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पेपर III · इकाई III · भाग क (व्यवहार)

होलैंड का RIASEC मॉडल: छह व्यावसायिक प्रकार और कार्य-वातावरण से मेल

होलैंड के RIASEC के छह प्रकार, षट्कोण, तीन अक्षरों का कोड और सामंजस्य; वर्तनी का स्पष्टीकरण, कार्य-उदाहरण, केस स्टडी और उत्तर-ढाँचा।

  • RIASEC
  • होलैंड
  • षट्कोण
  • सामंजस्य
3 अक्टूबर 2026 को सत्यापित

सिलेबस में

RPSC सिलेबस (09-01-2026), पेपर III, इकाई III, भाग क (व्यवहार): "Flourishing at work: virtues and strengths, 'RAISEC Model', person-fit-environment." सिलेबस में वर्तनी RAISEC छपी है। मनोविज्ञान और करियर-मार्गदर्शन का मान्य मॉडल जॉन एल. होलैंड का RIASEC है (Realistic, Investigative, Artistic, Social, Enterprising, Conventional)। अक्षरों का क्रम बदला हुआ है, मॉडल वही है; इस पृष्ठ पर मानक वर्तनी RIASEC चलेगी। व्यक्ति और वातावरण का मेल (person-environment fit) अलग पृष्ठ पर है।

इस विषय को क्यों पढ़ें

याद रखें

  • 2013, 2016, 2018, 2021, 2023 और 2024 के पेपरों में इस विषय पर प्रश्न नहीं आया है; पर 2026 के सिलेबस में यह नाम लेकर जुड़ा है, इसलिए 2 अंक (नाम और छह प्रकार) तथा 5 अंक (व्याख्या और उदाहरण) दोनों की तैयारी रखें।
  • सबसे सुरक्षित तैयारी: छह प्रकारों के नाम और एक-एक पंक्ति का अर्थ, षट्कोण में पड़ोसी और विपरीत प्रकार, तीन अक्षरों का कोड और सामंजस्य (congruence)।
  • 'कार्य में फलना-फूलना' के प्रसंग में इसे जोड़ें: होलैंड की मान्यता है कि रुचि और कार्य-वातावरण मिलने पर संतोष और टिके रहने की संभावना बढ़ती है।

पहले सरल भाषा में

मान लीजिए एक ही कलेक्ट्रेट में चार कर्मचारी हैं। पहले को फ़ाइलों से ज़्यादा मैदान में जाकर निर्माण-कार्य की नाप-जोख और निरीक्षण करना भाता है। दूसरा आँकड़ों में उतरकर पैटर्न खोजता है। तीसरा गाँव से आए लोगों की बात सुनकर उनकी दिक्कत समझने में रमता है। चौथे को नियम-पुस्तिका के हिसाब से रजिस्टर बिल्कुल सही रखकर संतोष मिलता है। चारों ईमानदार और मेहनती हैं, फिर भी चारों को अलग-अलग तरह का काम 'अपना' लगता है। रुचि का यही अंतर RIASEC मॉडल छह खानों में समझाता है।

मॉडल की दूसरी बात उतनी ही ज़रूरी है: वह केवल लोगों को नहीं, कार्य-वातावरणों को भी इन्हीं छह खानों में रखता है। जब व्यक्ति का प्रकार और काम के माहौल का प्रकार मिलते हैं, तो काम आसान और संतोषजनक लगने की संभावना बढ़ती है। जब नहीं मिलते, तो वही व्यक्ति थका और उचटा हुआ महसूस कर सकता है। ध्यान रहे, यह 'कौन अच्छा और कौन बुरा' का पैमाना नहीं है। यह रुचि और वातावरण के मेल का नक्शा है।

