केस 9.3: जोहड़ का आगौर और पीढ़ियों का ऋण
- काल्पनिक केस
- कठिनाई
- मध्यम
- पाठ्यक्रम बिंदु
- 2: ऋत, ऋण, कर्मवाद, कर्तव्य, शुभ और सद्गुण
- परखे जाने वाले मूल्य और कानून
- ऋत (प्राकृतिक व्यवस्था), ऋण (पूर्वजों और आने वाली पीढ़ियों का), कर्तव्य; अनुच्छेद 48क, 51क(छ), अनुच्छेद 21
उदाहरण (काल्पनिक)जोहड़ का आगौर और पीढ़ियों का ऋण
राजस्थान के एक जिले में अनिता अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) हैं और जल-निकायों के रिकॉर्ड की देखरेख उनके पास है। एक निर्माण कंपनी गाँव के पुराने जोहड़ (जल-संग्रह तालाब) के आगौर यानी जल-ग्रहण क्षेत्र में बाज़ार और बस-अड्डा बनाने की अनुमति माँगती है। इससे लगभग 120 रोज़गार बनेंगे और गाँव बस-अड्डा चाहता भी है। सरपंच पक्ष में हैं। गाँव के बुज़ुर्ग कहते हैं कि दो सौ वर्ष से इसी जोहड़ से कुओं में पानी रहा है और पुरखों ने इसे बनाया था। राजस्व अभिलेख में यह भूमि जल-निकाय के आगौर के रूप में दर्ज है। कंपनी के प्रतिनिधि कहते हैं, "वैकल्पिक स्थान कागज़ों में महँगा पड़ेगा; आप बस एक हस्ताक्षर कीजिए।" फ़ाइल एक सप्ताह से अनिता की मेज़ पर है और कंपनी का प्रतिनिधि दो बार उनके कार्यालय में पूछ चुका है कि निर्णय कब होगा। गाँव के स्कूल का एक शिक्षक चुपचाप कहता है कि पास के गाँव में पिछली गर्मी में कुएँ सूख गए थे।
- हितधारक
- गाँव के लोग और आने वाली पीढ़ियाँ (सबसे कमज़ोर पक्ष), बुज़ुर्ग, बेरोज़गार युवा, सरपंच, कंपनी, अनिता, जल-स्रोत स्वयं।
- मुद्दा
- विकास और रोज़गार (तत्काल लाभ) बनाम प्राकृतिक व्यवस्था की रक्षा और पीढ़ियों का ऋण (दीर्घकालिक हित)।
- विकल्प
- क. अनुमति दे देना (रोज़गार, सरपंच खुश; पर जल-स्रोत नष्ट, अभिलेख का उल्लंघन)। ख. प्रस्ताव पूरी तरह ठुकराना और कोई विकल्प न सुझाना (जल सुरक्षित; पर रोज़गार और बस-अड्डे की जायज़ माँग अनसुनी)। ग. आगौर में निर्माण नहीं; वैकल्पिक गैर-जल-निकाय भूमि सुझाना, जोहड़ के आगौर की मरम्मत में स्थानीय युवाओं को काम देना।
- सर्वश्रेष्ठ
- ग। अनुच्छेद 48क (राज्य पर्यावरण और वन्य जीवन की रक्षा का प्रयास करेगा); अनुच्छेद 51क(छ) (प्राकृतिक पर्यावरण, जिसमें झीलें और नदियाँ हैं, की रक्षा नागरिक का कर्तव्य); ऋत की दृष्टि: प्राकृतिक व्यवस्था में बाधा नहीं।
सीख
कार्रवाई: अल्प: आगौर में अनुमति से इनकार, लिखित कारण, वैकल्पिक भूमि की सूची, ग्राम सभा से बात। दीर्घ: सभी जल-निकायों और आगौर का सार्वजनिक रिकॉर्ड, जोहड़ समिति, मरम्मत और जल-संरक्षण के काम में स्थानीय रोज़गार।
अभ्यास प्रश्न
अभ्यास प्रश्नलगभग 100 शब्द
(10 अंक, 100 शब्द) अनिता को क्या निर्णय लेना चाहिए? पाँच चरणों से हल कीजिए।
आदर्श उत्तर
हितधारक हैं गाँव और आने वाली पीढ़ियाँ, बुज़ुर्ग, युवा, सरपंच, कंपनी और मैं। मुद्दा तात्कालिक विकास बनाम प्राकृतिक व्यवस्था और पीढ़ियों के ऋण का है। विकल्प: अनुमति देना, प्रस्ताव पूरी तरह ठुकराना, या आगौर बचाकर वैकल्पिक स्थान सुझाना। पहले से जल-स्रोत नष्ट होगा, दूसरे से रोज़गार और बस-अड्डे की जायज़ माँग अनसुनी रहेगी। मैं तीसरा चुनूँगी, क्योंकि अनुच्छेद 48क राज्य से पर्यावरण-रक्षा का प्रयास माँगता है और यह ऋत तथा ऋण के भाव से मेल खाता है। तत्काल लिखित कारण सहित इनकार और वैकल्पिक भूमि का सुझाव। दीर्घकाल में जल-निकायों का सार्वजनिक रिकॉर्ड और मरम्मत में स्थानीय रोज़गार।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
(5 अंक, 50 शब्द) इस केस में ऋत, ऋण और कर्तव्य की धारणाएँ कैसे लागू होती हैं?
आदर्श उत्तर
ऋत: प्रकृति की व्यवस्था, जिसे तोड़ना ठीक नहीं; ऋण: पूर्वजों और भावी पीढ़ियों के प्रति देनदारी; कर्तव्य: अधिकारी का पद उसी ऋण का निर्वाह है।
अभ्यास प्रश्नलगभग 50 शब्द
(5 अंक, 50 शब्द) जल-निकायों की रक्षा के लिए दीर्घकालिक उपाय बताइए।
आदर्श उत्तर
सार्वजनिक जल-निकाय रजिस्टर, आगौर का सीमांकन, समुदाय की जोहड़ समिति, नियमित निरीक्षण।