीक्षा के अंक पर टिकाना अधूरा है। NCERT स्वयं सांस्कृतिक और परिवेशगत भिन्नताओं की चर्चा करता है, और कार्यस्थल पर आगे की बुद्धियाँ यही कमी पूरी करती हैं।

मुख्य तथ्य

वेक्सलर की परिभाषा
समग्र क्षमता: उद्देश्यपूर्ण कार्य, तर्कसंगत सोच, परिवेश से प्रभावी निपटना (NCERT; EBSCO)
बिने
अच्छा निर्णय, अच्छी समझ, अच्छा तर्क (NCERT)
गार्डनर की गिनती
आठ बुद्धियाँ; मूल रूप में 1983 में सात और बाद में आठवीं (EBSCO)
IQ का सूत्र
मानसिक आयु ÷ वास्तविक आयु × 100; औसत IQ 100 (NCERT)
भारतीय परंपरा की चार क्षमताएँ
संज्ञानात्मक, सामाजिक, भावनात्मक, उद्यमी (NCERT)

परीक्षा में आम ग़लतियाँ

याद रखें

  • वेक्सलर की परिभाषा में केवल 'सोचने की क्षमता' लिखकर छोड़ देना। तीनों क्रियाएँ लिखें: कार्य करना, तर्क से सोचना, परिवेश से निपटना।
  • गार्डनर के आठ प्रकारों में से कुछ भूल जाना, ख़ासकर प्रकृतिवादी, या यह लिखना कि प्रकार एक-दूसरे पर निर्भर हैं। NCERT के अनुसार वे स्वतंत्र हैं, पर साथ मिलकर काम करते हैं।
  • 2 अंक के उत्तर में कई सिद्धांत और जीवनी जोड़ना। 15 शब्द की सीमा में केवल एक परिभाषा और प्रतिपादक का नाम रखें।
  • IQ के सूत्र में MA और CA उलट देना। मानसिक आयु अंश में आती है।
  • 2023 वाले प्रश्न (भारतीय परंपरा में बुद्धि के पक्ष) में 'आध्यात्मिक क्षमता' को पाँचवीं क्षमता की तरह जोड़ देना। NCERT की सूची में चार ही हैं: संज्ञानात्मक, सामाजिक, भावनात्मक और उद्यमी।