वर्तनी का प्रश्न: RAISEC या RIASEC

सिलेबस की पंक्ति में 'RAISEC Model' छपा है। होलैंड के सिद्धांत का स्थापित नाम RIASEC है, जो छह प्रकारों के पहले अक्षरों से बना है: Realistic (R), Investigative (I), Artistic (A), Social (S), Enterprising (E), Conventional (C)। अमेरिकी श्रम विभाग की O*NET सामग्री भी इसी वर्तनी में होलैंड के मॉडल का नाम देती है। इसलिए यह अक्षर-क्रम का अंतर है, कोई अलग मॉडल नहीं।

परीक्षा में सावधानी यह रखें कि उत्तर की पहली पंक्ति में 'RIASEC (सिलेबस में RAISEC)' लिख दें और आगे मानक क्रम चलाएँ। I और A की अदला-बदली आम चूक है, और यह क्रम इसलिए भी मायने रखता है कि छहों अक्षर इसी क्रम में षट्कोण के कोनों पर बैठते हैं।

परिभाषा और पृष्ठभूमि

परिभाषा (उत्तर में लिखने योग्य): RIASEC जॉन एल. होलैंड (John L. Holland) का वह मॉडल है जो व्यक्तियों और कार्य-वातावरणों को छह व्यावसायिक प्रकारों में बाँटता है: यथार्थवादी (Realistic), अन्वेषी (Investigative), कलात्मक (Artistic), सामाजिक (Social), उद्यमी (Enterprising) और परंपरागत (Conventional)। ये प्रकार षट्कोण (hexagon) में सजे हैं, और किसी व्यक्ति के प्रकार का उसी प्रकार के वातावरण से मेल सामंजस्य (congruence) कहलाता है।

पृष्ठभूमि में तीन पड़ाव याद रखें। होलैंड का 1958 का लेख व्यावसायिक नामों पर आधारित एक व्यक्तित्व-सूची था, और उसी में यह विचार आया कि पेशे का चुनाव 'अभिव्यक्ति का एक कार्य' है, जो व्यक्ति की प्रेरणा, ज्ञान, व्यक्तित्व और क्षमता को दर्शाता है (O*NET पुस्तिका में उद्धृत)। 1959 में उनका लेख 'A theory of vocational choice' Journal of Counseling Psychology (खंड 6, अंक 1, पृष्ठ 35-45) में छपा। उनकी पुस्तक Making Vocational Choices (तीसरा संस्करण, 1997) वह आधार है जिस पर O*NET का रुचि-मापक (Interest Profiler) बना है।

O*NET पुस्तिका के अनुसार होलैंड ने इन श्रेणियों को शुरू में 'व्यक्तित्व-प्रकार' कहा था, ताकि यह संकेत रहे कि रुचि-सूची केवल रुचि नहीं मापती, उससे जुड़ी वरीयताओं, गुणों, आत्म-छवि, मूल्यों और क्षमताओं की झलक भी देती है। उसी पुस्तिका के अनुसार दशकों के शोध में पेशेवर रुचियाँ समय के साथ अपेक्षाकृत स्थिर पाई गई हैं और शैक्षणिक तथा करियर-परिणामों का पूर्वानुमान देती हैं। साथ ही, पुस्तिका इसे रुचियों को मापने का सबसे अधिक प्रयुक्त सैद्धांतिक ढाँचा बताती है।

छह प्रकार: एक नज़र में

प्रकारमूल रुचि (O*NET के अनुसार)O*NET के उदाहरण-पेशेसरकारी कार्य में झलक (विश्लेषण)
यथार्थवादी (R)हाथ, औज़ार और मशीन से काम; पौधे, पशु, लकड़ी जैसी वास्तविक सामग्री; व्यावहारिक समस्याएँ और उनके हलखेत-मज़दूर, सिविल इंजीनियर, बढ़ईसिंचाई या निर्माण विभाग का मैदानी निरीक्षण
अन्वेषी (I)विचार, विज्ञान और शोध; तथ्य खोजना और समस्या को मन में सुलझाना; गहरी सोचजीव-विज्ञानी, पशु-चिकित्सक, रसायनज्ञसांख्यिकी, शोध और मूल्यांकन का काम
कलात्मक (A)आत्म-अभिव्यक्ति और सृजन; लेखन, प्रदर्शन और दृश्य कला; बिना बँधे नियमों के कामअभिनेता, लेखक, कला-निर्देशकजन-जागरूकता अभियान की रचना, सांस्कृतिक आयोजन
सामाजिक (S)लोगों की सहायता, पालन-पोषण और शिक्षण; दूसरों को सेवा देनापरामर्शदाता, शिक्षक, बाल एवं परिवार सामाजिक कार्यकर्ताजन-सुनवाई, कल्याण-योजनाओं का संवाद
उद्यमी (E)बेचना, प्रबंधन और सामाजिक प्रभाव (व्यावसायिक संदर्भ में); लोगों का पर्यवेक्षण, परियोजनाओं का नेतृत्व, निर्णयप्रबंधक, विक्रेता, रेस्तराँ-कर्मीटीम का नेतृत्व, निर्णय और समन्वय
परंपरागत (C)आँकड़ों का क्रमबद्ध और व्यवस्थित संचालन, स्पष्ट मानकों के साथ; नियम-पालन और बारीकीलेखाकार, बैंक-टेलर, निरीक्षकलेखा, अभिलेख और फ़ाइल-प्रबंधन

पहले तीन स्तंभ O*NET की पुस्तिका से हैं; चौथा स्तंभ पाठकों की समझ के लिए विश्लेषण है, किसी आधिकारिक वर्गीकरण का हिस्सा नहीं।

छह प्रकारों को याद रखने की तरकीब

हर प्रकार के लिए एक-एक वाक्य रट लें: R यानी हाथ और औज़ार, I यानी दिमाग़ और शोध, A यानी रचना और अभिव्यक्ति, S यानी लोगों की मदद और शिक्षण, E यानी नेतृत्व और प्रभाव, C यानी नियम और क्रम। परीक्षा के 2 अंक के उत्तर में छह नाम और एक पंक्ति की परिभाषा पर्याप्त है।

एक बात और जोड़ने लायक है। O*NET की पुस्तिका के अनुसार हर श्रेणी में कई 'मूल रुचियाँ' (basic interests) और कई पेशे आते हैं। उदाहरण के लिए यथार्थवादी में यांत्रिकी, इंजीनियरिंग, बाहरी काम, निर्माण और कृषि जैसी रुचियाँ आती हैं; अन्वेषी में चिकित्सा-विज्ञान, जीव-विज्ञान, भौतिक विज्ञान और गणित; कलात्मक में मीडिया, डिज़ाइन, संगीत और लेखन; सामाजिक में समाज-विज्ञान, शिक्षा और स्वास्थ्य-सेवा; उद्यमी में प्रबंधन, विपणन, सार्वजनिक भाषण और राजनीति; तथा परंपरागत में वित्त, लेखाशास्त्र, सूचना-प्रौद्योगिकी और कार्यालय का काम। इन सूचियों से आप किसी भी पद की गतिविधियों को सही खाने में रखने का अभ्यास कर सकते हैं।

षट्कोण: कौन किसके पास, कौन किससे दूर

छह प्रकार एक षट्कोण (वृत्ताकार संरचना) में R, I, A, S, E, C के क्रम में बैठे हैं। O*NET की पुस्तिका के अनुसार जो प्रकार षट्कोण में एक-दूसरे के पास (adjacent) हैं, वे दूर या विपरीत वाले प्रकारों से अधिक संबंधित हैं। पुस्तिका का अपना उदाहरण है कि हाथ, औज़ार और मशीन वाली यथार्थवादी रुचियाँ विज्ञान और तकनीक से जुड़ी अन्वेषी रुचियों के काफ़ी करीब हैं।

एक लेख में इसी षट्कोण को तीन दूरियों में बाँटकर समझाया गया है: पास के (adjacent), एक कोना छोड़कर (alternate) और ठीक सामने (opposite)। उसी लेख में R के लिए पास के I और C, एक कोना छोड़कर A और E, तथा विपरीत S बताए गए हैं। यही पैटर्न बाक़ी पाँच प्रकारों पर घुमाकर लगाने से नीचे की तालिका बनती है।

षट्कोण में हर प्रकार के पास, बीच के और विपरीत प्रकार

प्रकारपास के (adjacent)एक कोना छोड़कर (alternate)विपरीत (opposite)
RI, CA, ES
IR, AS, CE
AI, SR, EC
SA, EI, CR
ES, CA, RI
CE, RS, IA

षट्कोण का क्रम R-I-A-S-E-C है; R की पंक्ति ERIC-सूचीबद्ध लेख की है और शेष पंक्तियाँ उसी क्रम से निकलती हैं।

होलैंड का षट्कोण: क्रम में छह प्रकार

  1. R

    यथार्थवादी: औज़ार, मशीन

  2. I

    अन्वेषी: विचार, शोध

  3. A

    कलात्मक: सृजन

  4. S

    सामाजिक: सेवा, शिक्षण

  5. E

    उद्यमी: नेतृत्व, प्रभाव

  6. C

    परंपरागत: नियम, क्रम

क्रम गोल घूमता है: C के बाद फिर R। पास के प्रकार अधिक मिलते हैं, सामने वाले सबसे कम।

तीन अक्षरों का कोड और रुचि-मापक

किसी एक व्यक्ति में छहों प्रकार थोड़े-बहुत होते हैं, इसलिए उसका वर्णन आम तौर पर तीन अक्षरों के कोड से किया जाता है। O*NET OnLine पर हर पेशे के लिए एक से तीन अक्षर तक के 'उच्च-बिंदु कोड' (high-point codes) दिए जाते हैं। पहला अक्षर पेशे को सबसे अच्छा परिभाषित करता है और बाद के अक्षर उसके गौण पहलू बताते हैं। पुस्तिका का उदाहरण है कि निजी वित्तीय सलाहकार (Personal Financial Advisors) का कोड ECS है, यानी उसमें उद्यमी रुचियाँ सबसे प्रमुख हैं, पर परंपरागत और सामाजिक गतिविधियाँ भी जुड़ी हैं। उसी पेशे का उद्यमी अंक 95 और यथार्थवादी अंक 0 है, यानी हर प्रकार का 0 से 100 तक का अंक भी दिया जाता है।

व्यक्ति की रुचि मापने के लिए O*NET का 'इंटरेस्ट प्रोफ़ाइलर' (Interest Profiler) है। इसका Mini-IP संस्करण 30 प्रश्नों का और Short Form 60 प्रश्नों का है; परिणाम 900 से अधिक पेशों से जोड़े जा सकते हैं। यह अमेरिकी श्रम विभाग का उपकरण है। यहाँ इसका ज़िक्र केवल मॉडल को समझाने के लिए है; भारतीय पदों के लिए कोई आधिकारिक RIASEC कोड-सूची नहीं मानी जाए, और इस पृष्ठ के सरकारी पदों के कोड समझाने के उदाहरण-भर हैं।

सामंजस्य (congruence): मॉडल का केंद्रीय विचार

सामंजस्य का अर्थ है कि व्यक्ति का व्यक्तित्व-प्रकार और कार्य-वातावरण के लक्षण समान हों (होलैंड, 1997)। होलैंड के सिद्धांत की मान्यता है कि जब व्यावसायिक रुचियों और कार्य-वातावरण का सामंजस्य होता है तो काम में संतोष और कार्य में टिके रहने की संभावना बढ़ती है। इसी कारण करियर-शिक्षा में विद्यार्थियों की रुचि और उनके चुने पेशे का मिलान जाँचा जाता है।

सामंजस्य को अंकों में भी नापा जाता है। एक सरल तरीक़ा 'पहले अक्षर का मेल' है: मेल हो तो 1, न हो तो 0। दूसरा तरीक़ा षट्कोण-सूचकांक है, जिसमें पहले अक्षरों की दूरी देखी जाती है: एक ही प्रकार हो तो 4, पास का हो तो 3, एक कोना छोड़कर हो तो 2 और ठीक सामने हो तो 1। उदाहरण: यथार्थवादी व्यक्ति यथार्थवादी वातावरण में हो तो 4, और सामाजिक वातावरण में हो तो 1 अंक पाता है। तीसरा तरीक़ा C-सूचकांक है, जो तीनों अक्षरों की तुलना करता है; उसका कार्य-उदाहरण नीचे दिया गया है।

षट्कोण-सूचकांक: यथार्थवादी (R) व्यक्ति के लिए अंक

वातावरण का प्रकारषट्कोण में स्थितिअंक
Rवही प्रकार4
I या Cपास के3
A या Eएक कोना छोड़कर2
Sठीक सामने1

अंक-योजना ERIC-सूचीबद्ध लेख से, जो होलैंड (1973, 1997) के षट्कोण-सूचकांक का वर्णन करता है।

सीमाएँ और सावधानियाँ

RIASEC रुचियों का वर्गीकरण है, योग्यता की जाँच नहीं। कोई व्यक्ति उद्यमी रुचि रखते हुए भी नेतृत्व के लिए ज़रूरी कौशल अभी न रखता हो, और अन्वेषी रुचि वाले में भी नियम-पालन की अच्छी क्षमता हो सकती है। इसलिए कोड को निर्णय का आधार नहीं, बातचीत की शुरुआत मानना ठीक है (विश्लेषण)।

सिद्धांत को परखने वाले व्यावहारिक अध्ययन भी हुए हैं। 2020 के एक अध्ययन में तीन संस्थानों के 186 ऑटोमोटिव-तकनीक विद्यार्थियों ने होलैंड की सेल्फ़-डायरेक्टेड सर्च (Self-Directed Search) भरी। सबसे प्रमुख कोड यथार्थवादी रहा और उसके बाद उद्यमी; अधिकांश विद्यार्थियों में रुचि और चुने हुए करियर के बीच सामंजस्य का स्तर मध्यम पाया गया। इससे दिखता है कि सामंजस्य 'है या नहीं' का सवाल नहीं, कम-अधिक की डिग्री है।

अंत में, O*NET जैसे उपकरण अमेरिकी श्रम-बाज़ार के पेशों के लिए बने हैं। भारतीय संदर्भ में उनके अंकों को सीधे लागू करने से बचें; परीक्षा में मॉडल की सोच, यानी रुचि और वातावरण का मेल, ही काम आती है।

कार्य में फलने-फूलने से संबंध

सिलेबस इसे 'फ़्लरिशिंग ऐट वर्क' के भाग में रखता है, यानी लक्ष्य यह है कि व्यक्ति काम में केवल टिके नहीं, बल्कि सक्रिय और संतुष्ट रहे। मेल का यह विचार तनाव और बर्नआउट के अध्ययन में भी लौटता है: Maslach और Leiter (2016) बताते हैं कि जब व्यक्ति और कार्य में असंगति (mismatch) अधिक होती है तो बर्नआउट की संभावना बढ़ती है, और जब मेल अधिक होता है तो काम में जुड़ाव (engagement) की संभावना बढ़ती है। उनके 'एरियाज़ ऑफ़ वर्कलाइफ़' मॉडल में छह क्षेत्र हैं: कार्यभार, नियंत्रण, पुरस्कार, समुदाय, निष्पक्षता और मूल्य।

विश्लेषण: प्रशासन में इसका उपयोग व्यावहारिक है। नए अधिकारी की पोस्टिंग या किसी शाखा में कार्य-बँटवारे के समय देखा जा सकता है कि कौन-सा काम किस रुचि वाले व्यक्ति को सहज लगेगा। पर किसी एक प्रकार को 'सबसे अच्छा' मानना ग़लत होगा, क्योंकि हर कार्यालय को छहों तरह के काम चाहिए: क्षेत्र का निरीक्षण, आँकड़ों का विश्लेषण, जन-जागरूकता की रचना, लोगों की सुनवाई, नेतृत्व और नियमबद्ध लेखा।

मानचित्र: RIASEC मॉडल

RIASEC (होलैंड)

छह प्रकार

  • R यथार्थवादी
  • I अन्वेषी
  • A कलात्मक
  • S सामाजिक
  • E उद्यमी
  • C परंपरागत

षट्कोण

  • पास के: अधिक संबंध
  • एक कोना छोड़कर
  • सामने: सबसे कम

कोड

  • एक से तीन अक्षर
  • पहला अक्षर प्रमुख
  • 0 से 100 का अंक

सामंजस्य

  • व्यक्ति = वातावरण
  • संतोष, टिकाऊपन
  • C-सूचकांक 0 से 18

मुख्य तथ्य

मॉडल के प्रवर्तक
जॉन एल. होलैंड; 1959 का लेख 'A theory of vocational choice', Journal of Counseling Psychology 6(1):35-45
पूर्व लेख
1958, 'A personality inventory employing occupational titles', Journal of Applied Psychology 42(5):336-342
आधार-पुस्तक
Making Vocational Choices, तीसरा संस्करण, 1997 (O*NET रुचि-मापक का सैद्धांतिक आधार)
छह प्रकार
Realistic, Investigative, Artistic, Social, Enterprising, Conventional
O*NET रुचि-मापक के रूप
Mini-IP: 30 प्रश्न; Short Form: 60 प्रश्न; 900 से अधिक पेशों से जुड़ाव
षट्कोण
पास के प्रकार अधिक संबंधित; दूर या विपरीत कम (O*NET पुस्तिका, 2021)
सामंजस्य की परिभाषा
व्यक्तित्व-प्रकार और वातावरण के लक्षणों की समानता (होलैंड, 1997; लेख 2020)
C-सूचकांक
कुल अंक 0 से 18; पहचान 3, पास 2, एक कोना छोड़कर 1, विपरीत 0 (लेख 2020)
सिद्धांत की समीक्षा
Nauta (2010), Journal of Counseling Psychology 57(1):11-22
मिलान और जुड़ाव
अधिक मेल से जुड़ाव की संभावना अधिक, असंगति से बर्नआउट की संभावना अधिक (Maslach और Leiter, 2016)
अंतिम जाँच
2 अक्तूबर 2026

परीक्षा में आम ग़लतियाँ

याद रखें

  • RIASEC को RAISEC ही लिख देना या छह नामों का क्रम उलट देना। उत्तर में 'RIASEC (सिलेबस में RAISEC)' लिखकर मानक क्रम चलाएँ।
  • इसे योग्यता-परीक्षण या चयन-परीक्षा बता देना। यह रुचि और कार्य-वातावरण के मेल का मॉडल है, चयन का अंतिम पैमाना नहीं।
  • षट्कोण का भाव छोड़ देना। केवल छह नाम लिखना 2 अंक भर देता है; 5 अंक के लिए पास के और विपरीत प्रकारों का ज़िक्र तथा सामंजस्य ज़रूर जोड़ें।
  • किसी एक प्रकार को सबसे अच्छा बताना। मॉडल अच्छे या बुरे प्रकार की बात नहीं करता।
  • सरकारी पदों के कोड को आधिकारिक बताना। ऐसे उदाहरण समझाने भर के हैं, उन्हें 'विश्लेषण' के रूप में ही लिखें।